Home Blog Page 3

Shivay Hospital Sets an Example : बिना चिरफाड़ के लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से महिला को मिली नई जिंदगी, शिवाय हॉस्पिटल बना जिले का प्रथम अस्पताल

Shivay Hospital Sets an Example 
Shivay Hospital Sets an Example 

कोरबा। Shivay Hospital Sets an Example : डेढ़ साल से असहनीय दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव की पीड़ा झेल रही 46 वर्षीय महिला के लिए शिवाय हॉस्पिटल में हुई आधुनिक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी नई जिंदगी की शुरुआत बन गई। गर्भाशय में 10 से 12 सेंटीमीटर के 600 ग्राम यूटरस के कारण महिला की हालत बेहद मुश्किल हो गई थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण मामले में विशेषज्ञों ने बिना बड़े चीरे के लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सफल सर्जरी कर मरीज को राहत दिलाई।

इस सफल उपचार की खास बात यह रही कि सर्जन डॉ. पूर्णिमा सुरभि की अगुवाई में मेडिकल टीम ने जटिल ऑपरेशन को आधुनिक दूरबीन तकनीक से अंजाम दिया। शिवाय हॉस्पिटल के अनुसार, अस्पताल बिना बड़े चीरे वाली लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने वाला जिले का प्रथम अस्पताल है।

महिला पिछले करीब डेढ़ वर्षों से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव और बड़े-बड़े रक्त के थक्कों की समस्या से जूझ रही थीं। हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें दिनभर में करीब 8 पैड तक बदलने पड़ते थे। लगातार रक्तस्राव और दर्द ने उनके सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था।

गर्भाशय में मिला 10-12 सेंटीमीटर का विशाल फाइब्रॉयड Shivay Hospital Sets an Example 

Shivay Hospital Sets an Example 
Shivay Hospital Sets an Example

जांच के दौरान पेल्विक अल्ट्रासोनोग्राफी में गर्भाशय में करीब 10 से 12 सेंटीमीटर का विशाल फाइब्रॉयड पाया गया। ट्यूमर के कारण गर्भाशय का आकार सामान्य से बढ़कर करीब 16 से 18 सप्ताह के गर्भ जैसा हो गया था।

डॉ. पूर्णिमा सुरभि की अगुवाई में चुनौतीपूर्ण लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन Shivay Hospital Sets an Example 

मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. पूर्णिमा सुरभि और गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. पूजा कुंडू की अगुवाई में मेडिकल टीम ने आधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी का निर्णय लिया।

25 जुलाई 2026 को टोटल लेप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी (TLH) और बाइलेटरल साल्पिंगेक्टॉमी की गई। इस दौरान लेप्रोस्कोपिक मोर्सेलेशन तकनीक की मदद से विशाल ट्यूमर और प्रभावित हिस्से को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। जटिलता के बावजूद सर्जरी के दौरान किसी आपातकालीन स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।

सफल ऑपरेशन के बाद मुस्कुराते हुए घर लौटीं महिला

सर्जरी के बाद महिला की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। पूरी तरह स्वस्थ और हेमोडायनामिक रूप से स्थिर होने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

डेढ़ साल की पीड़ा से राहत मिलने के बाद मरीज और उनके परिजनों ने डॉ. पूर्णिमा सुरभि सहित पूरी मेडिकल टीम का आभार जताया। परिजनों के मुताबिक, शिवाय हॉस्पिटल में मिली आधुनिक चिकित्सा सुविधा और विशेषज्ञों के प्रयास से मरीज को एक नई जिंदगी मिली है।

शिवाय हॉस्पिटल में हुई यह सर्जरी कोरबा में आधुनिक लेप्रोस्कोपिक उपचार की बढ़ती सुविधाओं को रेखांकित करती है।

BALCO : बालको ने ‘वरदान’ अपार्टमेंट का किया उद्घाटन, युवा कर्मचारियों को मिला नया आवास

 

बालकोनगर, 5 सितंबर 2026। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारी कल्याण और टाउनशिप विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘वरदान’ अपार्टमेंट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश कुमार सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में युवा कर्मचारियों को उनके नए आवास की चाबियां सौंपी गईं।

‘वरदान’ अपार्टमेंट को बालको के युवा कर्मचारियों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। ‘वरदान’ नाम शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। इसी भावना के साथ इस आवासीय परिसर को आधुनिक जीवनशैली और बेहतर सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। जी+9 संरचना वाले ‘वरदान’ अपार्टमेंट में कुल 172 सुसज्जित आवास हैं। प्रत्येक आवास को वन बीएचके स्टूडियो अपार्टमेंट की अवधारणा पर तैयार किया गया है, जो खास तौर पर युवा कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखता है।

इस अवसर पर श्री राजेश कुमार सिंह ने कहा, “बालको की प्रगति में हमारे कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनका कल्याण हमारी विकास यात्रा का एक अहम हिस्सा है। हमारा प्रयास है कि ऐसा वातावरण बनाया जाए, जहाँ कर्मचारी कार्यस्थल के साथ-साथ अपने घर और समुदाय में भी बेहतर जीवन जी सकें। ‘वरदान’ अपार्टमेंट इसी दिशा में एक कदम है। यह हमारे युवा कर्मचारियों को सुविधाजनक और बेहतर आवास उपलब्ध कराएगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी। हमें विश्वास है कि यह बालकोनगर में बेहतर जीवनशैली और सुखद आवासीय वातावरण बनाने के हमारे प्रयासों को और मजबूती देगा।”

प्रत्येक आवास में मॉड्यूलर किचन, टेलीविजन, फर्निश्ड अलमारी, सोफा-कम-बेड तथा फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं से कर्मचारियों को अपने नए घर में आराम और सुविधा के साथ रहने में मदद मिलेगी। परिसर में तीन लिफ्ट, आधुनिक कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण की व्यवस्था, सुरक्षित वातावरण और लगभग 35,000 वर्गफुट का हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र विकसित किया गया है। इसके अलावा कैफेटेरिया-कम-डाइनिंग स्पेस और बैंक्वेट हॉल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं कर्मचारियों को साथ एक साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराएंगी।

 

‘वरदान’ अपार्टमेंट में पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। परिसर में 50 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था की गई है। यह बालको और वेदांता समूह के स्थायित्व लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल संरक्षण के लिए 80 किलोलीटर प्रतिदिन (80 हजार लीटर) क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और तीन वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं। इन व्यवस्थाओं से पानी के बेहतर उपयोग और संरक्षण में मदद मिलेगी।

 

‘वरदान’ अपार्टमेंट केवल रहने की जगह नहीं है, बल्कि यह बालको की कर्मचारी-केंद्रित सोच का हिस्सा है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को काम के साथ-साथ बेहतर जीवन के लिए भी सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। आधुनिक सुविधाओं से तैयार यह परिसर कर्मचारियों को बेहतर जीवन, आपसी जुड़ाव और नई शुरुआत का अवसर प्रदान करता है। यह पहल बालको की कर्मचारी कल्याण और टाउनशिप में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

शहंशाहे छत्तीसगढ़ बाबा इंसान अली का सालाना उर्स 28 से, पत्रकार वार्ता में सदर ने दी तैयारियो की जानकारी 

कोरबा | बिलासपुर जिले के प्रसिद्ध लुतरा शरीफ दरगाह में शहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैयद इंसान अली शाह का सालाना उर्स इस वर्ष 28 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। पांच दिवसीय उर्स को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इंतजामिया कमेटी दरगाह लुतरा शरीफ की ओर से कोरबा में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर उर्स के कार्यक्रम और व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।

 

 

इंतजामिया कमेटी ने परेशान वार्ता में बताया की उर्स में छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन के सहयोग से साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा, आवागमन और विश्राम सहित अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है।

 

उर्स के दौरान सर्वधर्म समभाव की भावना के तहत शाकाहारी शाही लंगर की व्यवस्था भी रहेगी।

 

परचम कुशाई के साथ होगा उर्स का आगाज

28 सितंबर को उर्स की शुरुआत दरगाह परिसर में परचम कुशाई की रस्म के साथ होगी। दुआ और अकीदत के बीच मुख्य परचम फहराया जाएगा। इसके बाद संदल-चादर का आयोजन होगा। रात 10 बजे ऑल इंडिया नातिया मुशायरा होगा, जिसकी सदारत कारी शब्बीर अहमद अशरफी कोरबा करेंगे। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से नात और मनकबत पेश करने वाले शायर शामिल होंगे।

29 सितंबर को गुस्ल और शाही संदल उर्स के दूसरे दिन 29 सितंबर को मजार-ए-पाक का गुस्ल और शाही संदल होगा। रात 9 बजे बाबा सरकार की शान में अजीमुशान जलसा-ए-तकरीर आयोजित किया जाएगा। इसमें किछौछा शरीफ से सैय्यद राशिद मक्की मियां की तकरीर होगी।

30 सितंबर को मुंबई के मुजतबा अजीज नाज़ा की कव्वाली30 सितंबर को अम्मी जान साहिबा की संदल-चादर की रस्म होगी। रात 10 बजे महफिले समा में मुंबई के रेडियो-टीवी सिंगर मुजतबा अजीज नाज़ा कव्वाली पेश करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में जायरीनों के शामिल होने की संभावना है।

1 अक्टूबर को रईस अनीस अंसारी की कव्वाली

चौथे दिन 1 अक्टूबर को रात 10 बजे महफिले कव्वाली का आयोजन किया जाएगा। इसमें बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रईस अनीस अंसारी अपनी कव्वाली पेश करेंगे।

कुल की फातिहा के साथ 2 अक्टूबर को उर्स का समापन

 

2 अक्टूबर को उर्स के अंतिम दिन सुबह 11 बजे रंग की महफिल होगी। इसमें बिजनौर के रईस अनीस साबरी की मौजूदगी रहेगी। किछौछा शरीफ के सैय्यद महमूद अशरफ की सदारत में कुल की फातिहा के साथ पांच दिवसीय उर्स का समापन होगा।दोपहर से देर रात तक चलता रहेगा शाही लंगर इंतजामिया कमेटी के मुताबिक उर्स के सभी दिनों में दोपहर से देर रात तक दरबारी शाही लंगर यानी भंडारे की व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। कमेटी का कहना है कि लुतरा शरीफ में हर धर्म और समुदाय के लोग आस्था के साथ पहुंचते हैं। उर्स के दौरान भी सर्वधर्म समभाव की परंपरा को कायम रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा।

पत्रकार वार्ता में सदर हाजी मो. इकबाल हक, खजांची फैजान अहमद शेबू, नूरी मज़ीद सदर मो. आरिफ खान, नायव खजांची- जावेद रब्बानी (कोरबा) लंगर इंचार्ज हाजी मो. कुदुस (बिलासपुर) मेंबर्स- हाजी मो. नजीर अहमद (बलौदा), मो. सज्जाद सिद्दीकी (कोरबा), सैयद इंसान अली (बिलासपुर), शेख सिकंदर (बिलासपुर), मो. एजाज खान (लुतरा शरीफ), मुशर्रफ खान (विलासपुर), अब्दुल वहाब अशरफी (लुतरा शरीफ), हाजी अनवारूल हक (लुतरा शरीफ), हाजी अब्दुल करीम वेग (लुतरा शरीफ), अब्दुल शहनवाज मेमन (लुतरा शरीफ), शेख अब्दुल गफ्फार (लुतरा शरीफ) सहित बिलासपुर, कोरबा, बलौदा और लुतरा शरीफ के सदस्य शामिल हैं।

मिनीमाता बांगो बांध में बढ़ी आवक, 94.30% हुआ जलभराव; 9 गेट खोले गए, निचली बस्ती के लिए अलर्ट जारी 

कोरबा। मिनीमाता बांगो बांध के कैचमेंट क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रही पानी की आवक के चलते बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 358.71 मीटर और जलभराव 94.30 प्रतिशत दर्ज किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी को हसदेव नदी में नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है।

कार्यपालन अभियंता, मिनीमाता बांगो बांध संभाग क्रमांक-3, माचाडोली, कोरबा से प्राप्त जानकारी के अनुसार बांध में वर्तमान में 54,115 क्यूसेक पानी की आवक (Inflow) दर्ज की गई है। बढ़ती आवक को देखते हुए मुख्य अभियंता बिलासपुर एवं अधीक्षण अभियंता कोरबा से चर्चा और अनुमति के बाद रात 12 बजे बांध के नौ रेडियल गेटों को अलग-अलग ऊंचाई तक खोला गया।

इन गेटों से छोड़ा जा रहा पानी

बांध के गेट क्रमांक 1, 2, 3, 9, 10 और 11 बंद हैं। वहीं—
गेट क्रमांक 4 — 0.50 मीटर
गेट क्रमांक 5 — 0.60 मीटर
गेट क्रमांक 6 — 0.80 मीटर
गेट क्रमांक 7 — 0.60 मीटर
गेट क्रमांक 8 — 0.50 मीटर
इस प्रकार रेडियल गेटों की कुल ओपनिंग 3 मीटर है। इन गेटों से लगभग 17,197 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
इसके अलावा हाइडल पावर प्लांट के माध्यम से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह मिनीमाता बांगो बांध से कुल 26,197 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में प्रवाहित किया जा रहा है।

दर्री बैराज पर भी रखी जा रही नजर

बांगो बांध से पानी छोड़े जाने के बाद इसका प्रभाव दर्री बैराज में भी पड़ने की संभावना है। विभाग द्वारा बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए दर्री बैराज के गेटों की ओपनिंग भी पहले से बढ़ाई जा रही है, ताकि अचानक अधिक पानी पहुंचने पर स्थिति नियंत्रित रहे।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पूरे जलप्रवाह और बांध की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। बढ़ती आवक को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार गेटों की ओपनिंग में आगे भी बदलाव किया जा सकता है।

फिलहाल बांध से पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है और जलस्तर एवं नदी के प्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है।

बालकोनगर में मानव भ्रूण मिलने से मचा हड़कंप, देर रात सड़क किनारे मिला मासूम अस्तित्व

बालकोनगर। बालको थाना क्षेत्र के भद्रापारा इलाके में बुधवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब श्री अपार्टमेंट के समीप मुख्य मार्ग के किनारे एक मानव भ्रूण दिखाई दिया। सड़क किनारे पड़े इस मासूम अस्तित्व पर स्थानीय लोगों की नजर पड़ते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भ्रूण को सड़क किनारे छोड़ दिया गया था। स्थानीय लोगों ने जैसे ही इसे देखा, तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी और भ्रूण को उपचार एवं आवश्यक जांच के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना डायल-112 के माध्यम से पुलिस तक पहुंची। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भ्रूण यहां तक कैसे पहुंचा और इसे सड़क किनारे छोड़ने वाला आखिर कौन है।

घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किस परिस्थिति में एक अजन्मे जीवन को इस तरह सड़क किनारे छोड़ दिया गया? क्या इसके पीछे कोई मजबूरी थी या फिर मामला किसी गंभीर घटना से जुड़ा है? इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

फिलहाल बालको पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच सहित अन्य संभावित पहलुओं के आधार पर भ्रूण को छोड़ने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

बालको टाउनशिप, बदलते परिवेश में बेहतर जीवन की नई राह

Balco

बालकोनगर, 2 सितंबर 2026। एक औद्योगिक टाउनशिप केवल आवास और कार्यस्थल तक सीमित नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुविधा, मनोरंजन और सामाजिक जुड़ाव का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। बालकोनगर में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बालको द्वारा टाउनशिप को अधिक सुंदर, हरित, स्वस्थ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

नगर निगम कोरबा, वार्ड क्रमांक 39 के पार्षद श्री सतेंद्र दुबे ने कहा, “बालको सामुदायिक विकास के साथ-साथ टाउनशिप के सर्वांगीण विकास की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है। टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण, आंबेडकर स्टेडियम का आधुनिकीकरण एवं सौंदर्यीकरण तथा अन्य जनहितकारी परियोजनाएं इसके विकास प्रयासों का प्रमाण हैं। इन कार्यों से स्थानीय समुदाय को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। कंपनी द्वारा हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए आवासीय परिसर में वृक्षारोपण करना तथा सामुदायिक भवनों का निर्माण भी सराहनीय पहल है। ये भवन स्थानीय निवासियों के सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों में उपयोगी साबित हो रहे हैं। टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए बालको प्रबंधन के निरंतर प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं।”

Balco

बालको टाउनशिप की पहचान उसकी हरियाली और खुले स्थानों से भी जुड़ी है। नेहरू उद्यान, फॉरेस्ट वॉकवे, स्मृति उद्यान और जुबली पार्क जैसे स्थानों के विकास और सौंदर्यीकरण से टाउनशिप का वातावरण अधिक आकर्षक और जीवंत हुआ है। बेहतर हरियाली, प्रकाश व्यवस्था और सुविधाओं के साथ ये स्थान निवासियों को प्रकृति के करीब समय बिताने, टहलने और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के अवसर उपलब्ध कराते हैं।

Balco

बालको टाउनशिप में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल, बालको टाउनशिप स्कूल, एमजीएम स्कूल और बाल सदन जैसी शैक्षणिक संस्थाएं बच्चों और युवाओं को शिक्षा एवं समग्र विकास के अवसर प्रदान कर रही हैं। पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, रचनात्मकता, खेल और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी ध्यान दिया जाता है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में बालको अस्पताल बालकोनगर और आसपास के समुदाय के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 125 बेड के इस अस्पताल में सामान्य चिकित्सा के साथ शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा, रेडियोलॉजी और अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। आईसीयू, डायलिसिस, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाएं जैसी आधुनिक सुविधाएं भी यहां उपलब्ध हैं।

स्वच्छ और स्वस्थ टाउनशिप के लिए वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बालको टाउनशिप में स्थापित सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर द्वारा घरेलू कचरे को इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से एकत्र कर जैविक और अजैविक कचरे में अलग किया जाता है। जैविक कचरे को खाद में बदला जाता है, जबकि प्लास्टिक कचरे का जिम्मेदार तरीके से सह-प्रसंस्करण किया जाता है। घर के स्तर पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए निवासियों को प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है।

टाउनशिप के सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए मंगल भवन का नवीनीकरण किया गया है, जहां जिम सहित सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। इंडियन कॉफी हाउस की शुरुआत ने भी टाउनशिप के सामाजिक जीवन को नया आयाम दिया है। यह कर्मचारियों, परिवारों, निवासियों और आगंतुकों के लिए मिलने-जुलने और संवाद का सुविधाजनक स्थल बन रहा है। खेल सुविधाओं के विकास के लिए अंबेडकर स्टेडियम के आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण तथा अन्य जनहितकारी परियोजनाओं के माध्यम से नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

बालको टाउनशिप में हो रहे ये बदलाव इस सोच को दर्शाते हैं कि औद्योगिक प्रगति केवल उत्पादन और व्यवसाय तक सीमित नहीं होती। वास्तविक विकास तब होता है, जब उसके साथ लोगों का जीवन और समुदाय भी बेहतर बने। हरियाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, खेल, सामाजिक जुड़ाव और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का समन्वय बालकोनगर को एक जीवंत और सुविधासंपन्न समुदाय का स्वरूप दे रहा है।

CG Weather Alert : कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 24 घंटे अहम

CG Weather Alert 
CG Weather Alert 

कोरबा। CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान बलरामपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली और सूरजपुर जिले में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

CG Weather Alert

CG Weather Alert 

बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से नदी-नालों या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

CG Weather Alert 
CG Weather Alert

ब्लैकआउट न्यूज़ की अपील: बारिश के दौरान सुरक्षित रहें और स्थानीय प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करें।

Illegal ash dumping : NTPC जमनीपाली पर 90 लाख का पर्यावरणीय प्रहार! शासकीय भूमि पर राखड़ डंप का मामला, अफसरों पर हो FIR 

Illegal ash dumping 
Illegal ash dumping 

कोरबा। Illegal ash dumping : कोरबा की औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। NTPC जमनीपाली पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है। मामला ग्राम छुरीखुर्द में शासकीय भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग से जुड़ा है।

इस कार्रवाई ने न केवल फ्लाई ऐश के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर किया है कि NTPC के धनरास राखड़ बांध से निकलने वाली राखड़ आखिर किन रास्तों से होकर शासकीय जमीन तक पहुंच रही थी?

रात के अंधेरे में पर्यावरण विभाग की दबिश Illegal ash dumping 

Illegal ash dumping 
Illegal ash dumping

बताया गया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने रात्रिकालीन गश्त के दौरान ग्राम छुरीखुर्द स्थित अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग स्थल पर दबिश दी।मौके पर फ्लाई ऐश डम्पिंग में लगे वाहनों को पकड़ा गया। जांच के दौरान सामने आया कि वाहनों में NTPC जमनीपाली के धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लाकर शासकीय भूमि पर डम्पिंग की जा रही थी।
दिन के उजाले में होने वाली सामान्य जांच के बजाय रात में की गई इस कार्रवाई को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि टीम के पहुंचते ही राखड़ परिवहन और डम्पिंग से जुड़ी गतिविधियां जांच के घेरे में आ गईं।

90 लाख की क्षतिपूर्ति—NTPC पर बड़ा आर्थिक वार Illegal ash dumping 

Illegal ash dumping 
Illegal ash dumping

मामले की जांच के बाद पर्यावरण विभाग ने NTPC लिमिटेड, जमनीपाली पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है।फ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर लगातार उठते रहे सवालों के बीच इतनी बड़ी आर्थिक कार्रवाई ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। खास तौर पर तब, जब मामला शासकीय भूमि पर राखड़ डम्पिंग से जुड़ा हो।

राखड़ का खेल या निगरानी में बड़ी चूक?Illegal ash dumping 

अब सवाल सिर्फ 90 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का नहीं है।
सवाल यह है कि धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश निकलने के बाद उसकी निगरानी कहां तक की जा रही थी?
यदि राखड़ को किसी निर्धारित व्यवस्था के तहत परिवहन किया जा रहा था, तो वह शासकीय भूमि तक कैसे पहुंची?
क्या परिवहन में लगे वाहनों के लिए निर्धारित डम्पिंग स्थल तय था?यदि था, तो फिर शासकीय जमीन पर राखड़ डम्प करने की नौबत कैसे आई?और सबसे बड़ा सवाल—इस पूरी व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही किसकी थी?

जिला पर्यावरण अधिकारी के नेतृत्व में कार्रवाई Illegal ash dumping 

यह कार्रवाई जिला पर्यावरण अधिकारी प्रसन्ना सोनकर की अगुवाई में की गई। पर्यावरण विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग के खिलाफ रात्रिकालीन गश्त और निगरानी जारी रहेगी।अधिकारी के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब आगे किसकी बारी?

90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के बाद अब नजर इस बात पर है कि मामले की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है।क्या केवल क्षतिपूर्ति लगाकर मामला खत्म माना जाएगा?
या फिर फ्लाई ऐश के स्रोत से लेकर परिवहन और अवैध डम्पिंग स्थल तक पूरी कड़ी की जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी?शासकीय भूमि पर राखड़ डम्पिंग का यह मामला पर्यावरण विभाग की निगरानी व्यवस्था के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली फ्लाई ऐश के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

BLACKOUT NEWS की नजर अब इस बात पर रहेगी कि 90 लाख की कार्रवाई के बाद विभाग अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग की पूरी कड़ी तक पहुंचता है या मामला सिर्फ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तक सीमित रह जाता है।

BLACKOUT NEWS के बड़े सवाल

► NTPC के धनरास राखड़ बांध से राखड़ बाहर कैसे निकली?
► शासकीय भूमि तक राखड़ किसकी अनुमति से पहुंची?
► परिवहन में लगे वाहनों की निगरानी कौन कर रहा था?
► अवैध डम्पिंग के पीछे कौन-कौन जिम्मेदार है?
► क्या इस पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच होगी?
90 लाख की कार्रवाई के बाद अब असली सवाल—राखड़ का जिम्मेदार कौन?

The dilapidated condition of Korba main post office : 40 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा मुख्य डाकघर, अनहोनी की आशंका से पड़ोसी भी भयाक्रांत

The dilapidated condition of Korba main post office 

कोरबा  ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) The dilapidated condition of Korba main post office :  शहर का मुख्य डाकघर करीब 40 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। भवन की मौजूदा स्थिति को देखकर किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। चिंताजनक बात यह है कि इस जर्जर भवन में सिर्फ डाकघर का कार्यालय ही संचालित नहीं हो रहा, बल्कि डाक विभाग के कर्मचारी अपने परिवार के साथ यहां रह भी रहे हैं। लगातार हो रही बारिश ने भवन की हालत को और गंभीर बना दिया है।

बुनियाद को चूहों ने कर दिया खोखला The dilapidated condition of Korba main post office

The dilapidated condition of Korba main post office 

स्थानीय लोगों के मुताबिक भवन की बुनियाद लंबे समय से कमजोर होती जा रही है। भवन के आसपास और नींव के हिस्सों में चूहों ने सुरंगनुमा रास्ते बना दिए हैं, जिससे बुनियाद के कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। कई स्थानों पर भवन की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह कभी भी धराशायी हो सकता है।

पीपल और बरगद की जड़ों ने बढ़ाई परेशानी The dilapidated condition of Korba main post office

The dilapidated condition of Korba main post office 
जर्जर भवन के चारों तरफ पीपल, बरगद और अन्य जंगली घास उग आई है। बड़े पेड़ों की जड़ें भवन की दीवारों और नींव तक पहुंच चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की जड़ें धीरे-धीरे भवन के ढांचे को कमजोर कर रही हैं। समय रहते इन पेड़ों और जड़ों को हटाकर भवन की तकनीकी जांच कराना जरूरी है।

मूसलाधार बारिश से बढ़ा खतरा The dilapidated condition of Korba main post office

The dilapidated condition of Korba main post office 
इन दिनों लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने और कमजोर भवन पर खतरा और बढ़ गया है। बारिश का पानी भवन के आसपास जमा होने तथा नमी के कारण इसकी संरचना पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।

कर्मचारियों के परिवार भी रहते हैं इसी भवन में

सबसे गंभीर पहलू यह है कि डाकघर में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार भी इसी परिसर में रहते हैं। ऐसे में भवन के अचानक गिरने की स्थिति में जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है। कर्मचारियों के साथ-साथ यहां आने वाले डाकघर के उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पड़ोसी मकानों पर भी मंडरा रहा खतरा

जर्जर भवन को लेकर आसपास रहने वाले लोग भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि भवन का कोई हिस्सा अचानक गिरता है तो आसपास के मकानों और लोगों को भी नुकसान पहुंच सकता है। यही वजह है कि पड़ोसी किसी अनहोनी की आशंका से भयाक्रांत हैं।

हादसे से पहले जागना जरूरी

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराए और उसकी वास्तविक स्थिति की जांच करे। यदि भवन रहने और कार्यालय संचालन के लिए असुरक्षित पाया जाता है तो कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के साथ ही डाकघर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन और डाक विभाग को समय रहते कदम उठाना चाहिए।

सवाल यही है कि जब भवन की हालत देखकर खतरा साफ नजर आ रहा है, तो क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?

कोरबा सराफा एसोसिशन में राजू सोनी बनाये गए अध्यक्ष तो कोमल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी

कोरबा कोरबा सर्राफा एसोसिएशन के नए पदाधिकारी का चयन किया गया जिसमें सर समृद्धि से राजू सोनी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है वही राजेश सोनी को सचिन एवं कोमल जैन को कोषाध्यक्ष की जवाबदारी दी गई है इसके साथ ही अन्य पदाधिकारी का चयन किया जाना शेष हैँ.


अपनी नियुक्ति के बाद राजू सोनी ने कहा कि सराफा एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सतत प्रयास किया जाएगा और संगठन को नई ऊंचाइयां में ले जाने का प्रयास किया जाएगा राजू सोनी सहित सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद सराफा व्यवसाययों ने सभी पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सराफा एसोसिएशन के नए पदाधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियां को बखूबी और ईमानदारी से अंजाम तक पहुंचाएं इनके साथ कोरबा का सभी सराफा व्यवसाय इनके साथ खड़ा है उनकी नई जिम्मेदारी की सभी को शुभकामनाएं.