कोरबा /Road blockade in Bankimongraबाँकीमोंगरा (विमल सिंह) कुदरीपारा वार्ड हेतु 2नम्बर बस्ती में संचालित राशन सोसाइटी के संचालक द्वारा लगातार नागरिकों से दुर्व्यहार,बत्तीमीजी,राशन नहीं देना मनमानी सहित सोसाइटी को कुदरीपारा में खोलने की माँग को लेकर वार्डवासियो के साथ नेता प्रतिपक्ष एव पार्षद मधुसूदन दास के नेतृत्व में एव ब्लॉक अध्यक्ष संजय आज़ाद पार्षद संदीप डहरिया के उपस्थिति में मुख्य मार्ग में चक्काजाम किया गया है ..!
Road blockade in Bankimongra
बाँकीमोंगरा चक्कजाम
लगभग 2-3 घंटे के लंबी जाम के बाद तहसीलदार,फ़ूड अधिकारी एव थाना प्रभारी के मौजूदगी के पश्चात माँगो पर उचित कार्यवाही के एव सोसाइटी संचालक को समझाईस देने के बाद चक्काजाम को समाप्त किया गया …!
कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जा नगरी कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 100 बेड की आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य संस्था शिवाय हॉस्पिटल का शुभारंभ दिनांक 07 मार्च 2026, शनिवार को अंचलवासियों के लिए किया जा रहा है।
कोरबा प्रेस क्लब में पत्रवार्ता आहूत कर अस्पताल के संचालक डॉ.दिविक एच. मित्तल, न्यूरोसर्जन ने बताया कि अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों, नवीनतम तकनीक एवं अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से सुसज्जित यह अस्पताल क्षेत्र के नागरिकों को उच्चस्तरीय, सुरक्षित एवं समयबद्ध उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। अस्पताल परिसर को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है, जहाँ स्वच्छता, सुरक्षा एवं रोगी सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
अस्पताल में 24×7 आपातकालीन सेवा उपलब्ध रहेगी। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ एवं आधुनिक उपकरण निरंतर उपलब्ध रहेंगे। भर्ती मरीजों के लिए वातानुकूलित वार्ड, प्राइवेट एवं सेमी-प्राइवेट कक्ष की व्यवस्था की गई है। साथ ही मरीज के परिजनों के ठहरने हेतु समुचित एवं सुरक्षित सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। हाईजेनिक भोजन कक्ष की व्यवस्था अस्पताल परिसर में ही की गई है, जिससे रोगियों को संतुलित एवं स्वच्छ आहार मिल सके।
अस्पताल में न्यूरो सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी, फिजियोथेरेपी तथा रेडियोलॉजी जैसे प्रमुख विभाग संचालित रहेंगे। बच्चों के लिए समर्पित आईसीयू, 20 बेड का अत्याधुनिक नवजात शिशु आईसीयू (NICU) तथा 20 बेड का वयस्क (एडल्ट) आईसीयू की विशेष सुविधा उपलब्ध रहेगी।
चार अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। डायलिसिस यूनिट की सुविधा भी अस्पताल में उपलब्ध रहेगी, जिससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा।
डायग्नोस्टिक सेवाओं के अंतर्गत सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे, C-ARM मशीन (विशेष रूप से हड्डी रोग सर्जरी हेतु), एनसीयू एवं ईएमसी जैसी उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इससे रोग की त्वरित एवं सटीक पहचान कर उपचार प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा सकेगी।
फिजियोथेरेपी विभाग में एडवांस लेज़र तकनीक के माध्यम से उपचार किया जाएगा। सायटिका एवं स्पाइनल डेकोम्प्रेशन ऑपरेशन मशीन द्वारा रीढ़ संबंधी जटिल समस्याओं का समाधान संभव होगा। लकवा (पैरालिसिस) के मरीजों के लिए आधुनिक उपकरणों द्वारा वैज्ञानिक एवं समग्र उपचार पद्धति अपनाई जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ का पहला स्पाइनल मोबाइलाइज ट्रैक्शन यूनिट यहाँ स्थापित किया गया है, जो स्लिप डिस्क, सायटिका तथा रीढ़ की हड्डी में नस दबने जैसी समस्याओं के उपचार में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगा।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को भी चरणबद्ध रूप से प्रारंभ करने की योजना है, ताकि क्षेत्रवासियों को बड़े महानगरों की ओर रुख न करना पड़े।
वर्तमान समय में बदलते जलवायु परिदृश्य, बढ़ती जनसंख्या एवं आकस्मिक स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए “शिवाय हॉस्पिटल” की स्थापना की गई है। अस्पताल का उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण के भाव के साथ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है।
“शिवाय हॉस्पिटल” अंचलवासियों के स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्ध है और किसी भी समय, किसी भी आपात स्थिति में सेवा प्रदान करने हेतु तत्पर रहेगा। पत्रवार्ता में डॉ. आस्था वैष्णव (मैक्सिलोफेसिअल सर्जन), डॉ. अमन श्रीवास्तव (फ़िज़ियोथेरपिस्ट), डॉ. यशा मित्तल
बिलासपुर: CG accident 4 deaths छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। सड़क में चार लोगों की मौत हो गई तथा एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना सकरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सम्बलपुरी गांव के निकट हुई है। रॉग साइड से आ रहे ट्रक ने एक तेज रफ्तार गाड़ी को टक्कर मार दी जिससे दोनों की मौत हो गई।
चार लोगों की मौके पर ही मौत CG accident 4 deaths
CG accident 4 deaths
हादसे की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के सकरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सम्बलपुरी गांव के निकट गुरुवार-शुक्रवार देर रात को एक ट्रक और गाड़ी के बीच हुई टक्कर हुई। इस घटना में गाड़ी सवार छत्रपाल रात्रे, विशाल लहरे, अनमोल लहरे और सोनू मिरी की मौत हो गई तथा प्रकाश रात्रे गंभीर रूप से घायल हो गया।
शादी के सालगिरह में शामिल होने गए थे CG accident 4 deaths
CG accident 4 deaths
ये सभी मुंगेली और बिलासपुर जिले के रहने वाले थे। यह लोग अपने एक रिश्तेदार के विवाह की 25वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सकरी थाना क्षेत्र स्थित एक ढाबे में गए थे। कार्यक्रम के बाद सभी लोग वापस अपने गांव लौट रहे थे तब कुछ दूरी पर एक ट्रक ने उनके वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में गाड़ी सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई तथा एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।
गाड़ी काटकर निकाला गया शव CG accident 4 deaths
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस दल को घटनास्थल भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। मारे गए लोग और घायल वाहन के भीतर फंसे हुए थे। वाहन के हिस्सों को गैस कटर की मदद से काटकर शवों और घायल व्यक्ति को बाहर निकाला गया तथा उन्हें अस्पताल भेजा गया।
ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार CG accident 4 deaths
उन्होंने बताया कि घायल को बिलासपुर शहर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान मे भर्ती कराया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामल दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
कोरबा। Korba Breaking कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मण बन तालाब के निकट निर्माणाधीन आवासीय फ्लैट के पीछे खाली जमीन पर निर्मित बाउंड्री वॉल का एक हिस्सा जेसीबी ऑपरेटर की लापरवाही और मौके पर उपेक्षा पूर्ण कार्य करने-कराने के कारण ढह जाने से मलबा में दबकर तीन लोग घायल हो गए। इसमें शामिल मासूम डेढ़ वर्षीय बालक गणेश कर्ष की अस्पताल में मौत हो गई वहीं दो युवक भी गंभीर रूप से घायल हैं। बालक की मौत के बाद परिजन और बस्तीवासियों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
Korba Breaking
पहले ही असावधानी पूर्वक कार्य किए जाने से हुए हादसे को लेकर नाराजगी थी और बालक की मौत ने गुस्से को बढ़ा दिया। लोगों ने थाना कोतवाली पहुंचकर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। इसके बाद ओव्हरब्रिज और मुख्य मार्ग पर बैठकर आवागमन रोक दिया गया। समाचार लिखे जाने तक यहां मुख्य मार्ग पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। पुलिस के अधिकारी इन्हें समझाने में जुटे हुए हैं। कठोर कार्रवाई और मुआवजा की मांग की जा रही है।
कोरबा। Korba Breaking शहर के बीचों-बीच शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन फ्लैट के पीछे बनी पक्की बाउंड्री वॉल का हिस्सा अचानक ढह गया। दीवार के मलबे में दबकर डेढ़ वर्षीय मासूम सहित तीन लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखा गया।
Korba Breaking : लक्ष्मण बन तालाब के पास हादसा
दीवार गिरने से मासूम कि मौत
यह हादसा शाम करीब 6 बजे लक्ष्मण बन तालाब के पास हुआ, जहां एक फ्लैट का निर्माण कार्य चल रहा है। फ्लैट के पीछे खाली जमीन पर बनी लंबी-चौड़ी बाउंड्री वॉल पर कंटीले तार भी लगाए गए थे।
बताया जा रहा है कि दीवार के अंदर की ओर जेसीबी मशीन से मलबा और रेत हटाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान जेसीबी का धक्का लगने से बाउंड्री वॉल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
Korba Breaking : रास्ते से गुजर रहे लोग आए चपेट में
दीवार गिरने से मासूम कि मौत
हादसे के समय पास से गुजर रहे और आसपास खेल रहे लोग मलबे की चपेट में आ गए। मलबे में दबने से स्थानीय निवासी डेढ़ वर्षीय धनेश कर्ष, संजू कर्ष (20 वर्ष) और विशाल यादव (18 वर्ष) घायल हो गए।
घायलों को तुरंत बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। मासूम की हालत गंभीर बताई जा रही है।
Korba Breaking : वाहन भी क्षतिग्रस्त, लोगों की भीड़ जुटी
दीवार गिरने से एक युवक की मोटरसाइकिल और किनारे खड़ी सवारी ऑटो भी क्षतिग्रस्त हो गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और राहत कार्य में जुट गए।
कोरबा – जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पार्षद मुकेश राठौर, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु, उपनेता प्रतिपक्ष गोपाल कुर्रे, पार्षद रवि सिंह चंदेल, कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष पालुराम साहु, पार्षद टामेश अग्रवाल सहित कांग्रेस पदाधिकारियों ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्जकर उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है साथ ही खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर से भेंटकर ज्ञापन सौंपा गया है ।
जिसमें आरोप लगाया गया है कि खाद्य विभाग के लापरवाही के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । फरवरी माह पार हो गया लेकिन फरवरी माह का राशन सामग्री हितग्राहियों को अब तक नहीं मिला है । ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि ऐसे कई संचालक हैं जो एक से अधिक सरकारी राशन दुकानों का संचालन कर रहे हैं जिस कारण भी हितग्राहियों को परेशान होना पड़ रहा है । कई संचालक एक बार में पूरा राशन नहीं देते और बार – बार बुलाकर हितग्राहियों को परेशान करते हैं । पहले खाद्य सामग्री आबंटन की जानकारी प्रत्येक वार्डवासियों को मिल जाया करता था जिसे वर्तमान में बंद कर दिया गया है ।
मांग पत्र के माध्यम से कहा है कि राशन दुकानों को समय सारणी के अनुसार खोला जाए, तथा एक बार में ही पूरा राशन प्रदान किया जाए, फरवरी माह का राशन मार्च माह में एक साथ दोनों माह का राशन प्रदान किया जावे, तथा पूर्व की भांति राशन आबंटन की जानकारी सार्वजनिक किया जाए ।
कोरबा, 26 फरवरी 2026/Two criminals from Korba were banished :जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने आज दो महत्वपूर्ण और कठोर दण्डात्मक कार्रवाइयाँ की हैं। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 एवं 5 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए आदतन अपराधी अंचल अग्रवाल तथा संजय पावले को एक वर्ष की अवधि के लिए कोरबा तथा नौ सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से जिला बदर कर दिया है।
अंचल अग्रवालः गंभीर आपराधिक प्रकरण, क्षेत्र में दहशत का वातावरण
Two criminals from Korba were banished
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक अंचल अग्रवाल उर्फ जिनी, उम्र-30 वर्ष, पिता श्री अनिल अग्रवाल, साकिन-आर.एस.एस. नगर, एम.आई.जी.-1/55 पुलिस सहायता केन्द्र मानिकपुर, थाना कोतवाली, जिला-कोरबा (छ0ग0) का निवासी है, जो ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है। अनावेदक ट्रांसपोर्टिंग के साथ-साथ मारपीट, लूट, भयादोहन, अवैध शराब तस्करी, बलवा जैसे मामला में संलिप्त रहा है। अनावेदक के द्वारा आम जनता से मारपीट कर उन्हें डराने धमकाने के काम करता रहा है, जो अनावेदक के कृत्यों से आम लोगों के मन में भय व दहशत पैदा कर अपना वर्चस्व स्थापित करता है। जिनके कृत्यों पर रोक लगाने हेतु समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी किया गया था, उसके बाद भी अनावेदक के कृत्यों में किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ है। कई लोग इनके डर से इनके कृत्यो का पुलिस के पास सूचना भी नहीं देते है। अनावेदक आम लोगों के लिए आंतक का पर्याय बना हुआ है। अनावेदक के विरूद्ध पुलिस सहायता केन्द्र मानिकपुर में मारपीट, थाना, सिविल लाईन रामपुर में लूठ व भयादोहन जैसे गंभीर अपराध पंजीबद्ध है। अनावेदक अंचल अग्रवाल उर्फ जिनी आंतक का पर्याय बन चुका है। इसके अपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए यह भविष्य में गंभीर घटना को संगठित गिरोह के साथ घटित कर तनाव फैलाने की योजना बनाना इसके खतरनाक इरादों से दिखता है। अनावेदक वर्तमान में असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। अनावेदक के आचरण में सुधार लाने के लिए अनावेदक के विरूद्ध सामान्य विधियों के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया गया, परन्तु कोई असर नहीं हुआ है और न ही सुधार आ रहा है। जिससे लोक शांति व्यवस्था पर भी प्रतिकुल प्रभाव पड़ रहा है। इसके असमाजिक कृत्यों में विधिक तरीके से कार्यवाही किये जाने के बावजूद भी सुधार की कोई अन्य विकल्प नहीं होने से आरोपी को नियंत्रित एवं प्रतिबंधित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य व्यवस्था एवं लोक सुरक्षा अधिनियम-1990 की धारा-03, 05 के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही किया जाना अत्यंत आवश्यक होने का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिले के विभिन्न थाना अन्तर्गत अनावेदक के विरूद्ध कुल 07 अपराधिक एवं 03 प्रतिबंधक प्रकरण पंजीबद्ध है।
न्यायालयीन परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पर समय-समय पर की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों और चेतावनियों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उसके असामाजिक आचरण में सुधार न आने तथा निरंतर अशांति फैलाने वाली गतिविधियों के चलते जिला प्रशासन ने उसे जिला बदर किए जाने को जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक पाया।
*संजय पावलेः शराब माफिया गतिविधियों से लेकर हथियारबंद आतंक तक-10 अपराध और 5 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही दर्ज*
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक श्री संजय पावले पिता संपत पावले उम्र-43 वर्ष, साकिन-शंकर नगर खरमोरा, थाना सिविल लाईन रामपुर, जिला-कोरबा (छ0ग0) का निवासी है। अनावेदक अपराधिक प्रवृत्ति से प्रभाव में आकर लोगों से मारपीट, डराना धमकाना, शस्त्र लहराकर भय पैदाकर करना तथा अवैध मादक पदार्थ शराब बेचने जैसे-मामलों में संलिप्त रहा है। अनावेदक के द्वारा आम जनता से झगड़ा विवाद करने एवं लगातार शराब बनाने व बिक्री करने का काम करता आ रहा है, अनावेदक के कृत्यों से आम लोगों के मन में भय दहशत पैदा कर अपना वर्चस्व स्थापित करता है। जिसके कृत्यों पर रोक लगाने हेतु समय-समय में भादवि के तहत् अपराध दर्ज कर एवं प्रतिबंधक धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही किया गया है। उसके बाद भी अनावेदक के कृत्यों में किसी प्रकार का कोई सुधार नहीं हुआ है। थाना सिविल लाइन रामपुर और थाना बालको नगर में उसके विरुद्ध कुल 10 आपराधिक प्रकरण और 5 प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियाँ दर्ज हैं। पुलिस रिपोर्ट में यह उल्लेखित है कि आरोपी के भय के कारण स्थानीय नागरिक न तो उसके विरुद्ध शिकायत करते थे और न ही गवाही देने का साहस कर पाते थे।
न्यायालय ने सभी अभिलेखों, केस डायरी, गवाह बयानों और आरोपी के प्रतिरक्षा पक्ष का परीक्षण करने के पश्चात यह कहा कि संजय पावले की समाज में उपस्थिति भय और असुरक्षा को जन्म देती है और वह जनहित एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
*दोनों अपराधियों पर समान कठोर प्रतिबंध लागू*
छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के अंतर्गत जारी आदेशों के अनुसार दोनों अपराधियों अंचल अग्रवाल तथा संजय पावले को कोरबा के साथ-साथ बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों की सीमाओं से 24 घंटे के भीतर बाहर जाना अनिवार्य है।
आदेश प्रभावी रहने की पूरी अवधि अर्थात आगामी एक वर्ष में दोनों अपराधियों को न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के बिना इन जिलों की राजस्व सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर उन्हें बलपूर्वक सीमाओं से बाहर किया जाएगा तथा अधिनियम के तहत कठोर दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
*अपराध और भय का कोई स्थान नहीं*
दोनों मामलों में जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है। प्रशासन ने कहा है कि समाज में भय फैलाने, असुरक्षा पैदा करने, नशाखोरी को बढ़ावा देने या कानून-व्यवस्था में विघ्न उत्पन्न करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
कोरबा 26 फरवरी 2026/वर्तमान परिदृश्य में महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा प्रदान करना और उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। कई बार उत्पीड़न की घटनाओं में पीड़िताएँ लोक-लज्जा एवं झिझक के कारण थाना या चौकी जाकर शिकायत करने में संकोच करती हैं, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस कोरबा ने महिलाओं एवं बालिकाओं को बिना थाना पहुँचे ही तत्काल सहायता प्रदान करने और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “सजग कोरबा- सतर्क कोरबा” अभियान के तहत “मैत्री” व्हाट्सएप हेल्पलाइन प्रारंभ की है।
इस हेल्पलाइन का मोबाइल नंबर 9479282100 है, जिसके माध्यम से कोई भी पीड़ित महिला या बालिका उत्पीड़न, छेड़छाड़, धमकी या किसी भी प्रकार की त्रासदी की शिकायत सीधे दर्ज करा सकती है। हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत से संबंधित शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर एवं ऐसी कोई भी जानकारी, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो, पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह पहल महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सरल और गोपनीय माध्यम उपलब्ध कराती है, जिससे वे बिना किसी भय या संकोच के सहायता प्राप्त कर सकें।
जिला पुलिस कोरबा द्वारा सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों में इस हेल्पलाइन नंबर के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा की जानकारी प्राप्त कर सकें और जरूरतमंद पीड़िताएँ तुरंत इसका लाभ ले सकें।
रायपुर/CG Forest Department Transfer : कोरबा। वन एव जलवायु परिवर्तन विभाग ने बुधवार शाम प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 124 नए रेंजरों के पोस्टिंग आदेश जारी किए हैं। इसी के साथ 45 वन परिक्षेत्र अधिकारियों का तबादला किया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में उस समय तीखी नोकझोंक देखने को मिली जब मंत्री लखन लाल देवांगन ने एक मुद्दे पर जवाब देते हुए सदस्य भूपेंद्र नागर से कहा कि वे कलेक्टर के साथ बैठकर चर्चा कर लें। मंत्री के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “जब आप कलेक्टर को आदेश नहीं दे सकते तो फिर किस चीज के मंत्री हैं?”
सदन में इस टिप्पणी के बाद माहौल गरमा गया और सत्ता–विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विपक्ष का आरोप था कि मंत्री अपने अधिकार क्षेत्र से पीछे हट रहे हैं, जबकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामला प्रशासनिक स्तर का है और जिला प्रशासन के समन्वय से ही समाधान संभव है।
अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन इस बयानबाजी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। विपक्ष इसे जवाबदेही का मुद्दा बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन की भूमिका तय है।