कोरबा। उत्पादन कंपनी के रेस्ट हाउस आजकल ख़ुद विभाग के अधिकारियों के शराब खोरी का अड्डा बन गया हैं । आज बी टाइप के वीआईपी रेस्ट हाउस के कमरे में डीएसपीएम प्लांट के चीफ केमिस्ट गोवर्धन सिदार चार अन्य अधिकारियों के साथ जाम छलकाते कैमरे में क़ैद हुय ।
शनिवार को पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक कोरबा प्रवास पर थे, इस दौरान उनसे मिलने उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत और जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी मिलने पहुंचे। इस तरह की गतिविधि की जानकारी कार्यकर्ताओ ने मंत्री को दी । मंत्री ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एमडी उत्पादन श्री एस के कटियार को फ़ोन पर संबंधित अधिकारी पर करवाई के निर्देश दिए
कोरबा। कोरबा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते आ रहे एनकेएच, कोसाबाड़ी कोरबा में 20 अप्रैल, सोमवार को रायपुर के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. मोहंती अपनी सेवाएं देंगे।
न्यू कोरबा हॉस्पिटल, कोसाबाड़ी में 20 अप्रैल 2026 (सोमवार) को विशेष ओपीडी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक डॉ. मोहंती के द्वारा मरीजों की जांच और परामर्श किया जाएगा।
डॉ. मोहंती एक अनुभवी इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट हैं और हृदय रोगों के उपचार के साथ-साथ एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगे। एनकेएच की पहल व प्रयासों से कोरबा जिले के स्थानीय मरीजों को अब बेहतर और त्वरित इलाज अपने ही जिले में मिल रहा है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को निम्नलिखित समस्याएं हो रही हैं, तो तुरंत जांच करानी चाहिए—
सांस लेने में तकलीफ
सीने में दर्द या जकड़न
उच्च रक्तचाप व घबराहट
हृदय की धमनियों में रुकावट के संकेत
विशेष रूप से महिलाओं में भी हृदय रोग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए समय पर जांच बेहद जरूरी है।
एनकेएच अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों से अपील की है कि वे समय रहते रजिस्ट्रेशन कराकर इस विशेष चिकित्सा शिविर का लाभ उठाएं।
संपर्क हेतु: 860-2599-122, 860-2599-133
कोरबा (ब्लैकआउट न्यूज़ )। छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन जिला शाखा कोरबा के द्वारा 17 अप्रैल 2026 को प्रांतीयनिकाय के आह्वान पर स्थापना दिवस हेतु जिला शाखा अध्यक्ष प्रभात शर्मा के नेतृत्व में नवीन चौधरी सदन एमपी नगर कोरबा में बैठक आहूत की गई उनके द्वारा बताया गया कि शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति होने वाले समस्त अधिकारी कर्मचारियों को पेंशनर एसोसिएशन का सदस्य बनाया जावे एवं उनके भुगतान हेतु आवश्यक मदद किया जावे स्थापना दिवस हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया गया ।सभी साथी एक दूसरे को बधाई देकर रंग गुलाल लगाएएवं सभी सभी साथी को 17 माई 2026 को छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन का प्रांतअधिवेशन जांजगीर में होने जा रहा है जिसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने हेतु आग्रह किया गया ।
उक्त बैठक में संरक्षक प्यारेलाल चौधरी प्रांतीय सचिव सुरेश कुमार द्विवेदी यू आर महिलांगे अजय पांडे केशव बारिया एलजी साहू आर के पांडे रेशम दुबे टी आर कुर्रे एवं अन्य सदस्य बैठक में उपस्थित थे अंत में सुरेश द्विवेदी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया एवं सभी साथियों को संगठन के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने हेतु उत्प्रेरित किया गया।
कोरबा।Ash Dam Accident : कोरबा मे राखड़ डेम फूटने के बाद खौफनाक मंजर में आखिरकार JCB ऑपरेटर हुलेश्वर का शव बरामद कर लिया गया है। मृतक सरगबुंदिया का रहने वाला बताया जा रहा है। हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।
Ash Dam Accident
Ash Dam Accident
बताया जा रहा है कि डेम टूटने के साथ ही राख का सैलाब अचानक फैल गया, जिसमें काम कर रहा JCB ऑपरेटर जिंदा ही दब गया। बचाव दल ने घंटों मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Ash Dam Accident
स्थानीय लोगों का कहना है कि डेम की हालत पहले से खराब थी, इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। घटना के बाद प्रशासन और प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। मौके पर अधिकारियों की टीम पहुंच चुकी है और जांच की बात कही जा रही है, लेकिन बड़ा सवाल वही है आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन?
Ash Dam Accident
Ash Dam Accident
फिलहाल पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है, वहीं लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।
कोरबा। ( ब्लैक आउट न्यूज़) Korba Ash Dam Breaches : जिले में हुए एक हादसे ने सनसनी फैला दी है। एचटीपीपी का ग्राम झाबू स्थित राखड़ डेम अचानक फूट गया, जिससे वहां काम कर रहा एक JCB ऑपरेटर राख के मलबे में दब गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
Korba Ash Dam Breaches
Korba Ash Dam Breaches
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली प्रारम्भिक जानकारी के मुताबिक डेम के एक हिस्से में अचानक दबाव बढ़ा और देखते ही देखते राख का सैलाब बह गया। JCB मशीन संभाल रहा ऑपरेटर कुछ समझ पाता, उससे पहले ही राख के दलदल ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मौजूद कर्मचारियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन राख का दबाव इतना ज्यादा था कि ऑपरेटर मशीन सहित दब गया।
Korba Ash Dam Breaches
Korba Ash Dam Breaches
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रबंधन और सुरक्षा अमला तत्काल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है।
Korba Ash Dam Breaches
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राखड़ डेम की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में रही है, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद प्रबंधन ने गंभीरता नहीं दिखाई। नतीजा यह हुआ कि एक और मजदूर की जान चली गई।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर राखड़ डेम की निगरानी और सुरक्षा इंतजाम इतने कमजोर क्यों हैं, और मजदूरों की जान के साथ यह लापरवाही कब तक जारी रहेगी?
फिलहाल हादसे के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक बार फिर राखड़ डेम फूटा है, लेकिन इस बार अपने साथ एक मजदूर की जिंदगी भी बहा ले गया।
अम्बिकापुर/(ब्लैकआउट न्यूज़ ) The Ghost Took Revenge : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। यहां 37 वर्षीय मिथलेश कुजूर ने अपने दोस्त 35 वर्षीय बृजलाल अगरिया की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को घर में ही दफना दिया। इस घटना के बाद शुरू हुई असली कहानी ।
The Ghost Took Revenge
The Ghost Took Revenge
पुलिस के अनुसार, घटना 24-25 मार्च की रात हुई। बृजलाल शराब के नशे में मिथलेश के घर पहुंचा और शराब पीने के लिए दबाव डालने लगा। नवरात्र के चलते शराब पीने से इनकार करने पर दोनों के बीच कहासुनी और फिर हाथापाई शुरू हो गई। झूमाझटकी में मिथलेश का मोबाइल टूट गया और गुस्से में आकर उसने पास रखे डंडे से बृजलाल के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद उसने अपनी पत्नी राजकुमारी के साथ मिलकर शव को घर के आंगन में गड्ढे में छुपा दिया और गड्ढे को प्लाईबोर्ड व मिट्टी से ढक दिया।
The Ghost Took Revenge
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लेकिन हत्या के बाद मिथलेश मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। उसने दावा किया कि उसे अपने मृत दोस्त की आत्मा दिखाई देती थी और वह अंतिम संस्कार करने की बात कहती थी। इसी मानसिक दबाव में वह आखिरकार गांधीनगर थाने गया और अपनी घटना कबूल कर दी। पुलिस की निशानदेही पर गड्ढे से शव बरामद किया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसके बाद बृजलाल के शव का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।
सक्ति /ब्लैकआउट न्यूज़ : Vedanta Accident Update : छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में वेदांता पावर प्लांट में धमाके के बाद 20 लोगों की मौत हो गई कई गंभीर रूप से घायल है सरकार ने एवं स्वयं कंपनी मुआवजे का ऐलान किया है वही कल ही छत्तीसगढ़ सरकार के श्रम योग आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन वेदांता प्लांट पहुंचकर मौके का जायजा लिया एवं FIR करने का आदेश दे दिया जिसमें पुलिस ने वेदांता समूह के चेयरमेन अनिल अग्रवाल के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है.
Vedanta Accident Update
Vedanta Accident Update
इस संबंध में विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और यह बात जग जाहिर हैं की छत्तीसगढ़ में गौतम अडानी अपना पैर पसार चुके हैं गौतम अडानी का नाम आते ही यह बात स्पष्ट हो जाती है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजदीकी मित्र गौतम अडानी के खिलाफ राज्य सरकार जा नहीं सकती उसी के उलट सक्ति के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 20 लोगों की मौत एवं कई लोगों के गंभीर होने पर अनिल अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.
क्या कहता है कानून Vedanta Accident Update
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इस संदर्भ में कानून के जानकर यह कहते हैं कि पावर प्लांट में हादसे की जिम्मेदारी हमेशा डायरेक्टर पर नहीं होती, बल्कि यह केस-टू-केस आधार पर निर्भर करती है। भारत में पावर प्लांट (थर्मल, हाइड्रो आदि) फैक्ट्रीज एक्ट 1948, इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 और भारतीय दंड संहिता (या नया BNS) जैसे कानूनों के तहत चलते हैं।
दुर्घटना की जिम्मेदारी पर न्यायलय का कथन Vedanta Accident Update
Vedanta hadsa
1. Occupier की जिम्मेदारी (Factories Act 1948)
Occupier वह व्यक्ति होता है जिसके पास फैक्ट्री (पावर प्लांट) के मामलों पर ultimate control होता है।
कंपनी के मामले में कोई एक डायरेक्टर को occupier माना जाता है (Section 2(n))।Occupier की मुख्य ड्यूटी
स्वास्थ्य, सुरक्षा और वेलफेयर सुनिश्चित करना (Section 7A) सुरक्षित प्लांट, मशीनरी, रखरखाव और ट्रेनिंग प्रदान करना।हादसे होने पर लापरवाही साबित होने पर occupier पर दंडनीय कार्रवाई हो सकती है।
अगर हादसा लापरवाही (negligence) से हुआ है, तो occupier (या नामित डायरेक्टर) जिम्मेदार हो सकता है।लेकिन यहाँ यह बताना लाजमी होगा की अनिल अग्रवाल वेदांता ग्रुपके डायरेक्टर हैं ना की एक पावर प्लांट के और ना ही अनिल अग्रवाल नामित व्यक्ति हैं फिर उनके खिलाफ मामला दर्ज करना एक साजिश का हिस्सा लगता हैं.
2. क्रिमिनल जिम्मेदारी (IPC/BNS के तहत)Section 304A (गैर इरादतन हत्या by negligence) या समान धाराएं लागू हो सकती हैं।सभी डायरेक्टर पर ऑटोमैटिक जिम्मेदारी नहीं होती। केवल वह व्यक्ति जिम्मेदार होता है:जो day-to-day operations में शामिल हो।जबकि वेदांता के चेयरमेन अनिल अग्रवाल day-to-day operations मे शामिल ही नहीं हैं जिसकी active role या direct negligence साबित हो।
Vicarious liability (पद के कारण जिम्मेदारी) आमतौर पर क्रिमिनल केस में लागू नहीं होती, जब तक स्पष्ट कानून न हो। सिर्फ पद (Chairman/MD) होने से कोई डायरेक्टर आरोपी नहीं बन सकता।न्यायलय (जैसे सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट) कहते हैं कि specific allegation और सबूत जरूरी हैं।
4. प्लांट के संचालन मे क्या हैं दूसरा कानून Vedanta Accident Update
Electricity Act 2003 (Section 53, 161): सेफ्टी नियमों का पालन न करने पर इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जांच कर सकता है, रिपोर्टिंग जरूरी होती हैं Nuclear पावर प्लांट के लिए अलग Civil Liability for Nuclear Damage Act है, जहां operator (ज्यादातर NPCIL) मुख्य रूप से जिम्मेदार होता है।कंपनी के रूप में भी corporate liability हो सकती है (फाइन आदि)।
हर हादसे में हर डायरेक्टर पर जिम्मेदारी नहीं होती।
जिम्मेदारी तब होती है जब वह occupier नामित हो।
Direct involvement या negligence साबित हो (मेंटेनेंस, ट्रेनिंग, सेफ्टी प्रोटोकॉल में चूक)।
जांच एजेंसी/कोर्ट सबूत देखकर फैसला करती हैं ।
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आमतौर पर प्लांट मैनेजर, सेफ्टी ऑफिसर या ऑपरेशन हेड पर प्राथमिक जिम्मेदारी आती है। टॉप डायरेक्टर तभी फंसते हैं जब उनकी भूमिका साफ दिखे।
लाशों के ढेर मे सज रही हैं राजनितिक बिसात Vedanta Accident अपडेट
यहां यह बताना लाज भी होगा कि सक्ति के वेदांता पावर प्लांट में लाशों के ढेर में राजनीतिक बिसात सज रही है कांग्रेस जहां जांच समिति बनाकर घटना स्थल का निरीक्षण कर पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपना निष्कर्ष को आम करने के बाद अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति पा ली है.
भारतीय जनता पार्टी इस दुर्घटना में 20 लोगों की मौत और सैकड़ो के घायल होने की सेज पर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने में लगी हुई है या यू कह लीजिए की वेदांता ग्रुप के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल को घेरने की तैयारी में लग गए इसी तरह के हादसे कई बार दूसरे प्लांट में भी हुए हैं जिसमें अडानी का पावर प्लांट भी शामिल है कभी ऐसा नहीं हुआ कि ऐसी दुर्घटना के नेपथ्य में कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया हो सक्ति में हुए हादसे में एक नई परंपरा की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी कर रही है जो आने वाले दिनों में अगर चलन में आते हैं तो निश्चित ही छत्तीसगढ़ में निवेशकों को यहां निवेश करने में काफी दिक्कतें आ सकती है निवेशक छत्तीसगढ़ आने में कटराने लगेंगे जिससे छत्तीसगढ़ के लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा.
छत्तीसगढ़ / सक्ति Vedanta Blast Update : सक्ती में वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट मामले में 20 मजदूरों की मौत पर में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी मैनेजर देवेंद्र पटेल और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ डभरा पुलिस थाने में FIR दर्ज की है। प्लांट हेड देवेंद्र पटेल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
Vedanta Blast Update
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SP प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि डभरा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना), 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
घटना की जांच चल रही है और कई रिपोर्टों का इंतज़ार है। इनमें मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग की रिपोर्टें शामिल हैं। एसपी ने कहा की बलास्ट के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है (Vedanta Power Plant Blast)। सभी रिपोर्टें मिलने के बाद और भी धाराएं जोड़ी जाएंगी।
हादसे में 20 लोगों की मौत Vedanta Blast Update
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14 अप्रैल को हुए इस भीषण हादसे में बॉयलर से टर्बाइन तक हाई-प्रेशर वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मज़दूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का एलान किया है।
मंत्री के पहुंचने के बाद कारपोरेट राजनीती Vedanta Blast Update
बता दे की देश के श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन वेदांता पावर प्लांट शक्ति का दौरा कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया इसके पश्चात शक्ति जिले के प्रशासनिक अफसर के साथ बैठक कर मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत चर्चा के उपरांत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया जिसमें वेदांत ग्रुप के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है इस मामले में यह देखा जा रहा है कि प्रदेश के श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन देवांगन के दौरे के उपरांत फिर की प्रक्रिया तेज होने लगी.
Vedanta Blast Update
जानकारों का कहना है कि इस मामले में कॉरपोरेट की राजनीति तूल पकड़ती नजर आ रही है चुंकि अनिल अग्रवाल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन है जबकि यह मामला एक पावर प्लांट से संबंधित है जिस पर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सीधे तौर पर शामिल नहीं है मसलन उनके खिलाफ मामला नहीं बनाया जा सकता किंतु प्रदेश की राजनीति इस बात की ओर इंगित कर रही है कि इस प्रदेश में सिर्फ अदानी का राज चलेगा.
कोरबा। शहर के निहारिका क्षेत्र स्थित एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर में शनिवार 18 अप्रैल को एक दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 10:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें अहमदाबाद की प्रख्यात न्यूरो-साइकेट्रिक विशेषज्ञ डॉ. रजनी वर्मा एवं त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. जय बावने अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
शिविर में मानसिक एवं तंत्रिका संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा। डॉ. रजनी वर्मा ने बताया कि चिंता, डर, घबराहट, नशे की लत, डिप्रेशन, मिर्गी, तनाव, अनिद्रा (नींद की कमी) तथा बच्चों में व्यवहार संबंधी विकार जैसे मामलों का विशेषज्ञ परामर्श इस कैंप में निशुल्क दिया जाएगा।
वहीं त्वचा एवं कॉस्मेटिक समस्याओं के लिए भी यह शिविर उपयोगी रहेगा। डॉ. जय बावने द्वारा रेडियोफ्रिक्वेंसी/इलेक्ट्रोकॉटरी, केमिकल पीलिंग, फोटोथेरेपी, माइक्रोडर्माब्रेशन (स्किन पॉलिशिंग), लेजर द्वारा अनचाहे बाल हटाना, प्री-ब्राइडल स्किन ट्रीटमेंट (शादी से पूर्व मुंहासों के दाग हटाना, हाइड्रेशन बढ़ाना और तुरंत निखार लाना), झाइयों का उपचार, चेहरे के काले दाग-धब्बे, टैटू हटाना, सफेद दाग (विटिलिगो) तथा आंखों के आसपास कालापन जैसी समस्याओं पर विस्तृत जानकारी एवं परामर्श दिया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि शिविर में आने वाले सभी मरीजों की गोपनीयता (प्राइवेसी) का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि लोग बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
यह शिविर निहारिका स्थित एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर, नगर निगम जोन कार्यालय के पास आयोजित होगा। मरीजों की सुविधा के लिए पूर्व पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 7879165185 भी जारी किया गया है। गौरतलब है कि न्यू कोरबा हॉस्पिटल द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और “बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर जीवन” का उद्देश्य साकार हो सके।
कोरबा। KORBA BREAKING : जिला न्यायालय परिसर, जिसे न्याय का सबसे सुरक्षित स्तंभ माना जाता है, वहां गुरुवार को हुई एक खौफनाक घटना ने खाकी और कानून की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दीपका-कटघोरा शिक्षा विभाग में पदस्थ संदीप अग्रवाल कोर्ट की ऊपरी मंजिल से संदिग्ध हालात में नीचे गिरकर लहूलुहान हो गया। अस्पताल के बिस्तर पर न्याय के लिए तड़प रहे संदीप ने पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, वे किसी फिल्मी विलेन की क्रूरता से कम नहीं हैं।
कौन हैं वो ‘टी-शर्ट’ वाले जिनपर आरोप हैं KORBA BREAKING
एक रिटायर्ड फौजी के बेटे संदीप अग्रवाल का कहना है कि वे भ्रष्ट अधिकारियों की आंखों की किरकिरी बन चुके थे, इसलिए उन्हें झूठे दो साल पहले पॉक्सो एक्ट में फंसाया गया।यह मामला कटघोरा थाने में दर्ज है। गुरुवार को जब वे अपनी बेगुनाही के सबूत जुटाने के लिए RTI की जानकारी लेने कोर्ट पहुंचे, तो वहां मौजूद बाबू ने मांगी गई जानकारी देने के बजाय पुलिस को ‘टिप’ दे दी। संदीप का आरोप है कि कटघोरा थाने के दो सिपाही—एक मोटा और एक दुबला—सिविल ड्रेस में वहां पहुंचे। उन्होंने न केवल भद्दी गालियां दीं, बल्कि यह कहते हुए कि “हमें दो साल से परेशान कर रखा है,” उन्हें सीधे छत से नीचे धक्का दे दिया।
पुलिस पर लगा सवालिया निशान ?KORBA BREAKING
KORBA BREAKING
संदीप ने व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए पूछा कि यदि वे खुद गिरे थे, तो उन्हें पकड़ने आई ‘बहादुर’ पुलिस उन्हें तड़पता छोड़कर मौके से भाग क्यों गई? मानवता की मिसाल वकीलों ने पेश की, जिन्होंने घायल को अस्पताल पहुंचाया। संदीप, जो कभी खुद ट्रैफिक वॉलेंटियर बनकर पुलिस की मदद करते थे, आज उसी पुलिस की बर्बरता का शिकार होने का दावा कर रहे हैं।
एएसपी ने कहा: “वह फरार आरोपी है, उसका कथन लेंगे फिर कार्यवाही करेंगे”KORBA BREAKING
KORBA BREAKING
दूसरी ओर, एएसपी लखन पटले ने कहा है कि संदीप दो साल से फरार था और उस पर छात्राओं से छेड़छाड़ का संगीन जुर्म है। पुलिस का कहना है कि वे उसे पकड़ने गए थे। हालांकि, आरोपी के अस्पताल पहुँचने के बाद अब पुलिस ‘विवेचना’ और ‘कथन’ की बात कर रही है। फिलहाल संदीप को अस्पताल में निगरानी में रखा गया है,बाद में उसे गिरफ्तार किया जाएगा।