कोरबा, 21 जुलाई।Swearing-in ceremony of the Korba Press Club : कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी (कार्यकाल 2026-28) का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार, 23जुलाई को दोपहर 12 बजे पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, रामपुर (कोरबा) में आयोजित किया जाएगा। समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
Swearing-in ceremony of the Korba Press Club
Swearing-in ceremony of the Korba Press Club
समारोह में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया, कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।
Swearing-in ceremony of the Korba Press Club
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कार्यक्रम में कोरबा प्रेस क्लब के संरक्षक कमलेश यादव, अध्यक्ष नौशाद खान, उपाध्यक्ष राजकुमार शाह, सचिव दिनेश राज, उप सचिव हरीश तिवारी, कोषाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव तथा कार्यकारिणी सदस्यों राजेश कुमार मिश्रा (मिट्ठू), नवाब हुसैन और आकाश शर्मा सहित पूरी कार्यकारिणी पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे ।
Swearing-in ceremony of the Korba Press Club
शपथ ग्रहण समारोह में रायपुर प्रेस क्लब, बिलासपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं पत्रकारों के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर पत्रकारों और मीडिया जगत में उत्साह का माहौल है।
कोरबा प्रेस क्लब ने जिले के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से समारोह में उपस्थित होकर नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
बालकोनगर, 21 जुलाई 2026। BALCO World Youth Skills Day:भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर वेदांता स्किल स्कूल के 15 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया। आयोजित कार्यक्रम में कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने की उपलब्धियों को साझा किया गया। इस वर्ष विश्व युवा कौशल दिवस की थीम ‘साझा भविष्य के लिए कौशल’ है। कार्यक्रम में बालको के वरिष्ठ अधिकारी, समुदाय के प्रतिनिधि, पूर्व प्रशिक्षु, वर्तमान प्रशिक्षु और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
BALCO World Youth Skills Day
BALCO World Youth Skills Day
विश्व युवा कौशल दिवस के उपलक्ष्य में स्किल स्कूल द्वारा सप्ताह भर विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वाद-विवाद, कविता लेखन, पोस्टर मेकिंग, इंडोर खेल और एआई वीडियो निर्माण जैसी कार्यों के माध्यम से युवाओं को अपनी रचनात्मकता, तार्किक सोच, संवाद क्षमता और डिजिटल कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
BALCO World Youth Skills Day
BALCO World Youth Skills Day
समारोह में प्रशिक्षुओं ने पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक पेश की। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वेदांता स्किल स्कूल के एक पूर्व प्रशिक्षु की वास्तविक जीवन यात्रा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति रही। प्रस्तुति में दिखाया गया कि किस प्रकार कौशल प्रशिक्षण ने एक युवा के जीवन को नई दिशा देते हुए उसके लिए रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर तैयार किए। प्रशिक्षुओं के सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पूर्व प्रशिक्षुओं की सफलता की कहानियों और तकनीकी कौशल प्रदर्शन के साथ आयोजित समारोह ने कौशल विकास के 15 वर्षों की यात्रा को यादगार बनाया।
BALCO World Youth Skills Day
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा, “पिछले 15 वर्षों से वेदांता स्किल स्कूल युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल सिखाकर उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। हमारा उद्देश्य युवाओं को ऐसा प्रशिक्षण देना है, जिससे वे बदलती उद्योगों की जरूरतों के अनुसार अपने कौशल को विकसित कर सकें। व्यावहारिक प्रशिक्षण और आत्मविश्वास के साथ युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं और उनके लिए रोजगार व आजीविका के नए अवसर खुल रहे हैं। इसी प्रयास के माध्यम से हम समुदायों की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य में अपना योगदान दे रहे हैं।“
इस अवसर पर वेल्डर और मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त 40 से अधिक युवाओं को प्लेसमेंट प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। वहीं इस अवसर पर वेदांता स्किल स्कूल में पीएम सूर्य घर सर्टिफिकेशन एंड स्किल अपग्रेडेशन कोर्स फॉर सोलर पीवी टेक्नीशियन की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के तहत 100 सोलर पीवी टेक्नीशियन को एक सप्ताह का कौशल उन्नयन एवं प्रमाणन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक प्रतिभागी को प्रशिक्षण के दौरान 3,500 रुपये का भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
वर्ष 2010 में स्थापित वेदांता स्किल स्कूल पिछले 15 वर्षों से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान कर रहा है। अब तक 14 हजार से अधिक युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और इस वर्ष स्कूल 15 हजार युवाओं के प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल करने की ओर अग्रसर है। यहां वेल्डिंग, इलेक्ट्रिकल, फिटर, सिलाई मशीन संचालन, फूड एंड बेवरेज सर्विस तथा सोलर पीवी इंस्टॉलेशन जैसे रोजगारपरक ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाता है। एनएसडीसी से मान्यता प्राप्त 5-स्टार स्मार्ट सेंटर युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान कर रहा है। बालको अपने कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बिहार, 20 जुलाई 2026। Expansion of Vedanta Nand Ghar : वेदांता के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने बिहार में बच्चों और महिलाओं के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और बिहार सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की घोषणा की है। इस पहल के तहत बिहार में नंद घर मॉडल का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में श्री अग्रवाल ने बिहार से अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका रिश्ता केवल जन्मभूमि से नहीं, बल्कि उन मूल्यों और संस्कारों से भी है, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और जीवन दृष्टि को आकार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए योगदान देना उनके लिए जिम्मेदारी के साथ-साथ सौभाग्य का विषय है।
उन्होंने कहा कि जीवन के शुरुआती छह वर्षों में मिलने वाली शिक्षा और संस्कार बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। इसी सोच के साथ नंद घरों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।
Expansion of Vedanta Nand Ghar
Expansion of Vedanta Nand Ghar
महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि नंद घर केवल बच्चों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को कौशल विकास के अवसर प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का भी माध्यम बनेगा। उनका मानना है कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो उसके साथ पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ियाँ भी आगे बढ़ती हैं।
उन्होंने कहा कि नंद घर पहल बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है और इसके बाद राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना उनकी अगली प्रमुख प्राथमिकता होगी।
Expansion of Vedanta Nand Ghar
Expansion of Vedanta Nand Ghar
श्री अग्रवाल ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए बिहार सरकार, मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए सभी से नंद घर आंदोलन को बिहार के हर कोने तक पहुँचाने का आह्वान किया।
नंद घर पहल का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना तथा महिलाओं को कौशल विकास एवं आजीविका के अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। यह पहल राज्य में सामाजिक विकास और समावेशी प्रगति को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रायपुर/CG Police Transfers : कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग,मंत्रालय द्वारा राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP) और उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल का असर कोरबा जिले पर भी पड़ा है।
CG Police Transfers
CG Police Transfer
जारी आदेश के अनुसार गिरिजा शंकर साव को सीएसपी दर्री (CSP Darri) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सुश्री ज्योत्सना चौधरी को उप पुलिस अधीक्षक, यातायात (DSP Traffic), कोरबा के पद पर पदस्थ किया गया है।
राज्य सरकार के इस तबादला आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। नई जिम्मेदारी पाने वाले अधिकारी जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस प्रशासन में कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है।
कोरबा में दर्री सीएसपी और यातायात डीएसपी के नए अधिकारियों की नियुक्ति से पुलिस व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
कोरबा। सक्रिय और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले युवा पत्रकार अनूप पासवान को छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ, कोरबा जिला इकाई का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति को संगठन ने पत्रकारों के हितों को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
यह नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अवस्थी की सहमति तथा जिला अध्यक्ष शशिकांत डिक्सेना के अनुमोदन से नवगठित जिला कार्यकारिणी में की गई है। संगठन का कहना है कि अनूप पासवान ने लंबे समय से निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। पत्रकारों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रशासन तक पहुंचाने में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठन ने विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व और सक्रिय सहभागिता से जिला इकाई को नई ऊर्जा मिलेगी तथा संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तार होगा। साथ ही पत्रकारों के बीच समन्वय और एकजुटता को भी मजबूती मिलेगी।
अपनी नियुक्ति पर अनूप पासवान ने प्रदेश एवं जिला नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ पत्रकार साथियों के हितों की रक्षा, संगठन के विस्तार तथा पत्रकारिता की गरिमा को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। उन्होंने सभी पत्रकारों को साथ लेकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।
Korba's Ayushman Hospital in the spotlight for controversy again
कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़ )Korba’s Ayushman Hospital in the spotlight for controversy again : कोरबा के आयुष्मान चिकित्सालय शारदा विहार में जन्मे जुड़वा बच्चों में से एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्चे को समय पर उचित इलाज के लिए रेफर नहीं किया गया, जिसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची।
Korba’s Ayushman Hospital in the spotlight for controversy again
Korba’s Ayushman Hospital in the spotlight for controversy again
परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा की पत्नी ने 17 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। शादी के लगभग 16 साल बाद घर में बच्चों के आने से परिवार में खुशी का माहौल था। जन्म के समय दोनों बच्चों का वजन सामान्य था। हालांकि, जन्म के कुछ घंटों बाद ही एक बच्चे के शरीर पर पीलिया के लक्षण दिखाई देने लगे। परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को दी।
परिजानों का आरोप- डाक्टरों ने गंभीरता नहीं दिखाई Korba’s Ayushman Hospital in the spotlight for controversy again
Korba’s Ayushman Hospital in the spotlight for controversy again
परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद डॉक्टरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें आश्वासन दिया। इसके बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। जब स्थिति अत्यधिक खराब हो गई, तब परिजनों के दबाव में आकर अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को रेफर किया।
बच्चे को आनन-फानन में दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ओझा परिवार का कहना है कि यदि समय रहते बच्चे को बड़े अस्पताल भेजा जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने और मरीजों की गंभीरता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल प्रबंधन बोला-पीलिया के लक्षण दिखे तो रिफर किया Korba’s Ayushman Hospital in the spotlight for controversy again
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि नवजात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। पीलिया के लक्षण दिखते ही उचित उपचार शुरू किया गया था और स्थिति गंभीर होने पर ही बच्चे को रेफर किया गया।
कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) Sonam Wangchuk’s impact in Korba आज जब देश के नागरिक अपने-अपने घरों में सो रहे थे, उसी समय दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों और जनहित के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे देश के प्रख्यात शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक एवं पर्यावरणविद् श्री सोनम वांगचुक जी को अनशन स्थल से जबरन उठाकर ले जाने की घटना सामने आई।जो अत्यंत निंदनीय हैँ.
Sonam Wangchuk’s impact in Korba
Sonam Wangchuk’s impact in Korba
सोनम वांगचुक जी कोई अपराधी नहीं हैं। वे लोकतंत्र के सिपाही हैं। वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे थे। उनसे बातचीत की जा सकती थी, उन्हें सम्मानपूर्वक अनशन समाप्त करने का आग्रह किया जा सकता था। लेकिन जिस तरीके से उन्हें अनशन स्थल से उठाकर ले जाया गया, वह लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बालको निवासी अधिवक्ता एवं सोशल कार्यकर्त्ता मो नफीस खान ने अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट कर उक्त अनशन की जानकारी मुहय्या कराई हैँ उन्होंने शहर वासियों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थित होने और अनशन समर्थन देने की अपील भी की हैँ उन्होंने स्पष्ट किया हैँ की यह विशुद्ध रूप से गैर राजनितिक अनशन हैँ.
क्या लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना अपराध है?
क्या शांतिपूर्ण अनशन करना अपराध है?
क्या असहमति की आवाज़ को संवाद के बजाय जबरन दबाया जाएगा?भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, राजतंत्र नहीं। लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सुनी जाती है, असहमति का सम्मान किया जाता है और शांतिपूर्ण आंदोलनों का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाता है।
Sonam Wangchuk’s impact in Korba
Sonam Wangchuk’s impact in Korba
सोनम वांगचुक जी जिन मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, वे केवल उनके व्यक्तिगत मुद्दे नहीं हैं। वे NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा, प्रभावित छात्रों को न्याय, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही, लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत संरक्षण तथा लद्दाख के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा जैसे महत्वपूर्ण सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने देशवासियों से 20 जुलाई 2026 को उनके आंदोलन के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया था, लेकिन आज उन्हें बलपूर्वक अस्पताल ले जाया गया।
हर नागरिक दिल्ली नहीं जा सकता, लेकिन अपने शहर में रहकर लोकतंत्र की इस आवाज़ के साथ खड़ा जरूर हो सकता है।
Sonam Wangchuk’s impact in Korba
Sonam Wangchuk’s impact in Korba
इसीलिए मैं और मेरे कुछ साथी सोनम वांगचुक जी के शांतिपूर्ण आंदोलन और उनकी जनहित की मांगों के समर्थन में, 20 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजे सुभाष चौक, निहारिका, कोरबा में एक दिवसीय शांतिपूर्ण एवं संविधानसम्मत अनशन पर बैठ रहे है ।
यह अनशन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा, संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण असहमति के सम्मान के समर्थन में है।
Sonam Wangchuk’s impact in Korba
अनशन के दौरान महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया जाएगा, जिसमें सोनम वांगचुक जी की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने, उनसे सार्थक संवाद स्थापित करने तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाएगा।
मैं कोरबा के सभी नागरिकों—विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, युवाओं और हर जागरूक नागरिक से हृदय से अपील करता हूँ कि इस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अभियान में अपनी सहभागिता दें।
आप पूरे दिन अनशन नहीं कर सकते तो कुछ समय के लिए उपस्थित होकर अपना नैतिक समर्थन दें। और जो साथी हमारे साथ एक दिवसीय अनशन करना चाहते हैं, उनका हृदय से स्वागत है।
शिक्षा, छात्रों के भविष्य और लोकतंत्र की आवाज़ को मजबूत करें। हमने जिला प्रशासन को दिनांक 17/7/2026 को लिखित में सूचना दे दी है।
जय हिंद।
Bodies of 5 members of the same family found in CG.
रायपुर, Bodies of 5 members of the same family found in CG : छत्तीसगढ़ 18 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संजय नगर इलाके (मदनी चौक) में शुक्रवार की देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक ही घर के भीतर से एक ही परिवार के 5 सदस्यों के शव बरामद किए गए। इस हृदयविदारक घटना की खबर हवा की तरह पूरे इलाके में फैल गई, जिसके बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस खौफनाक और दुखद घटना के बाद से पूरे पड़ोस और स्थानीय निवासियों में गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
मृतकों में 3 मासूम बच्चे शामिल, मुखिया का शव फंदे पर मिला Bodies of 5 members of the same family found in CG.
Bodies of 5 members of the same family found in CG.
पुलिस प्रशासन से मिली शुरुआती और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान घर के मुखिया साजिद अली (50 वर्ष), उनकी पत्नी राबिया बानो , दो बेटियों और एक बेटे के रूप में हुई है। इस घटना में तीन बच्चों की भी मौत हुई है, जिनकी उम्र इस प्रकार है:📍बेटा सैयद इरशाद अली: 19 साल📍बड़ी बेटी शाहिना : 17 साल📍छोटी बेटी शबा : 16 साल
घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घर के मुखिया साजिद अली का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया है। वहीं, उनकी पत्नी और तीनों बच्चों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बिस्तर पर पड़े मिले। पुलिस की प्रथम दृष्टया आशंका है कि साजिद अली ने पहले अपनी पत्नी और बच्चों को जहर दिया या उन्होंने सामूहिक रूप से जहर का सेवन किया, और उसके बाद साजिद ने खुद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी।
8 महीने पहले ही आए थे किराए के मकान में Bodies of 5 members of the same family found in CG.
स्थानीय निवासियों और पड़ोसियों से पूछताछ में सामने आया है कि साजिद अली अपने पूरे परिवार के साथ करीब 8 महीने पहले ही मकान मालिक जहीर के घर में किराए पर रहने आए थे। पड़ोसियों ने बताया कि गुरुवार की शाम से ही उनके घर का दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद था।
शुक्रवार को दिनभर और फिर देर रात तक जब घर में कोई हलचल महसूस नहीं हुई और न ही किसी ने दरवाजा खोला, तो पड़ोसियों को किसी अनहोनी का गहरा शक हुआ। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तत्काल टिकरापारा थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब दरवाजा तोड़ा, तो भीतर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया।
आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते होता था विवाद Bodies of 5 members of the same family found in CG.
पुलिस की शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, साजिद अली मौदहापारा इलाके में बैटरी रिपेयरिंग (मरम्मत) का काम करता था। पिछले कुछ समय से उसका काम ठीक नहीं चल रहा था और परिवार गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
बताया जा रहा है कि परिवार पर कुछ भारी कर्ज (लोन) भी था, जिसकी वसूली के लिए बैंकों या फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट अक्सर उनके घर आते थे। इस भारी कर्ज और तंगहाली की वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद और मानसिक तनाव रहने की बात भी सामने आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसी आर्थिक मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
FSL टीम जांच में जुटी, पुलिस की अफवाहों से बचने की अपील Bodies of 5 members of the same family found in CG.
घटना की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक्सपर्ट टीम खोजी कुत्तों के साथ मौके पर पहुंच गई। FSL टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स, संदिग्ध दवाइयां और घटना से जुड़े तमाम साक्ष्यों व सामानों को अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बेहद बारीकी और गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी शवों को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि विसरा विश्लेषण रिपोर्ट और फॉरेंसिक (FSL) जांच के आधार पर ही मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस संवेदनशील मामले को देखते हुए रायपुर पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें शेयर करें।
अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और जल्द ही जांच पूरी कर घटना की वास्तविक वजह सबके सामने लाई जाएगी।
कोरबा। Lotlota Rakhad Dam Dispute जिले के लोतलोता स्थित बंद पड़े राखड़ डैम को दोबारादोबारा शुरू कराने पहुंचे सीएसईबी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पांडे का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अधिकारी के कथित तौर पर ऐसे शब्द सुनाई दे रहे हैं, जिन्हें लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त नाराजगी फैल गई है।
बताया जा रहा है कि राखड़ डैम का लंबे समय से ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इसी बीच डैम को पुनः शुरू कराने पहुंचे अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बहस हो गई। इसी दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पांडे के कथित बयान, “मारना पड़े तो मारो”, का वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
Lotlota Rakhad Dam Dispute
Lotlota Rakhad Dam Dispute
वीडियो वायरल होते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे ग्रामीणों के साथ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक है। अब ग्रामीण इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लोतलोता राखड़ डैम पहले से ही पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को लेकर विवादों में रहा है। ऐसे में अधिकारी का कथित बयान सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। सोशल मीडिया पर भी वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
Lotlota Rakhad Dam Dispute
Lotlota Rakhad Dam Dispute
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पांडे की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
कोरबा – Korba Breaking News : 16 जुलाई। मानिकपुर चौकी क्षेत्र के दादर इलाके में गुरुवार शाम आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में एक 5 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर तत्काल नियंत्रण के लिए प्रशासन से विशेष अभियान चलाने की मांग की हैँ.
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मृतक की पहचान प्रकाश पटेल (5 वर्ष) के रूप में हुई है। वह किशोर पटेल का पुत्र था और पहली कक्षा का छात्र था। परिवार मूल रूप से जांजगीर-चांपा जिले का निवासी है तथा वर्तमान में दादर क्षेत्र में मजदूरी कर जीवन-यापन कर रहा है।
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परिजनों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 4 बजे किशोर पटेल एक मकान में मजदूरी कर रहे थे। इसी दौरान प्रकाश उनसे मिलने पहुंचा। कुछ देर बाद वह अकेले घर लौटने लगा। रास्ते में 5 से 6 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर अचानक हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को जमीन पर गिराकर बुरी तरह नोच डाला।
बेटे की चीख-पुकार सुनकर पिता मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि कुत्ते बच्चे को घसीटते हुए लगातार काट रहे थे। किसी तरह कुत्तों को भगाकर गंभीर रूप से घायल प्रकाश को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे के सिर, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए।
घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस अस्पताल पहुंची। अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि दादर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे पहले भी राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर कुत्तों के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष है।
ग्रामीणों और परिजनों ने जिला प्रशासन एवं नगर निगम से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने तथा उनकी बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।