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Another death at Shivay Hospital : कमर दर्द के इलाज के लिए शिवाय हॉस्पिटल पहुंची महिला की मौत,शिवाय में सिलसिलेवार मौत से काबिलयत पर उठे सवाल, बिना लायसेंस मंत्री ने किया था उद्घाटन 

Another death at Shivay Hospital
Another death at Shivay Hospital

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़ ) Another death at Shivay Hospital : अद्योगिक नगरी कोरबा में भी अस्पतालों की होड़ ने सारे नियाम कायदो को धत्ता बताकर धन धान्य लोग भी इस अस्पताल उद्योग का हिस्सा बनते जा रहे हैँ जिन्हे सिर्फ इस बात से ही सरोकार हैँ की आने वाले मरीजों को जेब ढीली कैसे करनी हैँ उस पर इनका ध्यान रहता हैँ अब कोरबा में पांच माह पूर्व ही कोरबा विधायक एवं प्रदेश के आबकारी मंत्री के हाथो शिवाय हॉस्पिटल का उद्घाटन हुआ जबकि 8मार्च को उदघाटित इस हॉस्पिटटल का पंजीयन ही नहीं हुआ था लेकिन मंत्री जी को कौन रोक सकता हैँ. तब से शिवाय हॉस्पिटल विवादों में ही रहा हैँ एक नये मामले में कमर दर्द का इलाज कराने पहुंची एक महिला की जान चली गयी.

शिवाय हॉस्पिटल का कौन हैँ मालिक

Another death at Shivay Hospital 
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यहाँ एक बात गौर करने वाली हैँ की शिवाय हॉस्पिटल का मूल मालिक एक कांग्रेस का कदावार नेता और जिसका दूर दूर से मेडिकल से कोई नाता नहीं हैँ तब भी अन्य डाक्टरो के साथ मिलकर अस्पताल बनाने में करोडो रुपए का इन्वेस्ट कर दिया इससे साफ जाहिर हैँ की अगर कोई बिना डॉक्टर की डिग्री के इन्वेस्टमेंट कर्ता हैँ तो जाहिर सी बात हैँ की सेवा के लिए तो कदापि नहीं करेगा स्वाभाविक हैँ की उस हॉस्पिटल से करोडो अर्जित करना ही उनका मकसद होगा.

Another death at Shivay Hospital
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मामला लालूराम कालोनी निवासी श्रीमती सविता जायसवाल के आकस्मिक निधन का है। सोनाली ने बताया कि 04 अगस्त की रात्रि को माँ की कमर में दर्द उठा और उन्हें नजदीक होने के कारण शिवाय हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। भर्ती के समय डाक्टरों ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में गेप आ गया है और उन्हें रात्रि को एनआईवी सपोर्ट में रखा गया। तीन दिन बाद उन्हें वेंटिलेटर में रखते ही उनकी मौत हो गई।

एक्स-रे लेने पर पता चला रीढ़ की हड्डी में गेप है Another death at Shivay Hospital

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मृतक श्रीमती सविता जायसवाल पति सुनील जायसवाल (62) की पुत्री सोनाली ने रोते हुए बताया कि माँ को एडमिट करने के बाद एक्स-रे किया गया, जहां डाक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में गेप होना बताया और उन्हें एनआईवी सपोर्ट दिया गया। सोनाली के अनुसार डाक्टरों ने बताया कि माँ का आक्सीजन और ब्लड लेबल काफी कम है और उन्हें एनआईवी सपोर्ट देना पड़ेगा। रात्रि में माँ एनआईवी सपोर्ट को बार-बार निकाल देती थी, लेकिन रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों एवं स्टाफ ने लापरवाही बरती और एनआईवी सपोर्ट निकलने के कारण माँ की जान चली गई। सोनाली ने यह भी बताया कि हमें अंदर ही जाने नहीं दिया जाता था और लापरवाही के कारण माँ की जान चली गई।

 

बिना चेकअप चिकित्सकों ने फार्म भरा दिया-माँ का कंडीशन क्रिटिकल है-सोनाली Another death at Shivay Hospital 

Another death at Shivay Hospital 
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मृतका की बेटी सोनाली ने बताया कि जब माँ को एडमिट किया गया तो यहां के चिकित्सकों ने पहले कोरे फार्म पर साइन कराने की कोशिश की, लेकिन फार्म में लिखकर आने के बात कही गई तो बिना जांच माँ के कंडीशन को क्रिटिकल बताने वाले फार्म में साइन करा लिया, ताकि खुद का बचाव चिकित्सक कर सकें।

मामला बिगड़ते देख वेंटिलेशन में रखा और तत्काल माँ की मौत हो गई-सोनाली

 

मृतका श्रीमती सविता जायसवाल की बेटी सोनाली ने कहा कि तीन दिन तक माँ के ईलाज में लापरवाही की गई, खासकर रात्रि कालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही से माँ की जान आकस्मिक चली गई। एनआईवी सपोर्ट को माँ निकाल देती थी, लेकिन मरीज के पास न तो स्टाफ रहते थे और न ही चिकित्सक, जिसके कारण माँ की हालत बिगड़ी।

 

माँ की हालत बिगड़ते देख चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर में रख दिया और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। सोनाली ने कहा कि माँ की मौत सामान्य नहीं, बल्कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार शिवाय हास्पिटल है।

एनआईवी सपोर्ट की जगह पाईप क्यों नहीं लगाया चिकित्सकों ने

 

एक्स-रे और ईसीजी करने के बाद चिकित्सकों ने एनआईवी सपोर्ट लगाया, जबकि माँ उसे निकाल दिया करती थी। केस बिगड़ते देख डाक्टरों ने पाईप के जरिये ऑक्सिजन लेबल सामान्य करने के लिए बाद में पाईप लगाया, जबकि पहले ही लगा देना था। सोनाली ने शिवाय हास्पिटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह बात कही और कहा कि मेरी माँ की मौत का जिम्मेदार रात्रि कालीन स्टाफ है।

 

डाक्टरों से बात न कर पाएं, इसलिए बड़े-बड़े बाउंसर तैनात किए- शिवम

 

मृतका श्रीमती सविता जायसवाल के पुत्र शिवम ने माँ का कंडीशन जानने के लिए ईलाज कर रहे चिकित्सकों से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बताया कि शिवाय हास्पिटल प्रबंधन कई गुंडे किस्म के बाउंसर रख लिए हैं, जो डाक्टरों से मिलने ही नहीं दिए और कहते रहे जो भी बात करनी है हमसे करो और चिकित्सकों से मिलने ही नहीं दिए। शिवाय हास्पिटल में ईलाज हो न हो, गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसे मंदिर की जगह में सेवा होनी चाहिए, वहां गुंडागर्दी हो रही है। हास्पिटल जैसी जगह में बाउंसर रखना कहां तक उचित है? शिवम ने कहा- क्या डाक्टरों को अपने ईलाज में खुद को विश्वास नहीं है? नहीं तो बाउंसर रखने की जरूरत ही क्यों पड़ती?

 

ईलाज के नाम पर सिर्फ लूट का धंधा-प्रदीप जायसवाल

Another death at Shivay Hospital 
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मृतका के जेठ एवं पूर्व अनुविभागीय अधिकारी (जल संसाधन) प्रदीप जायसवाल ने बताया कि भाई बहू श्रीमती सविता जायसवाल की मौत लापरवाही की वजह से हुई है। शिवाय हास्पिटल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही यहां ढंग से ईलाज होता है। ईलाज के नाम पर सिर्फ मेडिकल लूट का धंधा खोल दिया गया है।

07 को सविता जायसवाल ने अंतिम सांस ली

 

लालू राम कॉलोनी निवासी प्रदीप जायसवाल के छोटे भाई सुनील जायसवाल की धर्मपत्नी सविता जायसवाल का 07 अगस्त को आकस्मिक निधन हो गया। दूसरे दिन दिनांक 8/8/26 दिन शनिवार को सुबह 11 बजे मोती सागरपारा मुक्तिधाम में सवित जायसवाल का अंतिम संस्कार किया गया।

दशगात्र के बाद मच सकता है बवाल

स्व.श्रीमती सविता जायसवाल की पुत्री सोनाली ने कहा कि अभी पूरा परिवार शोक में है, लेकिन हमारी माँ यूं ही नहीं चली गई। शिवाय हास्पिटल वाले रिफर भी नहीं किए और न ही बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए और ईलाज में पूरी लापरवाही बरती गई। डाक्टर फीस लूटने में लगे रहे और अच्छी खासी माँ चली गई। शिवाय हास्पिटल नहीं ले जाते तो माँ हमारी हमारे बीच ही रहती। अभी हम शोक में हैं, लेकिन माँ की मौत का हिसाब होगा।

 

बिना लायसेंस अवैध हास्पिटल का हो गया था आरंभ

 

शिवाय हॉस्पिटल अपने उद्घाटन से ही विवादों में घिरा रहा नर्सिंगहोम एक्ट के तहत शिवाय हास्पिटल ने बिना लायसेंस मंत्री से 08 मार्च को लोकार्पण करा दिया था, जो अवैध माना जा रहा था, लेकिन मंत्री के हाथों फीता कटवाने के बाद आखिर प्रबंधन को किसका डर हैँ थीम पर ही शिवाय हॉस्पिटल अपना काम कर रहा है. बताते चलें की शिवाय हॉस्पिटल के उद्घाटन के बाद लगातार हो रही मौतो ने शिवाय हॉस्पिटल को जड़ से हिला दिया हैँ लोगों की जुबान पर यह सुना जा सकता हैँ की शिवाय हॉस्पिटल यानि मौत का सौदागर वहां जाने से पहले लोगों में बेतहाशा खौफ देखने को मिलता हैँ.

हमारा काम मरीज की जान बचाना-डॉ. दिविक मित्तल

प्रतिक्रिया जानने शिवाय हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दिविक मित्तल से सम्पर्क किया गया, तो उन्होंने कहा-सविता जायसवाल का ईलाज हालांकि मैंने नहीं किया, लेकिन जो जानकारी है, उसके तहत मैं कह सकता हूं कि सविता जायसवाल क्रिटिकल कंडीशन में आई थीं, उनके लंग्स और किडनी में इंफेक्शन था। हमारा काम मरीज की जान बचाना होता है। मैं उनकी पूरी रिपोर्ट देखने के बाद ही पूरी जानकारी दे सकता हूं। इसे फोन पर नहीं बताया जा सकता, हास्पिटल में आकर मिलना पड़ेगा।

Free Dental OPD at NKH : NKH में 11 से 14 अगस्त तक नि:शुल्क डेंटल ओपीडी कैंप, पूर्व पंजीयन के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 

Free Dental OPD at NKH
Free Dental OPD at NKH

कोरबा।Free Dental OPD at NKH :  एनकेएच हॉस्पिटल द्वारा शहरवासियों के बेहतर दंत स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 11 से 14 अगस्त 2026 मंगलवार से शुक्रवार तक नि:शुल्क डेंटल ओपीडी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर अस्पताल के डेंटल विभाग में आयोजित होगा, जिसमें अनुभवी दंत चिकित्सक डॉ. द्विंकवल गंगवानी मरीजों की जांच एवं परामर्श प्रदान करेंगी। चार दिवसीय इस शिविर में दांतों एवं मुख स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की जांच की जाएगी। मरीजों को दांतों की सामान्य जांच, स्केलिंग एवं पॉलिशिंग, कैविटी की पहचान, मसूड़ों की जांच, दंत रोगों के उपचार संबंधी परामर्श तथा मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

Free Dental OPD at NKH

Free Dental OPD at NKH
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अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि कैंप के दौरान विभिन्न डेंटल प्रक्रियाओं पर विशेष छूट भी दी जाएगी। शिविर में पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा, जबकि सीमित स्लॉट होने के कारण इच्छुक मरीजों से समय रहते पंजीयन कराने की अपील की गई है। शिविर का समय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा। यह कैंप एनकेएच हॉस्पिटल, मंगलम विहार, कोसाबाड़ी, कोरबा में आयोजित किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाकर समय पर दांतों की जांच कराने और स्वस्थ दांत, स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की है। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए 8602599122 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

बालको केवल औद्योगिक उत्पादन तक सीमित नहीं है,बल्कि सामाजिक दायित्वों के लिए भी प्रतिबद्ध हैँ : लखन देवांगन

बालकोनगर, 08 अगस्त 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा अयोध्यापुरी में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, पार्षद श्री सरोज शांडिल्य, बालको के मुख्य कॉरपोरेट अफेयर्स एवं प्रशासन अधिकारी कैप्टन धनंजय मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

अयोध्यापुरी के सामुदायिक भूमि पूजन समारोह के अवसर पर लखन लाल देवांगन ने बालको प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा, “बालको केवल औद्योगिक उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों का भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन कर रहा है। सामुदायिक भवन जैसे विकास कार्य स्थानीय नागरिकों के सामाजिक आयोजनों और सामुदायिक विकास से जुड़े निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे। बालको क्षेत्र के चहुंमुखी विकास जैसे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निरंतर योगदान देकर स्थानीय समुदाय के जीवन को बेहतर बनाने का कार्य कर रहा है। उद्योग और समाज के इस सहयोग से कोरबा के विकास को नई गति मिल रही है।”

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने कहा, “हमें खुशी है कि बालको स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में समुदाय के विकास में अपनी भूमिका निभा रहा है। सामुदायिक भवन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के माध्यम से हम लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने, आपसी जुड़ाव बढ़ाने और समाज के समग्र विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

बालको की आधारभूत संरचना विकास पहल के तहत पिछले तीन वर्षों में सामूहिक प्रयासों से 85 से अधिक आधारभूत संरचना परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। इनमें सड़क, सामुदायिक भवन, बच्चों के पार्क, आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों का नवीनीकरण शामिल है। इन प्रयासों से 20 गांवों में 20,600 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।

क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत बालको आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के निर्माण और विकास में निरंतर योगदान दे रहा है। पिछले दो महीनों में कंपनी ने आधारभूत संरचना विकास कार्यक्रम के अंतर्गत नेहरू नगर सामुदायिक भवन, सिविक सेंटर स्थित जुबली पार्क और परसाभाठा में पार्क का निर्माण किया है। इन पहलों के माध्यम से बालको समुदाय के समग्र विकास और स्थानीय नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

IFS Transfer Breaking : कटघोरा DFO सहित 24 IFS अफसरों का हुआ तबादला, देखें सूची

IFS Transfer Breaking 

रायपुर IFS Transfer Breaking : छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य शासन ने 24 भारतीय वन सेवा अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं।

IFS Transfer Breaking 

इस तबादला सूची में जितेंद्र कुमार उपाध्याय को कटघोरा वनमंडल का नया वनमंडलाधिकारी बनाया गया है। सरकार के आदेश के बाद कई वन मंडलों और महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कटघोरा, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, कांकेर, बस्तर, सूरजपुर, कोरिया, दुर्ग और मनेन्द्रगढ़ समेत कई वन क्षेत्रों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं। देखिये पूरी सूची….

IFS Transfer Breaking :

IFS Transfer Breaking 

IFS Transfer Breaking 

 

Rescue of a small King Cobra : सबसे छोटे किंग कोबरा के रेस्क्यू ने बदली धारणा, कोरबा में हो रहा है ‘किंग कोबरा‘ का प्राकृतिक प्रजनन

कोरबा, छत्तीसगढ़ – Rescue of a small King Cobra : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बालकों वन परिक्षेत्र अंतर्गत अजगरबहार गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब लवभूषण प्रतापसिंह तंवर के घर शाम 5 बजे के लगभग  बाथरूम में एक किनारे एक छोटा किंग कोबरा (पहाड़ चित्ती) दिखाई दिया, जिसके बाद तत्काल इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम प्रमुख (नोवा नेचर) के सदस्य  जितेंद्र सारथी को दिया फिर समय गंवाए सारथी ने इसकी सूचना वन मण्डलाधिकारी प्रेमलता यादव को दिया फिर उनके निर्देशानुसार  उपवनमंडलाधिकारी उत्तर कोरबा रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन एवं बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार के नेतृत्व में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अजगरबहार पहुंची टीम के सदस्य राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, कमलेश गोड, नरेश गोड ने वैज्ञानिक एवं सुरक्षित पद्धति से किंग कोबरा का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू थैले में रखा,

तब जाकर घर वालों ने राहत भरी सांस लिया फिर डिप्टी रेंजर अनिल कंवर ने आवश्यक पंचनामा की प्रक्रिया पूर्ण किया फिर कुछ देर बाद किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया, जिसमें रेस्क्यु रिस्पॉन्स टीम के दिल गोड, दिलीप कंवर, देव मरावी, गौतम गोड, राम गोड , देवेंद्र गोड, सतीश तंवर, महीपत कवर एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

Rescue of a small King Cobra

Rescue of a small King Cobra 
Rescue of a small King Cobra

जितेंद्र सारथी ने बताया कि किंग कोबरा लगातार डॉक्यूमेंट हो रहे हैं और यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस जिले में किंग कोबरा का सफल प्रजनन हो रहा है, यह जिले की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का सकारात्मक प्रमाण है।

उन्होंने बताया कि किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के शेड्यूल-I में संरक्षित प्रजाति है,इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, किंग कोबरा मुख्य रूप से अन्य सर्पों का शिकार करता है, जिससे प्राकृतिक रूप से जहरीले सांपों की संख्या संतुलित रहती है और पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ बना रहता है।

Rescue of a small King Cobra

बालकों वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी किंग कोबरा दिखाई दे तो उसे पकड़ने, छेड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें बल्कि तत्काल वन विभाग को सुचित करें ताकि सही समय पर पहुंच कर उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर पुनः जंगल में छोड़ा जा सके।

नोवा नेचर संस्था जो कि वन विभाग के साथ मिलकर 2021 से किंग कोबरा के संरक्षण पर काम कर रही, जो बीहड़ क्षेत्रों में जाकर जन जागरूकता का काम कर रही साथ ही किंग कोबरा रेस्पॉन्स टीम बनाकर  किंग कोबरा के संरक्षण पर जोर दे रही हैं।

कोरबा जिले में किंग कोबरा कंजर्वेशन रिज़र्व बनाने आम जन की अपील Rescue of a small King Cobra

यह कोरबा जिले के लिए प्रतिष्ठा की बात हैं कि ऐसा दुर्लभ जीव मध्य भारत में सिर्फ यहीं पाया जा रहा हैं। ऐसे जीव के संरक्षण के लिए कंजर्वेशन रिज़र्व या अभ्यारण्य बनाने की जरूरत हैं जिससे इनके संरक्षण के साथ साथ स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के भी अवसर बन सकें।

नए बीटीएपी एल्यूमिना रेलवे रेक के साथ बालको ने आपूर्ति श्रृंखला को किया और मजबूत

बालकोनगर, 31 जुलाई, 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने रेलवे यार्ड में दूसरा बीटीएपी (बोगी टैंक एल्यूमिना पाउडर) एम-1 (बी12) रेलवे रेक शामिल किया है। यह कंपनी की प्रचालन दक्षता बढ़ाने, एल्यूमिना की बिना रूकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता (1 एमटीपीए) के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।

एल्यूमिना एल्यूमिनियम उत्पादन का प्रमुख कच्चा माल है और इसकी समयबद्ध उपलब्धता उत्पादन प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिदिन हजारों टन एल्यूमिना लंबी दूरी तय कर बालको के संयंत्र तक पहुंचता है। ऐसे में इसकी सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना कंपनी के संचालन की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय रेलवे की लिबरलाइज्ड स्पेशल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर (एलएसएफटीओ) योजना के तहत शामिल किए गए इस नए रेलवे रेक से रेल आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी, बड़ी मात्रा में एल्यूमिना का अधिक सुरक्षित एवं नियमित परिवहन संभव होगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत में दीर्घकालिक दक्षता आएगी। रेल परिवहन के माध्यम से सामग्री की आवाजाही अधिक व्यवस्थित, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।

यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। रेल परिवहन के बढ़ते उपयोग से लॉजिस्टिक्स से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है, जो वेदांता के वर्ष 2050 तक नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य के अनुरूप है।

नया रेलवे रेक बालको के आधुनिक डिजिटल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है। 24×7 कंट्रोल टॉवर के माध्यम से जीपीएस आधारित रियल-टाइम ट्रैकिंग, संयंत्र परिसर में केंद्रीयकृत सीसीटीवी निगरानी तथा सस्टेनेबल प्रचालन मॉनिटरिंग से सामग्री की आवाजाही पर निरंतर नजर रखी जाती है। इससे त्वरित निर्णय लेने, बेहतर समन्वय स्थापित करने और संपूर्ण सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।

यह रेलवे रेक केवल परिवहन अवसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्मार्ट, मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में बालको की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। यह निवेश उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित करने, प्रचालन क्षमता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए बालको आधुनिक तकनीक, कुशल लॉजिस्टिक्स और टिकाऊ विकास के माध्यम से देश के एल्यूमिनियम उद्योग में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शोक समाचार : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र वासन का निधन, हैदराबाद के एक अस्पताल में ली अंतिम सांस

कोरबा : कोरबा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सत्येंद्र वासन का आज हैदराबाद के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार सहित इष्ट मित्रों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओ में मातम पसर गया.

 

Free Skin & Hair Services : एडवांस डायग्नोस्टिक में 3 अगस्त को स्किन,हेयर एंड लेजर का नि:शुल्क परामर्श शिविर, इस नंबर पर पंजीयन करावें

Free Skin & Hair Services
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कोरबा।Free Skin & Hair Services : एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, निहारिका द्वारा 3 अगस्त सोमवार को नि:शुल्क स्किन, हेयर एंड लेजर परामर्श फ्री ओपीडी शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता मरीजों को त्वचा एवं बालों से संबंधित समस्याओं पर विशेषज्ञ सलाह देंगे।

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शिविर के दौरान मुंहासे, दाग-धब्बे, झाइयां, बाल झड़ना, डैंड्रफ, एलर्जी, फंगल संक्रमण, पिगमेंटेशन सहित विभिन्न त्वचा एवं हेयर संबंधी समस्याओं की जांच कर उचित उपचार एवं परामर्श प्रदान किया जाएगा। साथ ही विभिन्न स्किन प्रोसीजर पर विशेष छूट का लाभ भी मरीजों को दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि डॉ. अंकित गुप्ता त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ हैं तथा उन्हें इस क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव है।

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शिविर का उद्देश्य लोगों को त्वचा एवं बालों की समस्याओं के प्रति जागरूक करना तथा समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। यह पूर्णः नि:शुल्क ओपीडी 3 अगस्त सोमवार को प्रथम तल, एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, निहारिका में आयोजित होगी। जो सुबह 10:00 से दोपहर 2:00 बजे तक तथा शाम 5:00 से रात 8:00 बजे तक रहेगा। अस्पताल प्रबंधन ने अधिक से अधिक लोगों से इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।

इच्छुक व्यक्ति पूर्व पंजीकरण एवं अधिक जानकारी के लिए 7879165185 पर संपर्क कर सकते हैं।

helplessness of the elderly : 17 महीने में 32 वरिष्ठ नागरिकों ने छोड़ा स्नेह सदन,उप संचालक हरीश सक्सेना का कुप्रबंधन, सरकारी वृद्धाश्रम बना ‘बेबस बुजुर्गों’ का पलायन केंद्र?

helplessness of the elderly 
helplessness of the elderly 

कोरबा।helplessness of the elderly :  समाज कल्याण विभाग, कोरबा द्वारा संचालित स्नेह सदन वृद्धाश्रम एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। जनवरी 2025 से मई 2026 तक महज 17 महीनों में 32 वरिष्ठ नागरिकों ने वृद्धाश्रम छोड़ दिया, जबकि वर्तमान में यहां केवल 20 बुजुर्ग ही निवासरत हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस वृद्धाश्रम से लगातार हो रहा बुजुर्गों का पलायन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।

helplessness of the elderly 

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सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित भंडारा गृह भवन को डीएमएफ मद से एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 60 सीटर स्नेह सदन वृद्धाश्रम में परिवर्तित किया गया था। इसके संचालन के लिए भी प्रतिमाह बड़ा बजट निर्धारित है। बावजूद इसके, आश्रय गृह से लगातार बुजुर्गों के वापस लौटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सूचना का अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 में 8 बुजुर्गों ने प्रवेश लिया था, लेकिन उसी महीने 3 बुजुर्ग आश्रम छोड़कर चले गए। इसके बाद लगभग हर महीने किसी न किसी बुजुर्ग ने वृद्धाश्रम छोड़ दिया। मई 2026 तक कुल 32 वरिष्ठ नागरिक आश्रम से वापस जा चुके हैं।

helplessness of the elderly 

 

सूत्रों के अनुसार, स्नेह सदन में भारी अव्यवस्था, उपेक्षा और प्रबंधन की खामियों को लेकर कई बुजुर्गों ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना और परिवीक्षा अधिकारी मुकेश दिवाकर से शिकायत भी की थी। आरोप है कि इन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी यह भी सामने आई है कि नगर पालिक निगम के सर्वमंगला जोन प्रभारी ने भी समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई थी, लेकिन हालात में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं आया।

helplessness of the elderly

वृद्धाश्रम के संचालन को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को प्रवेश देने के बजाय चयन मनमाने तरीके से किया जाता है, जिसके कारण कई पात्र बुजुर्गों को आश्रय नहीं मिल सका। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपये की लागत और नियमित बजट के बावजूद बुजुर्ग स्वयं वृद्धाश्रम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं, तो आखिर जिम्मेदार कौन है? क्या समाज कल्याण विभाग इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर व्यवस्था में सुधार करेगा, या फिर स्नेह सदन केवल कागजों में ही “स्नेह” का प्रतीक बनकर रह जाएगा?

Balco : वेदांता एल्युमिनियम का मुनाफा 205 प्रतिशत बढ़कर ₹6,597 करोड़, एबिटडा 134% बढ़कर ₹10,499 करोड़

मुंबई, 30 जुलाई 2026: भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (बीएसई: 544780 और एनएसई: वीएएमएल) ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की। एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के बोर्ड ने ₹8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।

कंपनी की आय बढ़कर अब तक के सबसे अधिक ₹21,105 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी बिक्री की मात्रा और बेहतर कीमत मिलने के कारण हुई। कंपनी का एबिटडा बढ़कर रिकॉर्ड ₹10,499 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 24 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 134 प्रतिशत अधिक है। लागत पर बेहतर नियंत्रण के कारण कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 50 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का मुनाफा ₹6,597 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 33 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 205 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। कंपनी ने कर्ज कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के 1.3 गुना से सुधरकर 0.9 गुना हो गया। लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, क्रिसिल और आईसीआरए दोनों ने वेदांता एल्युमिनियम की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर एए प्लस (स्टेबल) कर दी है।

कंपनी का एल्युमिनियम उत्पादन बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 632 किलो टन रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 389 किलो टन हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन रहा, जो रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और संयंत्रों के बेहतर उपयोग के कारण पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।

भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी के रूप में, वेदांता एल्युमिनियम दुनिया के सबसे मजबूत और प्रतिस्पर्धी, पूरी तरह से एकीकृत एल्युमिनियम कारोबारों में से एक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए कंपनी कच्चे माल की नियमित और सुरक्षित उपलब्धता को लगातार मजबूत कर रही है।

कंपनी के पहली तिमाही के प्रदर्शन पर बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ श्री राजेश कुमार ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमने इस तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ अपनी नई शुरुआत की है। यह हमारे मजबूत कामकाज, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने और भविष्य की सोच का परिणाम है। बदलते वैश्विक माहौल में कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, कामकाज को बेहतर बनाने और अधिक मूल्य वाले उत्पादों पर हमारा ध्यान हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इससे हमें लगातार और लंबे समय तक विकास करने में भी मदद मिल रही है। इन प्रयासों के जरिए हम भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार एक मजबूत कंपनी बना रहे हैं। साथ ही, हम अपने सभी हितधारकों के लिए लंबे समय तक बेहतर मूल्य बनाने, लागत को कम रखने और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत एल्युमिनियम कारोबार तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य वित्त अधिकारी श्री अनुप अग्रवाल ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमारी पहली तिमाही की शुरुआत मजबूत रही। कंपनी ने ₹21,105 करोड़ की रिकॉर्ड आय, ₹10,499 करोड़ का एबिटडा और ₹6,597 करोड़ का पीएटी दर्ज किया। हम मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर बैलेंस शीट और बेहतर क्रेडिट रेटिंग के साथ इस नए चरण में आगे बढ़ रहे हैं। इससे हमें अपनी रणनीतिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। दुनिया की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक के रूप में, हम अपनी एकीकृत उत्पादन श्रृंखला और लगातार बढ़ते वैल्यू-एडेड उत्पादों के माध्यम से भारत और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा बदलाव, बुनियादी ढांचे, परिवहन, पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।”

*वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ईएसजी की प्रमुख उपलब्धियां*

• समुदायों का विकास | सामाजिक पहल: वेदांता एल्युमिनियम ने जरूरत के अनुसार किए गए सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक मदद पहुंचाई। कौशल विकास पहलों के जरिए 72,000 लोगों को सशक्त बनाया और विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से 27 लाख महिलाओं और बच्चों को सहयोग दिया।

• पर्यावरण के लिए पहल | प्रमुख उपलब्धियां:

o स्वच्छ ऊर्जा: वेदांता एल्युमिनियम द्वारा इस्तेमाल की गई नवीकरणीय ऊर्जा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट हो गई। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को मदद मिली। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और ऊर्जा बचाने के उपायों से कंपनी के ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में पिछले साल की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई। यह वित्त वर्ष 2021 की तुलना में 11.6 प्रतिशत कम है।

o जल संरक्षण: कंपनी ने लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का दोबारा उपयोग किया। साथ ही, पानी को फिर से इस्तेमाल करने, उसे दोबारा उपयोग में लाने और अन्य जल स्रोतों का उपयोग करके ताजे पानी की खपत कम की।

o कचरे से उपयोगी संसाधन: कंपनी ने 120 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग किया, जिसमें पहले से जमा फ्लाई ऐश भी शामिल है। साथ ही, रेड-टू-ग्रीन पहल के तहत रेड मड का दोबारा उपयोग बढ़ाया।

o जैव विविधता संरक्षण: कंपनी ने स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने और खदान क्षेत्रों को फिर से बेहतर बनाने पर ध्यान देते हुए जैव विविधता से जुड़ी अपनी पहलें आगे बढ़ाईं। अब तक कंपनी ने कुल 29 लाख पेड़ लगाए हैं।

• कार्यस्थल को बेहतर बनाना | कर्मचारियों से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां: वेदांता एल्युमिनियम ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा को और मजबूत किया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की तुलना में कंपनी के सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार हुआ। इस दौरान काम के दौरान होने वाली ऐसी चोटों की संख्या में कमी आई, जिनके कारण कर्मचारियों को काम से छुट्टी लेनी पड़ी। साथ ही, ऐसी चोटों की दर में भी सुधार हुआ।

कंपनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यस्थलों पर अधिक दौरे, नियमित सुरक्षा चर्चा, महत्वपूर्ण जोखिमों के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था और हर कार्यस्थल की जरूरत के अनुसार किए गए उपायों के माध्यम से कार्यस्थल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। कंपनी ने कार्यस्थल पर सभी के लिए बेहतर अवसर बढ़ाने के लिए 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी और एलजीबीटीक्यू प्लस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक की। इससे कार्यस्थल को अधिक समावेशी और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार बनाने में मदद मिली।