कोरबा : Police promptness : दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन के ठीक बाद घटित जघन्य हत्याकांड के मामले में कोरबा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया है। घटना के तुरंत बाद गठित विशेष टीमों ने विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश देकर मुख्य संदेही सहित वारदात में शामिल अन्य युवकों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से सघन पूछताछ जारी है और वारदात में प्रयुक्त धारदार हथियार की बरामदगी की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
घटना की जड़ में पुरानी रंजिश और क्षणिक विवाद Police promptness
Police promptness
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि घटना केवल मौके पर हुआ आकस्मिक विवाद नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पूर्व की रंजिश और युवाओं के बीच वर्चस्व की होड़ भी शामिल थी। भीड़ और त्योहार के शोर का फायदा उठाकर आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज तथा चश्मदीदों के बयानों के आधार पर ऐसा चालान पेश किया जाएगा जिससे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
वारदात के बाद क्षेत्र में उपजे तनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आला पुलिस अधिकारियों ने स्वयं गश्त कर स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कानूनी कार्रवाई के साथ सामाजिक जवाबदेही पर चर्चा Police promptness
पुलिस द्वारा आरोपियों को पकड़ लिए जाने के बाद भले ही कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही हो, लेकिन घटना ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों को भीतर तक झकझोर दिया है। स्थानीय स्तर पर यह मांग और विमर्श जोर पकड़ रहा है कि केवल पुलिसिया डंडे से अपराध की प्रवृत्ति को समाप्त नहीं किया जा सकता इसके लिए परिवारों में युवाओं की निगरानी, नशाखोरी पर रोक और उनमें बढ़ रहे बेलगाम गुस्से पर सामाजिक स्तर पर अंकुश लगाना अनिवार्य हो चुका है।
बिलासपुर : CG High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। पूर्व सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की याचिका खारिज हो गई है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की सिंगल बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि साक्ष्य मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि करते हैं।
सोनवानी ने नियमित जमानत के लिए आवेदन दिया था। लेकिन अदालत ने राहत देने से साफ इनकार कर दिया। धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत शर्तें पूरी नहीं हुईं।
ईडी के बड़े खुलासे CG High Court
CG High Court
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई बड़े खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया गया था। परिवार की परिभाषा से भतीजे शब्द को हटा दिया गया था।
इससे सोनवानी के भतीजों के चयन का रास्ता साफ हुआ। एजेंसी ने करोड़ों रुपये के लेनदेन का दावा भी किया है। कुल अपराध की आय लगभग 3.45 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
CG High Court
जांच एजेंसी ने छापे के दौरान कई चीजें जब्त कीं। इसमें दस्तावेज, डिजिटल सामग्री और नकदी शामिल है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने पहले प्राथमिकी दर्ज की थी।
बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने भी जांच की। सोनवानी को इस साल जुलाई महीने में गिरफ्तार किया गया था। विशेष अदालत ने भी उनकी याचिका पहले ठुकरा दी थी।
सोनवानी के वकीलों ने कोर्ट में कई दलीलें दीं। उनका कहना था कि दस्तावेज पहले से ही मौजूद हैं। गिरफ्तारी के बाद कोई नया सबूत नहीं मिला है।
लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को पर्याप्त नहीं माना। मेडिकल आधार पर दी गई दलील भी खारिज हो गई। अदालत ने कहा कि हिरासत में इलाज न मिलने का कोई ठोस सबूत नहीं है।
*बालकोनगर, 17 अक्टूबर 2026।* नवरात्रि के पावन अवसर पर बालकोनगर के सेक्टर-3 स्थित दुर्गा पंडाल में मां आदिशक्ति की प्रतिमा की स्थापना हर्षोल्लास और भव्यता के साथ की गई। पूजा का शुभारंभ बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने बालको परिवार के सदस्यों के साथ मां दुर्गा की आराधना कर कंपनी और क्षेत्र की निरंतर प्रगति एवं समृद्धि की कामना की।
56 वर्षों से आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रहा बालकोनगर का सार्वजनिक दुर्गा पूजा उत्सव एक बार फिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना है। बालको सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति द्वारा 16 से 19 अक्टूबर तक आयोजित इस चार दिवसीय उत्सव में मां दुर्गा की आराधना के साथ इस वर्ष विशेष थीम के माध्यम से देश के अतीत और पारंपरिक जीवनशैली को दर्शाने का प्रयास किया गया है।
इस वर्ष पंडाल की थीम देश के उस दौर की याद दिलाती है, जब लोगों का जीवन सीमित संसाधनों और अनेक कठिनाइयों के बीच आगे बढ़ रहा था। पंडाल की आंतरिक सजावट में सूप, टोकरी, हाथ के पंखे, गमछे, बोरे और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली अन्य पारंपरिक वस्तुओं को शामिल किया गया है। इन वस्तुओं के माध्यम से उस समय की सादगी, जीवनशैली और संघर्ष को दर्शाया गया है। यह थीम नई पीढ़ी को अतीत से जोड़ने के साथ हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर प्रदान करती है।
बालकोनगर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका यह उत्सव हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। बालकोनगर और आसपास के क्षेत्रों से लोग मां दुर्गा के दर्शन करने और पंडाल की आकर्षक सजावट देखने पहुंचते हैं। यह आयोजन आस्था के साथ सामुदायिक एकता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करता है।
दुर्गा पूजा उत्सव के अवसर पर बालको द्वारा पंडाल के समीप चार दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है। इसमें बालको परिवार के सदस्यों द्वारा खींचे गए 280 से अधिक उत्कृष्ट छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इन तस्वीरों में बालकोनगर की खूबसूरती, प्रकृति के विविध रूपों, बादलों, बारिश, धरती और जीवन के विभिन्न रंगों को कैमरे के माध्यम से खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक तस्वीर प्रकृति और आसपास की दुनिया को देखने का एक अलग दृष्टिकोण सामने लाती है।
यह प्रदर्शनी बालको परिवार के सदस्यों को अपनी रचनात्मकता और फोटोग्राफी प्रतिभा साझा करने का मंच प्रदान करती है। साथ ही, यह बालकोनगर की प्राकृतिक सुंदरता और कंपनी से जुड़े लोगों की रचनात्मक सोच को सामने लाने का अवसर भी है।
दुर्गा पूजा उत्सव और फोटोग्राफी प्रदर्शनी का यह आयोजन बालकोनगर में आस्था, परंपरा, कला और सामुदायिक सहभागिता का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है।
बालकोनगर, 15 अक्टूबर 2026। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को टीबी (क्षय रोग) के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मरीजों की देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। यह सम्मान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोरबा कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय टीबी जागरूकता एवं सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई, जब कोरबा जिले की चुहिया ग्राम पंचायत में पिछले एक वर्ष के दौरान टीबी का कोई मामला सामने नहीं आया।
बालको, कोरबा जिले के 40 से अधिक गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच को प्रोत्साहित करने और उपचार के दौरान मरीजों को सहयोग देने के लिए लगातार काम कर रहा है। इस उपलब्धि के लिए चुहिया ग्राम पंचायत को महात्मा गांधी कांस्य स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एस.एन. केशरी ने प्रदान किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे।
जन स्वास्थ्य में सामूहिक प्रयासों पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने कहा, “भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश की प्रगति में जन स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसके लिए समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। बालको में हमारा मानना है कि उद्योग जगत आर्थिक विकास के साथ-साथ समुदाय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और आपसी सहयोग के माध्यम से हम टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा करने और एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस अवसर पर कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने स्वास्थ्य सेवाओं में बालको के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा, “टीबी की रोकथाम और मरीजों की देखभाल के लिए बालको जमीनी स्तर पर एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में काम कर रहा है। कंपनी द्वारा जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और मरीजों को उपचार के दौरान सहायता देने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में चुहिया ग्राम पंचायत में टीबी का कोई मामला सामने नहीं आना इन सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। इस तरह का सहयोग टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूत बनाने और समुदाय के स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इससे लाभान्वित एक मरीज ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मुझे एक साल से अधिक समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी थी। स्थानीय स्तर पर इलाज से कुछ समय के लिए राहत मिलती थी, लेकिन मेरी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। टीबी की पुष्टि होने के बाद बालको से मिले पोषण संबंधी सहयोग ने मुझे दोबारा स्वस्थ होने में मदद की। मेरा वजन 49 किलोग्राम से बढ़कर 53 किलोग्राम हो गया। धीरे-धीरे लक्षण भी खत्म हो गए और अब मेरी टीबी की जांच रिपोर्ट निगेटिव है। आज मैं अपने गांव में लोगों को समय पर जांच और इलाज कराने के लिए प्रेरित करता हूं तथा टीबी के प्रति जागरूकता फैलाता हूं।”
बालको की स्वास्थ्य पहल प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत टीबी जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक लगभग 27,000 लोगों तक पहुंच बनाई गई है। इसके अलावा, भारत सरकार की निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत कंपनी ने लगभग 110 टीबी मरीजों को पोषण सहायता, परामर्श और उपचार के दौरान सहयोग प्रदान किया है। यह सहायता केवल पोषण तक सीमित नहीं है। मरीजों से नियमित संपर्क, परामर्श और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि वे अपना उपचार जारी रख सकें और जरूरत के समय आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकें।
कोरबा। नगर निगम में ठेकेदार और महिला इंजीनियर के बीच विवाद अब एक नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। कार्यपालन अभियंता (EE) रुचि साहू पर भुगतान की फाइल रोकने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाले ठेकेदार अंकुश मिश्रा के खिलाफ अब महिला अधिकारी ने मोर्चा खोल दिया है। रुचि साहू ने इन आरोपों को झूठा, निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए निगम की आंतरिक शिकायत समिति (विशाखा समिति) में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने ठेकेदार के कथित व्यवहार, सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ सामग्री प्रसारित किए जाने और अपनी व्यक्तिगत व व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
रिश्वत के आरोप से लेकर विशाखा समिति तक पहुंचा मामला
रुचि साहू ने अपनी शिकायत में कहा है कि ठेकेदार अंकुश मिश्रा द्वारा उन पर फाइल रोकने और पैसे की मांग करने के आरोप लगाए गए, जिससे उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। उनका दावा है कि जिस भुगतान संबंधी फाइल को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी प्रक्रिया रिकॉर्ड के अनुसार आगे बढ़ाई गई थी। ऐसे में फाइल रोकने या रिश्वत मांगने का सवाल ही नहीं उठता।
शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच कक्ष में आने का आरोप
महिला अधिकारी ने शिकायत में 7 अक्टूबर की घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि वह कार्यालय में लंबित कार्यों का निपटारा कर रही थीं। इसी दौरान शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच ठेकेदार अंकुश मिश्रा उनके कक्ष में पहुंचे। रुचि साहू के मुताबिक, उन्होंने कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद आने पर आपत्ति जताई और उचित समय पर आने को कहा, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार बाहर नहीं गए और उन्हें घूरते रहे।
शिकायत के अनुसार, इस व्यवहार से उन्हें असहजता, तनाव और असुरक्षा महसूस हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में भी ठेकेदार कई बार कार्यालय समय के बाद बिना अनुमति उनके कक्ष में पहुंचे थे और आपत्ति जताने के बावजूद ऐसा व्यवहार दोहराया गया।
सोशल मीडिया पर मीम्स और निजी फोटो प्रसारित करने का आरोप
रुचि साहू ने अपनी शिकायत में ठेकेदार अंकुश मिश्रा, असलम खान और पोर्टल संचालक का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित आरोपों से संबंधित समाचार जैसी सामग्री और मीम्स तैयार किए गए। शिकायत के मुताबिक, उनकी व्यक्तिगत तस्वीरों का इस्तेमाल कर व्हाट्सऐप के माध्यम से यह सामग्री अन्य लोगों तक प्रसारित की गई।
महिला अधिकारी का कहना है कि इस कथित गतिविधि से उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है तथा उन्हें मानसिक तनाव और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और समिति की जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
ठेकेदार के व्यवहार को बताया अपमानजनक और धमकीपूर्ण
शिकायत में रुचि साहू ने ठेकेदार के व्यवहार को अपमानजनक और असम्मानजनक बताते हुए धमकीपूर्ण व्यवहार का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन घटनाओं के कारण वह कार्यस्थल पर स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल में काम करने में असहज महसूस कर रही हैं। उन्होंने अपने और अपने परिवार को मानसिक परेशानी होने की बात भी कही है।
₹34,176 की फाइल को लेकर दिया रिकॉर्ड का हवाला
रिश्वत मांगने और फाइल रोकने के आरोपों के जवाब में रुचि साहू ने ₹34,176 की पीजी राशि से संबंधित फाइल का विवरण दिया है। शिकायत के अनुसार, ठेकेदार अंकुश मिश्रा की मेसर्स के.पी. शर्मा, कोरबा से संबंधित यह फाइल 28 सितंबर 2026 को उनके समक्ष प्रस्तुत की गई थी। उसी दिन उन्होंने प्रतिवेदन के लिए फाइल सहायक अभियंता और उप अभियंता को भेज दी थी। शिकायत में कहा गया है कि उप अभियंता ने 30 सितंबर 2026 को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया था, जिसे सहायक अभियंता को प्रेषित किया गया।
रुचि साहू का कहना है कि उनके समक्ष ऐसी कोई फाइल लंबित नहीं थी, जिसके आधार पर फाइल रोकने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया जा सके। इस दावे की पुष्टि संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और निष्पक्ष जांच से ही हो सकेगी।
निष्पक्ष जांच, कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
रुचि साहू ने आंतरिक शिकायत समिति से पूरे मामले को विधिवत दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित व्यक्तियों के व्यवहार, सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने यह भी मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, कार्यस्थल पर सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायत के कारण उन्हें किसी तरह की प्रताड़ना या प्रतिकूल व्यवहार का सामना न करना पड़े। शिकायत में उन्होंने व्हाट्सऐप संदेशों, सामग्री के स्क्रीनशॉट और गवाहों का विवरण आवश्यकतानुसार प्रस्तुत करने की बात कही है।
कोरबा। बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित न्यू कोरबा हॉस्पिटल (एनकेएच) सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने 13 अक्टूबर को अपनी सेवा यात्रा के 12 वर्ष पूरे कर लिए। वर्ष 2014 में ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी के नेतृत्व में शुरू हुआ यह सफर आज आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और अनुभवी स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से मरीजों की सेवा तक पहुंच चुका है। 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर अस्पताल में उत्साह के साथ समारोह आयोजित किया गया।
समारोह की शुरुआत डॉ. एस. चंदानी, डॉ. वंदना चंदानी और डॉ. एस. पालीवाल ने केक काटकर की। इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सकों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी तथा अस्पताल की सेवा यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बीते 12 वर्षों में एनकेएच ने स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए गंभीर मरीजों के उपचार के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की हैं। अस्पताल में 24 घंटे ट्रामा एवं आपातकालीन सेवाएं, अत्याधुनिक आईसीयू, क्रिटिकल केयर यूनिट और हृदय रोगियों के उपचार के लिए कैथ लैब सहित विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, निःशुल्क चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी जनसेवा की जा रही है।
इस अवसर पर ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने कोरवावासियों के विश्वास, सहयोग और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही एनकेएच ने 12 वर्षों का सफर पूरा किया है। अस्पताल परिवार भविष्य में भी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं और जनसेवा की भावना के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्षगांठ पर 120 से अधिक मरीजों की निःशुल्क ओपीडी जांच
कोरबा। एनकेएच सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निःशुल्क ओपीडी सेवा का आयोजन किया गया। इस दौरान 120 से अधिक मरीजों की जांच कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। अस्पताल प्रबंधन की इस पहल का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाना रहा।
समारोह में उपस्थित चिकित्सक एवं प्रमुख सदस्य डॉ. वंदना चंदानी, डॉ. एस. पालीवाल, डॉ. आर. पालीवाल, डॉ. अविनाश तिवारी, डॉ. मनीष गोयल, डॉ. अविनाश सिंह, डॉ. अजीत ठोकल, डॉ. शिवानी प्राग्दा, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. एस. एस. पांडेय, डॉ. रोहित मजूमदार, डॉ. सुदीप्त साहा, डॉ. रिया दुबे के अलावा आरएमओ, वरिष्ठ प्रशासनिक कर्मचारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा अन्य चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
बालकोनगर, 12 अक्टूबर, 2026। Balco’s Poshan Maah Campaign : वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पोषण माह 2026 का समापन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान बच्चों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, स्वस्थ खानपान की आदतों को प्रोत्साहित करने और बाल विकास में समुदाय की भागीदारी मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित की गईं। बालको की ‘आरोग्य’ परियोजना और ‘नंद घर’ पहल के तहत आयोजित इस अभियान के माध्यम से 28 नंद घरों में 1,500 से अधिक बच्चों, माताओं और उनकी देखभाल करने वालों तक पहुंच बनाई गई। यह पहल भारत सरकार के पोषण अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप बच्चों के बेहतर पोषण को बढ़ावा देने पर केंद्रित रही।
Balco’s Poshan Maah Campaign
Balco’s Poshan Maah Campaign
अभियान के दौरान परिवार वालों को बच्चों के शारीरिक विकास, सीखने की क्षमता और बेहतर स्वास्थ्य में पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। माताओं और देखभाल करने वालों ने जागरूकता सत्रों, बच्चों के वजन और विकास की जांच तथा संतुलित आहार और खानपान से जुड़ी चर्चाओं में भाग लिया। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन बनाने का प्रदर्शन भी किया गया, ताकि परिवार इन तरीकों को अपने दैनिक जीवन में अपना सकें।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने कहा, “हमारी स्वास्थ्य संबंधी परियोजनाएं सभी आयु वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं। इनमें बच्चों का पोषण हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। पोषण माह जैसी पहल के माध्यम से हम समुदाय के साथ मिलकर पोषण और बचाव आधारित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करते हैं। इस माह 1,500 से अधिक अभिभावकों और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों तक पहुंचना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम समुदाय के लोगों के विश्वास और भागीदारी के लिए आभारी हैं। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए हम मिलकर प्रयास जारी रखेंगे।”
Balco’s Poshan Maah Campaign
Balco’s Poshan Maah Campaign
अभियान के दौरान ताजा और गर्म पका हुआ भोजन तैयार करने के प्रदर्शन तथा पोषण बाड़ी को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इनमें मोटे अनाज, दाल और मौसमी सब्जियों के पोषण संबंधी लाभ की जानकारी दी गई। घर में उगाई गई स्थानीय उपज का उपयोग कर बच्चों और परिवार के पोषण को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा सामुदायिक बैठक के माध्यम से अभिभावक, स्वयं सहायता समूह, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को पोषण संबंधी अभियान से जोड़ा गया। इन प्रयासों का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था।
सतनाम नगर की श्रीमती चंद्रकांता महिलाने ने कार्यक्रम के अनुभव साझा करते हुए कहा, “इस सत्र से हमें घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से बच्चों के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन तैयार करने की उपयोगी जानकारी मिली। हमने जाना कि बच्चों का वजन बढ़ाने, पाचन बेहतर रखने और उनके समग्र स्वास्थ्य के लिए किस तरह के भोजन जरूरी हैं। यहां दी गई जानकारी सरल और व्यावहारिक थी, जिसे हम अपने घरों में अपना सकते हैं और अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकते हैं।”
Balco’s Poshan Maah Campaign
Balco’s Poshan Maah Campaign
महीने भर चले इस अभियान का समापन क्लस्टर स्तर पर आयोजित पोषण माह समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में पोषण विषय पर आधारित प्रतियोगिताएं और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित की गईं। इस पहल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और स्वस्थ व सशक्त समुदाय के निर्माण के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) कोरबा नगर पालिका निगम के अफसर द्वारा ठेकेदार से बदजुबानी का एक मामला सामने आया है जिसमें ठेकेदार अंकुश मिश्रा ने इस बदजुबानी की शिकायत सीएम पोर्टल में की है मामला यहीं समाप्त नहीं होता बल्कि इस मामले को लेकर नगर निगम कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भी मोर्चा खोल दिया है और रुचि साहू की शिकायत नगर पालिका निगम आयुक्त से लेकर सीएम तक की गई है अब देखना यह है कि युक्त इस मामले को गंभीरता से लेते हैं अथवा ठेकेदारों के हाथ सिफ़र ही लगेगा. ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष असलम खान द्वारा CM को लिखे पत्र में कहा है कि नगर पालिक निगम, कोरबा की कार्यपालन अभियंता (कोरबा जोन) सुश्री रूचि साहू द्वारा लगातार ठेकेदारों के साथ दुर्व्यव्यवहार एंव बत्तमीजी से बात की जा रही है। साथ ही उनके द्वारा ठेकेदारों द्वारा पूर्ण किए जा चुके अथवा चलित भुगतानों की फाईलों को भी कई दिनों तक बेवजह रोककर रखा जा रहा है। जब कभी कोई ठेकेदार समय लेकर या अपनी फाइलों के संबंध में रूचि साहू से बात करने जाते हैं तो वह उसे अपमानित करती है और इनकी बात करने की शैली भी बहुत ही अमर्यादित होती है। जिससे ठेकेदार स्वयं में अपमानित महसूस करते हैं।
रुचि साहू की इस तरह की बहुत सी शिकायतें सामने आती रहती है, परन्तु अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। अतः आपसे निवेदन है कि तत्काल इस घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करेंगें।
साकेत भवन कोरबा
अतः अगर कार्यवाही नहीं की जाती है तो छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन एवं नगर पालिक निगम कोरबा कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन आंदोलन हेतु बाध्य होंगे और समस्त निर्माण कार्य बंद किए जाएंगे। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी नगर पालिक निगम कोरबा विभाग की होगी।
बालकोनगर, अक्टूबर 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना ‘आरोग्य’ की मदद से वर्ष भर में कोरबा एवं छत्तीसगढ़ के 70 से अधिक गांवों के 1.2 लाख से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई। प्राथमिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, निवारक देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता को केंद्र में रखते हुए कंपनी ने समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है।
BALCO
वित्तवर्ष 2026 में ‘आरोग्य’ के तहत 92 हजार से अधिक लोगों को प्राथमिक, निवारक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। तीन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से लगभग 4800 नागरिकों को नियमित प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए दो मोबाइल हेल्थ वैन संचालित की गईं। मल्टी-स्पेशलिटी हेल्थ कैंपों में सामान्य चिकित्सा के साथ दंत चिकित्सा, त्वचा रोग, हड्डी रोग और स्त्री रोग जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
51 आंगनवाड़ी केंद्रों में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 3,300 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 268 बच्चों को कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित कर विशेष देखभाल प्रदान की गई, जबकि गंभीर रूप से कुपोषित 18 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर किया गया। एनीमिया उन्मूलन के लिए 45 शिविर के माध्यम से 1137 गर्भवती महिलाओं, माताओं एवं किशोरियों को पोषण एवं आयरन सेवन के प्रति जागरूक किया गया। ‘बेबी स्टेप्स टुगेदर’ पहल के तहत 80 से अधिक दंपतियों को मातृत्व देखभाल में पिता की भूमिका को लेकर प्रशिक्षित किया गया।
नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से विद्यालय, युवा चौपाल, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता शिविर के माध्यम 4,900 से अधिक युवाओं एवं समुदाय के लोगों को जागरूक किया गया। टीबी एवं एचआईवी जागरूकता के 110 सत्रों के माध्यम से 67 हजार से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई गई तथा 64 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया। सुरक्षित मातृत्व दिवस, विश्व मलेरिया दिवस, स्तनपान सप्ताह, पोषण माह और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे अवसरों पर भी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बालको अस्पताल बालको परिवार और आसपास के क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। 125 बेड वाले मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में सालाना लगभग 2.2 लाख मरीजों का उपचार किया जाता है। अस्पताल में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग, ईएनटी, दंत चिकित्सा और फिजियोथेरेपी सहित विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं।
अस्पताल की डायग्नोस्टिक सुविधाओं में सीटी स्कैन, 2डी ईको, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, होल्टर मॉनिटरिंग, स्पाईरोमेट्री और ट्रेडमिल टेस्टिंग शामिल हैं। उन्नत चिकित्सा सेवाओं में जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं आर्थ्रोप्लास्टी, डायलिसिस, फेकोइमल्सीफिकेशन मोतियाबिंद सर्जरी, लेजर प्रोक्टोलॉजी और ईवीएलए जैसी प्रक्रियाएं भी उपलब्ध हैं। 10 आईसीयू बेड और आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं से अस्पताल की क्रिटिकल केयर एवं सर्जिकल क्षमता को और मजबूती मिली है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बालको की प्रतिबद्धता को बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी), नया रायपुर ने कैंसर देखभाल के क्षेत्र में व्यापक स्वरूप दिया है। 170-बेड वाला तृतीयक कैंसर केंद्र कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, निदान और उपचार के साथ रेडिएशन थेरेपी, ब्रैकीथेरेपी, न्यूक्लियर मेडिसिन, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पैलिएटिव केयर जैसी सेवाएं प्रदान करता है।
2018 में स्थापना के बाद बीएमसी में करीब 76,000 मरीजों का उपचार, लगभग 14,000 बड़ी सर्जरी और 96,000 से अधिक कीमोथेरेपी सत्र किए जा चुके हैं। कैंसर की शुरुआती पहचान और रोकथाम के लिए 600 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। बीएमसी में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का विस्तार, इंडोस्कोपी सूट और उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं का विकास इसकी चिकित्सा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
कैंसर देखभाल को समुदाय तक ले जाने के लिए बीएमसी द्वारा मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन और स्वास्थ्य स्क्रीनिंग गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। वित्तवर्ष 2026 में आयोजित 250 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों से 20 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए। जरूरतमंद मरीजों के लिए उपचार सहायता, आवास, परिवहन, पोषण और अन्य सहयोगी सेवाओं के माध्यम से उपचार की राह को आसान बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
हाल ही में आयोजित बीएमसी कैंसर कॉंक्लेव के दौरान छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर एलिमिनेशन प्रोग्राम की शुरुआत की गई। यह पहल कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और समुदाय आधारित स्क्रीनिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बालको के सामुदायिक विकास कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के कोरबा, कवर्धा, सरगुजा, रायगढ़ और रायपुर जिलों के 128 गांवों तक पहुंच रहे हैं। ‘आरोग्य’ के माध्यम से समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं, बालको अस्पताल के जरिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा और बीएमसी के माध्यम से उन्नत कैंसर देखभाल को जोड़ते हुए बालको स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। ये पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों और सतत विकास लक्ष्य-3 के अनुरूप स्वस्थ एवं सशक्त समुदाय के निर्माण में योगदान दे रही हैं।
कोरबा। KORBA BREAKING : निहारिका क्षेत्र स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद होटल की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में मिठाई और पकवान बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को संडास में धोते हुए एक वीडियो सोशल मिडिया में तेजी से वायरल हो रहा हैं, होटल पहुंचे एक ग्राहक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
KORBA BREAKING
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वीडियो में सार्वजनिक उपयोग वाले संडास में बर्तन धोते हुए दिखाई देने पर खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों से पूछताछ करने पर बताया गया कि इमरजेंसी की स्थिति में बर्तन वहां धुलवाए जा रहे थे।अब यह इमरजेंसी क्या हो सक्ति हैं यह तो होटल संचालक ही बता सकता हैं.
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मामले में होटल प्रबंधन के मैनेजर मुकेश स्वर्णकार से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। इधर, खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए होटल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
खाद्य विभाग की कार्य प्रणाली भी संदेह के दायरे मेंKORBA BREAKING
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अब विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं संडास में बर्तन धोने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने एवं खाद्य विभाग के संज्ञान में आने के बाद खाद्य विभाग ने मात्र नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली है जबकि ऐसे मामले में होटल पहुंचकर तत्काल इसकी जांच की जानी चाहिए वही सोशल मीडिया में वायरस वीडियो की भी जांच की जानी चाहिए ताकि होटल में इस तरह के कृत्य पर लगाम लग सके इसका भौतिक सत्यापन किया जाना था किंतु खाद्य विभाग एकमात्र नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता अब देखना यह होगा की नोटिस के बाद खाद्य विभाग कार्रवाई करता है या मामले को ठन्डे बस्ते में डालने में कोई कोताही ही नहीं करेगा