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स्टेडियम मे सजने लगी फटाके की दुकाने, 5 दिन बारूद के ढेर मे रहेंगे फटाका व्यवसाईं

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) दीवाली मे आपके घरों मे रौशनी बिखेरने के लिए जहाँ फटाके की दुकाने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित इंदिरा स्टेडियम मे 145 फटाके की दुकाने अब सजने लगी है दीपावली को मात्र 4 दिन ही शेष रह गए है.

बतादे की एक लम्बे समय से कोरबा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित इंदिरा स्टेडियम मे फटाके की दुकाने लगाई जाती है फटाके दुकानों मे प्रशासन की भारी पाबंदियों के बिच 145 दुकाने सजने लगी है करोडो के फटाको को लेकर फटाका व्यवसाई बारूद के ढेर मे अपना समय गुजरते है हालांकि फटाका व्यवसाई भी पूरी सावधानी से अपना व्यवसाय करते है.बाहरहाल आपकी दीवाली को रौशन करने के लिए फटाके की दुकाने सज गयी है.

सभापति नूतन सिंह के नेतृत्व में नागरिकों का विशाल धरना प्रदर्शन नगर निगम के खिलाफ लामबंद हुए नागरिक 

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) कोरबा के प्रमुख सड़कों की दुर्दशा को लेकर पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत आज नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर की अगुवाई में ट्रांसफर नगर चौक में विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कोरबा के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ो की संख्या में नागरिक स्वंफूर्त धरना में शामिल हुए और जिला प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।

सभापति नूतन सिंह ठाकुर सहित विभिन्न संगठनों ने कोरबा में सड़कों की दुर्दशा को लेकर कई बार जिला प्रशासन एवं नगर निगम को ज्ञापन देकर सड़कों की दशा सुधारने की मांग किया था लेकिन जिला व नगर प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने कारण कोरबा के नागरिकों का आज आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, युवा और नागरिक धरना प्रदर्शन में शामिल हुए।

 

नूतनसिंह ठाकुर की अगुवाई में जिला प्रशासन के खिलाफ आयोजित आंदोलन में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ,छत्तीसगढ़ जोहर पार्टी, आम आदमी पार्टी, जिला अधिवक्ता संघ, जिला ऑटो संघ, सिटी मिनी बस यूनियन, भूस्थापित कामगार संगठन, किसान संगठन, कुसमुंडा व्यापारी संघ सहित नगर पालिक निगम कोरबा के कई पार्षद और विभिन्न समाजों के मुखिया धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया।


पार्षद अब्दुल रहमान, विनम्र तिवारी, टामेश अग्रवाल, श्रीमती प्रीति दिनेश शर्मा , पूर्व पार्षद परमजीत सिंह पप्पी, महेश अग्रवाल, दिनेश सोनी, संतोष कैवर्त, छत्तीसगढ़ क्रांति सी की मुखिया दिलीप मेरी, अतुलदास, जोहर पार्टी के नेता सोनू राठौर, जैनेंद्र कुर्रे, श्रीमती चंचल, कुसमुंडा व्यापारी संघ के मुखिया ओम गभेल , सुरेंद्र राठौर, आम आदमी पार्टी की नेता आनंद सिंह, शत्रुघ्न साहू, किसान नेता दिलहरण सारथी, जोगीराम पटेल, भू स्थापित कामगार संगठन के अध्यक्ष अशोक कुमार पटेल, जिला अधिवक्ता संघ कोरबा के अध्यक्ष गणेश कुलदीप, आटो संघ कोरबा के उपाध्यक्ष पंकज तिवारी, सिटी मिनी बस यूनियन के नेता धनेश्वर साहू सहित अनेक नेताओं ने धरना को संबोधित करते हुए सड़कों के विनाश के लिए जिला प्रशासन को दोषी ठहराया।

 

सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि कोरबा में हजारों करोड रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं शासन की राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा है जिसके कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त एवं स्थिति बदतर होते जा रहा है। सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने कहा कि कोरबा के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की आवाज नहीं सुन रहे हैं, शासन के करोड़ों रुपए व्यर्थ फुंके जा रहे हैं। आज का धरना प्रदर्शन शासन प्रशासन को होश में लाने का शांतिपूर्ण प्रयास है इसके बाद भी सड़कों की स्थिति नहीं सुधरी तो दिवाली के बाद आम नागरिकों के साथ मिलकर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

30 transgender people drank poison in MP : 30 किन्नरों ने पिया जहर,पत्रकारों पर कुकर्म करने एवं एनकाउंटर की धमकी बनी वजह

30 transgender people drank poison in MP
30 transgender people drank poison in indor

इंदौर : 30 transgender people drank poison in MP:मध्य प्रदेश के इंदौर के नंदलालपुरा में एक किन्नर ने दो कथित मीडियाकर्मियों पर दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, इसी विवाद के कुछ घंटे बाद करीब 24 किन्नरों ने जहरीला पदार्थ पी लिया, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया। फिलहाल सभी प्रभावितों का इलाज एमवाय अस्पताल में जारी है।

पंढरीनाथ थाना पुलिस के मुताबिक, शिकायत करने वाली किन्नर ने बताया कि 24 मई को उसके डेरे के गुरु के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद 12 जून को आरोपी पंकज जैन अपने साथी अक्षय के साथ उसके डेरे पर पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने पहले धमकाया, फिर पंकज ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर एनकाउंटर कराने और समाज में बदनाम करने की धमकी दी गई।

गुरु को घटना बताई, थाने जाकर एफआईआर लिखाई इंदौर : 30 transgender people drank poison in MP

30 transgender people drank poison in MP
30 transgender people drank poison in indor

पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद उसने अपने गुरु को पूरी बात बताई और मंगलवार को थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और धमकी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गादी को लेकर दो गुटों में पुराना विवाद इंदौर : 30 transgender people drank poison in MP

30 transgender people drank poison in MP
30 transgender people drank poison in indor

जानकारी के अनुसार, किन्नर समाज में बीते कुछ महीनों से गादी और संपत्ति को लेकर दो गुटों पायल गुरु और सीमा गुरु के बीच तनातनी चल रही है। दोनों पक्षों के बीच कई बार झगड़े हो चुके हैं। इस विवाद को लेकर पूर्व में सीपी संतोष सिंह ने एक विशेष जांच दल (SIT) भी बनाई थी, लेकिन करीब तीन महीने गुजर जाने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी। सूत्रों के मुताबिक, डीसीपी ऋषिकेश मीणा के ट्रांसफर के बाद टीम निष्क्रिय हो गई थी।

विवाद बढ़ा, 30 किन्नरों ने पीया जहर 30 transgender people drank poison in MP

बुधवार शाम नंदलालपुरा क्षेत्र में करीब 30 किन्नरों ने फिनायल या कोई अन्य जहरीला पदार्थ पी लिया। देखते ही देखते मौके पर हड़कंप मच गया। पुलिस और एम्बुलेंस टीमों ने तत्काल सभी को एमवाय अस्पताल पहुंचाया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि सभी प्रभावितों का इलाज जारी है। संयोगितागंज एसीपी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि किन्नरों ने जहर क्यों पीया।

वर्चस्व को लेकर दो गुटों में चल रहा विवाद 30 transgender people drank poison in MP

किन्नरों द्वारा सामूहिक रूप से जानलेवा कदम उठाने के पीछे शुरूआती तौर पर जो कहानी निकलकर सामने आई है, उसमें इनके दो गुटों में वर्चस्व को लेकर विवाद बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार गुरु की गादी और एरिया वर्चस्व को लेकर पायल और सीमा गुरु के ग्रुप के बीच यह विवाद चल रहा है। इस मामले में पूर्व से ही पुलिस की एसआईटी टीम जांच कर रही है।

Controversy over corporation’s Ramlila रामलीला और दशहरा मेला—का पूरा खर्च सार्वजनिक करें महापौर,कांग्रेसी पार्षदों ने कलेक्टर को लिखा पत्र

Controversy over corporation's Ramlila
Kriparam sahu

 

कोरबा। (संतोष कुमार सारथी) Controversy over corporation’s Ramlila नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक घण्टाघर ओपन थिएटर में आयोजित पांच दिवसीय रामलीला और दशहरा मेला अब राजनीतिक विवादों में घिर गया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकारी खर्च से आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को भाजपा मंच में बदल दिया गया।

Controversy over corporation’s Ramlila

Controversy over corporation's Ramlila
Kriparam sahu

आयोजन में नगर निगम का फंड खर्च हुआ, लेकिन अब तक आय-व्यय का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब कार्यक्रम जनता के पैसे से हुआ है, तो उसकी पूरी जानकारी निगम को वेबसाइट और मीडिया में साझा करनी चाहिए।

नगर पालिका निगम कोरबा के  नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू सहित 10 कांग्रेसी पार्षदों ने कलेक्टर कोरबा को पत्र लिखकर कार्यक्रम की घोर निंदा की है कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दशहरा मंच पर भाजपा जिला अध्यक्ष को मुख्य अतिथि के रूप में बैठाया गया, जबकि अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित तक नहीं किया गया।

Controversy over corporation’s Ramlila

Controversy over corporation's Ramlila

नेताओं ने इसे “सार्वजनिक कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देने की कोशिश” बताया और निगम प्रशासन के रवैये की निंदा की।

कांग्रेस ने निगम से दोनों आयोजनों—रामलीला और दशहरा मेला—का पूरा खर्च सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि पारदर्शिता जरूरी है ताकि जनता को पता चल सके कि सरकारी खजाने से कितना पैसा कहां खर्च हुआ।

 

11th Foundation Day of NKH एन.के.एच. सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल – सेवा, समर्पण और विश्वास के 11 वर्ष पूर्ण, केक काटकर मनाया स्थापना दिवस

11th Foundation Day of NKH 

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़)11th Foundation Day of NKH कभी-कभी जीवन में एक घटना इंसान को इतनी गहराई से प्रभावित कर देती है कि वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प ले लेता है। कठिन परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद यदि इरादा नेक हो और लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता निश्चित होती है। यही प्रेरक कहानी है डॉ. एस. चंदानी की, जिन्होंने वर्षों पहले कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से 13 अक्टूबर, 2014 में न्यू कोरबा हॉस्पिटल की स्थापना की ।

11th Foundation Day of NKH

11th Foundation Day of NKH 
एन.के.एच. सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने समाज की सेवा में सफलतापूर्वक अपने 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन ने कोरबावासियों के विश्वास, सहयोग और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया। हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा कि आने वाले वर्षों में भी एन.के.एच. आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ सेवाओं के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ देने के अपने संकल्प पर दृढ़ रहेगा।

11th Foundation Day of NKH 

पिछले एक दशक में एन.के.एच. ने न केवल अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों को अपनाया, बल्कि समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार विस्तार किया है। अस्पताल में आज सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर परिस्तिथियों के लिए 24×7 ट्रामा एवं आपातकालीन सेवाएँ, अत्याधुनिक आई.सी.यू. एवं क्रिटिकल केयर यूनिट, हृदय व रक्तवाहिनी रोगियों के लिए कैथ लैब, तथा क्षेत्र का सबसे बड़ी विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुभवी टीम उपलब्ध है। प्रशिक्षित नर्सिंग व सहयोगी स्टाफ तथा मरीज की सुरक्षा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। कम खर्च में उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवा प्रदान करते हुए एन.के.एच. ने यह साबित किया है कि सेवा भावना और आधुनिक तकनीक का संगम ही सच्चा उपचार है।

11th Foundation Day of NKH 

11th Foundation Day of NKH 

अस्पताल का मानना है कि मरीजों की संतुष्टि ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अस्पताल द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, निःशुल्क चिकित्सा शिविर, ग्रामीण व शहरी हेल्थ चेकअप कैंप और रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अस्पताल का उद्देश्य है कि हर नागरिक को गरिमा, समानता और विश्वास के साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिले।

ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने कहा कि समाज के सहयोग और विश्वास के बिना यह 11 वर्षों की यात्रा संभव नहीं थी। उन्होंने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एन.के.एच. परिवार सदैव जनसेवा और गुणवत्तापूर्ण उपचार के लिए समर्पित रहेगा।

11वीं वर्षगांठ के अवसर पर डॉक्टर एस. चंदानी, वंदना चंदानी और डॉक्टर एस. पालीवाल ने केक काटकर समारोह की शुरुआत की। इस अवसर पर डॉ. अविनाश सिंह, डॉ. अविनाश तिवारी, डॉ. एस.पी. पांडेय, डॉ. नीलेश भट्ट, डॉ. मनीष गोयल, डॉ. चंदा भट्ट, डॉ. नागेंद्र बागरी, डॉ. सुदिप्ता साहा, डॉ. संजना सक्सेना, डॉ. हरीश सोनी, डॉ. सचिन, डॉ. अमन, डॉ. यशा मित्तल, डॉ. रिया दुबे सहित अन्य डॉक्टर एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

अस्पताल के प्रबंधन ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए यह भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी एन.के.एच. समाज को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा ।

Protest against the Municipal Corporation सड़कों की दुर्दशा पर 16 को विशाल धरना, 24 से गड्ढा नामकरण अभियान

Protest against the Municipal Corporation

कोरबा (ब्लैक आउट न्यूज़) Protest against the Municipal Corporation शहर‌ के प्रवेश मार्गो गौमाता चौक, ईमलीछापर चौक, कटघोरा रोड की बदहाली तथा शहर के भीतर सड़कों की दुर्दशा में सुधार नहीं होने पर जिला प्रशासन और नगर प्रशासन के खिलाफ 16 अक्टूबर को विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। एक सप्ताह पूर्व जिला कलेक्टर एवं निगम आयुक्त को पत्र देकर सड़कों की दुर्दशा को सुधारने का निवेदन किया गया था। एक सप्ताह से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सड़कों का मरम्मत नहीं किया गया।

Protest against the Municipal Corporation

Protest against the Municipal Corporation
 Nutan singh thakur sabhapati nagar nigam korba

आम जनता की ओर से दिए गए आवेदन पत्र पर प्रशासन ने कोई सकारात्मक पहल भी नहीं किया इसके विरोध में कोरबा की आम जनता और संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। कोरबा के जागरूक नेताओं और संगठनों के साथ मिलकर 16 अक्टूबर को ट्रांसपोर्ट नगर चौक में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

Protest against the Municipal Corporation

Protest against the Municipal Corporation

जिला प्रशासन एवं नगर प्रशासन के खोखले दावे को सामने लाने के लिए और उनकी आंखें खोलने के लिए 24 अक्टूबर से गड्ढा नामकरण अभियान भी चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत शहर भर के जितने भी जर्जर सड़क एवं गड्ढे हैं वहां जाकर दोषी अधिकारियों के सदबुद्धि के लिए पूजन कर नामकरण किया जाएगा।

सड़कों की दुर्दशा पर प्रशासन के विभाग पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, एसईसीएल, एक दूसरे को जिम्मेदार बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इसलिए आम नागरिकों के साथ मिलकर गड्ढा नामकरण अभियान चलाया जाएगा जिसका उद्देश्य जर्जर सड़कों के लिए दोषी लोगों की पहचान करना है जिनके आंख मूंदकर सोने के कारण कोरबा की जनता सड़कों को दुर्दशा से प्रताड़ित हो रही है।सत्ता पक्ष के अधिकांश पार्षद अधिकारियों के मनमर्जी और उपेक्षा से दुखी हैं लेकिन संगठन के दबाव में खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।

Protest against the Municipal Corporation

Protest against the Municipal Corporation

नगर निगम सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने कहा है कि नागरिकों के मूलभूत सुविधा सडक, बिजली, पानी के लिए जनता लगातार परेशान हैं। जब निर्वाचित पार्षद अधिकारियों को समस्या बता रहे हैं तो उनकी उपेक्षा हो रही है। अधिकारी कागजी खानापूर्ति कर सरकार को गुमराह कर रहे हैं।

 

त्यौहारी सीजन में आम आदमी सड़कों की दुर्दशा से हलाकान हो रहा है। सड़कों के धूल, गड्ढे के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। आम जनता सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पीड़ा बता रही है लेकिन जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। अब सरकार को नींद से जगाने के लिए आंदोलन करना जरूरी हो गया है। धरना प्रदर्शन और गड्ढा नामकरण अभियान के बाद भी सड़कों की बदहाली दूर नहीं हुआ तो चक्काजाम और अनशन किया जाएगा।

VIDEO : ट्रामा सेंटर के सामने 15 दिनों से सडक पर बह रहा है गंदे नाले का पानी, निगम के सफाई व्यवस्था की खुली पोल

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़) कोरबा नगर पालिका द्वारा साफ सुथरा शहर का ढिंढोरा पीठ अपनी ही पीठ थपथपाने मैं मजबूर है वहीं शहर की सफाई व्यवस्था और सड़क व्यवस्था चार बार आ गई है आयु द्वारा सुबह भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लेने को ढोंग करते फोटो खिंचवाकर अपने को प्रसारित करने मात्र तक सीमित रह गया है जबकि धरातल पर सफाई व्यवस्था काफी चरमराई हुई है.

इसी का एक नमूना कोरबा के ड्रामा सेंटर जिला मेडिकल कॉलेज के सामने का नाला विगत 15 दिनों से जाम पड़ा है जिससे ट्रामा सेंटर जिला चिकित्सालय का गंदा पानी सड़कों पर बड़ा है और वह पानी वाहनों के चक्को से छिड़क कर लोगों के कपड़े में जा रहे हैं इस गंदे पानी से आसपास के पर्यायवाची सहित वाहन संचालित होटल व्यवसाय भी काफी परेशान है गंदे पानी से आ रही बदबू से वहां बैठना दुबर हो गया वैसे तो आयु द्वारा रोज सवेरे कोरबा शहर के विभिन्न जगहों पर भ्रमण कर सफाई का जायजा लिया जाता है और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया जाता है लेकिन इस गंदे नाली के पानी का सड़क पर होना इस बात का संकेत है कि तू डाल-डाल मैं पात पात,आयुक्त दिशा निर्देश देते रहे धरातल पर कार्यवाही शून्य नजर आ रही है.

KORBA : वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार राठौर बने संभागीय अधिमान्यता समिति के सदस्य, राजपत्र में हुआ प्रकाशित

 

कोरबा/बिलासपुर। कोरबा जिले के पत्रकारों के लिए बड़ी राहत और गर्व की खबर — अब अधिमान्यता आवेदन पहचान की कमी या औपचारिक त्रुटियों के कारण अमान्य नहीं होंगे। छत्तीसगढ़ शासन ने पत्रकारों की अधिमान्यता और कल्याण के लिए गठित संभागीय अधिमान्यता समिति (बिलासपुर संभाग) में कोरबा के वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार राठौर को सदस्य के रूप में नामांकित किया है। शासन की ओर से 10 अक्टूबर 2025 को आदेश जारी कर दिया गया है, जिसका राजपत्र में भी प्रकाशन हो चुका है।

 

बिलासपुर संभाग के लिए गठित इस समिति में कुल नौ सदस्य शामिल हैं, जिनमें कोरबा जिले से एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में कृष्ण कुमार राठौर को चुना गया है। यह कोरबा पत्रकारिता जगत के लिए सम्मान और गौरव का विषय है। कृष्ण कुमार राठौर न केवल कोरबा प्रेस क्लब के सम्माननीय सदस्य हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के कोरबा जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे लंबे समय से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों में सक्रिय हैं और अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग, मिलनसार स्वभाव, और हर किसी के लिए तत्पर रहने वाले व्यक्तित्व के कारण पत्रकारों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।

 

पत्रकारिता में दशकों के अनुभव के साथ वे हमेशा से जनहित के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। पत्रकार साथियों में उनका नाम भरोसे और सहयोग के प्रतीक के रूप में लिया जाता है।उनके समिति में शामिल होने से उम्मीद है कि अब कोरबा समेत संभाग के पत्रकारों की अधिमान्यता से जुड़ी प्रक्रियाएं और भी पारदर्शी और सुगम होंगी।

 

राज्य शासन की यह समिति पत्रकारों की अधिमान्यता पर अंतिम अनुशंसा करती है और इसकी बैठकों का संचालन जनसंपर्क विभाग द्वारा किया जाता है। पत्रकार साथी अधिमान्यता से जुड़ी जानकारी या सुझावों के लिए कृष्ण कुमार राठौर से संपर्क कर सकते हैं।

BALCO Run for Zero Hunger बालको ने रन फॉर जीरो हंगर में चौथी बार दिया सबसे अधिक पोषणयुक्त मील का योगदान

BALCO Run for Zero Hunger
BALCO Run for Zero Hunger

बालकोनगर, 13 अक्टूबर, 2025। BALCO Run for Zero Hunger वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट टीम भावना और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए वीडीएचएम ‘रन फॉर जीरो हंगर’ चैलेंज 2025 का खिताब जीत लिया। इस वर्ष बालको ने लगातार चौथी बार यह ट्रॉफी अपने नाम की, जिससे समूह के भीतर बालको की फिटनेस, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति समर्पण की भावना पुनः प्रदर्शित हुई।

BALCO Run for Zero Hunger

BALCO Run for Zero Hunger
BALCO Run for Zero Hunger

12 अक्टूबर तक चले इस अभियान में बालको ने कुल 15,93,142 किलोमीटर की दूरी तय की। वेदांता समूह की सभी व्यावसायिक इकाइयों में बालको इस वर्ष भी शीर्ष स्थान पर रहा। दिल्ली में आयोजित भव्य समापन समारोह में बालको को ट्रॉफी प्रदान की गई। वेदांता समूह के ‘रन फॉर जीरो हंगर’ अभियान का उद्देश्य है कर्मचारियों द्वारा तय किए गए प्रत्येक किलोमीटर के बदले जरूरतमंद बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना। इस वर्ष वेदांता समूह ने तय 5 मिलियन किलोमीटर के लक्ष्य को हासिल किया।

BALCO Run for Zero Hunger

BALCO Run for Zero Hunger
BALCO Run for Zero Hunger

लगभग दो महीनों तक चले इस अभियान में बालको के कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, व्यावसायिक साझेदारों और समुदाय के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अभियान ने न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित किया, बल्कि सामूहिक प्रयास और समाजसेवा की भावना को भी सशक्त किया।

प्राप्त ट्रॉफी को बालको परिवार की मेहनत का परिणाम बताते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि लगातार चौथी बार वीडीएचएम चैलेंज में विजेता बनना हमारे बालको परिवार की प्रतिबद्धता और एकजुटता का प्रमाण है। इस वर्ष 1.5 मिलियन से अधिक किलोमीटर की दूरी करना समुदाय की भलाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। फिटनेस के साथ समाजसेवा को जोड़ने का यह प्रयास हमारे स्वास्थ्य प्रथम दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करता है।

BALCO Run for Zero Hunger

BALCO Run for Zero Hunger
BALCO Run for Zero Hunger

समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल के “समाज को वापस देने” की भावना के अनुरूप, जुटाए गए भोजन को भारत के 14 राज्यों में संचालित लगभग 6,500 नंद घरों के बच्चों तक पहुँचाया जाएगा। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा संचालित यह पहल बाल विकास, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास है। बालको का यह चौथा निरंतर विजय वर्ष न केवल खेल भावना की जीत है, बल्कि एक स्वस्थ और कुपोषण-मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में कंपनी की सतत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

कटघोरा में ‘हाथी-मानव संघर्ष नियंत्रण टीम’ गठित, पत्रकार शशिकांत डिक्सेना (निक्की) और हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे को मिली अहम जिम्मेदारी

कोरबा। कटघोरा वनमंडल क्षेत्र में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष (HEC) की घटनाओं को रोकने के लिए वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत (भा.व.से.) ने एक विशेष ‘Spearhead (Rapid Response) Team’ का गठन किया है। यह दल संघर्ष की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत, बचाव और समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगा। इस टीम में विभागीय अधिकारियों के साथ पत्रकार, विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल किए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, दल की कमान उपवनमंडलाधिकारी संजय त्रिपाठी को दी गई है, जबकि टीम में 15 सदस्य रखे गए हैं जिनमें परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक, रक्षक, पशुचिकित्सक, पत्रकार और हाथी मित्रदल के सदस्य शामिल हैं।

शशिकांत डिक्सेना (निक्की) — पत्रकार जो जोखिम उठाकर करते हैं सच्ची रिपोर्टिंग

शशिकांत डिक्सेना (निक्की) — पत्रकार

कटघोरा के चर्चित पत्रकार *शशिकांत डिक्सेना (निक्की)* को इस दल में शामिल किया गया है, जो लंबे समय से जंगलों और वन्यजीव से जुड़े जमीनी मुद्दों पर निडर होकर रिपोर्टिंग करते रहे हैं। निक्की ने कई बार जान जोखिम में डालकर *हाथी मूवमेंट, ग्रामीणों की परेशानी और प्रशासनिक लापरवाही* को उजागर किया है।

वे न केवल घटनास्थल से समय पर जानकारी जुटाकर विभागीय अधिकारियों को सचेत करते हैं, बल्कि ग्रामीणों के हितों के लिए लगातार आवाज उठाते हैं। ग्रामीणों और वन विभाग के बीच सेतु बनकर उन्होंने कई बार संघर्ष की स्थितियों को टलने में अहम भूमिका निभाई है।

प्रभात दुबे — लोगों को जागरूक कर रहे, टकराव घटाने की मुहिम में आगे*

हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे को भी इस टीम में सदस्य बनाया गया है। वे पिछले कई वर्षों से गांव-गांव जाकर लोगों को हाथियों के व्यवहार, उनकी गतिविधियों और सुरक्षा के उपायों के बारे में समझा रहे हैं। प्रभात दुबे की मुहिम का असर यह है कि अब कई ग्रामीण क्षेत्र में लोग हाथियों के आगमन पर घबराने की बजाय सावधानीपूर्वक दूरी बनाते हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष में उल्लेखनीय कमी आई है।

वन विभाग का मानवीय प्रयास

वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत ने आदेश में कहा है कि यह दल किसी भी संघर्ष की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचेगा, घायलों को सुरक्षित करेगा और हाथियों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित दिशा में मोड़ेगा। साथ ही, प्रत्येक घटना की फोटो-वीडियो व GPS लोकेशन सहित रिपोर्ट तैयार की जाएगी और मुआवजा प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।दल के सदस्यों को समुदाय से संवाद, भीड़ नियंत्रण, जनजागरूकता और ग्रामीणों को प्रशिक्षण देने का दायित्व भी सौंपा गया है।

कटघोरा मॉडल बन सकता है उदाहरण

पत्रकारों, विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों की यह संयुक्त पहल न केवल संघर्ष की घटनाओं को कम करेगी बल्कि एक संवेदनशील और सहभागी प्रशासनिक मॉडल के रूप में उभर सकती है। ग्रामीण भी इसे स्वागत योग्य कदम बता रहे हैं, क्योंकि इसमें उन लोगों को जोड़ा गया है जो वास्तव में मैदान पर सक्रिय और विश्वसनीय हैं।