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rescue of poisonous snake : मौसम बदलते ही रेस्क्यु टीम हुई चौकन्ना,रात भर कई जगह किया साँपो का रेस्क्यु : देखें वीडियो

कोरबा – rescue of poisonous snake : कोरबा जिले में मौसम का मिज़ाज बदलते ही सांपों के निकलने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है,अलग-अलग क्षेत्रों से सांप निकलने की सूचनाएं मिल रही हैं।

rescue of poisonous snake

जितेंद्र सारथी और उनकी टीम ने तत्परता दिखाते हुए कई स्थानों पर सफल रेस्क्यू ऑपरेशन किए,ताजा मामले में एक जहरीला कोबरा सांप एक गाड़ी के अंदर घुस गया था, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी व सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया,रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया।

rescue of poisonous snake

rescue of poisonous snake
rescue of poisonous snake

रेस्क्यू टीम ने लोगों से अपील की है कि इस मौसम में सतर्क रहें, घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा किसी भी स्थिति में सांप को खुद पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंतवन विभाग एवं विशेषज्ञों को सूचना दें।

वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम
हेल्प लाइन नंबर
8817534455,7999622151

Massive Fire at Korba Plant : मारुती कोल मे भीषण आग,आग लगने की तकनिकी जाँच शुरू देखें वीडियो

कोरबा : Massive Fire at Korba Plant : जिले के बांधाखार स्थित मारुति क्लीन कोल एंड पावर प्लांट में बुधवार की रात करीब 1.45 बजे 300 मेगावाट यूनिट से जुड़े पावर ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और एहतियातन यूनिट का संचालन बंद करना पड़ा। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है और लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

Massive Fire at Korba Plant 

Massive Fire at Korba Plant 
Massive Fire at Korba Plant

बताया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर से अचानक धुआं और तेज लपटें उठने लगीं। सूचना मिलते ही प्लांट की सुरक्षा टीम और चाकाबुड़ा स्थित संयंत्र से दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। समय रहते कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

Massive Fire at Korba Plant

घटना के बाद प्लांट प्रबंधन ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी और ओवरलोडिंग को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त रुप से रखे गए पावर ट्रांसफार्मर को जोड़ कर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ समय पहले वेदांता पावर प्लांट में हुए बायलर विस्फोट की भयावह घटना अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है। उस हादसे में 25 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे।

Massive Fire at Korba Plant

उस घटना के बाद उद्योगों में सुरक्षा मानकों को लेकर बड़े दावे किए गए थे, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं व्यवस्थाओं की पोल खोल रही हैं। कोरबा को ऊर्जा नगरी कहा जाता है और यहां सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के कई बड़े ताप विद्युत संयंत्र संचालित हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रहे हादसे श्रमिकों की सुरक्षा और प्लांटों की तकनीकी निगरानी पर गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं।

BALCO’s Commendable Contribution : वेदांता बालको के योगदान से छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आय के स्रोतों में हो रही बढ़ोत्तरी

बालको : BALCO’s Commendable Contribution : छत्तीसगढ़ को ‘भारत का धान का कटोरा’ कहा जाता है। धान यहां की मुख्य फसल है। टाटा-कॉर्नेल इंस्टीट्यूट के रिसर्च से पता चलता है कि खरीफ के मौसम में लगभग 85% कृषि भूमि का उपयोग धान उगाने के लिए किया जाता है। अधिकांश किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं। यहां सिंचाई की सुविधाएँ बहुत कम हैं इस वजह से ग्रामीण आय केवल एक ही फसल चक्र पर निर्भर करती है। इससे किसान मौसम में होने वाले बदलावों, बढ़ती लागत और अन्य फसलें उगाने के सीमित विकल्पों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं। कई छोटे और सीमांत किसानों के लिए पूरे साल लगातार आय सुनिश्चित करने के लिए केवल खेती करना ही पर्याप्त नहीं है। इसलिए ध्यान केवल फसल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि खेती के साथ-साथ आय के कई अन्य स्रोत निर्मित करने पर है।

BALCO’s Commendable Contribution

 

यह वह बदलाव है जो वेदांता बालको के कामकाज वाले क्षेत्रों में हो रहा है। कोरबा, कवर्धा, रायगढ़, रायपुर और सरगुजा ज़िले के 123 गाँवों में बालको के योगदान से अब तक 2 लाख से ज़्यादा लोगों को फ़ायदा पहुँचा है। इसमें जो बात सबसे ज़्यादा ध्यान खींचती है, वह सिर्फ़ इन प्रयासों का स्तर ही नहीं, बल्कि उनके काम करने का तरीका भी है। यहां खेती-बाड़ी, कौशल विकास, महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले उद्यम और सामाजिक बुनियादी ढाँचा आदि ये सभी मिलकर ग्रामीण इलाकों में लोगों की आजीविका को और ज़्यादा स्थिर बनाने का काम कर रहे हैं।

पारिवारिक आय की स्थिरता के वाहक के रूप में महिलाओं की भूमिका BALCO’s Commendable Contribution

इस बदलाव के केंद्र में वे महिलाएँ हैं जो अब अपने परिवारों में सहायक कमाने वाली की भूमिका से मुख्य कमाने वाली की भूमिका की ओर बढ़ रही हैं। ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ के तहत 561 से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया गया है, जिनमें 6,000 से ज्यादा महिलाएँ शामिल हैं। इसके कारण इस क्षेत्र में समुदाय द्वारा संचालित सबसे मज़बूत स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्कों का निर्माण हुआ है।

 

 

‘पंचसूत्र’ सिद्धांतों पर आधारित और वित्तीय साक्षरता, सही बचत और ऋण प्रणालियों जैसे प्रशिक्षणों से समर्थित ये स्वयं सहायता समूह साधारण बचत समूहों से विकसित होकर आजीविका के सशक्त नेटवर्क बन गए हैं। आज 600 से ज्यादा महिलाएँ छोटे व्यवसायों के माध्यम से कमाई कर रही हैं और छत्तीसगढ़ के 45 से ज्यादा गाँवों में 2,200 से ज्यादा महिलाएँ नैनो-बिजनेस, स्वयं सहायता समूह ऋण और आजीविका के अन्य कार्यों जैसी आय-सृजन गतिविधियों में शामिल हैं। ये सभी मिलकर घरेलू आय को ज्यादा स्थिर बनाने, समुदायों को ज्यादा सशक्त बनाने तथा स्थानीय आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण वाहक बनने में सहायता कर रही हैं।

 

 

यह बदलाव क्लीनला जैसे छोटे व्यवसायों में देखा जा सकता है जहाँ आठ महिलाओं का एक समूह घर की सफ़ाई के उत्पाद बनाता है। सही ट्रेनिंग, उत्पादन में मदद और अपने उत्पादों को बेचने में सहायता मिलने से अब हर महिला हर महीने लगभग ₹6,000 कमाती है। इससे पता चलता है कि मिलकर काम करने से आय का एक स्थिर ज़रिया बनाने में कैसे मदद मिल सकती है।

व्यक्तिगत स्तर पर भी इसका असर साफ़ दिखता है। कोरबा ज़िले की विजय लक्ष्मी सारथी ने निजी और आर्थिक मुश्किलों का सामना करने के बाद अपना खुद का बिज़नेस शुरू किया। ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ के तहत मिली ट्रेनिंग और मदद से उन्होंने घर से ही खाने का बिज़नेस शुरू किया और अब हर महीने ₹12,000 से ₹15,000 कमाती हैं। उनकी कहानी एक बड़े बदलाव को दिखाती है जहाँ महिलाएँ न सिर्फ़ परिवार की आमदनी में हाथ बँटा रही हैं बल्कि खुद भी कमाने वाली बन रही हैं और अपने परिवारों और समुदायों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने में मदद कर रही हैं।

कृषि के अलावा आय के दूसरे स्रोतों का सृजन BALCO’s Commendable Contribution

 

हालांकि खेती अभी भी बुनियादी आय का आधार बनी हुई है लेकिन आय के स्रोतों में विविधता लाने का सबसे बड़ा बदलाव खेती से बाहर के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। वर्ष 2010 में शुरू किए गए वेदांता स्किल स्कूल के ज़रिए तीन केंद्रों में अब तक कुल 15,000 से ज़्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इनमें से हर साल 1,000 से ज़्यादा युवाओं को इंडस्ट्री की मांग के हिसाब से अलग-अलग ट्रेड में कुशल बनाया जाता है। यह प्रोग्राम ट्रेनिंग को सीधे रोज़गार से जोड़ता है और 11 राज्यों में फैली 70 से ज़्यादा संस्थाओं में प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराता है जहाँ सालाना सैलरी 3 लाख रुपये तक होती है।

कई परिवारों के लिए यह एक ढांचागत बदलाव को दर्शाता है जहाँ आय अब केवल ज़मीन या मौसमी चक्रों पर निर्भर नहीं रहती। इसके बजाय इसे औपचारिक रोज़गार से होने वाली स्थिर और साल भर की कमाई का सहारा मिलता है।

कोरबा के पोड़ीबहार के रहने वाले आर्यन दास महंत के लिए यह बदलाव उनकी ज़िंदगी बदलने वाला साबित हुआ है। रोज़ाना मज़दूरी करने वाले परिवार से आने के बाद उन्होंने वेदांता स्किल स्कूल में ‘फ़ूड एंड बेवरेज सर्विस स्टीवर्ड’ कोर्स में दाखिला लिया। बातचीत करने और मेहमानों को संभालने के हुनर सीखने के बाद उन्हें हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नौकरी मिल गई। अब वे ‘होटल श्री महाराजा’ में ‘ट्रेनी कैप्टन’ के तौर पर काम कर रहे हैं और सालाना लगभग ₹2 लाख कमा रहे हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि स्किल ट्रेनिंग न सिर्फ़ लोगों को नौकरी दिलाने में मदद करती है बल्कि उनके करियर को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाती है।

इस प्रगति को उन शिक्षा कार्यक्रमों से भी समर्थन मिल रहा है जो ज़्यादा अवसर पैदा करते हैं। कोरबा और कवर्धा में दो कोचिंग सेंटर हर साल 300 से ज़्यादा छात्रों को सरकारी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित करते हैं और अब तक 84 छात्रों का चयन भी हो चुका है। इसके साथ ही वेदांता लिमिटेड द्वारा अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की साझेदारी में शुरू किए गए 110 ‘नंद घर’ प्री-स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। ये केंद्र बाला पेंटिंग्स और डिजिटल उपकरणों जैसे इंटरैक्टिव सीखने के तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। ये केंद्र 7,000 से ज़्यादा माताओं और बच्चों तक पहुँच रहे हैं, जिससे शुरुआती शिक्षा और पोषण में सुधार हो रहा है। वहीं स्कूल सहायता कार्यक्रमों ने अब तक 4,000 से ज़्यादा छात्रों की मदद की है।

ये प्रयास शिक्षा से रोज़गार तक का एक स्पष्ट जरिया बनाते हैं जिससे लोगों को एक मज़बूत व्यवस्था के सहयोग से समय के साथ अलग-अलग तरीकों से कमाई करने में मदद मिलती है।

आजीविका को सहारा देने वाले इकोसिस्टम की मज़बूती BALCO’s Commendable Contribution

 

आय में स्थिर रूप से वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए लोगों को समय के साथ मज़बूत प्रणालियों के माध्यम से सहयोग देना महत्वपूर्ण है। वेदांता बालको इसी दृष्टिकोण का पालन करता है। यह न केवल रोज़गार उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करता है बल्कि उन परिस्थितियों को भी बेहतर बनाने पर ज़ोर देता है जो लोगों को अपने रोज़गार को बनाए रखने में मदद करती हैं। बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बीमारियों की जल्दी पहचान और नियमित रूप से लोगों तक पहुँचने के प्रयास लोगों को अचानक उत्पन्न होने वाली वित्तीय समस्याओं से बचने में मदद करते हैं। इसके साथ ही बेहतर स्वच्छता और बुनियादी सेवाओं की उपलब्धता लोगों के लिए काम करना आसान बनाती है और उनकी कार्य-क्षमता में भी सुधार लाती है।

सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और स्थानीय सुविधाओं जैसे सामुदायिक बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधारों से लोगों के लिए यात्रा करना और बाज़ारों, प्रशिक्षण तथा रोज़गार से जुड़ना आसान हो रहा है। ये कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं हैं बल्कि ऐसे महत्वपूर्ण फैक्टर हैं जो लोगों को अधिक स्थिर और भरोसेमंद आजीविका बनाने में मदद करते हैं।

इस इकोसिस्टम में शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण अवसरों को आय से जोड़ने में मदद करते हैं। वेदांता बालको प्रारंभिक शिक्षा, कोचिंग और व्यावसायिक प्रशिक्षण को एक साथ लाकर रोज़गार के स्पष्ट मार्ग तैयार करता है। कोचिंग कार्यक्रम इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दो केंद्रों के माध्यम से 300 से ज्यादा छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 206 अन्य छात्रों को सहायता प्रदान की जा रही है जिससे ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरियों को पाने में मदद मिल रही है।

निर्भरता से विविधता तक

 

यह बदलाव अब इन क्षेत्रों में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। ग्रामीण परिवार अब केवल आय के एक ही स्रोत पर निर्भर नहीं हैं। वे खेती के साथ अन्य काम और व्यवसाय भी कर रहे हैं।

वेदांता बालको इसी बदलते दृष्टिकोण का पालन करता है। कौशल प्रशिक्षण, महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसाय और शिक्षा कार्यक्रम मिलकर काम करते हैं ताकि ज्यादा स्थिर और नियमित आय के अवसर पैदा किए जा सकें। इसका उद्देश्य खेती की जगह लेना नहीं है बल्कि खेती के साथ आय के और अतिरिक्त स्रोत तैयार करना है। इससे ज्यादा संतुलित ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलती है जहाँ आय ज्यादा स्थिर होती है, अचानक आने वाली समस्याओं का बेहतर ढंग से सामना कर पाते हैं, और वे ज्यादा आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की योजना बना सकते हैं।

यह बदलाव जमीनी स्तर पर भी दिखाई देता है। यह बदलाव सिर्फ़ ज़्यादा आमदनी का नहीं बल्कि ऐसी आजीविका पैदा करने की बात है जो ज़्यादा सुरक्षित, लचीली और भविष्य के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो।

4 CG Policemen Arrested in Guwahati गुवाहटी पुलिस ने छत्तीसगढ़ के चार पुलिस कर्मियों को किया गिरफ्तार

4 CG Policemen Arrested in Guwahati
4 CG Policemen Arrested in Guwahati

रायपुर: 4 CG Policemen Arrested in Guwahati : गुवाहाटी पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस की चार सदस्यीय टीम को हिरासत में लिया है। जिस पर साइबर अपराध के तीन आरोपियों से रिश्वत लेने का आरोप है। साइबर अपराध के तीन आरोपियों को असम से गिरफ्तार किया गया था। छत्तीसगढ़ पुलिस की इस टीम में एक निरीक्षक सहित चार कर्मी शामिल हैं।

 

पूछताछ के लिए पहुंची थी टीम 4 CG Policemen Arrested in Guwahati 

4 CG Policemen Arrested in Guwahati
4 CG Policemen Arrested in Guwahati

पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि दिसपुर थाने में रायपुर पुलिस के चार कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उन्हें पूछताछ के लिए मंगलवार रात हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘रायपुर पुलिस की टीम छत्तीसगढ़ में हुए एक साइबर अपराध के सिलसिले में रविवार को गुवाहाटी पहुंची। उसने बिहार से एक आरोपी को गिरफ्तार किया और बिहार निवासी तीन अन्य आरोपियों को सोमवार को गुवाहाटी से पकड़ा।’’

 

रिश्वत लेकर दो आरोपियों को रिहा किया 4 CG Policemen Arrested in Guwahati

4 CG Policemen Arrested in Guwahati
4 CG Policemen Arrested in Guwahati

अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की टीम ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर दो आरोपियों को रिहा कर दिया और तीसरे को मांगी गई रकम के भुगतान तक हिरासत में रखा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें रिहा किए गए दोनों आरोपियों से इस मामले में शिकायत मिली थी, जिसके बाद हमने कार्रवाई की और एक अभियान चलाया। पूरी टीम को कल रात पकड़कर दिसपुर थाने लाया गया।’’

जमानती धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई 4 CG Policemen Arrested in Guwahati

 

पुलिस ने बताया कि जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और शुरुआती पूछताछ के बाद टीम को नोटिस देकर थाने से जाने की अनुमति दी गई। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने उन्हें नोटिस जारी किया और अग्रिम कार्रवाई के लिए उन्हें आज फिर पेश होने के लिए कहा है।’’ उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के साइबर अपराध मामले में एकमात्र आरोपी को ‘पीआर बॉन्ड’ के तहत रिहा कर दिया गया है। ‘पीआर बॉन्ड’ यानी व्यक्तिगत जमानत आरोपी की अस्थायी रिहाई का एक तरीका है।

Mock Drill at BALCO : बालको ने संयंत्र में रासायनिक रिसाव पर मॉक ड्रिल का किया सफल आयोजन

Mock Drill at BALCO
Mock Drill at BALCO

बालकोनगर, 29 अप्रैल 2026। Mock Drill at BALCO : वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने पावर डिवीजन में रासायनिक रिसाव (केमिकल स्पिलेज) की स्थिति से निपटने के लिए सफलतापूर्वक मॉक ड्रिल आयोजित की। यह अभ्यास 1200 मेगावाट यूनिट-3 एवं 4 के केमिकल प्रोसेस यूनिट (सीपीयू) कास्टिक सोडा टैंक क्षेत्र में किया गया, जिसका उद्देश्य आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच करना था।

Mock Drill at BALCO

Mock Drill at BALCO
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कोरबा जिला प्रशासन की उपस्थिति में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार आयोजित मॉक ड्रिल में प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं के कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्री विजय सिंह पोटाई (डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी, कोरबा), श्री देवेंद्र पटेल (एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, कोरबा), श्री सरोज महिलांगे (सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट, कोरबा), श्री प्रमोद नायक (जिला खनन अधिकारी), श्री राकेश द्विवेदी (सब डिवीजनल ऑफिसर, पीडब्ल्यूडी), श्रीमती नम्रता वर्मा (असिस्टेंट इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी), नगर निगम फायर टीम तथा जिला अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल टीम शामिल थीं।

Mock Drill at BALCO

Mock Drill at BALCO
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कंपनी की ओर से आपातकालीन नेतृत्व में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार (चीफ इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री संगीत साहू (साइट इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री मयंक श्रीवास्तव (वर्क इंसिडेंट कंट्रोलर), तथा श्री भारतेंदु कमल पांडे (चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर) के तौर पर उपस्थित थे।

Mock Drill at BALCO

Mock Drill at BALCO
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मॉक ड्रिल के दौरान कास्टिक सोडा टैंक के फ्लैंज से रिसाव की आभासी स्थिति बनाई गई। रिसाव का पता चलते ही ऑपरेटर ने तुरंत सेंट्रल कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद फायर, मेडिकल, सिक्योरिटी और रेस्क्यू टीमों को तुरंत अलर्ट किया गया। सभी आपातकालीन टीमें तेजी से मौके पर पहुंचीं और तय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। सफलतापूर्वक रिसाव को रोकने और स्थिति सामान्य होने के बाद साइट इंसिडेंट कंट्रोलर ने आपातकाल समाप्त घोषित किया और समीक्षा बैठक आयोजित की।

Mock Drill at BALCO

 

 

कोरबा के डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी श्री विजय सिंह ने बालको की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और विभिन्न टीमों के बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल औद्योगिक और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह मॉक ड्रिल बालको की सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी और नियामकीय अनुपालन के उच्चतम मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

 

बालको के सीईओ एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि संयंत्र में सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार की मॉक ड्रिल हमारी ‘सुरक्षा प्रथम’ संस्कृति को मजबूत करती हैं और हमें किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रखती हैं। नियमित अभ्यास, आधुनिक संसाधनों और बेहतर समन्वय के माध्यम से हम अपने कर्मचारियों और आसपास के समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं।”

The story of the new Bastar : बस्तर की बदलती तस्वीर,कोरबा की महिला पत्रकारों की आँखों देखी और बस्तर IG सुन्दरराज पी की जुबानी

The story of the new Bastar
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कोरबा। The story of the new Bastar : कभी नक्सल हिंसा और भय के लिए पहचान रखने वाला बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन को लेकर दिखाई गई मजबूत इच्छाशक्ति का असर अब जमीन पर साफ नजर आने लगा है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और विकास योजनाओं ने ग्रामीणों के भीतर भरोसा बढ़ाया है।

The story of the new Bastar

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कोरबा से बस्तर दौरे पर पहुंची महिला पत्रकारों की टीम की मुलाकात बस्तर आईजी सुंदरराज पी से हुई। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में सुरक्षा बलों ने योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया। उन्होंने माना कि गढ़चिरौली जैसे कई ऐसे क्षेत्र बड़ी चुनौती रहे, जहां कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अभियान जारी रखा गया।

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आईजी ने कहा कि केवल हथियारों के बल पर नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सोच बदलने पर भी विशेष काम किया गया। गांवों में पहुंचकर लोगों के बीच विश्वास कायम किया गया, जिसका असर अब दिख रहा है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि टीमवर्क और सुनियोजित रणनीति से बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में लगातार सफलता मिल रही है।

 

डीएसपी दीपमाला और एसडीओपी राहुल उइके ने साझा किए अभियान के अनुभव The story of the new Bastar

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यात्रा के दौरान डीएसपी दीपमाला ने महिला पत्रकारों की टीम को कुछ आत्मसमर्पित नक्सलियों से रूबरू कराया। कभी बंदूक थामने वाले ये लोग अब सामान्य जीवन जी रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वे भटक गए थे और अब संविधान तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कर नई शुरुआत करना चाहते हैं। दूसरे दिन टीम दंतेवाड़ा पहुंची, जहां बस्तर पुलिस की टीम पहले से मौजूद थी। मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन के बाद टीम ने बारसूर क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान लंबे समय से बस्तर की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार अर्जुन पांडेय ने क्षेत्र के बदलते हालातों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में कभी भय का माहौल रहता था, वहां अब सामान्य गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। दंतेवाड़ा में टीम की मुलाकात एसडीओपी राहुल कुमार उइके से भी हुई। उन्होंने बताया कि नक्सली संगठन भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर अपने साथ जोड़ते थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने लगातार प्रयास कर लोगों का भरोसा जीता। उन्होंने कई अभियानों और मुठभेड़ों के अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनकर टीम भावुक हो उठी।

 

उद्योग मंत्री लखन लाल की पहल पर महिला पत्रकारों ने देखा बदलता बस्तर The story of the new Bastar
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प्रदेश के उद्योग व श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल पर कोरबा से महिला पत्रकारों की टीम की बस्तर यात्रा सुनिश्चित की गई। इस यात्रा का उद्देश्य केवल भ्रमण नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे बदलाव और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को समझना था। यात्रा के दौरान टीम ने बस्तर और दंतेवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। वहां सुरक्षा व्यवस्था, ग्रामीणों के बदलते जीवन और आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों की नई जिंदगी को करीब से देखा। पत्रकारों ने महसूस किया कि जिन इलाकों में कभी भय और असुरक्षा का माहौल था, वहां अब विकास और सामान्य जीवन की उम्मीद दिखाई देने लगी है।

कोरबा की महिला पत्रकारों ने देखा X नक्सलियों का स्वच्छ चेहरा,गोलियों की गूंज से रसोई तक का सफर

 

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) कोरबा की महिला पत्रकारों को कोरबा विधायक एवं प्रदेश के श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा तीन दिवसीय बस्तर दौरा का आयोजन किया इस दौरे में महिला पत्रकारों ने उन दावों पर भी बारीकी से अध्ययन किया जिसमें अमित शाह ने बस्तर को नक्सली मुक्त घोषित किया हुआ है महिला पत्रकारों ने X नक्सलियों से भी मुलाकात की जो जंगल में कभी एक-47 लेकर गोलियों की गूंज के बीच अपनी जिंदगी जी रही थी आज वह महिलाएं सामान्य जीवन जी रही है ऐसे ही कुछ महिलाओं से महिला पत्रकारों ने मुलाकात की जो आज  रसोई की शोभा बढ़ा रही है और लोगों को स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर परोस रही है यह देखकर महिला पत्रकार जहां भाव विभोर हुई वही महिलाओं से हंसी ठिठोली करते हुए उनकी आप बीती भी सुनी आइये जानते हैं वरिष्ठ महिला पत्रकार बिता चक्रवर्ती की ग्राउंड रिपोर्ट

 

कोरबा। बस्तर की जमीन पर बदलाव अब केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में साफ दिखने लगा है। कभी नक्सल हिंसा के साये में जीने वाला यह इलाका अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। इसी बदलती तस्वीर को समझने कोरबा से पहुंची महिला पत्रकारों की टीम ने एक ऐसी कहानी देखी, जो बस्तर के बदलाव की सबसे सजीव तस्वीर बनकर सामने आई।


जगदलपुर के “पंडुम रेस्टोरेंट” में काम कर रही महिला प्रमिला की कहानी इस बदलाव का सबसे संवेदनशील चेहरा है। यह वही महिला है, जो कभी जंगलों में भटकते हुए एके-47 जैसे हथियार चलाती थी। बंदूक की आवाज और डर के माहौल में उसकी पहचान बनी थी। लेकिन आज वही हाथ चूल्हे की आंच संभाल रहे हैं। अब उसकी उंगलियों से गोलियां नहीं निकलतीं, बल्कि स्वाद की खुशबू फैलती है। महिला बताती है कि उस दौर में जिंदगी केवल आदेश और डर के बीच सिमट गई थी। गांवों से दूर, परिवार से कटकर, हथियार ही उसका सहारा बन गए थे। लेकिन हालात बदलने लगे। सुरक्षा बलों की पहल और आत्मसमर्पण की नीति ने उसे एक नई राह दिखाई। उसने हथियार छोड़ने का फैसला लिया और मुख्यधारा में लौट आई।

आज वही महिला रेस्टोरेंट में काम कर रही है। चेहरे पर संतोष है और जिंदगी में स्थिरता। वह कहती है कि अब डर नहीं लगता, अब सुकून है। पहले जहां हर दिन अनिश्चितता से भरा होता था, अब रोजमर्रा की साधारण जिंदगी ही सबसे बड़ी खुशी बन गई है। इसी कड़ी में आसमाती, फूलमती और फगनी पोयाम जैसी महिलाएं भी आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर रही हैं। इस बदलाव को करीब से देखने पर साफ होता है कि बस्तर अब केवल संघर्ष की पहचान नहीं रहा। यहां लोग नए अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले कई लोग आज रोजगार से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

 

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यह भी नजर आया कि लोगों के मन से धीरे-धीरे डर खत्म हो रहा है। बाजारों में रौनक बढ़ रही है, सड़कें पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस होती हैं और स्थानीय लोग खुलकर अपनी बात कहने लगे हैं। बस्तर की यह कहानी केवल एक महिला की नहीं है, बल्कि उस पूरे क्षेत्र की है, जो बंदूक की छाया से निकलकर अब विकास और विश्वास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

Anil Agarwal Approaches SC Against Adani : वेदांत और अडानी आमने-सामने,वेदांता ने अडानी की जयपी खरीदने की कोशिश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Anil Agarwal Approaches SC Against Adani  
Anil Agarwal Approaches SC Against Adani  

नई दिल्ली, 31 मार्च ( ब्लैकआउट न्यूज वेब डेस्क ) खनन अरबपति अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि दिवालिया हो चुकी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के लिए उसकी संशोधित बोली, अडानी समूह की पेशकश से बेहतर होने के बावजूद, खारिज कर दी गई।

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अडानी के अधिग्रहण प्रस्ताव को स्वीकार करने के ऋणदाताओं के फैसले को चुनौती देते हुए वेदांता ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि उसकी अतिरिक्त बोली सकल मूल्य के हिसाब से लगभग 3,400 करोड़ रुपये और शुद्ध वर्तमान मूल्य के हिसाब से अडानी समूह की पेशकश से लगभग 500 करोड़ रुपये अधिक है।

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14 अक्टूबर, 2025 को प्रस्तुत बोली चुनौती प्रक्रिया और अंतिम समाधान योजना में, वेदांता ने सुरक्षित वित्तीय लेनदारों को अग्रिम भुगतान के रूप में 3,770 करोड़ रुपये और प्रभावी तिथि से 365वें दिन के अंत में 3,100 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। इसने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड में 400 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश भी प्रस्तावित किया था।

इसके बाद, 8 नवंबर 2025 को, वेदांता ने ईमेल के माध्यम से एक परिशिष्ट प्रस्तुत किया, जिसमें कुल बोली मूल्य 12,505.85 करोड़ रुपये रखते हुए अग्रिम नकद भुगतान को बढ़ाकर 6,563 करोड़ रुपये और इक्विटी निवेश को बढ़ाकर 800 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया।

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लेनदारों की समिति (सीओसी) ने अदानी की बोली स्वीकार कर ली क्योंकि उसने लगभग 6,000 करोड़ रुपये का अग्रिम नकद भुगतान और शेष राशि का भुगतान दो वर्षों के भीतर करने की पेशकश की थी, जबकि वेदांता ने भुगतान के लिए पांच साल तक का लंबा समय निर्धारित किया था।

सूत्रों के अनुसार, वेदांता ने सर्वोच्च न्यायालय में अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण के लिए उसकी बोली को अस्वीकार करते समय ऋणदाताओं ने “मनमाने ढंग से” कार्य किया और चल रही दिवालियापन प्रक्रिया में समाधान पेशेवर की भूमिका पर भी सवाल उठाया।

वेदांता लिमिटेड ने यह भी कहा है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने यह समझने में गलती की है कि ऋणदाताओं का व्यावसायिक विवेक ‘पूर्ण’ नहीं होता और इसलिए, शक्ति के ‘मनमानी, विकृत या अनुचित प्रयोग’ के मामलों में इसे रद्द किया जा सकता है।

पिछले साल नवंबर में, जून 2024 में दिवालिया होने वाली जेएएल की समिति ने कर्ज में डूबे जयपी समूह की प्रमुख कंपनी, अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के 14,535 करोड़ रुपये के समाधान योजना को मंजूरी दी थी। अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड सीमेंट, आतिथ्य, बिजली और रियल एस्टेट सहित कई क्षेत्रों में मौजूद है।

वेदांता की कुल बोली 17,926.21 करोड़ रुपये थी, जिसमें स्पोर्ट्स सिटी के बकाया के निपटान के लिए 1,200 करोड़ रुपये का भुगतान शामिल था।

इस महीने की शुरुआत में, एनसीएलटी ने अदानी की बोली को मंजूरी दे दी। वेदांता ने अपील न्यायाधिकरण एनसीएलएटी में अपील की, जिसने अदानी की बोली के कार्यान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके चलते वेदांता को अगले दिन सर्वोच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा।

याचिका में वेदांता लिमिटेड ने सर्वोच्च न्यायालय से राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) द्वारा पारित आदेश के संचालन, कार्यान्वयन और प्रभाव पर रोक लगाने का एकतरफा अंतरिम आदेश पारित करने का अनुरोध किया है.

NKH हॉस्पिटल में उन्नत लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सेवाएं और सशक्त, फुल-टाइम विशेषज्ञ व आधुनिक मशीनरी उपलब्ध

कोरबा। जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। पिछले 11 वर्षों से अस्पताल में सफलतापूर्वक दूरबीन पद्धति (लेप्रोस्कोपिक) सर्जरी की सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे हजारों मरीजों को कम दर्द, तेज रिकवरी और सुरक्षित इलाज का लाभ मिला है। अब इन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करते हुए अस्पताल प्रबंधन ने महत्वपूर्ण पहल की है।

अस्पताल में अब वरिष्ठ जनरल सर्जन डॉ. एस. पालीवाल के मार्गदर्शन में उन्नत सर्जिकल सेवाएं और मजबूत हुई हैं। वहीं फुल-टाइम लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. देबंगन पॉल चौधरी की नियमित सेवाएं भी मरीजों को मिलने लगी हैं। दोनों विशेषज्ञों के अनुभव और आधुनिक तकनीक के समन्वय से अब जटिल से जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही है।

अस्पताल में नवीनतम मशीनरी और मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर की सुविधा उपलब्ध है, जिससे उपचार की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। चिकित्सकों ने बताया कि लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में छोटे-छोटे चीरे के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है, जिससे पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कम दर्द, कम ब्लीडिंग और संक्रमण का खतरा कम रहता है। मरीज जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है।

यह तकनीक गॉलब्लैडर, अपेंडिक्स, हर्निया, किडनी स्टोन (पथरी) सहित कई प्रकार की सर्जरी में बेहद प्रभावी साबित हो रही है।

NKH हॉस्पिटल में वर्तमान में 100 बेड की सुविधा, 24×7 इमरजेंसी एवं सर्जरी सेवाएं, अनुभवी मेडिकल स्टाफ और आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य कोरबा एवं आसपास के ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के मरीजों को महानगरों जैसी उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि NKH हॉस्पिटल किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद चिकित्सा सेवाएं देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फुल-टाइम विशेषज्ञों और आधुनिक तकनीकों के जुड़ने से अब क्षेत्र के मरीजों को अपने ही शहर में बेहतर इलाज मिल सकेगा। यह पहल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

CG BREAKING : बरातियों से भरी बाराती बस मे लगी भीषण आग, बस हुई राख मे तब्दील, पुलिस कर रही हैं जाँच : देखें वीडियो

कांकेर : CG BREAKING शादी समारोह में शामिल होने के बाद बाराती बस में सवार होकर वापस लौट रहे थे। रास्ते में बस में अचानक आग दिखी और देखते ही देखते पूरी बस आग की चपेट में आ गई। किस्मत अच्छी थी बारातियों की कि वह भयंकर ज्वाला में बस तब्दील हो इससे पहले ही वह गाड़ी से कूद चुके थे।

CG BREAKING

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यह घटना छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की है।राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर पुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम जगतरा के समीप घटी। बताया जाता है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट थी।

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बहरहाल यात्री दूसरे माध्यम से बालोद वापस लौट चुके हैं
पुलिस मामले की विवेचना कर रही है