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Another facility of NKH : अब संपूर्ण न्यूरो केयर एक ही छत के नीचे,NKH में शुरू हुई एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी

Another Dimension of NKH's Success 
NKH hospital korba

कोरबा। Another facility of NKH : जिले के प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल न्यू कोरबा हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में अस्पताल के न्यूरो केयर विभाग को और मजबूत करते हुए अब न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्री और न्यूरो फिजियोथैरेपी की संपूर्ण सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।

 

अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी द्वारा अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव (दूरबीन) तकनीक से स्पाइन सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है। इस तकनीक के माध्यम से बिना बड़े चीरे के रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जा रहा है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और सर्जरी के बाद कुछ ही दिनों में मरीज को डिस्चार्ज भी कर दिया जाता है। अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवा भी उपलब्ध है, जहां देर रात गंभीर मरीज आने पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तत्काल उपचार शुरू कर देती है।

 

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि न्यूरो संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अब कोरबा के मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं है। एनकेएच में ही उच्चस्तरीय उपचार मिलने से मरीजों और उनके परिजनों के समय, खर्च और परेशानी तीनों में कमी आ रही है।

कोरबा में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी Another facility of NKH 

Another facility of NKH 
NKH hospital korba

न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इस आधुनिक तकनीक में दूरबीन की सहायता से रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द, कम समय में रिकवरी और जल्दी सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिलता है।

आयुष्मान सहित सभी बीमा सुविधाएं उपलब्ध Another facility of NKH

अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के अलावा सभी प्रमुख निजी हेल्थ कार्ड और बीमा योजनाएं भी स्वीकार की जाती हैं, जिससे मरीजों को आर्थिक राहत मिलती है।

न्यूरो-साइकेट्रिक रोगों का उपचार प्रांरभ Another facility of NKH

अहमदाबाद की अनुभवी मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी वर्मा द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का आधुनिक और प्रभावी इलाज संभव हो रहा है। जिलों के मरीजों के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो रही है।

न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्रिक और फिजियोथैरेपी में अंतर

Another facility of NKH 
NKH hospital korba

अक्सर दिमाग और नसों से जुड़ी बीमारियों में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्रिक और फिजियोथैरेपी को एक ही समझ लिया जाता है, जबकि ये चारों अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताएँ हैं और प्रत्येक की भूमिका अलग होती है।
न्यूरोलॉजी दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारियों का बिना ऑपरेशन इलाज करने वाली चिकित्सा शाखा है। न्यूरोलॉजिस्ट रोग की पहचान कर दवाओं के माध्यम से उपचार करते हैं। सरल शब्दों में, नसों की बीमारी का दवा से इलाज न्यूरोलॉजी में किया जाता है। न्यूरोसर्जरी उन रोगों का इलाज करती है, जिनमें सर्जरी की आवश्यकता होती है।

 

न्यूरोसर्जन दिमाग और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी करते हैं। ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, ब्रेन ब्लीड, स्लिप डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस, स्ट्रोक में खून का थक्का निकालना, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, हाइड्रोसेफेलस और एन्यूरिज्म जैसी जटिल समस्याओं का सर्जिकल उपचार इसी विभाग में किया जाता है। न्यूरो-साइकेट्रिक उस क्षेत्र में काम करते हैं जहाँ ऐसी मानसिक बीमारियां जिनका कारण मस्तिष्क की शारीरिक खराबी (brain disease) हो, जैसे व्यवहार में अचानक बदलाव, डिमेंशिया के साथ व्यवहारिक लक्षण, मिर्गी के साथ मनोविकृति (psychosis), या स्ट्रोक के बाद अवसाद (depression) को ठीक करता है।

 

फिजियोथैरेपी बीमारी या सर्जरी के बाद मरीज को दोबारा सामान्य जीवन में लौटाने में मदद करती है। फिजियोथैरेपिस्ट व्यायाम और विशेष थेरेपी के माध्यम से ताकत, संतुलन और चलने-फिरने की क्षमता बढ़ाते हैं। न्यूरोसर्जरी के बाद तथा मांसपेशियों की कमजोरी के मामलों में फिजियोथैरेपी बेहद जरूरी होती है। सरल भाषा में कहें तो न्यूरोलॉजिस्ट दवा से इलाज करते हैं, न्यूरोसर्जन सर्जरी करते हैं, न्यूरो-साइकेट्रिक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करती है और फिजियोथैरेपिस्ट मरीज को फिर से सामान्य चलने-फिरने लायक बनाते हैं।

Poor quality rice purchased in Korba : 8 हजार क्विंटल घटिया चावल की खरीदी, विधानसभा में उठा मामला अधिकारी निलंबित

Poor quality rice purchased in Korba
Poor quality rice purchased in Korba

रायपुर ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) :Poor quality rice purchased in Korba :  छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कोरबा जिले में अमानक चावल खरीदी का मामला जोरदार तरीके से उठाया गया। कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से पूछा कि आखिर कितनी मात्रा में अमानक चावल खरीदा गया और इसकी अनुमानित कीमत कितनी है।

पीडीएस की गुणवत्ता पर उठे सवाल Poor quality rice purchased in Korba

Poor quality rice purchased in Korba
Poor quality rice purchased in Korba

विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से हुई खरीदी में यदि अमानक चावल लिया गया है तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने पूछा कि इस मामले में किन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की अनियमितता का सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और आम जनता को मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

8 हजार क्विंटल से अधिक अमानक चावल की पुष्टि Poor quality rice purchased in Korba

Poor quality rice purchased in Korba
Poor quality rice purchased in Korba

सदन में जवाब देते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि कोरबा जिले में 8 हजार क्विंटल से अधिक अमानक चावल खरीदा गया था। उन्होंने बताया कि इस चावल की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 34 लाख रुपये आंकी गई है।

अधिकारी निलंबित, अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई

मंत्री बघेल ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में अधिकारी प्रमोद जांगड़े को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है।

एफएसएसएआई से भी कराई गई जांच

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मंत्री से पूछा कि संबंधित अधिकारी को कब निलंबित किया गया और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता जरूरी है।

मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से भी परीक्षण कराया गया है। इसके साथ ही विभाग ने अलग से एक जांच दल का गठन किया है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

10 कर्मचारियों को नोटिस

मंत्री के अनुसार अब तक दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि 10 अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभागीय स्तर पर जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष का हंगामा और वॉकआउट

हालांकि मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि इस मामले में असली दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में अमानक चावल की खरीदी होना गंभीर अनियमितता है और इसकी निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

मामले को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। अंततः मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।

 

Korba GST Department : GST रिकवरी कार्यवाही पर उठे सवाल,एक ही रकम की सैंकड़ो व्यापारियों को नोटिस,खाते किये गए फ्रिज

Korba GST Department 
Korba GST Department 

कोरबा।:( ब्लैकआउट न्यूज़ ) Korba GST Department : जिले में राज्य कर (GST) विभाग की रिकवरी कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि हाल के समय में बड़ी संख्या में नोटिस राज्य कर कार्यालय, सर्किल-02 के अधिकार क्षेत्र से जारी किए गए हैं, जिनके आधार पर कई व्यापारियों के बैंक खातों पर अटैचमेंट की कार्रवाई की गई है।

व्यापारियों का कहना है कि कई मामलों में उन्होंने विभाग को लिखित जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, लेकिन उन पर समय पर निर्णय नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है। अचानक बैंक खातों से राशि कटने के कारण कई व्यापारियों को आर्थिक और व्यावसायिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे Korba GST Department

Korba GST Department 
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1. टैक्स जमा होने के बाद भी रिकवरी की शिकायत

व्यापारियों का कहना है कि कई मामलों में मूल कर (Tax) की राशि पहले ही जमा कर दी गई है, इसके बावजूद बैंक खातों से राशि वसूली की कार्रवाई की गई है।

2. 20 प्रतिशत प्री-डिपॉजिट के बाद भी बैंक अटैचमेंट 

कुछ व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने अपील के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक प्री-डिपॉजिट (लगभग 20 प्रतिशत) जमा कर दिया है, इसके बावजूद बैंक खातों पर रिकवरी की कार्रवाई होने की शिकायतें सामने आई हैं।

3. सर्किल-02 से बड़ी संख्या में नोटिस Korba GST Department

Korba GST Department 
Korba GST Department

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि हाल के समय में बड़ी संख्या में नोटिस राज्य कर कार्यालय सर्किल-02 से जारी हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार इन नोटिसों के संबंध में विभाग को जवाब भी प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन उन पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।

4. समान राशि के साथ कई नोटिस जारी होने का आरोप

कुछ व्यापारियों का कहना है कि कई मामलों में समान राशि दर्शाकर बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए, जिससे व्यापारियों के बीच भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।

5. अंतिम आदेश से पहले रिकवरी पर सवाल 

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि GST कानून के अनुसार किसी भी मांग की अंतिम पुष्टि सामान्यतः FORM GST DRC-07 के माध्यम से की जाती है। व्यापारियों का कहना है कि विधिसम्मत आदेश और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कठोर रिकवरी कार्रवाई की जानी चाहिए।

6. व्यापारिक गतिविधियों पर असर Korba GST Department

अचानक बैंक खाते अटैच होने से कई व्यापारियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिनमें चेक बाउंस होना, व्यापारिक भुगतान रुकना और बाजार में नकदी प्रवाह प्रभावित होना शामिल है।

7. छोटे व्यापारियों पर बढ़ता दबाव 

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अचानक वित्तीय दबाव पड़ने से उनके व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

GST कानून और सर्कुलर का संदर्भ

व्यापारियों ने इस मामले में CBIC Circular No. 224/18/2024-GST दिनांक 11 जुलाई 2024 का हवाला दिया है।
सर्कुलर में उल्लेख है कि यदि प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का आदेश हो चुका है और GST अपीलीय अधिकरण (Tribunal) अभी तक कार्यरत नहीं है, तो करदाता द्वारा धारा 112 के अंतर्गत निर्धारित प्री-डिपॉजिट जमा करने और संबंधित अधिकारी को अंडरटेकिंग देने के बाद शेष मांग की रिकवरी को स्थगित माना जा सकता है।

इसी प्रकार GST कानून की धारा 78 में देय कर की वसूली की समयसीमा तथा धारा 79 में रिकवरी की प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है।

व्यापारियों की मांग

व्यापारिक संगठनों ने शासन और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि GST कानून, नियमों और जारी सर्कुलरों के अनुरूप ही कार्रवाई की जाए।

व्यापारियों का कहना है कि विभाग और करदाताओं के बीच पारदर्शिता और संवाद बनाए रखना आवश्यक है, ताकि कर प्रणाली में विश्वास बना रहे और व्यापारिक वातावरण सकारात्मक बना रहे।

Vedanta News : वेदांता स्किल स्कूल बदल रहा है महिलाओं के साथ देश का भविष्य

Vedanta News 
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बालको : Vedanta News छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां कई युवा महिलाओं के पास रोजगार के सीमित अवसर थे, वहीं अब वे फैक्ट्रियों, तकनीकी कार्यों, हॉस्पिटैलिटी सेवाओं और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में काम कर रही हैं। इस बदलाव में बालको का वेदांता स्किल स्कूल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ा अनुभव दिया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ नौकरी के लिए तैयार हो रही हैं। कई महिलाओं के लिए यह यात्रा सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने परिवार का भविष्य बदलने का मौका है।

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पूजा सोतकर बताती हैं कि मेरे लिए वेदांता स्किल स्कूल का प्रशिक्षण, आत्मनिर्भर बनने का रास्ता बना। उन्होंने कम उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था और कोरबा के एक बालिका आश्रय में पली-बढ़ी। उन्हें हमेशा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम कैसे काम करते हैं, यह जानने की जिज्ञासा रहती थी। इसी वजह से उन्होंने मोबाइल फोन हार्डवेयर रिपेयर टेक्नीशियन कोर्स किया। प्रशिक्षण के बाद उन्हें बेंगलुरु की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में ऑपरेटर की नौकरी मिली, जहां उन्हें सालाना ₹2 लाख से अधिक वेतन और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। आज वे अपने हुनर से सशक्त आत्मनिर्भर भविष्य बना रही हैं।

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कोरबा के गोढ़ी गांव की काजल सांडे भी इस बदलाव की एक और मिसाल हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिकल में आईटीआई करने के बाद स्किल स्कूल से तकनीकी प्रशिक्षण लिया। वे बताती हैं कि यहां मुझे इलेक्ट्रिकल सिस्टम, सुरक्षा और तकनीकी उपकरणों के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला, जिससे मुझे उद्योग में काम करने का आत्मविश्वास मिला। इसके उपरांत उन्हें बालको में अप्रेंटिसशिप का मौका मिला और आज वे सुपरवाइजरी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, एक ऐसा सपना जो कभी उन्हें दूर लगता था।

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मनीषा रात्रे के लिए यह प्रशिक्षण हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अवसर लेकर आया। वे कहती हैं कि वेदांता स्किल स्कूल में फूड एंड बेवरेज सर्विस की ट्रेनिंग से मुझे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने का आत्मविश्वास मिला। आज मैं अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हूं और अपनी छोटी बहन की पढ़ाई में भी मदद कर रही हूं।

 

 

जांजगीर-चांपा की पूर्णिमा रात्रे बताती हैं कि स्किल ट्रेनिंग से ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भी नए अवसर खुल रहे हैं। सोलर पीवी इंस्टॉलर प्रोग्राम के जरिए मैंने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की बुनियादी जानकारी सीखी। इस प्रशिक्षण ने मुझे बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में काम करने के लिए तैयार किया। पूर्णिमा को बेंगलुरु की फॉक्सकॉन प्रिसिजन इंजीनियरिंग में प्लेसमेंट मिला है। जो उनके करियर की शुरुआत है।

 

इस पहल का प्रभाव केवल नौकरी तक सीमित नहीं है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की युवा महिलाएं देश की प्रमुख कंपनियों में काम कर रही हैं और समाज की सोच में भी सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। विभिन्न कार्यस्थलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ये महिलाएं दिखा रही हैं कि कौशल, अवसर और आकांक्षा मिलकर भारत के कार्यबल का भविष्य कैसे बदल सकते हैं।

वेदांता स्किल स्कूल भारत सरकार द्वारा पांच-सितारा रेटिंग प्राप्त स्मार्ट सेंटर है, जिसे नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) और सेक्टर स्किल्स काउंसिल (एसएससी) से मान्यता मिली है। वर्ष 2010 से अब तक यहां 14 हजार से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

 

यह संस्थान सात ट्रेड्स में निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण देता है, जिनमें सिलाई मशीन ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग, हॉस्पिटैलिटी, फिटर एंड अलाइनमेंट, सोलर पीवी टेक्नीशियन और मोबाइल रिपेयर ऑपरेटर शामिल हैं। प्रशिक्षण के साथ संचार कौशल, कार्यस्थल सुरक्षा, कानूनी अधिकार, महवारी स्वास्थ्य और बालको के अनुभवी कर्मचारियों से मेंटरशिप जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं, ताकि प्रशिक्षु देशभर की कंपनियों में रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

रजगामार पंचायत मे स्वीकृत आंगनबाडी भवन मे रोड़ा अटकाने का लगा आरोप

 

 

कोरबा : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर के करीबी माने जाने समाजसेवी अनिल चौरसिया के द्वारा बडा आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत रजगामार मैं ग्रामीणों के मांग विधानसभा सदन मे गुंजे जाने के बाद ओमपुर बस्ती और ओमपुर मेनक्लब दो नवीन आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत किया गया था जिसके पश्चात वर्ष 2024 में 17 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र को स्वीकृति प्रदान करते हुए जिला पंचायत कोरबा के द्वारा महिला बाल विकास विभाग जिला खनिज न्यास मद एवं मनरेगा मद के संयुक्त राशि से निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था.

 

लेकिन आज पर्यंत जनपद पंचायत कोरबा द्वारा ग्राम पंचायत रजगामार के अंतर्गत दो नवीन आंगनबाड़ी भवन ओमपुर बस्ती और ओमपुर हेतु का अग्रिम राशि भुगतान नहीं किया गया है उसका ब्याज राशि प्राप्त करने के उद्देश्य से 2 साल बाद भी जनपद पंचायत कोरबा द्वारा राशि जारी नहीं किया गया है जबकि कार्य आदेश के पश्चात ग्राम पंचायत रजगामार के द्वारा निर्माण कार्य प्लींथ लेवल तक पूरा कर लिया गया है। कार्य विगत 1 वर्षों से बंद है। देखने में आया है कि जिन पंचायत में अग्रिम राशि जारी की गई है वहां कार्य पूर्णता बंद है जबकि रजगामार पंचायत में राशि जारी नहीं किया गया है फिर भी वहां निर्माण कार्य प्लींथ लेवल तक पूरा कर लिया गया इस तरह प्रशासन की कार्य शैली पर प्रश्न उठ रहा है कि ग्राम पंचायत रजगामार के वर्तमान सरपंच हरि सिंह राठिया के द्वारा पूर्व कार्यकाल में स्वीकृत ओमपुर के कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को रोकवाना क्यों चाहते हैं जबकि ओमपुर के समस्त जनप्रतिनिधि विकास कराना चाहते हैं प्रशासन विकास को अवरोध करने वाले जनप्रतिनिधि और कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है कई सवाल उठ रहे हैं।

चेकबाउंस के मामले मे अपूर्व वासन को 2 साल की सजा,जेल की जगह पहुंचे अस्पताल,जेलर ने कहा यहाँ इस नाम का कोई मुल्ज़िम नहीं, न्याय व्यवस्था पर प्रहार

चेकबाउंस के मामले मे अपूर्व वासन को 2 साल की सजा,जेल की जगह पहुंचे अस्पताल,जेलर ने कहा यहाँ इस नाम का कोई मुल्ज़िम नहीं, न्याय व्यवस्था पर प्रहार

कोरबा। सत्या ट्रकिंग प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा लाए गए विचाराधीन चेक बाउंस मामले में शहर के एक ट्रांसपोर्टर आयुष वासन को दों साल की सजा सुनाई गयी । पूर्व में 28 दिसम्बर 2020 को न्यायालय प्रथम श्रेणी से दोषमुक्ति के निर्णय उपरांत व्यथित होकर की गई अपील पर फैसला आते ही आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल करने की कार्रवाई की गई।

लेकिन न्याय व्यवस्था को धत्ता बताते हुए आरोपी को जेल ना ले जाकर सीधे अस्पताल में भर्ती कराया गया हद तो तब हो गई जब जेलर से पूछा गया की 6 मार्च को न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा का आरोपी आयुष वासन आपके यहां मौजूद है जेलर ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस नाम का कोई मुलजिम जेल में आया ही नहीं है इसी मामले में आज हाईकोर्ट ने अपूर्व वासन को जमानत भी दे दी लेकिन सवाल यह उठता है की क्या न्याय व्यवस्था इतनी कमजोर है की हर कोई उसे व्यवस्था को अपने हिसाब से चलाने का प्रयास करने लगा है

 

यह है मामला

 

मिली जानकारी के अनुसार परिवादी संस्था सत्या ट्रकिंग द्वारा एम.एन. अंसारी को प्रकरण से संबंधित संपूर्ण कार्य करने हेतु अधिकृत किया गया है। परिवादी संस्था भारत बेंझ कंपनी के भारी वाहनों का अधिकृत विक्रेता और वाहनों की सर्विस प्रदान करने का व्यवसाय करता है। अभियुक्त ट्रांसपोर्टिंग का व्यवसाय करता है और समय-समय पर अपने वाहनों को मरम्मत के लिए परिवादी संस्था में लाता है, जिसका हिसाब परिवादी अपने अभिलेख में इन्द्राज कर समय-समय पर राशि प्राप्त करता है। वाहनों की मरम्मत की आंशिक भुगतान हेतु अभियुक्त ने परिवादी को अपने भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोरबा, में स्थित अपने खाते का चैक रकम 9,83,166 रूपये दिनाँकित 20.09.2016 भुगतान हेतु प्रदान किया था। 03.10.2016 को परिवादी ने उक्त चैक को भारतीय स्टेट बैंक सिटी ब्रांच कोरबा में जमा किया, जो बैंक द्वारा भुगतान रोके जाने के कारण भुगतान होना संभव न हो पाना कहते हुए परिवादी को वापस कर दिया गया।

 

उक्त रिटर्न मेमो प्राप्ति पश्चात् परिवादी द्वारा अधिवक्ता के माध्यम से दिनाँक 07.10.2016 को अभियुक्त को ऋण राशि भुगतान करने एवं कथित चेक अनादरण होने की सूचना दी गई। अभियुक्त इस बात की भली भांति जानकारी रखते हुए कि उसके द्वारा दिए गए चैक से परिवादी को भुगतान राशि प्राप्त होना है, तथापि अभियुक्त ने भुगतान रोके जाने का निर्देश देकर परिवादी के साथ कपट करते हुए उसे हानि पहुंचाई है। उपरोक्त आधारों पर परिवादी द्वारा अधिनियम की धारा 138 के तहत परिवाद विशेष न्यायाधीश (एससी -एसटी एक्ट) जयदीप गर्ग के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

मामले की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायाधीश ने आरोपी अपूर्व को 2 वर्ष के कारावास की सजा एवं 16 लाख रुपया अर्थ दंड की सजा सुनाई वही सजा के उपरांत जेल वारंट जारी कर जेल भेजने का आदेश दिया लेकिन अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए अपूर्व वासन 6 मार्च से लेकर अब तक जेल दाखिल हुआ ही नहीं बल्कि यूं कह लीजिए कि उसे आदेश की कॉपी या मुलजिम दोनों ही जेल नहीं पहुंचे माननीय न्यायालय ने आदेश कर दिया और अपूर्व वासन ने अपनी व्यवस्थाओं के तहत उसे आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए अस्पताल में दाखिल हो गए और वहां वीआईपी रूम में आराम फरमा रहे.

पुलिस और डॉक्टर की भूमिका पर संदेह

यहां गौर करने वाली बात यह है कि जेल वारंत के बाद पुलिस की जिम्मेदारी यह है कि वह मुलजिम को जेल तक पहुंचाएं उसके बाद अगर स्वास्थ्य खराब हो भी तो जेल से अस्पताल भेजा जाता है लेकिन यहां सीधे कोर्ट से अस्पताल भेज दिया गया वहीं अस्पताल में डॉक्टर ने उसे एडमिट भी कर लिया और वीआईपी रूम अलर्ट भी हो गया यह रसूक का कमाल इस मामले की खुलासे के बाद अब देखना यह है की न्यायालय इस पर क्या संज्ञान लेता है वही हाई कोर्ट में मुलजिम को जेल में होना बताया गया है जबकि मुलजिम अब तक जेल नहीं पहुंचा है यानी कि हाई कोर्ट को भी झूठ परोस कर वहां से जमानत ले ली गई.

euthanasia approved : इच्छा मृत्यु को मिली मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला,पिता ने अपने बेटे के लिए मांगी थी मौत

euthanasia approved
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भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 13 साल से कोमा (पर्सिस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट) में रह रहे 32 वर्षीय हरीश राणा को ‘पैसिव यूथेनेशिया’ (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की ऐतिहासिक मंजूरी दी है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की बेंच ने माना कि आगे इलाज से कोई लाभ नहीं है, इसलिए गरिमापूर्ण मृत्यु के अधिकार के तहत लाइफ सपोर्ट हटाया जा सकता है।

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हरीश राणा का केस: गाजियाबाद के रहने वाले हरीश 2013 में एक दुर्घटना के बाद से कोमा में थे, जो 100% क्वाड्रीप्लेजिक विकलांगता और गंभीर ब्रेन इंजरी से पीड़ित थे।

पैसिव यूथेनेशिया की मंजूरी: यह भारत का पहला मामला है जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने किसी विशिष्ट व्यक्ति के लिए पैसिव यूथेनेशिया को मंजूरी दी है, जिसमें लाइफ सपोर्ट या फीडिंग ट्यूब हटाकर प्राकृतिक मौत की अनुमति दी जाती है।

 

अदालत का तर्क: जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि “हम उसे और पीड़ा में नहीं रख सकते”। कोर्ट ने पाया कि लंबे समय तक उपचार से कोई सुधार नहीं हुआ और मरीज की स्थिति अपरिवर्तनीय थी।

प्रक्रिया: कोर्ट ने एम्स (AIIMS) को निर्देश दिया है कि हरीश राणा के जीवन रक्षक उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से (बड़ी सावधानी और गरिमा के साथ) हटाया जाए।

कानूनी आधार: यह फैसला 2018 के सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले के अनुरूप है, जो गंभीर मरीजों के लिए ‘राइट टू डाई विद डिग्निटी’ (गरिमा के साथ मरने का अधिकार) को मान्यता देता है।

euthanasia approved
Harish rana

हरीश राणा के माता-पिता ने अपने बेटे को दर्द से मुक्ति दिलाने के लिए यह कानूनी लड़ाई लड़ी थी, क्योंकि 13 साल के बाद भी उनके ठीक होने की कोई संभावना नहीं थी

Vedanta’s women employees honored : आईजी मिलना कुर्रे ने बालको में 56 महिला कर्मचारियों को किया सम्मानित

Vedanta's women employees honored 
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बालकोनगर, 11 मार्च 2026।Vedanta’s women employees honored : वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर टाउनहॉल का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती मिलना कुर्रे, उप महानिरीक्षक पुलिस (आईजी), छत्तीसगढ़ की उपस्थिति में कंपनी की 56 महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। वर्ष 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी मिलिना कुर्रे ने बालको की महिला कर्मचारियों तथा बालको में समावेशी कार्यस्थल की सराहना की।

Vedanta’s women employees honored

Vedanta's women employees honored 
Vedanta’s women employees honored

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “अनस्टॉपेबल” पत्रिका के दूसरे संस्करण का लोकार्पण रहा। इस पत्रिका में बालको परिवार की 12 प्रेरणादायी महिलाओं की कहानियाँ शामिल हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे इन महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने काम में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की और लगातार आगे बढ़ती रहीं हैं।

Vedanta’s women employees honored

Vedanta's women employees honored 
Vedanta’s women employees honored

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि आज महिलाएं विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ में समाज को आगे बढ़ा रही हैं। कंपनी ने ऐसा वातावरण तैयार किया है जिससे सभी को समानता के साथ आगे बढ़ने के मौके मिल रहा हैं। हमारे संयंत्र के संचालन में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभाते हुए नवाचार को आगे बढ़ा रही हैं। उनकी उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता हमें विश्व-स्तरीय एल्यूमिनियम निर्माण के साथ-साथ आसपास के समुदाय को सशक्त बनाने में मदद करती है। जैसे-जैसे हम अपनी 1 एमटीपीए क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं, महिलाओं का नेतृत्व एक अधिक समावेशी बालको और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Vedanta’s women employees honored 

मुख्य अतिथि श्रीमती मिलना कुर्रे ने कहा कि समय के साथ हमने यह साबित किया है कि कोई भी कार्य महिलाओं की क्षमता से बाहर नहीं है। चाहे बीएसएफ और सेना में सेवा देना हो या सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में महत्वपूर्ण पद संभालना, महिलाएँ हर क्षेत्र में शक्ति और उद्देश्य के साथ नेतृत्व कर रही हैं। उनका विकास हमारे देश की निरंतर प्रगति का प्रतीक है और इस परिवर्तन को देखना गर्व की बात है। कोई भी समाज या संस्थान तभी वास्तविक रूप से समृद्ध होता है जब वह महिलाओं का सम्मान करता है। साथ ही यह सम्मान सदैव बना रहना चाहिए।

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यस्थल में जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें भावनात्मक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत को प्रोत्साहित करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक विशेष सत्र शामिल था। इसके साथ ही बालको मेडिकल सेंटर के सहयोग से स्तन कैंसर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रारंभिक जांच के महत्व, रोकथाम, नियमित स्क्रीनिंग, चेतावनी संकेतों की पहचान और इससे जुड़े भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

 

सांस्कृतिक संध्या में ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुतियाँ और रोचक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, प्रस्तुतियाँ और नारी शक्ति को समर्पित गीतों की प्रस्तुति शामिल रही। साथ ही पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ‘गीव टू गेन’ थीम पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी में कर्मचारियों, उनके परिवारों और समुदाय के सदस्यों की रचनात्मक कला भी प्रदर्शित की गईं।

 

बालको निरंतर कौशल विकास कार्यक्रमों और महिलाओं के लिए अनुकूल सुविधाओं के माध्यम से एक समावेशी कार्यस्थल बना रहा है। इसमें चाइल्ड केयर के महत्व को ध्यान में रखते हुए महिला कर्मचारियों के लिए ‘क्रेच’ की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही महिलाओं को छह महीने का वैतनिक ‘मातृत्व अवकाश’ और अवकाश के उपरांत माताओं को बच्चे के छह वर्ष के होने तक 80 मिनट का नर्सिंग ब्रेक प्रदान किया जाता है। महिला कर्मचारियों के लिए ‘वन डे वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी’ है जिसमें एक दिन घर से कार्य करने का अवसर मिलता है। इसके साथ कंपनी का लक्ष्य 2030 तक महिला कर्मचारियों की संख्या 30 प्रतिशत करना है।

इत्तेहाद कमेटी का भव्य रोज़ा इफ्तार सम्पन्न, सलीम राज,महापौर एवं प्रदेश अध्यक्ष हुए शामिल

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) हर साल की तरह इस साल भी पुरानी बस्ती स्थित स्कूल मैदान में इत्तेहाद कमेटी द्वारा रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया था जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) डॉक्टर सलीम राज भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान कोरबा की प्रथम नागरिक महापौर संजू देवी राजपूत सहित रायपुर बिलासपुर से मेहमानों की मौजूदगी से रोजा इफ्तार में चार चांद लगा.

10 मार्च को 20 वे रोज़े के अवसर पर आयोजित रोजा इफ्तार में ढाई से 3 हजार रोजेदारों ने रोज़ा इफ्तार कर अमन चैन की दुआ मांगी

रोजा इफ्तार कार्यक्रम मे कोरबा जिले समेत आस पास उप नगरीय क्षेत्र से मुस्लिम समाज के रोज़े दार मौजूद रहे सिख समाज,मसीह समाज एवं सिंधी सामाज सहित सभी धर्म के लोग सम्मलित हुए जहां आपसी भाई चारे का एक नूरानी समा देखने को मिला ।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज 

उक्त रोजा इफ्तार कार्यक्रम में मेहमाने खुशुसी छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज (केबिनेट मंत्री दर्जा) ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा पुरानी बस्ती स्थित स्कूल प्रांगण में रोजा इफ्तार के कार्यक्रम में गंगा जमुनी तहजीब के झलक देखने को मिल रही है जहां सभी धर्म समाज के लोग एक मंच पर बैठकर रोजा इफ्तार कर रहे हैं यही हमारे देश और प्रदेश की खूबसूरती है उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आयोजनों से न सिर्फ आपसी भाईचारा बढ़ता है बल्कि एक दूसरे के मन से द्वेष कम होता है इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए.

मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल ने उपस्थित रोज़ादारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह कार्यक्रम एक खूबसूरत मंजर है जिसमें सभी धर्म समाज के लोग एक जगह बैठे हैं और सभी एक साथ हाथ उठाकर देश एवं प्रदेश के खुशहाली के लिए दुआ मांग रहे हैं रमजान के मुबारक महीने में आपसी भाईचारे कि यह तहजीब एक यादगार पल है जिसे भुलाया नहीं जा सकता सभी को रमजान की मुबारकबाद देते हुए इकबाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से भाईचारा बढ़ता है और आपसी समंजस्य से लोगों में मोहब्बत की अलख जागती है मैं आयोजकों को बहुत-बहुत मुबारकबाद पेश करता हूं.

महापौर संजूदेवी राजपूत 

इस अवसर पर कोरबा नगर पालिका निगम की महापौर संजू देवी राजपूत ने भी उपस्थित समूह को रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा कि 1 वर्ष पहले जब मैं चुनाव मैदान में थी तब इस वार्ड के लोगों ने काफी उत्साह से और दिल से मेरा साथ दिया और मैं आज इस पद पर हूँ इस बात को मैं कभी नहीं भूल सकती आज हम इस मंच पर गंगा जमुनी तहजीब की एक झलक देख रहे हैं देखकर मन को सुकून मिलता है कि आज कोरबा में हिंदू मुस्लिम सिख इसाई एक मंच पर बैठकर मुस्लिम समुदाय का रोजा इफ्तार के कार्यक्रम में सम्मिलित हो रहे हैं यह हमारे लिए गौरव का विषय है लेकिन हमें इस परंपरा को कायम रखना चाहिए मैं इस बात की अपील करती हूं इस परंपरा को कायम रखें मै सभी को रमजान की दिल्ली मुबारकबाद पेश की.

सभापति नूतन सिंह ठाकुर 

इस अवसर पर नगर पालिका निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने भी वार्ड वासियों को फिर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुस्लिम बाहुल्य वार्ड होने के बाद भी अच्छे मतों से जितना इस बात का संकेत है कि मुस्लिम समाज से मेरा कैसा जुड़ाव रहा है मेरा बचपन इसी वार्ड में गुजारा है और मैं इस वार्ड में ही पला बढ़ा हूँ जिससे कभी भी धर्म आड़े नहीं आया और आज भी हम इस मंच पर हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल देख रहे हैं मैं सभी को रमजान की दिल्ली मुबारकबाद देता हूं.

पार्षद नरेन्द्र देवांगन 

इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने कहा की प्रदेश के श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन देवांगन को इस कार्यक्रम में शामिल होना था लेकिन विधानसभा सत्र होने की वजह से वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए मैं प्रदेश के श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन की ओर से दी आप सभी को रमजान की मुबारकबाद पेश करता हूं.

कार्यक्रम का सफल संचालन भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री जावेद रब्बानी ने किया वही आभार प्रदर्शन विमान जमात के अध्यक्ष मोहम्मद अमीन शेखानी ने किया.

रोजा इफ्तार कार्यक्रम के पश्चात वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल सहित अन्य पदाधिकारी ने कोरबा पुरानी बस्ती स्थित अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री जावेद रब्बानी के निवास जाकर सौजन्य मुलाकात की इसके पश्चात मरकाजी सीरत कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ (निशु) के निवास जाकर सौजन्य भेट कर कार्यक्रम की सफलता के लिए मुबारकबाद पेश की.

भाजपा नेता आरिफ खान,वरिष्ठ भाजपा नेता और MIC सदस्य अशोक चावलानी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री साजन जोसेफ,जावेद रब्बानी,नगर निगम के सभापति नगर निगम कोरबा के पार्षद नरेन्द्र देवांगन, मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी ताज सिद्दीकी, मेमन जमात के अध्यक्ष अमीन शेखानी, कार्यवाहक अध्यक्ष फारुख मेमन,टामेश अग्रवाल,पार्षद श्रीमती धनश्री साहू , वरिष्ठ पत्रकार रफीक मेमन, पूर्व पार्षद पूर्व पार्षद मनीष शर्मा समेत भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अन्य प्रदेश पदाधिकारी समेत भाजपा एवं कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता गण एवं मुस्लिम समाज के अन्य ओहदेदार पदाधिकारी की गरिमामई उपस्थिति रही ।

कार्यक्रम को सफल बनाने मे इत्तेहाद कमेटी के संरक्षक मिर्जा आसिफ बेग (निशु ) मोहसिन मेमन ,सैयद एहतेशाम अली ,मोहम्मद जाकिर , मोहम्मद नदीम मो. समीर , सिबतैन रजा , मो. शाहिद , जीशान खान , दानिश मेमन , अदनान शेख , इजहार अली सहित इत्तेहाद कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ का विशेष योगदान रहा.

शोक समाचार : वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र लाम्बा की धर्मपत्नी का 68 वर्ष की आयु में निधन, शाम 5:00 बजे होगा अंतिम संस्कार

कोरबा : जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण की पूर्व उपाध्यक्ष, वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री एवं प्रतिष्ठित नागरिक श्रीमती बृज लांबा का आज दोपहर लगभग 12:45 बजे 68 वर्ष की आयु में दुखद निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

श्रीमती बृज लांबा, कमला नेहरू महाविद्यालय शिक्षण समिति के सचिव सुरेन्द्र कुमार लांबा की धर्मपत्नी थीं। उन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहकर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक कार्यों के कारण वे क्षेत्र में एक सम्मानित पहचान रखती थीं।

परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज शाम 5:00 बजे रामसागर पारा मुक्तिधाम में किया जाएगा। श्रीमती बृज लांबा अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। वे लितेश लांबा और चेतन लांबा की माताजी थीं।

उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों एवं क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।