बालकोनगर। बालको थाना क्षेत्र के भद्रापारा इलाके में बुधवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब श्री अपार्टमेंट के समीप मुख्य मार्ग के किनारे एक मानव भ्रूण दिखाई दिया। सड़क किनारे पड़े इस मासूम अस्तित्व पर स्थानीय लोगों की नजर पड़ते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भ्रूण को सड़क किनारे छोड़ दिया गया था। स्थानीय लोगों ने जैसे ही इसे देखा, तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी और भ्रूण को उपचार एवं आवश्यक जांच के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना डायल-112 के माध्यम से पुलिस तक पहुंची। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भ्रूण यहां तक कैसे पहुंचा और इसे सड़क किनारे छोड़ने वाला आखिर कौन है।
घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किस परिस्थिति में एक अजन्मे जीवन को इस तरह सड़क किनारे छोड़ दिया गया? क्या इसके पीछे कोई मजबूरी थी या फिर मामला किसी गंभीर घटना से जुड़ा है? इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
फिलहाल बालको पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच सहित अन्य संभावित पहलुओं के आधार पर भ्रूण को छोड़ने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
बालकोनगर, 2 सितंबर 2026। एक औद्योगिक टाउनशिप केवल आवास और कार्यस्थल तक सीमित नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुविधा, मनोरंजन और सामाजिक जुड़ाव का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। बालकोनगर में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बालको द्वारा टाउनशिप को अधिक सुंदर, हरित, स्वस्थ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नगर निगम कोरबा, वार्ड क्रमांक 39 के पार्षद श्री सतेंद्र दुबे ने कहा, “बालको सामुदायिक विकास के साथ-साथ टाउनशिप के सर्वांगीण विकास की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है। टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण, आंबेडकर स्टेडियम का आधुनिकीकरण एवं सौंदर्यीकरण तथा अन्य जनहितकारी परियोजनाएं इसके विकास प्रयासों का प्रमाण हैं। इन कार्यों से स्थानीय समुदाय को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। कंपनी द्वारा हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए आवासीय परिसर में वृक्षारोपण करना तथा सामुदायिक भवनों का निर्माण भी सराहनीय पहल है। ये भवन स्थानीय निवासियों के सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों में उपयोगी साबित हो रहे हैं। टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए बालको प्रबंधन के निरंतर प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं।”
Balco
बालको टाउनशिप की पहचान उसकी हरियाली और खुले स्थानों से भी जुड़ी है। नेहरू उद्यान, फॉरेस्ट वॉकवे, स्मृति उद्यान और जुबली पार्क जैसे स्थानों के विकास और सौंदर्यीकरण से टाउनशिप का वातावरण अधिक आकर्षक और जीवंत हुआ है। बेहतर हरियाली, प्रकाश व्यवस्था और सुविधाओं के साथ ये स्थान निवासियों को प्रकृति के करीब समय बिताने, टहलने और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के अवसर उपलब्ध कराते हैं।
Balco
बालको टाउनशिप में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल, बालको टाउनशिप स्कूल, एमजीएम स्कूल और बाल सदन जैसी शैक्षणिक संस्थाएं बच्चों और युवाओं को शिक्षा एवं समग्र विकास के अवसर प्रदान कर रही हैं। पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, रचनात्मकता, खेल और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी ध्यान दिया जाता है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में बालको अस्पताल बालकोनगर और आसपास के समुदाय के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 125 बेड के इस अस्पताल में सामान्य चिकित्सा के साथ शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा, रेडियोलॉजी और अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। आईसीयू, डायलिसिस, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाएं जैसी आधुनिक सुविधाएं भी यहां उपलब्ध हैं।
स्वच्छ और स्वस्थ टाउनशिप के लिए वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बालको टाउनशिप में स्थापित सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर द्वारा घरेलू कचरे को इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से एकत्र कर जैविक और अजैविक कचरे में अलग किया जाता है। जैविक कचरे को खाद में बदला जाता है, जबकि प्लास्टिक कचरे का जिम्मेदार तरीके से सह-प्रसंस्करण किया जाता है। घर के स्तर पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए निवासियों को प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है।
टाउनशिप के सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए मंगल भवन का नवीनीकरण किया गया है, जहां जिम सहित सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। इंडियन कॉफी हाउस की शुरुआत ने भी टाउनशिप के सामाजिक जीवन को नया आयाम दिया है। यह कर्मचारियों, परिवारों, निवासियों और आगंतुकों के लिए मिलने-जुलने और संवाद का सुविधाजनक स्थल बन रहा है। खेल सुविधाओं के विकास के लिए अंबेडकर स्टेडियम के आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण तथा अन्य जनहितकारी परियोजनाओं के माध्यम से नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
बालको टाउनशिप में हो रहे ये बदलाव इस सोच को दर्शाते हैं कि औद्योगिक प्रगति केवल उत्पादन और व्यवसाय तक सीमित नहीं होती। वास्तविक विकास तब होता है, जब उसके साथ लोगों का जीवन और समुदाय भी बेहतर बने। हरियाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, खेल, सामाजिक जुड़ाव और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का समन्वय बालकोनगर को एक जीवंत और सुविधासंपन्न समुदाय का स्वरूप दे रहा है।
कोरबा। CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान बलरामपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली और सूरजपुर जिले में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
CG Weather Alert
बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से नदी-नालों या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
CG Weather Alert
ब्लैकआउट न्यूज़ की अपील: बारिश के दौरान सुरक्षित रहें और स्थानीय प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
कोरबा। Illegal ash dumping : कोरबा की औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। NTPC जमनीपाली पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है। मामला ग्राम छुरीखुर्द में शासकीय भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग से जुड़ा है।
इस कार्रवाई ने न केवल फ्लाई ऐश के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर किया है कि NTPC के धनरास राखड़ बांध से निकलने वाली राखड़ आखिर किन रास्तों से होकर शासकीय जमीन तक पहुंच रही थी?
रात के अंधेरे में पर्यावरण विभाग की दबिश Illegal ash dumping
Illegal ash dumping
बताया गया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने रात्रिकालीन गश्त के दौरान ग्राम छुरीखुर्द स्थित अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग स्थल पर दबिश दी।मौके पर फ्लाई ऐश डम्पिंग में लगे वाहनों को पकड़ा गया। जांच के दौरान सामने आया कि वाहनों में NTPC जमनीपाली के धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लाकर शासकीय भूमि पर डम्पिंग की जा रही थी।
दिन के उजाले में होने वाली सामान्य जांच के बजाय रात में की गई इस कार्रवाई को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि टीम के पहुंचते ही राखड़ परिवहन और डम्पिंग से जुड़ी गतिविधियां जांच के घेरे में आ गईं।
90 लाख की क्षतिपूर्ति—NTPC पर बड़ा आर्थिक वार Illegal ash dumping
Illegal ash dumping
मामले की जांच के बाद पर्यावरण विभाग ने NTPC लिमिटेड, जमनीपाली पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है।फ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर लगातार उठते रहे सवालों के बीच इतनी बड़ी आर्थिक कार्रवाई ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। खास तौर पर तब, जब मामला शासकीय भूमि पर राखड़ डम्पिंग से जुड़ा हो।
राखड़ का खेल या निगरानी में बड़ी चूक?Illegal ash dumping
अब सवाल सिर्फ 90 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का नहीं है।
सवाल यह है कि धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश निकलने के बाद उसकी निगरानी कहां तक की जा रही थी?
यदि राखड़ को किसी निर्धारित व्यवस्था के तहत परिवहन किया जा रहा था, तो वह शासकीय भूमि तक कैसे पहुंची?
क्या परिवहन में लगे वाहनों के लिए निर्धारित डम्पिंग स्थल तय था?यदि था, तो फिर शासकीय जमीन पर राखड़ डम्प करने की नौबत कैसे आई?और सबसे बड़ा सवाल—इस पूरी व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही किसकी थी?
जिला पर्यावरण अधिकारी के नेतृत्व में कार्रवाई Illegal ash dumping
यह कार्रवाई जिला पर्यावरण अधिकारी प्रसन्ना सोनकर की अगुवाई में की गई। पर्यावरण विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग के खिलाफ रात्रिकालीन गश्त और निगरानी जारी रहेगी।अधिकारी के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब आगे किसकी बारी?
90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के बाद अब नजर इस बात पर है कि मामले की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है।क्या केवल क्षतिपूर्ति लगाकर मामला खत्म माना जाएगा?
या फिर फ्लाई ऐश के स्रोत से लेकर परिवहन और अवैध डम्पिंग स्थल तक पूरी कड़ी की जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी?शासकीय भूमि पर राखड़ डम्पिंग का यह मामला पर्यावरण विभाग की निगरानी व्यवस्था के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली फ्लाई ऐश के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
BLACKOUT NEWS की नजर अब इस बात पर रहेगी कि 90 लाख की कार्रवाई के बाद विभाग अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग की पूरी कड़ी तक पहुंचता है या मामला सिर्फ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तक सीमित रह जाता है।
BLACKOUT NEWS के बड़े सवाल
► NTPC के धनरास राखड़ बांध से राखड़ बाहर कैसे निकली?
► शासकीय भूमि तक राखड़ किसकी अनुमति से पहुंची?
► परिवहन में लगे वाहनों की निगरानी कौन कर रहा था?
► अवैध डम्पिंग के पीछे कौन-कौन जिम्मेदार है?
► क्या इस पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच होगी?
90 लाख की कार्रवाई के बाद अब असली सवाल—राखड़ का जिम्मेदार कौन?
कोरबा ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) The dilapidated condition of Korba main post office : शहर का मुख्य डाकघर करीब 40 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। भवन की मौजूदा स्थिति को देखकर किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। चिंताजनक बात यह है कि इस जर्जर भवन में सिर्फ डाकघर का कार्यालय ही संचालित नहीं हो रहा, बल्कि डाक विभाग के कर्मचारी अपने परिवार के साथ यहां रह भी रहे हैं। लगातार हो रही बारिश ने भवन की हालत को और गंभीर बना दिया है।
बुनियाद को चूहों ने कर दिया खोखला The dilapidated condition of Korba main post office
स्थानीय लोगों के मुताबिक भवन की बुनियाद लंबे समय से कमजोर होती जा रही है। भवन के आसपास और नींव के हिस्सों में चूहों ने सुरंगनुमा रास्ते बना दिए हैं, जिससे बुनियाद के कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। कई स्थानों पर भवन की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह कभी भी धराशायी हो सकता है।
पीपल और बरगद की जड़ों ने बढ़ाई परेशानी The dilapidated condition of Korba main post office
जर्जर भवन के चारों तरफ पीपल, बरगद और अन्य जंगली घास उग आई है। बड़े पेड़ों की जड़ें भवन की दीवारों और नींव तक पहुंच चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की जड़ें धीरे-धीरे भवन के ढांचे को कमजोर कर रही हैं। समय रहते इन पेड़ों और जड़ों को हटाकर भवन की तकनीकी जांच कराना जरूरी है।
मूसलाधार बारिश से बढ़ा खतरा The dilapidated condition of Korba main post office
इन दिनों लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने और कमजोर भवन पर खतरा और बढ़ गया है। बारिश का पानी भवन के आसपास जमा होने तथा नमी के कारण इसकी संरचना पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
कर्मचारियों के परिवार भी रहते हैं इसी भवन में
सबसे गंभीर पहलू यह है कि डाकघर में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार भी इसी परिसर में रहते हैं। ऐसे में भवन के अचानक गिरने की स्थिति में जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है। कर्मचारियों के साथ-साथ यहां आने वाले डाकघर के उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पड़ोसी मकानों पर भी मंडरा रहा खतरा
जर्जर भवन को लेकर आसपास रहने वाले लोग भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि भवन का कोई हिस्सा अचानक गिरता है तो आसपास के मकानों और लोगों को भी नुकसान पहुंच सकता है। यही वजह है कि पड़ोसी किसी अनहोनी की आशंका से भयाक्रांत हैं।
हादसे से पहले जागना जरूरी
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराए और उसकी वास्तविक स्थिति की जांच करे। यदि भवन रहने और कार्यालय संचालन के लिए असुरक्षित पाया जाता है तो कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के साथ ही डाकघर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन और डाक विभाग को समय रहते कदम उठाना चाहिए।
सवाल यही है कि जब भवन की हालत देखकर खतरा साफ नजर आ रहा है, तो क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
कोरबा कोरबा सर्राफा एसोसिएशन के नए पदाधिकारी का चयन किया गया जिसमें सर समृद्धि से राजू सोनी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है वही राजेश सोनी को सचिन एवं कोमल जैन को कोषाध्यक्ष की जवाबदारी दी गई है इसके साथ ही अन्य पदाधिकारी का चयन किया जाना शेष हैँ.
अपनी नियुक्ति के बाद राजू सोनी ने कहा कि सराफा एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सतत प्रयास किया जाएगा और संगठन को नई ऊंचाइयां में ले जाने का प्रयास किया जाएगा राजू सोनी सहित सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद सराफा व्यवसाययों ने सभी पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सराफा एसोसिएशन के नए पदाधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियां को बखूबी और ईमानदारी से अंजाम तक पहुंचाएं इनके साथ कोरबा का सभी सराफा व्यवसाय इनके साथ खड़ा है उनकी नई जिम्मेदारी की सभी को शुभकामनाएं.
बालकोनगर, 31 अगस्त 2026। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने लॉजिस्टिक्स और प्रचालन को अधिक स्मार्ट और कनेक्टेड बनाने की दिशा में पांच एआई-सक्षम डिजिटल कंट्रोल टावर्स को एकीकृत किया है। ये कंट्रोल टावर्स कोयला लॉजिस्टिक्स, फिनिश्ड प्रोडक्ट, फ्लाई फ्लाई ऐश प्रबंधन, आंतरिक वाहनों और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े संचालन को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाते हैं। इससे महत्वपूर्ण प्रचालन गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी, बेहतर समन्वय और डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद मिल रही है। यह पहल तकनीक-सक्षम और मजबूत घरेलू विनिर्माण मूल्य श्रृंखला विकसित करने की भारत की व्यापक दिशा के अनुरूप है।
इस डिजिटल व्यवस्था में जीपीएस, आईओटी आधारित वाहन ट्रैकिंग, एआई आधारित वीडियो टेलीमैटिक्स, जियो-फेंसिंग और रियल-टाइम एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इनके माध्यम से लॉजिस्टिक्स गतिविधियों की शुरुआत से अंत तक निगरानी और बेहतर प्रबंधन संभव हो रहा है। एजेंटिक एआई से लैस ये कंट्रोल टावर्स उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रचालन के रुझानों को समझने, संभावित आवश्यकताओं की पहचान करने और समय पर कार्रवाई के लिए सुझाव देने में मदद करते हैं। इससे संसाधनों के बेहतर उपयोग, प्रक्रियाओं में अनुशासन और प्रचालन की प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलता है।
कोयला लॉजिस्टिक्स कंट्रोल टावर कोयले के परिवहन की डिजिटल ट्रैकिंग और मूवमेंट प्लानिंग में मदद करता है। इससे कोयले की आवाजाही की निगरानी और आपूर्ति श्रृंखला में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है। फिनिश्ड प्रोडक्ट कंट्रोल टावर प्लांट के भीतर तैयार उत्पादों की आवाजाही को डिजिटल रूप से प्रबंधित करता है। इसमें डिजिटल प्रूफ ऑफ डिलीवरी, जियो-फेंसिंग आधारित रूटिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो उत्पादों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाती हैं। फ्लाई ऐश मैनेजमेंट कंट्रोल टावर राख की आवाजाही और निर्धारित मार्गों की रियल-टाइम निगरानी करता है। इससे राख के परिवहन की बेहतर ट्रैकिंग, संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन में सहायता मिलती है। वेस्ट मैनेजमेंट कंट्रोल टावर अपशिष्ट पदार्थों की आवाजाही और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन की निगरानी करता है, जिससे बेहतर ट्रेसबिलिटी और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
वहीं, इंटरनल व्हीकल कंट्रोल टावर प्लांट परिसर में संचालित तकनीकी और उपयोगिता वाहनों की केंद्रीकृत निगरानी करता है। इसमें मीडियम टैक्टिकल व्हीकल्स (एमटीवी), लाइट मीडियम टैक्टिकल व्हीकल्स (एलटीवी), फोर्कलिफ्ट, हाइड्रा, कैंपर और बस जैसे वाहन शामिल हैं। इन सभी वाहनों को साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने से उनकी गतिविधियों की निगरानी और प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।
ये कंट्रोल टावर्स बालको की व्यापक डिजिटलाइजेशन रणनीति का हिस्सा हैं। वाहनों, मार्गों, आवाजाही और अन्य प्रचालन गतिविधियों से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत कर यह व्यवस्था टीमों को महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स कार्यों की समग्र जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रचालन में होने वाले बदलावों की पहचान, प्रदर्शन का विश्लेषण और आवश्यक कार्रवाई तेजी से करने में मदद मिलती है।
कंट्रोल टावर्स के माध्यम से कच्चे माल, फिनिश्ड प्रोडक्ट, आंतरिक वाहनों और विनियमित अपशिष्ट की आवाजाही में बेहतर निगरानी और समन्वय स्थापित हुआ है। इससे जवाबदेही, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती को बढ़ावा मिल रहा है।
एल्यूमिनियम उद्योग तेजी से तकनीक आधारित और कनेक्टेड विनिर्माण व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इस दिशा में बालको आधुनिक तकनीकों और औद्योगिक अनुभव के संयोजन से अपनी डिजिटल क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। पांच डिजिटल कंट्रोल टावर्स का एकीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बालको के प्रचालन को अधिक एकीकृत, प्रभावी और भविष्य के लिए तैयार बनाने में योगदान दे रहा है।
बालकोनगर, 28 अगस्त, 2026।Balco celebrated Raksha Bandhan : वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों और समुदाय के साथ आपसी विश्वास, स्नेह और एकजुटता के प्रतीक रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। इस अवसर पर कर्मचारियों ने सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उनके समर्पण और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने में योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, समुदाय के साथ उत्सव मनाकर बालको ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
Balco celebrated Raksha Bandhan
Balco celebrated Raksha Bandhan
बालको में रक्षाबंधन को सुरक्षा और विश्वास से जोड़ते हुए विभिन्न विभागों के करीब 150 कर्मचारियों ने महिला, पुरुष, ट्रांसजेंडर और सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। इस पहल के माध्यम से कर्मचारियों ने उन कर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जो हर दिन कार्यस्थल पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राखी का यह धागा आपसी विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षित कार्य संस्कृति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
Balco celebrated Raksha Bandhan
Balco celebrated Raksha Bandhan
रक्षाबंधन के अवसर पर बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी उत्सव में भागीदारी की। महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां बालको के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों की कलाई पर बांधीं। यह पहल उन्नति परियोजना के माध्यम से महिलाओं में विकसित आत्मविश्वास, कौशल और उद्यमशीलता की भावना को दर्शाती है। महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में उन्नति परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Balco celebrated Raksha Bandhan
वहीं, बालको अस्पताल में भी रक्षाबंधन की विशेष झलक देखने को मिली। बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कलाई पर राखियां बांधकर उनके समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉक्टरों ने भी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों और समुदाय के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व के रिश्ते को मजबूत करने का माध्यम बनी।
कंपनी ने नंद घर के बच्चों के साथ भी रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। नंद घर के बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से सुंदर राखियां तैयार कीं और एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और आपसी सहयोग का संदेश दिया। बच्चों के लिए यह गतिविधि रचनात्मकता के साथ-साथ भारतीय त्योहारों और पारिवारिक मूल्यों को समझने का अवसर भी बनी। नंद घर वेदांता समूह की सामुदायिक विकास पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। बालको अपने परिचालन क्षेत्र के समुदायों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में निरंतर पहल कर रहा है।
बालको द्वारा आयोजित रक्षाबंधन उत्सव ने कर्मचारियों और समुदाय के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व के रिश्ते को और मजबूत किया। त्योहार की खुशियों को साझा करते हुए सभी ने सहयोग, सुरक्षा और सामुदायिक विकास की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
रायपुर : कार्यकारी अभियंता (शिक्षण एवं विकास) के पद पर पदोन्नति के लिए “विभागीय पदोन्नति समिति” की अनुशंसाओं पर, निम्नलिखित सहायक अभियंता (शिक्षण एवं विकास) को वेतन मैट्रिक्स स्तर O-2 में 75500-177800 रुपये के वेतनमान पर कार्यकारी अभियंता (शिक्षण एवं विकास) के पद पर पदोन्नत किया जाता है, जो कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा.
हरीश कुमार (कुर्रे) सहायक अभियंता ईई (ओ एंड एम) डीएन. सीएसपीडीसीएल, बिल्हा का प्रमोशन कर कटघोरा में कार्यपालन अभियंता के पड़ पर पदस्थ किया गया हैँ
शेखर सोनी सहायक अभियंता (ऑफिस) को पड़ोन्नत कार कोरबा में O&M में कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया हैँ.
शत्रुघ्न सोनी कार्यपालन अभियंता कोरबा O&M कोरबा को OSD डिपार्टमेंट नया रायपुर में पदस्थ किया गया हैँ
आदेश में कहा गया हैँ की उपरोक्त पदोन्नति अस्थायी है और यह छत्तीसगढ़ राज्य सरकार/सीजी राज्य विद्युत कंपनियों द्वारा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के दिनांक 16.04.2024 के निर्णय (डब्ल्यूपीएस 9778/2019 पर पारित) के अनुपालन से संबंधित मामलों में लिए गए आगे के निर्णयों और माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष डब्ल्यूपीएस 1650/2026 की कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन होगी।
उपरोक्त पदोन्नति आदेश भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एसएलपी (सी) डायरी संख्या (एस) 5555/2025 में कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन होगा।
प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण, सभी पदोन्नत अधिकारियों को आदेश जारी होने की तिथि से 7 कार्य दिवसों के भीतर नए कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया जाता है। ऐसा न करने पर संबंधित पदोन्नत अधिकारियों को अगले दिन से निलंबित माना जाएगा। इसके बाद, उचित विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी।
कोरबा। सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पावर हाउस रोड स्थित ‘एसएस प्लाजा’ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में शारदा टेलीकॉम के संचालक चेतन चौधरी (67 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायाधीश के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी के विरुद्ध अपनी दुकान में कार्यरत एक नाबालिग लड़की के साथ गाली-गलौज व छेड़छाड़ करने के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
घटना 9 अगस्त 2026 की है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी चेतन चौधरी फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अधिवक्ता के माध्यम से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने आरोपी को जमानत का लाभ न दिए जाने के पक्ष में कड़े तर्क प्रस्तुत किए। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए चेतन चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।
अग्रिम जमानत याचिका खारिज होते ही कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को उसके ठिकाने से धर दबोचा। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रियाओं के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।