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बालकोनगर में आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा उत्सव में उमड़े श्रद्धालु

बालकोनगर, 16 जुलाई। भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा का आयोजन बालकोनगर उत्कल भारती समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर बालको के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) श्री निकेत श्रीवास्तव सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं बड़ी संख्या में नगरवासी धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।

श्री निकेत श्रीवास्तव ने पूजा-अर्चना कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रद्धालुओं के साथ स्वयं रथ खींचकर इस पावन परंपरा में सहभागिता निभाई। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रथयात्रा के आगे चल रहे कर्मा नृत्य दल ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्सवमय बना दिया।

रथयात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर बालकोनगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रामलीला मैदान स्थित श्री गुंडिचा मंदिर पहुंची। यहां भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र की विधिवत स्थापना की गई तथा विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। आयोजन समिति के अनुसार 16 जुलाई से 24 जुलाई तक श्री गुंडिचा मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद वितरण एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बालकोनगर में पिछले 45 वर्षों से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। यह उत्सव केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक सहभागिता का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

Historic verdict by the CG High Court : बेवफा पत्नी को गुजारा भत्ता लेने का कोई हक़ नहीं हैँ

Historic verdict by the CG High Court
Historic verdict by the CG High Court

बिलासपुर : Historic verdict by the CG High Court :छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पत्नी का किसी अन्य पुरुष से संबंध साबित होता है, तो इसे एडल्ट्री माना जाएगा और ऐसी स्थिति में वह पति से भरण-पोषण की हकदार नहीं होगी.

शादी के बाद अगर किसी महिला का दूसरे गैर मर्द से अवैध संबंध है, तो वह अपने पति से गुजारा भत्ता वसूल नहीं कर सकती है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ऐसे ही मामले में कहा कि धोखेबाज पत्नी को पति से गुजारा भत्ता पाने का कोई अधिकार नहीं है. हाईकोर्ट का ये फैसला उन पति को एक बड़ी राहत है, जिन्हें पत्नी के बेवफाई के बाद अदालतों का चक्कर लगाने और अपनी कमाई लुटाने के लिए मजबूर होने पड़ता था.

 

हाईकोर्ट ने जशपुर की रहने वाली एक महिला और युवक के मामले में ये फैसला सुनाया है. इन दोनों की शादी 19 अप्रैल 2018 को हिंदू रीति-रिवाज के जरिए हुई थी. लेकिन शादी के बाद दोनों के बीच काफी झगड़ें और मनमुटाव होने लगा. शादी के महज 8 महीने बाद दोनों एक-दूसरे से अलग हो गए.

किन पत्नियों ने नहीं मिलेगा गुजारा भत्ता?Historic verdict by the CG High Court

Historic verdict by the CG High Court
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जब ये मामला कोर्ट तक पहुंचा, तो पत्नी ने अपने पति और परिवार पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए और साथ ही भारी गुजारे भत्ते की मांग की. अदालत में खुद को पीड़ित बताने के लिए महिला ने ससुरालवालों पर कई गंभीर आरोप लगाए. उसका कहना था कि पति उसके चरित्र पर शक करता है. जब भी वह किसी से बात करती थई, तो उसे शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया.

महिला ने आरोप लगाया कि 3 लाख रुपये दहेज के लिए वह से काफी परेशान हो गई. यहां तक की तंग आकर उसने खुदकुशी करने तक की कोशिश की. लेकिन ऐन वक्त पर ग्रामीणों ने उसे देख लिया और उसकी जान बचा ली. महिला इन सभी दुखों का हवाला देकर कोर्ट में गुजारा भत्ता की मांग करने लगी. लेकिन कहानी में उसकी ट्विस्ट तब आया जब पति ने अफेयर का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया.

पत्नी ने दिया पति को धोखा Historic verdict by the CG High Court

Historic verdict by the CG High Court
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जब पति ने पत्नी की बेवाफाई के सबूत अदालत के सामने पेश किए गए, तो पत्नी ने सबूत को झूठा साबित करने के लिए एक और बड़ा दावा कर डाला. महिला के वकील ने अदालत में बताया कि रायपुर फैमिली कोर्ट ने सबूत देख महिला को धोखेबाजी का दोषी करार दिया है. सभी आरोप फर्जी और मांग अवैध है. महीला का सीधा आरोप था कि उसके पति ने AI की मदद से नकली आवाज तैयार की और सबूत इक्ट्ठा किए. जिसके बाद कोर्ट ने सभी सबूतों की वैज्ञानिक जांच भी कराई.

महिला की याचिका हुई खारिज Historic verdict by the CG High Court

 

आखिरकार यह मामला बिलासपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच के सामने पहुंचा. कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनीं और निचली अदालत के रिकॉर्ड व मामले से जुड़े सबूतों की जांच की. जांच के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि रायपुर फैमिली कोर्ट के फैसले में कोई गलती नहीं है और पत्नी के खिलाफ पेश किए गए सबूत मजबूत हैं.

कोर्ट ने साफ कहा कि अगर कोई पत्नी अपनी इच्छा से किसी दूसरे पुरुष के साथ संबंध में रह रही है, तो वह पति से गुजारा भत्ता या आर्थिक सहायता मांगने की हकदार नहीं होगी. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद महिला की याचिका खारिज कर दी गई और फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा गया.

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को बालको पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोरबा। जिले में एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी शिवा मंझवार उर्फ शिव सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्कूटी को भी जब्त किया है।

पुलिस के अनुसार, घटना 10 जुलाई 2026 की है। करीब 14 वर्षीय किशोरी दोपहर के समय सोसायटी जाने के लिए घर से निकली थी। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले युवक ने भी सोसायटी जाने की बात कहकर किशोरी को अपनी स्कूटी पर बैठा लिया।

आरोप है कि रास्ते में युवक स्कूटी को बस्ती से आगे जंगल की ओर ले गया। वहां किशोरी को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद आरोपी किशोरी को जामबहार स्थित सोसायटी के पास लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक सोसायटी बंद हो चुकी थी।

इसके बाद किशोरी ने आरोपी के साथ वापस जाने से इनकार कर दिया और जामबहार में रहने वाली अपनी एक परिचित महिला के घर पहुंची। किशोरी ने महिला को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसे सुरक्षित घर पहुंचाया गया। परिजनों को घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।

आरोपी गिरफ्तार, स्कूटी जब्त

पुलिस के मुताबिक, 14 जुलाई को आरोपी शिवा मंझवार उर्फ शिव सिंह थाने पहुंचा। पूछताछ और विवेचना के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कूटी CG 12 BV 7078 को जब्त कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर 14 जुलाई को विधिवत गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की गई है।

कांग्रेस के पूर्व पार्षद महेश अग्रवाल की कथा या आत्मकथा कार्यकर्ता अब ‘यूज़र’ है, परिवार नहीं ?पढ़िए उनकी कलम से 

कोरबा ( ब्लैकआउट न्यूज़ )कांग्रेसबके पूर्व पार्षद महेश अग्रवाल का यह लेख सोशल मिडिया में वायरल है जिसमे उन्होंने राजनितिक दलों पर कटाक्ष करते हुए लिखा है हालांकि खुद भी कांग्रेस के नेता है और सक्रिय राजनीती में उनका बड़ा योगदान रहा है हालांकि यह स्पष्ट नहीं है की यह कथा है या आत्मकथा बहरहाल पढ़िए उनकी खुद की कलम से

एक समय था जब राजनीति में कार्यकर्ता सबसे बड़ी पूंजी होता था। आज समय बदल गया है। अब सबसे बड़ी पूंजी है—पद, प्रचार और प्रोफाइल फोटो। पहले नेता के घर का दरवाज़ा हमेशा खुला रहता था, आज विपरीत स्थिति है।

पहले कार्यकर्ता किसी भी जिले में किसी वरिष्ठ नेता जनप्रतिनिधि के यहां पहुंच जाए तो वहां का नेता कहता था नाश्ता करिए, चाय लीजिए —”भोजन करिए, फिर काम देखते हैं।” आज जवाब मिलता है—”भाई, पहले टाइम लेकर आते , फिर देखेंगे।”

पहले जेब में पैसे कम होते थे,गाड़िया तो यदा कदा किसी के पास होती थी, लेकिन दिल बहुत बड़ा होता था। आज गाड़ियों का काफिला लंबा है, लेकिन मिलने का समय छोटा पड़ गया है।

पहले संगठन की पहचान थी—सेवा।अब पहचान है—सेल्फी। पहले गद्रे स्मृति भवन से लिखा गया एक पत्र पूरे प्रदेश के लिए आदेश नहीं, अपनापन होता था। आज सैकड़ों व्हाट्सऐप ग्रुप हैं, हजारों संदेश हैं, लेकिन जरूरत के समय मुश्किल में कोई मिलता नहीं है।

पहले नेता पूछता था—”घर में सब ठीक है? खाना खाया?” आज पूछता है—”अगला चुनाव किसके साथ हो?” पहले कार्यकर्ता का बेटा बीमार पड़ जाए तो नेता अस्पताल पहुंच जाता था। आज कार्यकर्ता खुद अस्पताल में है और नेता सोशल मीडिया पर “शीघ्र स्वास्थ्य लाभ” लिखकर अपना कर्तव्य पूरा मान लेता है।

पहले राजनीति एक परिवार थी। मतभेद थे, लेकिन मनभेद नहीं थे। पद छोटे-बड़े हो सकते थे, लेकिन कार्यकर्ता कभी छोटा नहीं होता था।आज राजनीति में सबसे तेज़ विकास अगर किसी चीज़ का हुआ है, तो वह है ‘मैं’ का।”हम” धीरे-धीरे शब्दकोश से गायब हो गया है।

सबकी सुविधाएं बढ़ीं, संसाधन बढ़े, सबके एसी कार्यालय बन गए, लग्जरी गाड़ियां आ गईं, मोबाइल और सोशल मीडिया आ गए, लेकिन रास्ते में थके हुए कार्यकर्ता को देखकर गाड़ी रोक देने वाली संवेदना कहीं पीछे छूट गई।

आज राजनीति में संगठन कम और प्रबंधन अधिक दिखाई देता है। समर्पण कम और समीकरण अधिक दिखाई देते हैं। रिश्ते कम और नेटवर्क अधिक दिखाई देते हैं।

कड़वा है, लेकिन सच है—

पहले नेता कार्यकर्ता बनाता था,
आज कार्यकर्ता नेता बनाता है… और नेता बनने के बाद वही कार्यकर्ता पहचान में नहीं आता।

बालको के सेवानिवृत कर्मचारियों ने किया संयंत्र भ्रमण

बालकोनगर, 13 जुलाई 2026। वर्षों पहले जिस संयंत्र की मशीनों की आवाज़ उनकी दिनचर्या का हिस्सा थी, जिन कार्यस्थलों पर उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और जिसकी प्रगति में अपना योगदान दिया, उसी बालको संयंत्र में लौटना सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि यादों की एक भावनात्मक यात्रा बन गया।

वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए संयंत्र भ्रमण का आयोजन किया। इस अवसर पर वर्षों तक बालको की प्रगति में योगदान देने वाले कर्मचारियों ने एक बार फिर अपने कार्यस्थल का दौरा किया और पुरानी यादों को ताज़ा करते हुए भावुक हो उठे।

 

भ्रमण के दौरान सेवानिवृत कर्मचारियों ने स्मेल्टर, कास्ट हाउस, पावर प्लांट तथा अन्य प्रमुख इकाइयों का अवलोकन किया। कभी जिन इकाइयों में उन्होंने स्वयं काम किया था, आज वहां आधुनिक तकनीकों, उन्नत सुरक्षा मानकों, डिजिटलीकरण और बढ़ती उत्पादन क्षमता को देखकर उन्होंने बालको की विकास यात्रा की सराहना की। कंपनी के प्रतिनिथि विजय बाजपेयी एवं प्रखर सिंह ने उन्हें कंपनी की वर्तमान उपलब्धियों, विस्तार योजनाओं और भविष्य की विकास यात्रा से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश कुमार सिंह ने कहा, “हमारे कर्मचारी कंपनी का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्होंने दशकों से बालको की सफलता का मार्ग प्रशस्त किया है। अपने पूर्व सहकर्मियों का पुनः स्वागत करना और उन्हें उस कंपनी की प्रगति का साक्षी बनते देखना हमारे लिए गौरवपूर्ण अनुभव रहा, जिसके निर्माण और विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। उनका योगदान सदैव बालको की गौरवशाली विरासत का अभिन्न हिस्सा रहेगा और उसी प्रतिबद्धता के साथ अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हमें निरंतर प्रेरित करता रहेगा।”

सेवानिवृत कर्मचारियों ने इस पहल के लिए बालको प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बाद संयंत्र का दौरा करना उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव रहा। सेवानिवृत कर्मचारियों ने कंपनी के साथ बिताए अपने वर्षों को याद किया और अपने अनुभव साझा किए। बालको केवल उनका कार्यस्थल नहीं, बल्कि उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वरूप में विकसित होते बालको को देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई और विश्वास है कि कंपनी भविष्य में भी औद्योगिक उत्कृष्टता तथा राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।

सेवानिवृत कर्मचारी रघुवर प्रसाद पटेल ने बताया, मैं स्मेल्टर में कार्य करता था जहां पहले एक लाख टन उत्पादन होता था अब वहीं बालको 10 लाख टन उत्पादन की तरफ अपना कदम बढ़ा चुका है। बालको का विकास 2005 के बाद से उत्तरोत्तर होते गया है। कंपनी लगातार टाउनशिप के सौंदर्यीकरण का कार्य कर रहा है।

सेवानिवृत कर्मचारी बंसत तिवारी बताया, बालको प्लांट निरंतर प्रगति के साथ सुंदर और सुव्यवस्थित हो गया है तथा सुरक्षा प्रथम को प्राथमिकता दी जा रही है। बालको प्रबंधन से कामना करते है कि इसी तरह सेवानिवृत कर्मचारियों को संयंत्र भ्रमण की संस्कृति को जारी रखे।

सेवानिवृत कर्मचारी सनत कुमार सोंधिया ने बताया प्लांट शुरूआत में एक पौधे जैसा अब यह एक बड़े बरगद के स्वरूप में बदल चुका है। आज इसकी छाया में सभी कर्मचारी तरक्की कर रहा है। एआई ने सुरक्षा को काफी हद तक सशक्त बनाया है जो हमें प्लांट मे देखने को मिला। कंपनी का आज भी सुरक्षित कार्यस्थल को प्राथमिकता देना बालको के लिए गौरव एवं गरिमा की बात है।

यह संयंत्र भ्रमण अतीत की स्मृतियों और वर्तमान की उपलब्धियों के मिलन का अवसर बना। जिन हाथों ने कभी बालको की मजबूत नींव तैयार करने और उसकी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में योगदान दिया, उन्हीं सेवानिवृत कर्मचारियों ने आज आधुनिक और विस्तारित होते संयंत्र को करीब से देखा।
बालको अपने कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मचारियों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने में विश्वास करता है। ऐसे आयोजन न केवल कंपनी की समृद्ध विरासत का सम्मान करते हैं, बल्कि विभिन्न पीढ़ियों के बीच अनुभव, ज्ञान और प्रेरणा के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करते हैं।

News Update : बालकों के डेंगूर नाला के पास बाइक सवार दो युवती एवं एक युवक को ट्रेलर ने मारी ठोंकर दो की मौत देखें वीडियो 

 

 

बालको/कोरबा(संतोष कुमार सारथी ) News Update  बालको क्षेत्र के डेंगू नाला के पास मंगलवार को सड़क दुर्घटना हो गई। हादसे में एक युवक एवं एक युवती की मौत हो गई है स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सुचना पुलिस को दी पुलिस मौके पर पहुंच कर अग्रिम कार्यवाही कर रही है.

 

बालको (संतोष कुमार सारथी ) जिले के बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत रिंग रोड स्थित डेंगूनाला पुल के पास अभी एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवतियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल युवक को डायल-112 की मदद से तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

News Update 

 

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोयला से लदे ट्रेलर क्रमांक CG 12 BG 2932 और मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 CB 2635 के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दो युवतियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी युवक गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बालको थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस मृतक युवतियों की शिनाख्त में जुटी हुई है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

News Update 

नोट – यह समाचार प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। पुलिस जांच के बाद मृतक युवतियों की पहचान और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

देखें वीडियो

Uproar in the Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता का हंगामा,कोर्ट के अंदर जजों के सामने कागजात उछाले, CJI को दी गाली, देखें विडिओ 

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने हंगामा किया। सीजेआई सूर्यकांत को अपशब्द कहे और फाइल भी फेंकी। इस दौरान सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे।

यह घटना जस्टिस केवी विश्वनाथन, जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। हंगामे के बाद कोर्ट के आदेश पर सिक्योरिटी ने वकील को तुरंत बाहर निकाल दिया।

जब उस याचिकाकर्ता वकील ने अभद्रता शुरू की, तब कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। दिल्ली पुलिस वकील को पूछताछ के लिए ले गई है।

जज बोले- वकील से सहानुभूति, पूरा मामला समझें…Uproar in the Supreme Court

Uproar in the Supreme Court
Uproar in the Supreme Court

जिस वकील ने हंगामा किया उसका नाम प्रबल प्रताप था। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपनी रिट याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। याचिका में अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें प्रबल की अर्जी पर पुलिस से जांच कराने के बजाय उसे निजी शिकायत मान लिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो जज ने याचिकाकर्ता से पूछा आप खुद ही पैरवी करेंगे। इस पर प्रबल बोला- “न्यायिक अधिकारी महोदय, मैं आपको आदेश देता हूं कि आप लखनऊ के ACP के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दें।”
इस पर जस्टिस केवी विश्वनाथन ने हैरानी जताते हुए पूछा- आप मुझे आदेश दे रहे हैं? जवाब में याचिकाकर्ता बोला- “मेरी तरफ से बस इतना ही। सब कुछ रिकॉर्ड पर है।” इसके बाद उसने केस की फाइल हवा में फेंक दी और गाली-गलौज करने लगा।

हंगामे के बाद जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कहा- “वह बहुत परेशान है, यह सब उसकी हताशा है। हमें उसके लिए केवल सहानुभूति है। हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते। जहां तक मामले की बात है, हमें विवादित आदेश में दखल देने का कोई ठोस आधार नहीं मिला।”
कोर्ट ने नहीं लिया एक्शन, लेकिन बार काउंसिल कर सकता है कार्रवाई

Uproar in the Supreme Court

 

इस वकील के खिलाफ बार काउंसिल भी कार्रवाई कर सकता है। दरअसल, अगर कोई वकील अपने पेशे के नियमों का पालन नहीं करता या गलत आचरण करता है, तो उसके खिलाफ एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

पहले शुरुआती जांच होती है, अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो उसे बार काउंसिल की अनुशासनात्मक समिति के पास भेजा जाएगा।

वकील दोषी मिला तो उसे चेतावनी दी जा सकती है, कुछ समय के लिए वकालत करने से रोका जा सकता है। उसका नाम बार काउंसिल की सूची से हटाया जा सकता है।

कोरबा MP नगर में दों कारों की आमने सामने भिड़ंत चालक गंभीर, तेज रफ़्तार से हुआ हादसा 

कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत एमपी नगर में शुक्रवार को तेज रफ्तार के कारण दो कारों के बीच भीषण सड़क हादसा हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों कारों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

हादसे में एक कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। घायल चालक को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय एक कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

CG Police Transfers : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, कई IG और SP बदले गए देखें सूची

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CG Police Transfers

रायपुर। CG Police Transfers : छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस)विभाग मंत्रालयमंत्रालय के द्वारा कई रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों और विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया गया है। जारी आदेश इस प्रकार है:-

BALCO committed to community development endeavours: Lakhan Lal Dewangan

Balconagar, July 10, 2026: Bharat Aluminium Company Limited, a unit of Vedanta Aluminium Metal Limited, reinforced its commitment to community development by inaugurating a newly constructed community building in Sonpuri Panchayat and performing the foundation stone-laying ceremony of a new community building at Padimar under its community development initiative.


The inauguration ceremony was graced by Mr. Lakhan Lal Dewangan, Hon’ble Minister of Commerce & Industry, Public Enterprises, Commercial Taxes (Excise) and Labour, Government of Chhattisgarh, along with Mr. Captain Dhananjay Mishra (Chief Corporate Affairs & Administration Officer, BALCO). Smt. Sanju Devi Rajput (Mayor, Korba), Mr. Jai Rathore, (President, Balconagar Kannaujia Rathore Samaj), Councillors Mr. Hitanand Agrawal and Mr. Rajat Prasad Khute, along with local public representatives, BALCO officials and members of the community, also graced the occasion.


The newly constructed community building at Sonpuri Panchayat will serve as a shared public space for social gatherings, cultural programmes, community meetings and other developmental activities, strengthening community engagement and creating opportunities for collective participation. The foundation stone-laying ceremony at Padimar marked another step towards expanding essential public infrastructure in the region and improving access to community facilities for residents supporting the socio-economic development in the region.

Speaking on the occasion, Mr. Lakhan Lal Dewangan appreciated BALCO’s continued contribution to regional development and said, “BALCO is not limited to industrial production but is committed to fulfilling its social responsibilities with equal dedication. Community infrastructure such as these newly constructed buildings will serve as important centers for social gatherings, community engagement and village development. Through sustained interventions in education, women empowerment, roads, drinking water, electricity and employment, BALCO continues to improve the quality of life in neighboring communities. This partnership between industry and society is accelerating the development of the Korba region. I urge the villagers to consider this community building as their own asset, preserve it with care and utilize it for the holistic development of the village.”

Speaking on the occasion, Mr. Rajesh Kumar Singh said, “I am happy that BALCO is part of the community’s development journey through healthcare, education, livelihoods and infrastructure development. As we create and enhance shared public spaces in the vicinity, we aim to strengthen social connections and contribute to the community’s socio-cultural progress.”

Infrastructure development continues to be one of the key pillars of BALCO’s community development initiatives. Over the last three years, the company has developed more than 85 community infrastructure assets, including roads, community buildings, children’s parks, and the renovation of Anganwadi centres and government schools, benefiting more than 20,600 people across 20 villages.

In the last two months alone, BALCO has strengthened community infrastructure through the inauguration of the Nehru Nagar Community Hall, development of Jubilee Park at the Civic Centre in Balconagar, establishment of Smriti Udyan, and now the community infrastructure projects at Sonpuri and Padimar. Through sustained investments in public infrastructure, the company continues to create shared spaces that foster community participation, improve access to essential facilities and contribute to the long-term socio-economic development of the region.