बालकोनगर, 20 नवंबर 2025। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने वर्ल्ड क्वालिटी वीक पर साप्ताहिक उत्सव मनाया गया। इस वर्ष की थीम ‘थिंक डिफरेंटली’ के अंतर्गत पूरा सप्ताह नवाचार, नए दृष्टिकोण और लगातार सुधार की संस्कृति को मजबूत करने पर केंद्रित था।
बालको के प्रमुख प्रचालन क्षेत्र, पावर प्लांट, कार्बन, कास्टहाउस, क्वालिटी एश्योरेंस लैब, एसआरएस और पॉटलाइन में आकर्षक मिनी मॉडल प्रदर्शित की गई। इससे कर्मचारियों को उत्पादन प्रक्रिया की जटिलताओं और हर चरण में गुणवत्ता की भूमिका को समझने में मदद मिली। सप्ताहभर आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में 1,000 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया, जो रचनात्मकता, सहयोग और सीख पर आधारित थीं।
इस अवसर पर ‘थिंक डिफरेंटली’ और ‘स्पीक क्वालिटी’ विषयों पर स्लोगन लेखन तथा क्वालिटी कैनवास प्रतियोगिता आयोजित की। इसमें कर्मचारियों ने डिजिटल एवं हस्तनिर्मित पोस्टरों के माध्यम से गुणवत्ता की उत्कृष्टता पर अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। कर्मचारियों ने ‘वॉइस ऑफ वैल्यूज़’ के माध्यम से अपने अनुभव और कार्यस्थल से मिली सीख को साझा किया, जो बालको की मूल्य-आधारित कार्य संस्कृति को दर्शाती है।
गुणवत्ता सप्ताह के दौरान आयोजित ‘कौन बनेगा क्वालिटी चैंपियन’ क्विज़ ने प्रतिभागियों की गुणवत्ता प्रणालियों एवं प्रक्रियाओं पर उनकी समझ को परखा। ‘चाय पर चर्चा’ सत्र ने कर्मचारियों को खुलकर अपने अनुभव और गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ करने के नए समाधान साझा करने का अवसर दिया। ‘डिफेक्ट्स हंट’ अभ्यास ने टीमों को गुणवत्ता की कमियों की पहचान एवं मूल कारण विश्लेषण (आरसीए)) करने जैसे प्रभावी सुधारात्मक कदम सुझाने के लिए प्रेरित किया। इससे सुधार प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। वरिष्ठ प्रबंधन ने गेम्बा वॉक के माध्यम से फ्रंटलाइन टीमों से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की और उनके नवीन विचारों को समझा।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बॉक्स से बाहर सोचकर नए और अलग विचार लाना नवाचार की नींव है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम लोगों को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर रचनात्मकता को गुणवत्ता का महत्वपूर्ण स्तंभ बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। बालको में हमारा मानना है कि उत्कृष्टता तभी संभव है जब प्रत्येक व्यक्ति जिज्ञासा और उद्देश्य के साथ सुधार का नेतृत्व करे।
कास्टहाउस में कार्यरत श्री हर्षवर्धन दूबे ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि डिफेक्ट हंट जैसे कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी रोजमर्रा की प्रक्रियाओं को एक नए नजरिए से देखा। सुधार के अवसर पहचानना और सामूहिक रूप से समाधान विकसित करना बेहद सीखपूर्ण रहा। इससे स्पष्ट हुआ कि गुणवत्ता संस्कृति को मजबूत करने में टीमवर्क और सभी की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बालको अपने विविध उत्पादों के लिए आईएसओ 9001:2015 और बीआईएस मानकों के अनुपालन सहित बेहतर गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों पर कार्यरत है, जिससे वह वैश्विक स्तर की उत्कृष्टता बनाए रखता है। निरंतर नवाचार और टीम-प्रेरित कार्यक्रम के साथ कंपनी एल्युमिनियम उद्योग में गुणवत्ता उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने में अग्रणी बनी हुई है।
कोरबा 19 नवम्बर 2025/ Factory sealed in Korba जिला प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध कब्जों को हटाने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देशन पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोरबा एवं तहसीलदार कोरबा की टीम ने मसाहती ग्राम औराकछार एवं मोहनपुर की सीमा में स्थित शासकीय भूमि पर निर्मित एक फैक्ट्री को सीलबंद किया है। साथ ही संबंधित प्रकरण न्यायालय में दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शासकीय भूमि को निजी भूमि बताकर कब्जा दिलाने का मामला Factory sealed in Korba
Factory sealed in Korba
तहसील कोरबा के ग्राम औरांकछार, पटवारी हल्का नंबर 03 में खसरा नंबर 75/1, 75/2 एवं 81/1/क (रकबा 0.202, 0.210 एवं 0.129 हेक्टेयर) शासकीय भूमि को विक्रेता रामानंद यादव द्वारा क्रेता आमीर सोहेल को कब्जा प्रदान किया गया था। जांच में यह सामने आया कि विक्रेता ने अपने कब्जे की भूमि के बगल में मोहनपुर की भूमि (खसरा नंबर 10, रकबा 0.510 हेक्टेयर) जो कि वर्तमान में जस्टिन मिंज के नाम दर्ज है, जिसे उसने पूर्व में अपने परिचित के नाम पर सुम्मत कंवर से खरीदा था, से लगी लगभग *0.75 एकड़ शासकीय भूमि* को भी कब्जे में बताकर बेच दिया।
विक्रेता तथा आवेदक के पिता हेमंत शर्मा द्वारा उक्त शासकीय भूमि जो कि कोरबा सतरंगा मुख्य मार्ग में स्थित है को खसरा नंबर 75/1, 75/2 एवं 81/1/क बताते हुए क्रेता को गलत रूप से कब्जा प्रदान किया गया, जो स्पष्ट रूप से अवैध है। वास्तव में उक्त भूमि कोरबा – सतरेंगा मार्ग से लगी हुई ना होकर अंदर स्थित है।
फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सीलबंद Factory sealed in Korba
Factory sealed in Korba
जांच उपरांत तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की टीम ने मौके पर पहुंचकर उक्त शासकीय भूमि पर निर्मित फैक्ट्री को सीलबंद कर दिया। जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण पर इस प्रकार की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
कोरबा।Korba robbery case छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सौम्या चौरसिया की क्लासमेट के घर हुई डकैती मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मेडिकल जांच के लिए आरोपियों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके परिजनों ने भारी हंगामा किया।
परिजनों का आरोप Korba robbery case
परिजनों ने कहा की पुलिस जबरदस्ती फंसा रही है,अस्पताल में मौजूद परिजनों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए लोग डकैती में शामिल नहीं हैं और पुलिस द्वारा उन्हें जबरन फंसाया है।वहीं परिजनों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया है इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “पुलिसवाला चोर है” के नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया।स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
ऐसे हुई गिरफ़्तारी 5 टीमों ने 100 CCTV फुटेज खंगाले Korba robbery case
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के लिए कुल 5 टीमें बनाई गई थीं।जांच के दौरान 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए,250 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई
इसके बाद 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया।अरेस्ट किए गए आरोपी कोरबा, जांजगीर-चांपा और शक्ति जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस का दावा है की “गिरफ्तारी सबूतों के आधार पर की गयी है,पुलिस का कहना है कि सभी गिरफ्तारियां तकनीकी सबूतों और जांच के आधार पर की गई हैं।
फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस जल्द ही मामले में अन्य तथ्य भी सामने ला सकती है।
गांव और शहर में बढ़ी चर्चा Korba robbery case
घटना और उसके बाद हुए हंगामे के कारण क्षेत्र में तनाव और चर्चाओं का माहौल है।स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई और परिजनों के आरोपों को लेकर दो हिस्सों में बंटे दिख रहे हैं।
सौम्या चौरसिया का भी आया नाम Korba robbery case
इस संबंध में भूपेश बघेल के शासनकाल में मुख्यमंत्री की सचिव रही सौम्या चौरसिया का नाम भी आया था बता दे की सौम्या चौरसिया को भ्रष्टाचार के मामले में लंबे समय से गिरफ्तार किया हुआ था अभी जमानत पर रिहा है पुलिस सौम्या चौरसिया से संबंध होने पर जांच की दिशा को मोड़कर भी जांच कर रही थी की कहीं भ्रष्टाचार का पैसा यहां छुपा हुआ तो नहीं है.
बता दे की सौम्या चौरसिया और डकैती हुए व्यक्ति की पुत्री क्लासमेट है और कांग्रेस शासन काल में उसकी पुत्री रायपुर स्थित सौम्या चौरसिया के निवास पर ही रहती थी इसलिए इस बात को भी बल मिलता दिखा की कहीं भ्रष्टाचार का पैसा यहां छुपा हुआ तो नहीं है बाहरहाल इस तरह का कोई तथ्य सामने नहीं आया है.
कोरबा/बालको (संतोष कुमार सारथी) A herd of 12 elephants reached Balco बालको वन परिक्षेत्र में 12 हाथियों की मौजूदगी से वन विभाग सतर्क हो गया है कॉफी प्वाइंट मुख्य मार्ग के करीब हाथियों का मूमेंट जारी है कॉफी पॉइंट पिकनिक मनाने जा रहे लोगों को वन विभाग सतर्क कर रहा है.
A herd of 12 elephants reached Balco
राजधानी से जनता तक कोरबा| कोरबा वनमण्डल के बालको वन परिक्षेत्र में 12 हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है, वन विभाग हाथियों की निगरानी में जुटा हुआ है। कॉफी प्वाइंट मुख्य मार्ग को पिकनिक मनाने वाले लोगों को अस्थाई रूप से वापस लौटाते हुए लोगो से अनावश्यक उक्त मार्ग का प्रयोग करने से बचने की सलाह वन विभाग दे रहा है।
A herd of 12 elephants reached Balco
मंगलवार की सुबह 12 हाथियों का दल विचरण करते हुए गहनिया परिसर में मौजूद हैं, वन विभाग हाथियों की मॉनिटरिंग करने के साथ ही आसपास के ग्रामों में मुनादी कराई गई हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों एवं पर्यटकों से उक्त क्षेत्र में आवाजाही करने के दौरान सतर्क रहने की अपील लोगो से की है।
A herd of 12 elephants reached Balco
वन विभाग ने ऐतिहात बरतते हुए कॉफी प्वाइंट जाने वाले मुख्य मार्ग में वन विभाग के कर्मचारियों की तैनाती कर दी हैं, पिकनिक मनाने जा रहे लोगों को हाथियों के मौजूदगी के कारण बालको नगर फॉरेस्ट बैरियर से फिलहाल अस्थाई रूप से वापस लौटा दिया जा रहा है।
कोरबा/कटघोरा ( ब्लैकआउट न्यूज़)The country’s first lithium block कोरबा में देश का पहला लिथियम खदान मैकी साउथ माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (MSMPL) को नीलामी में मिला है यह लिथियम ब्लॉक256 हेक्टेयर में लिथियम का भंडारण फैला हुआ है. 54 स्थानों पर ड्रिल कर पता लगाया जाएगा कि कहां कहां लिथियम है.
The country’s first lithium block
कोरबा: कटघोरा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक खुलने जा रहा है. मैकी साउथ माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (MSMPL) ने केंद्र सरकार द्वारा आयोजित नीलामी प्रक्रिया से लिथियम ब्लॉक को हासिल किया था. अब इस कंपनी ने उत्खनन शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ना शुरू कर दिया है. जिस इलाके में लिथियम भंडाण है, वहां ड्रिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. कुल मिलाकर 54 स्थान पर ड्रिल किए जाएंगे, जिससे यह पता लगाया जाएगा कि लिथियम का भंडारण किन किन स्थानों पर है.
The country’s first lithium block
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 256 हेक्टेयर में लिथियम का भंडारण फैला हुआ है. वास्तव में लिथियम की मौजूदगी कितनी मात्रा में है, वास्तविक क्षेत्रफल क्या और इस तरह की सभी जानकारी के लिए सर्वे का काम चल रहा है. इसके लिए 100 मीटर तक जमीन में ड्रिल किया जा रहा है, सतह के मिट्टी और चट्टानों का भी अध्ययन किया जाएगा. इन सभी प्रक्रिया को पूर्ण करने में अब भी लगभग 4 महीने का समय लग सकता है. जिसके बाद ही लिथियम का उत्खनन का काम शुरू होगा. फिलहाल ड्रिलिंग और ट्रेंचिंग की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है.
256 हेक्टेयर में लिथियम का भंडार The country’s first lithium block
कोरबा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक शुरू
साल 2024 ही केंद्रीय खान मंत्रालय ने रणनीतिक खनिजों (Critical and Strategic Minerals) को नीलामी प्रक्रिया के तहत देशभर में स्थित 20 मिनरल्स ब्लॉक्स के लिए बोली बुलाई थी. इसमें कटघोरा – घुचापुर में स्थित लिथियम ब्लॉक (Katghora Lithium and REE Block) भी सम्मिलित था. जिसे बोली के बाद मैकी साउथ ने हासिल किया.
रेयर अर्थ मेटल का जमीन के नीचे भंडार:The country’s first lithium block
कोरबा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक शुरू
सर्वे के अनुसार यहां पर्याप्त मात्रा में रेअर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) की उपलब्धता है. कटघोरा- घुचापुर में 256.12 हेक्टेयर में लिथियम ब्लॉक फैला हुआ है. इसमें 84.86 हेक्टेयर फॉरेस्ट लैंड है. लिथियम की उपस्थिति का क्षेत्रफल नगर पालिका परिषद कटघोरा के साथ ही बड़े पैमाने पर निजी भूमि में भी मौजूद है. क्षेत्रफल करघोरा से लगभग 10 किलोमीटर दूर छूरी तक फैला हुआ है.
पता लगा रहे कितनी मात्रा में मौजूद है लिथियम:The country’s first lithium block
कोरबा में देश का पहला लिथियम ब्लॉक शुरू
वर्तमान में निजी कंपनी द्वारा ट्रेंचिंग और ड्रिलिंग कर सर्वे का काम किया जा रहा है. जमीन के सतह और भीतर से भी सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं. अलग-अलग क्षेत्र में सर्वे का काम किया जा रहा है, इस प्रक्रिया में यह पता लगाया जाएगा की इस क्षेत्र में कितनी मात्रा में लिथियम का भंडारण मौजूद है. यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही लिथियम का उत्खनन शुरू होगा. फिलहाल 256 हेक्टेयर में से किस क्षेत्र में उत्खनन किया जाना है, यह स्पष्ट नहीं है. क्षेत्र की सटीक जानकारी के बाद जमीन अधिग्रहण के साथ ही मुआवजा वितरण और अन्य प्रक्रिया को भी पूरा करना होगा. जो की काफी लंबी प्रक्रिया है,
अनुमान है कि आने वाले 4 महीने बाद उत्खनन शुरू हो सकता है. यह तब और स्पष्ट होगा जब लिथियम के वास्तविक क्षेत्रफल और मात्रा का पता चल जाएगा.
सर्वे का काम प्रगति पर, कम होगी निर्भरता:
कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि ”कटघोरा में लिथियम की खोज के लिए निजी कंपनी को निर्देशित किया गया है. सर्वे का काम अभी प्रगति पर है, उम्मीद है कि आने वाले महीना में सर्वे का काम पूर्ण कर लिथियम की मीनिंग का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा. निश्चित तौर पर आज के समय में लिथियम को रेयर अर्थ मिनरल माना जाता है. इसके मिलने से इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में नई क्रांति आएगी, हमारी दूसरे देशों पर आत्मनिर्भरता भी कम होगी.
स्वदेशी बैटरी के निर्माण को मिलेगी रफ्तार:
लिथियम के स्रोत मिलने के बाद भारत के लिए अपने देश के अंदर ही बड़े स्तर पर बैटरी निर्माण करना आसान हो जाएगा. नीति आयोग इसके लिए एक बैट्री मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम भी तैयार कर रही है, जिसमें भारत में बैटरी की गीगा फैक्ट्री लगाने वालों को छूट भी दी जाएगी. भारत में लिथियम आयन बैटरी बनने से इलेक्ट्रिक व्हीकल की कुल कीमत भी काफी कम होगी. इलेक्ट्रिक व्हीकल में बैटरी की कीमत ही पूरी गाड़ी की कीमत का लगभग 30 फीसदी होती है. दुनिया भर में भारी मांग के कारण लिथियम को व्हाइट गोल्ड भी कहा जाता है.
लिथियम को कहते हैं व्हाइट गोल्ड:
एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल मार्केट में एक टन लीथियम की कीमत करीब 57.36 लाख है. वर्ष 2050 तक लिथियम की वैश्विक मांग में 500 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है. फिलहाल भारत में कहीं भी लिथियम का उत्पादन नहीं होता. भारत लिथियम के लिए पूरी तरह से दूसरे देशों पर निर्भर है. कटघोरा में लिथियम की माइनिंग शुरू होते ही लिथियम के उत्पादन में भी भारत आत्मनिर्भर बनेगा.
कोयले के बाद लिथियम उत्पादन में कोरबा बनेगा आत्मनिर्भर: कोरबा को प्रदेश की ऊर्जाधानी कहा जाता है. यहां तकरीबन 6000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है. इस उत्पादन के कारण ही छत्तीसगढ़ राज्य सरप्लस राज्य है. यहां से अन्य राज्यों को बिजली की सप्लाई की जाती है. बिजली उत्पादन का बड़ा कारण कोरबा जिले में बड़े पैमाने पर कोयले की मौजूदगी है. कोल इंडिया लिमिटेड को उसके कुल उत्पादन का लगभग 20 फ़ीसदी कोयला कोरबा जिले से प्राप्त होता है. कोरबा में देश की तीन सबसे बड़ी कोयला खदाने गेवरा, दीपका और कुसमुंडा मौजूद है. इन उपलब्धियां के बाद अब कोरबा का नाम लिथियम के उत्पादन के लिए भी शामिल हो जाएगा. कोरबा, देश का ऐसा पहला जिला होगा. जहां से लिथियम का उत्पादन शुरू होगा.
जानिए क्यों है लिथियम जीवन के लिए जरुरी
मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल कैमरा और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रिचार्जेबल बैटरी में लिथियम महत्वपूर्ण है.
इसका उपयोग हार्ट पेसमेकर, खिलौने और घड़ियों जैसी चीज़ों के लिए कुछ गैर-रिचार्जेबल बैटरी में भी किया जाता है.
लिथियम धातु को एल्युमिनियम और मैग्नीशियम के साथ मिश्रधातु में बनाया जाता है, जिससे उनकी ताकत में सुधार होता है और वे हल्के हो जाते हैं.
लिथियम ऑक्साइड का उपयोग विशेष ग्लास और ग्लास सिरेमिक में किया जाता है.
लिथियम स्टीयरेट का उपयोग एक सर्व-उद्देश्यीय और उच्च तापमान वाले स्नेहक के रूप में किया जाता है.
लिथियम कार्बोनेट का उपयोग उन्मत्त अवसाद के इलाज के लिए दवाओं में किया जाता है.
सभी धातुओं में इसका घनत्व सबसे कम है.
यह ठोस तत्वों में सबसे हल्का है.
यह पानी के साथ जोरदार प्रतिक्रिया करता है.
इसकी संरचना शरीर-केंद्रित घन क्रिस्टल जैसी होती है.
बालकोनगर, 17 नवंबर, 2025। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों की आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी द्वारा निर्मित किए जाने वाले जी-9 मंजिला आधुनिक आवासीय भवन परियोजना का शिलान्यास छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने किया।
बालकोनगर सेक्टर-6 में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार, कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में बालको के अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक शामिल हुए।
उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि उद्योग किसी भी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर लाते हैं और बालको इस दिशा में लगातार उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास से स्थानीय जीवन स्तर में सुधार होता है और आसपास का व्यापार भी गति पकड़ता है। कर्मचारियों के कल्याण के लिए बालको द्वारा किए जा रहे प्रयास उसकी सामाजिक और आर्थिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। यह बहुमंजिला भवन इन्हीं प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा बालको औद्योगिक विकास के साथ कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
शिलान्यास समारोह में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि यह परियोजना कर्मचारियों को आधुनिक, सुरक्षित और ऊर्जा-कुशल सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को साकार करने में छत्तीसगढ़ सरकार का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।
बालको की वन मिलियन टन विस्तार परियोजना न केवल क्षेत्रीय प्रगति को गति दे रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य के धातु के तौर पर पहचान बना चुका एल्यूमिनियम वजन में हल्का, अधिक टिकाऊ और मजबूत होने के कारण औद्योगिक विकास, ऊर्जा परिवर्तन और विकसित भारत के निर्माण में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रस्तावित 9 मंजिला भवन में आधुनिक डिजाइन, उच्च सुरक्षा मानक, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था तथा सामुदायिक उपयोग की सुविधाएँ शामिल होंगी। यह परियोजना क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने और आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में नई मिसाल स्थापित करेगी।
ज्ञात हो कि कंपनी के आवासीय परिसर 60 से अधिक वर्ष पुराने हैं, जिनमें जर्जर दीवारें, रिसते हुए छत और सीमित सुविधाएँ जैसी समस्याएँ सामने आ रही थीं। नए आवासीय फ्लैट इन कर्मचारियों को सुरक्षित, आधुनिक और गरिमापूर्ण रहने की सुविधा प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होंगे। इस परियोजना का निर्माण दिल्ली की प्रतिष्ठित कंपनी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित होगा।
कोरबा। Foundation Day of NKH न्यू कोरबा हॉस्पिटल (एनकेएच) जो एनएबीएच से मान्यता प्राप्त है, ने अपनी स्थापना की 11वीं वर्षगांठ को रविशंकर नगर स्थित मल्लिक वाटिका में हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी, एडीसी डायरेक्टर डॉ. वंदना चंदानी तथा हॉस्पिटल की पूरी टीम द्वारा दीप प्रज्वलन और स्थापना दिवस का केक काटकर किया गया।
Foundation Day of NKH
NKH का स्थापना दिवस
डॉ. चंदानी ने सभी चिकित्सकों, नर्सिंग व नॉन-टेक्निकल स्टाफ को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, मरीजों की सेवा से लेकर अस्पताल के संचालन तक आप सभी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। आपके समर्पण के कारण ही एनकेएच ग्रुप ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। हमें पूर्ण विश्वास है कि यह सहयोग और विश्वास आगे भी इसी तरह बना रहेगा। उन्होंने बताया कि एनकेएच ने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अनेक नए आयाम स्थापित करते हुए मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार, भरोसा और संवेदनात्मक देखभाल प्रदान करने का संकल्प निरंतर निभाया है। लोगों के बढ़ते विश्वास ने एनकेएच ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स को नई पहचान और मजबूती प्रदान की है।
Foundation Day of NKH
NKH का स्थापना दिवस
स्थापना दिवस समारोह में अवार्ड सेरेमनी का आयोजन भी किया गया, जिसमें एनकेएच ग्रुप के सभी चिकित्सकों व कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा और सेवा के आधार पर सम्मानित किया गया। एम्प्लॉयी ऑफ द ईयर, डिपार्टमेंट अवॉर्ड्स, एनकेएच, एडीसी, मेडजोन सहित और भी स्पेशल कैटेगरी अवॉर्ड समेत कई महत्वपूर्ण पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान नृत्य, गायन, नाटक, रैंप वॉक सहित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। स्टाफ ने बढ़-चढ़कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और कार्यक्रम का सभी ने भरपूर आनंद लिया।
Foundation Day of NKH
कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश चंदानी द्वारा किया गया। समारोह का समापन सभी के उत्साहपूर्ण सहभागिता और भविष्य में बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के संकल्प के साथ हुआ।
कोरबा। KORBA BREAKING शारदा विहार स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 27 वर्षीय गर्भवती दुर्गेश्वरी साहू की मौत का मामला अब तूल पकड़ लिया हैँ। जांजगीर-चांपा जिले के खिसोरा निवासी प्रतिस साहू अपनी पत्नी को 24 सप्ताह की गर्भावस्था में कोरबा लेकर आए थे जहां सोनोग्राफी के बाद डॉक्टर ने गर्भपात (अबॉर्शन) कराने की सलाह दी थी.
क्या है मामला KORBA BREAKING
परिजनों के अनुसार 4 अक्टूबर की रात महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने पर अस्पताल में अबॉर्शन और पेट की सफाई करने का दावा करते हुए 5 अक्टूबर की सुबह उसे डिस्चार्ज कर दिया गया परिवार का आरोप है कि डिस्चार्ज के कुछ ही देर बाद महिला के यूरिनल मार्ग से मल का रिसाव शुरू होने लगा स्थिति गंभीर होने पर वे उसे दोबारा आयुष्मान हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने बिना इलाज के उसे बालको हॉस्पिटल रेफर कर दिया.
बालको अस्पताल ने कहा KORBA BREAKING
बालको हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने जांच में बताया कि महिला के पेट में बच्चा मर चुका था, जिससे गंभीर संक्रमण फैल चुका था संक्रमण बढ़ने के कारण महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
परिजन पहुंचे कलेक्टर दरबार KORBA BREAKING
डॉ ज्योति श्रीवास्तव
मृतका के परिजनों ने आयुष्मान हॉस्पिटल के डॉक्टर ज्योति श्रीवास्तव व प्रबंधक प्रभात पाड़ीगृह गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोरबा कलेक्टर से जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की गुहार लगाई हैl पीड़ित की शिकायत पर कलेक्टर ने जाँच टीम गठित कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कही हैँ।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है वहीं अब देखना होगा की शिकायत के बाद पीड़ित की शिकायत पर कब तक कार्रवाई हो पाती है।
सऊदी अरब (वेब डेस्क)Saudi Arabia accident kills 42 सऊदी अरब में मदीना के पास उमरा यात्रियों से भरी बस डीजल टैंकर से टकरा गई. इस हादसे के तुरंत बाद आग लग गई, जिसमें कम से कम 42 भारतीयों की मौत हो गई. कई यात्री हैदराबाद के बताए जा रहे हैं. डॉ. जयशंकर ने पोस्ट कर इस हादसे पर दुख जताया है.
Saudi Arabia accident kills 42
Saudi Arabia accident kills
सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक बेहद दर्दनाक दुर्घटना हुई, जिसमें कम से कम 42 भारतीय उमरा यात्रियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. बस मक्का से मदीना जा रही थी, तभी उसकी टक्कर एक डीजल टैंकर से हो गई. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हादसा भारतीय समयानुसार लगभग 1.30 बजे तड़के हुआ. टक्कर के बाद बस में अचानक भीषण आग लग गई, उस समय अधिकांश यात्री सो रहे थे. शुरुआती जानकारी से संकेत मिला है कि मृतकों में ज्यादातर हैदराबाद के हैं, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं.
Saudi Arabia accident kills 42
Saudi Arabia accident kills
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि 40 से ज्यादा लोग मौके पर ही जलकर मर गए, हालांकि आधिकारिक आंकड़ा अभी जारी नहीं हुआ है. राहत कार्य पूरी रात जारी रहे. स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे. कई यात्रियों की पहचान आग की वजह से मुश्किल बताई जा रही है. हादसे के बाद भारतीय दूतावास एक्टिव हो गया है और उसने 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है जो इस प्रकार है- 8002440003.
ओवैसी ने सरकार से क्या कहा?Saudi Arabia accident kills 42
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्होंने हैदराबाद से जुड़े दो ट्रैवल एजेंसियों से संपर्क किया है और यात्रियों की सूची भारतीय अधिकारियों व दूतावास के साथ साझा की है. उन्होंने दावा किया कि ‘शायद बस में सिर्फ एक यात्री जीवित बचा हो’, हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. ओवैसी ने रियाद में भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अबू मैथन जॉर्ज से बात की है. ओवैसी ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से शवों को भारत लाने और घायलों का इलाज सुनिश्चित करने की अपील की है.
मक्का से मदीना जा रहे 42 भारतीयों की कैसे हुई मौत, कहां के थे ये सभी लोग?
हज के लिए निकले, पर रास्ते में मौत ने लगा लिया गले, सऊदी में कब-कब हुए हादसे
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस मामले पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, ‘सऊदी अरब के मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई दुर्घटना से गहरा सदमा पहुँचा है. रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास इस दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को पूरी सहायता प्रदान कर रहे हैं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ.’
तेलंगाना में बना कंट्रोल रूम Saudi Arabia accident kills 42
Saudi Arabia accident kills
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हादसे पर गहरा शोक जताया और मुख्य सचिव व डीजीपी को तुरंत विस्तृत रिपोर्ट देने के आदेश दिया है. सीएम ने निर्देश दिया कि विदेश मंत्रालय और सऊदी अधिकारियों से सीधे संपर्क किया जाए. तेलंगाना सचिवालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है ताकि पीड़ित परिवारों से तुरंत संपर्क किया जा सके.
बालकोनगर, 14 नवंबर 2025।Vedanta’s Nand Ghar Mission बाल दिवस के अवसर पर वेदांता समूह की सामुदायिक विकास शाखा, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (एएएफ) ने भारत की सामाजिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साझा किया है। वेदांता की प्रमुख सामुदायिक पहल नंद घर ने 16 राज्यों में 10,000 से अधिक केंद्रों का विस्तृत नेटवर्क स्थापित कर लिया है, जो प्रतिदिन 4 लाख से अधिक बच्चों और 3 लाख महिलाओं के जीवन को रूपांतरित कर रहा है।
Vedanta’s Nand Ghar Mission
Vedanta’s Nand Ghar Mission
नंद घर भारत की आंगनबाड़ी प्रणाली को आधुनिक बनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और महिलाओं के कौशल विकास को नई दिशा दे रहा है। आईसीडीएस कार्यक्रम के 50वें वर्ष में, नंद घर पारंपरिक आंगनबाड़ियों को तकनीक-सक्षम, आधुनिक केंद्रों में बदलकर जमीनी स्तर पर ठोस और दिखाई देने वाला परिवर्तन सुनिश्चित कर रहा है।
Vedanta’s Nand Ghar Mission
Vedanta’s Nand Ghar Mission
हर नंद घर एक स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग उपकरण, बाला (बिल्डिंग एज लर्निंग एड) डिज़ाइन, विश्वसनीय बिजली, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, और बच्चों के अनुकूल फर्नीचर से सुसज्जित है। यह 3–6 वर्ष के बच्चों के लिए सुरक्षित, समावेशी और प्रेरणादायक स्थान प्रदान करता है।
प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ नंद घर पोषण कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण अभियान और महिलाओं के कौशल विकास के माध्यम से पूरे समुदाय को सशक्त बनाने वाले केंद्र के रूप में कार्य रहा है।
Vedanta’s Nand Ghar Mission
वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि जब हमने नंद घर की यात्रा शुरू की, हमारा सपना सरल था, हर बच्चे को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा मिले तथा हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सके। आज, बाल दिवस के अवसर पर 16 राज्यों में 10,000 नंद घरों का पड़ाव पार करना उसी सपने की साकार रूप है। यह उपलब्धि भारत सरकार, राज्य सरकारों और स्थानीय समुदायों के निरंतर समर्थन के बिना संभव नहीं होती।
हम भारत के 8 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं चाहता हूँ कि देश के और भी लोग इस मिशन से जुड़ें और हमारे साथ कदम बढ़ाएँ।
ओडिशा के खनिज समृद्ध क्षेत्रों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों, छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता से भरे क्षेत्रों के साथ आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों तक नंद घर ने आंगनबाड़ियों को स्थानीय विकास के प्रमुख केंद्रों के रूप में स्थापित किया है। बच्चों को पौष्टिक गरम भोजन, पोषण पूरक (अब तक 80 लाख से अधिक वितरित), क्षेत्रीय भाषाओं में डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियानों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, जिसकी पहुंच 90 लाख से अधिक लोगों तक है। महिलाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से सशक्त बनाते हुए उन्हें प्रति माह ₹10,000 तक की आय अर्जित करने का अवसर भी मिला है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा की नंद घर दीदी अंजू वैष्णव ने कहा कि पहले हमारा आंगनबाड़ी केंद्र एक छोटा कमरा था। आज यह सुविधाओं से भरा है। बच्चों को यहाँ आना अच्छा लगता है और माताएँ भी हम पर पहले से अधिक भरोसा करती हैं। स्मार्ट टीवी, साफ-सफाई और पौष्टिक भोजन ने हमारे नंद घर को सीखने और खुशियों का केंद्र बना दिया है।
इस वर्ष बाल दिवस खास बन गया, क्योंकि नंद घर ने 10,000 केंद्रों की उपलब्धि का जश्न भी साथ ही मनाया। देशभर के अनेक राज्यों में बच्चे, माताएँ और स्थानीय नेता कला प्रदर्शन, कहानियों और सामुदायिक गतिविधियों में शामिल होकर उत्सव का हिस्सा बने। नंद घर ने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में सुधार किए हैं ताकि प्रत्येक केंद्र डिजिटल रूप से सक्षम और सस्टेनेबल ऊर्जा से संचालित हो सके।
छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में तेज़ी से बढ़ते विस्तार के साथ नंद घर भारत के ग्रामीण परिदृश्य में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रहा है। आने वाले दो वर्षों में राजस्थान में 25,000 नंद घर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 20 लाख से अधिक लोगों के जीवन में प्रभावी बदलाव आएगा और सार्वजनिक–निजी भागीदारी का एक नया मानक स्थापित होगा।