कोरबा/पाली (ब्लैकआउट न्यूज़) Major accident in Katghora; 2 dead : पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत चैताम स्थित चेतन डिस्पोजल फैक्ट्री के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित अर्टिगा कार और बाइक के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल है।
Major accident in Katghora; 2 dead
प्रतिकात्मक तस्वीर
मिली जानकारी के अनुसार, तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर जा रहे थे, तभी चेतन डिस्पोजल फैक्ट्री के पास सामने से आ रही अर्टिगा कार से उनकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। तीसरे युवक की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसे प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
Major accident in Katghora; 2 dead
प्रतिकात्मक तस्वीर
हादसे की सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
कोरबा। Molestation of a minor in Korba : शहर में एक 16 वर्षीय नाबालिग से कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले में शहर के कारोबारी चेतन दास चौधरी के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र की एक नाबालिग ने पुलिस के समक्ष पहुंचकर शिकायत की कि चेतन दास चौधरी नामक व्यक्ति ने उसके साथ छेड़छाड़ की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया है और आरोपी के विरुद्ध POCSO Act तथा BNS की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पीड़िता ने थाने पहुंचकर सुनाई आपबीती Molestation of a minor in Korba
Molestation of a minor in Korba
इस प्रकरण की गंभीरता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि शिकायतकर्ता नाबालिग है। ऐसे मामलों में कानून पीड़ित बच्चे की सुरक्षा, गोपनीयता और निष्पक्ष जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। लिहाजा पीड़िता की पहचान अथवा ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके।
पुलिस के मुताबिक फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है और आगे की कार्रवाई जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
अग्रिम जमानत की जुगत में आरोपी Molestation of a minor in Korba
इधर सूत्रों का दावा है कि आरोपी को आज जिला न्यायालय परिसर में देखा गया और अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाए जाने की चर्चा है। हालांकि इस सूचना की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, इसलिए इसे तथ्य के रूप में नहीं बल्कि सूत्रों से मिली जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
उम्र या रसूख नहीं—निष्पक्ष जांच हो Molestation of a minor in Korba
बताया जा रहा है कि आरोपी की उम्र 60 वर्ष से अधिक है। लेकिन इस प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण सवाल आरोपी की उम्र, आर्थिक स्थिति अथवा सामाजिक रसूख नहीं, बल्कि 16 वर्षीय पीड़िता द्वारा पुलिस के सामने लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और संवेदनशील जांच है।
यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। वहीं आरोपी को भी न्यायिक प्रक्रिया में अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
नाबालिग के साथ किसी भी प्रकार के यौन दुर्व्यवहार या छेड़छाड़ के आरोप को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में पुलिस-प्रशासन के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि पीड़ित बच्चे को दोष देने, दबाव बनाने या उसकी पहचान उजागर करने के बजाय उसे सुरक्षा और न्याय दिलाने में सहयोग करे।
बालकोनगर, 10 अगस्त 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वार आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। बालको टाउनशिप में आयोजित इस प्रदर्शनी में बालको परिवार की रचनात्मकता, बालकोनगर की खूबसूरती, प्रकृति के विविध रूपों और कंपनी की विरासत को तस्वीरों के माध्यम से जीवंत किया गया। प्रदर्शनी को कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और स्कूली विद्यार्थियों सहित 2,000 से अधिक दर्शकों ने देखा।
‘मल्हार 4.0’ में ‘मेघ मल्हार’, ‘बरखा’ और ‘धरा’ तीन विषयों पर आधारित 280 से अधिक उत्कृष्ट छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। इन तस्वीरों के माध्यम से प्रतिभागियों ने बादलों, बारिश, प्रकृति, धरती, जीवन और आसपास की दुनिया को अपने-अपने दृष्टिकोण से कैमरे में कैद किया। प्रत्येक तस्वीर ने एक अलग कहानी, भावना और दृष्टिकोण को सामने रखा।
समापन समारोह में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया। प्रदर्शनी में तीनों प्रतियोगी श्रेणियों में विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा विजेताओं का चयन किया गया। इसके साथ ही इस वर्ष ‘दर्शकों की पसंद’ श्रेणी भी शामिल की गई, जिसमें प्रदर्शनी देखने आए प्रत्येक व्यक्ति को क्यूआर कोड के माध्यम से अपने पसंदीदा छायाचित्र के लिए मतदान करने का अवसर मिला।
सीईओ श्री राजेश सिंह ने कहा, “मल्हार में प्रदर्शित छायाचित्र बालको परिवार की रचनात्मकता और विविध दृष्टिकोणों का प्रतिबिंब हैं। हमारे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी हमारी प्राथमिकता है। मल्हार ने उन्हें अपनी कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त करने का मंच दिया है। हमारा प्रयास है कि इसे और व्यापक बनाते हुए अधिक प्रतिभाओं और हितधारकों को जोड़ा जाए, ताकि इन रचनात्मक दृष्टिकोणों को बड़े मंच पर साझा किया जा सके।”
बालको की कर्मचारी एवं प्रतिभागी मिथिला प्रधान ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से मल्हार में अपनी तस्वीरें साझा कर रही हैं। इस वर्ष उनके मित्रों ने भी इसमें भाग लिया, जिससे उनका अनुभव और भी विशेष हो गया। उन्होंने कहा कि अपनी तस्वीरों के साथ मित्रों की तस्वीरों को भी सुंदर तरीके से प्रदर्शित होते देखना उनके लिए बेहद आनंददायक अनुभव रहा।
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण बालको की विरासत को दर्शाने वाला फोटो संग्रह रहा। इसमें वर्ष 1965 से बालको की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। साथ ही, फोटोग्राफी के बदलते दौर को दर्शाने के लिए कैमरों का विशेष संग्रह भी प्रदर्शित किया गया। पुराने क्लासिक कैमरों से लेकर आधुनिक डिजिटल कैमरों तक की इस यात्रा ने दर्शकों को तकनीक में आए बदलाव और फोटोग्राफी के विकास को करीब से समझने का अवसर दिया।
‘मल्हार 4.0’ ने केवल एक फोटोग्राफी प्रदर्शनी के रूप में ही नहीं, बल्कि बालको परिवार की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और विविध दृष्टिकोणों को साझा करने वाले मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई।
कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़ ) Another death at Shivay Hospital : अद्योगिक नगरी कोरबा में भी अस्पतालों की होड़ ने सारे नियाम कायदो को धत्ता बताकर धन धान्य लोग भी इस अस्पताल उद्योग का हिस्सा बनते जा रहे हैँ जिन्हे सिर्फ इस बात से ही सरोकार हैँ की आने वाले मरीजों को जेब ढीली कैसे करनी हैँ उस पर इनका ध्यान रहता हैँ अब कोरबा में पांच माह पूर्व ही कोरबा विधायक एवं प्रदेश के आबकारी मंत्री के हाथो शिवाय हॉस्पिटल का उद्घाटन हुआ जबकि 8मार्च को उदघाटित इस हॉस्पिटटल का पंजीयन ही नहीं हुआ था लेकिन मंत्री जी को कौन रोक सकता हैँ. तब से शिवाय हॉस्पिटल विवादों में ही रहा हैँ एक नये मामले में कमर दर्द का इलाज कराने पहुंची एक महिला की जान चली गयी.
शिवाय हॉस्पिटल का कौन हैँ मालिक
Another death at Shivay Hospital
यहाँ एक बात गौर करने वाली हैँ की शिवाय हॉस्पिटल का मूल मालिक एक कांग्रेस का कदावार नेता और जिसका दूर दूर से मेडिकल से कोई नाता नहीं हैँ तब भी अन्य डाक्टरो के साथ मिलकर अस्पताल बनाने में करोडो रुपए का इन्वेस्ट कर दिया इससे साफ जाहिर हैँ की अगर कोई बिना डॉक्टर की डिग्री के इन्वेस्टमेंट कर्ता हैँ तो जाहिर सी बात हैँ की सेवा के लिए तो कदापि नहीं करेगा स्वाभाविक हैँ की उस हॉस्पिटल से करोडो अर्जित करना ही उनका मकसद होगा.
Another death at Shivay Hospital
मामला लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के आकस्मिक निधन का है। सोनाली ने बताया कि 04 अगस्त की रात्रि को माँ की कमर में दर्द उठा और उन्हें नजदीक होने के कारण शिवाय हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। भर्ती के समय डाक्टरों ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में गेप आ गया है और उन्हें रात्रि को एनआईवी सपोर्ट में रखा गया। तीन दिन बाद उन्हें वेंटिलेटर में रखते ही उनकी मौत हो गई।
एक्स-रे लेने पर पता चला रीढ़ की हड्डी में गेप है Another death at Shivay Hospital
Another death at Shivay Hospital
मृतक श्रीमती सविता जायसवाल पति सुनील जायसवाल (62) की पुत्री सोनाली ने रोते हुए बताया कि माँ को एडमिट करने के बाद एक्स-रे किया गया, जहां डाक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में गेप होना बताया और उन्हें एनआईवी सपोर्ट दिया गया। सोनाली के अनुसार डाक्टरों ने बताया कि माँ का आक्सीजन और ब्लड लेबल काफी कम है और उन्हें एनआईवी सपोर्ट देना पड़ेगा। रात्रि में माँ एनआईवी सपोर्ट को बार-बार निकाल देती थी, लेकिन रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों एवं स्टाफ ने लापरवाही बरती और एनआईवी सपोर्ट निकलने के कारण माँ की जान चली गई। सोनाली ने यह भी बताया कि हमें अंदर ही जाने नहीं दिया जाता था और लापरवाही के कारण माँ की जान चली गई।
बिना चेकअप चिकित्सकों ने फार्म भरा दिया-माँ का कंडीशन क्रिटिकल है-सोनाली Another death at Shivay Hospital
Another death at Shivay Hospital
मृतका की बेटी सोनाली ने बताया कि जब माँ को एडमिट किया गया तो यहां के चिकित्सकों ने पहले कोरे फार्म पर साइन कराने की कोशिश की, लेकिन फार्म में लिखकर आने के बात कही गई तो बिना जांच माँ के कंडीशन को क्रिटिकल बताने वाले फार्म में साइन करा लिया, ताकि खुद का बचाव चिकित्सक कर सकें।
मामला बिगड़ते देख वेंटिलेशन में रखा और तत्काल माँ की मौत हो गई-सोनाली
मृतका श्रीमती सविता जायसवाल की बेटी सोनाली ने कहा कि तीन दिन तक माँ के ईलाज में लापरवाही की गई, खासकर रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही से माँ की जान आकस्मिक चली गई। एनआईवी सपोर्ट को माँ निकाल देती थी, लेकिन मरीज के पास न तो स्टाफ रहते थे और न ही चिकित्सक, जिसके कारण माँ की हालत बिगड़ी।
माँ की हालत बिगड़ते देख चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर में रख दिया और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सोनाली ने कहा कि माँ की मौत सामान्य नहीं, बल्कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार शिवाय हास्पिटल है।
एनआईवी सपोर्ट की जगह पाईप क्यों नहीं लगाया चिकित्सकों ने
एक्स-रे और ईसीजी करने के बाद चिकित्सकों ने एनआईवी सपोर्ट लगाया, जबकि माँ उसे निकाल दिया करती थी। केस बिगड़ते देख डाक्टरों ने पाईप के जरिये ऑक्सिजन लेबल सामान्य करने के लिए बाद में पाईप लगाया, जबकि पहले ही लगा देना था। सोनाली ने शिवाय हास्पिटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह बात कही और कहा कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार रात्रि कालीन स्टाफ है।
डाक्टरों से बात न कर पाएं, इसलिए बड़े-बड़े बाउंसर तैनात किए- शिवम
मृतका श्रीमती सविता जायसवाल के पुत्र शिवम ने माँ का कंडीशन जानने के लिए ईलाज कर रहे चिकित्सकों से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बताया कि शिवाय हास्पिटल प्रबंधन कई गुंडे किस्म के बाउंसर रख लिए हैं, जो डाक्टरों से मिलने ही नहीं दिए और कहते रहे जो भी बात करनी है हमसे करो और चिकित्सकों से मिलने ही नहीं दिए। शिवाय हास्पिटल में ईलाज हो न हो, गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसे मंदिर की जगह में सेवा होनी चाहिए, वहां गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसी जगह में बाउंसर रखना कहां तक उचित है? शिवम ने कहा- क्या डाक्टरों को अपने ईलाज में खुद को विश्वास नहीं है? नहीं तो बाउंसर रखने की जरूरत ही क्यों पड़ती?
ईलाज के नाम पर सिर्फ लूट का धंधा-प्रदीप जायसवाल
Another death at Shivay Hospital
मृतका के जेठ एवं पूर्व अनुविभागीय अधिकारी (जल संसाधन) प्रदीप जायसवाल ने बताया कि भाई बहू श्रीमती सविता जायसवाल की मौत लापरवाही की वजह से हुई है। शिवाय हास्पिटल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही यहां ढंग से ईलाज होता है। ईलाज के नाम पर सिर्फ मेडिकल लूट का धंधा खोल दिया गया है।
07 को सविता जायसवाल ने अंतिम सांस ली
लालू राम कॉलोनी निवासी प्रदीप जायसवाल के छोटे भाई सुनील जायसवाल की धर्मपत्नी सविता जायसवाल का 07 अगस्त को आकस्मिक निधन हो गया। दूसरे दिन दिनांक 8/8/26 दिन शनिवार को सुबह 11 बजे मोती सागरपारा मुक्तिधाम में सवित जायसवाल का अंतिम संस्कार किया गया।
दशगात्र के बाद मच सकता है बवाल
स्व.श्रीमती सविता जायसवाल की पुत्री सोनाली ने कहा कि अभी पूरा परिवार शोक में है, लेकिन हमारी माँ यूं ही नहीं चली गई। शिवाय हास्पिटल वाले रिफर भी नहीं किए और न ही बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए और ईलाज में पूरी लापरवाही बरती गई। डाक्टर फीस लूटने में लगे रहे और अच्छी खासी माँ चली गई। शिवाय हास्पिटल नहीं ले जाते तो माँ हमारी हमारे बीच ही रहती। अभी हम शोक में हैं, लेकिन माँ की मौत का हिसाब होगा।
बिना लायसेंस अवैध हास्पिटल का हो गया था आरंभ
शिवाय हॉस्पिटल अपने उद्घाटन से ही विवादों में घिरा रहा नर्सिंगहोम एक्ट के तहत शिवाय हास्पिटल ने बिना लायसेंस मंत्री से 08 मार्च को लोकार्पण करा दिया था, जो अवैध माना जा रहा था, लेकिन मंत्री के हाथों फीता कटवाने के बाद आखिर प्रबंधन को किसका डर हैँ थीम पर ही शिवाय हॉस्पिटल अपना काम कर रहा है. बताते चलें की शिवाय हॉस्पिटल के उद्घाटन के बाद लगातार हो रही मौतो ने शिवाय हॉस्पिटल को जड़ से हिला दिया हैँ लोगों की जुबान पर यह सुना जा सकता हैँ की शिवाय हॉस्पिटल यानि मौत का सौदागर वहां जाने से पहले लोगों में बेतहाशा खौफ देखने को मिलता हैँ.
हमारा काम मरीज की जान बचाना-डॉ. दिविक मित्तल
प्रतिक्रिया जानने शिवाय हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दिविक मित्तल से सम्पर्क किया गया, तो उन्होंने कहा-सविता जायसवाल का ईलाज हालांकि मैंने नहीं किया, लेकिन जो जानकारी है, उसके तहत मैं कह सकता हूं कि सविता जायसवाल क्रिटिकल कंडीशन में आई थीं, उनके लंग्स और किडनी में इंफेक्शन था। हमारा काम मरीज की जान बचाना होता है। मैं उनकी पूरी रिपोर्ट देखने के बाद ही पूरी जानकारी दे सकता हूं। इसे फोन पर नहीं बताया जा सकता, हास्पिटल में आकर मिलना पड़ेगा।
कोरबा।Free Dental OPD at NKH : एनकेएच हॉस्पिटल द्वारा शहरवासियों के बेहतर दंत स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 11 से 14 अगस्त 2026 मंगलवार से शुक्रवार तक नि:शुल्क डेंटल ओपीडी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर अस्पताल के डेंटल विभाग में आयोजित होगा, जिसमें अनुभवी दंत चिकित्सक डॉ. द्विंकवल गंगवानी मरीजों की जांच एवं परामर्श प्रदान करेंगी। चार दिवसीय इस शिविर में दांतों एवं मुख स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की जांच की जाएगी। मरीजों को दांतों की सामान्य जांच, स्केलिंग एवं पॉलिशिंग, कैविटी की पहचान, मसूड़ों की जांच, दंत रोगों के उपचार संबंधी परामर्श तथा मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
Free Dental OPD at NKH
Free Dental OPD at NKH
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि कैंप के दौरान विभिन्न डेंटल प्रक्रियाओं पर विशेष छूट भी दी जाएगी। शिविर में पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा, जबकि सीमित स्लॉट होने के कारण इच्छुक मरीजों से समय रहते पंजीयन कराने की अपील की गई है। शिविर का समय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा। यह कैंप एनकेएच हॉस्पिटल, मंगलम विहार, कोसाबाड़ी, कोरबा में आयोजित किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाकर समय पर दांतों की जांच कराने और स्वस्थ दांत, स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की है। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए 8602599122 पर संपर्क किया जा सकता है।
बालकोनगर, 08 अगस्त 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा अयोध्यापुरी में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, पार्षद श्री सरोज शांडिल्य, बालको के मुख्य कॉरपोरेट अफेयर्स एवं प्रशासन अधिकारी कैप्टन धनंजय मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।
अयोध्यापुरी के सामुदायिक भूमि पूजन समारोह के अवसर पर लखन लाल देवांगन ने बालको प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा, “बालको केवल औद्योगिक उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों का भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन कर रहा है। सामुदायिक भवन जैसे विकास कार्य स्थानीय नागरिकों के सामाजिक आयोजनों और सामुदायिक विकास से जुड़े निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे। बालको क्षेत्र के चहुंमुखी विकास जैसे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निरंतर योगदान देकर स्थानीय समुदाय के जीवन को बेहतर बनाने का कार्य कर रहा है। उद्योग और समाज के इस सहयोग से कोरबा के विकास को नई गति मिल रही है।”
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने कहा, “हमें खुशी है कि बालको स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में समुदाय के विकास में अपनी भूमिका निभा रहा है। सामुदायिक भवन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के माध्यम से हम लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने, आपसी जुड़ाव बढ़ाने और समाज के समग्र विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
बालको की आधारभूत संरचना विकास पहल के तहत पिछले तीन वर्षों में सामूहिक प्रयासों से 85 से अधिक आधारभूत संरचना परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। इनमें सड़क, सामुदायिक भवन, बच्चों के पार्क, आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों का नवीनीकरण शामिल है। इन प्रयासों से 20 गांवों में 20,600 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।
क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत बालको आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के निर्माण और विकास में निरंतर योगदान दे रहा है। पिछले दो महीनों में कंपनी ने आधारभूत संरचना विकास कार्यक्रम के अंतर्गत नेहरू नगर सामुदायिक भवन, सिविक सेंटर स्थित जुबली पार्क और परसाभाठा में पार्क का निर्माण किया है। इन पहलों के माध्यम से बालको समुदाय के समग्र विकास और स्थानीय नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
रायपुर IFS Transfer Breaking : छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य शासन ने 24 भारतीय वन सेवा अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं।
इस तबादला सूची में जितेंद्र कुमार उपाध्याय को कटघोरा वनमंडल का नया वनमंडलाधिकारी बनाया गया है। सरकार के आदेश के बाद कई वन मंडलों और महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कटघोरा, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, कांकेर, बस्तर, सूरजपुर, कोरिया, दुर्ग और मनेन्द्रगढ़ समेत कई वन क्षेत्रों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं। देखिये पूरी सूची….
कोरबा, छत्तीसगढ़ – Rescue of a small King Cobra : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बालकों वन परिक्षेत्र अंतर्गत अजगरबहार गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब लवभूषण प्रतापसिंह तंवर के घर शाम 5 बजे के लगभग बाथरूम में एक किनारे एक छोटा किंग कोबरा (पहाड़ चित्ती) दिखाई दिया, जिसके बाद तत्काल इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम प्रमुख (नोवा नेचर) के सदस्य जितेंद्र सारथी को दिया फिर समय गंवाए सारथी ने इसकी सूचना वन मण्डलाधिकारी प्रेमलता यादव को दिया फिर उनके निर्देशानुसार उपवनमंडलाधिकारी उत्तर कोरबा रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन एवं बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार के नेतृत्व में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अजगरबहार पहुंची टीम के सदस्य राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, कमलेश गोड, नरेश गोड ने वैज्ञानिक एवं सुरक्षित पद्धति से किंग कोबरा का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू थैले में रखा,
तब जाकर घर वालों ने राहत भरी सांस लिया फिर डिप्टी रेंजर अनिल कंवर ने आवश्यक पंचनामा की प्रक्रिया पूर्ण किया फिर कुछ देर बाद किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया, जिसमें रेस्क्यु रिस्पॉन्स टीम के दिल गोड, दिलीप कंवर, देव मरावी, गौतम गोड, राम गोड , देवेंद्र गोड, सतीश तंवर, महीपत कवर एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
Rescue of a small King Cobra
Rescue of a small King Cobra
जितेंद्र सारथी ने बताया कि किंग कोबरा लगातार डॉक्यूमेंट हो रहे हैं और यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस जिले में किंग कोबरा का सफल प्रजनन हो रहा है, यह जिले की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का सकारात्मक प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के शेड्यूल-I में संरक्षित प्रजाति है,इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, किंग कोबरा मुख्य रूप से अन्य सर्पों का शिकार करता है, जिससे प्राकृतिक रूप से जहरीले सांपों की संख्या संतुलित रहती है और पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ बना रहता है।
Rescue of a small King Cobra
बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी किंग कोबरा दिखाई दे तो उसे पकड़ने, छेड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें बल्कि तत्काल वन विभाग को सुचित करें ताकि सही समय पर पहुंच कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर पुनः जंगल में छोड़ा जा सके।
नोवा नेचर संस्था जो कि वन विभाग के साथ मिलकर 2021 से किंग कोबरा के संरक्षण पर काम कर रही, जो बीहड़ क्षेत्रों में जाकर जन जागरूकता का काम कर रही साथ ही किंग कोबरा रेस्पॉन्स टीम बनाकर किंग कोबरा के संरक्षण पर जोर दे रही हैं।
कोरबा जिले में किंग कोबरा कंजर्वेशन रिज़र्व बनाने आम जन की अपील Rescue of a small King Cobra
यह कोरबा जिले के लिए प्रतिष्ठा की बात हैं कि ऐसा दुर्लभ जीव मध्य भारत में सिर्फ यहीं पाया जा रहा हैं। ऐसे जीव के संरक्षण के लिए कंजर्वेशन रिज़र्व या अभ्यारण्य बनाने की जरूरत हैं जिससे इनके संरक्षण के साथ साथ स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के भी अवसर बन सकें।
बालकोनगर, 31 जुलाई, 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने रेलवे यार्ड में दूसरा बीटीएपी (बोगी टैंक एल्यूमिना पाउडर) एम-1 (बी12) रेलवे रेक शामिल किया है। यह कंपनी की प्रचालन दक्षता बढ़ाने, एल्यूमिना की बिना रूकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता (1 एमटीपीए) के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।
एल्यूमिना एल्यूमिनियम उत्पादन का प्रमुख कच्चा माल है और इसकी समयबद्ध उपलब्धता उत्पादन प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिदिन हजारों टन एल्यूमिना लंबी दूरी तय कर बालको के संयंत्र तक पहुंचता है। ऐसे में इसकी सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना कंपनी के संचालन की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।
भारतीय रेलवे की लिबरलाइज्ड स्पेशल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर (एलएसएफटीओ) योजना के तहत शामिल किए गए इस नए रेलवे रेक से रेल आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी, बड़ी मात्रा में एल्यूमिना का अधिक सुरक्षित एवं नियमित परिवहन संभव होगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत में दीर्घकालिक दक्षता आएगी। रेल परिवहन के माध्यम से सामग्री की आवाजाही अधिक व्यवस्थित, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।
यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। रेल परिवहन के बढ़ते उपयोग से लॉजिस्टिक्स से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है, जो वेदांता के वर्ष 2050 तक नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य के अनुरूप है।
नया रेलवे रेक बालको के आधुनिक डिजिटल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है। 24×7 कंट्रोल टॉवर के माध्यम से जीपीएस आधारित रियल-टाइम ट्रैकिंग, संयंत्र परिसर में केंद्रीयकृत सीसीटीवी निगरानी तथा सस्टेनेबल प्रचालन मॉनिटरिंग से सामग्री की आवाजाही पर निरंतर नजर रखी जाती है। इससे त्वरित निर्णय लेने, बेहतर समन्वय स्थापित करने और संपूर्ण सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।
यह रेलवे रेक केवल परिवहन अवसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्मार्ट, मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में बालको की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। यह निवेश उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित करने, प्रचालन क्षमता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए बालको आधुनिक तकनीक, कुशल लॉजिस्टिक्स और टिकाऊ विकास के माध्यम से देश के एल्यूमिनियम उद्योग में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोरबा : कोरबा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सत्येंद्र वासन का आज हैदराबाद के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार सहित इष्ट मित्रों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओ में मातम पसर गया.