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A herd of 12 elephants reached Balco : बालको के करीब पंहुचा 12 हाथियों का झुण्ड, कॉफी पॉइंट जाने वाले रहें सावधान

A herd of 12 elephants reached Balco

कोरबा/बालको (संतोष कुमार सारथी) A herd of 12 elephants reached Balco बालको वन परिक्षेत्र में 12 हाथियों की मौजूदगी से वन विभाग सतर्क हो गया है कॉफी प्वाइंट मुख्य मार्ग के करीब हाथियों का मूमेंट जारी है कॉफी पॉइंट पिकनिक मनाने जा रहे लोगों को वन विभाग सतर्क कर रहा है.

A herd of 12 elephants reached Balco

A herd of 12 elephants reached Balco

राजधानी से जनता तक कोरबा| कोरबा वनमण्डल के बालको वन परिक्षेत्र में 12 हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है, वन विभाग हाथियों की निगरानी में जुटा हुआ है। कॉफी प्वाइंट मुख्य मार्ग को पिकनिक मनाने वाले लोगों को अस्थाई रूप से वापस लौटाते हुए लोगो से अनावश्यक उक्त मार्ग का प्रयोग करने से बचने की सलाह वन विभाग दे रहा है।

A herd of 12 elephants reached Balco

 

मंगलवार की सुबह 12 हाथियों का दल विचरण करते हुए गहनिया परिसर में मौजूद हैं, वन विभाग हाथियों की मॉनिटरिंग करने के साथ ही आसपास के ग्रामों में मुनादी कराई गई हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों एवं पर्यटकों से उक्त क्षेत्र में आवाजाही करने के दौरान सतर्क रहने की अपील लोगो से की है।

A herd of 12 elephants reached Balco

A herd of 12 elephants reached Balco

वन विभाग ने ऐतिहात बरतते हुए कॉफी प्वाइंट जाने वाले मुख्य मार्ग में वन विभाग के कर्मचारियों की तैनाती कर दी हैं, पिकनिक मनाने जा रहे लोगों को हाथियों के मौजूदगी के कारण बालको नगर फॉरेस्ट बैरियर से फिलहाल अस्थाई रूप से वापस लौटा दिया जा रहा है।

The country’s first lithium block देश के पहले लिथियम ब्लॉक की नीलामी हुई पूरी,साउथ की कंपनी ने शुरू किया काम

The country's first lithium block
कोरबा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक शुरू

कोरबा/कटघोरा ( ब्लैकआउट न्यूज़)The country’s first lithium block कोरबा में देश का पहला लिथियम खदान मैकी साउथ माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (MSMPL) को नीलामी में मिला है यह लिथियम ब्लॉक256 हेक्टेयर में लिथियम का भंडारण फैला हुआ है. 54 स्थानों पर ड्रिल कर पता लगाया जाएगा कि कहां कहां लिथियम है.

The country’s first lithium block

कोरबा: कटघोरा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक खुलने जा रहा है. मैकी साउथ माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (MSMPL) ने केंद्र सरकार द्वारा आयोजित नीलामी प्रक्रिया से लिथियम ब्लॉक को हासिल किया था. अब इस कंपनी ने उत्खनन शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ना शुरू कर दिया है. जिस इलाके में लिथियम भंडाण है, वहां ड्रिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. कुल मिलाकर 54 स्थान पर ड्रिल किए जाएंगे, जिससे यह पता लगाया जाएगा कि लिथियम का भंडारण किन किन स्थानों पर है.

The country’s first lithium block

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 256 हेक्टेयर में लिथियम का भंडारण फैला हुआ है. वास्तव में लिथियम की मौजूदगी कितनी मात्रा में है, वास्तविक क्षेत्रफल क्या और इस तरह की सभी जानकारी के लिए सर्वे का काम चल रहा है. इसके लिए 100 मीटर तक जमीन में ड्रिल किया जा रहा है, सतह के मिट्टी और चट्टानों का भी अध्ययन किया जाएगा. इन सभी प्रक्रिया को पूर्ण करने में अब भी लगभग 4 महीने का समय लग सकता है. जिसके बाद ही लिथियम का उत्खनन का काम शुरू होगा. फिलहाल ड्रिलिंग और ट्रेंचिंग की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है.

256 हेक्टेयर में लिथियम का भंडार The country’s first lithium block

The country's first lithium block
कोरबा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक शुरू

साल 2024 ही केंद्रीय खान मंत्रालय ने रणनीतिक खनिजों (Critical and Strategic Minerals) को नीलामी प्रक्रिया के तहत देशभर में स्थित 20 मिनरल्स ब्लॉक्स के लिए बोली बुलाई थी. इसमें कटघोरा – घुचापुर में स्थित लिथियम ब्लॉक (Katghora Lithium and REE Block) भी सम्मिलित था. जिसे बोली के बाद मैकी साउथ ने हासिल किया.

रेयर अर्थ मेटल का जमीन के नीचे भंडार:The country’s first lithium block

The country's first lithium block
कोरबा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक शुरू

सर्वे के अनुसार यहां पर्याप्त मात्रा में रेअर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) की उपलब्धता है. कटघोरा- घुचापुर में 256.12 हेक्टेयर में लिथियम ब्लॉक फैला हुआ है. इसमें 84.86 हेक्टेयर फॉरेस्ट लैंड है. लिथियम की उपस्थिति का क्षेत्रफल नगर पालिका परिषद कटघोरा के साथ ही बड़े पैमाने पर निजी भूमि में भी मौजूद है. क्षेत्रफल करघोरा से लगभग 10 किलोमीटर दूर छूरी तक फैला हुआ है.

पता लगा रहे कितनी मात्रा में मौजूद है लिथियम:The country’s first lithium block

The country's first lithium block
कोरबा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक शुरू

वर्तमान में निजी कंपनी द्वारा ट्रेंचिंग और ड्रिलिंग कर सर्वे का काम किया जा रहा है. जमीन के सतह और भीतर से भी सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं. अलग-अलग क्षेत्र में सर्वे का काम किया जा रहा है, इस प्रक्रिया में यह पता लगाया जाएगा की इस क्षेत्र में कितनी मात्रा में लिथियम का भंडारण मौजूद है. यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही लिथियम का उत्खनन शुरू होगा. फिलहाल 256 हेक्टेयर में से किस क्षेत्र में उत्खनन किया जाना है, यह स्पष्ट नहीं है. क्षेत्र की सटीक जानकारी के बाद जमीन अधिग्रहण के साथ ही मुआवजा वितरण और अन्य प्रक्रिया को भी पूरा करना होगा. जो की काफी लंबी प्रक्रिया है,

 

अनुमान है कि आने वाले 4 महीने बाद उत्खनन शुरू हो सकता है. यह तब और स्पष्ट होगा जब लिथियम के वास्तविक क्षेत्रफल और मात्रा का पता चल जाएगा.

सर्वे का काम प्रगति पर, कम होगी निर्भरता:

 

कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि ”कटघोरा में लिथियम की खोज के लिए निजी कंपनी को निर्देशित किया गया है. सर्वे का काम अभी प्रगति पर है, उम्मीद है कि आने वाले महीना में सर्वे का काम पूर्ण कर लिथियम की मीनिंग का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा. निश्चित तौर पर आज के समय में लिथियम को रेयर अर्थ मिनरल माना जाता है. इसके मिलने से इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में नई क्रांति आएगी, हमारी दूसरे देशों पर आत्मनिर्भरता भी कम होगी.

स्वदेशी बैटरी के निर्माण को मिलेगी रफ्तार:

 

लिथियम के स्रोत मिलने के बाद भारत के लिए अपने देश के अंदर ही बड़े स्तर पर बैटरी निर्माण करना आसान हो जाएगा. नीति आयोग इसके लिए एक बैट्री मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम भी तैयार कर रही है, जिसमें भारत में बैटरी की गीगा फैक्ट्री लगाने वालों को छूट भी दी जाएगी. भारत में लिथियम आयन बैटरी बनने से इलेक्ट्रिक व्हीकल की कुल कीमत भी काफी कम होगी. इलेक्ट्रिक व्हीकल में बैटरी की कीमत ही पूरी गाड़ी की कीमत का लगभग 30 फीसदी होती है. दुनिया भर में भारी मांग के कारण लिथियम को व्हाइट गोल्ड भी कहा जाता है.

लिथियम को कहते हैं व्हाइट गोल्ड:

एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल मार्केट में एक टन लीथियम की कीमत करीब 57.36 लाख है. वर्ष 2050 तक लिथियम की वैश्विक मांग में 500 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है. फिलहाल भारत में कहीं भी लिथियम का उत्पादन नहीं होता. भारत लिथियम के लिए पूरी तरह से दूसरे देशों पर निर्भर है. कटघोरा में लिथियम की माइनिंग शुरू होते ही लिथियम के उत्पादन में भी भारत आत्मनिर्भर बनेगा.

कोयले के बाद लिथियम उत्पादन में कोरबा बनेगा आत्मनिर्भर: कोरबा को प्रदेश की ऊर्जाधानी कहा जाता है. यहां तकरीबन 6000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है. इस उत्पादन के कारण ही छत्तीसगढ़ राज्य सरप्लस राज्य है. यहां से अन्य राज्यों को बिजली की सप्लाई की जाती है. बिजली उत्पादन का बड़ा कारण कोरबा जिले में बड़े पैमाने पर कोयले की मौजूदगी है. कोल इंडिया लिमिटेड को उसके कुल उत्पादन का लगभग 20 फ़ीसदी कोयला कोरबा जिले से प्राप्त होता है. कोरबा में देश की तीन सबसे बड़ी कोयला खदाने गेवरा, दीपका और कुसमुंडा मौजूद है. इन उपलब्धियां के बाद अब कोरबा का नाम लिथियम के उत्पादन के लिए भी शामिल हो जाएगा. कोरबा, देश का ऐसा पहला जिला होगा. जहां से लिथियम का उत्पादन शुरू होगा.

जानिए क्यों है लिथियम जीवन के लिए जरुरी

 

मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल कैमरा और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रिचार्जेबल बैटरी में लिथियम महत्वपूर्ण है.

इसका उपयोग हार्ट पेसमेकर, खिलौने और घड़ियों जैसी चीज़ों के लिए कुछ गैर-रिचार्जेबल बैटरी में भी किया जाता है.

लिथियम धातु को एल्युमिनियम और मैग्नीशियम के साथ मिश्रधातु में बनाया जाता है, जिससे उनकी ताकत में सुधार होता है और वे हल्के हो जाते हैं.

लिथियम ऑक्साइड का उपयोग विशेष ग्लास और ग्लास सिरेमिक में किया जाता है.

लिथियम स्टीयरेट का उपयोग एक सर्व-उद्देश्यीय और उच्च तापमान वाले स्नेहक के रूप में किया जाता है.
लिथियम कार्बोनेट का उपयोग उन्मत्त अवसाद के इलाज के लिए दवाओं में किया जाता है.

सभी धातुओं में इसका घनत्व सबसे कम है.

यह ठोस तत्वों में सबसे हल्का है.
यह पानी के साथ जोरदार प्रतिक्रिया करता है.

इसकी संरचना शरीर-केंद्रित घन क्रिस्टल जैसी होती है.

बालको औद्योगिक विकास के साथ कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है : लखन देवांगन

बालकोनगर, 17 नवंबर, 2025। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों की आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी द्वारा निर्मित किए जाने वाले जी-9 मंजिला आधुनिक आवासीय भवन परियोजना का शिलान्यास छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने किया।

बालकोनगर सेक्टर-6 में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार, कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में बालको के अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक शामिल हुए।

उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि उद्योग किसी भी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर लाते हैं और बालको इस दिशा में लगातार उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास से स्थानीय जीवन स्तर में सुधार होता है और आसपास का व्यापार भी गति पकड़ता है। कर्मचारियों के कल्याण के लिए बालको द्वारा किए जा रहे प्रयास उसकी सामाजिक और आर्थिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। यह बहुमंजिला भवन इन्हीं प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा बालको औद्योगिक विकास के साथ कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

शिलान्यास समारोह में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि यह परियोजना कर्मचारियों को आधुनिक, सुरक्षित और ऊर्जा-कुशल सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को साकार करने में छत्तीसगढ़ सरकार का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।
बालको की वन मिलियन टन विस्तार परियोजना न केवल क्षेत्रीय प्रगति को गति दे रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य के धातु के तौर पर पहचान बना चुका एल्यूमिनियम वजन में हल्का, अधिक टिकाऊ और मजबूत होने के कारण औद्योगिक विकास, ऊर्जा परिवर्तन और विकसित भारत के निर्माण में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रस्तावित 9 मंजिला भवन में आधुनिक डिजाइन, उच्च सुरक्षा मानक, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था तथा सामुदायिक उपयोग की सुविधाएँ शामिल होंगी। यह परियोजना क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने और आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में नई मिसाल स्थापित करेगी।

ज्ञात हो कि कंपनी के आवासीय परिसर 60 से अधिक वर्ष पुराने हैं, जिनमें जर्जर दीवारें, रिसते हुए छत और सीमित सुविधाएँ जैसी समस्याएँ सामने आ रही थीं। नए आवासीय फ्लैट इन कर्मचारियों को सुरक्षित, आधुनिक और गरिमापूर्ण रहने की सुविधा प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होंगे। इस परियोजना का निर्माण दिल्ली की प्रतिष्ठित कंपनी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित होगा।

Foundation Day of NKH एनकेएच ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल ने धूमधाम से मनाया स्थापना दिवस, अवॉर्ड सेरेमनी में पुरस्कृत किए गए उत्कृष्ट स्टाफ एवं डाक्टर

Foundation Day of NKH 
NKH का स्थापना दिवस

कोरबा। Foundation Day of NKH न्यू कोरबा हॉस्पिटल (एनकेएच) जो एनएबीएच से मान्यता प्राप्त है, ने अपनी स्थापना की 11वीं वर्षगांठ को रविशंकर नगर स्थित मल्लिक वाटिका में हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी, एडीसी डायरेक्टर डॉ. वंदना चंदानी तथा हॉस्पिटल की पूरी टीम द्वारा दीप प्रज्वलन और स्थापना दिवस का केक काटकर किया गया।

Foundation Day of NKH

Foundation Day of NKH 
NKH का स्थापना दिवस

डॉ. चंदानी ने सभी चिकित्सकों, नर्सिंग व नॉन-टेक्निकल स्टाफ को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, मरीजों की सेवा से लेकर अस्पताल के संचालन तक आप सभी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। आपके समर्पण के कारण ही एनकेएच ग्रुप ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। हमें पूर्ण विश्वास है कि यह सहयोग और विश्वास आगे भी इसी तरह बना रहेगा। उन्होंने बताया कि एनकेएच ने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अनेक नए आयाम स्थापित करते हुए मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार, भरोसा और संवेदनात्मक देखभाल प्रदान करने का संकल्प निरंतर निभाया है। लोगों के बढ़ते विश्वास ने एनकेएच ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स को नई पहचान और मजबूती प्रदान की है।

Foundation Day of NKH

Foundation Day of NKH 
NKH का स्थापना दिवस

स्थापना दिवस समारोह में अवार्ड सेरेमनी का आयोजन भी किया गया, जिसमें एनकेएच ग्रुप के सभी चिकित्सकों व कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा और सेवा के आधार पर सम्मानित किया गया। एम्प्लॉयी ऑफ द ईयर, डिपार्टमेंट अवॉर्ड्स, एनकेएच, एडीसी, मेडजोन सहित और भी स्पेशल कैटेगरी अवॉर्ड समेत कई महत्वपूर्ण पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान नृत्य, गायन, नाटक, रैंप वॉक सहित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। स्टाफ ने बढ़-चढ़कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और कार्यक्रम का सभी ने भरपूर आनंद लिया।

Foundation Day of NKH

कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश चंदानी द्वारा किया गया। समारोह का समापन सभी के उत्साहपूर्ण सहभागिता और भविष्य में बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के संकल्प के साथ हुआ।

KORBA BREAKING : आयुष्मान हॉस्पिटल पर लगा गंभीर आरोप, इलाज मे लापरवाही से 27 वर्षीय गर्भवती महिला की मौत, परिजन पहुंचे कलेक्टर दरबार

KORBA BREAKING 

 

कोरबा। KORBA BREAKING शारदा विहार स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 27 वर्षीय गर्भवती दुर्गेश्वरी साहू की मौत का मामला अब तूल पकड़ लिया हैँ। जांजगीर-चांपा जिले के खिसोरा निवासी प्रतिस साहू अपनी पत्नी को 24 सप्ताह की गर्भावस्था में कोरबा लेकर आए थे जहां सोनोग्राफी के बाद डॉक्टर ने गर्भपात (अबॉर्शन) कराने की सलाह दी थी.

क्या है मामला KORBA BREAKING 

KORBA BREAKING 

परिजनों के अनुसार 4 अक्टूबर की रात महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने पर अस्पताल में अबॉर्शन और पेट की सफाई करने का दावा करते हुए 5 अक्टूबर की सुबह उसे डिस्चार्ज कर दिया गया परिवार का आरोप है कि डिस्चार्ज के कुछ ही देर बाद महिला के यूरिनल मार्ग से मल का रिसाव शुरू होने लगा स्थिति गंभीर होने पर वे उसे दोबारा आयुष्मान हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने बिना इलाज के उसे बालको हॉस्पिटल रेफर कर दिया.

बालको अस्पताल ने कहा KORBA BREAKING

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बालको हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने जांच में बताया कि महिला के पेट में बच्चा मर चुका था, जिससे गंभीर संक्रमण फैल चुका था संक्रमण बढ़ने के कारण महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

परिजन पहुंचे कलेक्टर दरबार KORBA BREAKING

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डॉ ज्योति श्रीवास्तव

मृतका के परिजनों ने आयुष्मान हॉस्पिटल के डॉक्टर ज्योति श्रीवास्तव व प्रबंधक प्रभात पाड़ीगृह गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोरबा कलेक्टर से जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की गुहार लगाई हैl पीड़ित की शिकायत पर कलेक्टर ने जाँच टीम गठित कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कही हैँ।

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घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है वहीं अब देखना होगा की शिकायत के बाद पीड़ित की शिकायत पर कब तक कार्रवाई हो पाती है।

 

Saudi Arabia accident kills 42 उमराह मे गए 42 भारतियों की मौत, बस और टेंकर के टकराने से हुआ हादसा

Saudi Arabia accident kills 
Saudi Arabia accident kills 

सऊदी अरब (वेब डेस्क)Saudi Arabia accident kills 42 सऊदी अरब में मदीना के पास उमरा यात्रियों से भरी बस डीजल टैंकर से टकरा गई. इस हादसे के तुरंत बाद आग लग गई, जिसमें कम से कम 42 भारतीयों की मौत हो गई. कई यात्री हैदराबाद के बताए जा रहे हैं. डॉ. जयशंकर ने पोस्ट कर इस हादसे पर दुख जताया है.

Saudi Arabia accident kills 42

Saudi Arabia accident kills 
Saudi Arabia accident kills

सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक बेहद दर्दनाक दुर्घटना हुई, जिसमें कम से कम 42 भारतीय उमरा यात्रियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. बस मक्का से मदीना जा रही थी, तभी उसकी टक्कर एक डीजल टैंकर से हो गई. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हादसा भारतीय समयानुसार लगभग 1.30 बजे तड़के हुआ. टक्कर के बाद बस में अचानक भीषण आग लग गई, उस समय अधिकांश यात्री सो रहे थे. शुरुआती जानकारी से संकेत मिला है कि मृतकों में ज्यादातर हैदराबाद के हैं, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं.

Saudi Arabia accident kills 42

Saudi Arabia accident kills 
Saudi Arabia accident kills

रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि 40 से ज्यादा लोग मौके पर ही जलकर मर गए, हालांकि आधिकारिक आंकड़ा अभी जारी नहीं हुआ है. राहत कार्य पूरी रात जारी रहे. स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे. कई यात्रियों की पहचान आग की वजह से मुश्किल बताई जा रही है. हादसे के बाद भारतीय दूतावास एक्टिव हो गया है और उसने 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है जो इस प्रकार है- 8002440003.

 

ओवैसी ने सरकार से क्या कहा?Saudi Arabia accident kills 42

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्होंने हैदराबाद से जुड़े दो ट्रैवल एजेंसियों से संपर्क किया है और यात्रियों की सूची भारतीय अधिकारियों व दूतावास के साथ साझा की है. उन्होंने दावा किया कि ‘शायद बस में सिर्फ एक यात्री जीवित बचा हो’, हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. ओवैसी ने रियाद में भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अबू मैथन जॉर्ज से बात की है. ओवैसी ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से शवों को भारत लाने और घायलों का इलाज सुनिश्चित करने की अपील की है.

 

 

मक्का से मदीना जा रहे 42 भारतीयों की कैसे हुई मौत, कहां के थे ये सभी लोग?

हज के लिए निकले, पर रास्ते में मौत ने लगा लिया गले, सऊदी में कब-कब हुए हादसे

 

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस मामले पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, ‘सऊदी अरब के मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई दुर्घटना से गहरा सदमा पहुँचा है. रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास इस दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को पूरी सहायता प्रदान कर रहे हैं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ.’

तेलंगाना में बना कंट्रोल रूम Saudi Arabia accident kills 42

Saudi Arabia accident kills 
Saudi Arabia accident kills

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हादसे पर गहरा शोक जताया और मुख्य सचिव व डीजीपी को तुरंत विस्तृत रिपोर्ट देने के आदेश दिया है. सीएम ने निर्देश दिया कि विदेश मंत्रालय और सऊदी अधिकारियों से सीधे संपर्क किया जाए. तेलंगाना सचिवालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है ताकि पीड़ित परिवारों से तुरंत संपर्क किया जा सके.

 

Vedanta’s Nand Ghar Mission वेदांता का नंद घर मिशन 16 राज्यों में 10,000 केंद्रों के साथ बनी सामाजिक प्रगति की पहचान

Vedanta's Nand Ghar Mission 
Vedanta's Nand Ghar Mission 

बालकोनगर, 14 नवंबर 2025।Vedanta’s Nand Ghar Mission  बाल दिवस के अवसर पर वेदांता समूह की सामुदायिक विकास शाखा, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (एएएफ) ने भारत की सामाजिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साझा किया है। वेदांता की प्रमुख सामुदायिक पहल नंद घर ने 16 राज्यों में 10,000 से अधिक केंद्रों का विस्तृत नेटवर्क स्थापित कर लिया है, जो प्रतिदिन 4 लाख से अधिक बच्चों और 3 लाख महिलाओं के जीवन को रूपांतरित कर रहा है।

Vedanta’s Nand Ghar Mission

Vedanta's Nand Ghar Mission 
Vedanta’s Nand Ghar Mission

नंद घर भारत की आंगनबाड़ी प्रणाली को आधुनिक बनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और महिलाओं के कौशल विकास को नई दिशा दे रहा है। आईसीडीएस कार्यक्रम के 50वें वर्ष में, नंद घर पारंपरिक आंगनबाड़ियों को तकनीक-सक्षम, आधुनिक केंद्रों में बदलकर जमीनी स्तर पर ठोस और दिखाई देने वाला परिवर्तन सुनिश्चित कर रहा है।

Vedanta’s Nand Ghar Mission

Vedanta's Nand Ghar Mission 
Vedanta’s Nand Ghar Mission

हर नंद घर एक स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग उपकरण, बाला (बिल्डिंग एज लर्निंग एड) डिज़ाइन, विश्वसनीय बिजली, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, और बच्चों के अनुकूल फर्नीचर से सुसज्जित है। यह 3–6 वर्ष के बच्चों के लिए सुरक्षित, समावेशी और प्रेरणादायक स्थान प्रदान करता है।

प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ नंद घर पोषण कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण अभियान और महिलाओं के कौशल विकास के माध्यम से पूरे समुदाय को सशक्त बनाने वाले केंद्र के रूप में कार्य रहा है।

Vedanta’s Nand Ghar Mission

वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि जब हमने नंद घर की यात्रा शुरू की, हमारा सपना सरल था, हर बच्चे को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा मिले तथा हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सके। आज, बाल दिवस के अवसर पर 16 राज्यों में 10,000 नंद घरों का पड़ाव पार करना उसी सपने की साकार रूप है। यह उपलब्धि भारत सरकार, राज्य सरकारों और स्थानीय समुदायों के निरंतर समर्थन के बिना संभव नहीं होती।

हम भारत के 8 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं चाहता हूँ कि देश के और भी लोग इस मिशन से जुड़ें और हमारे साथ कदम बढ़ाएँ।

ओडिशा के खनिज समृद्ध क्षेत्रों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों, छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता से भरे क्षेत्रों के साथ आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों तक नंद घर ने आंगनबाड़ियों को स्थानीय विकास के प्रमुख केंद्रों के रूप में स्थापित किया है। बच्चों को पौष्टिक गरम भोजन, पोषण पूरक (अब तक 80 लाख से अधिक वितरित), क्षेत्रीय भाषाओं में डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियानों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, जिसकी पहुंच 90 लाख से अधिक लोगों तक है। महिलाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से सशक्त बनाते हुए उन्हें प्रति माह ₹10,000 तक की आय अर्जित करने का अवसर भी मिला है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा की नंद घर दीदी अंजू वैष्णव ने कहा कि पहले हमारा आंगनबाड़ी केंद्र एक छोटा कमरा था। आज यह सुविधाओं से भरा है। बच्चों को यहाँ आना अच्छा लगता है और माताएँ भी हम पर पहले से अधिक भरोसा करती हैं। स्मार्ट टीवी, साफ-सफाई और पौष्टिक भोजन ने हमारे नंद घर को सीखने और खुशियों का केंद्र बना दिया है।

इस वर्ष बाल दिवस खास बन गया, क्योंकि नंद घर ने 10,000 केंद्रों की उपलब्धि का जश्न भी साथ ही मनाया। देशभर के अनेक राज्यों में बच्चे, माताएँ और स्थानीय नेता कला प्रदर्शन, कहानियों और सामुदायिक गतिविधियों में शामिल होकर उत्सव का हिस्सा बने। नंद घर ने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में सुधार किए हैं ताकि प्रत्येक केंद्र डिजिटल रूप से सक्षम और सस्टेनेबल ऊर्जा से संचालित हो सके।

छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में तेज़ी से बढ़ते विस्तार के साथ नंद घर भारत के ग्रामीण परिदृश्य में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रहा है। आने वाले दो वर्षों में राजस्थान में 25,000 नंद घर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 20 लाख से अधिक लोगों के जीवन में प्रभावी बदलाव आएगा और सार्वजनिक–निजी भागीदारी का एक नया मानक स्थापित होगा।

NKH Olympics 2025 : स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा के साथ खेल भावना का प्रदर्शन,न्यू कोरबा हॉस्पिटल में 9 से 12 नवम्बर तक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन

NKH Olympics 2025 

कोरबा। NKH Olympics 2025 स्वस्थ जीवनशैली और कार्य के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से न्यू कोरबा हॉस्पिटल (एनकेएच) में 9 से 12 नवम्बर तक 11वीं वार्षिक खेल प्रतियोगिता “एनकेएच ओलंपिक्स 2025” का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया।

NKH Olympics 2025

NKH Olympics 2025 
NKH Olympics 2025

अस्पताल के विभिन्न विभागों के शाखाओं कोरबा, जमनीपाली, चांपा, कटघोरा, बालको, एनकेएच मेडजोन तथा एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर (एडीसी) के स्टाफ ने खेल भावना और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

आयोजन के दौरान क्रिकेट, वॉलीबॉल, खो-खो, कबड्डी, कैरम, शतरंज, बैडमिंटन, म्यूजिकल चेयर, अंताक्षरी, टंग ऑफ वॉर, डिबेट और पुशअप जैसे रोमांचक खेलों का आयोजन किया गया। बुधवार को सभी प्रतियोगिताओं के फाइनल राउंड खेले गए। महिला क्रिकेट में एनकेएच कोरबा और पुरुष क्रिकेट में एनकेएच चाम्पा की टीम विजयी रही। वाद-विवाद प्रतियोगिता में कौशलेंद्र, शतरंज में योगेश, पुशअप (महिला वर्ग) में रामेश्वरी शर्मा और (पुरुष वर्ग) में रितेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

NKH Olympics 2025

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रस्साकसी में पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों में एनकेएच कोरबा टीम ने बाजी मारी, जबकि खो-खो में महिला वर्ग में एनकेएच जीवन आशा और पुरुष वर्ग में एनकेएच चाम्पा ने जीत हासिल की। कैरम में एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर कोरबा तथा कबड्डी में भी एनकेएच चाम्पा विजेता रही।
एनकेएच के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी और डॉ. वंदना चंदानी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, और यही सोच इस आयोजन की प्रेरणा है। मरीजों की सेवा करने वालों का स्वास्थ्य भी उतना ही आवश्यक है। आयोजन ने कर्मचारियों के बीच आपसी सहयोग, टीम भावना और फिटनेस के प्रति जागरूकता को नई दिशा दी।

 

एनकेएच ने 11 वर्षों में चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए- डॉ. चंदानी NKH Olympics 2025

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एनकेएच ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में अस्पताल ने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों को समर्पण और करुणा के साथ बेहतर उपचार देना ही संस्थान की प्राथमिकता रही है। एनकेएच परिवार हर वर्ष एनकेएच ओलंपिक्स के माध्यम से खुद को फिट रखकर सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।

NKH Olympics 2025 

यह केवल खेल नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में एक संकल्प है। 15 नवम्बर को एनकेएच के स्थापना दिवस पर समारोह का आयोजन रवि शंकर नगर स्थित मल्लिक वाटिका में किया जाएगा, जिसमें विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत होंगे।

Balco’s nutrition awareness campaign बालको ने ‘पोषण माह 2025’ के तहत चलाया पोषण जागरूकता अभियान

Balco's nutrition awareness campaign
Balco's nutrition awareness campaign

बालकोनगर, 12 नवंबर 2025।Balco’s nutrition awareness campaign वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘पोषण माह 2025’ के तहत कोरबा जिले में कई सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। यह आयोजन भारत सरकार के ‘पोषण अभियान’ के तहत हर वर्ष संचालित किया जाता है। इस वर्ष बालको ने अपने प्रोजेक्ट आरोग्य और नंद घर कार्यक्रमों के अंतर्गत ‘हर बच्चे के लिए स्वस्थ भविष्य’ थीम पर यह अभियान चलाया।

Balco’s nutrition awareness campaign

Balco's nutrition awareness campaign
Balco’s nutrition awareness campaign

अभियान में माताओं को बच्चों के सही खानपान और सेहत से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ दी गईं। टेक होम राशन (टीएचआर) और पॉजिटिव डिविएंस हर्थ (पीडी हर्थ) सत्रों के माध्यम से स्थानीय खाद्य सामग्री से पौष्टिक भोजन बनाने की विधियाँ सिखाई गईं। गीतों, प्रतियोगिताओं और घर-घर प्रदर्शनों के जरिए यह जानकारी 40 गांव और 33 नंद घरों में 250 से अधिक परिवारों तक पहुँचाई गई।

Balco’s nutrition awareness campaign

Balco's nutrition awareness campaign
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बाल स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत बालको ने ‘शिशु संजीवनी पैक’ नामक पौष्टिक रेडी-टू-ईट आहार भी लॉन्च किया, जो आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को दिया जाएगा। प्रत्येक 40 ग्राम पैक में लगभग 200 कैलोरी ऊर्जा और प्रोटीन होता है। यह पहल वेदांता के ‘रन फॉर ज़ीरो हंगर’ अभियान के अंतर्गत है और सोशल रिवाइवल ग्रुप ऑफ अर्बन रूरल एंड ट्राइबल (श्रोत) के सहयोग से लागू की जा रही है। इससे बालको समर्थित 262 नंद घरों के माध्यम से लगभग 14,000 बच्चों को लाभ मिलेगा।

Balco’s nutrition awareness campaign

प्रारंभिक बाल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए बालको ने ‘खिलते फूल मॉड्यूल’ भी शुरू किया, जो 0 से 3 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक मार्गदर्शिका है। अभियान के दौरान चैंपियन मदर, सर्वश्रेष्ठ नंद घर (उपस्थिति के आधार पर), सर्वश्रेष्ठ किचन गार्डन, सर्वश्रेष्ठ पोषण बाड़ी और सक्रियतम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जैसी श्रेणियों में सम्मान भी प्रदान किए गए।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा ने कहा कि हर बच्चे के विकास में अच्छा पोषण सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बालको का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य और पोषण के अवसर से वंचित न रहे। प्रोजेक्ट आरोग्य और नंद घर जैसी परियोजना समाज में जागरूकता बढ़ाने, परिवारों को सशक्त बनाने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ठोस कदम हैं। हम चाहते हैं कि हर बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और आत्मविश्वासी बनकर आगे बढ़े।

बेलगरी बस्ती की निवासी अकांक्षा साहू ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा ने कहा कि हमारे घर में हमेशा हरी सब्ज़ियाँ खाई जाती हैं, लेकिन मैंने देखा कि मेरा छोटा बच्चा दूसरों की तरह मजबूत नहीं हो रहा था। जब मैं पीडी हर्थ सत्र में गई, तब समझ आया कि बच्चों को खास तरह के पोषण की जरूरत होती है। वहाँ सिखाई गई टीएचआर रेसिपी आसान थीं और स्थानीय चीज़ों से पौष्टिक खाना बनाने में मदद मिली। इन तरीकों को अपनाने से मेरे बच्चे की सेहत और ताकत दोनों बढ़ी हैं, और हमारे पूरे परिवार का स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है।

‘पोषण माह 2025’ के माध्यम से बालको ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, समुदाय की भागीदारी को बढ़ाने और हर परिवार तक पोषण आधारित विकास की मजबूत नींव रखने के अपने संकल्प को फिर से दोहराया।

Korba robbery case कोरबा मे बड़ी डकैती, हथियारबंद लुटेरों ने परिवार को बंधक बनाकर लाखों की लूटे ,जांच में जुटी पुलिस

Korba robbery case
कोरबा मे डकैती

कोरबा बालको (संतोष कुमार सारथी)-Korba robbery case बालको थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोनगुड़ा पंचायत के तराईडांड बस्ती में बीती रात एक भयावह डकैती की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम निवासी शत्रुघ्न दास के घर में देर रात लगभग 1:30 बजे दो दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोला।

 लुटेरे में परिवार को पहले बनाया बंधक Korba robbery case

Korba robbery case
कोरबा मे डकैती

लुटेरों ने परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बनाकर घर में रखे करीब ₹1.50 लाख नकद एवं लगभग ₹10 लाख मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए। इस दौरान परिजनों को हथियार दिखाकर धमकाया गया, जिससे पूरे परिवार में दहशत व्याप्त हो गई।

 पुलिस तत्काल पहुंची मौके परKorba robbery case

Korba robbery case

सूचना मिलते ही बालको थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने डकैती की जांच शुरू कर दी है और लुटेरों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं।