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बालको की ‘कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम’ मेधावी युवाओं के सपने को कर रहा साकार

बालकोनगर, 12 फरवरी, 2025। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के सामुदायिक विकास का उद्देश्य केवल शिक्षा सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसी सोच के साथ बालको सामुदायिक विकास द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ के माध्यम से कबीरधाम जिले के दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों के युवाओं को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन एवं अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।

इस पहल के अंतर्गत चयनित सभी 20 अभ्यर्थियों को अनुभवी शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन मिल है। लाभान्वित अभ्यर्थी विभिन्न गांव और साधारण परिवार से आते हैं। किसी के माता-पिता खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं, तो किसी के पास पढ़ाई के लिए सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कई विद्यार्थियों ने प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय कर बालको संचालित कोचिंग सेंटर में भाग लिया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी तैयारे जारी रखी। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए सहयोगपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की नई दिशा दी। आर्थिक सीमाएं, दूर-दराज से रोज़ाना यात्रा और संसाधनों की कमी उनके लिए बड़ी चुनौती थीं, लेकिन आगे बढ़ने का जज़्बा सभी में समान था।

किसान परिवार से आने वाली अनुपा के लिए सीमित संसाधनों के कारण प्रतियोगी परीक्षाएं कभी एक दूर का सपना हुआ करती थीं। यह सपना तब साकार होने लगा, जब उन्हें बालको कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा संचालित भोरमदेव विद्यापीठ कोचिंग कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर मिला। कवर्धा जिले के छोटे से गांव मंझोली से निकलकर अनुपा ने अपने समाज की पहली बेटी बनकर सरकारी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने एसएससी-जीडी परीक्षा के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयन पाकर एक नई मिसाल कायम की है।

 

अनुपा कहती हैं कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से सरकारी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध न हों। बालको के कनेक्ट कोचिंग पहल द्वारा समर्थित भोरमदेव विद्यापीठ कार्यक्रम ने मुझे एक व्यवस्थित वातावरण, निरंतर मेंटरशिप और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने का आत्मविश्वास दिया। मैं बालको की बेहद आभारी हूं कि उन्होंने यह केंद्र शुरू किया और मुझ जैसी छात्राओं पर भरोसा किया। इस अवसर ने मेरी ज़िंदगी बदल दी है और मुझे उम्मीद है कि मेरे जैसे गांवों की और भी बेटियां बड़े सपने देखने का साहस करेंगी।

 

चयनित युवाओं ने अपनी सफलता का श्रेय बालको सामुदायिक विकास तथा भोरमदेव विद्यापीठ के शिक्षकों और प्रबंधन को देते हुए आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने नौकरी के साथ-साथ भविष्य में उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखने का संकल्प भी लिया है।

इन सभी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब बालको की सामुदायिक विकास पहल समुदाय की वास्तविक आकांक्षाओं को समझकर काम करती हैं, तो वे केवल सफलता का रास्ता नहीं खोलतीं, बल्कि ग्रामीण भारत की बेटियों के लिए नई संभावनाओं की परिभाषा ही बदल देती हैं। सही मार्गदर्शन, संसाधन और विश्वास मिल जाए, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। बालको सामुदायिक विकास भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर प्रदान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।

touch the sky : “छू-लो-आसमान” बना प्रेरणा का मंच: बिलासपुर में मुस्लिम एजुकेशन वेलफेयर का ऐतिहासिक शैक्षणिक-सामाजिक आयोजन

बिलासपुर/touch the sky शिक्षा को सामाजिक उत्थान का सशक्त माध्यम बनाते हुए छत्तीसगढ़ मुस्लिम एजुकेशन वेलफेयर, बिलासपुर द्वारा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए “छू-लो-आसमान” नामक प्रेरणादायी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से बल्कि जागरूकता, आत्मविश्वास और सामाजिक एकता के लिहाज़ से भी शहर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित हुआ, जिसे सहारवासियों और शिक्षा जगत ने ऐतिहासिक पहल बताया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुन्नी हुसैनी मस्जिद के ख़तिब-ए-इमाम हाफ़िज़ सैयद जाहिर आगा साहब एवं नगीना मस्जिद, तारबहार के ख़तिब-ए-इमाम हाफ़िज़ आरिफ़ अंजुम साहब द्वारा क़ुरआन की तिलावत और दुआ-ए-ख़ैर से हुई। इस अवसर पर बिलासपुर के विभिन्न स्कूलों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राएँ एवं उनके परिजन उपस्थित रहे, जिससे सभागार प्रेरणा और उम्मीद से भर उठा।

कार्यक्रम का कुशल संचालन मेजर डॉ. आशीष शर्मा (प्रोफेसर, डी.पी. विप्र महाविद्यालय) एवं उमाशंकर पांडे जी ने किया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, साल और सम्मान-चिन्ह भेंट कर गरिमामय ढंग से किया गया।

शिक्षा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत touch the sky

मुख्य अतिथि प्रो-वाइस चांसलर, एमिटी यूनिवर्सिटी के माननीय प्रो. अरुण पटनायक जी ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है। जो विद्यार्थी ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन अपनाता है, उसका भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होता है। हर विद्यार्थी में नेतृत्व क्षमता होती है—बस उसे सही दिशा और अवसर की आवश्यकता होती है।”

विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) श्री रामगोपाल करियारे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “‘छू-लो-आसमान’ जैसे कार्यक्रम बच्चों को आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और चरित्र निर्माण का अवसर देते हैं। शिक्षित, अनुशासित और जागरूक युवा ही कल देश की उन्नति के मजबूत स्तंभ बनेंगे।”

सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास की उड़ान touch the sky

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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मोटिवेटर एवं डिप्टी सीएमडी, एसईसीएल जाकिर हुसैन साहब ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा—
“बच्चों का भविष्य सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि उनके सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास में छिपा होता है। शिक्षा केवल डिग्री नहीं देती, यह सोचने की शक्ति, चुनौतियों से लड़ने का साहस और सही दिशा में आगे बढ़ने की रोशनी देती है। हर बच्चा आसमान छू सकता है—बस रोज़ थोड़ा-सा आगे बढ़ने का संकल्प लें।”उनके शब्दों ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर दिया।

विशिष्ट अतिथि जसबीर सिंह चावला, समाजसेवी, ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन की कुंजी बताया।

हर हाथ में किताब, हर दिल में हिम्मत” touch the sky

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कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष मोहम्मद सरफराज पाशा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “मुस्लिम एजुकेशन वेलफेयर बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को जगाने का सार्थक मंच है। हमारा लक्ष्य है—हर बच्चे के हाथ में किताब, दिल में हिम्मत और आँखों में बड़े सपने हों। असफलता से डरें नहीं, वही असफलता आपको ऊँचाइयों तक ले जाने की सीढ़ी बनती है।”
उन्होंने आश्वस्त किया कि संस्था बच्चों की शिक्षा के लिए सदैव अग्रसर रहेगी।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्था के सचिव श्री एम.एन. रिज़वान जी ने कहा कि “यह कार्यक्रम केवल शिक्षा का संदेश नहीं, बल्कि बच्चों को नई दिशा देने का संकल्प है। बच्चों की शिक्षा किसी एक परिवार या समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक ज़िम्मेदारी है।” उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की घोषणा करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

सहयोग और सराहना touch the sky

 

इस आयोजन को सफल बनाने में संस्था के उपाध्यक्ष मोहम्मद रफ़ीक (अरब साउंड) का सराहनीय योगदान रहा, जिसे संस्था ने सदैव स्मरणीय बताया। साथ ही मो. इमरान सर, कार्यक्रम संरक्षक श्री मोहम्मद निसार साहब, हाजी आमिर खान, हाजी शेख रफ़ीक, ग़ौस मो साहब, सैय्यद रज़्ज़ाक आली साहब, यासीन कुरैशी, सैय्यद महफूज़ अली, मो. मुकीम, अब्दुल अलीम, मो. नावेद सहित अनेक सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बताते चलें कि शिक्षा जगत में पहली बार बिलासपुर शहर में इस स्तर का शैक्षणिक-सामाजिक आयोजन हुआ, जिसकी संगठन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों की सहारवासियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
“छू-लो-आसमान” न सिर्फ एक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह भविष्य निर्माण की एक मजबूत नींव बनकर उभरा।

प्रधानमंत्री मोदीजी के चरित्र पर घृणित पोस्ट साज़िश का हिस्सा, फेसबुक सीईओ पर दंडात्मक कार्यवाही हो – नूतनसिंह

 

कोरबा ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) सोशल मिडिया प्लेटफार्म फेसबुक में अनेक अज्ञात आई.डी. के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चरित्र पर लांछन लगाने तथा समाज में विद्वेश फैलाने के आशय से अनेको झूठा पोस्ट जा रहा है जिस पर नगर निगम कोरबा सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक कोरबा को लिखित शिकायत देकर कड़ी कार्रवाई की मांग किया है। झूठे पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदीजी को बच्चो के यौन शोषण अपराधी जैफी एप्सटीन का सहयोगी बताया जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों से फेसबुक में एप्सटीन फाइल से जुड़े दर्जनों पोस्ट किया जा रहा है जिसमें फेक आईडी के माध्यम से प्रधानमत्री के फोटो को एडिट कर उसे विदेशी महिला के साथ जोडकर घृणित टिप्पणी किया गया है। Arvind Av Galchar नामक फेसबुक आईडी से मोदी जी का एडिट किया हुआ फोटो लगाकर एक चौकीदार मुझे बहोत नोचता था पोस्ट किया गया है। Shahir Khan Offical नामक आईडी से मोदी जी को एप्सटीन फाईल लिखकर रंगीन महामानव बताया गया है। राव साहब नामक आईडी से एडिट किया हुआ फोटो लगाकर ऐप्सटीन फाईल में मोदी का नाम पोस्ट किया गया है। ‘मलिक साहब’ नाम आईडी में एडिट किया हुआ फोटो लगाकर अभद्र टिप्पणी किया गया है।

बिना किसी तथ्य के ‘समाजवादी विचारधारा’ नामक फेसबुक आईडी से मोदी जी पर किसी मानसी सोनी का शारीरिक शोषण करने फिर उसके गायब करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। Rudra Bhartsatya नामक फेसबुक आईडी से मोदी जी और अटल जी को संघी बताकर अनर्गल टिप्पणी करते हुए भाजपा के कर्मकांडी बताया गया है।
सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने अपनी शिकायत में कहा है कि नरेन्द्र मोदी देश के सम्मानित प्रधानमंत्री है बिना किसी साक्ष्य के उनके चरित्र पर गंभीर आरोप लगाने से नागरिको में प्रधानमंत्री के प्रति असम्मान, नाराजगी एवं घृणा उत्पन्न हो रहा है जिसके लिए फेसबुक सीईओ जिम्मेदार है।

फेसबुक अपने मिडिया प्लेटफार्म पर भ्रामक एवं अपुष्ट सूचना की निगरानी करने एवं उस पर रोक लगाने के बजाय देश के प्रधानमंत्री के प्रति ऐसे घृणित, झूठा एवं भ्रामक पोस्ट को लाखो लोगो के बीच प्रसारित कर रहा है। फेसबुक में प्रधानमंत्री के फोटो को एडिट कर उसे महिलाओ से जोडकर अभद्र टिप्पणी वाले इन झूठे पोस्ट से कोरबा सहित संपूर्ण राज्य में समर्थको में गुस्सा फैलाकर शांति व्यवस्था भंग करने तथा मोदी जी को जनमानस में बदनाम करने की गहरी साजिश है। कोरबा शहर व राज्य के सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री के फोटो को एडिट कर उसका झूठा समाचार में इस्तेमाल करना तथा अभद्र एवं घृणित पोस्ट के प्रसारित कर समाज में सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक माहौल को खराब करना, प्रधानमंत्री के खिलाफ साजिश रचते हुए उनकी चरित्र को धुमिल करना भारतीय न्याय संहिता के तहत गंभीर अपराधिक कृत्य है। फेसबुक के सीईओ इंडिया अजित मोहन इसके लिए प्राथमिक तौर पर जिम्मेदार जिनके खिलाफ सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने एफआईआर दर्ज कर जांच करने और कडी कार्यवाही करने की मांग किया गया है।

नूतन सिंह ठाकुर के साथ अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी लक्ष्मण पटेल, अशोक पाल, महेश्वर सिंह, हरिश्चंद्र भारती, दीपक साहू , उत्तम आदिले भी पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्यवाही की मांग किये। जिला पुलिस अधीक्षक कोरबा ने शिकायत पर जांच कर नियमानुसार कार्यवाही की बात कही है।

NKH’s new achievement : ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, 7 घंटे की सर्जरी से महिला को मिला नया जीवन

NKH's new achievement
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कोरबा। NKH’s new achievement : ब्रेन ट्यूमर से जुड़ा एक मामला न्यू कोरबा हॉस्पिटल में आया, जिसका सफल ऑपरेशन कर न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी प्रगदा ने मरीज की जान बचा ली। 47 वर्षीय ममता(बदला हुआ नाम) क्स्टसीरा कोरबा निवासी अचानक झटके, बार-बार उल्टी की शिकायत व चक्कर के कारण वह बेहोश हो गयी। परिजन उन्हें बेहोशी की हालत में न्यू कोरबा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में रखा गया। मस्तिष्क का एमआरआई करने पर पता चला कि ब्रेन के दायें हिस्से में गेंद के आकार का बड़ा गांठ बना हुआ था, जिसे मेनिंजियोमा ट्यूमर कहते हैं।

NKH’s new achievement

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जो मस्तिष्क पर अत्याधिक दबाव डाल रहा था। गांठ को परिवार के लोग देखकर हैरान रह गए। परिजनों ने तब राहत की सांस ली जब न्यूरोसर्जन ने ऑपरेशन हो जाने की बात कही। न्यूरोसर्जन ने एनेस्थेटिस्ट व ओटी टीम के साथ 7 घंटे तक ऑपरेशन किया जो पूर्णत: सफल रहा, मरीज़ की हालत में धीरे-धीरे लगातर सुधार आता गया, बातचीत करने लगी और किसी भी प्रकार के दौरे व उल्टी की तकलीफ नहीं हुयी। न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट के प्रयास से मरीज को चलाया-फिराया गया। मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब वह स्वस्थ है। मरीज के परिजनों ने डॉ. शिवानी सहित न्यू कोरबा हॉस्पिटल टीम का आभार जताया है।

 

ब्रेन ट्यूमर का सफल इलाज न्यू कोरबा हॉस्पिटल में NKH’s new achievement 

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न्यूरोसर्जन ने बताया कि न्यू कोरबा हॉस्पिटल अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित है, जहां हर प्रकार के ब्रेन संबन्धी समस्याओं का सफल उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रेन ट्यूमर का इलाज दवाइयों से संभव नहीं होता, इसका प्रभावी उपचार समय पर सर्जरी है, जिससे बेहतर परिणाम मिलते हैं। अस्पताल में न्यूरो केयर विभाग अंतर्गत न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो साइकियाट्रिस्ट एवं न्यूरो फिजिशियन विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, जिससे न्यूरो से संबंधित सभी उपचार एक ही स्थान पर संभव हो पाते हैं।

NKH हॉस्पिटल में 24×7 न्यूरो केयर शुरू, अब महानगरों पर निर्भरता खत्म NKH’s new achievement 

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NKH hospital korba

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि यह केस NKH सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञों और आपातकालीन न्यूरोसर्जरी क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोरबा में कैथलैब की शुरुआत कर हृदय रोगियों को राहत दी गई, उसी तरह अब न्यूरो केयर डिपार्टमेंट की शुरुआत की गई है। यहां 24 घंटे न्यूरो से जुड़ी गंभीर समस्याओं का त्वरित निदान और उपचार मिल रहा है। इससे कोरबा एवं आसपास के मरीजों को अब इलाज के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

BALCO NEWS : Nand Ghar Launches Non-Invasive, AI-Enabled Anaemia Screening Programme for Children

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Raipur | 7th February 2026 – BALCO NEWS : Nand Ghar, the flagship social impact initiative of Vedanta Group under the Anil Agarwal Foundation, has announced the launch of a non-invasive, technology-enabled anaemia screening programme across Nand Ghars in India. The programme will have a focused emphasis on the early detection and prevention of anaemia among children aged 2–6 years. With 531 Nand Ghars in Odisha and 262 in Chhattisgarh, the initiative is set to reach thousands of young children in some of the most underserved communities, significantly expanding access to preventive healthcare at the grassroots.

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The programme will deploy bloodless, prick-free screening technologies for safe, child-friendly testing. AI-enabled data tools would support real-time tracking, early risk identification, and timely referrals to public health systems. Aligned with national priorities under Anaemia Mukt Bharat, the National Health Policy 2017 and POSHAN 2.0, the initiative seeks to strengthen community-level nutrition and health systems while complementing existing government efforts.

 

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Beyond screening, the initiative adopts a holistic, community-rooted approach to anaemia prevention. It integrates nutrition counselling for caregivers, behaviour change communication, WASH (Water, Sanitation and Hygiene) awareness, and structured linkages with frontline health services, ensuring that detection translates into action and sustained outcomes for children.

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Speaking on the launch, CEO, Nand Ghar, Mr. Shashi Arora said, “Anaemia in early childhood often goes unnoticed, yet it can have lasting consequences for a child’s physical and cognitive development. Through this programme, Nand Ghar is bringing anaemia screening closer to communities while removing the fear and discomfort associated with traditional testing. By combining technology with strong on-ground engagement, Nand Ghar aims to build a scalable and evidence-based model for anaemia detection that supports both children and caregivers.”

Commenting on the initiative, CEO, Vedanta Aluminium, Mr. Rajiv Kumar said, “Through Nand Ghar, we are committed to tackling critical health challenges affecting children in regions like Odisha and Chhattisgarh. At Vedanta Aluminium, we believe industrial progress and community wellbeing go hand in hand, and this effort reflects our commitment to ensuring every child has the chance to grow, learn, and thrive.”

Anaemia continues to be one of India’s most persistent public health challenges, disproportionately affecting young children and women and posing long-term risks to physical growth, cognitive development, learning outcomes, and overall wellbeing. According to the National Family Health Survey-5 (NFHS-5), 67.1% of children under five years of age, 59.1% of adolescent girls, and 57% of women aged 15–49 years in India are anaemic.

Nand Ghar is a nationwide network of modernised Anganwadi centres delivering integrated services across nutrition, early childhood education, primary healthcare, and women’s empowerment. The anaemia screening programme is expected to serve as a proof-of-concept for technology-led, community-based prevention, implemented through partnerships with specialised agencies possessing on-ground expertise in rural healthcare delivery. The model is designed for scale-up across other states in collaboration with public health systems and stakeholders.

SIR प्रक्रिया में मुस्लिम मतदाता का नाम कटवाने स्लीपर सेल एक्टिव,युथ मुस्लिम कमेटी ने सौंपा ज्ञापन

कोरबा ( ब्लैकआउट न्यूज़) भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया जिले में चल रही है। इस अतिमहत्वपूर्ण प्रक्रिया में आम मतदाताओं का विधिवत विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाना प्रक्रियाधीन है। कोरबा जिले के कई मदरसा व मस्जिद कमेटियों एवं मुस्लिम समाज के लोगो से युथ मुस्लिम कमेटी को यह जानकारी मिली कि चुनाव आयोग के इस अतिमहत्वपूर्ण प्रक्रिया के मध्य मौकापरस्त लोगो के द्वारा मुस्लिम समाज के लोगो के नाम मतदाता सूची से विलोपित कराये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

जिसके लिए उनके द्वारा छलपूर्वक अवैध प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हुए विभागों में फर्जी हस्ताक्षर और फॉर्म भी भरे जा रहे है। कमेटी के मेंबर्स ने बताया कि असमानिक तत्वों ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भी समाज मे नफरत का बीज बोने का जगह खोज लिया है। कोरबा जिले के धार्मिक माहौल को खराब करने मुसलमानों को टारगेट कर तकलीफ पहुचाये जाने का प्रयास किया जा रहा है। युथ मुस्लिम कमेटी कोरबा विभिन्न धर्म एवं समुदायों के मध्य आपसी प्रेम और भाईचारा की भावना पर विश्वास करती है।

एस आई आर की प्रक्रिया को भी असामाजिक तत्वो ने नफरत के बीज बोने के अवसर से रूप में देखा। यह विभिन्न धर्म एवं समुदाय के आपसी भाईचारे और प्रेम के लिए भविष्य में भी खतरा है जो किसी एजेंडे के साथ स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे है। कमेटी ने ऐसे लोगो को आतंकी बताते हुए कहा कि समाज को वर्तमान ही नही भविष्य में भी ऐसे लोगो से खतरा बताया।

कमेटी ने प्रशासन से आग्रह किया है परिस्थितियों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में फर्जी तरीके से नाम काटने के लिए आवेदन करने वाले लोगो की मंशा, वैधता की जांच करते हुए उनके विरुद्ध तत्काल एफ आई आर कराते हुए कार्यवाही करने और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाता जो मुस्लिम है और उनका नाम कट गया है। ऐसे नामो के विलोपित होने की परिस्थिति का परीक्षण पर नाम जोड़ने की मांग की है।

इस बीच कमेटी के बड़े ओहदेदार वा मेंबर्स मौजूद रहे –
मक़बूल ख़ान साहब, मुस्लिम ठेकेदार साहब, अमीन शेखानी साहब, यूनुस मेमन साहब, शमशुद्दीन साहब, आवेश क़ुरैशी साहब, मिर्ज़ा आशिफ़ बेग (निशू) साहब, वसीम साहब, हाजी मोहशीन मेमन साहब, सरिक साहब, ज़िशान, अदनान, इस्तेखार, इज़हार, शाहनवाज़, रेहान, नूर आलम, साहिल हैदर, साहिल मेमन, समीर, फ़िरोज़, अशफ़ाक़ व तमाम मेंबर्स मौजूद रहे |

Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO : बालको के खेल अकादमी में फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया ने किया खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO 
Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO 

बालको , 4 फरवरी 2026: Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO : भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको ) ने कोरबा स्थित अपने खेल अकादमी में पूर्व भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान तथा अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं पद्म श्री से सम्मानित बाइचुंग भूटिया की मेज़बानी की। इस अवसर पर बाइचुंग भूटिया ने खेल अकादमी के 100 से अधिक युवा खिलाड़ियों को रोल मॉडल, स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग और हाई-परफॉर्मेंस खेलों के तकनीक से अवगत कराया साथ ही अनुशासन व निरंतरता की अहमियत पर बल दिया।

Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO

Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO 
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बालको ने 2024 में फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल व तैराकी में युवा प्रतिभाओं को तराशने के लिए एक रिहाइशी और डे बोर्डिंग स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर के तौर पर खेल अकादमी शुरु की थी। इस अकादमी को कोरबा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, कोरबा तथा बालको के बीच एक मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के ज़रिए शुरू किया गया था, जो युवाओं के विकास के लिए विविध पक्षों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, एनआईएस-प्रमाणित कोच, स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट, फिजियोथेरेपी व मेडिकल केयर, और दिन में छह संतुलित आहार देने वाले एक स्ट्रक्चर्ड न्यूट्रिशन प्रोग्राम से लैस, यह अकादमी अभी कोरबा, दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर के 100 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। बहुत कम समय में, यह एक बड़ा प्रशिक्षण केंद्र बन गया है, जहां युवा एथलीट राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO

Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO 
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इस अवसर पर बाइचुंग भूटिया का स्वागत, आशुतोष पांडे (आयुक्त, नगर निगम, कोरबा), दीनू पटेल (जिला खेल अधिकारी), और विनय मिश्रा (अपर आयुक्त) के साथ-साथ बालको के वरिष्ठ प्रबंधन ने किया।

युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए, बाइचुंग भूटिया ने कहा, “यह देखना बहुत उत्साहजनक है कि खेल अकादमी में ज़मीनी स्तर पर खेलों के विकास पर ज़ोर दिया जा रहा है, और इसके लिए अच्छी क्वालिटी का इंफ्रास्ट्रक्चर एवं स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग मुहैया कराए जा रहे हैं। मैं हर प्रतिभवान खिलाड़ी से कहूंगा कि आप जिस जगह से आते हैं वो कितनी बड़ी या छोटी है उससे आपके सपनों का आकार तय नहीं होता। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले कई लोगों ने छोटे शहरों से अपनी यात्रा शुरु की, वे अनुशासन, हिम्मत और विश्वास के दम पर आगे बढ़े, अपने हालात की वजह से वे रुके नहीं।

अब आपके पास पेशेवर मार्गदर्शन और सुविधाएं हैं, आगे क्या होता है यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी मेहनत करते हैं और कितना विश्वास करते हैं।’’

Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO

एक्सपोज़र के महत्व पर ज़ोर देते हुए, आशुतोष पांडे ने कहा, ’’खेल युवाओं की ऊर्जा को मकसद और अनुशासन में लगाने का एक मज़बूत माध्यम है, और ऐसे लोगों का चरित्र बनाने का काम करता है जो समाज में अच्छा योगदान देते हैं। खेल अकादमी में इस दौरे के ज़रिए, हमारा उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को जागरुक और मज़बूत बनाना है, जिससे उनका संपूर्ण विकास हो सके।’’

खेल अकादमी में 17 साल की फुटबॉल प्रशिक्षु सुगंधित लकड़ा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, ’’बाईचुंग सर से मिलना हम सभी के लिए बहुत प्रेरक था। उन्होंने कड़ी मेहनत, लगन और खेल का आनंद लेने के बारे में बात की और इससे मुझे खेलों को गंभीरता से लेने का और ज्यादा भरोसा मिला। यह पहली बार था जब हममें से कई लोगों ने किसी नेशनल आइकन से बात की, और इससे हमें और भी ज्यादा मेहनत सेप्रशिक्षण लेने की प्रेरणा मिली।’’

बालको के सीईओ और डायरेक्टर, राजेश कुमार ने कहा, ’’ बालको में, हम खेलों को संपूर्ण विकास का एक ज़रूरी हिस्सा मानते हैं। खेल अकादमी में जैसा स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग का परिवेश है वह युवा एथलीटों को सही मार्गदर्शन व दिशा देते हुए परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बच्चें और युवा बड़े सपने देखने पर ध्यान दें; और इस तरह के प्लैटफॉर्म उन उम्मीदों को अवसरों में बदलने में सहायता करते हैं। बाइचुंग भूटिया जैसे काबिल खिलाड़ियों के साथ बातचीत इस विज़न को और मज़बूत करती है, यह दिखाकर कि समर्पण और लगन से उच्चतम स्तर पर क्या हासिल किया जा सकता है।’’

Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO
Arjuna Award winner Baichung Bhutia arrived at BALCO 
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अकादमी के अलावा, बालको सामुदायिक विकास के विविध प्रयास करती है, जिसमें विभिन्न समुदायों में बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल संबंधी सामान वाली स्पोर्ट्स किट बांटकर ज़मीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना शामिल है। कंपनी का दृढ़ विश्वास है कि संपूर्ण विकास एक सामूहिक ज़िम्मेदारी है, जो संगठनों, सरकारी संस्थाओं और स्थानीय समुदायों को मिल जुलकर निभानी होगी।

BALCO Road Safety Week बालको ने 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह पर चलाया जागरूकता अभियान

BALCO Road Safety Week 
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बालकोनगर, 03 फरवरी 2026।BALCO Road Safety Week वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ थीम के तहत 37वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया। इस दौरान कंपनी ने कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और आसपास के समुदाय सहित 5,000 से अधिक लोगों को जोड़ते हुए सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे महीने जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

BALCO Road Safety Week 

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यह अभियान बालको के प्रचालन क्षेत्रों और आसपास के समुदाय में संचालित किया गया, जिसमें सड़क अनुशासन, यातायात जागरूकता और दुर्घटना रोकथाम से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस रहा। कार्यक्रमों के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, फायर सेफ्टी प्रदर्शन, कर्मचारियों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

BALCO Road Safety Week 

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बालको ने नियमित वाहन चालकों के लिए ‘रोड रश’ नामक एक गेमिफाइड लर्निंग मॉड्यूल भी शुरू किया, जिसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा से जुड़े ज्ञान का परीक्षण करने के साथ सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार को प्रोत्साहित करना रहा। स्थानीय स्कूलों में आयोजित जागरूकता सत्रों और आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों को यातायात अनुशासन और दुर्घटना रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा, सामूहिक जिम्मेदारी और सतत परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कारपूलिंग चैलेंज भी आयोजित किया गया।

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अभियान के तहत कंपनी ने अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में कार्यरत भारी वाहन चालकों के लिए नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। आंतरिक सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए अचानक वाहन निरीक्षण भी किए गए, ताकि वाहनों की सुरक्षित स्थिति और यातायात नियमों के पालन की पुष्टि की जा सके।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा किसड़क सुरक्षा, बालको की ‘जीरो हार्म’ प्रतिबद्धता का ही विस्तार है। हर सुरक्षित यात्रा अनुशासन, जागरूकता और जवाबदेही का प्रतिबिंब होती है। कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और समुदाय के साथ निरंतर जुड़ाव के माध्यम से बालको एक ऐसी संस्कृति विकसित कर रहा है, जहां सुरक्षा साझा जिम्मेदारी और दैनिक अभ्यास बन जाए। हमारा उद्देश्य केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे ठोस व्यवहारिक बदलाव लाना है, जो हमारे संचालन क्षेत्रों के भीतर और बाहर दोनों जगह जीवन की रक्षा करें।

 

बाल सदन स्कूल की छात्रा महक यादव ने कहा कि इन सत्रों से हमें समझ में आया कि सड़क पर की गई छोटी-छोटी गलतियां भी बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। बालको के कार्यक्रम से हमें सड़क नियमों की बेहतर जानकारी मिली और अब मैं यात्रा के दौरान खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करती हूं।

 

सशक्त सुरक्षा संस्कृति के निर्माण की दिशा में बालको ने अपने प्रचालन में कई अत्याधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया है। टी-पल्स हेल्थ, सेफ्टी, सिक्योरिटी एंड एनवायरनमेंट (एचएसएसई) मॉनिटरिंग सिस्टम, जो एआई-सक्षम कैमरा नेटवर्क के माध्यम से फील्ड गतिविधियों की निगरानी कर अनुपालन सुनिश्चित करता है। सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (सीएसओसी) जो डिजिटल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के जरिए सुरक्षा प्रबंधन, यातायात एवं सड़क सुरक्षा निगरानी तथा सप्लाई चेन सुरक्षा को सुदृढ़ करता है।

 

कोल यार्ड में हॉट स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम, जो थर्मल निरीक्षण के माध्यम से संभावित जोखिमों की पहचान कर रियल-टाइम डैशबोर्ड और ट्रेंड एनालिसिस उपलब्ध कराता है। संयंत्र परिसर के भीतर सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएमएस) की तैनाती। वर्ल्ड डायबिटीज डे के अवसर पर प्रशिक्षण और जांच सहित लक्षित स्वास्थ्य हस्तक्षेप तथा मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सत्रों के माध्यम से कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देना।

 

‘सेफ्टी स्टूवर्ड्स’ पहल, जिसके तहत उन शॉप-फ्लोर कर्मचारियों और व्यावसायिक भागीदारों की पहचान और सशक्तिकरण किया जाता है, जो अपने कार्यों के साथ-साथ सुरक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हैं।

बालको वर्ष भर कर्मचारियों, उनके परिवारों और समुदाय के लिए कार्यशालाओं तथा रेट्रो-रिफ्लेक्टिव सुरक्षा अवसंरचना के माध्यम से सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। सुरक्षा उत्कृष्टता के प्रति कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, जिसमें ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल इंटरनेशनल सेफ्टी अवॉर्ड्स 2025 में प्राप्त सम्मान भी शामिल है।

CG Government’s new colony policy अब कृषि भूमि पर भी वैध कॉलोनी बना सकते है छोटे किसान ,राज्य सरकार ने जारी किया नया नियम

CG Government's new colony policy

कोरबा 02 फरवरी 2026/CG Government’s new colony policy राज्य सरकार द्वारा जारी किफायती जन आवास नियम-2025 ने आम नागरिकों, छोटे भू-स्वामियों और मध्यम स्तर के बिल्डर्स के लिए नए अवसर प्रदान किए हैं। नई नियमावली के अंतर्गत अब कृषि भूमि पर भी विधिवत आवासीय कॉलोनी विकसित की जा सकेगी। इस कदम से वर्षों से बढ़ती अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी रोक लगेगी और निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और किफायती आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

नई नीति में पहली बार छोटे भू-स्वामियों को भी योजनाबद्ध ढंग से कॉलोनी विकसित करने का अवसर दिया गया है। इसके लिए न्यूनतम भूमि सीमा 2 एकड़ और अधिकतम 10 एकड़ निर्धारित की गई है, जिससे कम भूमि वाले किसान और भू-स्वामी भी बिना बड़े निवेश के कॉलोनी विकास कर सकेंगे। यदि प्रस्तावित योजना निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप स्वीकृत हो जाती है, तो कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन स्वतः आवासीय श्रेणी में मान्य माना जाएगा।

CG Government’s new colony policy

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किफायती जन आवास की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है, जिसके तहत भूखण्ड का अधिकतम क्षेत्रफल 150 वर्गमीटर और फ्लैट या प्रकोष्ठ इकाई का अधिकतम आकार 90 वर्गमीटर तय किया गया है। इन मानकों से आवास की कीमतें नियंत्रित रहेंगी तथा खरीदारों को नगर एवं ग्राम निवेश तथा रेरा द्वारा स्वीकृत कॉलोनियों में सुरक्षित निवेश का भरोसा मिलेगा।

CG Government’s new colony policy

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सरकार ने कॉलोनी विकास से जुड़े मानकों में भी महत्वपूर्ण शिथिलता प्रदान की है। पहुंच मार्ग और आंतरिक सड़कों की चौड़ाई से संबंधित पूर्व निर्धारित नियमों में ढील दी गई है, जिससे छोटे स्तर पर भी योजनाबद्ध कॉलोनी विकसित करना आसान हो गया है। प्रत्येक जन आवास कॉलोनी में सामुदायिक खुला स्थान, आवश्यक एमेनिटीज, कम्युनिटी हॉल, क्लब हाउस और सीमित व्यवसायिक क्षेत्र आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है, ताकि निवासियों को सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें।

कॉलोनी विकास के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी सरल बनाई गई है। एकल आवेदक के साथ-साथ अब संयुक्त या अनुबंध आधारित आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बिल्डर्स एवं भूमि स्वामियों के लिए नए निवेश अवसर पैदा होंगे। यह नई व्यवस्था केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे भूखण्डों पर नियोजित और सुरक्षित कॉलोनी विकास को बढ़ावा देगी।

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नई नीति के लागू होने से राज्य में आवास विकास के क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी और आम नागरिकों को किफायती तथा व्यवस्थित कॉलोनियों में आवास प्राप्त करने का अवसर सुलभ होगा।

अल्पसंख्यक का बजट बढ़ाकर 3400 करोड़ रुपये किये जाने पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने जताया आभार 

कोरबा। केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को छत्तीसगढ़ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री जावेद मेमन ने सराहनीय बताते हुए इसे विकसित भारत का बजट कहा है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार यह बजट देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

 

जावेद मेमन ने कहा कि इस बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का बजट बढ़ाकर 3400 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। जावेद मेमन ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। किसानों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और मध्यम वर्ग के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी इसमें ठोस योजनाएँ शामिल हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रावधान आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाएंगे, वहीं रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएँ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेंगी।

 

प्रदेश महामंत्री जावेद मेमन ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय घोषणाओं का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी और जन-कल्याणकारी दृष्टिकोण है। प्रधानमंत्री जी और वित्तमंत्री ने जिस तरह से हर वर्ग को ध्यान में रखकर योजनाएँ प्रस्तुत की हैं, वह सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण है।

जावेद मेमन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस बजट से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में विकास की नई धारा प्रवाहित होगी। विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों, छोटे व्यवसायों और स्थानीय उद्योगों को इससे लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक समरसता और मजबूत होगी। जावेद मेमन ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट वास्तव में विकसित भारत का सर्वस्पर्शी बजट है, जो हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला है।