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IFS Transfer Breaking : कटघोरा DFO सहित 24 IFS अफसरों का हुआ तबादला, देखें सूची

IFS Transfer Breaking 

रायपुर IFS Transfer Breaking : छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य शासन ने 24 भारतीय वन सेवा अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं।

IFS Transfer Breaking 

इस तबादला सूची में जितेंद्र कुमार उपाध्याय को कटघोरा वनमंडल का नया वनमंडलाधिकारी बनाया गया है। सरकार के आदेश के बाद कई वन मंडलों और महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कटघोरा, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, कांकेर, बस्तर, सूरजपुर, कोरिया, दुर्ग और मनेन्द्रगढ़ समेत कई वन क्षेत्रों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं। देखिये पूरी सूची….

IFS Transfer Breaking :

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Rescue of a small King Cobra : सबसे छोटे किंग कोबरा के रेस्क्यू ने बदली धारणा, कोरबा में हो रहा है ‘किंग कोबरा‘ का प्राकृतिक प्रजनन

कोरबा, छत्तीसगढ़ – Rescue of a small King Cobra : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बालकों वन परिक्षेत्र अंतर्गत अजगरबहार गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब लवभूषण प्रतापसिंह तंवर के घर शाम 5 बजे के लगभग  बाथरूम में एक किनारे एक छोटा किंग कोबरा (पहाड़ चित्ती) दिखाई दिया, जिसके बाद तत्काल इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम प्रमुख (नोवा नेचर) के सदस्य  जितेंद्र सारथी को दिया फिर समय गंवाए सारथी ने इसकी सूचना वन मण्डलाधिकारी प्रेमलता यादव को दिया फिर उनके निर्देशानुसार  उपवनमंडलाधिकारी उत्तर कोरबा रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन एवं बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार के नेतृत्व में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अजगरबहार पहुंची टीम के सदस्य राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, कमलेश गोड, नरेश गोड ने वैज्ञानिक एवं सुरक्षित पद्धति से किंग कोबरा का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू थैले में रखा,

तब जाकर घर वालों ने राहत भरी सांस लिया फिर डिप्टी रेंजर अनिल कंवर ने आवश्यक पंचनामा की प्रक्रिया पूर्ण किया फिर कुछ देर बाद किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया, जिसमें रेस्क्यु रिस्पॉन्स टीम के दिल गोड, दिलीप कंवर, देव मरावी, गौतम गोड, राम गोड , देवेंद्र गोड, सतीश तंवर, महीपत कवर एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

Rescue of a small King Cobra

Rescue of a small King Cobra 
Rescue of a small King Cobra

जितेंद्र सारथी ने बताया कि किंग कोबरा लगातार डॉक्यूमेंट हो रहे हैं और यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस जिले में किंग कोबरा का सफल प्रजनन हो रहा है, यह जिले की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का सकारात्मक प्रमाण है।

उन्होंने बताया कि किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के शेड्यूल-I में संरक्षित प्रजाति है,इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, किंग कोबरा मुख्य रूप से अन्य सर्पों का शिकार करता है, जिससे प्राकृतिक रूप से जहरीले सांपों की संख्या संतुलित रहती है और पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ बना रहता है।

Rescue of a small King Cobra

बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी किंग कोबरा दिखाई दे तो उसे पकड़ने, छेड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें बल्कि तत्काल वन विभाग को सुचित करें ताकि सही समय पर पहुंच कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर पुनः जंगल में छोड़ा जा सके।

नोवा नेचर संस्था जो कि वन विभाग के साथ मिलकर 2021 से किंग कोबरा के संरक्षण पर काम कर रही, जो बीहड़ क्षेत्रों में जाकर जन जागरूकता का काम कर रही साथ ही किंग कोबरा रेस्पॉन्स टीम बनाकर  किंग कोबरा के संरक्षण पर जोर दे रही हैं।

कोरबा जिले में किंग कोबरा कंजर्वेशन रिज़र्व बनाने आम जन की अपील Rescue of a small King Cobra

यह कोरबा जिले के लिए प्रतिष्ठा की बात हैं कि ऐसा दुर्लभ जीव मध्य भारत में सिर्फ यहीं पाया जा रहा हैं। ऐसे जीव के संरक्षण के लिए कंजर्वेशन रिज़र्व या अभ्यारण्य बनाने की जरूरत हैं जिससे इनके संरक्षण के साथ साथ स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के भी अवसर बन सकें।

नए बीटीएपी एल्यूमिना रेलवे रेक के साथ बालको ने आपूर्ति श्रृंखला को किया और मजबूत

बालकोनगर, 31 जुलाई, 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने रेलवे यार्ड में दूसरा बीटीएपी (बोगी टैंक एल्यूमिना पाउडर) एम-1 (बी12) रेलवे रेक शामिल किया है। यह कंपनी की प्रचालन दक्षता बढ़ाने, एल्यूमिना की बिना रूकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता (1 एमटीपीए) के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।

एल्यूमिना एल्यूमिनियम उत्पादन का प्रमुख कच्चा माल है और इसकी समयबद्ध उपलब्धता उत्पादन प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिदिन हजारों टन एल्यूमिना लंबी दूरी तय कर बालको के संयंत्र तक पहुंचता है। ऐसे में इसकी सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना कंपनी के संचालन की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय रेलवे की लिबरलाइज्ड स्पेशल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर (एलएसएफटीओ) योजना के तहत शामिल किए गए इस नए रेलवे रेक से रेल आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी, बड़ी मात्रा में एल्यूमिना का अधिक सुरक्षित एवं नियमित परिवहन संभव होगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत में दीर्घकालिक दक्षता आएगी। रेल परिवहन के माध्यम से सामग्री की आवाजाही अधिक व्यवस्थित, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।

यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। रेल परिवहन के बढ़ते उपयोग से लॉजिस्टिक्स से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है, जो वेदांता के वर्ष 2050 तक नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य के अनुरूप है।

नया रेलवे रेक बालको के आधुनिक डिजिटल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है। 24×7 कंट्रोल टॉवर के माध्यम से जीपीएस आधारित रियल-टाइम ट्रैकिंग, संयंत्र परिसर में केंद्रीयकृत सीसीटीवी निगरानी तथा सस्टेनेबल प्रचालन मॉनिटरिंग से सामग्री की आवाजाही पर निरंतर नजर रखी जाती है। इससे त्वरित निर्णय लेने, बेहतर समन्वय स्थापित करने और संपूर्ण सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।

यह रेलवे रेक केवल परिवहन अवसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्मार्ट, मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में बालको की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। यह निवेश उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित करने, प्रचालन क्षमता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए बालको आधुनिक तकनीक, कुशल लॉजिस्टिक्स और टिकाऊ विकास के माध्यम से देश के एल्यूमिनियम उद्योग में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शोक समाचार : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र वासन का निधन, हैदराबाद के एक अस्पताल में ली अंतिम सांस

कोरबा : कोरबा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सत्येंद्र वासन का आज हैदराबाद के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार सहित इष्ट मित्रों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओ में मातम पसर गया.

 

Free Skin & Hair Services : एडवांस डायग्नोस्टिक में 3 अगस्त को स्किन,हेयर एंड लेजर का नि:शुल्क परामर्श शिविर, इस नंबर पर पंजीयन करावें

Free Skin & Hair Services
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कोरबा।Free Skin & Hair Services : एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, निहारिका द्वारा 3 अगस्त सोमवार को नि:शुल्क स्किन, हेयर एंड लेजर परामर्श फ्री ओपीडी शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता मरीजों को त्वचा एवं बालों से संबंधित समस्याओं पर विशेषज्ञ सलाह देंगे।

Free Skin & Hair Services

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शिविर के दौरान मुंहासे, दाग-धब्बे, झाइयां, बाल झड़ना, डैंड्रफ, एलर्जी, फंगल संक्रमण, पिगमेंटेशन सहित विभिन्न त्वचा एवं हेयर संबंधी समस्याओं की जांच कर उचित उपचार एवं परामर्श प्रदान किया जाएगा। साथ ही विभिन्न स्किन प्रोसीजर पर विशेष छूट का लाभ भी मरीजों को दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि डॉ. अंकित गुप्ता त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ हैं तथा उन्हें इस क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव है।

Free Skin & Hair Services 

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शिविर का उद्देश्य लोगों को त्वचा एवं बालों की समस्याओं के प्रति जागरूक करना तथा समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। यह पूर्णः नि:शुल्क ओपीडी 3 अगस्त सोमवार को प्रथम तल, एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, निहारिका में आयोजित होगी। जो सुबह 10:00 से दोपहर 2:00 बजे तक तथा शाम 5:00 से रात 8:00 बजे तक रहेगा। अस्पताल प्रबंधन ने अधिक से अधिक लोगों से इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।

इच्छुक व्यक्ति पूर्व पंजीकरण एवं अधिक जानकारी के लिए 7879165185 पर संपर्क कर सकते हैं।

helplessness of the elderly : 17 महीने में 32 वरिष्ठ नागरिकों ने छोड़ा स्नेह सदन,उप संचालक हरीश सक्सेना का कुप्रबंधन, सरकारी वृद्धाश्रम बना ‘बेबस बुजुर्गों’ का पलायन केंद्र?

helplessness of the elderly 
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कोरबा।helplessness of the elderly :  समाज कल्याण विभाग, कोरबा द्वारा संचालित स्नेह सदन वृद्धाश्रम एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। जनवरी 2025 से मई 2026 तक महज 17 महीनों में 32 वरिष्ठ नागरिकों ने वृद्धाश्रम छोड़ दिया, जबकि वर्तमान में यहां केवल 20 बुजुर्ग ही निवासरत हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस वृद्धाश्रम से लगातार हो रहा बुजुर्गों का पलायन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।

helplessness of the elderly 

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सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित भंडारा गृह भवन को डीएमएफ मद से एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 60 सीटर स्नेह सदन वृद्धाश्रम में परिवर्तित किया गया था। इसके संचालन के लिए भी प्रतिमाह बड़ा बजट निर्धारित है। बावजूद इसके, आश्रय गृह से लगातार बुजुर्गों के वापस लौटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सूचना का अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 में 8 बुजुर्गों ने प्रवेश लिया था, लेकिन उसी महीने 3 बुजुर्ग आश्रम छोड़कर चले गए। इसके बाद लगभग हर महीने किसी न किसी बुजुर्ग ने वृद्धाश्रम छोड़ दिया। मई 2026 तक कुल 32 वरिष्ठ नागरिक आश्रम से वापस जा चुके हैं।

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सूत्रों के अनुसार, स्नेह सदन में भारी अव्यवस्था, उपेक्षा और प्रबंधन की खामियों को लेकर कई बुजुर्गों ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना और परिवीक्षा अधिकारी मुकेश दिवाकर से शिकायत भी की थी। आरोप है कि इन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी यह भी सामने आई है कि नगर पालिक निगम के सर्वमंगला जोन प्रभारी ने भी समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई थी, लेकिन हालात में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं आया।

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वृद्धाश्रम के संचालन को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को प्रवेश देने के बजाय चयन मनमाने तरीके से किया जाता है, जिसके कारण कई पात्र बुजुर्गों को आश्रय नहीं मिल सका। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपये की लागत और नियमित बजट के बावजूद बुजुर्ग स्वयं वृद्धाश्रम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं, तो आखिर जिम्मेदार कौन है? क्या समाज कल्याण विभाग इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर व्यवस्था में सुधार करेगा, या फिर स्नेह सदन केवल कागजों में ही “स्नेह” का प्रतीक बनकर रह जाएगा?

Balco : वेदांता एल्युमिनियम का मुनाफा 205 प्रतिशत बढ़कर ₹6,597 करोड़, एबिटडा 134% बढ़कर ₹10,499 करोड़

मुंबई, 30 जुलाई 2026: भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (बीएसई: 544780 और एनएसई: वीएएमएल) ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की। एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के बोर्ड ने ₹8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।

कंपनी की आय बढ़कर अब तक के सबसे अधिक ₹21,105 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी बिक्री की मात्रा और बेहतर कीमत मिलने के कारण हुई। कंपनी का एबिटडा बढ़कर रिकॉर्ड ₹10,499 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 24 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 134 प्रतिशत अधिक है। लागत पर बेहतर नियंत्रण के कारण कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 50 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का मुनाफा ₹6,597 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 33 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 205 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। कंपनी ने कर्ज कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के 1.3 गुना से सुधरकर 0.9 गुना हो गया। लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, क्रिसिल और आईसीआरए दोनों ने वेदांता एल्युमिनियम की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर एए प्लस (स्टेबल) कर दी है।

कंपनी का एल्युमिनियम उत्पादन बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 632 किलो टन रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 389 किलो टन हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन रहा, जो रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और संयंत्रों के बेहतर उपयोग के कारण पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।

भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी के रूप में, वेदांता एल्युमिनियम दुनिया के सबसे मजबूत और प्रतिस्पर्धी, पूरी तरह से एकीकृत एल्युमिनियम कारोबारों में से एक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए कंपनी कच्चे माल की नियमित और सुरक्षित उपलब्धता को लगातार मजबूत कर रही है।

कंपनी के पहली तिमाही के प्रदर्शन पर बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ श्री राजेश कुमार ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमने इस तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ अपनी नई शुरुआत की है। यह हमारे मजबूत कामकाज, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने और भविष्य की सोच का परिणाम है। बदलते वैश्विक माहौल में कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, कामकाज को बेहतर बनाने और अधिक मूल्य वाले उत्पादों पर हमारा ध्यान हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इससे हमें लगातार और लंबे समय तक विकास करने में भी मदद मिल रही है। इन प्रयासों के जरिए हम भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार एक मजबूत कंपनी बना रहे हैं। साथ ही, हम अपने सभी हितधारकों के लिए लंबे समय तक बेहतर मूल्य बनाने, लागत को कम रखने और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत एल्युमिनियम कारोबार तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य वित्त अधिकारी श्री अनुप अग्रवाल ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमारी पहली तिमाही की शुरुआत मजबूत रही। कंपनी ने ₹21,105 करोड़ की रिकॉर्ड आय, ₹10,499 करोड़ का एबिटडा और ₹6,597 करोड़ का पीएटी दर्ज किया। हम मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर बैलेंस शीट और बेहतर क्रेडिट रेटिंग के साथ इस नए चरण में आगे बढ़ रहे हैं। इससे हमें अपनी रणनीतिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। दुनिया की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक के रूप में, हम अपनी एकीकृत उत्पादन श्रृंखला और लगातार बढ़ते वैल्यू-एडेड उत्पादों के माध्यम से भारत और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा बदलाव, बुनियादी ढांचे, परिवहन, पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।”

*वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ईएसजी की प्रमुख उपलब्धियां*

• समुदायों का विकास | सामाजिक पहल: वेदांता एल्युमिनियम ने जरूरत के अनुसार किए गए सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक मदद पहुंचाई। कौशल विकास पहलों के जरिए 72,000 लोगों को सशक्त बनाया और विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से 27 लाख महिलाओं और बच्चों को सहयोग दिया।

• पर्यावरण के लिए पहल | प्रमुख उपलब्धियां:

o स्वच्छ ऊर्जा: वेदांता एल्युमिनियम द्वारा इस्तेमाल की गई नवीकरणीय ऊर्जा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट हो गई। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को मदद मिली। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और ऊर्जा बचाने के उपायों से कंपनी के ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में पिछले साल की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई। यह वित्त वर्ष 2021 की तुलना में 11.6 प्रतिशत कम है।

o जल संरक्षण: कंपनी ने लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का दोबारा उपयोग किया। साथ ही, पानी को फिर से इस्तेमाल करने, उसे दोबारा उपयोग में लाने और अन्य जल स्रोतों का उपयोग करके ताजे पानी की खपत कम की।

o कचरे से उपयोगी संसाधन: कंपनी ने 120 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग किया, जिसमें पहले से जमा फ्लाई ऐश भी शामिल है। साथ ही, रेड-टू-ग्रीन पहल के तहत रेड मड का दोबारा उपयोग बढ़ाया।

o जैव विविधता संरक्षण: कंपनी ने स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने और खदान क्षेत्रों को फिर से बेहतर बनाने पर ध्यान देते हुए जैव विविधता से जुड़ी अपनी पहलें आगे बढ़ाईं। अब तक कंपनी ने कुल 29 लाख पेड़ लगाए हैं।

• कार्यस्थल को बेहतर बनाना | कर्मचारियों से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां: वेदांता एल्युमिनियम ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा को और मजबूत किया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की तुलना में कंपनी के सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार हुआ। इस दौरान काम के दौरान होने वाली ऐसी चोटों की संख्या में कमी आई, जिनके कारण कर्मचारियों को काम से छुट्टी लेनी पड़ी। साथ ही, ऐसी चोटों की दर में भी सुधार हुआ।

कंपनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यस्थलों पर अधिक दौरे, नियमित सुरक्षा चर्चा, महत्वपूर्ण जोखिमों के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था और हर कार्यस्थल की जरूरत के अनुसार किए गए उपायों के माध्यम से कार्यस्थल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। कंपनी ने कार्यस्थल पर सभी के लिए बेहतर अवसर बढ़ाने के लिए 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी और एलजीबीटीक्यू प्लस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक की। इससे कार्यस्थल को अधिक समावेशी और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार बनाने में मदद मिली।

शोक समाचार : प्रॉपर्टी डीलर राजू मकवाना की धर्म पत्नी चन्द्रिका मकवाना का निधन शाम 4 बजे अंतिम यात्रा 

कोरबा 30 जुलाई : स्थानीय गांजा गली निवासी एवं गुजराती समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री विनोद “राजू भाई” मकवाना की धर्मपत्नी, श्रीमती चंद्रिका मकवाना (उम्र 58 वर्ष) का आज, गुरुवार 30 जुलाई की सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से ब्रेन स्ट्रोक के कारण अस्वस्थ थी।

 

​वह स्वाति नीरव हिंगू एवं आकाश मकवाना की माता तथा उमेश मकवाना की चाची थीं। उनके निधन की खबर से स्थानीय निवासियों एवं गुजराती समाज में शोक की लहर व्याप्त है।

 

​उनकी अंतिम यात्रा आज 30 जुलाई की शाम 4:00 बजे उनके निज निवास (गांजा गली) से निकलेगी तथा मोतीसागर पारा स्थित मुक्तिधाम जाएगी, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

बालको के माध्यम से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो रहा है: लखन लाल देवांगन

बालकोनगर, 28 जुलाई, 2026।भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने स्थानीय समुदाय को समर्पित चिल्ड्रेंस पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा विशिष्ट अतिथि कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने फीता काटकर पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बालको के मुख्य कॉर्पोरेट अफेयर्स एवं प्रशासन अधिकारी कैप्टन धनंजय मिश्रा, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

लगभग 13,000 वर्ग फुट में विकसित यह पार्क पहले एक अनुपयोगी एवं कचरा-प्रभावित क्षेत्र था, जिसे विकसित कर बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित और आधुनिक सामुदायिक स्थल के रूप में परिवर्तित किया गया है। पार्क में बच्चों के लिए झूले, ओपन जिम, एक्यूप्रेशर पाथवे, हरित लॉन तथा परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए अरेका पाम का रोपण किया गया है। पार्क के रखरखाव को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा संचालित जल आपूर्ति प्रणाली भी स्थापित की गई है।

लोकार्पण के पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने पार्क का भ्रमण कर बच्चों के खेल उपकरण, ओपन जिम, एक्यूप्रेशर पाथवे, हरित लॉन तथा अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। साथ ही समुदाय के लिए विकसित इस जनहितकारी पहल की सराहना की।

मुख्य अतिथि श्री लखन लाल देवांगन ने कहा, “बालको के माध्यम से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक भवन, नाली निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों के माध्यम से कंपनी क्षेत्र की उन्नति और तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। कोरबा में औद्योगिक विकास के कारण प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।”

विशिष्ट अतिथि श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा, “बालको निरंतर क्षेत्र के विकास को नई गति दे रहा है। सामुदायिक भवन, आधुनिक पार्क, सड़क निर्माण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास में कंपनी का महत्वपूर्ण योगदान है। कंपनी द्वारा किए गए कार्य क्षेत्र के प्रत्येक हिस्से में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।”

इस अवसर पर परसाभाठा के पार्षद श्री बद्री किरण ने चिल्ड्रेंस पार्क को लेकर बालको के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बालको आसपास के क्षेत्रों में निरंतर जनहितकारी कार्य कर रहा है। उन्नति परियोजना के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा मशरूम उत्पादन, कोसाकारी सहित विभिन्न आजीविका कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कंपनी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ आंगनवाड़ी एवं विद्यालयों के उन्नयन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने नागरिकों से पार्क को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यह सामुदायिक संपत्ति है और इसकी देखभाल हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

यह पहल समुदाय के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने तथा स्वस्थ एवं बेहतर जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हाल के महीनों में कंपनी ने सामुदायिक भवन, सड़क, पार्क एवं अन्य आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं को पूर्ण कर स्थानीय प्रशासन एवं समुदाय को समर्पित किया है। इन पहलों के माध्यम से बालको आसपास के क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार तथा सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

74 वर्षीय दिव्यांग के साथ ये कैसा न्याय,समाज कल्याण के उप संचालक हरीश सक्सेना का अमानवीय चेहरा,5 महीने तक व्हील चेयर नहीं दिया और अखबारों में चलवाई झूठी खबर

कोरबा। कोरबा के समाज कल्याण विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशांति वृद्धाश्रम प्रबंधन ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने न केवल 74 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग हीरालाल चौहान को पांच महीने तक उनकी आवश्यकता के अनुरूप व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई, बल्कि जनसंपर्क विभाग के माध्यम से भ्रामक और गलत सूचना जारी कर पूरे मामले को छिपाने की कोशिश भी की।

संस्था द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को उप संचालक समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर हीरालाल चौहान के लिए बड़ी साइज की व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि वृद्धाश्रम में उपलब्ध व्हीलचेयर आकार में छोटी हैं तथा उपयोग में लाई जा रही व्हीलचेयर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। संस्था का कहना है कि कई बार मौखिक अनुरोध और 27 अप्रैल 2026 को कलेक्टर को लिखित शिकायत देने के बाद भी व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी बीच 26 मई 2026 को समाज कल्याण विभाग की ओर से जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एक समाचार जारी कराया गया, जिसमें दावा किया गया कि 19 दिसंबर 2025 को ही हितग्राही हीरालाल चौहान को व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई थी। संस्था ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि दिसंबर 2025 में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम, जबलपुर द्वारा वृद्धाश्रम को 10 व्हीलचेयर दी गई थीं, लेकिन वे सभी छोटे आकार की थीं और हीरालाल चौहान के उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं थीं। संस्था के अनुसार, विभाग ने इसी तथ्य को छिपाकर गलत सूचना जारी की। मामला तब और गंभीर हो गया जब 16 जुलाई 2026 को 74 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग हीरालाल चौहान स्वयं ऑटो से समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंच गए। शिकायत के अनुसार, उनके कार्यालय पहुंचते ही विभाग ने तत्काल उनके उपयोग के अनुरूप बड़ी साइज की नई व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी। संस्था ने अपने आवेदन में सवाल उठाया है कि यदि विभाग का दावा सही था और 19 दिसंबर 2025 को ही उपयुक्त व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई थी, तो फिर 16 जुलाई 2026 को कार्यालय पहुंचने पर नई व्हीलचेयर क्यों दी गई? प्रशांति वृद्धाश्रम की संचालक संस्था ने आरोप लगाया है कि उप संचालक हरीश सक्सेना ने जानबूझकर एवं दुर्भावनापूर्वक एक दिव्यांग बुजुर्ग को आवश्यक सुविधा से वंचित रखा तथा बाद में जनसंपर्क विभाग के माध्यम से गलत जानकारी जारी कर प्रशासन और जनता को गुमराह किया। संस्था ने कलेक्टर से उप संचालक हरीश सक्सेना के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की मांग की है।