Home Blog Page 12

KORBA BREAK : 8 साल के मासूम के सीने मे फंसा सिक्का, मौत

KORBA BREAK
KORBA BREAK

KORBA BREAK

कोरबा।KORBA BREAK जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे की सीने में सिक्का फंस जाने से मौत हो गई। मृतक बच्चे का नाम शिवम सारथी बताया जा रहा है। परिजनों के मुताबिक, उन्हें यह पता तक नहीं था कि बच्चे ने सिक्का निगल लिया है। जब उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी तो परिजन घबराकर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

KORBA BREAK

KORBA BREAK
KORBA BREAK

अस्पताल में जांच के दौरान एक्सरे रिपोर्ट में बच्चे के सीने में सिक्का फंसा पाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि स्थिति गंभीर है और कहा कि “यहां इस बीमारी की दवा नहीं है, इलाज संभव नहीं है,” जिसके बाद परिजन बच्चे को निजी अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। लेकिन रास्ते में ही शिवम ने दम तोड़ दिया।

यह घटना जिला अस्पताल चौकी क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

KORBA BREAK

KORBA BREAK
KORBA BREAK

मृतक के पिता मदन सारथी ने बताया कि वे मूलतः रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पहले बेटे के कंधे की चोट का इलाज कराने कोरबा आए थे और यहां गोढ़ी गांव में रिश्तेदारों के घर ठहरे हुए थे। शुक्रवार रात अचानक बच्चे की हालत बिगड़ गई — उसके हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगे और सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

डॉक्टरों ने जांच के बाद एक्सरे रिपोर्ट में बताया कि शिवम के सीने में सिक्का फंसा है, जिससे उसकी सांस रुक रही है। इलाज की अनुपलब्धता के कारण उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही मासूम की जान चली गई।

KORBA BREAKING : विद्युत तार की चपेट में आने से ठेका श्रमिक की मौत, ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप

KORBA BREAKING

कोरबा (संतोष कुमार सारथी)  KORBA BREAKING कोरबा में ठेका श्रमिक की करेंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया , आनन में जब उपचार हेतु अस्पताल लेजाया गया , जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।

KORBA BREAKING

KORBA BREAKING

मृतक का नाम सुदर्शन सिंह उर्फ कालू पिता का नाम स्वर्गीय करतार सिंह (35) पता अटल आवास शारदा विहार का रहने वाला था , जो साईं गोविंद कंपनी में राताखार के ठेका कंपनी में कार्यरत था , जहां ठेकेदार ने अपने निजी काम से श्रमिक को अपने घर भेजा था। परिजनों ने पूरे मामले में ठेकेदार की लापरवाही बताई हैं, उन्होंने बताया कि हमें जानकारी मिली कि सुखदर्शन विद्युत तार के करेंट की चपेट में आगया जिससे उसकी मृत्यु हो गई है। बहरहाल पूरे मामले में शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा जा रहा है, पुलिस की जांच जारी हैं।

 

गौवंश संरक्षण पर अनोखी प्रदर्शनी समाजसेवी तेजकरण जैन के ‘गौवंश संग्रह’ ने सबका मन मोहा

कोरबा। गौसेवा एवं गौवंश संरक्षण के प्रति गहरी निष्ठा रखने वाले समाजसेवी श्री तेजकरण जैन द्वारा तैयार गौवंश पर आधारित अनोखा और विशाल संकलन आज 30 अक्टूबर को अग्रसेन कन्या महाविद्यालय. प्रांगण में प्रदर्शित किया गया।

इस निःशुल्क प्रदर्शनी में दर्शकों ने विश्व के अनेक देशों के 476 नोट देखे जिन पर गाय की छवि अंकित है। साथ ही, गाय से संबंधित दुर्लभ सिक्कों का संग्रह भी आकर्षण का केंद्र रहा। प्रदर्शनी में गाय के जन्म से लेकर मृत्यु तक की यात्रा को डाक टिकटों के माध्यम से अत्यंत सुंदर और शिक्षाप्रद रूप में प्रस्तुत किया गया।

अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य झा सर की उपस्थिति में आयोजित इस प्रदर्शनी में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी रुचि से देखा और ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त की। बच्चों ने इस अद्वितीय संकलन की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में नई जानकारी मिली।

प्रदर्शनी में अतिथि चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष एवं लायंस क्लब के पूर्व गवर्नर रामसिंह अग्रवाल, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष योगेश जैन, राजेन्द्र तिवारी, पारस जैन, अनिल अग्रवाल और संजय अग्रवाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी के सफल आयोजन में महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

Disclosure in CDSCO report केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन का बड़ा खुलासा 112 दवाओं को संदिग्ध माना,1 दवा नकली घोषित

Disclosure in CDSCO report 
Disclosure in CDSCO report 

रायपुर।Disclosure in CDSCO report केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी सितंबर 2025 की रिपोर्ट में पाया गया है कि देश में कुल 112 दवा नमूने अस्वीकृत हुए हैं, जिनमें से एक दवा को मिस-ब्रांडेड (नकली) घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ से जुड़े 10 दवाओं के नमूने भी सूचीबद्ध हैं, जिनमें से एक नकली निकला है और शेष को मानक गुणवत्ता से कम आंका गया है।

Disclosure in CDSCO report

Disclosure in CDSCO report 
Disclosure in CDSCO report

रिपोर्ट में रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली दवाओं के नाम भी शामिल हैं — जैसे कृमि नाशक एल्बेंडाजोल, दर्द निवारक पैरासिटामॉल और एंटीबायोटिक एमोक्सिलीन। इनमें से 9 को ‘मानक गुणवत्ता से कम’ (NSQ) एवं 1 दवा को नकली बताया गया है, जो मरीजों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

Disclosure in CDSCO report

Disclosure in CDSCO report 
Disclosure in CDSCO report

केंद्रीय और राज्य दोनों प्रकार की प्रयोगशालाओं के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय प्रयोगशालाओं में 52 तथा राज्य प्रयोगशालाओं में 60 नमूने अमानक पाए गए। छत्तीसगढ़ से विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि एल्बेंडाजोल के चार अलग बैच लगातार फेल हुए हैं — ये बैच AFFY Parenterals कंपनी द्वारा निर्मित बताए गए हैं। सभी परीक्षणों में इन नमूनों ने डिज़ॉल्यूशन टेस्ट पास नहीं किया, जिसका अर्थ है कि दवा तंत्रिका रूप से शरीर में घुलकर असर नहीं कर रही थी।

Disclosure in CDSCO report

साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि मैकलियोड्स फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित एक फंगल क्रीम मिस-ब्रांडेड (नकली) पाई गई है। यह क्रीम सामान्यतः फंगल इन्फेक्शन के इलाज के लिए उपयोग की जाती है, इसलिए इसकी नकली होना स्वास्थ्य के लिहाज़ से गंभीर है।

Disclosure in CDSCO report

रायपुर दवा संघ के उपाध्यक्ष अश्वनी विग ने कहा कि बाजार में मिलने वाली नकली व अमानक दवाओं की सूचना मिलने पर जांच करवाई जाएगी और दोषी उत्पाद को बाजार से वापस मंगवाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रदेश नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि उन्हें अभी तक CDSCO का आधिकारिक नोटिफिकेशन प्राप्त नहीं हुआ है।

 

BALCO World Mental Health Day बालको ने कार्यस्थल पर चलाया मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

BALCO World Mental Health Day
BALCO World Mental Health Day

बालकोनगर, 25 अक्टूबर 2025। BALCO World Mental Health Day वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अतंर्गत मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन और कार्यस्थल पर जीवन की गुणवत्ता में सुधार हेतु जागरूकता एवं परामर्श सत्र आयोजित किए। इसके माध्यम से कंपनी ने कर्मचारियों के समग्र कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया। कार्यक्रम में 150 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया।

BALCO World Mental Health Day

BALCO World Mental Health Day
BALCO World Mental Health Day

अपने वेलनेस पार्टनर ‘योरदोस्त’ के सहयोग से बालको ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कीं, जिनमें “माइंड जिम क्विज़” नामक 60 सेकंड की प्रतियोगिता शामिल थी। इसका उद्देश्य एकाग्रता बढ़ाना और मानसिक तर्कशीलता को प्रोत्साहित करना था। वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. अंकिता सिंह ने कार्यशाला का संचालन किया, जिसमें तनाव के शुरुआती लक्षणों की पहचान, व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाने तथा मानसिक स्वास्थ्य को समय रहते संभालने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की गई।

BALCO World Mental Health Day

BALCO World Mental Health Day
BALCO World Mental Health Day

व्यक्तिगत सहायता उपलब्ध कराने के लिए बालको ने वन-ऑन-वन काउंसलिंग सत्रों की भी व्यवस्था की, जिससे कर्मचारी सुरक्षित और गोपनीय वातावरण में विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर सकें। समाधान केंद्रित इन सत्रों ने कर्मचारियों को अपनी चिंताओं को पहचानने और अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया, जिससे संगठन के भीतर “सुनने और सहयोग करने की संस्कृति” को और सशक्त किया गया।

BALCO World Mental Health Day

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी की प्रगति की शुरुआत लोगों से होती है और आज की तेज़-रफ्तार दुनिया में भावनात्मक सुख-शांति अत्यंत आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य एक साझा जिम्मेदारी है, हर व्यक्ति को यह महसूस होना चाहिए कि वह समर्थित, मूल्यवान है और बिना किसी भय के परामर्श प्राप्त कर सकता है। हमारा लक्ष्य ऐसा कार्यस्थल बनाना है जहाँ खुलकर बातचीत, संवेदनशील समुदाय और हर व्यक्ति को सुना जाए ताकि वह अपनी पूर्ण क्षमता से विकसित हो सके।

अपने अनुभव साझा करते हुए शोविनी खेर ने कहा कि अक्सर कोई भी शुरुआती संकेतों के बारे में बात नहीं करता जैसे मनोदशा, ऊर्जा या ध्यान में सूक्ष्म बदलाव, जो किसी गहरी समस्या का संकेत हो सकते हैं। इस कार्यशाला ने मुझे उन संकेतों को पहचानने और समय रहते प्रतिक्रिया देने की समझ दी।

कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए बालको निरंतर जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता रहा है। कंपनी बालको प्रीमियर लीग (क्रिकेट), बैडमिंटन टूर्नामेंट और वॉलीबॉल प्रीमियर लीग जैसी खेल गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक फिटनेस और टीम भावना को बढ़ावा देती है। साथ ही पूरे साल विभिन्न त्यौहारों का उत्सव मनाकर सांस्कृतिक एकता और सामूहिक आनंद का वातावरण भी निर्मित करती है। इन पहल के माध्यम से बालको यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक कर्मचारी एक ऐसे वातावरण में कार्य करे जहाँ वह सम्मानित, समर्थित और अपनापन महसूस कर सकें।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल उतरे भू विस्थापितों के समर्थन मे, SECL प्रबंधन को कहा लाठी के जोर पर इसका समाधान नहीं हो सकता

कोरबा, दिनांक — 25 अक्टूबरः साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एस.ई.सी.एल.) के अधीन संचालित गेवरा कोयला खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों पर बीते दिनों हुआ लाठीचार्ज, उत्पीड़न और निजी गुंडों द्वारा दी जा रही धमकियाँ एक गंभीर और निंदनीय घटना है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों की खुली अवहेलना का प्रतीक है।

कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में कड़ी आपत्ति जताते हुए उक्त बातें पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कही,भू-विस्थापित ग्रामीण वर्षों से अपनी जमीन, आजीविका, और पुनर्वास अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इनकी माँगें — उचित मुआवजा, रोजगार में पारदर्शिता, पुनर्वास स्थल की व्यवस्था, तथा विस्थापन से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा — न केवल जायज़ हैं बल्कि संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों के अंतर्गत आती हैं।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल  ने  आगे कहा है  की यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के जवाब में खदान प्रबंधन ने संवाद के बजाय दमन का रास्ता चुना।  सी.आई.एस.एफ. जवानों द्वारा लाठीचार्ज करवाना न केवल अमानवीय है बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक मशीनरी अब आम नागरिकों के बजाय औद्योगिक हितों की सुरक्षा में लगी हुई है।और भी चिंताजनक बात यह है कि खदान ठेका कंपनियों द्वारा निजी गुंडों और बाउंसर्स को ग्रामीणों को डराने-धमकाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। यह कार्रवाई सीधे-सीधे कानून-व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाती है और यह प्रश्न उठाती है कि आखिर प्रशासन इन घटनाओं पर मौन क्यों है?

उन्होंनें आगे कहा की यह घटना केवल कुछ ग्रामीणों की समस्या नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र, कानून और नागरिक अधिकारों के लिए खतरे की घंटी है। जिन भूमि-पुत्रों की जमीन पर कोयले की खुदाई कर सरकार और कंपनियाँ अरबों का राजस्व अर्जित कर रही हैं, उन्हीं लोगों को आज उनके ही घरों से उजाड़ा जा रहा है — यह विडंबना नहीं, बल्कि शासन की संवेदनहीनता का प्रमाण है।

हम माँग करते हैं कि 

1. भू-विस्थापितों पर हुए लाठीचार्ज और बल प्रयोग की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
2. ठेका कंपनियों द्वारा नियोजित गुंडों व बाउंसर्स की पहचान कर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. एस.ई.सी.एल. प्रबंधन को निर्देशित किया जाए कि किसी भी परिस्थिति में निजी सुरक्षा बल या बाहरी व्यक्तियों से ग्रामीणों को डराने या हिंसा करने जैसी गतिविधियाँ न कराई जाएँ।

4. प्रशासन, खदान प्रबंधन और भू-विस्थापित प्रतिनिधियों के बीच तत्काल त्रिपक्षीय बैठक आयोजित कर वास्तविक समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए।
5. भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु पुलिस बल को संयमित व्यवहार के स्पष्ट निर्देश दिए जाएँ।
यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो जन-आक्रोश और व्यापक रूप ले सकता है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र की होगी।

यह संघर्ष केवल जमीन या मुआवजे का नहीं, बल्कि सम्मान, अस्तित्व और न्याय की लड़ाई है — और यह तब तक जारी रहेगा जब तक भू-विस्थापितों को उनका हक नहीं मिल जाता।

CG IPS transfar : 7 IPS अफसरों का तबादला किसको कहाँ मिली जगह, देखें सूची 

CG IPS transfar
CG IPS transfar

रायपुर (ब्लैकआउट न्यूज़) CG IPS transfar छत्तीसगढ़ राज्य शासन में 7 आईपीएस अफसर का तबादला आदेश जारी किया है आदेश के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी निम्नानुसार नई जिम्मेदारी संभालेंगे:

• मोहित गर्ग (भापुसे 2013) – पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव से सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर नियुक्त।

CG IPS transfar

CG IPS transfar

• चन्द्रमोहन सिंह (भापुसे 2014) – पुलिस अधीक्षक, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर से निदेशक, ट्रेनिंग/ऑपरेशन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय, रायपुर।
• अंकिता शर्मा (भापुसे 2018) – पुलिस अधीक्षक, सक्ती से पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव।
• यदुवली अक्षय कुमार (भासे 2018) – पुलिस अधीक्षक, कोण्डागांव से सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

CG IPS transfar

CG IPS transfar

• रतना सिंह (भापुसे 2019) – सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से पुलिस अधीक्षक, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर।
• प्रफुल्ल ठाकुर (भापुसे 2015) – सेनानी, 4थी वाहिनी, छसबल माना रायपुर से पुलिस अधीक्षक, सक्ती।
• पंकज चन्द्रा (भापुसे) – सेनानी, 13वीं वाहिनी, सशस्त्र बल, बांगो कोरबा से पुलिस अधीक्षक, कोण्डागांव।

Reference: Nankiram Kanwar case : साय सरकार के आदेश को कमिश्नर ने दिखाया ठेंगा, ननकी राम कंवर की शिकायत को लिया हल्के मे

Reference: Nankiram Kanwar case
भाजपा नेता नंकीराम कंवर एवं IAS अजित वसंत

रायपुर (ब्लैकआउट न्यूज़) Reference: Nankiram Kanwar case छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार के सुशासन पर प्रशासनिक चूक ने ठेंगा दिखा दिया है। भारतीय जनता पार्टी के सबसे सीनियर नेता ननकी राम कंवर की शिकायत की जांच प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में है। इस घटना ने प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र और बिलासपुर संभाग के कमिश्नर की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

दरअसल, ननकी राम कंवर ने कोरबा कलेक्टर के खिलाफ जो शिकायत की थी, उसकी जांच सरकार ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को सौंपी थी। लेकिन बिलासपुर संभाग के कमिश्नर की कार्यशैली ने सिस्टम और कानून पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

कमिश्नर की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल Reference: Nankiram Kanwar case

Reference: Nankiram Kanwar case
ननकी राम कंवर भाजपा नेता nankiram kanvar

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, राज्य सरकार ने जांच का महत्वपूर्ण दायित्व बिलासपुर कमिश्नर को सौंपा था। यह अपेक्षा थी कि वरिष्ठता और पद की गरिमा के अनुरूप कमिश्नर स्वयं इस संवेदनशील मामले की जांच करेंगे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमिश्नर ने सरकारी आदेशों को ताक पर रखते हुए, स्वयं जांच करने के बजाए यह महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी अपने अधीनस्थ दो उपायुक्तों (डिप्टी कमिश्नरों) और एक लेखाधिकारी को सौंप दी। प्रशासनिक हलकों में इसे घोर अनुशासनहीनता और शासकीय आदेशों की जानबूझकर अवहेलना माना जा रहा है।

नियमों का सीधा उल्लंघन Reference: Nankiram Kanwar case

Reference: Nankiram Kanwar case
Ajit vasant(IAS) colector korba

यह कार्रवाई प्रशासनिक नियमों का सीधा उल्लंघन है, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है।

स्पष्ट नियम: प्रशासनिक विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी भी आईएएस अधिकारी (इस मामले में कोरबा कलेक्टर) की जांच उनके जूनियर अधिकारी नहीं कर सकते। यह  (पदानुक्रम) और प्रशासनिक मर्यादा के मूलभूत सिद्धांतों के विपरीत है।1976 के दिशा-निर्देशों की उपेक्षा: इतना ही नहीं, तत्कालीन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट प्रावधान है कि नियुक्त जांच अधिकारी (यानी कमिश्नर) अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जांच किसी अन्य अधिकारी को हस्तांतरित नहीं कर सकते।

बिलासपुर कमिश्नर ने न सिर्फ प्रशासनिक नियमों की अवहेलना की है, बल्कि राज्य सरकार के मूल आदेश की अवमानना भी की है।

सुशासन को अफसरों का ठेंगा Reference: Nankiram Kanwar case

Reference: Nankiram Kanwar case
भाजपा नेता नंकीराम कंवर एवं IAS अजित वसंत

ऐसे मामले प्रदेश में साय सरकार के सुशासन मॉडल पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। प्रशासनिक विशेषज्ञों की मानें तो यदि वरिष्ठ अधिकारी ही सरकारी आदेशों और स्थापित नियमों की इस प्रकार खुलेआम अनदेखी करेंगे, तो इसके दूरगामी और नकारात्मक परिणाम होंगे। शासन व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होगा। प्रशासन में अनुशासनहीनता की प्रवृत्ति बढ़ेगी। और जूनियर अधिकारियों द्वारा वरिष्ठों के आदेश को ठुकराने का चलन बढ़ेगा, जिससे प्रशासनिक पदानुक्रम ध्वस्त हो जाएगा।

 

प्रदेश में अफसरशाही हावी Reference: Nankiram Kanwar case

यह मामला तो स्पष्ट है कि प्रदेश में किस तरह अफसर अपनी बपौती चला रहे हैं। मामला इससे भी ज़्यादा चिंताजनक है कि प्रदेश में अफसरशाही का आलम यह हो गया है कि आम जनता तो दूर, सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता भी अधिकारियों की मनमानी और लालफीताशाही से त्रस्त हैं। सरकारी निर्देशों और प्रशासनिक नियमों की इस प्रकार खुलेआम अनदेखी करने से सुशासन की नींव कमजोर हो रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ही आखिरी उम्मीद

अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर टिकी हैं। देखना होगा कि वह प्रशासनिक चूक और अनुशासनहीनता के मामले में क्या कदम उठाते हैं, जिससे छत्तीसगढ़ में सुशासन की नींव को हिलने से बचाया जा सके, प्रशासनिक मर्यादा एवं पारदर्शिता बहाल की जा सके।

क्या है मामला

दरअसल, वरिष्ठ आदिवासी नेता और प्रदेश के पूर्व गृह तथा वन मंत्री कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत बंसत के खिलाफ 14 बिन्दुओं पर आरोप लगाए हैं। वो उन्हें हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। सीएम विष्णु देव साय ने कंवर के आरोपों की जांच कराने की बात कही थी और इस पर कमिश्नर सुनील जैन से जांच प्रतिवेदन मांगा है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

Double opening of Hotel Steora पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा शुभारंभ किये जा चुके होटल “स्टेओरा” का फिर शुभारंभ किया मंत्री लखन देवांगन एवं महापौर

Double opening of Hotel Steora
Double opening of Hotel Steora

कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़ ) Double opening of Hotel Steora कोरबा ट्रांसपोर्ट नगर में नवनिर्मित एक होटल जो बनकर तैयार है जिसका उद्घाटन कल याने रविवार 19 अक्टूबर को पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल द्वारा किया गया जिसे पूर्व मंत्री ने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर करते हुए होटल स्टे ओरा के ओनर को बधाई देते हुए इस बात की जानकारी दी कि आज मैंने स्टेओरा का उद्घाटन किया इसके साथ ही एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिल रही है जिस होटल का उद्घाटन एक दिन पूर्व 19 अक्टूबर को पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल द्वारा किया जा चुका है.

Double opening of Hotel Steora

Double opening of Hotel Steora
Double opening of Hotel Steora

इस होटल का उद्घाटन समारोह आज पुनः आयोजित कर प्रदेश के मंत्री एवं नगर विधायक लखनलाल देवांगन महापौर संजू देवी राजपूत एवं भाजपा नेता विकास रंजन महतो के नाम का कार्ड शहर में बांटा गया है अब सवाल यह उठता है कि कल जिस होटल का उद्घाटन किया जा चुका है उसका आज फिर उद्घाटन करने का क्या औचित्य है.

Double opening of Hotel Steora

Double opening of Hotel Steora
Double opening of Hotel Steora

इसके साथ ही शहर में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है की उद्घाटित होटल का उद्घाटन करने जाना मंत्री लखन लाल देवांगन के लिए क्या मजबूरी हो सकती है या होटल मालिक द्वारा दोनों राजनीतिक दलों को संतुष्ट करने के लिए दो दिनों का कार्यक्रम रखकर उद्घाटन की औपचारिकता पूर्ण की जा रही है.

Double opening of Hotel Steora

Double opening of Hotel Steora
Double opening of Hotel Steora

हालांकि इसमें भी प्रथम दिन का उद्घाटन वर्तमान मंत्री लखन देवांगन को से किया जाना था लेकिन लखन देवांगन को द्वितीय पंक्ति में खड़े कर होटल मालिक ने एक तरह से मंत्री का अपमान ही डाला अब देखना यह है कि कल के उद्घाटन में और आज के उद्घाटन में अंतर क्या है इस अंतर से अंदाजा लगाया जा सकता है की होटल मालिक की मंशा क्या है.

Korba Breaking पिकनिक मनाने गया ओड़िसा का एक युवक परसा खोला झरने के पास डूबा

Korba Breaking
Korba Breaking

कोरबा – बालको (संतोष कुमार सारथी)Korba Breaking बालको थाना अंतर्गत पिकनिक स्पॉट परसा खोला हमेशा हादसों का गवाह बनता रहा है। दिवाली के दिन भी एक परिवार के घर मातम पसर गया । जब उनका होनहार पुत्र बालको परसा खोला पिकनिक स्पॉट में अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया हुआ था और गहरे पानी मे जाने से डूब गया । युवक अपने दोस्तों के साथ उड़ीसा के रायगढ़ा से कोरबा पहुंचा हुआ था।

Korba Breaking
Korba Breaking