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ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका, सांसद ने सौंपा इस्तीफा, जानें इस्तीफे की वजह

नई दिल्ली: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में लेडी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने रविवार को इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को पत्र लिखकर कहा कि मैंने अपना पद छोड़ने का फैसला लिया है.
जवाहर सरकार ने ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आरजी कर अस्पताल में हुई दरिंदगी को लेकर वह तुरंत कोई सख्त कदम उठाएंगी. वह पुरानी ममता बनर्जी की तरह इसपर एक्शन लेंगी. लेकिन उन्होंने तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया. कदम उठाया भी तो बहुत देर हो चुकी थी. उन्होंने उम्मीद जताई की राज्य में जल्द ही शांति बहाल होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘आरजी कर अस्पताल में हुई भयानक घटना के बाद से पीड़ित हूं और ममता बनर्जी की पुरानी शैली में आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टर के साथ आपके सीधे हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहा था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ.’
जवाहर सरकार ने अपने पत्र में कहा है कि कोलकाता में हो रहा मौजूदा विरोध प्रदर्शन जिसने बंगाल को झकझोर कर रख दिया है, वह टीएमसी सरकार के ‘कुछ पसंदीदा लोगों और भ्रष्ट लोगों के अनियंत्रित दबंग रवैये’ के खिलाफ जनता के गुस्से का प्रतिबिंब है.
सीएम ममता को लिखे अपने पत्र में जवाहर सरकार ने पार्टी में भ्रष्टाचार का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पंचायत और नगर पालिकाओं में स्थानीय स्तर के पार्टी नेताओं ने भारी संपत्ति अर्जित की है जिससे बंगाल के लोगों को नुकसान हुआ है.

पैरालंपिक में भारतीय पैरा एथलीटों ने पूरा किया अपना वादा, भारत 29 मेडल के साथ इस स्थान पर पहुंचा

Paralympics 2024: पैरालंपिक 2024 का आयोजन फ्रांस का राजधानी पेरिस में किया जा रहा है। जहां भारतीय पैरा एथलीट लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पैरा एथलीटों ने इस बार किए गए अपने वादे को भी पूरा कर दिया है। भारतीय पैरालंपिक समिति के चीफ डी मिशन सत्य प्रकाश सांगवान ने पेरिस में पैरालंपिक शुरू होने से पहले 28 या उससे ज्यादा मेडल का वादा किया था। उन्होंने इंडिया टीवी को दिए गए अपने एक इंटरव्यू के दौरान यह बात कही थी। अब भारत के पास 29 मेडल हो गए हैं, वहीं भारतीय पैरा एथलीट और भी मेडल जीत सकते हैं।

10वें दिन भारत ने जीते दो मेडल

पैरालंपिक के 10वें दिन भारत ने कुल दो मेडल जीते हैं। जिसमें दिन का पहला मेडल पैरा एथलीट सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 200 मीटर टी12 इवेंट के फाइनल में 24.75 सेकेंड में रेस को पूरा करने के साथ ही जीता। उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफलता हासिल की। वहीं दिन का दूसरा मेडल नवदीप ने जीता। उन्होंने जैवलिन थ्रो के एफ 41 वर्ग के फाइनल में कमाल का प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने दमदार खेल दिखाते हुए  47.32 मीटर का थ्रो किया। पहले उन्हें इस इवेंट का सिल्वर मेडल दिया गया था और गोल्ड रिपब्लिक ऑफ ईरान के सयाह बेइत ने जीता था। लेकिन फिर ईरान के पैरा एथलीट को डिसक्वालीफाई कर दिया गया। इसी वजह से भारत के नवदीप को स्वर्ण पदक मिल गया। यह पैरालंपिक 2024 में भारत का 29वां मेडल रहा।

चीफ डी मिशन ने किया था वादा

भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश सांगवान ने इंडिया टीवी से कहा था कि हमने 2016 के रियो खेलों में चार और टोक्यो में 19 पदक जीते थे, लेकिन अब हम पेरिस में रिकॉर्ड 25 से ज्यादा पदकों की उम्मीद कर रहे हैं। उनकी आंतरिक भावना भारत के लिए 28 पदकों की उम्मीद कर रही है। वह न केवल उम्मीद कर रहे हैं, बल्कि पेरिस में आठ से दस स्वर्ण सहित रिकॉर्ड 28 पदकों के लिए आश्वस्त भी हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वह इस पैरालंपिक में टी-20 (पदक तालिका में टॉप 20 टीमें) में रहकर सभी को गौरवान्वित करेंगे। सत्य प्रकाश सांगवान के कही बातों के अनुसार भारतीय दल 7 गोल्ड मेडल, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल के साथ 16वें स्थान पर मौजूद है।

टॉप तीन में मौजूद ये तीन देश

पैरालंपिक गेम्स 2024 के 9वें दिन के खेल के बाद मेडल टैली पर एक नजर डालें तो पहले स्थान पर चीन पहले स्थान पर है। उनके पास कुल 216 मेडल हैं। जिसमें 94 गोल्ड, 73 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज शामिल है। दूसरे स्थान पर ग्रेट ब्रिटेन है। उन्होंने 47 गोल्ड, 42 सिल्वर और 31 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। तीसरे स्थान पर 102 मेडल के साथ अमेरिका मौजूद है। जिसमें 36 गोल्ड, 41 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज मेडल हैं।

भगवान बलराम जयंती के उपलक्ष्य में कल छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा किसान दिवस

रायपुर : कृषि के देवता माने जाने वाले भगवान श्री बलराम जी की जंयती के उपलक्ष्य में 9 सितम्बर को प्रदेश में किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। किसान दिवस का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रान्त के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मण्डपम में दोपहर 12ः00 बजे प्रारंभ होगी।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी होंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रान्त के अध्यक्ष सुरेश चन्द्रवंशी भी उपस्थित रहेंगे।

किसान दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि पर विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ की संकल्पना, इसकी प्रविधि एवं इससे प्राप्त लाभों से अवगत कराया जाएगा। इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 2 हजार से अधिक किसान शामिल होंगे। इसी दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में संचालित 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी श्री बलराम जयंती-किसान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति में आदिकाल से ही कृषि में गौ उत्पादों जैसे गोबर और गौमूत्र का प्रयोग होता रहा है। गौ आधारित खेती रसायन एवं कीटनाशक मुक्त कृषि की वह पद्धति है जिसमें परम्परागत तरीके से प्रकृति के नियमों का अनुसरण करते हुए देशी पद्धति खेती के सिद्धांत को अपनाकर खेती की जाती है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है, जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और खेती की लागत कम हो जाती है।

CG Accident News : मवेशी को बचाने के चक्कर में भिड़ी दो कारें, बाल-बाल बची कार सवारों की जान

रायपुर : सड़कों पर मवेशियों की वजह से दो कारें आपस में भिड़ गई और दोनों ही कार बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार की दोपहर 3.30 बजे के करीब एक कार रेलवे स्टेशन की ओर से एयरपोर्ट की ओर जा रही थी।

इसी बीच सड़क पर कुछ मवेशी सामने आ गए और चालक ने ब्रेक लगाया, लेकिन गाड़ी नहीं रोक पाया। वहीं, पीछे से आ रही एक अन्य कार ने पीछे से उक्त कार को टक्कर मारी, जिससे एयरपोर्ट की ओर जाने वाली कार मवेशियों से टकराकर सड़क के किनारे नाले में जा गिरी। वहीं, जिस कार ने टक्कर मारी उसका भी सामने और पीछे दोनों ही ओर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

हालांकि इस पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन एक गोवंश की मौत जरूर हो गई। इसके बाद पेट्रोलिंग की टीम ने दोनों ही गाड़ियों को सड़क से किनारे किया और एक गाड़ी को क्रेन की सहायता से थाने ले जाया गया। जहां दोनों ही चालकों का बयान भी दर्ज किया गया।

 

 

मगध एक्सप्रेस हुई हादसे का शिकार, बक्सर में डुमरांव और रघुनाथपुर स्टेशन के बीच हुआ हादसा

बिहार के बक्सर में डुमरांव और रघुनाथपुर स्टेशन के बीच एक रेल हादसे की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, मगध एक्प्रेस हादसे का शिकार हो गई। जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल बक्सर-पटना रेलखंड पर रेल परिचालन बाधित है और घटनास्थल के लिए रेलवे के अधिकारी रवाना हो गए हैं। हादसा करीब 11 बजे की बताई जा रही है। मौके पर अभी कोई भी रेस्क्यू टीम या फिर कोई अधिकारी नहीं है।

Korba News : फांसी के फंदे पर लटका मिला महिला का शव, जांच में जुटी पुलिस

कोरबा : सीएसईबी कॉलोनी पथरीपारा में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला है। महिला की पहचान कमलाबाई (40) के रूप में हुई है, जो अपने पति तांतीराम के साथ रहती थी।

महिला का पति तांतीराम आबकारी विभाग का गार्ड है और बालको रोड स्थित रामपुर शराब दुकान पर कार्यरत है। घटना की जानकारी सुबह मिली, जब तांतीराम ने पत्नी को फांसी के फंदे पर लटका देखा। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला का व्यवहार पिछले तीन महीनों से बदल गया था और वह अक्सर धार्मिक चीजें देखती थी। घटना के कारणों की जांच अभी भी जारी है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

महिला के परिवार में पति तांतीराम के अलावा दो बच्चे हैं। घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार है।

Swine Flu: छत्तीसगढ़ में धीरे-धीरे पैर पसार रहा स्वाइन फ्लू, आपको भी महसूस हो ये लक्षण तो न करें लापरवाही

Swine Flu: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (Swine Flu in CG) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में अब तक 300 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 17 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं बिलासपुर जिले में एक और महिला मरीज की मौत हो गई है. बिलासपुर हॉट स्पॉट बना हुआ है, यहां स्वाइन फ्लू से अब तक 9 लोगों जानें गई है. प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. विभाग ने नियंत्रण के संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है.

क्या होता है स्वाइन फ्लू (Swine Flu)

स्वाइन फ्लू, जिसे H1N1 इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होने वाला फ्लू संक्रमण कहा जाता है, एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन संक्रमण है. यह वायरस सूअरों से शुरू हुआ और पहली बार 1919 की महामारी के दौरान पहचाना गया था. आज भी यह मौसमी फ्लू वायरस के रूप में फैलता है.

टोल फ्री नंबर 104 जारी (Swine Flu)

स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 104 जारी किया गया है. किसी भी व्यक्ति की तबियत बिगड़ने पर इस नंबर पर फोन कर जानकारी दे सकते हैं. जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मदद के लिए उपस्थित हो जाएंगी. 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है.

बीमारी से निपटने पुख्ता इंतजाम

सीएमएचओ डॉ प्रभात श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि स्वाइन फ्लू की बीमारी से निपटने के लिए सारे पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मेडिकल कालेज सिम्स, जिला अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आईसोलेशन वार्ड, दवाइयां और आक्सीजन सिलेंडर की पूरी सुविधा उपलब्ध है. जरूरत होने पर मरीज को उच्च संस्थान में भेजने हेतु एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है.

शुरूआत से ही इलाज कराएं

डॉ श्रीवास्तव ने कहा कि स्वाइन फ्लू यह सामान्य बुखार जैसा ही होता है. शरीर में दर्द, सर्दी, बलगम की शिकायत के साथ बुखार आता है तो ऐसे मे तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक होता है. वाइन फ्लू में शुरूवात से ही उपचार लेना चाहिए. स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए भीड़ से दूर रहना चाहिए. प्रथम 72 घंटे में आराम नहीं होने पर स्वाइन फ्लू की जांच अवश्य कराएं.

Swine Flu फैलने का मुख्य कारण क्या है?

डॉक्टरों के मुताबिक फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है. ज्यादातर लोगों को फ्लू तब होता है जब वे फ्लू से पीड़ित किसी व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली छोटी-छोटी हवा में मौजूद बूंदों को सांस के जरिये अंदर लेते हैं. अगर आप वायरस वाली किसी चीज को छूते हैं और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूते हैं, तो भी आपको फ्लू हो सकता है.

CRIME NEWS : भिखारी को भीख नहीं देना पड़ा भारी, घोंप दिया चाकू

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नई बस्ती 24 में एक भिखारी सड़क पर आते-जाते लोगों से भीख मांग रहा था. वहीं, जो उसको भीख नहीं दे रहा था उन्हें गालियां देने लगता था. इस दौरान नई बस्ती- 24 के रहने वाला एक व्यक्ति भी उधर से गुजर रहा था. भिखारी ने उससे भी भीख मांगी, लेकिन उसने भीख नहीं दी. इस पर भिखारी व्यक्ति को गालियां देने लगा. जब व्यक्ति ने इसका विरोध किया तो भिखारी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया. जिससे व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया.

इस घटना से आसपास के लोग दहशत में आ गए. जिसके बाद कुछ लोगों ने पुलिस की सूचना दी. वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने हमला करने वाले भिखारी को भी पकड़ लिया. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों ने भिखारी को सौंप दिया. जबकि घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उसका उपचार चल रहा है. हालांकि, अभी व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है.

मामले में पुलिस ने बताया की चाकू मारने वाला भिखारी दिव्यांग है. वह किरतपुर मोहल्ले का रहने वाला है. फिलहाल उसको गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके पास से सब्जी काटने वाला चाकू भी बरामद हुआ है. इसी चाकू से उसने नईम पर हमला किया था. नईम का इलाज चल रहा है. लेकिन उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
पुलिस ने बताया कि भिखारी के आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच की जा रही है. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है. जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस घटना से इलाके के लोग दहशत में आ गए हैं.

Chhattisgarh : तम्बाकू की लत छुड़ाने पिता ने फटकारा, तो फंदे पर चढ़ गया बेटा

जशपुर : जिले से एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही मृतक बच्चे के पिता ने उसे तम्बाकू खाने से मना किया था, जिससे वह नाराज चल रहा था. इसी बीच उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया. यह मामला बगीचा थाना क्षेत्र का है.

जशपुर के पंडरापाठ चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत छिछलीरके खोमारापाठ गांव में एक 12 वर्षीय बालक ने अपने ही घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है. बालक गांव के ही प्राथमिक शाला में पांचवी कक्षा में पढ़ाई करता था. मृतक छात्र मुकेश घर के अंदर एक कमरे में रात को खाना खाकर अकेला सोया था.

सुबह जब बालक नहीं उठा तो परिजनाें ने उसे आवाज लगाया उसके बाद भी कमरे का दरवाजा उसने नहीं खोला. जिसके बाद किसी तरह से दरवाजा तोड़ा गया तो बालक फांसी पर लटका हुआ पाया गया. बालक कमरे के ही खिड़की में लगे लाेहे की रॉड से फंदे पर लटका मिला. मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पीएम के लिए भेज दिया है.

सिम्स में स्वाइन फ्लू मरीज की मौत, 31 अगस्त से भर्ती थी महिला

बिलासपुर : जिले में स्वाइन फ्लू का कहर जारी है। शनिवार को स्वाइन फ्लू से पीड़ित सरकंडा निवासी 60 वर्षीय महिला की सिम्स अस्पताल में मौत हो गई। महिला को 31 अगस्त को शरीर में दर्द और बुखार की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इसके बाद से विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका और शनिवार को उसकी मृत्यु हो गई।

जिले में अब तक स्वाइन फ्लू से 9 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, पांच नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले में अब कुल 159 स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ चुके हैं।

प्रभावती नामक महिला को जब सिम्स में भर्ती कराया गया था, तब वह लगातार डॉक्टरों की निगरानी में थी। शुरुआत में उसे स्वाइन फ्लू वार्ड में रखा गया और दिन-रात उसकी स्थिति की निगरानी की जा रही थी। 6 अगस्त की रात उसकी तबीयत अचानक और बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने सघन इलाज शुरू किया, परंतु उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और आखिरकार उसकी मौत हो गई।

जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं, और अब तक 159 लोगों में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है।