कोरबा। बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित न्यू कोरबा हॉस्पिटल (एनकेएच) सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने 13 अक्टूबर को अपनी सेवा यात्रा के 12 वर्ष पूरे कर लिए। वर्ष 2014 में ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह सफर आज आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और अनुभवी स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से मरीजों की सेवा तक पहुंच चुका है। 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर अस्पताल में उत्साह के साथ समारोह आयोजित किया गया।
समारोह की शुरुआत डॉ. एस. चंदानी, डॉ. वंदना चंदानी और डॉ. एस. पालीवाल ने केक काटकर की। इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सकों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी तथा अस्पताल की सेवा यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बीते 12 वर्षों में एनकेएच ने स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए गंभीर मरीजों के उपचार के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की हैं। अस्पताल में 24 घंटे ट्रामा एवं आपातकालीन सेवाएं, अत्याधुनिक आईसीयू, क्रिटिकल केयर यूनिट और हृदय रोगियों के उपचार के लिए कैथ लैब सहित विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, निःशुल्क चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी जनसेवा की जा रही है।
इस अवसर पर ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने कोरवावासियों के विश्वास, सहयोग और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही एनकेएच ने 12 वर्षों का सफर पूरा किया है। अस्पताल परिवार भविष्य में भी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं और जनसेवा की भावना के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्षगांठ पर 120 से अधिक मरीजों की निःशुल्क ओपीडी जांच
कोरबा। एनकेएच सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निःशुल्क ओपीडी सेवा का आयोजन किया गया। इस दौरान 120 से अधिक मरीजों की जांच कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। अस्पताल प्रबंधन की इस पहल का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाना रहा।
समारोह में उपस्थित चिकित्सक एवं प्रमुख सदस्य डॉ. वंदना चंदानी, डॉ. एस. पालीवाल, डॉ. आर. पालीवाल, डॉ. अविनाश तिवारी, डॉ. मनीष गोयल, डॉ. अविनाश सिंह, डॉ. अजीत ठोकल, डॉ. शिवानी प्राग्दा, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. एस. एस. पांडेय, डॉ. रोहित मजूमदार, डॉ. सुदीप्त साहा, डॉ. रिया दुबे के अलावा आरएमओ, वरिष्ठ प्रशासनिक कर्मचारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा अन्य चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
बालकोनगर, 12 अक्टूबर, 2026। Balco’s Poshan Maah Campaign : वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पोषण माह 2026 का समापन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान बच्चों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, स्वस्थ खानपान की आदतों को प्रोत्साहित करने और बाल विकास में समुदाय की भागीदारी मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित की गईं। बालको की ‘आरोग्य’ परियोजना और ‘नंद घर’ पहल के तहत आयोजित इस अभियान के माध्यम से 28 नंद घरों में 1,500 से अधिक बच्चों, माताओं और उनकी देखभाल करने वालों तक पहुंच बनाई गई। यह पहल भारत सरकार के पोषण अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप बच्चों के बेहतर पोषण को बढ़ावा देने पर केंद्रित रही।
Balco’s Poshan Maah Campaign
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अभियान के दौरान परिवार वालों को बच्चों के शारीरिक विकास, सीखने की क्षमता और बेहतर स्वास्थ्य में पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। माताओं और देखभाल करने वालों ने जागरूकता सत्रों, बच्चों के वजन और विकास की जांच तथा संतुलित आहार और खानपान से जुड़ी चर्चाओं में भाग लिया। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन बनाने का प्रदर्शन भी किया गया, ताकि परिवार इन तरीकों को अपने दैनिक जीवन में अपना सकें।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने कहा, “हमारी स्वास्थ्य संबंधी परियोजनाएं सभी आयु वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं। इनमें बच्चों का पोषण हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। पोषण माह जैसी पहल के माध्यम से हम समुदाय के साथ मिलकर पोषण और बचाव आधारित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करते हैं। इस माह 1,500 से अधिक अभिभावकों और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों तक पहुंचना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम समुदाय के लोगों के विश्वास और भागीदारी के लिए आभारी हैं। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए हम मिलकर प्रयास जारी रखेंगे।”
Balco’s Poshan Maah Campaign
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अभियान के दौरान ताजा और गर्म पका हुआ भोजन तैयार करने के प्रदर्शन तथा पोषण बाड़ी को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इनमें मोटे अनाज, दाल और मौसमी सब्जियों के पोषण संबंधी लाभ की जानकारी दी गई। घर में उगाई गई स्थानीय उपज का उपयोग कर बच्चों और परिवार के पोषण को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा सामुदायिक बैठक के माध्यम से अभिभावक, स्वयं सहायता समूह, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को पोषण संबंधी अभियान से जोड़ा गया। इन प्रयासों का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था।
सतनाम नगर की श्रीमती चंद्रकांता महिलाने ने कार्यक्रम के अनुभव साझा करते हुए कहा, “इस सत्र से हमें घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से बच्चों के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन तैयार करने की उपयोगी जानकारी मिली। हमने जाना कि बच्चों का वजन बढ़ाने, पाचन बेहतर रखने और उनके समग्र स्वास्थ्य के लिए किस तरह के भोजन जरूरी हैं। यहां दी गई जानकारी सरल और व्यावहारिक थी, जिसे हम अपने घरों में अपना सकते हैं और अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकते हैं।”
Balco’s Poshan Maah Campaign
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महीने भर चले इस अभियान का समापन क्लस्टर स्तर पर आयोजित पोषण माह समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में पोषण विषय पर आधारित प्रतियोगिताएं और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित की गईं। इस पहल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और स्वस्थ व सशक्त समुदाय के निर्माण के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) कोरबा नगर पालिका निगम के अफसर द्वारा ठेकेदार से बदजुबानी का एक मामला सामने आया है जिसमें ठेकेदार अंकुश मिश्रा ने इस बदजुबानी की शिकायत सीएम पोर्टल में की है मामला यहीं समाप्त नहीं होता बल्कि इस मामले को लेकर नगर निगम कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भी मोर्चा खोल दिया है और रुचि साहू की शिकायत नगर पालिका निगम आयुक्त से लेकर सीएम तक की गई है अब देखना यह है कि युक्त इस मामले को गंभीरता से लेते हैं अथवा ठेकेदारों के हाथ सिफ़र ही लगेगा. ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष असलम खान द्वारा CM को लिखे पत्र में कहा है कि नगर पालिक निगम, कोरबा की कार्यपालन अभियंता (कोरबा जोन) सुश्री रूचि साहू द्वारा लगातार ठेकेदारों के साथ दुर्व्यव्यवहार एंव बत्तमीजी से बात की जा रही है। साथ ही उनके द्वारा ठेकेदारों द्वारा पूर्ण किए जा चुके अथवा चलित भुगतानों की फाईलों को भी कई दिनों तक बेवजह रोककर रखा जा रहा है। जब कभी कोई ठेकेदार समय लेकर या अपनी फाइलों के संबंध में रूचि साहू से बात करने जाते हैं तो वह उसे अपमानित करती है और इनकी बात करने की शैली भी बहुत ही अमर्यादित होती है। जिससे ठेकेदार स्वयं में अपमानित महसूस करते हैं।
रुचि साहू की इस तरह की बहुत सी शिकायतें सामने आती रहती है, परन्तु अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। अतः आपसे निवेदन है कि तत्काल इस घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करेंगें।
साकेत भवन कोरबा
अतः अगर कार्यवाही नहीं की जाती है तो छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन एवं नगर पालिक निगम कोरबा कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन आंदोलन हेतु बाध्य होंगे और समस्त निर्माण कार्य बंद किए जाएंगे। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी नगर पालिक निगम कोरबा विभाग की होगी।
बालकोनगर, अक्टूबर 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना ‘आरोग्य’ की मदद से वर्ष भर में कोरबा एवं छत्तीसगढ़ के 70 से अधिक गांवों के 1.2 लाख से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई। प्राथमिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, निवारक देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता को केंद्र में रखते हुए कंपनी ने समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है।
BALCO
वित्तवर्ष 2026 में ‘आरोग्य’ के तहत 92 हजार से अधिक लोगों को प्राथमिक, निवारक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। तीन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से लगभग 4800 नागरिकों को नियमित प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए दो मोबाइल हेल्थ वैन संचालित की गईं। मल्टी-स्पेशलिटी हेल्थ कैंपों में सामान्य चिकित्सा के साथ दंत चिकित्सा, त्वचा रोग, हड्डी रोग और स्त्री रोग जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
51 आंगनवाड़ी केंद्रों में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 3,300 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 268 बच्चों को कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित कर विशेष देखभाल प्रदान की गई, जबकि गंभीर रूप से कुपोषित 18 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर किया गया। एनीमिया उन्मूलन के लिए 45 शिविर के माध्यम से 1137 गर्भवती महिलाओं, माताओं एवं किशोरियों को पोषण एवं आयरन सेवन के प्रति जागरूक किया गया। ‘बेबी स्टेप्स टुगेदर’ पहल के तहत 80 से अधिक दंपतियों को मातृत्व देखभाल में पिता की भूमिका को लेकर प्रशिक्षित किया गया।
नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से विद्यालय, युवा चौपाल, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता शिविर के माध्यम 4,900 से अधिक युवाओं एवं समुदाय के लोगों को जागरूक किया गया। टीबी एवं एचआईवी जागरूकता के 110 सत्रों के माध्यम से 67 हजार से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई गई तथा 64 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया। सुरक्षित मातृत्व दिवस, विश्व मलेरिया दिवस, स्तनपान सप्ताह, पोषण माह और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे अवसरों पर भी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बालको अस्पताल बालको परिवार और आसपास के क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। 125 बेड वाले मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में सालाना लगभग 2.2 लाख मरीजों का उपचार किया जाता है। अस्पताल में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग, ईएनटी, दंत चिकित्सा और फिजियोथेरेपी सहित विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं।
अस्पताल की डायग्नोस्टिक सुविधाओं में सीटी स्कैन, 2डी ईको, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, होल्टर मॉनिटरिंग, स्पाईरोमेट्री और ट्रेडमिल टेस्टिंग शामिल हैं। उन्नत चिकित्सा सेवाओं में जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं आर्थ्रोप्लास्टी, डायलिसिस, फेकोइमल्सीफिकेशन मोतियाबिंद सर्जरी, लेजर प्रोक्टोलॉजी और ईवीएलए जैसी प्रक्रियाएं भी उपलब्ध हैं। 10 आईसीयू बेड और आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं से अस्पताल की क्रिटिकल केयर एवं सर्जिकल क्षमता को और मजबूती मिली है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बालको की प्रतिबद्धता को बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी), नया रायपुर ने कैंसर देखभाल के क्षेत्र में व्यापक स्वरूप दिया है। 170-बेड वाला तृतीयक कैंसर केंद्र कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, निदान और उपचार के साथ रेडिएशन थेरेपी, ब्रैकीथेरेपी, न्यूक्लियर मेडिसिन, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पैलिएटिव केयर जैसी सेवाएं प्रदान करता है।
2018 में स्थापना के बाद बीएमसी में करीब 76,000 मरीजों का उपचार, लगभग 14,000 बड़ी सर्जरी और 96,000 से अधिक कीमोथेरेपी सत्र किए जा चुके हैं। कैंसर की शुरुआती पहचान और रोकथाम के लिए 600 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। बीएमसी में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का विस्तार, इंडोस्कोपी सूट और उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं का विकास इसकी चिकित्सा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
कैंसर देखभाल को समुदाय तक ले जाने के लिए बीएमसी द्वारा मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन और स्वास्थ्य स्क्रीनिंग गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। वित्तवर्ष 2026 में आयोजित 250 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों से 20 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए। जरूरतमंद मरीजों के लिए उपचार सहायता, आवास, परिवहन, पोषण और अन्य सहयोगी सेवाओं के माध्यम से उपचार की राह को आसान बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
हाल ही में आयोजित बीएमसी कैंसर कॉंक्लेव के दौरान छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर एलिमिनेशन प्रोग्राम की शुरुआत की गई। यह पहल कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और समुदाय आधारित स्क्रीनिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बालको के सामुदायिक विकास कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के कोरबा, कवर्धा, सरगुजा, रायगढ़ और रायपुर जिलों के 128 गांवों तक पहुंच रहे हैं। ‘आरोग्य’ के माध्यम से समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं, बालको अस्पताल के जरिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा और बीएमसी के माध्यम से उन्नत कैंसर देखभाल को जोड़ते हुए बालको स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। ये पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों और सतत विकास लक्ष्य-3 के अनुरूप स्वस्थ एवं सशक्त समुदाय के निर्माण में योगदान दे रही हैं।
कोरबा। KORBA BREAKING : निहारिका क्षेत्र स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद होटल की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में मिठाई और पकवान बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को संडास में धोते हुए एक वीडियो सोशल मिडिया में तेजी से वायरल हो रहा हैं, होटल पहुंचे एक ग्राहक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
KORBA BREAKING
KORBA BREAKING
वीडियो में सार्वजनिक उपयोग वाले संडास में बर्तन धोते हुए दिखाई देने पर खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों से पूछताछ करने पर बताया गया कि इमरजेंसी की स्थिति में बर्तन वहां धुलवाए जा रहे थे।अब यह इमरजेंसी क्या हो सक्ति हैं यह तो होटल संचालक ही बता सकता हैं.
KORBA BREAKING
मामले में होटल प्रबंधन के मैनेजर मुकेश स्वर्णकार से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। इधर, खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए होटल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
खाद्य विभाग की कार्य प्रणाली भी संदेह के दायरे मेंKORBA BREAKING
KORBA BREAKING
अब विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं संडास में बर्तन धोने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने एवं खाद्य विभाग के संज्ञान में आने के बाद खाद्य विभाग ने मात्र नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली है जबकि ऐसे मामले में होटल पहुंचकर तत्काल इसकी जांच की जानी चाहिए वही सोशल मीडिया में वायरस वीडियो की भी जांच की जानी चाहिए ताकि होटल में इस तरह के कृत्य पर लगाम लग सके इसका भौतिक सत्यापन किया जाना था किंतु खाद्य विभाग एकमात्र नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता अब देखना यह होगा की नोटिस के बाद खाद्य विभाग कार्रवाई करता है या मामले को ठन्डे बस्ते में डालने में कोई कोताही ही नहीं करेगा
दीपका (ब्लैकआउट न्यूज़ ) Knife attack in Dipka : दीपका थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे मारपीट और चाकूबाजी की घटना से हड़कंप मच गया। किन्नरों के एक समूह और स्थानीय युवकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इसी दौरान समूह में शामिल एक व्यक्ति द्वारा चाकू निकालकर हमला किए जाने की बात सामने आई है। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल वायरल हो रहा है।
Knife attack in Dipka
Knife attack in Dipka
बताया जा रहा है कि किन्नरों का समूह बस्ती क्षेत्र में गली-गली घूमकर बख्शीस लेने निकला था। इसी दौरान बस्ती मुख्य मार्ग पर एक स्थानीय व्यक्ति, जिसके शराब के नशे में होने की बात कही जा रही है, द्वारा कथित तौर पर कुछ टिप्पणी की गई। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। वायरल VIDEO में मारपीट और चाकू दिखाने का दृश्य वायरल वीडियो में किन्नरों का समूह संबंधित व्यक्ति और उसके साथ मौजूद युवक के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है।
Knife attack in Dipka
बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ अन्य लोगों के साथ भी झूमा-झटकी होती नजर आ रही है। इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा चाकू निकाले जाने का दृश्य भी वीडियो में दिखाई दे रहा है।घटना के बाद बस्ती मुख्य मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। दिनदहाड़े मुख्य मार्ग पर चाकू निकलने और मारपीट की घटना ने इलाके की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और दोनों पक्षों के आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। दोनों पक्षों की शिकायत पर कार्रवाई दीपका थाना प्रभारी निरीक्षक धर्म नारायण तिवारी ने बताया कि घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस पूरे मामले की जांच के साथ वायरल वीडियो को भी जांच के दायरे में ले रही है।एसपी के जिले में मुख्य मार्ग पर दिनदहाड़े चाकू निकलने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा छेड़ दी है। अब पुलिस कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और चाकू निकालकर हमला करने के आरोप में किसकी भूमिका सामने आती है।
कोरबा। नियत्रंक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं जिला दंडाधिकारी के दिये गये निर्देश के परिपालन में माह सितंबर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन औषधि विभाग कोरबा के औषधि निरीक्षको के द्वारा कोरबा नगर निगम क्षेत्र, कटघोरा ब्लाक, दीपका एवं हरदी बाजार क्षेत्र स्थित मेडिकल स्टोर्स में औषधियों की गुणवत्ता, खरीदी बिक्री और बिना प्रिस्क्रीपसन के नारकोटिक औषधियों के पूर्णतः प्रतिबंधित औषधियों के व्यापार पर नियंत्रण हेतु निरीक्षण की कार्यवाही की गई।
औचक निरीक्षण की कार्यवाही में हरदी बाजार स्थित मेसर्स शर्मा मेडिकल स्टोर्स, मेसर्स मां संतोषी मेडिकल स्टोर्स, कटघोरा स्थित मेसर्स गोपाल मेडिकल स्टोर्स, मेसर्स महादेव एंजेसी, मेसर्स याका मेडिकल स्टोर्स कोरबा नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत मेसर्स आर.व्ही एंटरप्राइजेस, मेसर्स गरीमा मेडिकल स्टोर्स, मेसर्स अभिषेक मेडिकल, मेसर्स मेडीसीन कार्नर, मेसर्स महामाया मेडिकल स्टोर्स, मेसर्स सपना मेडीकल स्टोर्स एनटीपीसी हास्पीटल कैंपस, मेसर्स वर्षा केमिस्ट जेलगांव, मेसर्स साहू मेडिकोज दर्री, मेसर्स हनुमान मेडिकल स्टोर्स जेलगांव, मेसर्स सर्वमंगला मेडिकल जेलगांव एवं मेसर्स विभोर फार्मा पोंड़ी उपरोड़ा ब्लाक स्थित मेसर्स पीएम जन औषधि, करतला ब्लॉक स्थित मेसर्स पारस मेडिकल स्टोर्स, मेसर्स लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स में नारकोटिक दवाआंे, शेड्युल एच, एच 1 एवं अन्य औषधि नियमावली के अनियमितताओं के संबंध में जांच किया गया।
उक्त जांच के दौरान 05 मेडिकल स्टोर्स के संचालक के द्वारा औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख मौके पर प्रस्तुत करने मे असमर्थ रहे। उक्त दुकानों को कारण बताओ सूचना पत्र का नोटिस दिया जायेगा।
संतोषप्रद जवाब नही पाये जाने पर विभाग द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामाग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत के अनुज्ञप्ति के निलंबन अथवा निरस्तीकरण कार्यवाही की जायेगी। उक्त कार्यवाही के दौरान औषधि निरीक्षक श्री सुनील सांडे, पोंड़ीउपरोड़ा क्षेत्र के श्री विरेन्द्र भगत एवं कटघोरा क्षेत्र के औषधि निरीक्षक श्री रिषी साहू औषधि विभाग की टीम उपस्थित थे।
माह सितंबर में निरीक्षण के दौरान औषधि गुणवत्ता जांच हेतु मेसर्स मोदी फार्मा, दर्री रोड, पोंड़ीउपरोड़ा ब्लॉक स्थित मेसर्स आकाश मेडिकल स्टोर्स , दीपका क्षेत्र स्थित मेसर्स लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स प्रगति नगर से एंटीबायोटिक, पेनकिलर एवं विटामिन संबधित औषधियांे का प्रयोगशाला जांच हेतु नमूना संकलन किया गया।
किये गये निरीक्षण के अनुसार, मेसर्स सोना मेडिकल स्टोर्स बतारी हरदी बाजार, मेसर्स साहू मेडिकोज दर्री, मेसर्स सपना मेडीकल स्टोर्स एनटीपीसी हास्पीटल कैंपस, मेसर्स वर्षा केमिस्ट जेलगांव, मेसर्स हनुमान मेडिकल स्टोर्स जेलगांव, को शेड्यल एच और अन्य दवाओ की खरीदी बिक्री से संबधित दस्तावेजों अनियमितताओं के कारण कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। एवं मेसर्स धनंवंतरी मेडिकल स्टोर्स, पुराना बस स्टैंड का औषधि अनुज्ञप्ति का निलंबन किया गया।
ज्ञात हो कि औषधि नियम के अनुसार नशे के रूप दुरूपयोग होने वाली औषधियों को बिना प्रिस्क्रीपसन के बिक्री किया जाना पूर्णरूपेण प्रतिबंधित है। जिले में संचालित मेंडिकल स्टोर्स में औषधियों की गुणवत्ता, खरीदी ब्रिकी, दस्तावेजो के सत्यापन एवं नशीली दवाओं के अवैध विक्रय में नियंत्रण हेतु सघन निरीक्षण प्रतिमाह किया जा रहा है।
जिले के समस्त ब्लाकों के मेडिेकल स्टोर्स के आगामी समय में इसी प्रकार जिला प्रशासन के साथ, औषधि विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा सयुक्त रूप से चरणबद्व तरिकों से कार्यवाही की जावेगी। ताकि जनसाधरण केा गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित औषधियो उपलब्ध हो सके सभी मेडिकल संचालको को निर्देशित किया गया है कि दवाइयों की खरीदी बिक्री से संबधित समस्त दस्तावेजो को नियमानुसार संधारण करे और केवल मानक और प्रमाणित दवाओ की बिक्री करे साथ ही शेडृयूल एच, नार्काटिक दवाए और एमटीपी किट जैसी औषधियो का विक्रय केवल पंजीकृत डाक्टर के प्रस्क्रिप्शन पर ही करे।
कोरबा। Shivay Hospital Korba : किडनी, पेशाब की नली और पुरुषों से जुड़ी यूरोलॉजी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए कोरबा में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का एक और विकल्प सामने आया है। न्यू बस स्टैंड, लालूराम कॉलोनी स्थित शिवाय हॉस्पिटल में Consultant Urologist डॉ. वैभव कांत बदेरिया की सेवाएं उपलब्ध होने की जानकारी अस्पताल की ओर से जारी परिचय सामग्री में दी गई है।
डॉ. वैभव कांत बदेरिया की शैक्षणिक योग्यता MBBS, MS और MCh बताई गई है। वे Consultant Urologist के रूप में यूरोलॉजी से संबंधित मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और उपचार संबंधी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
किडनी से लेकर पेशाब संबंधी समस्याओं तक विशेषज्ञ परामर्श Shivay Hospital Korba
Shivay Hospital Korba
यूरोलॉजी चिकित्सा में किडनी, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय, पेशाब की नली और पुरुष प्रजनन तंत्र से जुड़ी कई समस्याएं शामिल होती हैं। ऐसी स्थितियों में समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
कोरबा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को यूरोलॉजी संबंधी समस्या होने पर अक्सर बड़े शहरों में विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर Consultant Urologist की उपलब्धता मरीजों के लिए विशेषज्ञ राय लेने का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराती है।
शिवाय हॉस्पिटल की विशेषज्ञ सेवाओं में एक और विस्तार Shivay Hospital Korba
Shivay Hospital Korba
न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित शिवाय हॉस्पिटल लगातार अपनी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार कर रहा है। अस्पताल में यूरोलॉजी विशेषज्ञ की उपलब्धता इसी दिशा में एक और कदम के रूप में सामने आई है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीज डॉ. वैभव कांत बदेरिया से यूरोलॉजी संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। डॉक्टर की उपलब्धता और अपॉइंटमेंट के लिए अस्पताल से सीधे संपर्क किया जा सकता है।
पता: New Bus Stand, Laluram Colony, Korba (C.G.)संपर्क: 9458999333, 9458999444
बिलासपुर : बिलासपुर जिले में स्थित शहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सय्यद इंसान अली शाह रहमतुल्लाह का 68 वां उर्स बड़े सांसद मनाया जा रहा है इस दरमियान वाहन पार्किंग को लेकर कमेटी एवं एसडीएमसी पद द्वारा लूथरा पंचायत को जो दिशा निर्देश दिया गया था उसका उल्लंघन करते हुए सड़क पर खड़े वाहनों से पार्किंग चार्ज वसूलने पर जायरीनों में आक्रोश पैदा हो गया था इस मामले को ब्लैकआउट न्यूज़ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर एसडीएमसी सीपत एवं इंतजामिया कमेटी के संज्ञान में लाकर कार्यवाही की मांग की थी.
खबर प्रकाशन के बाद इंतजामिया कमेटी ने पंचायत प्रतिनिधियों को बुलाकर पार्किंग के संबंध में दिशा निर्देश जारी करते हुए सड़क पर खड़े वाहनों पर किसी तरह का शुल्क वसूलने पर रोक लगा दी है वहीं एसडीएम सीपत ने पंचायत प्रतिनिधियों को फोन कर इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिया है वहीं एसडीएम में स्पष्ट किया है कि इसका उल्लंघन किए जाने पर आगे कानूनी कार्यवाही की जा सकती है.बहरहाल जायरीनों को इससे काफ़ी राहत मिली हैं.
कोरबा/बिलासपुर। Korba Breaking News : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा जिले के दीपका स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात और भ्रूण बरामदगी से जुड़े करीब 15 साल पुराने मामले में अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को आंशिक रूप से पलटते हुए मामले के तीन चिकित्सकों को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट के तहत दोषी करार दिया है।
भ्रूण रखने की वजह साबित नहीं कर सके डॉक्टर Korba Breaking News
CG High Court
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी डॉक्टर यह साबित नहीं कर सके कि अस्पताल में कांच की बोतलों में रखे 16 से 32 सप्ताह के भ्रूण किसी वैध चिकित्सीय आवश्यकता के तहत और सद्भावनापूर्वक रखे गए थे।
अदालत ने राज्य सरकार की ओर से दायर अपील को स्वीकार करते हुए निचली अदालत के फैसले में बदलाव किया और तीनों चिकित्सकों को MTP एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी माना।
2011 में लाइफ केयर हॉस्पिटल में पड़ा था छापा Korba Breaking News
यह मामला 7 अगस्त 2011 का है। उस समय तत्कालीन सीएमएचओ और कटघोरा एसडीएम की संयुक्त टीम ने दीपका स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल में औचक छापेमारी की थी।
कार्रवाई के दौरान अस्पताल परिसर से अलग-अलग कांच की बोतलों में रखे 16 से 32 सप्ताह के भ्रूण बरामद किए गए थे। इसके अलावा टीम ने गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले चिकित्सीय उपकरण और बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाएं भी जब्त की थीं।
निचली अदालत ने तीनों चिकित्सकों को किया था बरी
मामले की सुनवाई कटघोरा के अपर सत्र न्यायालय में हुई थी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद रविदास, डॉ. मिथिलेश प्रसाद और रेणू श्रीवास्तव को बरी कर दिया था।
निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। इसके बाद मामले में लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चली।
हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला
राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को आंशिक रूप से पलट दिया। अदालत ने तीनों चिकित्सकों को MTP एक्ट के उल्लंघन का दोषी ठहराया है।
करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब दोषसिद्धि के अनुरूप आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।