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बालको ने विश्व जल दिवस पर चलाया सामुदायिक जल संचय अभियान

बालकोनगर, 23 मार्च 2026। वेदांता समूह की कंपनी भारत ल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के अंतर्गत तालाब पुनर्जीवित अभियान का आयोजन किया। इस पहल में 150 से अधिक कर्मचारी और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हुए, जिन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और सतत जल उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में योगदान दिया। यह पहल जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इन प्रयासों से अब तक 40 से अधिक गांवों में जल संरक्षण संरचनाएं विकसित और पुनर्जीवित की जा चुकी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ी है और खेती को मजबूती मिली है। साथ ही परियोजना के तहत कुल 158 जल संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 129 खेत तालाब, 15 सामुदायिक तालाब, 12 चेक डैम और 2 लाइनिंग तालाब शामिल हैं। इनकी कुल जल संग्रहण क्षमता 2.30 लाख घन मीटर से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 22 नई संरचनाएं (21 खेत तालाब और 1 सामुदायिक तालाब) बनाई गई हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 22 हजार घन मीटर है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि जल संरक्षण, सतत विकास और मजबूत समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के माध्यम से हम स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर जल संसाधनों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, जिससे कृषि, आजीविका और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिल रहा है। हमारा उद्देश्य दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विश्व जल दिवस पर हम संकल्प लेते हैं कि हम जिम्मेदारी से पानी का उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते रहेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके।

इन जल संरचनाओं से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे वे अब केवल बारिश पर निर्भर नहीं हैं। किसान अब साल में कई फसलें उगा पा रहे हैं और अपनी आय में भी वृद्धि कर रहे हैं। साथ ही, पशुपालन के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है।

इस पहल का असर बताते हुए कोरबा के पास भाटगांव की किसान संध्या बाई ने कहा कि मैं हमेशा मछली पालन और सब्जी खेती के जरिए अपनी आय बढ़ाना चाहती थी। ‘मोर जल मोर माटी’ योजना के तहत खेत में तालाब बनने से मैं दोनों काम कर पा रही हूं। इससे मेरे परिवार की आय में बढ़ोतरी हुई है और अब घर की आर्थिक स्थिति सुधार हुआ है।

इस पहल से समुदाय के लोगों को आजीविका के नए अवसर भी मिले हैं। इस कार्यक्रम के तहत 80 किसानों ने मछली पालन को अतिरिक्त आय के रूप में अपनाया है। इससे उन्हें हर फसल चक्र में औसतन ₹20 हजार की कमाई हो रही है। इससे पानी के संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।

कंपनी के इस परियोजना से क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ा है और लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनी रहती है। तालाबों और जल संरचनाओं के पुनर्निर्माण से बारिश का पानी आसानी से संग्रहित होता है, जिससे पानी का बेकार बहना कम होता है। साथ ही आसपास का पर्यावरण संतुलित रहता है। कंपनी पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। साथ ही ऐसे प्रयासों से स्थानीय समुदाय के साथ कंपनी का भरोसा और संबंध भी मजबूत होता है, जो भविष्य के लिए सकारात्मक और स्थायी विकास सुनिश्चित करता है।

जहरीले नाग के फनकार की आवाज़ सुनकर कुत्ते डर से भौंकने लगे, जितेंद्र सारथी ने किया रेस्क्यु देखें वीडियो

कोरबा – कोरबा जिले के बलगी क्षेत्र में आधी रात लगभग 10.30 बजे घर के बाहर भोजन के पश्चात टहल रहे लोग उस वक्त हक्के बक्के रह गए जब एक 5 फीट का जहरीला नाग रेंगता हुआ दिखाई दिया, जिसको भगाने का प्रयास भी किया गया पर वो तो फन फैला कर एक बंद पड़े नाली में जाकर बैठ गया फिर किसी की हिम्मत नहीं हुई उसके पकड़ कर जंगल तरफ छोड़ने का साथ ही उसको बचाने के उद्देश्य से और लोगों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेस्क्यु करवाना ही बेहतर समझा जिसके बाद वहां के लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को दिया गया.

जितेंद्र सारथी ने  थोड़ी देर में पहुंचने की बात कही गई फिर कुछ घंटे बाद जितेंद्र सारथी अपने टीम के सदस्य के साथ बलगी पहुंचे और टॉर्च के मदद से रेस्क्यु चालू किया, रात के समय सांप खतरा महसूस होने पर फन फैलाकर प्रहार करने लगा पर आखिरकार बड़ी सावधानी से रेस्क्यु कर उसे थैले में आखिकार डाला गया तब जाकर सभी ने राहत भरी सांस लिया और रेस्क्यु टीम का आभार व्यक्त किया फिर इसकी जानकारी कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत को देकर उनके प्राकृतिक रहवास जंगल में रात्रि में ही छोड़ दिया गया।

जितेंद्र सारथी ने सभी आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब भी आप के घरों में सांप घुस जाएं तो घबराएं नहीं बल्कि तत्काल 8817534455 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे ताकि सही समय पर सांप को रेस्क्यु कर उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ा जा सके साथ ही सर्प दंश जैसी घटना को टाला जा सके।

कला और करुणा का ऐतिहासिक संगम: “मैं अनिकेत हूँ” नाटक ने कोरबा में रचा नया कीर्तिमान

कोरबा। (ब्लैकआउट न्यूज़ ) औद्योगिक नगरी कोरबा के सांस्कृतिक इतिहास में 21 मार्च 2026 की शाम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई। रोटरी क्लब कोरबा एवं महाराष्ट्र मंडल कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय राजीव गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित चर्चित नाटक “मैं अनिकेत हूँ” ने हाउसफुल दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा के बड़े उद्देश्य से जुड़ा हुआ था। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य कला के पुनरुत्थान के साथ-साथ चैरिटी के माध्यम से निर्धन एवं प्रतिभावान बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु सहयोग राशि जुटाना रहा। उल्लेखनीय है कि पूरे 80 मिनट तक दर्शक पिन-ड्रॉप साइलेंस में बैठे रहे, जो नाटक की प्रभावशीलता और कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में शहर की अनेक प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री गोपाल मोदी उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. राजीव सिंह, Indian Red Cross Society से श्री राम सिंह अग्रवाल, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, श्री सूर्यनारायण केसरी, बालको के सीएमओ श्री विवेक सिन्हा एवं Chhattisgarh State Power Generation Company Limited (DSPM) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री संजीव कंसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों ने रोटरी क्लब और महाराष्ट्र मंडल के इस अनूठे समन्वय की मुक्तकंठ से सराहना की। बड़ी संख्या में शहरवासी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि परिवार सहित उपस्थित रहे।

उद्बोधन एवं मंच संचालन

कार्यक्रम की शुरुआत रोटरी क्लब के अध्यक्ष रोट. नितिन चतुर्वेदी एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोट. पारस जैन के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें “सेवा में साथ” के संकल्प को दोहराया गया। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष श्री हेमंत माहुलीकर ने मंडल की गतिविधियों और इस आयोजन के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।

मंच संचालन रोटरी क्लब से विक्रम अग्रवाल एवं महाराष्ट्र मंडल से प्रवीण जाखड़ी ने किया। उनकी ओजस्वी वाणी और उत्कृष्ट समन्वय ने पूरे कार्यक्रम को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया। 🎤

वरिष्ठ कला साधक नागेश ठाकुर का सम्मान

इस अवसर पर कोरबा के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं कला साधक श्री नागेश ठाकुर का विशेष अभिनंदन किया गया। रंगमंच के प्रति उनके दीर्घकालिक योगदान और समर्पण को स्मरण करते हुए आयोजन समिति ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। 🌺

उत्कृष्ट अभिनय और सशक्त तकनीकी प्रस्तुति

सुप्रसिद्ध निर्देशक शशि वरवंडकर के कुशल निर्देशन में कलाकारों ने भावपूर्ण और जीवंत अभिनय प्रस्तुत किया। कलाकारों में शशि वरवंडकर, चेतन दंडवते, दिलीप लांबे, विनोद रखुंडे, पंकज सराफ, प्रकाश खांडेकर, रवींद्र ठेंगड़ी, रंजन मोदक, अनुराधा दुबे, भारती पलसोदकर, सुमिता रायजादा, डॉ. शुचिता देशमुख, श्याम सुंदर खंगन एवं समीर टल्लू शामिल रहे।

तकनीकी पक्ष में अजय पोतदार (मंच सज्जा), प्रवीण क्षीरसागर (प्रकाश एवं ध्वनि) तथा प्रकाश गुरव का विशेष योगदान रहा। कलाकारों ने रोटरी-महाराष्ट्र मंडल के आतिथ्य को अपने 35 वर्षों के रंगमंचीय जीवन का सर्वश्रेष्ठ अनुभव बताया।

अतुलनीय टीम वर्क ने रची सफलता की कहानी

प्रोजेक्ट डायरेक्टर रोट. पारस जैन एवं पूर्व सचिव रोट. संजय अग्रवाल के अथक परिश्रम ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाया। रोटरी क्लब की ओर से मनोज अग्रवाल, विनोद जालान, सतनाम मल्होत्रा, प्रेम गुप्ता, संतोष जैन सहित अनेक सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महाराष्ट्र मंडल की ओर से राजेंद्र पागे, सुनील पाठक, विवेक लांडे, ज्ञानेश तिलवणकर तथा प्रबंधन टीम में आलोक दिवाटे एवं श्वेता ओत्तलवार के प्रयास उल्लेखनीय रहे। महाराष्ट्र भगिनी मंडल के कुशल प्रबंधन के कारण दर्शकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित हुई और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ। 🤝

शिक्षा के लिए समर्पित सहयोग

आयोजन से प्राप्त सहयोग राशि अब उन निर्धन एवं प्रतिभावान बच्चों के सपनों को साकार करने में सहायक बनेगी, जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। इस प्रकार यह आयोजन कला, सेवा और सामाजिक दायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।

Iran-Israel War Update : डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की दी नयी डेड लाइन,उधर ईरान ने इसराइल के परमाणु ठिकानो पर दागी मिसाइले ,100 से ज्यादा घायल

Iran-Israel War Update
Donalt trump

Iran-Israel War Update : ईरान इजरायल अमेरिका युद्ध और भी ज्यादा भयानक होता दिख रहा है ट्रम्प ने  कहा है कि हार्मोज स्ट्रेट नहीं खोलने पर ईरान को बड़ी धमकी देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि, ‘अमेरिका उसके पावर प्लांट उड़ा देगा’

Iran-Israel War Update

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Donalt trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को एक नई डेडलाइन दी है.

उन्होंने कहा कि होर्मुज़ को पूरी तरह से खोलने के लिए ‘ईरान के पास 48 घंटे हैं.’

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, “अगर ईरान ने बिना किसी धमकी के अगले 48 घंटों में होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोला तो अमेरिका उसके कई पावर प्लांट्स पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा और इसकी शुरुआत होगी उनके सबसे बड़े प्लांट से.”

Iran-Israel War Update

शनिवार को डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ऐसे समय आई, जब कुछ घंटों पहले ईरान की दो मिसाइलों ने दक्षिणी इसराइल को निशाना बनाया, जिसमें इसराइल का अघोषित परामाणु ठिकाना भी शामिल है. इस हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए, जो जंग शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.

बालको में महिला क्रेन पायलट की तैनाती, महिला नेतृत्व को मिला बढ़ावा

बालकोनगर, 18 मार्च 2026। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में पहली बार महिला क्रेन पायलट्स की तैनाती की गई है। यह पहल देश के सबसे उन्नत, तकनीक-संचालित स्मेल्टर क्षेत्र में महिला-प्रथम ऑपरेटिंग मॉडल को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें कुल 30 महिलाओं को तैनात किया गया है, जिनमें 10 बीम-रेजिंग ऑपरेटर और 20 पीटीएम पायलट शामिल हैं। यह उपलब्धि बालको के लिए एक मील का पत्थर है, जो इसके ‘मिलियन टन क्लब’ में प्रवेश के साथ जुड़ी हुई है।

इन महिला पायलट्स ने सिमुलेटर सत्र और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण के माध्यम से एक सख्त प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी की है। अब वे पॉट रूम के महत्वपूर्ण कार्य, जैसे एनोड बदलना, कवरिंग करना, पिघले हुए एल्यूमिनियम की टैपिंग और बीम-रेजिंग, का संचालन कर रही हैं। इससे इलेक्ट्रोलाइटिक रिडक्शन सेल्स का संचालन तय मानकों के भीतर स्थिर और निरंतर बना रहता है। साथ ही सभी पॉटलाइनों में बीम-रेजिंग गतिविधियां अब पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही हैं, जहां प्रत्येक पॉट रूम में महिला बीम-रेजिंग प्रभारी नियुक्त की गई हैं।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि बालको में हम मैन्युफैक्चरिंग के काम को बेहतर बनाने के समावेशिता को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। महिला क्रेन पायलट्स की तैनाती सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव है। हम नई तकनीक, अच्छे प्रशिक्षण और समान अवसर प्रदान कर अपने कर्मचारियों की पूरी क्षमता को आगे ला रहे हैं। जैसे ही हम 1 मिलियन टन उत्पादन के स्तर तक पहुंच रहे हैं, यह बदलाव दिखाता है कि हम एक ऐसा कार्यस्थल बना रहे हैं जो बेहतर प्रदर्शन करने वाला, समानता वाला और भविष्य के लिए तैयार है।

पीटीएम पायलट नाज़ फातिमा ने कहा कि पीटीएम पायलट के रूप में काम करना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ बेहद संतोषजनक भी है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी हम पर भरोसा करती है और हमारे विकास में निवेश करती है। यह गर्व की बात है कि हमारा काम सीधे बालको की प्रगति में योगदान देता है और हम औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए एक नया भविष्य बना रहे हैं।

बालको ने 2022 से ट्रांसजेंडर पेशेवरों को भी अपने संयंत्र के मुख्य कार्यों में शामिल किया, जिसकी शुरुआत फोर्कलिफ्ट ऑपरेशन और सुरक्षा सेवाओं से हुई थी। इसके बाद इसका विस्तार किया गया और जेंडर री-अफर्मेशन नीतियों के तहत 30 दिन का वेतन सहित अवकाश और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गईं।

इस प्रकार बालको छत्तीसगढ़ में ट्रांसजेंडर सहयोगियों को एल्यूमिनियम संचालन में शामिल करने वाली अग्रणी औद्योगिक कंपनियों में से एक बन गया है। ये सभी पहल पारंपरिक रूप से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों को अधिक समावेशी बनाने और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक कार्यबल के निर्माण की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

Another facility of NKH : अब संपूर्ण न्यूरो केयर एक ही छत के नीचे,NKH में शुरू हुई एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी

Another facility of NKH 
NKH hospital korba

कोरबा। Another facility of NKH : जिले के प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल न्यू कोरबा हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में अस्पताल के न्यूरो केयर विभाग को और मजबूत करते हुए अब न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्री और न्यूरो फिजियोथैरेपी की संपूर्ण सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।

 

अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी द्वारा अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव (दूरबीन) तकनीक से स्पाइन सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है। इस तकनीक के माध्यम से बिना बड़े चीरे के रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जा रहा है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और सर्जरी के बाद कुछ ही दिनों में मरीज को डिस्चार्ज भी कर दिया जाता है। अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवा भी उपलब्ध है, जहां देर रात गंभीर मरीज आने पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तत्काल उपचार शुरू कर देती है।

 

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि न्यूरो संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अब कोरबा के मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं है। एनकेएच में ही उच्चस्तरीय उपचार मिलने से मरीजों और उनके परिजनों के समय, खर्च और परेशानी तीनों में कमी आ रही है।

कोरबा में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी Another facility of NKH 

Another facility of NKH 
NKH hospital korba

न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इस आधुनिक तकनीक में दूरबीन की सहायता से रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द, कम समय में रिकवरी और जल्दी सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिलता है।

आयुष्मान सहित सभी बीमा सुविधाएं उपलब्ध Another facility of NKH

अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के अलावा सभी प्रमुख निजी हेल्थ कार्ड और बीमा योजनाएं भी स्वीकार की जाती हैं, जिससे मरीजों को आर्थिक राहत मिलती है।

न्यूरो-साइकेट्रिक रोगों का उपचार प्रांरभ Another facility of NKH

अहमदाबाद की अनुभवी मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी वर्मा द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का आधुनिक और प्रभावी इलाज संभव हो रहा है। जिलों के मरीजों के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो रही है।

न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्रिक और फिजियोथैरेपी में अंतर

Another facility of NKH 
NKH hospital korba

अक्सर दिमाग और नसों से जुड़ी बीमारियों में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्रिक और फिजियोथैरेपी को एक ही समझ लिया जाता है, जबकि ये चारों अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताएँ हैं और प्रत्येक की भूमिका अलग होती है।
न्यूरोलॉजी दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारियों का बिना ऑपरेशन इलाज करने वाली चिकित्सा शाखा है। न्यूरोलॉजिस्ट रोग की पहचान कर दवाओं के माध्यम से उपचार करते हैं। सरल शब्दों में, नसों की बीमारी का दवा से इलाज न्यूरोलॉजी में किया जाता है। न्यूरोसर्जरी उन रोगों का इलाज करती है, जिनमें सर्जरी की आवश्यकता होती है।

 

न्यूरोसर्जन दिमाग और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी करते हैं। ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, ब्रेन ब्लीड, स्लिप डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस, स्ट्रोक में खून का थक्का निकालना, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, हाइड्रोसेफेलस और एन्यूरिज्म जैसी जटिल समस्याओं का सर्जिकल उपचार इसी विभाग में किया जाता है। न्यूरो-साइकेट्रिक उस क्षेत्र में काम करते हैं जहाँ ऐसी मानसिक बीमारियां जिनका कारण मस्तिष्क की शारीरिक खराबी (brain disease) हो, जैसे व्यवहार में अचानक बदलाव, डिमेंशिया के साथ व्यवहारिक लक्षण, मिर्गी के साथ मनोविकृति (psychosis), या स्ट्रोक के बाद अवसाद (depression) को ठीक करता है।

 

फिजियोथैरेपी बीमारी या सर्जरी के बाद मरीज को दोबारा सामान्य जीवन में लौटाने में मदद करती है। फिजियोथैरेपिस्ट व्यायाम और विशेष थेरेपी के माध्यम से ताकत, संतुलन और चलने-फिरने की क्षमता बढ़ाते हैं। न्यूरोसर्जरी के बाद तथा मांसपेशियों की कमजोरी के मामलों में फिजियोथैरेपी बेहद जरूरी होती है। सरल भाषा में कहें तो न्यूरोलॉजिस्ट दवा से इलाज करते हैं, न्यूरोसर्जन सर्जरी करते हैं, न्यूरो-साइकेट्रिक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करती है और फिजियोथैरेपिस्ट मरीज को फिर से सामान्य चलने-फिरने लायक बनाते हैं।

Poor quality rice purchased in Korba : 8 हजार क्विंटल घटिया चावल की खरीदी, विधानसभा में उठा मामला अधिकारी निलंबित

Poor quality rice purchased in Korba
Poor quality rice purchased in Korba

रायपुर ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) :Poor quality rice purchased in Korba :  छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कोरबा जिले में अमानक चावल खरीदी का मामला जोरदार तरीके से उठाया गया। कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से पूछा कि आखिर कितनी मात्रा में अमानक चावल खरीदा गया और इसकी अनुमानित कीमत कितनी है।

पीडीएस की गुणवत्ता पर उठे सवाल Poor quality rice purchased in Korba

Poor quality rice purchased in Korba
Poor quality rice purchased in Korba

विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से हुई खरीदी में यदि अमानक चावल लिया गया है तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने पूछा कि इस मामले में किन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की अनियमितता का सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और आम जनता को मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

8 हजार क्विंटल से अधिक अमानक चावल की पुष्टि Poor quality rice purchased in Korba

Poor quality rice purchased in Korba
Poor quality rice purchased in Korba

सदन में जवाब देते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि कोरबा जिले में 8 हजार क्विंटल से अधिक अमानक चावल खरीदा गया था। उन्होंने बताया कि इस चावल की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 34 लाख रुपये आंकी गई है।

अधिकारी निलंबित, अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई

मंत्री बघेल ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में अधिकारी प्रमोद जांगड़े को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है।

एफएसएसएआई से भी कराई गई जांच

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मंत्री से पूछा कि संबंधित अधिकारी को कब निलंबित किया गया और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता जरूरी है।

मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से भी परीक्षण कराया गया है। इसके साथ ही विभाग ने अलग से एक जांच दल का गठन किया है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

10 कर्मचारियों को नोटिस

मंत्री के अनुसार अब तक दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि 10 अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभागीय स्तर पर जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष का हंगामा और वॉकआउट

हालांकि मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि इस मामले में असली दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में अमानक चावल की खरीदी होना गंभीर अनियमितता है और इसकी निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

मामले को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। अंततः मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।

 

Korba GST Department : GST रिकवरी कार्यवाही पर उठे सवाल,एक ही रकम की सैंकड़ो व्यापारियों को नोटिस,खाते किये गए फ्रिज

Korba GST Department 
Korba GST Department 

कोरबा।:( ब्लैकआउट न्यूज़ ) Korba GST Department : जिले में राज्य कर (GST) विभाग की रिकवरी कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि हाल के समय में बड़ी संख्या में नोटिस राज्य कर कार्यालय, सर्किल-02 के अधिकार क्षेत्र से जारी किए गए हैं, जिनके आधार पर कई व्यापारियों के बैंक खातों पर अटैचमेंट की कार्रवाई की गई है।

व्यापारियों का कहना है कि कई मामलों में उन्होंने विभाग को लिखित जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, लेकिन उन पर समय पर निर्णय नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है। अचानक बैंक खातों से राशि कटने के कारण कई व्यापारियों को आर्थिक और व्यावसायिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे Korba GST Department

Korba GST Department 
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1. टैक्स जमा होने के बाद भी रिकवरी की शिकायत

व्यापारियों का कहना है कि कई मामलों में मूल कर (Tax) की राशि पहले ही जमा कर दी गई है, इसके बावजूद बैंक खातों से राशि वसूली की कार्रवाई की गई है।

2. 20 प्रतिशत प्री-डिपॉजिट के बाद भी बैंक अटैचमेंट 

कुछ व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने अपील के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक प्री-डिपॉजिट (लगभग 20 प्रतिशत) जमा कर दिया है, इसके बावजूद बैंक खातों पर रिकवरी की कार्रवाई होने की शिकायतें सामने आई हैं।

3. सर्किल-02 से बड़ी संख्या में नोटिस Korba GST Department

Korba GST Department 
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व्यापारिक संगठनों का कहना है कि हाल के समय में बड़ी संख्या में नोटिस राज्य कर कार्यालय सर्किल-02 से जारी हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार इन नोटिसों के संबंध में विभाग को जवाब भी प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन उन पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।

4. समान राशि के साथ कई नोटिस जारी होने का आरोप

कुछ व्यापारियों का कहना है कि कई मामलों में समान राशि दर्शाकर बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए, जिससे व्यापारियों के बीच भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।

5. अंतिम आदेश से पहले रिकवरी पर सवाल 

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि GST कानून के अनुसार किसी भी मांग की अंतिम पुष्टि सामान्यतः FORM GST DRC-07 के माध्यम से की जाती है। व्यापारियों का कहना है कि विधिसम्मत आदेश और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कठोर रिकवरी कार्रवाई की जानी चाहिए।

6. व्यापारिक गतिविधियों पर असर Korba GST Department

अचानक बैंक खाते अटैच होने से कई व्यापारियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिनमें चेक बाउंस होना, व्यापारिक भुगतान रुकना और बाजार में नकदी प्रवाह प्रभावित होना शामिल है।

7. छोटे व्यापारियों पर बढ़ता दबाव 

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अचानक वित्तीय दबाव पड़ने से उनके व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

GST कानून और सर्कुलर का संदर्भ

व्यापारियों ने इस मामले में CBIC Circular No. 224/18/2024-GST दिनांक 11 जुलाई 2024 का हवाला दिया है।
सर्कुलर में उल्लेख है कि यदि प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का आदेश हो चुका है और GST अपीलीय अधिकरण (Tribunal) अभी तक कार्यरत नहीं है, तो करदाता द्वारा धारा 112 के अंतर्गत निर्धारित प्री-डिपॉजिट जमा करने और संबंधित अधिकारी को अंडरटेकिंग देने के बाद शेष मांग की रिकवरी को स्थगित माना जा सकता है।

इसी प्रकार GST कानून की धारा 78 में देय कर की वसूली की समयसीमा तथा धारा 79 में रिकवरी की प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है।

व्यापारियों की मांग

व्यापारिक संगठनों ने शासन और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि GST कानून, नियमों और जारी सर्कुलरों के अनुरूप ही कार्रवाई की जाए।

व्यापारियों का कहना है कि विभाग और करदाताओं के बीच पारदर्शिता और संवाद बनाए रखना आवश्यक है, ताकि कर प्रणाली में विश्वास बना रहे और व्यापारिक वातावरण सकारात्मक बना रहे।

Vedanta News : वेदांता स्किल स्कूल बदल रहा है महिलाओं के साथ देश का भविष्य

Vedanta News 
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बालको : Vedanta News छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां कई युवा महिलाओं के पास रोजगार के सीमित अवसर थे, वहीं अब वे फैक्ट्रियों, तकनीकी कार्यों, हॉस्पिटैलिटी सेवाओं और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में काम कर रही हैं। इस बदलाव में बालको का वेदांता स्किल स्कूल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ा अनुभव दिया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ नौकरी के लिए तैयार हो रही हैं। कई महिलाओं के लिए यह यात्रा सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने परिवार का भविष्य बदलने का मौका है।

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पूजा सोतकर बताती हैं कि मेरे लिए वेदांता स्किल स्कूल का प्रशिक्षण, आत्मनिर्भर बनने का रास्ता बना। उन्होंने कम उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था और कोरबा के एक बालिका आश्रय में पली-बढ़ी। उन्हें हमेशा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम कैसे काम करते हैं, यह जानने की जिज्ञासा रहती थी। इसी वजह से उन्होंने मोबाइल फोन हार्डवेयर रिपेयर टेक्नीशियन कोर्स किया। प्रशिक्षण के बाद उन्हें बेंगलुरु की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में ऑपरेटर की नौकरी मिली, जहां उन्हें सालाना ₹2 लाख से अधिक वेतन और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। आज वे अपने हुनर से सशक्त आत्मनिर्भर भविष्य बना रही हैं।

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कोरबा के गोढ़ी गांव की काजल सांडे भी इस बदलाव की एक और मिसाल हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिकल में आईटीआई करने के बाद स्किल स्कूल से तकनीकी प्रशिक्षण लिया। वे बताती हैं कि यहां मुझे इलेक्ट्रिकल सिस्टम, सुरक्षा और तकनीकी उपकरणों के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला, जिससे मुझे उद्योग में काम करने का आत्मविश्वास मिला। इसके उपरांत उन्हें बालको में अप्रेंटिसशिप का मौका मिला और आज वे सुपरवाइजरी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, एक ऐसा सपना जो कभी उन्हें दूर लगता था।

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मनीषा रात्रे के लिए यह प्रशिक्षण हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अवसर लेकर आया। वे कहती हैं कि वेदांता स्किल स्कूल में फूड एंड बेवरेज सर्विस की ट्रेनिंग से मुझे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने का आत्मविश्वास मिला। आज मैं अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हूं और अपनी छोटी बहन की पढ़ाई में भी मदद कर रही हूं।

 

 

जांजगीर-चांपा की पूर्णिमा रात्रे बताती हैं कि स्किल ट्रेनिंग से ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भी नए अवसर खुल रहे हैं। सोलर पीवी इंस्टॉलर प्रोग्राम के जरिए मैंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की बुनियादी जानकारी सीखी। इस प्रशिक्षण ने मुझे बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार किया। पूर्णिमा को बेंगलुरु की फॉक्सकॉन प्रिसिजन इंजीनियरिंग में प्लेसमेंट मिला है। जो उनके करियर की शुरुआत है।

 

इस पहल का प्रभाव केवल नौकरी तक सीमित नहीं है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की युवा महिलाएं देश की प्रमुख कंपनियों में काम कर रही हैं और समाज की सोच में भी सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। विभिन्न कार्यस्थलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ये महिलाएं दिखा रही हैं कि कौशल, अवसर और आकांक्षा मिलकर भारत के कार्यबल का भविष्य कैसे बदल सकते हैं।

वेदांता स्किल स्कूल भारत सरकार द्वारा पांच-सितारा रेटिंग प्राप्त स्मार्ट सेंटर है, जिसे नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) और सेक्टर स्किल्स काउंसिल (एसएससी) से मान्यता मिली है। वर्ष 2010 से अब तक यहां 14 हजार से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

 

यह संस्थान सात ट्रेड्स में निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण देता है, जिनमें सिलाई मशीन ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग, हॉस्पिटैलिटी, फिटर एंड अलाइनमेंट, सोलर पीवी टेक्नीशियन और मोबाइल रिपेयर ऑपरेटर शामिल हैं। प्रशिक्षण के साथ संचार कौशल, कार्यस्थल सुरक्षा, कानूनी अधिकार, महवारी स्वास्थ्य और बालको के अनुभवी कर्मचारियों से मेंटरशिप जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं, ताकि प्रशिक्षु देशभर की कंपनियों में रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

रजगामार पंचायत मे स्वीकृत आंगनबाडी भवन मे रोड़ा अटकाने का लगा आरोप

 

 

कोरबा : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर के करीबी माने जाने समाजसेवी अनिल चौरसिया के द्वारा बडा आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत रजगामार मैं ग्रामीणों के मांग विधानसभा सदन मे गुंजे जाने के बाद ओमपुर बस्ती और ओमपुर मेनक्लब दो नवीन आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत किया गया था जिसके पश्चात वर्ष 2024 में 17 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र को स्वीकृति प्रदान करते हुए जिला पंचायत कोरबा के द्वारा महिला बाल विकास विभाग जिला खनिज न्यास मद एवं मनरेगा मद के संयुक्त राशि से निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था.

 

लेकिन आज पर्यंत जनपद पंचायत कोरबा द्वारा ग्राम पंचायत रजगामार के अंतर्गत दो नवीन आंगनबाड़ी भवन ओमपुर बस्ती और ओमपुर हेतु का अग्रिम राशि भुगतान नहीं किया गया है उसका ब्याज राशि प्राप्त करने के उद्देश्य से 2 साल बाद भी जनपद पंचायत कोरबा द्वारा राशि जारी नहीं किया गया है जबकि कार्य आदेश के पश्चात ग्राम पंचायत रजगामार के द्वारा निर्माण कार्य प्लींथ लेवल तक पूरा कर लिया गया है। कार्य विगत 1 वर्षों से बंद है। देखने में आया है कि जिन पंचायत में अग्रिम राशि जारी की गई है वहां कार्य पूर्णता बंद है जबकि रजगामार पंचायत में राशि जारी नहीं किया गया है फिर भी वहां निर्माण कार्य प्लींथ लेवल तक पूरा कर लिया गया इस तरह प्रशासन की कार्य शैली पर प्रश्न उठ रहा है कि ग्राम पंचायत रजगामार के वर्तमान सरपंच हरि सिंह राठिया के द्वारा पूर्व कार्यकाल में स्वीकृत ओमपुर के कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को रोकवाना क्यों चाहते हैं जबकि ओमपुर के समस्त जनप्रतिनिधि विकास कराना चाहते हैं प्रशासन विकास को अवरोध करने वाले जनप्रतिनिधि और कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है कई सवाल उठ रहे हैं।