कोरबा : कोरबा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सत्येंद्र वासन का आज हैदराबाद के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार सहित इष्ट मित्रों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओ में मातम पसर गया.
कोरबा : कोरबा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सत्येंद्र वासन का आज हैदराबाद के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार सहित इष्ट मित्रों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओ में मातम पसर गया.
कोरबा।Free Skin & Hair Services : एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, निहारिका द्वारा 3 अगस्त सोमवार को नि:शुल्क स्किन, हेयर एंड लेजर परामर्श फ्री ओपीडी शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता मरीजों को त्वचा एवं बालों से संबंधित समस्याओं पर विशेषज्ञ सलाह देंगे।

शिविर के दौरान मुंहासे, दाग-धब्बे, झाइयां, बाल झड़ना, डैंड्रफ, एलर्जी, फंगल संक्रमण, पिगमेंटेशन सहित विभिन्न त्वचा एवं हेयर संबंधी समस्याओं की जांच कर उचित उपचार एवं परामर्श प्रदान किया जाएगा। साथ ही विभिन्न स्किन प्रोसीजर पर विशेष छूट का लाभ भी मरीजों को दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि डॉ. अंकित गुप्ता त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ हैं तथा उन्हें इस क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव है।

शिविर का उद्देश्य लोगों को त्वचा एवं बालों की समस्याओं के प्रति जागरूक करना तथा समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। यह पूर्णः नि:शुल्क ओपीडी 3 अगस्त सोमवार को प्रथम तल, एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, निहारिका में आयोजित होगी। जो सुबह 10:00 से दोपहर 2:00 बजे तक तथा शाम 5:00 से रात 8:00 बजे तक रहेगा। अस्पताल प्रबंधन ने अधिक से अधिक लोगों से इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।
इच्छुक व्यक्ति पूर्व पंजीकरण एवं अधिक जानकारी के लिए 7879165185 पर संपर्क कर सकते हैं।
कोरबा।helplessness of the elderly : समाज कल्याण विभाग, कोरबा द्वारा संचालित स्नेह सदन वृद्धाश्रम एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। जनवरी 2025 से मई 2026 तक महज 17 महीनों में 32 वरिष्ठ नागरिकों ने वृद्धाश्रम छोड़ दिया, जबकि वर्तमान में यहां केवल 20 बुजुर्ग ही निवासरत हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस वृद्धाश्रम से लगातार हो रहा बुजुर्गों का पलायन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।

सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित भंडारा गृह भवन को डीएमएफ मद से एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 60 सीटर स्नेह सदन वृद्धाश्रम में परिवर्तित किया गया था। इसके संचालन के लिए भी प्रतिमाह बड़ा बजट निर्धारित है। बावजूद इसके, आश्रय गृह से लगातार बुजुर्गों के वापस लौटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सूचना का अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 में 8 बुजुर्गों ने प्रवेश लिया था, लेकिन उसी महीने 3 बुजुर्ग आश्रम छोड़कर चले गए। इसके बाद लगभग हर महीने किसी न किसी बुजुर्ग ने वृद्धाश्रम छोड़ दिया। मई 2026 तक कुल 32 वरिष्ठ नागरिक आश्रम से वापस जा चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, स्नेह सदन में भारी अव्यवस्था, उपेक्षा और प्रबंधन की खामियों को लेकर कई बुजुर्गों ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना और परिवीक्षा अधिकारी मुकेश दिवाकर से शिकायत भी की थी। आरोप है कि इन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी यह भी सामने आई है कि नगर पालिक निगम के सर्वमंगला जोन प्रभारी ने भी समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई थी, लेकिन हालात में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं आया।
वृद्धाश्रम के संचालन को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को प्रवेश देने के बजाय चयन मनमाने तरीके से किया जाता है, जिसके कारण कई पात्र बुजुर्गों को आश्रय नहीं मिल सका। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपये की लागत और नियमित बजट के बावजूद बुजुर्ग स्वयं वृद्धाश्रम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं, तो आखिर जिम्मेदार कौन है? क्या समाज कल्याण विभाग इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर व्यवस्था में सुधार करेगा, या फिर स्नेह सदन केवल कागजों में ही “स्नेह” का प्रतीक बनकर रह जाएगा?
मुंबई, 30 जुलाई 2026: भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (बीएसई: 544780 और एनएसई: वीएएमएल) ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की। एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के बोर्ड ने ₹8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।
कंपनी की आय बढ़कर अब तक के सबसे अधिक ₹21,105 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी बिक्री की मात्रा और बेहतर कीमत मिलने के कारण हुई। कंपनी का एबिटडा बढ़कर रिकॉर्ड ₹10,499 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 24 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 134 प्रतिशत अधिक है। लागत पर बेहतर नियंत्रण के कारण कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 50 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का मुनाफा ₹6,597 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 33 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 205 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। कंपनी ने कर्ज कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के 1.3 गुना से सुधरकर 0.9 गुना हो गया। लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, क्रिसिल और आईसीआरए दोनों ने वेदांता एल्युमिनियम की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर एए प्लस (स्टेबल) कर दी है।
कंपनी का एल्युमिनियम उत्पादन बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 632 किलो टन रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 389 किलो टन हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन रहा, जो रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और संयंत्रों के बेहतर उपयोग के कारण पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।
भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी के रूप में, वेदांता एल्युमिनियम दुनिया के सबसे मजबूत और प्रतिस्पर्धी, पूरी तरह से एकीकृत एल्युमिनियम कारोबारों में से एक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए कंपनी कच्चे माल की नियमित और सुरक्षित उपलब्धता को लगातार मजबूत कर रही है।
कंपनी के पहली तिमाही के प्रदर्शन पर बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ श्री राजेश कुमार ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमने इस तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ अपनी नई शुरुआत की है। यह हमारे मजबूत कामकाज, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने और भविष्य की सोच का परिणाम है। बदलते वैश्विक माहौल में कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, कामकाज को बेहतर बनाने और अधिक मूल्य वाले उत्पादों पर हमारा ध्यान हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इससे हमें लगातार और लंबे समय तक विकास करने में भी मदद मिल रही है। इन प्रयासों के जरिए हम भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार एक मजबूत कंपनी बना रहे हैं। साथ ही, हम अपने सभी हितधारकों के लिए लंबे समय तक बेहतर मूल्य बनाने, लागत को कम रखने और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत एल्युमिनियम कारोबार तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य वित्त अधिकारी श्री अनुप अग्रवाल ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमारी पहली तिमाही की शुरुआत मजबूत रही। कंपनी ने ₹21,105 करोड़ की रिकॉर्ड आय, ₹10,499 करोड़ का एबिटडा और ₹6,597 करोड़ का पीएटी दर्ज किया। हम मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर बैलेंस शीट और बेहतर क्रेडिट रेटिंग के साथ इस नए चरण में आगे बढ़ रहे हैं। इससे हमें अपनी रणनीतिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। दुनिया की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक के रूप में, हम अपनी एकीकृत उत्पादन श्रृंखला और लगातार बढ़ते वैल्यू-एडेड उत्पादों के माध्यम से भारत और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा बदलाव, बुनियादी ढांचे, परिवहन, पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।”
*वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ईएसजी की प्रमुख उपलब्धियां*
• समुदायों का विकास | सामाजिक पहल: वेदांता एल्युमिनियम ने जरूरत के अनुसार किए गए सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक मदद पहुंचाई। कौशल विकास पहलों के जरिए 72,000 लोगों को सशक्त बनाया और विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से 27 लाख महिलाओं और बच्चों को सहयोग दिया।
• पर्यावरण के लिए पहल | प्रमुख उपलब्धियां:
o स्वच्छ ऊर्जा: वेदांता एल्युमिनियम द्वारा इस्तेमाल की गई नवीकरणीय ऊर्जा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट हो गई। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को मदद मिली। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और ऊर्जा बचाने के उपायों से कंपनी के ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में पिछले साल की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई। यह वित्त वर्ष 2021 की तुलना में 11.6 प्रतिशत कम है।
o जल संरक्षण: कंपनी ने लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का दोबारा उपयोग किया। साथ ही, पानी को फिर से इस्तेमाल करने, उसे दोबारा उपयोग में लाने और अन्य जल स्रोतों का उपयोग करके ताजे पानी की खपत कम की।
o कचरे से उपयोगी संसाधन: कंपनी ने 120 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग किया, जिसमें पहले से जमा फ्लाई ऐश भी शामिल है। साथ ही, रेड-टू-ग्रीन पहल के तहत रेड मड का दोबारा उपयोग बढ़ाया।
o जैव विविधता संरक्षण: कंपनी ने स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने और खदान क्षेत्रों को फिर से बेहतर बनाने पर ध्यान देते हुए जैव विविधता से जुड़ी अपनी पहलें आगे बढ़ाईं। अब तक कंपनी ने कुल 29 लाख पेड़ लगाए हैं।
• कार्यस्थल को बेहतर बनाना | कर्मचारियों से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां: वेदांता एल्युमिनियम ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा को और मजबूत किया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की तुलना में कंपनी के सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार हुआ। इस दौरान काम के दौरान होने वाली ऐसी चोटों की संख्या में कमी आई, जिनके कारण कर्मचारियों को काम से छुट्टी लेनी पड़ी। साथ ही, ऐसी चोटों की दर में भी सुधार हुआ।
कंपनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यस्थलों पर अधिक दौरे, नियमित सुरक्षा चर्चा, महत्वपूर्ण जोखिमों के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था और हर कार्यस्थल की जरूरत के अनुसार किए गए उपायों के माध्यम से कार्यस्थल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। कंपनी ने कार्यस्थल पर सभी के लिए बेहतर अवसर बढ़ाने के लिए 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी और एलजीबीटीक्यू प्लस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक की। इससे कार्यस्थल को अधिक समावेशी और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार बनाने में मदद मिली।
कोरबा 30 जुलाई : स्थानीय गांजा गली निवासी एवं गुजराती समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री विनोद “राजू भाई” मकवाना की धर्मपत्नी, श्रीमती चंद्रिका मकवाना (उम्र 58 वर्ष) का आज, गुरुवार 30 जुलाई की सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से ब्रेन स्ट्रोक के कारण अस्वस्थ थी।
वह स्वाति नीरव हिंगू एवं आकाश मकवाना की माता तथा उमेश मकवाना की चाची थीं। उनके निधन की खबर से स्थानीय निवासियों एवं गुजराती समाज में शोक की लहर व्याप्त है।
उनकी अंतिम यात्रा आज 30 जुलाई की शाम 4:00 बजे उनके निज निवास (गांजा गली) से निकलेगी तथा मोतीसागर पारा स्थित मुक्तिधाम जाएगी, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
बालकोनगर, 28 जुलाई, 2026।भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने स्थानीय समुदाय को समर्पित चिल्ड्रेंस पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा विशिष्ट अतिथि कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने फीता काटकर पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बालको के मुख्य कॉर्पोरेट अफेयर्स एवं प्रशासन अधिकारी कैप्टन धनंजय मिश्रा, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
लगभग 13,000 वर्ग फुट में विकसित यह पार्क पहले एक अनुपयोगी एवं कचरा-प्रभावित क्षेत्र था, जिसे विकसित कर बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित और आधुनिक सामुदायिक स्थल के रूप में परिवर्तित किया गया है। पार्क में बच्चों के लिए झूले, ओपन जिम, एक्यूप्रेशर पाथवे, हरित लॉन तथा परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए अरेका पाम का रोपण किया गया है। पार्क के रखरखाव को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा संचालित जल आपूर्ति प्रणाली भी स्थापित की गई है।
लोकार्पण के पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने पार्क का भ्रमण कर बच्चों के खेल उपकरण, ओपन जिम, एक्यूप्रेशर पाथवे, हरित लॉन तथा अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। साथ ही समुदाय के लिए विकसित इस जनहितकारी पहल की सराहना की।
मुख्य अतिथि श्री लखन लाल देवांगन ने कहा, “बालको के माध्यम से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक भवन, नाली निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों के माध्यम से कंपनी क्षेत्र की उन्नति और तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। कोरबा में औद्योगिक विकास के कारण प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।”
विशिष्ट अतिथि श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा, “बालको निरंतर क्षेत्र के विकास को नई गति दे रहा है। सामुदायिक भवन, आधुनिक पार्क, सड़क निर्माण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास में कंपनी का महत्वपूर्ण योगदान है। कंपनी द्वारा किए गए कार्य क्षेत्र के प्रत्येक हिस्से में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।”
इस अवसर पर परसाभाठा के पार्षद श्री बद्री किरण ने चिल्ड्रेंस पार्क को लेकर बालको के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बालको आसपास के क्षेत्रों में निरंतर जनहितकारी कार्य कर रहा है। उन्नति परियोजना के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा मशरूम उत्पादन, कोसाकारी सहित विभिन्न आजीविका कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कंपनी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ आंगनवाड़ी एवं विद्यालयों के उन्नयन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने नागरिकों से पार्क को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यह सामुदायिक संपत्ति है और इसकी देखभाल हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
यह पहल समुदाय के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने तथा स्वस्थ एवं बेहतर जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हाल के महीनों में कंपनी ने सामुदायिक भवन, सड़क, पार्क एवं अन्य आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं को पूर्ण कर स्थानीय प्रशासन एवं समुदाय को समर्पित किया है। इन पहलों के माध्यम से बालको आसपास के क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार तथा सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कोरबा। कोरबा के समाज कल्याण विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशांति वृद्धाश्रम प्रबंधन ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने न केवल 74 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग हीरालाल चौहान को पांच महीने तक उनकी आवश्यकता के अनुरूप व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई, बल्कि जनसंपर्क विभाग के माध्यम से भ्रामक और गलत सूचना जारी कर पूरे मामले को छिपाने की कोशिश भी की।
संस्था द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को उप संचालक समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर हीरालाल चौहान के लिए बड़ी साइज की व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि वृद्धाश्रम में उपलब्ध व्हीलचेयर आकार में छोटी हैं तथा उपयोग में लाई जा रही व्हीलचेयर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। संस्था का कहना है कि कई बार मौखिक अनुरोध और 27 अप्रैल 2026 को कलेक्टर को लिखित शिकायत देने के बाद भी व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी बीच 26 मई 2026 को समाज कल्याण विभाग की ओर से जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एक समाचार जारी कराया गया, जिसमें दावा किया गया कि 19 दिसंबर 2025 को ही हितग्राही हीरालाल चौहान को व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई थी। संस्था ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि दिसंबर 2025 में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम, जबलपुर द्वारा वृद्धाश्रम को 10 व्हीलचेयर दी गई थीं, लेकिन वे सभी छोटे आकार की थीं और हीरालाल चौहान के उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं थीं। संस्था के अनुसार, विभाग ने इसी तथ्य को छिपाकर गलत सूचना जारी की। मामला तब और गंभीर हो गया जब 16 जुलाई 2026 को 74 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग हीरालाल चौहान स्वयं ऑटो से समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंच गए। शिकायत के अनुसार, उनके कार्यालय पहुंचते ही विभाग ने तत्काल उनके उपयोग के अनुरूप बड़ी साइज की नई व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी। संस्था ने अपने आवेदन में सवाल उठाया है कि यदि विभाग का दावा सही था और 19 दिसंबर 2025 को ही उपयुक्त व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई थी, तो फिर 16 जुलाई 2026 को कार्यालय पहुंचने पर नई व्हीलचेयर क्यों दी गई? प्रशांति वृद्धाश्रम की संचालक संस्था ने आरोप लगाया है कि उप संचालक हरीश सक्सेना ने जानबूझकर एवं दुर्भावनापूर्वक एक दिव्यांग बुजुर्ग को आवश्यक सुविधा से वंचित रखा तथा बाद में जनसंपर्क विभाग के माध्यम से गलत जानकारी जारी कर प्रशासन और जनता को गुमराह किया। संस्था ने कलेक्टर से उप संचालक हरीश सक्सेना के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
रायपुर, 29 जुलाई।CG BJP State President accident. छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सड़क हादसे में घायल हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के झांसी-ललितपुर हाईवे पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उन्हें कमर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह है कि उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, किरण सिंह देव गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने परिवार के साथ बागेश्वर धाम गए थे। दर्शन के बाद लौटते समय झांसी और ललितपुर के बीच सामने से आ रहे एक वाहन को बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इससे कार अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई।

हादसे के समय किरण सिंह देव के साथ उनके पीएसओ (PSO) भी वाहन में मौजूद थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी में यात्रा कर रहे थे। दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
करीबी सूत्रों के अनुसार, किरण सिंह देव की स्थिति स्थिर है और किसी गंभीर खतरे की आशंका नहीं है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
शोक समाचार : पत्रकार धीरज दुबे को पितृ शोक,आज शाम 3:30 बजे अंतिम यात्रा
कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब के सदस्य, पत्रकार धीरज दुबे के पिता श्री सत्यनारायण दुबे, उम्र लगभग 61 वर्ष का बुधवार को आकस्मिक दुःखद निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे कि उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से परिजनों,व प्रेस क्लब के सदस्यों में शोक व्याप्त है। वे अपने पीछे पत्नी, पुत्री, पुत्र धीरज दुबे,नीरज दुबे सहित नाती-पोतों से भरा-पूरा परिवार रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। स्व. सत्यनारायण दुबे की अंतिम यात्रा सिंचाई कालोनी रामपुर स्थित निवास से अंतिम दर्शन उपरांत शाम 3.30 बजे प्रस्थान करेगी। पोड़ीबहार स्थित मुक्तिधाम में शाम 4 बजे उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
सक्ति : सक्ती जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दमाऊधारा में दोस्तों के साथ घूमने आए दुर्ग के एक 20 वर्षीय युवक के झरने में बह जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार को हुए हादसे के बाद देर शाम तक चले रेस्क्यू में सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा था, जिसे बुधवार सुबह फिर से शुरू कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक दुर्ग निवासी प्रतीक कंवर अपने पांच दोस्तों के साथ सक्ती जिले के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने आया था।
मंगलवार सुबह सभी दमाऊधारा पहुंचे, जहां चार युवक झरने के ऊपरी हिस्से में नहा रहे थे। इसी दौरान प्रतीक का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बहते हुए गहरे पानी में समा गया। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना मिलते ही नगरदा पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी, डीडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। मंगलवार देर शाम तक कई घंटे सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन युवक का कोई पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण अभियान रोक दिया गया था।

बुधवार सुबह एक बार फिर पुलिस और बचाव दल ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने बताया कि युवक की तलाश लगातार जारी है। पुलिस ने पर्यटकों से बारिश के मौसम में झरनों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।