कोरबा :KORBA BREAKING (संतोष सारथी)कोरबा। बरसात के मौसम में जलप्रपात और नदी-नालों के बीच जाना कितना जोखिम भरा हो सकता है, इसका एक मामला देवपहरी जलप्रपात में सामने आया। सोमवार शाम फोटो खींचने के लिए जलप्रपात के मध्य तक पहुंचे तीन युवक अचानक पानी का बहाव बढ़ने से वहीं फंस गए। करीब 15 घंटे तक झरने के बीच फंसे रहने के बाद मंगलवार सुबह पानी का बहाव कम हुआ, जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
KORBA BREAKING
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फंसे युवकों की पहचान गुरमा श्यांग निवासी धनेश्वर सारथी, घनश्याम महंत और सूरज सारथी के रूप में हुई है।
अचानक बढ़ा पानी, वापसी का रास्ता डूबा
जानकारी के अनुसार, तीनों युवक सोमवार शाम देवपहरी जलप्रपात पहुंचे थे। फोटो खींचने के दौरान वे जलप्रपात के मध्य तक चले गए। इसी बीच अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते जिस रास्ते से वे वापस लौट सकते थे, वह पानी में डूब गया। ऐसे में तीनों युवक झरने के बीच ही फंस गए।
वीडियो कॉल से रेस्क्यू टीम को दी जानकारी KORBA BREAKING
अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू अभियान चलाना मुश्किल था। युवकों ने झरने के बीच अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थान पर रात बिताई। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए रेस्क्यू टीम से संपर्क बनाए रखा और अपनी स्थिति की जानकारी दी। लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही थी, हालांकि तीनों सुरक्षित थे।
सुबह पानी कम हुआ, शुरू हुआ रेस्क्यू KORBA BREAKING
मंगलवार सुबह नदी का बहाव कुछ कम होने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने सावधानीपूर्वक आगे बढ़ते हुए तीनों युवकों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
तीनों के सकुशल बाहर आने के बाद उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश में जलप्रपात के बीच जाना पड़ सकता है भारी
घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान जलप्रपात और नदी-नालों के आसपास सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और कुछ ही मिनटों में पानी का बहाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में जलप्रपात, नदी और नालों के बीच जाने या जोखिम उठाकर फोटो-वीडियो बनाने से बचें। पानी का बहाव सामान्य दिखाई देने के बावजूद ऊपरी क्षेत्र में बारिश होने पर अचानक जलस्तर बढ़ सकता है।
बालकोनगर, 24 अगस्त 2026। BALCO NEWS छत्तीसगढ़ के औद्योगिकऔद्योगिक विकास की कहानी में कुछ संस्थानों का योगदान केवल उनके उत्पादन आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता। उनका वास्तविक प्रभाव रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवाओं के लिए अवसर और समाज में आए सकारात्मक बदलावों से समझा जाता है। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ऐसी ही औद्योगिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वर्ष 1965 में स्थापित बालको आज छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान का प्रमुख स्तंभ है। वर्ष 2001 में वेदांता समूह के प्रबंधन में आने के बाद कंपनी ने उत्पादन क्षमता, ऊर्जा, तकनीक और अधोसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया। वर्तमान में बालको की एल्यूमिनियम स्मेल्टर क्षमता 5.95 लाख टन प्रतिवर्ष है और विस्तार परियोजना के बाद यह बढ़कर 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। यह विस्तार केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने की परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, रोजगार, व्यापार और स्थानीय विकास के अगले चरण की नींव है।
उद्योग से बढ़ती स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत BALCO NEWS
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बालको का प्रभाव उसके संयंत्र परिसर तक सीमित नहीं है। कंपनी के विकास के साथ कोरबा और बालकोनगर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। प्रत्यक्ष रोजगार के साथ व्यवसायिक साझेदारों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सेवाओं तथा छोटे-बड़े स्थानीय व्यवसायों के लिए अवसर बढ़े हैं। पिछले एक दशक में बालको ने छत्तीसगढ़ राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में लगभग 29,000 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
देश की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में भी बालको की महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी अपने उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत एल्यूमिनियम घरेलू बाजार में उपलब्ध कराती है। एल्यूमिनियम आधुनिक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण धातुओं में शामिल है और परिवहन, निर्माण, ऊर्जा, रक्षा तथा अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। बालको ने देश की वैज्ञानिक और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए एल्यूमिनियम की आपूर्ति में भी योगदान दिया है।
1 मिलियन टन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम BALCO NEWS
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बालको अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और 1 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 525 किलो एम्पीयर पॉटलाइन से फर्स्ट मेटल उत्पादन शुरू होना क्षमता विस्तार यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उपलब्धि नई तकनीक, बेहतर दक्षता और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप संचालन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह विस्तार केवल बालको की उत्पादन क्षमता में वृद्धि नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी जुड़ी हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने, स्थानीय व्यवसायों को गति मिलने तथा व्यवसायिक साझेदारों, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और स्थानीय उद्यमों के लिए नए अवसर बनने की संभावना है। इस तरह बालको का आर्थिक प्रभाव संयंत्र से निकलकर कोरबा और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचता है।
तकनीक और नवाचार से स्मार्ट उद्योग की ओर BALCO NEWS
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औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के बदलते दौर में तकनीक और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। बालको अपने संचालन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा आधारित समाधानों को अपना रहा है।
उत्पादन प्रक्रियाओं में डिजिटल निगरानी और स्मार्ट समाधान परिचालन दक्षता, गुणवत्ता तथा सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। तकनीक आधारित यह परिवर्तन कंपनी को भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए तैयार करने के साथ उत्पादन प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार की संस्कृति को मजबूत कर रहा है।
सतत विकास के साथ औद्योगिक प्रगति BALCO NEWS
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एल्यूमिनियम उत्पादन के साथ पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करना बालको की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, पौधारोपण, इलेक्ट्रिक वाहनों और कम कार्बन उत्सर्जन वाले उत्पादों के माध्यम से अधिक टिकाऊ औद्योगिक विकास की दिशा में काम कर रही है।
रिस्टोरा लो-कार्बन एल्यूमिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो कम कार्बन उत्सर्जन वाले एल्यूमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में योगदान देता है। औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन स्थापित करने का यह प्रयास भविष्य के अधिक टिकाऊ उद्योग की दिशा को दर्शाता है।
सुरक्षा के साथ विकास की संस्कृति BALCO NEWS
औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बालको कर्मचारियों और व्यवसायिक साझेदारों के लिए नियमित प्रशिक्षण, सुरक्षा प्रथम, ‘असुरक्षित कार्य को ना कहना’ मॉक ड्रिल, आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। कंपनी की ‘सुरक्षा संकल्प’ पहल सुरक्षित कार्य संस्कृति को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। सुरक्षा को संचालन का अभिन्न हिस्सा बनाकर बालको सुरक्षित कार्यस्थल, जागरूक कार्यबल और जिम्मेदार औद्योगिक संचालन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।
विकसित भारत की औद्योगिक यात्रा में योगदान
भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में मजबूत घरेलू धातु क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। बुनियादी ढांचे से लेकर रक्षा, ऊर्जा, परिवहन और अंतरिक्ष तक, देश की विकास यात्रा गुणवत्तापूर्ण धातुओं की उपलब्धता से जुड़ी है। ऐसे में बालको का बढ़ता उत्पादन, तकनीकी क्षमता और नवाचार देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ से विकसित भारत की दिशा में बालको की यात्रा अब एक औद्योगिक संयंत्र की विकास कहानी से आगे बढ़कर रोजगार, तकनीक, नवाचार, आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण की कहानी बन चुकी है। 1 मिलियन टन की ओर बढ़ता बालको उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ देश की बढ़ती एल्यूमिनियम जरूरतों को पूरा करने की दिशा में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
आने वाले वर्षों में क्षमता विस्तार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास के माध्यम से बालको भारतीय एल्यूमिनियम उद्योग को नई गति देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ की धरती पर शुरू हुई यह औद्योगिक यात्रा अब राष्ट्र निर्माण के बड़े लक्ष्य से जुड़ चुकी है। बालको का अगला अध्याय केवल अधिक एल्यूमिनियम उत्पादन का नहीं, बल्कि अधिक अवसर, अधिक नवाचार और अधिक विकास गढ़ने का है।
कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़ )Korba news हजरात मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम के 1501 जन्मदिन दिवस के अवसर पर देश दुनिया में जश्न का माहौल है कोरबा में भी हुजूर की विलादत को बड़ी शान -ओ -शौकत से मनाया जा रहा हैँ मरकजी सीरत कमेटी कोरबा ने सिलसिलेवार कार्यक्रम करके हुजूर की विलादत को खास बना दिया हैँ 2अगस्त को बच्चों का अजीमुसान जलसे का आयोजन किया गया 24 अगस्त को बाइक और कार रैली का आयोजन किया गया जो गौ माता चौक से कोरबा पुराना बस स्टैंड होते हुए पावर हॉउस रोड से ट्रांसपोटनगर सीएसबी होते हुए सुभाष चौक पहुंची जहाँ से एस इ सी एल होते हुए मुड़ापार पहुंची जहाँ मस्जिदे गौसिया मुड़ापार के पदाधिकारियों ने जुलुस में शामिल मेहमाने खूसूशी का गुलपोसी कार इस्तीक़बाल किया और जुलुस का समापन हुआ.
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जुलुस को शाम 3 बजे से प्रारम्भ किया जाना था लेकिन भारी बारिश के कारण जुलुस विलम्ब से प्रारम्भ हुआ लेकिन हुजूर के आशिको का हौसला बना रहा और इस झमाझम बारिश में भी आशिके रसूल की तादाद कम नहीं हुई अलबत्ता सैंकड़ो कार और बाइक का काफिला जुलुस में शरीक होकर कामयाबी के सोपान तक पहुंचाया.इस बीच जुलुस को व्यवस्थित करने के लिए काफ़ी तादाद में वैलियंटर तैनात थे
पुलिस का सहयोग काबिले तारीफ रहा Korba news
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जुलुस के शुरूआती दौर से ही पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही csp Ti सहित काफ़ी संख्या में पुलिस की व्यवस्था की गयी थी जिससे जुलुस को और व्यवस्थित में इनकी भूमिका सराहनीय रही.
कार्यक्रम को सफल बनाने में मरकजी सीरत कमेटी के सदर मिर्जा आसिफ बेग, सचिव मोहसिन मेमन सहित मरकजी सीरत कमेटी के ओहदेदारन एवं कार्यकर्ताओ का सराहनीय योगदान रहा. वहीं मो आरिफ खान, मो. रफीक मेमन, नौशाद खान, बरकत खान, मेहबूब खान, फारुख मेमन की सरपरसती में जुलुस सम्पन्न हुआ.
कोरबा ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर मरकाजी सीरत कमेटी कोरबा द्वारा विभिन्न आयोजनों के साथ आज बाइक और कर रैली का भी आयोजित किया गया है इस कार्यक्रम में मशहूर नात खां सुल्तान रज़ा कादरी नागपुर, दानिश आराफ़ात बिलासपुर तशरीफ़ ला रहे हैं जो अपना कलाम पेश करेंगे.
मरकाजी सूरत कमेटी के सदर मिर्जा आसिफ बेग ने बताया कि बाइक का कर रैली के आयोजन की पूरी तैयारी हो चुकी है वहीं उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों को शिरकत करने की अपील भी की है मिर्जा आसिफ बेग ने आगे कहा कि कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए वॉलिंटियर की नियुक्ति की गई है जो कार और बाइक रैली को व्यवस्थित कर बिना व्यवधान के अपने गंतव्य तक पहुंचाने का काम करेंगे उन्होंने आगे कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था का ध्यान रखा जाना चाहिए हमारे कार्यक्रम में बुलेट एवं मॉडिफाई साइलेंसर की अनुमति बिल्कुल भी नहीं होगी इसके साथ ही एक बाइक में सिर्फ दो ही व्यक्ति बैठकर जुलूस में शामिल हो दो से अधिक सवारी होने पर ट्रैफिक पुलिस अगर कार्यवाही करती है तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं की होगी. नारो के संबंध में बताया गया है कि कमेटी द्वारा निर्धारित नारे ही लगाए जाएंगे इसके अलावे कोई दूसरे नारे लगाने की अनुमति नहीं होगी.
कोरबा। शहर के मंगलम विहार, कोसाबाड़ी स्थित एनकेएच सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 24 से 27 अगस्त तक निःशुल्क यूरोलॉजी ओपीडी का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र कुमार मरीजों को यूरोलॉजी से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करेंगे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार एनकेएच में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के साथ आधुनिक उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। *मरीजों की सुविधा को बढ़ाते हुए अस्पताल प्रबंधन ने एक और नए डिपार्टमेंट की शुरुआत की है।*
निःशुल्क ओपीडी में किडनी, यूरेटर एवं मूत्राशय की पथरी, प्रोस्टेट संबंधी समस्या, पुरुषों में यौन स्वास्थ्य एवं बांझपन से जुड़ी समस्याएं, महिलाओं की यूरोलॉजिकल समस्याएं तथा यूरोलॉजिकल कैंसर जैसी समस्याओं के संबंध में परामर्श लिया जा सकता है। इसके अलावा अस्पताल में पथरी के उपचार के लिए आधुनिक तकनीकों तथा लेप्रोस्कोपिक यूरोलॉजिकल सर्जरी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। ओपीडी के दौरान मरीज सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तथा शाम 6 से रात 8 बजे तक विशेषज्ञ से परामर्श ले सकते हैं। अस्पताल प्रबंधन ने किडनी, पेशाब अथवा प्रोस्टेट से संबंधित परेशानी से जूझ रहे लोगों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
कोरबा : ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जहाँ जश्ने विलादत की धूम हैँ वहीं ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन ने इस मुबारक महीने को और आकर्षक बनाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक और कदम बढ़ाते हुए बच्चों को एवं उसके परिजनों को शिक्षा के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए कलम का लंगर नामक एक मुहिम चलाते हुए बच्चों को एक किट का वितरण किया जिसमे कॉपी पेन पेन्सिल इत्यादि बांटा गया और बच्चों को पढ़ाई का महत्त्व बताया गया. वहीं परिजनों को कहा गया एक रोटी कम खाओ लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाओ का सन्देश दिया.
मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन के मुहीम को कामयाब बनाने के लिए मो आरिफ सेठ, मो अमन खान सहित युवाओ की पूरी टीम का योगदान रहा.
कोरबा ईद मिलादुन्नबी के मौके पर आज पुरानी बस्ती कोरबा में नन्हे मुन्ने बच्चों का एक विशाल जुलुस निकाल कर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम की पैदाइश दिन को और खुशनुमा बना दिया यह पुरानी बस्ती स्थित धनवार पारा मस्जिद से निकल कर पूरी बस्ती में गस्त करता हुआ सरकारी स्कूल मैदान मैं जाकर समाप्त हुआ.
मालूम होगी आगामी 26 अगस्त को हुजूर की आमद का जश्न मनाने के लिए मरकाजी सीरत कमेटी द्वारा जुलूस का एहतेमाम किया जाता है इसी कड़ी में मरकजी सीरत कमेटी के मातेहत कमेटी इत्तेहाद कमेटी द्वारा बच्चों का जुलूस आज 22 अगस्त को बड़े शान में शौकत से निकाल कर खीराजे अक़ीदत पेश की गई इस दरमियान पूरी बस्ती में गस्त करता हुआ शासकीय स्कूल प्रांगण में जाकर समाप्त हुआ जुलूस के दौरान अनेक लोगों ने बच्चों के लिए तरह-तरह की शिरनिया रखी गई थी वहीं कई लोगों ने गिफ्ट देकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया इस दरमियान जुलूस के पूर्व परचम कुशाई की रस्म अदायगी की गयी परचम कुसई मदीना मस्जिद के पेश इमाम द्वारा किया गया इस दरमियान शाहिनूरी मस्जिद के सदर मोहम्मद आरिफ खान मेमन जमात के सरपरस्त मोहम्मद रफीक मेमन हाजी शकीर, बरकत खान,नौशाद खान, मिर्जा आसिफ बेग निशु, मोहसिन मेमन सहित वरिष्ठ जन मौजूद थे.
कोरबा 21 अगस्त 2026/दीपावली पर्व की दृष्टि से अस्थाई पटाखा लायसेंस बनवाने हेतु इच्छुक आवेदकों से 01 सितंबर से 15 सितंबर तक आवेदन एलएसडीए माडुल (ऑनलाइन) के माध्यम से स्वीकार किये जायेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्थाई पटाखा लायसेंस बनवाने हेतु ऑनलाइन आवेदन पश्चात ऑनलाइन की पावती सहित आवेदक को आवेदन के साथ साईट मैप, जीएसटी पंजीयन प्रमाण पत्र और स्वयं का पासपोर्ट आकार का कलर फोटो दो नग एवं फोटो युक्त परिचय पत्र सहित दस्तावेज 03 प्रतियों में कलेक्टर कार्यालय कोरबा के लायसेंस शाखा में जमा कराना अनिवार्य है। इस हेतु रूपये छः सौ का चालान (0070- अन्य प्रशासकीय सेवाएं, 60-अन्य प्राप्तियां, 103- विस्फोटक पदार्थों के लिये) शीर्ष में जमा किया जाना है। चालान की प्रति आवेदन के साथ संलग्न किया जाना है। विलंब से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे।
कोरबा। Rotary Club of Korba : रोटरी क्लब ऑफ कोरबा द्वारा प्रसाद नेत्रालय कोरबा के सहयोग से आयोजित निःशुल्क नेत्र रोग एवं मोतियाबिंद जांच एवं परामर्श शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर में लगभग 96 लोगों की आंखों की जांच की गई और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।
Rotary Club of Korba
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जांच के दौरान 15 मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या पाए जाने पर उन्हें ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया है। इन सभी मरीजों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन डॉ. प्रसाद नेत्रालय, कोरबा में किया जाएगा।
बताते चलें की 15 मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन डॉ. प्रसाद नेत्रालय, कोरबा में किए जाएंगे। इसके पूर्व रोटरी क्लब द्वारा 4 मरीजों का निशुल्क ऑपरेशन किया जा चूका हैँ वहीं 100 लोगों का निशुल्क ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया हैँ.
रोटरी क्लब ऑफ कोरबा द्वारा इससे पहले भी 4 मरीजों के निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए जा चुके हैं। क्लब ने अब रोटरी के माध्यम से 100 जरूरतमंद लोगों के निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को बेहतर नेत्र उपचार उपलब्ध कराना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से रोटरी क्लब द्वारा प्रसाद नेत्रालय के सहयोग से आगे भी जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
क्लब ने आम नागरिकों से अपील की कि आंखों से संबंधित किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर अपनी आंखों की जांच अवश्य करवाएं।
The Role of Women in the BALCO Manufacturing Industry
बालकोनगर, 19 अगस्त, 2026। The Role of Women in the BALCO Manufacturing Industry : कभी मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री में इंजीनियरिंग और तकनीकी भूमिकाओं को मुख्य रूप से पुरुषों का कार्यक्षेत्र माना जाता था, लेकिन बदलते समय के साथ महिला इंजीनियरों ने इन धारणाओं को पीछे छोड़ते हुए अपनी मजबूत पहचान बनाई है। बालको में महिला इंजीनियर आज उत्पादन, खनन, प्रचालन और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। अपने तकनीकी कौशल, नेतृत्व क्षमता और दृढ़ संकल्प से वे कंपनी की उत्तरोत्तर प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
The Role of Women in the BALCO Manufacturing Industry
The Role of Women in the BALCO Manufacturing Industry
कार्यस्थल पर मशीनों और आधुनिक तकनीक के बीच जिम्मेदारी निभाने से लेकर टीमों का नेतृत्व करने तक, महिला इंजीनियरों ने साबित किया है कि क्षमता और सफलता की कोई लैंगिक सीमा नहीं होती। चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए वे न केवल अपने करियर में आगे बढ़ रही हैं, बल्कि मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में आने वाली नई पीढ़ी की महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। उनकी सफलता की कहानियां बदलती मेटल इंडस्ट्री की उस तस्वीर को सामने लाती हैं, जहां प्रतिभा, कौशल और नेतृत्व ही पहचान का आधार हैं।
The Role of Women in the BALCO Manufacturing Industry
The Role of Women in the BALCO Manufacturing Industry
आईपीएस एकेडमी, इंदौर से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाली अंशिका सिंह को शुरुआत से ही अपने विषय और तकनीकी क्षेत्र में विशेष रुचि थी। बालको से जुड़ने के बाद यह रुचि गर्व में बदल गया। एल्यूमिनियम इंडस्ट्री के चुनौतीपूर्ण क्षेत्र कास्ट हाउस में काम करते हुए अंशिका ने नवाचार, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
अंशिका बताती हैं, “शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती शॉप फ्लोर पर खुद को साबित करना और अपने काम से सहकर्मियों का भरोसा जीतना था। बालको में मुझे नए विचारों पर काम करने का मौका मिला और वरिष्ठ अधिकारियों ने मुझ पर भरोसा जताया। इसी भरोसे ने मुझे लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। प्रबंधन के सहयोग से मैंने ‘सम्मान एवं पुरस्कार’ पहल की शुरुआत की। इससे टीम का उत्साह बढ़ा और सभी ने मिलकर बेहतर परिणाम हासिल किए।”
The Role of Women in the BALCO Manufacturing Industry
आज अंशिका के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि शॉप फ्लोर पर उनकी पहचान एक महिला के रूप में नहीं, बल्कि उनकी काबिलियत से होती है। शुरुआती दिनों से लेकर आज तक उन्होंने कार्यस्थल के माहौल और लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव महसूस किया है। उनके लिए यह गर्व की बात है कि उनकी यात्रा भविष्य में शॉप फ्लोर पर कदम रखने वाली महिला इंजीनियरों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने में मदद करेगी।
बालको में कार्यरत अरुणा ने एनआईटी सिक्किम से इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। कॉलेज के बाद सीधे प्लांट में काम शुरू करने को लेकर उनके मन में शुरुआती झिझक थी, लेकिन सहकर्मियों के सहयोग और वरिष्ठ अधिकारियों के भरोसे ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया। अपने काम के प्रति जुनून और सीखने की ललक के साथ उन्होंने बीते चार वर्षों में अपनी पहचान बनाई है।
अरुणा बताती हैं, “जब वरिष्ठ अधिकारी आपके काम के आधार पर भरोसा जताते हैं, तो जिम्मेदारी अपने आप बढ़ जाती है। मैंने हर जिम्मेदारी को मेहनत और लगन से पूरा किया, जिससे मुझे लगातार सीखने के अवसर मिले और मेरा आत्मविश्वास मजबूत हुआ। मेरा मानना है कि कार्यस्थल पर सफलता पद या वरिष्ठता से नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों को पूरी प्रतिबद्धता से निभाने से मिलती है।”
इसी जिम्मेदारी के तहत उनकी टीम को बालको में बिजली के बैकअप सिस्टम को और बेहतर बनाने की चुनौती मिली। टीम ने पूरे सिस्टम को स्काडा के माध्यम से केंद्रीकृत किया, जिससे विभिन्न प्रकार के डेटा की निगरानी और विश्लेषण के जरिए संभावित समस्याओं का पहले ही पता लगाना संभव हुआ। इससे समय रहते आवश्यक कदम उठाने और बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता को बेहतर बनाने में मदद मिली। इस महत्वपूर्ण कार्य में योगदान के लिए अरुणा को प्लांट के सर्वोच्च सम्मान ‘सीईओ अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
बालको की महिला इंजीनियरों की ये यात्राएं केवल व्यक्तिगत सफलता की कहानियां नहीं हैं, बल्कि मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री में आ रहे सकारात्मक बदलाव की भी तस्वीर हैं। तकनीकी दक्षता, नेतृत्व और आत्मविश्वास के साथ वे उन कार्यक्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं, जिन्हें कभी मुख्य रूप से पुरुषों से जोड़कर देखा जाता था। उनकी उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि अवसर और अनुकूल कार्य-वातावरण मिलने पर महिलाएं एल्यूमिनियम उत्पादन के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बालको की प्रगति में उनका योगदान आने वाली पीढ़ी की महिला इंजीनियरों को नए सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देता है।