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Indian Coffee House in BALCO अब बालको में भी इंडियन कॉफी हाउस का हुआ शुभारंभ

Indian Coffee House in BALCO 
Indian Coffee House in BALCO 

बालकोनगर, 04 नवम्बर 2025। Indian Coffee House in BALCO भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने बालकोनगर में नवस्थापित इंडियन कॉफी हाउस (आईसीएच) का शुभारंभ किया। स्वाद, गुणवत्ता और परंपरा के लिए प्रसिद्ध इंडियन कॉफी हाउस का यह नया आउटलेट अब बालको परिवार और नगरवासियों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गया है।

Indian Coffee House in BALCO

Indian Coffee House in BALCO 
Indian Coffee House in BALCO

नया कॉफी हाउस आधुनिक एवं सौंदर्यपूर्ण वातावरण में निर्मित है, जो टाउनशिप के निवासियों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए अनौपचारिक मुलाकातों और सामाजिक मेलजोल का एक सुकून भरा स्थल प्रदान करता है। यहाँ पारंपरिक भारतीय कॉफी के साथ-साथ विविध स्नैक्स और लज़ीज़ व्यंजन उपलब्ध हैं, जो सभी नगरवासियों को आकर्षित करते हैं।

Indian Coffee House in BALCO 

Indian Coffee House in BALCO 
Indian Coffee House in BALCO

बालको सीईओ श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको सदैव अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन में सुविधा, आराम और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इंडियन कॉफी हाउस का यह नया केंद्र न केवल स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद देगा, बल्कि लोगों के बीच आपसी संवाद और जुड़ाव का एक मंच भी बनेगा।

बालको प्रबंधन सदैव अपने टाउनशिप को बेहतर बनाए रखने हेतु विभिन्न नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयासरत रहा है। नेहरू पार्क परिसर, बालको स्टेडियम, आधुनिक अस्पताल, विद्यालय तथा अन्य नागरिक सुविधाएँ नगर के जीवन को समृद्ध बनाती हैं।

 

इन्हीं प्रयासों की कड़ी में स्थापित नया इंडियन कॉफी हाउस न केवल बालकोनगर के सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत करेगा, बल्कि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के दैनिक जीवन में सहजता, सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हुए नगर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।

Major train accident in CG, many killed कोरबा पैसेंजर मालगाड़ी से टकराई 10 की मौत कलेक्टर ने की 4 की पुष्टि देखें वीडियो

Major train accident in CG, many killed
Bilaspur train accident

कोरबा/बिलासपुर ( ब्लैकआउट न्यूज़) Major train accident in CG, many killed मंगलवार दोपहर बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन के लालखदान इलाके में एक बड़ा रेल हादसा हो गया। गेंवरा रोड पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी के बीच हुई जोरदार टक्कर में 10 यात्रियों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि 25 से 30 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बिलासपुर कलेक्टर ने 4 शव मिलने की पुष्टि की है।

आपातकालीन संपर्क:Major train accident in CG, many killed

📍 बिलासपुर – 7777857335, 7869953330

📍 चांपा – 8085956528

📍 रायगढ़ – 9752485600

📍 पेंड्रा रोड – 8294730162

📍कोरबा – 7869953330

यात्री एवं उनके परिजन इन नंबरों पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

https://www.instagram.com/stories/raf_ikmemon/3758465154145130034?utm_source=ig_story_item_share&igsh=MW5rY3Q3cGc3ZTV2dA==

हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए। एसपी रजनेश सिंह और कलेक्टर स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।

Major train accident in CG, many killed

Major train accident in CG, many killed
बिलासपुर ट्रेन एक्सीडेंट, Bilaspur train accident

जानकारी के अनुसार पटरी पर पहले से कोयला लदी मालगाड़ी खड़ी थी, तभी उसी ट्रैक पर पीछे से गेंवरा रोड पैसेंजर ट्रेन आकर टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। रेस्क्यू टीमों ने अब तक दर्जनों यात्रियों को सुरक्षित निकाला है, और कई घायलों का इलाज मौके पर ही चल रहा है।

हादसे के बाद बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर परिचालन ठप कर दिया गया है। कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द या रूट डायवर्ट किया गया है।

Major train accident in CG, many killed

Major train accident in CG, many killed
Bilaspur train accident

टक्कर से ओवरहेड वायरिंग और सिग्नलिंग सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बहाली में समय लग सकता है। रेलवे की तकनीकी टीमें मरम्मत और ट्रैक क्लियरेंस में जुटी हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था शुरू की,रेलवे ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सिग्नलिंग सिस्टम की खराबी या मानवीय त्रुटि इसकी वजह हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू कार्य पूरा होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।

बालको ने कोरबा राज्योत्सव में औद्योगिक और सामुदायिक विकास की झलक पेश की

कोरबा, 03 नवम्बर 2025। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव-2025 कोरबा में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के पैवेलियन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कंपनी ने अपने स्टॉल के माध्यम से राज्य के औद्योगिक, तकनीकी और सामाजिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

कोरबा राज्योत्सव के मुख्य अतिथि कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने बालको पैवेलियन का भ्रमण किया और कंपनी द्वारा किए जा रहे सामुदायिक विकास कार्यों तथा अत्याधुनिक औद्योगिक प्रगति की सराहना की।

बालको पैवेलियन में आगंतुकों को एल्यूमिनियम निर्माण प्रक्रिया, पर्यावरण संरक्षण उपायों और नवाचार तकनीक की जानकारी दी गई। साथ ही कंपनी की प्रमुख सामुदायिक विकास परियोजनाएं, उन्नति, मोर जल मोर माटी, वेदांता स्किल स्कूल, नंदघर, के साथ ही बालको मेडिकल सेंटर, बालको अस्पताल, एवं महिला स्वावलंबन की कहानियों को प्रदर्शित की गईं।

बालको केवल कोरबा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान है। कंपनी ने अपने समर्पण और जिम्मेदारी से समुदायों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का कार्य किया है। छह दशकों की अपनी गौरवशाली यात्रा में बालको ने औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी मिसाल कायम की है। कंपनी वर्तमान में कोरबा एवं आसपास के 123 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका और आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रही है, जिससे अब तक 2 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

बालको प्रबंधन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती राज्य की प्रगति और आत्मनिर्भरता की कहानी का प्रतीक है। बालको इस यात्रा में सदैव राज्य सरकार और समुदाय के साथ मिलकर सतत विकास के पथ पर अग्रसर रहेगा। इस अवसर पर बालको के अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिकगण एवं बड़ी संख्या में आगंतुक उपस्थित रहे।

Gross disrespect to BJP leaders भाजपा नेताओं के कटआउट पशु ट्राली मे ढोने के मामले मे निगम आयुक्त ने तीन अधिकारीयों को थमाया नोटिस

Gross disrespect to BJP leaders
Gross disrespect to BJP leaders

कोरबा।Gross disrespect to BJP leaders छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर ओपन थिएटर में 2 से 4 नवम्बर तक होने वाले राज्योत्सव कार्यक्रम स्थल पर छत्तीसगढ़ के नेताओं मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, श्रम मंत्री आदि के कट आउट को लगाने के लिए इनका परिवहन पशु ट्राली में किए जाने के मामले को महापौर के निर्देश पर आयुक्त ने गंभीरता से लिया है।

Gross disrespect to BJP leaders

Gross disrespect to BJP leaders
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ऐसा दूसरी बार हुआ है (11 सितम्बर 2025 को भी यह हुआ था) जब नेताओं के कट आउट पशु ट्राली में ढोए गए हों। पहली बार चेतावनी दी गई थी किंतु दूसरी बार वही गलती दोहराने पर आयुक्त ने इन अधिकारियों से 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। जवाब संतोषप्रद ना होने पर उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

निगम के उप अभियंता अश्विनी दास को राज्योत्सव स्थल पर होर्डिग लगाने का दायित्व सौंपा गया है। स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र थवाईत पशुओं वाले काऊ कैचर वाहन के प्रभारी हैं और उप अभियंता अभय मिंज निगम के वाहन शाखा में वाहनों की मॉनिटरिंग करने के प्रभारी हैं। इन तीनों की जानकारी में पशु ट्राली में नेताओं के कट आउट एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाये गए। इनका यह कृत्य कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही वाला माना गया है और छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत उल्लंघन मानते हुए इन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इन तीनों अधिकारियों को 48 घंटे का समय निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने दिया है।

इन अधिकारियो को मिला नोटिस Gross disrespect to BJP leaders

Gross disrespect to BJP leaders
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जिन अधिकारियों से जवाब मांगा गया है उनमें उप अभियंता अश्विनी दास जिन्हें राज्योत्सव स्थल पर होर्डिंग लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी, स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र थवाईत, जो काउ-कैचर (पशु पकड़ने वाले वाहन) के प्रभारी हैं और उप अभियंता अभय मिंज जो निगम के वाहन शाखा में मॉनिटरिंग के प्रभारी हैं,

इन तीनों की जानकारी में नेताओं के कटआउट पशु ट्रॉली में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाए गए। निगम आयुक्त ने इन्हें 48 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब देने का निर्देश दिया है। ऐसा न होने पर उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

महापौर की जुबानी Gross disrespect to BJP leaders

Gross disrespect to BJP leaders
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महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया और उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट मंत्रियों व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह की घोरलापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घोर प्रशासनिक लापरवाही है और उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों के साथ किसी भी तरह से उनके भावनाओं और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य ना किया जाए अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।

KORBA BREAK : 8 साल के मासूम के सीने मे फंसा सिक्का, मौत

KORBA BREAK
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कोरबा।KORBA BREAK जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे की सीने में सिक्का फंस जाने से मौत हो गई। मृतक बच्चे का नाम शिवम सारथी बताया जा रहा है। परिजनों के मुताबिक, उन्हें यह पता तक नहीं था कि बच्चे ने सिक्का निगल लिया है। जब उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी तो परिजन घबराकर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

KORBA BREAK

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अस्पताल में जांच के दौरान एक्सरे रिपोर्ट में बच्चे के सीने में सिक्का फंसा पाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि स्थिति गंभीर है और कहा कि “यहां इस बीमारी की दवा नहीं है, इलाज संभव नहीं है,” जिसके बाद परिजन बच्चे को निजी अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। लेकिन रास्ते में ही शिवम ने दम तोड़ दिया।

यह घटना जिला अस्पताल चौकी क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

KORBA BREAK

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मृतक के पिता मदन सारथी ने बताया कि वे मूलतः रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पहले बेटे के कंधे की चोट का इलाज कराने कोरबा आए थे और यहां गोढ़ी गांव में रिश्तेदारों के घर ठहरे हुए थे। शुक्रवार रात अचानक बच्चे की हालत बिगड़ गई — उसके हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे और सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

डॉक्टरों ने जांच के बाद एक्सरे रिपोर्ट में बताया कि शिवम के सीने में सिक्का फंसा है, जिससे उसकी सांस रुक रही है। इलाज की अनुपलब्धता के कारण उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही मासूम की जान चली गई।

KORBA BREAKING : विद्युत तार की चपेट में आने से ठेका श्रमिक की मौत, ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप

KORBA BREAKING

कोरबा (संतोष कुमार सारथी)  KORBA BREAKING कोरबा में ठेका श्रमिक की करेंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया , आनन में जब उपचार हेतु अस्पताल लेजाया गया , जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।

KORBA BREAKING

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मृतक का नाम सुदर्शन सिंह उर्फ कालू पिता का नाम स्वर्गीय करतार सिंह (35) पता अटल आवास शारदा विहार का रहने वाला था , जो साईं गोविंद कंपनी में राताखार के ठेका कंपनी में कार्यरत था , जहां ठेकेदार ने अपने निजी काम से श्रमिक को अपने घर भेजा था। परिजनों ने पूरे मामले में ठेकेदार की लापरवाही बताई हैं, उन्होंने बताया कि हमें जानकारी मिली कि सुखदर्शन विद्युत तार के करेंट की चपेट में आगया जिससे उसकी मृत्यु हो गई है। बहरहाल पूरे मामले में शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा जा रहा है, पुलिस की जांच जारी हैं।

 

गौवंश संरक्षण पर अनोखी प्रदर्शनी समाजसेवी तेजकरण जैन के ‘गौवंश संग्रह’ ने सबका मन मोहा

कोरबा। गौसेवा एवं गौवंश संरक्षण के प्रति गहरी निष्ठा रखने वाले समाजसेवी श्री तेजकरण जैन द्वारा तैयार गौवंश पर आधारित अनोखा और विशाल संकलन आज 30 अक्टूबर को अग्रसेन कन्या महाविद्यालय. प्रांगण में प्रदर्शित किया गया।

इस निःशुल्क प्रदर्शनी में दर्शकों ने विश्व के अनेक देशों के 476 नोट देखे जिन पर गाय की छवि अंकित है। साथ ही, गाय से संबंधित दुर्लभ सिक्कों का संग्रह भी आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदर्शनी में गाय के जन्म से लेकर मृत्यु तक की यात्रा को डाक टिकटों के माध्यम से अत्यंत सुंदर और शिक्षाप्रद रूप में प्रस्तुत किया गया।

अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य झा सर की उपस्थिति में आयोजित इस प्रदर्शनी में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी रुचि से देखा और ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त की। बच्चों ने इस अद्वितीय संकलन की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में नई जानकारी मिली।

प्रदर्शनी में अतिथि चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष एवं लायंस क्लब के पूर्व गवर्नर रामसिंह अग्रवाल, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष योगेश जैन, राजेन्द्र तिवारी, पारस जैन, अनिल अग्रवाल और संजय अग्रवाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी के सफल आयोजन में महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

Disclosure in CDSCO report केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन का बड़ा खुलासा 112 दवाओं को संदिग्ध माना,1 दवा नकली घोषित

Disclosure in CDSCO report 
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रायपुर।Disclosure in CDSCO report केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी सितंबर 2025 की रिपोर्ट में पाया गया है कि देश में कुल 112 दवा नमूने अस्वीकृत हुए हैं, जिनमें से एक दवा को मिस-ब्रांडेड (नकली) घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ से जुड़े 10 दवाओं के नमूने भी सूचीबद्ध हैं, जिनमें से एक नकली निकला है और शेष को मानक गुणवत्ता से कम आंका गया है।

Disclosure in CDSCO report

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रिपोर्ट में रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली दवाओं के नाम भी शामिल हैं — जैसे कृमि नाशक एल्बेंडाजोल, दर्द निवारक पैरासिटामॉल और एंटीबायोटिक एमोक्सिलीन। इनमें से 9 को ‘मानक गुणवत्ता से कम’ (NSQ) एवं 1 दवा को नकली बताया गया है, जो मरीजों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

Disclosure in CDSCO report

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केंद्रीय और राज्य दोनों प्रकार की प्रयोगशालाओं के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय प्रयोगशालाओं में 52 तथा राज्य प्रयोगशालाओं में 60 नमूने अमानक पाए गए। छत्तीसगढ़ से विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि एल्बेंडाजोल के चार अलग बैच लगातार फेल हुए हैं — ये बैच AFFY Parenterals कंपनी द्वारा निर्मित बताए गए हैं। सभी परीक्षणों में इन नमूनों ने डिज़ॉल्यूशन टेस्ट पास नहीं किया, जिसका अर्थ है कि दवा तंत्रिका रूप से शरीर में घुलकर असर नहीं कर रही थी।

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साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि मैकलियोड्स फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित एक फंगल क्रीम मिस-ब्रांडेड (नकली) पाई गई है। यह क्रीम सामान्यतः फंगल इन्फेक्शन के इलाज के लिए उपयोग की जाती है, इसलिए इसकी नकली होना स्वास्थ्य के लिहाज़ से गंभीर है।

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रायपुर दवा संघ के उपाध्यक्ष अश्वनी विग ने कहा कि बाजार में मिलने वाली नकली व अमानक दवाओं की सूचना मिलने पर जांच करवाई जाएगी और दोषी उत्पाद को बाजार से वापस मंगवाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रदेश नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि उन्हें अभी तक CDSCO का आधिकारिक नोटिफिकेशन प्राप्त नहीं हुआ है।

 

BALCO World Mental Health Day बालको ने कार्यस्थल पर चलाया मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

BALCO World Mental Health Day
BALCO World Mental Health Day

बालकोनगर, 25 अक्टूबर 2025। BALCO World Mental Health Day वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अतंर्गत मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन और कार्यस्थल पर जीवन की गुणवत्ता में सुधार हेतु जागरूकता एवं परामर्श सत्र आयोजित किए। इसके माध्यम से कंपनी ने कर्मचारियों के समग्र कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया। कार्यक्रम में 150 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया।

BALCO World Mental Health Day

BALCO World Mental Health Day
BALCO World Mental Health Day

अपने वेलनेस पार्टनर ‘योरदोस्त’ के सहयोग से बालको ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कीं, जिनमें “माइंड जिम क्विज़” नामक 60 सेकंड की प्रतियोगिता शामिल थी। इसका उद्देश्य एकाग्रता बढ़ाना और मानसिक तर्कशीलता को प्रोत्साहित करना था। वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. अंकिता सिंह ने कार्यशाला का संचालन किया, जिसमें तनाव के शुरुआती लक्षणों की पहचान, व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाने तथा मानसिक स्वास्थ्य को समय रहते संभालने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की गई।

BALCO World Mental Health Day

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व्यक्तिगत सहायता उपलब्ध कराने के लिए बालको ने वन-ऑन-वन काउंसलिंग सत्रों की भी व्यवस्था की, जिससे कर्मचारी सुरक्षित और गोपनीय वातावरण में विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर सकें। समाधान केंद्रित इन सत्रों ने कर्मचारियों को अपनी चिंताओं को पहचानने और अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया, जिससे संगठन के भीतर “सुनने और सहयोग करने की संस्कृति” को और सशक्त किया गया।

BALCO World Mental Health Day

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी की प्रगति की शुरुआत लोगों से होती है और आज की तेज़-रफ्तार दुनिया में भावनात्मक सुख-शांति अत्यंत आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य एक साझा जिम्मेदारी है, हर व्यक्ति को यह महसूस होना चाहिए कि वह समर्थित, मूल्यवान है और बिना किसी भय के परामर्श प्राप्त कर सकता है। हमारा लक्ष्य ऐसा कार्यस्थल बनाना है जहाँ खुलकर बातचीत, संवेदनशील समुदाय और हर व्यक्ति को सुना जाए ताकि वह अपनी पूर्ण क्षमता से विकसित हो सके।

अपने अनुभव साझा करते हुए शोविनी खेर ने कहा कि अक्सर कोई भी शुरुआती संकेतों के बारे में बात नहीं करता जैसे मनोदशा, ऊर्जा या ध्यान में सूक्ष्म बदलाव, जो किसी गहरी समस्या का संकेत हो सकते हैं। इस कार्यशाला ने मुझे उन संकेतों को पहचानने और समय रहते प्रतिक्रिया देने की समझ दी।

कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए बालको निरंतर जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता रहा है। कंपनी बालको प्रीमियर लीग (क्रिकेट), बैडमिंटन टूर्नामेंट और वॉलीबॉल प्रीमियर लीग जैसी खेल गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक फिटनेस और टीम भावना को बढ़ावा देती है। साथ ही पूरे साल विभिन्न त्यौहारों का उत्सव मनाकर सांस्कृतिक एकता और सामूहिक आनंद का वातावरण भी निर्मित करती है। इन पहल के माध्यम से बालको यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक कर्मचारी एक ऐसे वातावरण में कार्य करे जहाँ वह सम्मानित, समर्थित और अपनापन महसूस कर सकें।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल उतरे भू विस्थापितों के समर्थन मे, SECL प्रबंधन को कहा लाठी के जोर पर इसका समाधान नहीं हो सकता

कोरबा, दिनांक — 25 अक्टूबरः साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एस.ई.सी.एल.) के अधीन संचालित गेवरा कोयला खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों पर बीते दिनों हुआ लाठीचार्ज, उत्पीड़न और निजी गुंडों द्वारा दी जा रही धमकियाँ एक गंभीर और निंदनीय घटना है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों की खुली अवहेलना का प्रतीक है।

कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में कड़ी आपत्ति जताते हुए उक्त बातें पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कही,भू-विस्थापित ग्रामीण वर्षों से अपनी जमीन, आजीविका, और पुनर्वास अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इनकी माँगें — उचित मुआवजा, रोजगार में पारदर्शिता, पुनर्वास स्थल की व्यवस्था, तथा विस्थापन से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा — न केवल जायज़ हैं बल्कि संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों के अंतर्गत आती हैं।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल  ने  आगे कहा है  की यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के जवाब में खदान प्रबंधन ने संवाद के बजाय दमन का रास्ता चुना।  सी.आई.एस.एफ. जवानों द्वारा लाठीचार्ज करवाना न केवल अमानवीय है बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक मशीनरी अब आम नागरिकों के बजाय औद्योगिक हितों की सुरक्षा में लगी हुई है।और भी चिंताजनक बात यह है कि खदान ठेका कंपनियों द्वारा निजी गुंडों और बाउंसर्स को ग्रामीणों को डराने-धमकाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। यह कार्रवाई सीधे-सीधे कानून-व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाती है और यह प्रश्न उठाती है कि आखिर प्रशासन इन घटनाओं पर मौन क्यों है?

उन्होंनें आगे कहा की यह घटना केवल कुछ ग्रामीणों की समस्या नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र, कानून और नागरिक अधिकारों के लिए खतरे की घंटी है। जिन भूमि-पुत्रों की जमीन पर कोयले की खुदाई कर सरकार और कंपनियाँ अरबों का राजस्व अर्जित कर रही हैं, उन्हीं लोगों को आज उनके ही घरों से उजाड़ा जा रहा है — यह विडंबना नहीं, बल्कि शासन की संवेदनहीनता का प्रमाण है।

हम माँग करते हैं कि 

1. भू-विस्थापितों पर हुए लाठीचार्ज और बल प्रयोग की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
2. ठेका कंपनियों द्वारा नियोजित गुंडों व बाउंसर्स की पहचान कर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. एस.ई.सी.एल. प्रबंधन को निर्देशित किया जाए कि किसी भी परिस्थिति में निजी सुरक्षा बल या बाहरी व्यक्तियों से ग्रामीणों को डराने या हिंसा करने जैसी गतिविधियाँ न कराई जाएँ।

4. प्रशासन, खदान प्रबंधन और भू-विस्थापित प्रतिनिधियों के बीच तत्काल त्रिपक्षीय बैठक आयोजित कर वास्तविक समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए।
5. भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु पुलिस बल को संयमित व्यवहार के स्पष्ट निर्देश दिए जाएँ।
यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो जन-आक्रोश और व्यापक रूप ले सकता है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र की होगी।

यह संघर्ष केवल जमीन या मुआवजे का नहीं, बल्कि सम्मान, अस्तित्व और न्याय की लड़ाई है — और यह तब तक जारी रहेगा जब तक भू-विस्थापितों को उनका हक नहीं मिल जाता।