कोरबा। Korba Breaking शहर के बीचों-बीच शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन फ्लैट के पीछे बनी पक्की बाउंड्री वॉल का हिस्सा अचानक ढह गया। दीवार के मलबे में दबकर डेढ़ वर्षीय मासूम सहित तीन लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखा गया।
Korba Breaking : लक्ष्मण बन तालाब के पास हादसा
दीवार गिरने से मासूम कि मौत
यह हादसा शाम करीब 6 बजे लक्ष्मण बन तालाब के पास हुआ, जहां एक फ्लैट का निर्माण कार्य चल रहा है। फ्लैट के पीछे खाली जमीन पर बनी लंबी-चौड़ी बाउंड्री वॉल पर कंटीले तार भी लगाए गए थे।
बताया जा रहा है कि दीवार के अंदर की ओर जेसीबी मशीन से मलबा और रेत हटाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान जेसीबी का धक्का लगने से बाउंड्री वॉल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
Korba Breaking : रास्ते से गुजर रहे लोग आए चपेट में
दीवार गिरने से मासूम कि मौत
हादसे के समय पास से गुजर रहे और आसपास खेल रहे लोग मलबे की चपेट में आ गए। मलबे में दबने से स्थानीय निवासी डेढ़ वर्षीय धनेश कर्ष, संजू कर्ष (20 वर्ष) और विशाल यादव (18 वर्ष) घायल हो गए।
घायलों को तुरंत बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। मासूम की हालत गंभीर बताई जा रही है।
Korba Breaking : वाहन भी क्षतिग्रस्त, लोगों की भीड़ जुटी
दीवार गिरने से एक युवक की मोटरसाइकिल और किनारे खड़ी सवारी ऑटो भी क्षतिग्रस्त हो गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और राहत कार्य में जुट गए।
कोरबा – जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पार्षद मुकेश राठौर, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु, उपनेता प्रतिपक्ष गोपाल कुर्रे, पार्षद रवि सिंह चंदेल, कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष पालुराम साहु, पार्षद टामेश अग्रवाल सहित कांग्रेस पदाधिकारियों ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्जकर उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है साथ ही खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर से भेंटकर ज्ञापन सौंपा गया है ।
जिसमें आरोप लगाया गया है कि खाद्य विभाग के लापरवाही के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । फरवरी माह पार हो गया लेकिन फरवरी माह का राशन सामग्री हितग्राहियों को अब तक नहीं मिला है । ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि ऐसे कई संचालक हैं जो एक से अधिक सरकारी राशन दुकानों का संचालन कर रहे हैं जिस कारण भी हितग्राहियों को परेशान होना पड़ रहा है । कई संचालक एक बार में पूरा राशन नहीं देते और बार – बार बुलाकर हितग्राहियों को परेशान करते हैं । पहले खाद्य सामग्री आबंटन की जानकारी प्रत्येक वार्डवासियों को मिल जाया करता था जिसे वर्तमान में बंद कर दिया गया है ।
मांग पत्र के माध्यम से कहा है कि राशन दुकानों को समय सारणी के अनुसार खोला जाए, तथा एक बार में ही पूरा राशन प्रदान किया जाए, फरवरी माह का राशन मार्च माह में एक साथ दोनों माह का राशन प्रदान किया जावे, तथा पूर्व की भांति राशन आबंटन की जानकारी सार्वजनिक किया जाए ।
कोरबा, 26 फरवरी 2026/Two criminals from Korba were banished :जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने आज दो महत्वपूर्ण और कठोर दण्डात्मक कार्रवाइयाँ की हैं। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 एवं 5 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए आदतन अपराधी अंचल अग्रवाल तथा संजय पावले को एक वर्ष की अवधि के लिए कोरबा तथा नौ सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से जिला बदर कर दिया है।
अंचल अग्रवालः गंभीर आपराधिक प्रकरण, क्षेत्र में दहशत का वातावरण
Two criminals from Korba were banished
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक अंचल अग्रवाल उर्फ जिनी, उम्र-30 वर्ष, पिता श्री अनिल अग्रवाल, साकिन-आर.एस.एस. नगर, एम.आई.जी.-1/55 पुलिस सहायता केन्द्र मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला-कोरबा (छ0ग0) का निवासी है, जो ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है। अनावेदक ट्रांसपोर्टिंग के साथ-साथ मारपीट, लूट, भयादोहन, अवैध शराब तस्करी, बलवा जैसे मामला में संलिप्त रहा है। अनावेदक के द्वारा आम जनता से मारपीट कर उन्हें डराने धमकाने के काम करता रहा है, जो अनावेदक के कृत्यों से आम लोगों के मन में भय व दहशत पैदा कर अपना वर्चस्व स्थापित करता है। जिनके कृत्यों पर रोक लगाने हेतु समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी किया गया था, उसके बाद भी अनावेदक के कृत्यों में किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ है। कई लोग इनके डर से इनके कृत्यो का पुलिस के पास सूचना भी नहीं देते है। अनावेदक आम लोगों के लिए आंतक का पर्याय बना हुआ है। अनावेदक के विरूद्ध पुलिस सहायता केन्द्र मानिकपुर में मारपीट, थाना, सिविल लाईन रामपुर में लूठ व भयादोहन जैसे गंभीर अपराध पंजीबद्ध है। अनावेदक अंचल अग्रवाल उर्फ जिनी आंतक का पर्याय बन चुका है। इसके अपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए यह भविष्य में गंभीर घटना को संगठित गिरोह के साथ घटित कर तनाव फैलाने की योजना बनाना इसके खतरनाक इरादों से दिखता है। अनावेदक वर्तमान में असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। अनावेदक के आचरण में सुधार लाने के लिए अनावेदक के विरूद्ध सामान्य विधियों के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया गया, परन्तु कोई असर नहीं हुआ है और न ही सुधार आ रहा है। जिससे लोक शांति व्यवस्था पर भी प्रतिकुल प्रभाव पड़ रहा है। इसके असमाजिक कृत्यों में विधिक तरीके से कार्यवाही किये जाने के बावजूद भी सुधार की कोई अन्य विकल्प नहीं होने से आरोपी को नियंत्रित एवं प्रतिबंधित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य व्यवस्था एवं लोक सुरक्षा अधिनियम-1990 की धारा-03, 05 के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही किया जाना अत्यंत आवश्यक होने का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिले के विभिन्न थाना अन्तर्गत अनावेदक के विरूद्ध कुल 07 अपराधिक एवं 03 प्रतिबंधक प्रकरण पंजीबद्ध है।
न्यायालयीन परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पर समय-समय पर की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों और चेतावनियों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उसके असामाजिक आचरण में सुधार न आने तथा निरंतर अशांति फैलाने वाली गतिविधियों के चलते जिला प्रशासन ने उसे जिला बदर किए जाने को जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक पाया।
*संजय पावलेः शराब माफिया गतिविधियों से लेकर हथियारबंद आतंक तक-10 अपराध और 5 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही दर्ज*
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक श्री संजय पावले पिता संपत पावले उम्र-43 वर्ष, साकिन-शंकर नगर खरमोरा, थाना सिविल लाईन रामपुर, जिला-कोरबा (छ0ग0) का निवासी है। अनावेदक अपराधिक प्रवृत्ति से प्रभाव में आकर लोगों से मारपीट, डराना धमकाना, शस्त्र लहराकर भय पैदाकर करना तथा अवैध मादक पदार्थ शराब बेचने जैसे-मामलों में संलिप्त रहा है। अनावेदक के द्वारा आम जनता से झगड़ा विवाद करने एवं लगातार शराब बनाने व बिक्री करने का काम करता आ रहा है, अनावेदक के कृत्यों से आम लोगों के मन में भय दहशत पैदा कर अपना वर्चस्व स्थापित करता है। जिसके कृत्यों पर रोक लगाने हेतु समय-समय में भादवि के तहत् अपराध दर्ज कर एवं प्रतिबंधक धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही किया गया है। उसके बाद भी अनावेदक के कृत्यों में किसी प्रकार का कोई सुधार नहीं हुआ है। थाना सिविल लाइन रामपुर और थाना बालको नगर में उसके विरुद्ध कुल 10 आपराधिक प्रकरण और 5 प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियाँ दर्ज हैं। पुलिस रिपोर्ट में यह उल्लेखित है कि आरोपी के भय के कारण स्थानीय नागरिक न तो उसके विरुद्ध शिकायत करते थे और न ही गवाही देने का साहस कर पाते थे।
न्यायालय ने सभी अभिलेखों, केस डायरी, गवाह बयानों और आरोपी के प्रतिरक्षा पक्ष का परीक्षण करने के पश्चात यह कहा कि संजय पावले की समाज में उपस्थिति भय और असुरक्षा को जन्म देती है और वह जनहित एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
*दोनों अपराधियों पर समान कठोर प्रतिबंध लागू*
छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के अंतर्गत जारी आदेशों के अनुसार दोनों अपराधियों अंचल अग्रवाल तथा संजय पावले को कोरबा के साथ-साथ बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों की सीमाओं से 24 घंटे के भीतर बाहर जाना अनिवार्य है।
आदेश प्रभावी रहने की पूरी अवधि अर्थात आगामी एक वर्ष में दोनों अपराधियों को न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के बिना इन जिलों की राजस्व सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर उन्हें बलपूर्वक सीमाओं से बाहर किया जाएगा तथा अधिनियम के तहत कठोर दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
*अपराध और भय का कोई स्थान नहीं*
दोनों मामलों में जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है। प्रशासन ने कहा है कि समाज में भय फैलाने, असुरक्षा पैदा करने, नशाखोरी को बढ़ावा देने या कानून-व्यवस्था में विघ्न उत्पन्न करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
कोरबा 26 फरवरी 2026/वर्तमान परिदृश्य में महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा प्रदान करना और उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। कई बार उत्पीड़न की घटनाओं में पीड़िताएँ लोक-लज्जा एवं झिझक के कारण थाना या चौकी जाकर शिकायत करने में संकोच करती हैं, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस कोरबा ने महिलाओं एवं बालिकाओं को बिना थाना पहुँचे ही तत्काल सहायता प्रदान करने और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “सजग कोरबा- सतर्क कोरबा” अभियान के तहत “मैत्री” व्हाट्सएप हेल्पलाइन प्रारंभ की है।
इस हेल्पलाइन का मोबाइल नंबर 9479282100 है, जिसके माध्यम से कोई भी पीड़ित महिला या बालिका उत्पीड़न, छेड़छाड़, धमकी या किसी भी प्रकार की त्रासदी की शिकायत सीधे दर्ज करा सकती है। हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत से संबंधित शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर एवं ऐसी कोई भी जानकारी, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो, पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह पहल महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सरल और गोपनीय माध्यम उपलब्ध कराती है, जिससे वे बिना किसी भय या संकोच के सहायता प्राप्त कर सकें।
जिला पुलिस कोरबा द्वारा सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों में इस हेल्पलाइन नंबर के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा की जानकारी प्राप्त कर सकें और जरूरतमंद पीड़िताएँ तुरंत इसका लाभ ले सकें।
रायपुर/CG Forest Department Transfer : कोरबा। वन एव जलवायु परिवर्तन विभाग ने बुधवार शाम प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 124 नए रेंजरों के पोस्टिंग आदेश जारी किए हैं। इसी के साथ 45 वन परिक्षेत्र अधिकारियों का तबादला किया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में उस समय तीखी नोकझोंक देखने को मिली जब मंत्री लखन लाल देवांगन ने एक मुद्दे पर जवाब देते हुए सदस्य भूपेंद्र नागर से कहा कि वे कलेक्टर के साथ बैठकर चर्चा कर लें। मंत्री के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “जब आप कलेक्टर को आदेश नहीं दे सकते तो फिर किस चीज के मंत्री हैं?”
सदन में इस टिप्पणी के बाद माहौल गरमा गया और सत्ता–विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विपक्ष का आरोप था कि मंत्री अपने अधिकार क्षेत्र से पीछे हट रहे हैं, जबकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामला प्रशासनिक स्तर का है और जिला प्रशासन के समन्वय से ही समाधान संभव है।
अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन इस बयानबाजी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। विपक्ष इसे जवाबदेही का मुद्दा बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन की भूमिका तय है।
बाॅंकीमोंगरा: विमल सिंह ब्लैकआउट न्यूज : विगत दिनों बाॅंकीमोंगरा पालिका द्वारा गजरा में मंगल भवन निर्माण कार्य की नींव रखी जा रही थी,उस दौरान बस्ती की कुछ महिलाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया साथ ही उन्हीं महिलाओं द्वारा नगर पालिका परिषद बाॅंकीमोंगरा की महिला सीएमओ ज्योत्सना टोप्पो के साथ बदतमीजी कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई थी। जिसमें सीएमओ की शिकायत पर संबंधित महिला आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
इसी प्रकरण में महिला आरोपी जाम बाई एवं रीना महंत की जमानत याचिका आज 25/02/26 को अपर सत्र न्यायालय, कटघोरा द्वारा निरस्त कर दी गई। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राहत देने से इंकार कर दिया। यहाँ बताना लाजमी होगा कि इन दोनों महिलाओ पर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले को ले कर भी अपराध दर्ज हुआ है साथ ही किए गए अवैध कब्जे को प्रशासन द्वारा तोड़ भी दिया गया है।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता दिलीप झा ने प्रभावी पैरवी की।
SECL प्रबंधन ने भी थाने में दर्ज कराई है FIR
बतादे की इसके पूर्व भी जाम बाई एवं रीना महंत एवं माखन लाल यादव के खिलाफ अतिक्रमण वाले स्थल में पहुंचे सरकारी कर्मचारियों पर गाली गलौज सहित मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ नामजद शिकायत 13-02-2026 को तुलसीराम साहू पिता स्व. दाताराम साहू सुरक्षा गार्ड प्रहरी सुराकछार द्वारा दर्ज कराई गई है जिसमें बताया गया कि Secl अस्पताल के सामने खसरा क्रमांक 151,171 लम्बाई 20 मीटर चौडाई 15 मीटर पर माखन लाल यादव,जामबाई,रीता महंत निवासी गजरा बस्ती बाॅंकीमोंगरा द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है,जिस पर अपराध क्रमांक 33/26 धारा 296, 351 (3), 221, 224, 3(5) बी एन एस पंजीबद्ध है
कोरबा ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) कोरबा के सीतामढ़ी में स्थित इन चार बहनों की कहानी सुनकर आप की भी आंखें नम हो जाएगी लेकिन वह हमारा सिस्टम प्राकृतिक आपदा में मां की मौत के बाद भी आपदा राशि देने में सरकारी अमला इस कदर बेपरवाह है की तीन चार बहनों के सर से मां-बाप का साया उठ जाने के बाद यह दाने-दाने की मोहताज हो गई है.
पहले पिता का साथ छूटा फिर मां भी चल बसी
पहले पिता का साथ छूटा और फिर प्रकृति के कहर से मां मौत के मुंह में समा गई. माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुई चार बेटियां अब दाने-दाने को मोहताज है .दरअसल सीतामढ़ी निवासी कलिन्द्री यादव अपने पति की मौत के बाद 4 बच्चों का पालन-पोषण मजदूरी करके कर रही थी. सिम्मी, स्नेहा, मुस्कान, आस्था ने कोरबा कलेक्टर से मिलकर शासन के द्वारा दिए जाने वाले आपदा राशि प्रदान करने की गुहार लगाई है
पहले पिता का साथ छूटा और फिर प्रकृति के कहर से मां मौत के मुंह में समा गई. माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुई चार बेटियां अब दाने-दाने को मोहताज है . इन मासूमों के सामने जीवन-यापन का ऐसा संकट खड़ा हो गया है जिसे चाहकर हल नहीं कर पा रहें है . चार साल से सरकारी मदद का इंतजार करने की बाद भी जब कुछ नहीं हुआ . तो कलेक्टर के सामने अपना दुख-दर्द बयान किया . अब फाइल फिर से खोली जा रही है देखना है की फ़ाइल से निकल कर मदद कब इन मासूमों तक आ पाती है.
सीतामढ़ी क्षेत्र की या हृदय विदारक घटना
दरअसल सीतामढ़ी निवासी कलिन्द्री यादव अपने पति की मौत के बाद 4 बच्चों का पालन-पोषण मजदूरी करके कर रही थी. 1 अप्रैल 2018 को आंधी-तूफान में घर का छज्जा गिरने से दबकर कलिन्द्री की भी मृत्यु हो गई. मां की मृत्यु के बाद चारों नाबालिक बच्चे अनाथ हो गए.
सिम्मी, स्नेहा, मुस्कान, आस्था ने कोरबा कलेक्टर से मिलकर शासन के द्वारा दिए जाने वाले आपदा राशि प्रदान करने की गुहार लगाई है. पीडि़तों के मुताबिक उन्होंने एक वकील के माध्यम से राहत राशि के लिए कार्यवाही शुरू कराई थी, लेकिन वकील ने भी 3 साल तक मामले को लटकाए रखा. बहरहाल कलेक्टर ने इस संबंध में एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिया है परंतु अब देखना है कि 5 साल पुराने इस मामले का निराकरण कितनी तेजी से संबंधित विभाग और अधिकारी करते है l
कोरबा। ( संतोष कुमार सारथी ) Murder in Korba Rural : बालको थाना क्षेत्र के मुड़धुवा गांव में एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चरित्र शंका को लेकर हुए विवाद में पति ने अपनी पत्नी की डंडे से पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
Murder in Korba Rural
Murder in Korba Rural
मृतका की पहचान गीता तिर्की ग्राम मुड़धुवा (36) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी पति फूलजेन तिर्की गोवा में काम करता था और बीती रात घर लौटा था। घर पहुंचने पर पत्नी से विवाद हुआ, जिसके बाद उसने लकड़ी के डंडे से ताबड़तोड़ वार कर दिया। महिला के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं।
Murder in Korba Rural
घटना की सूचना मिलते ही बालको थाना प्रभारी युवराज तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
रायपुर, 21 फरवरी 2026।भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव की सहमति से भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक–सहसंयोजकों की घोषणा की गई है। जारी सूची के अनुसार रायपुर शहर के लिए डॉ. सतेंद्र पाण्डेय को जिला संयोजक नियुक्ति की सूचना मिलते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
नवनियुक्त जिला संयोजक डॉ. सतेंद्र पाण्डेय ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रकोष्ठ केवल राजनीतिक दायित्व नहीं, बल्कि सेवा और समाज के जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उनका उद्देश्य जरूरतमंदों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना, जनजागरूकता अभियान चलाना और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित करना रहेगा।
डॉ. पाण्डेय ने आगे कहा कि वे अपनी टीम के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे और प्रदेश नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि चिकित्सा प्रकोष्ठ के माध्यम से समाजहित में कई रचनात्मक पहल की जाएंगी। कार्यकर्ताओं ने भी नई टीम को बधाई देते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।