बिलासपुर : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा की पूज्य माताजी स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा (10 जुलाई 1942, 15 फरवरी 2026) की पुण्य स्मृति में 18 फरवरी 2026 को शाम 5 बजे से 6ः30 बजे तक शांति हवन का आयोजन उनके शासकीय आवास, उच्च न्यायालय आवासीय परिसर, बोदरी, बिलासपुर में किया गया। कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारंभ हुआ और भजन संध्या के साथ शोक सभा का आयोजन किया गया। सभी उपस्थित जनों ने मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की।
मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने माताजी के जीवन, उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद ने सदैव कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और सेवा भाव की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि माताजी की स्मृतियाँ हमेशा शक्ति और प्रेरणा प्रदान करती रहेंगी। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, माननीय मंत्री श्री तोखन साहू, माननीय मंत्री श्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशगण, श्री रमेश बैस, श्री सुशांत शुक्ला, महाधिवक्ता, पुलिस महानिदेशक, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव, वरिष्ठ अधिवक्तागण, प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारीगण, रजिस्ट्रार जनरल और रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्यायपालिका के अधिकारीगण, अधिवक्तागण, उच्च न्यायालय के कर्मचारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कोरबा। The case of the liquor store शहर के पुराना बस स्टैण्ड क्षेत्र में स्थित विदेशी मदिरा दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की मांग पर कोरबा विधायक व प्रदेश के आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने संज्ञान लिया है। इस विषय पर व्यापारियों ने मंत्री श्री देवांगन से मुलाकात कर विभिन्न संगठनों द्वारा भी शराब दुकान हटवाने सम्बन्धी आवेदन पत्र सौंपा। श्री देवांगन ने तत्काल आबकारी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने हेतु टिप्पणी कर निर्देशित किया है।
The case of the liquor store
The case of the liquor store
प्रतिनिधिमंडल ने इसके लिए श्री देवांगन को धन्यवाद देते हुए आग्रह किया है वे इस पर गंभीरता दिखाएं। अब गेंद पूरी तरह से आबकारी अधिकारी के पाले में है। व्यापारियों व संगठन प्रमुखों ने कलेक्टर कुणाल दुदावत के नाम आवेदन सौंपते हुए अपर कलेक्टर भी मिलकर आग्रह किया है कि शराब दुकान हटवाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करें।
The case of the liquor store
बता दें कि इस संबंध में वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद श्रीमती सुलोचना यादव ने भी अपनी सहमति दी है और पत्र लिखा है। इनके अलावा जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रोटरी क्लब कोरबा, मध्य नगरीय व्यापारी संघ, सरस्वती शिशु मंदिर पुराना बस स्टैंड, गुरु सिंह सभा इतवारी बाजार, श्री श्याम मित्र मंडल, श्री पंचदेव मंदिर सेवा समिति, श्री श्वेतांबर जैन समिति, श्री राम जानकी मंदिर पुराना बस स्टैंड की तरफ से भी पत्राचार कर शराब दुकान कहीं और शिफ्ट करने की मांग की गई है।
The case of the liquor store
सभी संगठन प्रमुखों ने कहा है कि पुराना बस स्टैण्ड के समीप स्थित विदेशी मदिरा दुकान अत्यंत संवेदनशील एवं घनी आबादी वाले क्षेत्र में संचालित की जा रही है। उक्त स्थान के समीप मंदिर, विद्यालय एवं विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थित हैं तथा यह क्षेत्र शहर का प्रमुख आवागमन केंद्र होने के कारण यहां दिन भर आम नागरिकों, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं परिवारों का आवागमन बना रहता है। मदिरा दुकान के कारण क्षेत्र में आए दिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा, गाली-गलौज, झगड़े-मारपीट तथा अन्य अनुचित गतिविधियां होती रहती हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों, महिलाओं एवं बालिकाओं को असुरक्षित एवं असहज वातावरण का सामना करना पड़ता है।
The case of the liquor store
इससे न केवल क्षेत्र का सामाजिक वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है तथा आसपास के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसे हटाना जरूरी है ताकि क्षेत्रवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके तथा सुरक्षित एवं स्वस्थ सामाजिक वातावरण सुनिश्चित हो सके।
कोरबा। Korba Accident Breaking : कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर बांगो थाना क्षेत्र के मोरगा चौकी अंतर्गत मोरगा-केंदई मार्ग में हसदेव पुल के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। दुर्घटना में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।
Korba Accident Breaking
जानकारी के मुताबिक हाईवा और पिकअप वाहन के बीच जोरदार टक्कर में दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि हाईवा का चालक वाहन में ही फंस गया। मौके पर पहुंचे लोगों और पुलिस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला। हादसे के बाद अफरा-तफरी मची रही।
Korba Accident Breaking
घटना की सूचना मिलते ही मोरगा चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। घायल को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया, वहीं मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों मृतक बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं।
रायपुर (ब्लैकआउट न्यूज़) CG DMF scam छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित डीएमएफ घोटाला प्रकरण में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने उन्हें रायपुर के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने 6 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की। अब ईओडब्ल्यू की टीम 25 फरवरी तक उनसे विस्तृत पूछताछ करेगी।
डीएमएफ घोटाले मे 40% कमीशन CG DMF scam
Satpal singh chhabra
प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि जिला खनिज न्यास कोरबा के फंड से विभिन्न निविदाओं के आवंटन में व्यापक वित्तीय अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि निविदा प्रक्रिया में कुछ ठेकेदारों को अवैध लाभ पहुंचाया गया। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा संकलित तथ्यों के अनुसार निविदा प्रक्रिया में संजय शिंदे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, ऋषभ सोनी तथा कथित बिचौलियों मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल और शेखर के साथ मिलकर अनियमित तरीके से धन अर्जित किया गया।
कमीशन वितरण का आरोप CG DMF scam
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जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि डीएमएफ के कार्य परियोजनाओं में कमीशन का बंटवारा किया गया। आरोपों के अनुसार, कलेक्टर को 40 प्रतिशत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को 5 प्रतिशत, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) को 3 प्रतिशत तथा उप अभियंता को 2 प्रतिशत तक कमीशन दिया गया। बताया गया है कि फंड खर्च के नियमों में संशोधन कर सामग्री आपूर्ति, प्रशिक्षण, कृषि उपकरण, खेल सामग्री एवं चिकित्सकीय उपकरण जैसी नई श्रेणियां जोड़ी गईं, जिससे आवश्यक विकास कार्यों को दरकिनार कर अधिक कमीशन वाले कार्यों को स्वीकृति दी जा सके।
575 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच CG DMF scam
कोरबा में 575 करोड़ रुपये से अधिक के डीएमएफ घोटाले की जांच के दौरान ये तथ्य उजागर हुए हैं। इसकी पुष्टि रायपुर न्यायालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत लगभग 6 हजार पृष्ठों के चालान से हुई है। फिलहाल ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही पूछताछ के बाद मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बालको मेडिकल सेंटर द्वारा बालको अस्पताल परिसर में एक नई फार्मेसी (औषधि भंडार) की शुरुआत की गई है। इस फार्मेसी का उद्घाटन भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार तथा बालको मेडिकल सेंटर की चिकित्सा निदेशक डॉ. भावना सिरोही द्वारा किया गया। इस अवसर पर अस्पताल के मुख्य चिकित्सक अधिकारी श्री विवेक सिंहा एवं कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
इसका उद्देश्य कोरबा एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को एक ही स्थान पर आसानी से कम कीमत और उचित समय पर आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराना है। नई फार्मेसी के शुरू होने से अब मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयों के लिए शहर के दूर-दराज इलाकों में भटकना नहीं पड़ेगा। यहाँ सामान्य से लेकर विशेष उपचार में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध रहेंगी, जिन पर विशेष रियायत भी दी जाएगी, जिससे इलाज का खर्च कम होगा और मरीजों को समय पर दवा मिल सकेगी।
बालको के सीईओ श्री राजेश कुमार ने कहा कि यह पहल क्षेत्र के लोगों को बेहतर, सुलभ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मरीजों को उपचार के साथ-साथ दवाइयाँ भी उसी परिसर में आसानी से मिल सकेंगी। कंपनी हमेशा सामुदायिक स्वास्थ्य विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है।
कोरबा ( संतोष कुमार सारथी) कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत सनसनीखेज मामला सामने आए हैं, जहां बीती रात रिहायशी इलाके में एक युवक द्वारा बंदूक से फायरिंग की घटना सामने आई है, घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल हैं, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई हैं।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है, आरोपी से पूछताछ जारी हैं। घटना बीती रात लगभग 11 बजे के करीब की बताई जा रही जहां, बालको थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत दोनद्रो, संगमनगर के एक मकान में आरोपी गोली दाग कर फरार हो गया था। गोली घरसे के शटर को भेदते हुए दिवाल में जा लगी। मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को कब्जे में ले लिया है, जल्द मामले में खुलासा किया जा सकता है। बहरहाल क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ हैं।
रायपुर (ब्लैकआउट न्यूज़ ) Concern over inactive municipal corporation : विभागों में लगातार बढ़ती जनशिकायतों और उनके समय पर निराकरण को लेकर राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को स्पष्ट आदेश दिया है कि सभी जनशिकायतों का 21 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा किया जाए और संबंधित कार्रवाई की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
Concern over inactive municipal corporation
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बतादे की विभागों में लगातार बढ़ती जनशिकायतों और उनके समय पर निराकरण को लेकर राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को स्पष्ट आदेश दिया है कि सभी जनशिकायतों का 21 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा किया जाए और संबंधित कार्रवाई की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
राज्य सरकार का आदेश Concern over inactive municipal corporation
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नगरीय प्रशासन संचालनालय ने इस संबंध में सभी निगम आयुक्तों, क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के सीएमओ को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि लोक अर्जियों और शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन समय पर समाधान न होने से जनता का भरोसा प्रभावित हो रहा है। जारी निर्देशों के तहत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को कहा गया है कि वे जनशिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा करें। साथ ही, विभागों में नियुक्त नोडल अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित समाधान करने के लिए व्यक्तिगत रूप से सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य Concern over inactive municipal corporation
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक शिकायत के समाधान के बाद उसकी संपूर्ण कार्रवाई की जानकारी संबंधित विभागीय आईडी से ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य शासन स्तर पर निगरानी और समीक्षा को आसान बनाना है।
50% से अधिक शिकायतें लंबित Concern over inactive municipal corporation
सामान्य प्रशासन एवं जनशिकायत निवारण विभाग की समीक्षा में पाया गया कि वर्तमान में लोक अर्जियों के 50 प्रतिशत से अधिक प्रकरण लंबित हैं। विशेषकर वे शिकायतें, जिनका 21 दिन के भीतर निराकरण नहीं हो पा रहा है, शासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।
कोरबा ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) Lanco public hearing eclipsed आगामी 27 फरवरी को पतली स्थित अमरकंटक लैंको पावर प्लांट अदानी ग्रुप के 5 – 6 नंबर इकाई के विस्तार के लिए जनसुनवाई का आयोजन किया गया है जनसुनवाई के पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीण रामबन होने लग गए जनसुनवाई के भारी विरोध के कारण लैंको के अधिकारी सतर्क हो गए वहीं जनप्रतिनिधियों को मैनेज करने का काम तेजी से किया जा रहा है.
प्रशासन भी इस मामले को लेकर गंभीर मुद्रा में है क्योंकि लिंग को पावर प्लांट अदानी ग्रुप अर्थात गौतम अडानी की संपत्ति है और यह सभी जानते हैं कि गौतम अडानी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभिन्न मित्रों में से हैं और उनका काम रुकना मतलब प्रधानमंत्री का काम रुकने के बराबर है इसलिए प्रशासन भी काफी गंभीर नजर आ रहा है.
Lanco public hearing eclipsed
Lenco amarkantak powar plant patadi (adani grupe
हाल ही में प्रभावित ग्राम के लोगों ने सत्ता पक्ष को छोड़कर विपक्ष में रहे पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल से संपर्क कर समर्थन मांगा था पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी थी और यह भी कहा था कि किसी भी परिस्थिति में मैं ग्रामीणों के साथ खड़ा हूं इसके बाद मामला और ज्यादा गंभीर हो गया क्योंकि जानने वाले इस बात को अच्छी तरह जानते हैं जय सिंह अग्रवाल किसी भी स्तर पर जाकर आंदोलन कर सकते हैं और उनके इस आंदोलन में कूदना बैंकों के लिए भारी पड़ सकता है.
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इसके साथ ही आज कलेक्टर जैन दर्शन में ग्राम पंचायत दादानी के ग्रामीणों ने आकर कलेक्टर से मुलाकात की और अपनी व्यथा सुनाई ग्रामीणों ने कहा कि हम अपनी जमीन लाइन को नहीं देना चाहते यानी आगामी 27 फरवरी को होने वाली जनसुनवाई को निरस्त किया जाए यह पत्र बैंकों के लिए परेशानी का सबक बन सकता है.
दूसरी तरफ युवक कांग्रेस कोरबा में भी इस जनसुनवाई का विरोध करते हुए एक ज्ञापन कलेक्टर को सौप है जिसमें कई मांगों का उल्लेख भी किया गया है पूर्व में किए गए अधिग्रहण के बाद ग्रामीणों को नौकरी के लिए डर-डर की ठोकर खाना पड़ा इस बात का भी उल्लेख किया गया है पता चला है कि कुछ जनपद सदस्य और पंचायत प्रतिनिधि सरपंच द्वारा भी भारी विरोध किया जा रहा है वही जो खबर छनकर आ रही है उससे यह भी पता चला है कि कुछ सरपंच और जनपद पंचायत सदस्य लेंको के अधिकारियों से बैठक कर अंदर खाने सेटिंग कर लिए हैं.
यहाँ यह बताना लाजमी होगा की जिन लोगों ने सेटिंग किया है यह बात भी ग्रामीणों पर संज्ञान में आने के बाद उनके खिलाफ भी ग्रामीण लाम बंद हो गए अब देखना यह होगा क्या आगे 27 फरवरी को होने वाली जनसुनवाई में कौन सा नेता विधायक सांसद जनपद सदस्य एवं सरपंच विरोध में कूदते हैं या फिर मौन स्वीकृति दें देते है जो प्रतिनिधि मौन स्वीकृति प्रदान करेगा उसे ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ेगा.
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बतादे की 26 जनवरी को ही कंपनी के मुखिया गौतम अदानी का कोरबा दौरा भी हुआ था। उन्होंने प्लांट का जायजा लिया था। इसे लेकर आगामी दिनों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति मिलनी थी लेकिन ग्रामीणों के विरोध ने लेंको प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है.
ढनढनी के ग्रामीणों ने जमीन देने से साफ इंकार कर दिया है। इसे लेकर संयंत्र विस्तार की कवायद में रूकावट पैदा हो गयी है । ग्राम ढनढनी के ग्रामीण अदानी पावर प्लांट पताढ़ी को जमीन नहीं देना चाहते। जिसे लेकर उन्होंने मामले की शिकायत कलेक्टर से की है।
कलेक्टर जनदर्शन में किए गए शिकायत में ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम ढनढनी के जमीन को अदानी पावर प्लांट पताढी द्वारा अधिग्रहण करने 27 फरवरी को जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन स्कूल मैदान सरगबुंदिया में रखा गया है। जिसका ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि समस्त ग्रामवासी जमीन अधिग्रहण के लिए सहमत नहीं है।
लैंको की जनसुनवाई की आज ताजा हुई Lanco public hearing eclipsed
बता दे की लिंग को अमरकंटक पावर प्लांट कि जब स्थापना हुई थी तब भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा था इस मामले में ग्रामीण पर लाठी चार्ज भी हुआ था और उसे वक्त विपक्ष में रहे कांग्रेस के नेताओं पर मामला भी दर्ज किया गया था तत्कालीन कलेक्टर आरपीएससी त्यागी इस मामले को लेकर एक तरफा कार्रवाई कर लैंकों की जान सुनवाई को संपन्न कराया था यह मामला जोर-जोर से राष्ट्रीय स्तर पर उठा था हालांकि हुआ कुछ नहीं लेकिन जनसुनवाई गैर कानूनी ढंग से संपन्न हो गई और संयंत्र स्थापित भी हो गया.
उस वक्त भी ग्रामीण एवं नेताओं ने भारी विरोध किया था लेकिन उस वक्त जमीन अधिग्रहण का मामला आज भी पेंडिंग है कई ग्रामीणों को आज भी भूमि अधिग्रहण का मुआवजा एवं नौकरी नहीं मिल पाई थी जिसे कुछ ग्रामीणों ने और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर का ध्यान इस और आतिश कराया है
पर अब देखना यह होगा कि वर्तमान कलेक्टर मोदी मित्र गौतम अडानी के पक्ष में लैंको की जनसुनवाई जैसी जनसुनवाई करवा कर 5 – 6 नंबर यूनिट के विस्तार की अनुमति देते हैं या फिर ग्रामीण फिर से ठगे के ठगे रहेंगे.
बाॅंकीमोंगरा (विमल सिंह ब्लैक आउट न्यूज) :Beware of thieves : बाकीमोगरा क्षेत्र में इन दोनों चोरों का एक गिरोह सक्रिय है जो अपने टारगेट पर सतत निगाह जमाये हुई है हालांकि पुलिस ने भी शिकायत के बाद पुलिसिंग गस्त बढ़ा दी है लेकिन व्यवसाईयों को सतर्क रहने की आवश्यकता है.
इन दिनों बाँकीमोंगरा क्षेत्र मे कभी लुट,कभी चोरी तो कभी डकैती सामान्य बात सी लगने लगी है,बीते कुछ समय से लगातार बाॅंकीमोंगरा में एक के बाद एक घटनाएं सामने आ ही रही है।हांलाकि इसमे कुछ घटनाओं में बाॅंकीमोंगरा पुलिस को सफलता भी मिली है और आरोपियों पर कार्यवाही भी की गई है।
मोबाइलों की हो रही है चोरी Beware of thieves
Beware of thieves
मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ सप्ताहों से लोगों के जेबों से मोबाइल गायब होना बताया जा रहा है,जो की लगातार जारी है,ना जेबों से पैसे न पर्स केवल मोबाइल को ही गायब कर रहे है इससे सहज़ ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है की नवजावान बड़े बड़े शौक तो पाले हुए है लेकिन बेरोजगारी के आलम मे बड़े शौक को पूरा कर पाना संभव नहीं है अलबत्ता शार्ट कट मे धन्यवाद कमाने की लालसा ने युवाओ को पथ भ्रष्ट कर दिया है.
साप्ताहिक बाजार में बनाते है अपना निशाना Beware of thieves
Beware of thieves
बाॅंकीमोंगरा में साप्ताहिक बाजार सोमवार के दिन लगता है जिसमें आस पास के लगभग 8-10 गाँवो के लोग बाजार करने के लिए आते है। और ये चोरी करने वाले लोग भीड़ भाड़ वाली जगह का फायदा उठा कर अपना काम कर जाते है,मतलब मौका मिलते है लोगों के जेब से मोबाइल निकाल कर रफू चक्कर हो जाते है।
इस तरह देते है घटना को अंजाम Beware of thieves
बताते है कि ये उनके द्वारा बाद में अनुभव किया गया कि जैसे ही उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट कर के मोबाइल वापस जेब में डाला उसके बाद उन्हें मोबाइल नहीं मिला और या फिर कोई बच्चा आप से पैसे मांगने आता है उसके बाद ये घटना घट जाती है।मसलन मोबाईल चोर लगातार रेकी कर घटना को अंजाम दें रहे है.
03 लोगों ने दर्ज कराई शिकायत Beware of thieves
उक्त घटना का शिकार हुए कुछ लोगों में 03 लोगों ने 16-02-2026 को बाॅंकीमोंगरा में उपस्थित होकर मोबाइल गुम की सूचना दर्ज कराई,उनके अनुसार उन्हें समझ ही नहीं आया कि बाजार करने के दौरान कब उनके जेब से मोबाइल गिर गया। सूचना दर्ज करने वालों रामप्रसाद साहू कुदरीपारा बाॅंकीमोंगरा,अब्दुल हकीम सोमवार बाजार बाॅंकीमोंगरा,निर्भय बरेठ गजरा बस्ती निवासी का नाम है,जिनका मोबाइल कल सोमवार 16-02-2026 को सोमवारी बाजार क्षेत्र में लगभग 07 बजे के आस पास कही गुम हुआ है।
सतर्कता के साथ बचा जा सकता है बड़ी घटनाओं से Beware of thieves
आप की सतर्कता ही ऐसे अनहोनी घटनाओं से आप को बचा सकती है,भीड़ भाड़ वाले जगहों पर अपने सामनों की सुरक्षा का ध्यान विशेष रूप से रखे,जरूरत न होने पे मंहगे मोबाइल या अन्य कोई समय भीड़ भाड़ वाली जगहों पे ले कर न जाये, मोबाइल का उपयोग करने के बाद सुरक्षित तरीके से अपने जेब में रखे,समय समय पर जेब चेक करते रहे। इस तरह छोटी छोटी बातों को ध्यान में रख कर आप बड़ी अनहोनी से बच सकते है।
कब तक पकड़ में आयेंगे ये गिरोह? Beware of thieves
निश्चित तौर पे ये माना जा सकता है कि जिस तरह सिलसिलेवार कुछ सप्ताह से लगातार विशेष स्थान पर विशेष सामान की गुम की जानकारी सामने आ रही है तो कही न कही किसी गिरोह ही होगा जो ऐसे घटनाओं को अंजाम देता होगा।
घटना के शिकार होने के बाद क्या करे
अब सब से बड़ा सवाल आता है कि अगर आप की मोबाइल खो जाए या चोरी हो जाए तो आप क्या करे ,जानकारों/विशेषज्ञों का कहना है कि आप अगर इस तरह की घटना का शिकार आप हो जाते है तो सर्वप्रथम आप अपने सिम को बंद कर दें उसके बाद अपने मोबाइल का बिल के साथ जाए और अपने थाना क्षेत्र में जा कर लिखित शिकायत दर्ज कराएं ,समय रहते ऐसा कराया जाने से आप बड़े नुकसान से बच सकते है और संभवतः आप के गुम मोबाइल की मिलने की संभावने बढ़ जाती है।
पुलिस को बढ़ानी होगी गस्त
जिस तरफ से मोबाइल चोर गिरोह साप्ताहिक बाजार में सक्रिय है उसे देखते हुए ऐसा लगता है बाॅंकीमोंगरा पुलिस को भीड़ भाड़ वाले जगहों पे एवं हाट बाजारों पे अपने पैनी नज़र रखनी चाहिए ताकि ऐसी घटना घटित न हो।
कोरबा। Massive opposition to Lanco public hearing : भारतीय युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) ने अडानी समूह की लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड Adani Lanco Unit 5-6 Korba की प्रस्तावित यूनिट 5-6 को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। संगठन ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 27 फरवरी 2026 को ग्राम सरगबुंदिया में प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई को तत्काल निरस्त या स्थगित करने की मांग की है।
Massive opposition to Lanco public hearing
Lenco amarkantak powar plant patadi (adani grupe
जिला अध्यक्ष राकेश पंकज की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने वर्ष 2011 में आसपास के गांवों की लगभग 1700 पट्टा भूमि अधिग्रहित की थी, लेकिन प्रभावित परिवारों को अब तक स्थायी रोजगार नहीं दिया गया। भूमि अधिग्रहण Land Acquisition Violation 2013 Act के समय रोजगार और पुनर्वास का आश्वासन दिया गया था, जिसे पूरा नहीं किया गया।
Massive opposition to Lanco public hearing
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ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की भावना का उल्लंघन हुआ है। कई किसानों को बाजार दर के अनुरूप पारदर्शी और न्यायोचित मुआवजा नहीं मिला, वहीं पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की समुचित व्यवस्था भी नहीं की गई। हाई वोल्टेज बिजली लाइनों के लिए राइट ऑफ वे (ROW) के तहत भी प्रभावित भू-धारकों को उचित मुआवजा न दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
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युवा कांग्रेस ने कंपनियों अधिनियम 2013 की धारा 135 के तहत CSR नियमों की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया है। ज्ञापन के अनुसार, स्थानीय क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में अपेक्षित कार्य नहीं हुए। संगठन का कहना है कि CSR फंड का उपयोग स्थानीय विकास के अनुरूप नहीं किया गया।
पर्यावरणीय उल्लंघनों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में दावा किया गया है कि पर्यावरणीय स्वीकृति से पहले निर्माण कार्य शुरू किया गया, राखड़ और प्रदूषण से जनस्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है तथा ग्रामीणों को हसदेव नदी का प्रदूषित पानी उपयोग करने को मजबूर होना पड़ रहा है। राखड़ के खुले परिवहन और अवैध डंपिंग, ऐश पांड के समुचित प्रबंधन की कमी तथा निर्धारित प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पालन न करने का भी उल्लेख किया गया है।
Massive opposition to Lanco public hearing
युवा कांग्रेस ने मांग की है कि वर्ष 2011 के सभी 1700 प्रभावित परिवारों को स्थायी रोजगार देने की समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक की जाए, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत लंबित मुआवजा और पुनर्वास लाभों की स्वतंत्र जांच कराई जाए, CSR फंड के उपयोग का सोशल ऑडिट कराया जाए और यूनिट 5-6 के सभी निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक पूर्व शर्तों का पारदर्शी और न्यायोचित पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक नई परियोजना को आगे बढ़ाना जनविरोधी और कानून के खिलाफ होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि एनजीटी, श्रम विभाग, कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है।