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Vedanta Plant Blast Update : वेदांता प्लांट मे विस्फोट की शुरूआती जाँच मे खुलासा, सुरक्षा मे लापरवाही से 20 मौतें 

Vedanta Blast Update 
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सक्ती।Vedanta Plant Blast Update :  छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट की शुरुआती जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस हादसे में 20 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 16 घायल हैं, जिनका इलाज जारी है।

एक घंटे में दोगुना किया गया उत्पादन Vedanta Plant Blast Update

Vedanta Plant Blast Update
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जांच रिपोर्ट के अनुसार प्लांट में उत्पादन बढ़ाने के लिए जल्दबाजी में बॉयलर का लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर करीब 590 मेगावाट कर दिया गया। इतनी तेज वृद्धि के लिए जरूरी तकनीकी संतुलन का पालन नहीं किया गया, जिससे सिस्टम अस्थिर हो गया।

पहले से मिल रही थी खराबी की चेतावनी Vedanta Plant Blast Update

लॉगबुक में सुबह ही पीए (प्राइमरी एयर) फैन में खराबी दर्ज की गई थी। 3-4 घंटे के भीतर फैन में कई बार दिक्कत आई, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं रोका गया।

कैसे हुआ विस्फोट? Vedanta Plant Blast Update

Vedanta Plant Blast Update
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फैन खराब होने से हवा और ईंधन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे फर्नेस में अधजला ईंधन जमा हो गया। अचानक दहन से अत्यधिक दबाव बना और बॉयलर में विस्फोट हो गया।

सेफ्टी सिस्टम भी फेल Vedanta Plant Blast Update

जांच में यह भी सामने आया कि बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए मौजूद सुरक्षा तंत्र समय पर काम नहीं कर सका। बैकअप सिस्टम भी प्रभावी साबित नहीं हुआ।

6 घंटे जांच के बाद रिपोर्ट सौंपी Vedanta Plant Blast Update

औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर और उनकी टीम ने करीब 6 घंटे तक घटनास्थल का निरीक्षण किया। रिपोर्ट एसपी को सौंप दी गई है, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

मुआवजे का ऐलान Vedanta Plant Blast Update

कंपनी द्वारा मृतकों के परिजनों को ₹35 लाख और एक सदस्य को नौकरी
घायलों को ₹15 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख (मृतक) और ₹50 हजार (घायल)
प्रधानमंत्री राहत कोष से ₹2 लाख (मृतक) और ₹50 हजार (घायल)

कांग्रेस ने बनाई जांच समिति

 

प्रदेश कांग्रेस ने इस हादसे की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की है, जो घटनास्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

शुरुआती जांच से साफ है कि यह हादसा अचानक नहीं, बल्कि लगातार मिल रहे चेतावनी संकेतों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही का नतीजा था।

बालको में ‘अलाइसा’ रोबोट तैनात, कर्मचारियों को मिलेगा रियल-टाइम सुरक्षा ट्रेनिंग

बालकोनगर, 15 अप्रैल 2026। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘अलाइसा’ (एल्यूमिनियम एआई सपोर्ट एजेंट) नामक एक अत्याधुनिक एआई-संचालित ह्यूमनॉइड असिस्टेंट को संयंत्र में तैनात किया है। यह अपनी तरह का पहला सिस्टम है, जिसे एल्यूमिनियम निर्माण में शॉप फ्लोर की क्षमता, संचालन दक्षता और औद्योगिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

बालको के स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में कार्यरत ‘अलाइसा’ शॉप फ्लोर टीम के लिए ऑन-ग्राउंड प्रशिक्षण, ज्ञान और निर्णय-सहायता के एक इंटरफेस के रूप में कार्य करता है। यह सिस्टम कन्वर्सेशनल एआई को प्लांट-विशिष्ट ऑपरेशनल इंटेलिजेंस के साथ जोड़ते हुए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), मानक रखरखाव प्रथाओं (एसएमपी) और महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल पर रियल-टाइम, संदर्भित मार्गदर्शन सीधे कार्यस्थल पर उपलब्ध कराता है।

 

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हमारी कंपनी में तकनीक और मानव क्षमता के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘अलाइसा’ की तैनाती हमारी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शॉप फ्लोर पर सीखने, निर्णय लेने और सुरक्षा के मानकों को नई दिशा दे रहा है। यह पहल न केवल कर्मचारियों को रियल-टाइम मार्गदर्शन प्रदान करती है, बल्कि उन्हें अधिक सक्षम, जागरूक और आत्मनिर्भर भी बनाती है। हम एक सुरक्षित, स्मार्ट और भविष्य-तैयार कार्यस्थल के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शुरुआती चरण में ‘अलाइसा’ ने 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। यह लर्निंग मॉड्यूल, रियल-टाइम प्रश्न समाधान और मूल्यांकन-आधारित सिस्टम प्रदान करता है, जिससे सुपरवाइजर कर्मचारियों की समझ और कौशल प्रगति की प्रभावी निगरानी कर सकते हैं। डेटा-आधारित सतत सीखने को शॉप फ्लोर में समाहित कर, यह सिस्टम प्रक्रियाओं के मानकीकरण, सुरक्षा नियमों के अनुपालन को सुदृढ़ करने और उच्च-तीव्रता वाले औद्योगिक वातावरण में कार्यबल की तैयारी को बेहतर बना रहा है।

 

प्रारंभिक फीडबैक से यह भी स्पष्ट हुआ है कि कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी तक बेहतर पहुंच मिली है, संचालन संबंधी समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और रियल-टाइम निर्णय लेने में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

बालको में कार्यरत परास्नातक प्रशिक्षु उदय चौहान ने कहा कि पॉटलाइन पर कार्य शुरू करने से पहले मैंने ‘अलाइसा’ के माध्यम से एसओपी-आधारित सुरक्षा प्रशिक्षण लिया। यह एक उत्कृष्ट अनुभव रहा। एक रोबोट होने के बावजूद, प्रशिक्षण उतना ही प्रभावी था जितना किसी मानव ट्रेनर द्वारा दिया जाता है।

 

यह पहल भारत के मेटल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और बालको को कोर मैन्युफैक्चरिंग में ह्यूमनॉइड एआई अपनाने वाली अग्रणी कंपनियों में शामिल करती है। कंपनी भारत में पहली और वैश्विक स्तर पर चुनिंदा कंपनियों में से एक है, जिसने डिजिटल स्मेल्टर तकनीक लागू की है। इसके माध्यम से संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान लगाना और समय पर निर्णय लेना संभव हो पाया है।

 

‘अलाइसा’ कंपनी की व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा का हिस्सा है, जो सप्लाई चेन, पॉटलाइन ऑपरेशंस, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन यूनिट तक विस्तारित है। ये सभी पहल उन्नत एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और इंटेलिजेंट सिस्टम्स के माध्यम से संचालन दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षा प्रदर्शन को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हैं।

बालको ने किया सेफ्टी पार्क का उद्घाटन, 5,000 लोगों तक पहुंचा जागरूकता अभियान

बालकोनगर, 13 अप्रैल 2026। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने परिसर में एक सेफ्टी पार्क का उद्घाटन किया। यह पहल कंपनी की मजबूत ‘सेफ्टी फर्स्ट’ संस्कृति को उत्कृष्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेफ्टी पार्क में इंटरैक्टिव मॉडल, प्रैक्टिकल मॉड्यूल और विजुअल डिस्प्ले लगाए गए हैं, जिनसे कर्मचारी आसानी से सुरक्षित कार्य प्रक्रियाओं को समझ सकें।

इस वर्ष के सेफ्टी मंथ की थीम “सुरक्षा बढ़ाने के लिए लोगों को शामिल करें, शिक्षित करें और सशक्त बनाएं” के तहत 5,000 से अधिक कर्मचारियों, बिजनेस पार्टनर, समुदाय के लोगों और छात्रों को इस अभियान से जोड़ा गया। खास बात यह रही कि इस अभियान का नेतृत्व महिला कर्मचारियों ने किया, जो कंपनी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व को दर्शाता है।

 

सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और व्यवहार में बदलाव लाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित की गईं। इनमें ड्राइंग और स्लोगन प्रतियोगिता, सेफ्टी क्विज और ‘कौन बनेगा सेफ्टी चैंपियन’ जैसे कार्यक्रम शामिल रहे, जिनसे लोगों ने सुरक्षा से जुड़े विषयों को बेहतर तरीके से समझा।

 

इसके अलावा, सांप एवं सीढ़ी और ‘हैजर्ड हंट’ जैसे गेम्स के माध्यम से भी सुरक्षा संदेश को आसान तरीके से समझाया गया। अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों और टीमों को ‘बेस्ट सेफ्टी परफॉर्मर’ और ‘फैमिली कनेक्ट विद सेफ्टी चैंपियन’ जैसे सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया।

 

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी में में सुरक्षा हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है जो हमारे हर कार्य को दिशा देता है। निरंतर सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से हम ऐसी मजबूत संस्कृति का निर्माण करना चाहते हैं, जहाँ हर व्यक्ति सुरक्षा की जिम्मेदारी समझे और उसका पालन करे। राष्ट्रीय सुरक्षा माह जैसे प्रयास व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करते हैं तथा बालको एवं इसके आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षित और जिम्मेदार वातावरण बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हैं।

अभियान के दौरान ‘वॉयस ऑफ सेफ्टी’ और ‘रियल लाइफ हीरो स्टोरीज’ जैसे प्लेटफॉर्म भी बनाए गए, जहां कर्मचारियों और बिजनेस पार्टनर ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। ‘बेस्ट सेफ्टी जोन एग्जीबिशन’ और हेल्थ चेक-अप कैंप्स ने भी लोगों को सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।

बालको आसपास के समुदाय और परिवार में भी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके तहत फायर सेफ्टी वर्कशॉप, रोड सेफ्टी प्रोग्राम और सड़कों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए बालको को 2026 में ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल का इंटरनेशनल सेफ्टी अवार्ड और ग्रो केयर इंडिया द्वारा फायर एंड सेफ्टी में प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित किया गया है। ये उपलब्धियां बालको की उत्कृष्ट सेफ्टी संस्कृति को दर्शाती हैं।

अधिवक्ता संघ का चुनाव सम्पन्न, कल मतगढ़ना प्रत्यासियों की धड़कने तेज 

 

कोरबा। जिले में रविवार को जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित माहौल में संपन्न हुए। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह सचिव, कोषाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य सहित विभिन्न पदों के लिए कुल 813 मतदाताओं में से 757 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि 56 मतदाता अनुपस्थित रहे। मतदान सुबह 8:30 बजे से शुरू होकर शाम 4.00 बजे तक बिना किसी व्यवधान के जारी रहा।

चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ महिला एवं युवा अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे लोकतांत्रिक उत्साह स्पष्ट नजर आया। कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच संपन्न हुए मतदान के बाद सभी प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में कैद हो गया है, जिसका फैसला 13 अप्रैल सोमवार को मतगणना के बाद सामने आएगा।

पूरी चुनाव प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में संपन्न कराई गई। मतदान के दौरान कहीं भी कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई और सभी अधिवक्ताओं ने सहयोग करते हुए चुनाव को सफल बनाया। मतदान के बाद मतपेटियों को सील कर न्यायालय परिसर में सुरक्षित रखा गया है, जिन्हें आज सुबह खोला जाएगा और मतगणना प्रारंभ की जाएगी।

इस बार अध्यक्ष पद के लिए 4 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं उपाध्यक्ष (पुरुष) के लिए 6, उपाध्यक्ष (महिला) के लिए 3, सचिव पद के लिए 3, सह सचिव के लिए 2, कोषाध्यक्ष के लिए 3 तथा ग्रंथालय सचिव पद के लिए 4 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। कार्यकारिणी सदस्य के 4 पदों के लिए 10 प्रत्याशी आमने-सामने हैं, जबकि कुछ पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध भी निर्वाचित हो चुके हैं।

अब सभी की निगाहें कल होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि जिला अधिवक्ता संघ का ताज किसके सिर सजेगा।

जिले में रसोई गैस की सुचारू वितरण व्यवस्था हेतु कलेक्टर एवं एसपी ने ली समीक्षा बैठक, गैस एजेंसियों को दिए सख्त निर्देश शिकायत के लिए नंबर जारी 9691901259

लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने की स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन को करें सूचित:-  कलेक्टर

*सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने सभी गैस एजेंसियों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरा लगाने के दिए निर्देश*

*बैनर के माध्यम से तहसीलदार, थाना प्रभारी व कंट्रोल रूम का सम्पर्क नंबर प्रदर्शित करने किया निर्देशित*

*एजेंसियों को बुकिंग डेट के अनुक्रम, फर्स्ट कम-फर्स्ट सर्व व ओटीपी ऑथेंटिकेशन से ही गैस वितरण के दिए निर्देश*

कोरबा 12 अप्रैल 2026/ जिले में घरेलू रसोई गैस की सुचारू उपलब्धता व वितरण सुनिश्चित करने, अवैध भंडारण, ब्लैक मार्केटिंग, अधिक कीमत पर बिक्री तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी की अध्यक्षता में आज गैस वितरक एजेंसियों की  बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुचारु और पारदर्शी गैस वितरण व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सम्बन्धितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक श्री तिवारी ने सभी गैस वितरक एजेंसियों को सख्त दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट किया  कि एजेंसियों में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए, सभी एजेंसियां इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने  सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी गैस वितरक एजेंसियों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए।  एजेंसी परिसर के बाहर की गतिविधियों पर निगरानी के लिए बाहरी दिशा में भी एक कैमरा विशेष रूप से लगाने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही सभी एजेंसियों में सुरक्षा की दृष्टि से चौकीदार की व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने निर्देशित किया  कि एजेंसियों में स्टॉक की कमी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में तत्काल सूचना जिला प्रशासन सहित संबंधित तहसीलदार एवं थाना प्रभारी  को दी जाए*, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने सभी एजेंसियों को अपने परिसर में बैनर के माध्यम से तहसीलदार, थाना प्रभारी का संपर्क नंबर एवं जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का नंबर भी प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा है कि आपसी समन्वय के साथ एलपीजी सिलेंडर का सुचारु भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले में एलपीजी सिलेंडर के अवैध भंडारण, ब्लैक मार्केटिंग या निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री जैसी किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। सभी गैस एजेंसियां इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और विशेष सतर्कता बरतें।

उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की डिलीवरी फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व के आधार पर और बुकिंग तिथि के अनुक्रम में ही दी जाए। कलेक्टर ने  निर्देश दिए कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ही की जाए और बिना ओटीपी के किसी भी स्थिति में सिलेंडर की डिलीवरी न हो। साथ ही उपभोक्ताओं को 25 दिनों के पूर्व दोबारा सिलेंडर जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को प्रतिदिन अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य शाखा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में तत्काल खाद्य अधिकारी को सूचित करने को कहा गया है, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री देवेन्द्र पटेल, जिला खाद्य अधिकारी श्री जी एस कंवर, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पैट्रोलियम, भारत गैस एजेंसी के अधिकारी उपस्थित थे।

जिला स्तरीय कंन्ट्रोल रूम, दूरभाष नंबर 9691901259 पर कर सकते है सम्पर्क

जिले में खाद्य नागरिक आपूर्ति से सम्बंधित आवश्यक वस्तुओं की सुचारु वितरण और परिवहन व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित कर अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है।
जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 9691901259 पर भी आमजन खाद्य आपूर्ति से संबंधित समस्या, सुझाव या आवश्यक जानकारी दर्ज करा सकते हैं। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आम जनता द्वारा प्राप्त शिकायतों, सुझावों तथा आवश्यक जानकारी का संकलन कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Arrived at NKH from Medanta : ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से मिलती है बेहतर जीवन गुणवत्ता जाने डॉ. विपिन चंद्र त्यागी की जुबानी

Arrived at NKH from Medanta 
Dr tyagi medanta hospital mumbai

कोरबा।Arrived at NKH from Medanta : न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में मेदांता हॉस्पिटल के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विपिन चंद्र त्यागी ने मरीजों को परामर्श एवं उपचार देकर लाभान्वित किया। वे 11 व 12 अप्रैल, तक अपनी सेवाएं NKH दी , जिससे क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ इलाज का अवसर मिल सका।

Arrived at NKH from Medanta 

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Dr tyagi medanta hospital mumbai

डॉ. त्यागी ने बताया कि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी केवल दर्द से राहत ही नहीं देती, बल्कि मरीजों को बेहतर “क्वालिटी ऑफ लाइफ” भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि घुटनों और कूल्हों के गंभीर दर्द से पीड़ित, विशेषकर बुजुर्ग मरीज, अक्सर चलने-फिरने में असमर्थ हो जाते हैं और मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं, लेकिन इस सर्जरी से उन्हें नया जीवन मिल सकता है।

उन्होंने जॉइंट रिप्लेसमेंट को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि यह एक सुरक्षित और सफल प्रक्रिया है। देश में इस सर्जरी की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इसकी सफलता का प्रमाण है। डॉ. त्यागी 10,000 से अधिक सफल सर्जरी कर चुके हैं और इस क्षेत्र में उनका व्यापक अनुभव है।

 

फिजियोथेरेपी है बेहद जरूरी Arrived at NKH from Medanta 

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Dr tyagi medanta hospital mumbai

डॉ. त्यागी ने सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथेरेपी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कम से कम 5 से 6 सप्ताह तक नियमित व्यायाम और फिजिकल थेरेपी करने से मरीज तेजी से सामान्य जीवन में लौट सकता है।

लाइफस्टाइल में सुधार जरूरी Arrived at NKH from Medanta

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उन्होंने बताया कि 50-60 वर्ष की आयु में जॉइंट संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं, जिनका मुख्य कारण खराब जीवनशैली है। उकड़ू बैठना और पालथी मारकर बैठने जैसी आदतों से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।

मोटापा बना सबसे बड़ा कारण Arrived at NKH from Medanta

डॉ. त्यागी के अनुसार मोटापा जॉइंट की समस्याओं का प्रमुख कारण है। इससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और अर्थराइटिस तेजी से बढ़ता है। उन्होंने कहा कि वजन नियंत्रित रखना जॉइंट को स्वस्थ रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मरीज में अर्थराइटिस विकसित हो चुका है, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प के रूप में उपलब्ध है।

DDM रोड स्थित साईं पैलेस के पास खुले नाले मे गिरा युवक, सीढ़ी से निकला गया बाहर, निगम के सफाई की खुली पोल देखें वीडियो

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) कोरबा डीएम रोड में स्थित साईं पैलेस के समीप नाले में मुड़ापार का एक बाइक सवार युवक जिसका नाम ओम प्रकाश बताया जा रहा हैं जा गिरा इस हादसे में युवक को हल्की चोटें आई है लेकिन नगर पालिका निगम के सफाई की पोल जरूर खुल गयी हैं नाले को देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है की वह खुला नाला लंबे समय से सफाई नहीं हुआ है युवक के गिरने के बाद मोहल्ले वालों ने रस्से से निकलने का प्रयास किया लेकिन नाला इतना गहरा है और दलदल से भरा हुआ है कि उसे कई लोग मिलकर भी युवक को नहीं निकाल पाए बाद में सीढ़ी लाकर उस युवक को बाहर निकाला गया जब सीढ़ी को नाले में डाला गया तो सीढ़ी का आधा हिस्सा नाले के दलदल में धंस गया था इससे यह पता चलता है कि निगम के ठेकेदार सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर नगर निगम के पैसों की बंदर बांट कर रहे हैं.

एक तरफ नगर पालिका निगम के आयुक्त आशुतोष पांडे सफाई को लेकर नंबर वन की दौड़ में शामिल होना चाहते हैं लेकिन उनके अधीनस्थ अधिकारी और ठेकेदार उनकी इस मांश पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं नगर निगम द्वारा सभी वार्डों में सफाई ठेकेदार को ठेका दिया गया है लेकिन ठेकेदार अपना काम इमानदारी से करने की बजाय खाना पूर्ति कर निगम के पैसों का बन्दरबाँट करने में लगे हुए हैं.

https://www.instagram.com/reel/DW9RhYQDd7O/?igsh=YmJ5dmR6NHMwazVx
अगर कोई बच्चा गिर जाए तो बचना मुश्किल

बताते चले की नगर पालिका निगम ने DDM रोड में काफी चौड़ा और गहरा नाला बनाया है जिससे पानी आसानी से निकल जाए लेकिन करोड़ों रुपए की लागत से बने इस नाले का औचित्य तभी खत्म हो जाता है जब उसमें इतना दलदल भरा हो की सीढ़ी का आधा हिस्सा डूब जाए तो आप समझ सकते हैं की कितने महीना से उसे नाले की सफाई नहीं हुई है तो आखिर यह ठेकेदार इतने बेलगाम कैसे हैं क्या इन्हें नगर निगम के अधिकारियों का आशीर्वाद मिला हुआ है या नगर निगम के अधिकारियों का खौफ खत्म हो गया है.

Korba District Advocates’ Association Elections : 30% महिला आरक्षण की अनिवार्यता,विधिज्ञ परिषद का सख्त आदेश, मा. उच्चतम एवं उच्च न्यायलय के आदेश का पालन हो 

Korba District Advocates' Association Elections 
Korba District Advocates' Association Elections 

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़)  Korba District Advocates’ Association Elections : कोरबा जिला अधिवक्ता संघ चुनाव में 30% महिला आरक्षण अनिवार्य विधिज्ञ परिषद ने सख्त आदेश जारी कर महिला अधिवक्ताओं द्वारा जताई गयी आपत्ति के बाद जारी किया यह आदेश वहीं नियमों के उल्लंघन पर चेतावनी भी दी हैं अब देखना होगा की चुनाव की तिथि आगे बढ़ाई जाती हैं या फिर चुनाव के बाद पेंच फसेगा चुंकि वर्तमान मे 17 पदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया चल रही हैं जबकि नियमवली के मुताबिक 14 पदों पर चुनाव होना हैं जबकि उन 14 पदाधिकारीयों मे 30% महिला आरक्षण यानि 5 महिला का आरक्षण/निर्वाचन होना हैं जबकि अभी मात्र 4 महिला प्रत्यासी ही मैदान मे हैं मसलन शिकायत कर्ता के अनुसार आरक्षण की अनदेखी की गयी हैं.

 

Korba District Advocates’ Association Elections 

Korba District Advocates' Association Elections 
Korba District Advocates’ Association Elections

बताते चलें की कोरबा जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। महिला अधिवक्ताओं की आपत्ति के बाद परिषद ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए चुनाव में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण अनिवार्य कर दिया है। साथ ही मुख्य चुनाव अधिकारी से इस संबंध में रिपोर्ट भी तलब की गई है। चुनाव 12 अप्रैल को प्रस्तावित है।

Korba District Advocates’ Association Elections 

Korba District Advocates' Association Elections 
Korba District Advocates’ Association Elections

दरअसल, चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी कर प्रत्याशियों की सूची जारी की जा चुकी है और प्रचार अभियान भी तेज हो गया है। इसी बीच महिला अधिवक्ताओं ने परिषद को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि चुनाव में 30 प्रतिशत आरक्षण का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।

 

अधिवक्ता मीनू त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026-28 की कार्यकारिणी गठन प्रक्रिया में रोस्टर प्रणाली का पालन नहीं किया गया और महिलाओं के लिए पर्याप्त पद आरक्षित नहीं किए गए, जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने इसे उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी बताते हुए चुनाव स्थगित करने की मांग भी उठाई।

Korba District Advocates’ Association Elections 

Korba District Advocates' Association Elections 
Korba District Advocates’ Association Elections

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि 6 फरवरी को राज्य स्तर से सभी अधिवक्ता संघों को 30 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 23 मार्च को भी मुख्य चुनाव अधिकारी को मान्यता नियम 2009 के तहत चुनाव कराने कहा गया था, लेकिन कोरबा में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ।

मामले को गंभीरता से लेते हुए विधिज्ञ परिषद ने 9 अप्रैल को मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि कुल 14 पदों में से कम से कम 5 पद महिलाओं के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो मान्यता नियम 2009 के तहत सख्त कार्यवाही की जाएगी।

 

Korba Collector Takes a Tough Stance : ग्राम कुरुडीह मे खराब ट्रांसफार्मर नहीं बदलने पर कलेक्टर ने सब इंजीनियर पर कार्यवाही के दिए निर्देश

Korba Collector Takes a Tough Stance 
IAS कुणाल दुतावत कलेक्टर कोरबा

कोरबा, 09 अप्रैल 2026/Korba Collector Takes a Tough Stance ग्राम कुरुडीह के ग्रामीणों ने कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत से मिलकर बताया कि उनके गाँव का ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब है। विद्युत विभाग को बार-बार शिकायत देने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, जिससे पूरे गाँव में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन माह से ट्रांसफार्मर खराब है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुधार या प्रतिस्थापन की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

Korba Collector Takes a Tough Stance 

Korba Collector Takes a Tough Stance 
IAS कुणाल दुतावत कलेक्टर कोरबा

ग्रामीणों की शिकायत को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग के ईई श्री रोशन वर्मा को त्वरित आवश्यक निर्देश जारी किए। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम कुरुडीह में नया विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया। लंबे समय तक लापरवाही बरते जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और ईई को निर्देशित किया कि भैसमा वितरण केंद्र अंतर्गत सब इंजीनियर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

 

Korba Collector Takes a Tough Stance 

Korba Collector Takes a Tough Stance 
IAS कुणाल दुतावत कलेक्टर कोरबा

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

NKH कोरबा में मेदांता के जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. त्यागी रहेंगे उपलब्ध,महानगरों की दौड़ भाग से मिलेगा छुटकारा 

कोरबा। न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) एक बार फिर जिले के मरीजों के लिए बड़ी सौगात लेकर आया है। अब घुटने और कूल्हे के जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए महानगरों का रुख करने की आवश्यकता नहीं होगी। NKH सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेदांता हॉस्पिटल के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विपिन चंद त्यागी अपनी सेवाएं देंगे।

डॉ. त्यागी 10,000 से अधिक सफल घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी कर चुके हैं और आर्थोप्लास्टी के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं।

डॉ. त्यागी 11 और 12 अप्रैल 2026 को विशेष परामर्श एवं सर्जरी के लिए NKH में उपलब्ध रहेंगे, दौरान मरीजों को घुटना, कूल्हा प्रत्यारोपण, जटिल एवं रिविजन आर्थोप्लास्टी जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से सर्जरी को सुरक्षित और सफल बनाया जाएगा।

अब तक इस तरह के ऑपरेशन के लिए मरीजों को दिल्ली, रायपुर जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। NKH में यह सुविधा शुरू होने से कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और किफायती इलाज मिल सकेगा।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि सीमित स्लॉट होने के कारण मरीजों को पहले से पंजीयन कराना आवश्यक है और जरूरत मंद लोग इस सुविधा का लाभ उठाएं।