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CG Weather Alert : कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 24 घंटे अहम

CG Weather Alert 
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कोरबा। CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान बलरामपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली और सूरजपुर जिले में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

CG Weather Alert

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बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से नदी-नालों या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

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ब्लैकआउट न्यूज़ की अपील: बारिश के दौरान सुरक्षित रहें और स्थानीय प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करें।

Illegal ash dumping : NTPC जमनीपाली पर 90 लाख का पर्यावरणीय प्रहार! शासकीय भूमि पर राखड़ डंप का मामला, अफसरों पर हो FIR 

Illegal ash dumping 
Illegal ash dumping 

कोरबा। Illegal ash dumping : कोरबा की औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। NTPC जमनीपाली पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है। मामला ग्राम छुरीखुर्द में शासकीय भूमि पर किए जा रहे कथित अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग से जुड़ा है।

इस कार्रवाई ने न केवल फ्लाई ऐश के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर किया है कि NTPC के धनरास राखड़ बांध से निकलने वाली राखड़ आखिर किन रास्तों से होकर शासकीय जमीन तक पहुंच रही थी?

रात के अंधेरे में पर्यावरण विभाग की दबिश Illegal ash dumping 

Illegal ash dumping 
Illegal ash dumping

बताया गया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने रात्रिकालीन गश्त के दौरान ग्राम छुरीखुर्द स्थित अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग स्थल पर दबिश दी।मौके पर फ्लाई ऐश डम्पिंग में लगे वाहनों को पकड़ा गया। जांच के दौरान सामने आया कि वाहनों में NTPC जमनीपाली के धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लाकर शासकीय भूमि पर डम्पिंग की जा रही थी।
दिन के उजाले में होने वाली सामान्य जांच के बजाय रात में की गई इस कार्रवाई को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि टीम के पहुंचते ही राखड़ परिवहन और डम्पिंग से जुड़ी गतिविधियां जांच के घेरे में आ गईं।

90 लाख की क्षतिपूर्ति—NTPC पर बड़ा आर्थिक वार Illegal ash dumping 

Illegal ash dumping 
Illegal ash dumping

मामले की जांच के बाद पर्यावरण विभाग ने NTPC लिमिटेड, जमनीपाली पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है।फ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर लगातार उठते रहे सवालों के बीच इतनी बड़ी आर्थिक कार्रवाई ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। खास तौर पर तब, जब मामला शासकीय भूमि पर राखड़ डम्पिंग से जुड़ा हो।

राखड़ का खेल या निगरानी में बड़ी चूक?Illegal ash dumping 

अब सवाल सिर्फ 90 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का नहीं है।
सवाल यह है कि धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश निकलने के बाद उसकी निगरानी कहां तक की जा रही थी?
यदि राखड़ को किसी निर्धारित व्यवस्था के तहत परिवहन किया जा रहा था, तो वह शासकीय भूमि तक कैसे पहुंची?
क्या परिवहन में लगे वाहनों के लिए निर्धारित डम्पिंग स्थल तय था?यदि था, तो फिर शासकीय जमीन पर राखड़ डम्प करने की नौबत कैसे आई?और सबसे बड़ा सवाल—इस पूरी व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही किसकी थी?

जिला पर्यावरण अधिकारी के नेतृत्व में कार्रवाई Illegal ash dumping 

यह कार्रवाई जिला पर्यावरण अधिकारी प्रसन्ना सोनकर की अगुवाई में की गई। पर्यावरण विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग के खिलाफ रात्रिकालीन गश्त और निगरानी जारी रहेगी।अधिकारी के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब आगे किसकी बारी?

90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के बाद अब नजर इस बात पर है कि मामले की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है।क्या केवल क्षतिपूर्ति लगाकर मामला खत्म माना जाएगा?
या फिर फ्लाई ऐश के स्रोत से लेकर परिवहन और अवैध डम्पिंग स्थल तक पूरी कड़ी की जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी?शासकीय भूमि पर राखड़ डम्पिंग का यह मामला पर्यावरण विभाग की निगरानी व्यवस्था के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली फ्लाई ऐश के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

BLACKOUT NEWS की नजर अब इस बात पर रहेगी कि 90 लाख की कार्रवाई के बाद विभाग अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग की पूरी कड़ी तक पहुंचता है या मामला सिर्फ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तक सीमित रह जाता है।

BLACKOUT NEWS के बड़े सवाल

► NTPC के धनरास राखड़ बांध से राखड़ बाहर कैसे निकली?
► शासकीय भूमि तक राखड़ किसकी अनुमति से पहुंची?
► परिवहन में लगे वाहनों की निगरानी कौन कर रहा था?
► अवैध डम्पिंग के पीछे कौन-कौन जिम्मेदार है?
► क्या इस पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच होगी?
90 लाख की कार्रवाई के बाद अब असली सवाल—राखड़ का जिम्मेदार कौन?

The dilapidated condition of Korba main post office : 40 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा मुख्य डाकघर, अनहोनी की आशंका से पड़ोसी भी भयाक्रांत

The dilapidated condition of Korba main post office 

कोरबा  ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) The dilapidated condition of Korba main post office :  शहर का मुख्य डाकघर करीब 40 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। भवन की मौजूदा स्थिति को देखकर किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। चिंताजनक बात यह है कि इस जर्जर भवन में सिर्फ डाकघर का कार्यालय ही संचालित नहीं हो रहा, बल्कि डाक विभाग के कर्मचारी अपने परिवार के साथ यहां रह भी रहे हैं। लगातार हो रही बारिश ने भवन की हालत को और गंभीर बना दिया है।

बुनियाद को चूहों ने कर दिया खोखला The dilapidated condition of Korba main post office

The dilapidated condition of Korba main post office 

स्थानीय लोगों के मुताबिक भवन की बुनियाद लंबे समय से कमजोर होती जा रही है। भवन के आसपास और नींव के हिस्सों में चूहों ने सुरंगनुमा रास्ते बना दिए हैं, जिससे बुनियाद के कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। कई स्थानों पर भवन की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह कभी भी धराशायी हो सकता है।

पीपल और बरगद की जड़ों ने बढ़ाई परेशानी The dilapidated condition of Korba main post office

The dilapidated condition of Korba main post office 
जर्जर भवन के चारों तरफ पीपल, बरगद और अन्य जंगली घास उग आई है। बड़े पेड़ों की जड़ें भवन की दीवारों और नींव तक पहुंच चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की जड़ें धीरे-धीरे भवन के ढांचे को कमजोर कर रही हैं। समय रहते इन पेड़ों और जड़ों को हटाकर भवन की तकनीकी जांच कराना जरूरी है।

मूसलाधार बारिश से बढ़ा खतरा The dilapidated condition of Korba main post office

The dilapidated condition of Korba main post office 
इन दिनों लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने और कमजोर भवन पर खतरा और बढ़ गया है। बारिश का पानी भवन के आसपास जमा होने तथा नमी के कारण इसकी संरचना पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।

कर्मचारियों के परिवार भी रहते हैं इसी भवन में

सबसे गंभीर पहलू यह है कि डाकघर में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार भी इसी परिसर में रहते हैं। ऐसे में भवन के अचानक गिरने की स्थिति में जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है। कर्मचारियों के साथ-साथ यहां आने वाले डाकघर के उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पड़ोसी मकानों पर भी मंडरा रहा खतरा

जर्जर भवन को लेकर आसपास रहने वाले लोग भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि भवन का कोई हिस्सा अचानक गिरता है तो आसपास के मकानों और लोगों को भी नुकसान पहुंच सकता है। यही वजह है कि पड़ोसी किसी अनहोनी की आशंका से भयाक्रांत हैं।

हादसे से पहले जागना जरूरी

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराए और उसकी वास्तविक स्थिति की जांच करे। यदि भवन रहने और कार्यालय संचालन के लिए असुरक्षित पाया जाता है तो कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के साथ ही डाकघर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन और डाक विभाग को समय रहते कदम उठाना चाहिए।

सवाल यही है कि जब भवन की हालत देखकर खतरा साफ नजर आ रहा है, तो क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?

कोरबा सराफा एसोसिशन में राजू सोनी बनाये गए अध्यक्ष तो कोमल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी

कोरबा कोरबा सर्राफा एसोसिएशन के नए पदाधिकारी का चयन किया गया जिसमें सर समृद्धि से राजू सोनी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है वही राजेश सोनी को सचिन एवं कोमल जैन को कोषाध्यक्ष की जवाबदारी दी गई है इसके साथ ही अन्य पदाधिकारी का चयन किया जाना शेष हैँ.


अपनी नियुक्ति के बाद राजू सोनी ने कहा कि सराफा एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सतत प्रयास किया जाएगा और संगठन को नई ऊंचाइयां में ले जाने का प्रयास किया जाएगा राजू सोनी सहित सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद सराफा व्यवसाययों ने सभी पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सराफा एसोसिएशन के नए पदाधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियां को बखूबी और ईमानदारी से अंजाम तक पहुंचाएं इनके साथ कोरबा का सभी सराफा व्यवसाय इनके साथ खड़ा है उनकी नई जिम्मेदारी की सभी को शुभकामनाएं.

BALCO : बालको ने डिजिटल कंट्रोल टावर्स के माध्यम से प्रचालन को बनाया अधिक स्मार्ट

बालकोनगर, 31 अगस्त 2026। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने लॉजिस्टिक्स और प्रचालन को अधिक स्मार्ट और कनेक्टेड बनाने की दिशा में पांच एआई-सक्षम डिजिटल कंट्रोल टावर्स को एकीकृत किया है। ये कंट्रोल टावर्स कोयला लॉजिस्टिक्स, फिनिश्ड प्रोडक्ट, फ्लाई फ्लाई ऐश प्रबंधन, आंतरिक वाहनों और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े संचालन को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाते हैं। इससे महत्वपूर्ण प्रचालन गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी, बेहतर समन्वय और डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद मिल रही है। यह पहल तकनीक-सक्षम और मजबूत घरेलू विनिर्माण मूल्य श्रृंखला विकसित करने की भारत की व्यापक दिशा के अनुरूप है।

 

इस डिजिटल व्यवस्था में जीपीएस, आईओटी आधारित वाहन ट्रैकिंग, एआई आधारित वीडियो टेलीमैटिक्स, जियो-फेंसिंग और रियल-टाइम एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इनके माध्यम से लॉजिस्टिक्स गतिविधियों की शुरुआत से अंत तक निगरानी और बेहतर प्रबंधन संभव हो रहा है। एजेंटिक एआई से लैस ये कंट्रोल टावर्स उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रचालन के रुझानों को समझने, संभावित आवश्यकताओं की पहचान करने और समय पर कार्रवाई के लिए सुझाव देने में मदद करते हैं। इससे संसाधनों के बेहतर उपयोग, प्रक्रियाओं में अनुशासन और प्रचालन की प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलता है।

 

कोयला लॉजिस्टिक्स कंट्रोल टावर कोयले के परिवहन की डिजिटल ट्रैकिंग और मूवमेंट प्लानिंग में मदद करता है। इससे कोयले की आवाजाही की निगरानी और आपूर्ति श्रृंखला में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है। फिनिश्ड प्रोडक्ट कंट्रोल टावर प्लांट के भीतर तैयार उत्पादों की आवाजाही को डिजिटल रूप से प्रबंधित करता है। इसमें डिजिटल प्रूफ ऑफ डिलीवरी, जियो-फेंसिंग आधारित रूटिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो उत्पादों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाती हैं। फ्लाई ऐश मैनेजमेंट कंट्रोल टावर राख की आवाजाही और निर्धारित मार्गों की रियल-टाइम निगरानी करता है। इससे राख के परिवहन की बेहतर ट्रैकिंग, संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन में सहायता मिलती है। वेस्ट मैनेजमेंट कंट्रोल टावर अपशिष्ट पदार्थों की आवाजाही और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन की निगरानी करता है, जिससे बेहतर ट्रेसबिलिटी और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

 

वहीं, इंटरनल व्हीकल कंट्रोल टावर प्लांट परिसर में संचालित तकनीकी और उपयोगिता वाहनों की केंद्रीकृत निगरानी करता है। इसमें मीडियम टैक्टिकल व्हीकल्स (एमटीवी), लाइट मीडियम टैक्टिकल व्हीकल्स (एलटीवी), फोर्कलिफ्ट, हाइड्रा, कैंपर और बस जैसे वाहन शामिल हैं। इन सभी वाहनों को साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने से उनकी गतिविधियों की निगरानी और प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।

 

ये कंट्रोल टावर्स बालको की व्यापक डिजिटलाइजेशन रणनीति का हिस्सा हैं। वाहनों, मार्गों, आवाजाही और अन्य प्रचालन गतिविधियों से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत कर यह व्यवस्था टीमों को महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स कार्यों की समग्र जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रचालन में होने वाले बदलावों की पहचान, प्रदर्शन का विश्लेषण और आवश्यक कार्रवाई तेजी से करने में मदद मिलती है।

कंट्रोल टावर्स के माध्यम से कच्चे माल, फिनिश्ड प्रोडक्ट, आंतरिक वाहनों और विनियमित अपशिष्ट की आवाजाही में बेहतर निगरानी और समन्वय स्थापित हुआ है। इससे जवाबदेही, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती को बढ़ावा मिल रहा है।

एल्यूमिनियम उद्योग तेजी से तकनीक आधारित और कनेक्टेड विनिर्माण व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इस दिशा में बालको आधुनिक तकनीकों और औद्योगिक अनुभव के संयोजन से अपनी डिजिटल क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। पांच डिजिटल कंट्रोल टावर्स का एकीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बालको के प्रचालन को अधिक एकीकृत, प्रभावी और भविष्य के लिए तैयार बनाने में योगदान दे रहा है।

Balco celebrated Raksha Bandhan :  बालको ने आपसी विश्वास, स्नेह और एकजुटता के पर्व रक्षाबंधन को धूमधाम से मनाया

Balco celebrated Raksha Bandhan 
Balco celebrated Raksha Bandhan 

बालकोनगर, 28 अगस्त, 2026।Balco celebrated Raksha Bandhan :  वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों और समुदाय के साथ आपसी विश्वास, स्नेह और एकजुटता के प्रतीक रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। इस अवसर पर कर्मचारियों ने सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उनके समर्पण और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने में योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, समुदाय के साथ उत्सव मनाकर बालको ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

Balco celebrated Raksha Bandhan

Balco celebrated Raksha Bandhan 
Balco celebrated Raksha Bandhan

बालको में रक्षाबंधन को सुरक्षा और विश्वास से जोड़ते हुए विभिन्न विभागों के करीब 150 कर्मचारियों ने महिला, पुरुष, ट्रांसजेंडर और सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। इस पहल के माध्यम से कर्मचारियों ने उन कर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जो हर दिन कार्यस्थल पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राखी का यह धागा आपसी विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षित कार्य संस्कृति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।

Balco celebrated Raksha Bandhan

Balco celebrated Raksha Bandhan 
Balco celebrated Raksha Bandhan

रक्षाबंधन के अवसर पर बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी उत्सव में भागीदारी की। महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां बालको के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों की कलाई पर बांधीं। यह पहल उन्नति परियोजना के माध्यम से महिलाओं में विकसित आत्मविश्वास, कौशल और उद्यमशीलता की भावना को दर्शाती है। महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में उन्नति परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Balco celebrated Raksha Bandhan

 

वहीं, बालको अस्पताल में भी रक्षाबंधन की विशेष झलक देखने को मिली। बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कलाई पर राखियां बांधकर उनके समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉक्टरों ने भी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों और समुदाय के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व के रिश्ते को मजबूत करने का माध्यम बनी।

कंपनी ने नंद घर के बच्चों के साथ भी रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। नंद घर के बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से सुंदर राखियां तैयार कीं और एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और आपसी सहयोग का संदेश दिया। बच्चों के लिए यह गतिविधि रचनात्मकता के साथ-साथ भारतीय त्योहारों और पारिवारिक मूल्यों को समझने का अवसर भी बनी। नंद घर वेदांता समूह की सामुदायिक विकास पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। बालको अपने परिचालन क्षेत्र के समुदायों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में निरंतर पहल कर रहा है।

बालको द्वारा आयोजित रक्षाबंधन उत्सव ने कर्मचारियों और समुदाय के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व के रिश्ते को और मजबूत किया। त्योहार की खुशियों को साझा करते हुए सभी ने सहयोग, सुरक्षा और सामुदायिक विकास की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

KORBA बिजली विभाग में प्रमोशन ट्रांसफर, कोरबा से इन अधिकारीयों को मिली नयी जवाबदारी देखें कौन कहा गया

रायपुर : कार्यकारी अभियंता (शिक्षण एवं विकास) के पद पर पदोन्नति के लिए “विभागीय पदोन्नति समिति” की अनुशंसाओं पर, निम्नलिखित सहायक अभियंता (शिक्षण एवं विकास) को वेतन मैट्रिक्स स्तर O-2 में 75500-177800 रुपये के वेतनमान पर कार्यकारी अभियंता (शिक्षण एवं विकास) के पद पर पदोन्नत किया जाता है, जो कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा.

हरीश कुमार (कुर्रे) सहायक अभियंता ईई (ओ एंड एम) डीएन. सीएसपीडीसीएल, बिल्हा का प्रमोशन कर कटघोरा में कार्यपालन अभियंता के पड़ पर पदस्थ किया गया हैँ

शेखर सोनी सहायक अभियंता (ऑफिस) को पड़ोन्नत कार कोरबा में O&M में कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया हैँ.

शत्रुघ्न सोनी कार्यपालन अभियंता कोरबा O&M कोरबा को OSD डिपार्टमेंट नया रायपुर में पदस्थ किया गया हैँ

आदेश में कहा गया हैँ की उपरोक्त पदोन्नति अस्थायी है और यह छत्तीसगढ़ राज्य सरकार/सीजी राज्य विद्युत कंपनियों द्वारा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के दिनांक 16.04.2024 के निर्णय (डब्ल्यूपीएस 9778/2019 पर पारित) के अनुपालन से संबंधित मामलों में लिए गए आगे के निर्णयों और माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष डब्ल्यूपीएस 1650/2026 की कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन होगी।

उपरोक्त पदोन्नति आदेश भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एसएलपी (सी) डायरी संख्या (एस) 5555/2025 में कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन होगा।

प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण, सभी पदोन्नत अधिकारियों को आदेश जारी होने की तिथि से 7 कार्य दिवसों के भीतर नए कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया जाता है। ऐसा न करने पर संबंधित पदोन्नत अधिकारियों को अगले दिन से निलंबित माना जाएगा। इसके बाद, उचित विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी।

 

 

शारदा टेलिकॉम से सम्बंधित फरार आरोपी चेतन चौधरी को छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने किया गिरफ्तार, जेल रवाना

कोरबा। सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पावर हाउस रोड स्थित ‘एसएस प्लाजा’ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में शारदा टेलीकॉम के संचालक चेतन चौधरी (67 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायाधीश के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी के विरुद्ध अपनी दुकान में कार्यरत एक नाबालिग लड़की के साथ गाली-गलौज व छेड़छाड़ करने के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

​घटना 9 अगस्त 2026 की है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी चेतन चौधरी फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अधिवक्ता के माध्यम से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने आरोपी को जमानत का लाभ न दिए जाने के पक्ष में कड़े तर्क प्रस्तुत किए। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए चेतन चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।

​अग्रिम जमानत याचिका खारिज होते ही कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को उसके ठिकाने से धर दबोचा। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रियाओं के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

Eid-e-Milad-un-Nabi Special : ईद मिलादुन्नबी के जुलुस में उमडा जन सैलाब, सैयद सलमान असरफ की सदारत में हुआ संम्पन्न

Eid-e-Milad-un-Nabi Special

कोरबा : Eid-e-Milad-un-Nabi Special : हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के 1501 जश्ने विलादत के मौके पर कोरबा की मरकजी सीरत कमेटी द्वारा विशाल जुलूस का आयोजन किया गया था जिसमें किछौछा शरीफ से सैयद सलमान अशरफ अशरफी की सरपरसती में हुजूर की पैदाइशी दिन को बड़ी शानो शौकत से मनाया गया.

Eid-e-Milad-un-Nabi Special

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जुलुस का इफ़्तेदा अपने निर्धारित समय दुबह 9 बजे शाही नूरी मस्जिद में मेहमाने खुशुसी सैयद सलमान अशरफ अशरफी एवं मौलाना एहसानुल कादरी पेश इमाम द्वारा परचम कुशाई के साथ जुलुस प्रारम्भ किया गया.

Eid-e-Milad-un-Nabi Special

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जुलूस दूरी मस्जिद से प्रारंभ होकर निहारिका स्थित सुभाष चौक होते हुए एस इ सी एल कॉलरी मस्जिद पहुंची जहां मस्जिद के ओहदेदारान एवं मुक्तदियों ने जुलूस का खूसूसी इस्तीकबाल किया. जुलुस मुड़ापार मस्जिद होते हुए ट्रांसपोरी नगर मस्जिद में परचम कुशाई के बाद पावर हॉउस रोड होते हुए जामा मस्जिद पंहुचा पश्चात् जुलुस शहर के मुख्य मार्ग में गस्त करता हुआ मदीना मस्जिद पंहुचा जहाँ परचम कुशाई की रस्म अदायगी के बाद मुए मुबारक (हजरात मोहम्मद S. A.V. के बाल मुबारक ) की ज्यारत कराई गई इसके पश्चात् सालातो सलाम के बाद जुलुस का समापन किया गया.

Eid-e-Milad-un-Nabi Special

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जुलुस के दरमियाँ जगह जगह पानी शरबत हालवा एवं लंगर का इंतिजाम किया गया था जुलुस को व्यवस्थित करने के लिए 100 से ज्यादा वालिंटियर्स तैनात किये गए थे जो लगातार जुलुस के दरमियान सक्रिय रहे.

हजारों की तादाद में शामिल असीके रसूल ने अनुशासन का परिचय देते हुए जुलुस में शामिल हुए जिनको नियंत्रित करने के लिए वैलियांतरस के साथ साथ पुलिस प्रशासन का सहयोग भी काबिले शुक्र हैँ.

मरकजी सीरत कमेटी के सदर मिर्जा आसिफ एवं सचिव मोहसिन में मां ने पुलिस प्रशासन का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि पूरी जुलूस के दरमियान पुलिस के आला अफसर कोरबा सीएसपी कोरबा टीआई श्री डडसेना एवं एवं पुलिस के अन्य अधिकारी एवं जवान सतत निगरानी बनाते हुए साथ चलते रहे हम उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पटले का भी योगदान अत्यंत सराहनीय रहा जिनका हम तहेदिल से शुक्रगुजार हैँ.

कार्यक्रम में विशेष रूप से मो आरिफ खान, मो रफीक मेमन, नौशाद खान, बरकत खान, महबूब खान, अहसान खान, जुबैर अंसारी, हाजी इमरान अंसारी, अमीन पारेख, रऊफ मेमन,रुहुल खान, सहित हजारों की तादाद में लोग शामिल हुए.

KORBA BREAKING : रील बनाने की सनक में देवपहरी जलप्रपात में 15 घंटे फंसे रहे तीन युवक, पुलिस-SDRF ने किया रेस्क्यू

कोरबा :KORBA BREAKING  (संतोष सारथी)कोरबा। बरसात के मौसम में जलप्रपात और नदी-नालों के बीच जाना कितना जोखिम भरा हो सकता है, इसका एक मामला देवपहरी जलप्रपात में सामने आया। सोमवार शाम फोटो खींचने के लिए जलप्रपात के मध्य तक पहुंचे तीन युवक अचानक पानी का बहाव बढ़ने से वहीं फंस गए। करीब 15 घंटे तक झरने के बीच फंसे रहने के बाद मंगलवार सुबह पानी का बहाव कम हुआ, जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

KORBA BREAKING 

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फंसे युवकों की पहचान गुरमा श्यांग निवासी धनेश्वर सारथी, घनश्याम महंत और सूरज सारथी के रूप में हुई है।
अचानक बढ़ा पानी, वापसी का रास्ता डूबा
जानकारी के अनुसार, तीनों युवक सोमवार शाम देवपहरी जलप्रपात पहुंचे थे। फोटो खींचने के दौरान वे जलप्रपात के मध्य तक चले गए। इसी बीच अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते जिस रास्ते से वे वापस लौट सकते थे, वह पानी में डूब गया। ऐसे में तीनों युवक झरने के बीच ही फंस गए।

वीडियो कॉल से रेस्क्यू टीम को दी जानकारी KORBA BREAKING 

KORBA BREAKING 
अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू अभियान चलाना मुश्किल था। युवकों ने झरने के बीच अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थान पर रात बिताई। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए रेस्क्यू टीम से संपर्क बनाए रखा और अपनी स्थिति की जानकारी दी। लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही थी, हालांकि तीनों सुरक्षित थे।

सुबह पानी कम हुआ, शुरू हुआ
रेस्क्यू KORBA BREAKING 

मंगलवार सुबह नदी का बहाव कुछ कम होने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने सावधानीपूर्वक आगे बढ़ते हुए तीनों युवकों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

तीनों के सकुशल बाहर आने के बाद उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश में जलप्रपात के बीच जाना पड़ सकता है भारी
घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान जलप्रपात और नदी-नालों के आसपास सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और कुछ ही मिनटों में पानी का बहाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।

 

प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में जलप्रपात, नदी और नालों के बीच जाने या जोखिम उठाकर फोटो-वीडियो बनाने से बचें। पानी का बहाव सामान्य दिखाई देने के बावजूद ऊपरी क्षेत्र में बारिश होने पर अचानक जलस्तर बढ़ सकता है।