Home Blog Page 129

decision of the supreme court बुलडोजर और सुप्रीम कोर्ट,पुचकारने से नहीं मानते भेड़िये बादल सरोज की बेबाक कलम से

Harsh remarks by the S C
Harsh remarks by the S C

decision of the supreme court ‘देर आयद’ की कहावत के पहले दो शब्दों को व्यवहार में उतारते हुए आखिरकार देश की सबसे बड़ी अदालत ने बुलडोजर अन्याय पर अपना फैसला दे दिया। 13 नवंबर को सुनाए अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कार्यपालिका केवल इस आधार पर किसी व्यक्ति का घर नहीं गिरा सकती कि वह किसी अपराध में आरोपी या दोषी है। इसकी वजह बताते हुए इस फैसले में कहा गया है कि :

decision of the supreme court

decision of the supreme court
decision of the supreme court

“कार्यपालिका किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा सकती। केवल आरोप के आधार पर यदि कार्यपालिका व्यक्ति की संपत्ति को ध्वस्त करती है तो यह कानून के शासन पर प्रहार होगा। कार्यपालिका न्यायाधीश बनकर आरोपी व्यक्ति की संपत्ति को ध्वस्त नहीं कर सकती। बुलडोजर द्वारा इमारत को ध्वस्त करने का भयावह दृश्य अराजकता की याद दिलाता है, जहां ताकत ही सब कुछ मानी जाती थी। संवैधानिक लोकतंत्र में इस तरह की मनमानी कार्रवाई के लिए कोई जगह नहीं है। इस तरह की कार्रवाई कानून के सख्त हाथ से की जानी चाहिए। हमारे संवैधानिक लोकाचार इस तरह के कानून की अनुमति नहीं देते।”

decision of the supreme court 

decision of the supreme court
decision of the supreme court

🔵 इस फैसले की एक महत्त्वपूर्ण प्रस्थापना घर के अधिकार को नागरिक का मौलिक अधिकार बताया जाना है। कोर्ट ने कहा कि घर “सिर्फ एक संपत्ति नहीं होता, यह परिवार की सामूहिक आशाओं का प्रतीक होता है।“ जीवन का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और आश्रय का अधिकार इसका एक पहलू है। यह नई और अच्छी बात है, बशर्ते उसे इसी तरह से पढ़ा जाए और अमल में लाया जाए।

🔵 सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय खण्डपीठ का यह निर्णय भारत के संविधान की धारा 142 के तहत हुई सुनवाई के तहत आया है ; यह वह धारा है, जो कोर्ट को इस बात की हैसियत देती है कि जिन मामलों में अभी तक कानून नहीं बन पाया है, उन मामलों में न्याय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है और नीति निर्धारित कर सकता है, ऐसे निर्देश दे सकता है, जो भविष्य के लिए नियम विधान माने जायेंगे।

यही वजह रही होगी कि अपने इस फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने वह प्रक्रिया भी तय की है, जिसे अपना कर अवैध निर्माणों को हटाया या गिराया जा सकता है। इस बारे में उसने 15 निर्देश दिए हैं।

decision of the supreme court 

decision of the supreme court
supreme court

🔵 स्वाभाविक ही है कि जिन दिनों में बुलडोजर अन्याय का प्रतीक और वाहक दोनों बनकर निर्लज्ज निर्ममता से इस्तेमाल किया जा रहा हो, राजनीतिक प्रतिशोध और समाज के वंचित, उपेक्षित और लक्षित हिस्सों को कुचलने का जरिया बनाया जा रहा हो, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का आमतौर से स्वागत ही हो सकता है ; हुआ भी। मगर इसे कितनी ही उदारता के साथ क्यों न पढ़ा जाये, इसके बारे में ‘देर आयद’ की कहावत के अगले दो शब्द ‘दुरुस्त आयद’ कहना मुश्किल है।

 

इस स्वागतेय निर्णय की सीमाए हैं। ये वे सीमाएं हैं, जो इन दिनों न्यायिक निर्णयों की, विशेषकर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की पहचान और प्रवृत्ति के रूप में सामने आयीं है। इनमें अच्छे-अच्छे वाक्यों की तो भरमार होती है, मगर उसके अनुरूप कदम नहीं दिखाई देते।

🔵 जैसे, महाराष्ट्र में हुआ दलबदल और उसके जरिये बनी सरकार तो गैरकानूनी है, मगर अब जो हो गया सो हो गया ; जैसे बाबरी मस्जिद को तोडा जाना कानूनों का उल्लंघन तो था ही, अपराध भी था, मगर किसी को इसके लिए दण्डित करना तो दूर वह पूरी जमीन ही छीनकर जबरिया आपराधिक तोड़-फोड़ करने वालों को ही सौंप दी जाना चाहिये। इस तरह के जैसे, और भी न जाने कैसे-कैसे और कई तो ऐसे वैसे फैसले भी हैं।

ऐसे फैसलों की खासकर, अभी हाल ही में रिटायर हुए मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने इस तरह के कहीं न पहुँचने, कहीं न पहुँचाने वाले निर्णयों की झड़ी ही लगा दी थी।

decision of the supreme कोर्ट

decision of the supreme court
supreme court

🔵 इसी तर्ज पर यह बुलडोजर वाला निर्णय भी यह मानता तो है कि यह जहाँ भी चला, घोर मनमानी से चला, गैरकानूनी चला, लोकतंत्र के मान्य सिद्धांतों के विपरीत नितांत असंवैधानिक तरीके से चला, इसने आवास और आश्रय के मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया, आदि-इत्यादि, मगर इसके बावजूद यह अभी तक हुए बुलडोजर ध्वंसों और विनाशों की जवाबदेही, अब तक की घटनाओं, वारदातों का उत्तरदायित्व तय नहीं करता, ना ही उनकी समीक्षा कर जिम्मेदारी निर्धारित करने का कोई प्रबंध ही करता है।

इसके पीडितों-प्रताडितों की क्षति को पूरे जाने का संकेत तक नहीं देता, उसे लोकतंत्र और संविधान के विपरीत बताने के बावजूद इसके जाहिर-उजागर असली इरादे को चिन्हांकित नहीं करता।

🔵 बुलडोजर, जैसा कि दावा किया जाता रहा, सिर्फ कथित अवैध या बिना स्वीकृति के बने मकानों, आवासों, भवनों को गिराने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा ; यह एक राजनीतिक प्रोजेक्ट है उस गिरोह का, जिसकी ओर से इसी सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर भारत के संविधान में से ‘धर्मनिरपेक्षता’ शब्द को हटाये जाने की मांग की गयी थी और जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ठीक ही खारिज किया था।

इसी के साथ यह भी कहा था कि ‘धर्मनिरपेक्षता’ इस देश के संविधान का एक अविभाज्य और कभी न हटाया जा सकने वाला अंग है। यह गिरोह जिस मकसद को याचिका के जरिये हासिल नहीं कर सका, उसे बुलडोजर के जरिये लागू करना चाहता है।

🔵 बुलडोजर प्रतीक है उस फासीवाद का, जिसे कभी हो हिंदुत्व, तो अभी सनातन के नाम पर छुपाया जा रहा है। अब तक चले बुलडोजर के तथ्य इस सत्य को उजागर करते हैं कि यह उस बर्बरता का ब्रांड है, जिसे भाजपा सरकारों द्वारा मुसलमानों और दलितों, आदिवासियों और आर्थिक रूप से वंचितों को सबक सिखाने और कार्पोरेट्स के हितो को आगे बढाने के लिए तैयारी के साथ सायास खड़ा किया गया है।

यह वह यमदूत है, जो सिर्फ लोकतंत्र, संविधान, धर्मनिरपेक्षता को ही नहीं, सभ्य समाज की पहचान क़ानून के राज और क़ानून की निगाहों में सबकी बराबरी की अवधारणा को ही मौत के घाट उतार देना चाहता है। इसका जिस तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, वह इन इरादों को पूरी तरह स्पष्ट कर देता है।

🔵 उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के साथ योगी आदित्यनाथ ने इसे ब्रांड बनाने की परियोजना शुरू की ; तुरंत ही इसे चुनावी आम सभाओं में लाइन लगाकर खड़ा किया जाने लगा ; अटल, दीनदयाल उपाध्याय, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, यहाँ तक कि खुद मोदी और योगी की तस्वीरों के कटआउट्स से भी ज्यादा प्राथमिकता पर बुलडोजर रखे जाने लगे ; कई आम सभाओं के लिए तो इन्हें ही मंच बनाया जाने लगा। यूपी से शुरू हुई बुलडोजर को नेता मानने की मुहिम बाकी प्रदेशों में भी पहुँच गयी और यह उन्माद का समानार्थी बन गया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी कुछ बदला-सुधरा नहीं है। झारखण्ड में योगी की सभाओं में विध्वंस की ये मशीनें कतारबद्ध प्रदर्शित की गयीं। महाराष्ट्र में विश्व की सबसे विशाल झुग्गी बस्ती धारावी और बाकी बस्तियों पर इसे चलाकर अडानी का कब्जा कराने की तो बाकायदा घोषणा ही की गयी।

🔵 13 नवम्बर के फैसले के बाद, उसमें निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद यह यूपी में भी चल रहा है, एम पी में भी विचर रहा है। ये दीदादिलेरी सिर्फ हिमाकत नहीं है, एक संदेश है ; आधी-अधूरी बातें करने वाली न्यायपालिका के सदाशयी उपदेशों को अँगूठा दिखाते हुए पुलिस, प्रशासन सहित समूची कार्यपालिका को बुलडोजर की तरह काम में लग जाने का सन्देश। हाल में हुए उपचुनावों में उत्तर प्रदेश में मतदाताओं के नाम चीन्ह-चीन्ह कर उन्हें जिस तरह, लाठियां चलाकर, पिस्तौल तक दिखाकर वोट डालने से रोका गया, वह इसी की बानगी है।

यूपी के ही संभल में जो हो रहा है, वह इसी का एक रूप है : जिस आधार पर संभल किया गया है, वह संकेत है कि यदि उनकी चली, तो अब बात सिर्फ संभल तक नहीं रुकने वाली, बाबरी ध्वंस के बाद बने कानून कि 15 अगस्त 1947 के पहले के धर्मस्थलों के विवाद अब नहीं उठाये जायेंगे, के अस्तित्व में होने के बावजूद हर शहर-गाँव तक पहुंचाई जायेगी ; महंगाई, बेरोजगारी, कुपोषण सहित सारे सर्वेक्षणों और उनकी रिपोर्ट्स पर रोक लगाने वाले हर मस्जिद का सर्वे करके उन्माद उकसाने में जुटे हैं। बाबरी मस्जिद के मलबे को सीढ़ी बनाकर सत्ता में आया गिरोह अब बाकी मस्जिदों को खंडहरों में बदलकर सरकार में बने रहने का रास्ता ढूंढ रहा है।

🔵 विडम्बना की बात यह है कि यह सब उस समय हो रहा है, जब देश संविधान को अंगीकार करने की 75वीं वर्षगाँठ मना रहा है। वह संविधान, जिसने 562 रियासतों में टुकड़े-टुकड़े देश को संघीय गणराज्य बनाया, जिसने पृथ्वी के सभी धर्मों की मौजूदगी और दुनिया की तकरीबन हर नस्ल के कबीलों की कभी वापस न लौटने वाली आमद के समावेश से बने भूखण्ड को हिन्दुस्तान बनाया। अतीत से सबक लेकर और 1857 से शुरू राजनीतिक और उससे भी कही पहले से जारी सामाजिक न्याय की उथल-पुथल और जनता के संघर्षो के दम पर एक ऐसा संविधान बनाया,

जिसमे एक धतूरे को छोड़कर बाकी सभी फलो का स्वाद और हर तरह के फूलों की सुगंध शामिल है। जिसने अपनी अनेक अन्तर्निहित सीमाओं के बावजूद इस देश को कमोबेश एकजुट और गतिमान बनाए रखा।

🔵 जो लोग आज बुलडोजर पर बैठकर इस सबको रौंदने के लिए बढ़े आ रहे हैं, उनके निशाने पर सिर्फ मुसलमान नहीं है, उनके निशाने पर 5 हजार वर्ष का हासिल है, तीन चौथाई से ज्यादा अवाम है, इस देश का संविधान और इस तरह से पूरा इंडिया दैट इज भारत के रूप में पहचाने जाने वाला पूरा हिन्दुस्तान है।

🔴 दोहराना जरूरी है कि न यह हिन्दुस्तान रातों रात अस्तित्व में आया है, न ही 75 वर्ष पूर्व 26 नवम्बर 1949 को मंजूर किया गया संविधान ही अचानक से बना है ; ये दोनों ब्रिटिश गुलामी के खिलाफ जनता के कठिन, किन्तु एकजुट, जुझारू और कुर्बानियों से भरे संघर्ष और जन उभारों की कोख से जन्मे है और अब जन आंदोलनों और संघर्षों से ही इसे बचाया और महफूज रखा जा सकता है।

🔴 यह भी दोहराना जरूरी है कि भेड़िये मान-मनुहार करने या पुचकारने से नहीं मानते ; नीलकंठ बनके खुद विष पीने और अमृत उन्हें छका देने से इतिहास आगे नहीं बढ़ता। तीसरा नेत्र खोलना ही पड़ता है, जरूरत पड़ने पर तांडव भी दिखाना पड़ता है। लॉरेंस बिश्नोईयों की डराने की कोशिशों, अडानियों की तिजोरियों की कालिखों और उन्मादी साजिशों से जीते-हारे एक-दो चुनाव निर्णायक नहीं होते७। फैसलाकुन होती है जनता, अपनी मुश्किलों को देश की मुश्किलों से जोड़कर लडती-जूझती जनता ।

🔴 और यह जनता है, जो गोलमोल शब्दों में आधे-अधूरे फैसले नहीं सुनाती, इतिहास बनाती है। 26 नवम्बर को हुई किसान-मजदूरों की देशव्यापी विरोध कार्यवाहियां इसी तरह की जनकार्यवाही है। ऐतिहासिक किसान आंदोलन और उसी दिन हुई मजदूरों की शानदार राष्ट्रीय हड़ताल की चौथी वर्षगाँठ के मौके पर हुई यह कार्यवाही सिर्फ आश्वस्ति ही नहीं देती, रास्ता भी दिखाती है ; इसलिए कि ये जागरण और प्रतिरोध की जगमगाती मशालें हैं और भेड़िये मशाल जलाना नहीं जानते।

(लेखक लोकजतन के संपादक और अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव हैं।

बालको क्षेत्र में ट्रैक्टर पलटने से एक युवक की दर्दनाक मौत, रेत से भरी हुई थी ट्रैक्टर

 

कोरबा : ब्लैक आउट न्यूज( संतोष सारथी)-कोरबा जिले में ट्रैक्टर के नीचे दबने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, घटना बालको थाना क्षेत्र के चुईयां नाला के समीप की बताई जा रही है जिसमें रेत से भरे ट्रैक्टर पलटने से एक युवक उसकी चपेट में आगया जिससे उसकी मौत हो गई है। घटना शनिवार के शाम 7 30 बजे की बताई जा रही है, स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रैक्टर चुईयां नाला से रेत भरकर निकल रही थी, इस दौरान पूरा हादसा हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बालको पुलिस पहुंची एवं ट्रैक्टर को जेसीबी के माध्यम से शव को बाहर निकालने का कार्य किया गया है। मृतक चुईयां ग्राम का होना बताया जा रहा है।

E Bus Service राज्य के इन चार शहरों में चलेंगी ई-बसें, कोरबा को मिली 40 रायपुर को 100 बसों की मंजूरी

E Bus Service 
E Bus Service 

रायपुर 30 नवम्बर 2024/ E Bus Service छत्तीसगढ़ के चार शहरों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में नागरिकों को जल्द ही इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत इन चारों शहरों में कुल 240 ई-बसें संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर के लिए 100, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के लिए 50-50 तथा कोरबा के लिए 40 ई-बसों की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर इसके लिए सुडा को नोडल एजेंसी तथा संबंधित जिलों में गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।

E Bus Service 

E Bus Service 
E Bus Service

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ई-बस सेवा प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के शहरों में कम कार्बन उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण का संरक्षण होगा। कम ऊर्जा खपत और बेहतर ईंधन दक्षता के साथ ही नागरिकों को आरामदायक आवागमन की सुविधा सुलभ होगी। इसे शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिले।

E Bus Service 

 

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के ढांचे को दुरुस्त करने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना प्रारंभ की गई है। सार्वजनिक परिवहन की इस अभिनव योजना में केंद्र सरकार द्वारा शहरों को बसों की खरीद तथा उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इसका एक बड़ा हिस्सा शहरों में बस डिपो एवं बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी अधोसंरचना विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएंगी। शहरों की जनसंख्या के आधार पर बसों की संख्या निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने सड़कों पर इन ई-बसों को उतारने की तैयारियां तेज करते हुए चारों शहरों में बस डिपो और बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 67 करोड़ 40 लाख रुपए मंजूर करते हुए निविदा आमंत्रण की भी अनुमति दे दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण ने चारों शहरों में ई-बस सेवा के संचालन के लिए अलग-अलग गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को इन दोनों कार्यों के लिए राशि स्वीकृत करते हुए निविदा आमंत्रित करने कहा है।

E Bus Service 

E Bus Service 
E Bus Service

सुडा द्वारा रायपुर में बस सेवा प्रारंभ करने के लिए बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु रायपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को 14 करोड़ 33 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इसमें आठ करोड़ 60 लाख रुपए का केन्द्रांश और पांच करोड़ 73 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। सुडा ने बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी 12 करोड़ 90 लाख रुपए मंजूर किए हैं। दुर्ग-भिलाई में ई-बसों हेतु बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए दुर्ग-भिलाई अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को छह करोड़ 73 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति सुडा द्वारा जारी की गई है।

इसमें चार करोड़ चार लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 69 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। वहां बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 11 करोड़ दो लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। बिलासपुर में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बिलासपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को आठ करोड़ 37 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।इसमें पांच करोड़ दो लाख रुपए का केन्द्रांश और तीन करोड़ 35 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है।

बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए तीन करोड़ आठ लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इसी तरह कोरबा में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कोरबा अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को सात करोड़ 19 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसमें चार करोड़ 31 लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 88 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए वहां तीन करोड़ 78 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

*चार श्रेणियों में बांटा गया है शहरों को, जनसंख्या के आधार पर स्वीकृत की गई हैं बसें*

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत शहरों को जनसंख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। 20 लाख से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख और पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता है।

इसके आधार पर रायपुर को 100 मीडियम ई-बसों, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम ई-बसों, बिलासपुर को 35 मीडियम और 15 मिनी ई-बसों तथा कोरबा को 20 मीडियम एवं 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों का क्रय तथा संचालन एजेंसी का चयन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा।

POCSO CASE पत्रकार चित्रा त्रिपाठी, दीपक चौरसिया एवं अन्य पत्रकारों के खिलाफ गिरफ़्तारी वारंट, अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज

POCSO CASE
POCSO CASE

गुरुग्राम (ब्लैकआउट न्यूज़)POCSO CASE  गुरुग्राम की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने टीवी पत्रकार और एबीपी न्यूज़ की प्रमुख एंकर चित्रा त्रिपाठी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका उस समय दायर की गई थी जब इस महीने की शुरुआत में पॉक्सो अधिनियम के तहत चित्रा त्रिपाठी और अन्य पत्रकारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।

POCSO CASE  

POCSO CASE
TV पत्रकार चित्रा त्रिपाठी

अदालत ने केवल जमानत याचिका ही खारिज नहीं की, बल्कि व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए दायर उनके आवेदन को भी नामंजूर कर दिया। चित्रा त्रिपाठी ने अदालत में तर्क दिया था कि वह महाराष्ट्र चुनाव की कवरेज और राज्य के उपमुख्यमंत्री का साक्षात्कार लेने के लिए नासिक की यात्रा कर रही हैं, जिससे उन्हें कोर्ट में पेश होने में असुविधा होगी। हालांकि, अदालत ने उनके इस तर्क को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह कोर्ट की प्रक्रिया को गंभीरता से न लेने का संकेत है।

POCSO CASE  क्या है मामला?

POCSO CASE
TV पत्रकार दीपक चौरसिया

यह मामला पॉक्सो अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act) से संबंधित है, जिसमें चित्रा त्रिपाठी, दीपक चौरसिया, अजीत अंजुम सहित कुल आठ पत्रकारों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। आरोप है कि इन पत्रकारों ने अपने कार्यक्रमों में एक बच्चे के प्रकरण को सार्वजनिक रूप से प्रसारित कर उसकी निजता का उल्लंघन किया था।

POCSO CASE अन्य पत्रकार भी रडार पर

POCSO CASE
POCSO CASE

इस केस में वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया, अजीत अंजुम और कुछ अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं। सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि मीडिया की स्वतंत्रता के अधिकार का उपयोग करते हुए किसी भी व्यक्ति, विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा और निजता से समझौता नहीं किया जा सकता।

POCSO CASE  क्या कहा अदालत ने?

 

कोर्ट ने टिप्पणी की कि मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी पत्रकार को कानून के ऊपर नहीं रखा जा सकता। अदालत ने इसे एक संवेदनशील मामला बताया और कहा कि इसमें तय प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।

आगे की सुनवाई

अब इस मामले में अगली सुनवाई और आरोपित पत्रकारों की व्यक्तिगत उपस्थिति का इंतजार किया जा रहा है। इस प्रकरण ने पत्रकारिता जगत में एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि मीडिया की आजादी और कानून के दायरे के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।

यह मामला यह भी दर्शाता है कि संवेदनशील मामलों की रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को अत्यधिक सतर्क और जिम्मेदार होना चाहिए।

Displeasure of CG High Court छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पुलिस की जाँच पर की तल्ख़ टिप्पणी

बिलासपुर।(ब्लैकआउट न्यूज़) Displeasure of CG High Court एफआईआर के आठ महीने बाद भी जांच पूरी नहीं होने के मामले में हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। मामले में एक आरोपी द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की फोटो रोज छप रही है, लेकिन जो काम करना है वह नहीं कर रहे हैं। मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने डीजीपी को कनेक्ट कर ऑनलाइन उपस्थिति का निर्देश जारी किया था, लेकिन एडिशनल एजी के अनुरोध पर इसे वापस ले लिया गया।

Displeasure of CG High Court 

Displeasure of CG High Court 
CG High Court

कोर्ट ने पुलिस विभाग में पेंडेंसी को लेकर भी नाराजगी जताई और इसी तरह के एक अन्य प्रकरण के साथ इस मामले को मर्ज करने व दोनों मामलों की एक साथ दो दिसंबर को सुनवाई करने का निर्देश दिया है।

Displeasure of CG High Court 

Displeasure of CG High Court 
CG High Court

मामला सक्ती जिले के डभरा थाने का है। थाने में 25 अप्रैल 2024 को प्रकरण एक मामला दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा 120 बी, 408, 420 के तहत एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर को चेलेंज करते हुए एक आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका पेश की है। इसी मामले में आरोपी अपना पक्ष रखने कोर्ट में उपस्थित हुआ। डिवीजन बेंच को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने 25 अप्रैल 2024 को एफआईआर दर्ज किया है। इसमें क्या हुआ, पुलिस ने आजतक जानकारी नहीं दी है।

मामलों की जांच सालों ही चलती है

Displeasure of CG High Court 
CG High Court

याचिकाकर्ता व आरोपी की जवाब को सुनने के बाद चीफ जस्टिस ने हैरानी जताई। राज्य शासन की ओर से पक्ष रखने मौजूद अतिरिक्त महाधिवक्ता से चीफ जस्टिस ने पूछा कि प्रदेश में यह क्या हो रहा है। हर मामले में कुछ इसी तरह की स्थिति सामने आ रही है। एसपी से लेकर जांच अधिकारी को को किसी से कोई मतलब ही नहीं है। साल-दर-साल मामलों की जांच ही चल रही है। मीडिया में अफसरों की फोटो छप रही है। वे अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। पीड़ित और आरोपी दोनों कोर्ट के सामने उपस्थित होकर अपनी परेशानी बयान कर रहे हैं। सभी कोर्ट में कमोबेश कुछ इसी तरह की स्थिति है।

Korba accident 1 death ट्रक की चपेट में आने से 1 युवक की मौत

Korba accident 1 death
Korba accident 1 death

कोरबा/पाली (ब्लैकआउट न्यूज़)Korba accident 1 death तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मामला पाली थाना क्षेत्र का है जहां पाली रोड पर यह हादसा हुआ है। मृतक 28 वर्षीय दीपक लाल जो बांकीमोंगरा के डंगनिया का निवासी था। दीपक अपनी बाइक में सवार होकर रतनपुर स्थित ससुराल जा रहा था। जैसे ही वह पाली मोड़ के पास पहुंचा वैसे ही ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

Korba accident 1 death

Korba accident 1 death
Korba accident 1 death

घटना की सूचना मिलते ही पाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल में जुट गई। हादसे के कारण मौके पर तनाव की स्थिती निर्मित ना हो इस कारण शव को उठाकर अस्पताल भिजवाया गया।

Korba accident 1 death

Korba accident 1 death
Korba accident 1 death

स्थानीय लोगों की माने तो ट्रेलर वहां की रफ्तार काफी तेज थी। वहीं बाइक की रफ्तार भी काफी तेज थी। जहां दोनों के आमने-सामने बीच भिड़ंत हो गई और घटनास्थल पर ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई।

वहीं घटना की सूचना मिलते ही पाली पुलिस मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए। मृतक के परिजनों को इसकी सूचना दी गई। जहां पर परिजनों के आने के बाद पंचनामा कर आगे की कार्यवाही में जुटी हुई है। वहीं वहन को जब्त कर ट्रेलर चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया जा रहा है कि मृतक खेती किसानी का काम करता था और खाली समय में मजदूरी पर जाया करता था। घर का एक कमाने वाला पुत्र था।

KORBA : छलपूर्वक क्रय किये गये आदिवासी जमीन को शासन के नाम पर दर्ज किये जाने का एसडीएम न्यायालय ने किया आदेश पारित, लेकिन दोषियों पर FIR का आदेश नहीं 

कोरबा 29 नवंबर 2024/आवेदिका शुकवारा बाई पति सव० पंचराम वगै०, निवासी- आंछीमार, तहसील- कोरबा के द्वारा ग्राम- कोरबा, प0ह0नं0 16, तहसील- कोरबा स्थित ख0नं0- 236/3 रकबा 0.87 एकड़/0.352 हे0 भूमि जो कि आवेदक गण के पूर्वज चुलबुल कोरवा के नाम पर दर्ज रहा है, जिसे अनावेदिका रंजना सिंह के द्वारा अपने नाम पर राजस्व अभिलेखों में छलपूर्वक दर्ज करा लेने के कारण आवेदन पत्र अंतर्गत छ०ग०भू०रा०संहिता की धारा 170 (ख) के तहत प्रस्तुत कर आवेदिका गण अपने नाम पर दर्ज कराने हेतु प्रस्तुत की गई।

 

प्रकरण में सुनवायी करते हुए संलग्न दस्तावेजों के आधार पर आवेदक गण शुकवारा बाई बेवा पंचराम वगै0 के द्वारा मान० व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 कोरबा के समक्ष व्यवहार बाद क्रमांक 70 ए/2014 पेश किया गया कि जिसमें बुंदकुंवर एवं रंजना सिंह को भी पक्षकार के रूप में पक्षकार बनाया गया था। मान० व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 कोरबा ने अपने निर्णय दिनांक 05/08/2017 को आवेदक गणों का दावा निरस्त किया गया है, जिसके विरूद्ध आवेदक गणों के द्वारा अपर जिला न्यायाधीश कोरबा के समक्ष सिविल अपील प्रकरण क्रमांक 12 ए /2017 प्रस्तुत किया गया, जिसमें मान० व्यवहार न्यायाधीश के निर्णय दिनांक 28/09/2022 को वाद भूमि को आवेदक गणों की पैतृक भूमि नहीं होना निर्णय दिया गया है ।

छ0ग0भू०रा०संहिता 1959 की धारा 170 (ख) के तहत बनाये गये प्रावधानों के अनुसार यदि खातेदार की भूमि को छलकपट के द्वारा गैर आदिवासी व्यक्ति के द्वारा आदिवासी व्यक्ति से क्रय किया जाता है, तो मूलतः उस भूमि को आदिवासी पक्षकार को लौटा दी जायेगी। यदि आदिवासी पक्षकार का फौत हो चुका है, तो उसके विधिक वारिसानों को भूमि वापस कर दी जायेगी। यदि खातेदार का कोई विधिक वारिसान न हो तो भूमि को शासन के पक्ष में दर्ज किया जायेगा। इस प्रकार मान० व्यवहार न्यायालय के निर्णय अनुसार आवेदक गण एवं आपत्तिकर्ता गण चुलबुल के वैध वारिस नहीं है तथा चुलबुल के वारिसान बुंदकुंवर का निःसंतान फौत हो जाने के कारण ग्राम- कोरबा, पह0नं0-16, तहसील- कोरबा स्थित भूमि ख0नं0- 236/3 रकबा 0.87 एकड़ / 0.352 हे0 को वर्तमान में अनावेदिका रंजना सिंह के नाम पर दर्ज है,

 

जो छलकपट पूर्वक अंतरण हुआ है, जिस पर संहिता की धारा 170 (ख) आकृष्ट होने से आवेदित भूमि के अंतरण को शून्य घोषित करते हुए राजस्व अभिलेखों से रंजना सिंह का नाम विलोपित करते हुए छ०ग०शासन के नाम पर दर्ज करने का आदेश पारित किया गया गया तथा तहसीलदार कोरबा को निर्देशित किया गया है कि बाद भूमि का आधिपत्य अनावेदिका रंजना से प्राप्त कर शासन के पक्ष में रखा जावे।

KORBA : Flora Max Chit Fund Scam महिला आयोग अध्यक्ष किरणमयी नायक ने फ्लोरा मैक्स घोटाले के मामले को लिया स्वत संज्ञान,2 सादसीय टीम गठित

KORBA : Flora Max Chit Fund Scam
KORBA : Flora Max Chit Fund Scam

कोरबा/29.11.2024/ KORBA : Flora Max Chit Fund Scam महिला आयोग अध्यक्ष किरणमयी नायक ने फ्लोरा मैक्स घोटाले के मामले को लिया स्वत संज्ञान,2 सादसीय टीम गठित छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से सबंधित प्रस्तुत 24 प्रकरणों पर जन सुनवाई की छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के अध्यक्षता में आज प्रदेशवाक्षर 291 वीं एवं कोरबा जिलें में 9 वीं सुनवाई हुई।

KORBA : Flora Max Chit Fund Scam

KORBA : Flora Max Chit Fund Scam
KORBA : Flora Max Chit Fund Scam

कोरबा क्षेत्र की गरीब महिलाओं से ठगी करने वाले फ्लोरमैक्स कंपनी के खिलाफ सभी महिलाओं की शिकायत आयोग के द्वारा व्यापक स्तर पर लिया जाएगा, इस मामले को कोरबा जिले के पत्रकारों के सामूहिक प्रस्ताव पर आयोग ने स्वत संज्ञान में लिया और स्वत संज्ञान के ऑर्डर शीट्स की कॉपी को कलेक्टर कोरबा को दिया गया और यह भी कहा गया कि इसमें राज्य महिला आयोग की दो सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया व श्रीमती लक्ष्मी वर्मा द्वारा कैंप लगाकर पीड़ित महिलाओं की शिकायत आवेदन कोरबा मुख्यालय पर लिया जाएगा। जिसकी व्यवस्था कलेक्टर कोरबा के द्वारा किया जाएगा कलेक्टर महोदय के द्वारा आश्वासन दिया गया कि वह प्रशासनिक व्यवस्था के तहत शासन से अनुमति लेकर सहयोग करेंगे।

KORBA : Flora Max Chit Fund Scam

KORBA : Flora Max Chit Fund Scam
KORBA : Flora Max Chit Fund Scam

बतादे की कोरबा में फ्लोरा मैक्स कंपनी द्वारा हजारों महिलाओ का ग्रुप बनाकर बैंको से करोड़ों रुपयों की हेरा फेरी की गयी हैं इस बड़े घोटाले में बैंक की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही हैं फ्लोरा मैक्स द्वारा लगभग 125 करोड़ रूपये के घोटाले का अनुमान हैं इस मामले में पुलिस ने फ्लोरा मैक्स के संचालकों पर कार्यवाही करते हुए गिरफ़्तारिया की गयी हैं.

KORBA : Flora Max Chit Fund Scam
KORBA : Flora Max Chit Fund Scam

Home remedies for sciatica अगर आप साइटीका से ग्रसित हैं तो इस घरेलु इलाज को आजमा कर देखें

Home remedies for sciatica 
Home remedies for sciatica 

Home remedies for sciatica साइटीका एक ऐसा मर्ज हैं जिसमे मरीज काफ़ी परेशान रहता हैं लाखों रूपये खर्च करके भी राहत मिल जाये तो अपने को धन्य समझता हैं लेकि आज हम आपको बताने जा रहे हैं साइटीका का घरेलु इलाज इससे आप काफ़ी राहत महसूस करेंगे.

Home remedies for sciatica

Home remedies for sciatica 
sciatica

साइटिका दर्द से राहत पाने के लिए, आप ये घरेलू उपाय कर सकते हैं:

सिकाई

दर्द वाले हिस्से पर 15 मिनट तक बर्फ़ से सेंकें और फिर कुछ दिनों के बाद गर्मी से सेंकें.

मालिश

Home remedies for sciatica 
sciatica

नारियल, सरसों, प्रसारिणी, निर्गुन्डी, महानारायण, दशमूल, या तिल के तेल से मालिश करें.

व्यायाम

Home remedies for sciatica 
sciatica

हल्के स्ट्रेचिंग और योग करें. हैमस्ट्रिंग, कूल्हे, और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को स्ट्रेच करें.

दवा

इबुप्रोफ़ेन या एसिटामिनोफ़ेन जैसी ओवर-द-काउंटर दर्द की दवा लें.

खान-पान

Home remedies for sciatica 
Home remedies for sciatica

विटामिन बी से भरपूर भोजन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन-ए, और पोटैशियम से भरपूर आहार लें.

मुद्रा सुधार

खराब मुद्रा से साइटिक तंत्रिका पर दबाव पड़ता है, इसलिए दिनभर अच्छी मुद्रा बनाए रखें.

सक्रीय रहें

बिस्तर पर ज़्यादा समय न बिताएं.

आइस पैक

दर्द वाले हिस्से पर आइस पैक लगाएं.

 

नोट : यह जानकारी विभिन्न श्रोतों से एकत्र की गयी जिसे आपकी जानकारी के लिए प्रकाशित किया जा रहा हैं इस्तेमाल के पूर्व किसी एक्सपर्ड डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसका इस्तेमाल करें ब्लैकआउट न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता.

Today’s horoscope for November 30, 2024 इन 3 राशि वाले जातको को आज सफलता के नये अवसर मिलेंगे

Horoscope for today 27 July 2025
(rashifal)राशिफल फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

Today’s horoscope for November 30, 2024 मेष

Today's horoscope for November 30, 2024
मेष राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

Today’s horoscope for November 30, 2024 आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। यदि कोई समस्या लंबे समय से चली आ रही थी, तो वह दूर होगी। संतान को किसी नई नौकरी की प्राप्ति होने से माहौल खुशनुमा रहेगा। आपने यदि किसी से कोई कर्जा लिया था, तो वह भी काफी हद तक पूरा होगा। किसी अजनबी पर आप भरोसा न करें, नहीं तो नुकसान हो सकता है। आपकी यदि कोई संपत्ति संबंधित डील अटकी हुई थी, तो वह भी फाइनल हो सकती है।

Today’s horoscope for November 30, 2024 वृषभ

Today's horoscope for November 30, 2024
वृषभ
फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए मुश्किलों भरा रहने वाला है। काम को लेकर यदि कोई समस्या चल रही थी, तो वह दूर होगी। आपको किसी प्रकार की कोई एलर्जी या इन्फेक्शन था, तो वह लापरवाही से बढ़ सकता है। घर परिवार में भी आपसे लड़ाई झगड़े बढ़ेंगे, जिसमें आप दोनों पक्षों की सुनकर कोई बात कहें। आपको अपने लेनदेन से संबंधित मामलों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है।

Today’s horoscope for November 30, 2024 मिथुन

Today's horoscope for November 30, 2024
मिथुन फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन व्यवसाय कर रहे लोगों के लिए ठीक-ठाक रहने वाला है। पार्टनरशिप में की गई डील आपको थोड़ी समस्या दे सकती है। आपको अपने पार्टनर पर भरोसा करने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर काम का बोझ थोड़ा अधिक रहेगा। नौकरी बदलने का यदि आप प्रयास कर रहे थे, तो उसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी। आपका कोई लेनदेन से संबंधित मामला आपको परेशान कर सकता है। आपको अपने पिताजी से किसी काम को लेकर सलाह मश्वरा करना बेहतर रहेगा।

Today’s horoscope for November 30, 2024 कर्क

Today's horoscope for November 30, 2024
कर्क राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आप अपने दिनचर्या को बेहतर रखें। आप कामों को लेकर व्यस्त रहेंगे, लेकिन आप अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों पर भी पूरा ध्यान देंगे। नौकरी में आप अपने बॉस से किसी बात को लेकर उलझ सकते हैं। आपको अपनी जरूरतों पर पूरा ध्यान देना होगा। धार्मिक गतिविधियों पर भी आपका पूरा ध्यान रहेगा। राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे लोगों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा।

Today’s horoscope for November 30, 2024 सिंह
Today's horoscope for November 30, 2024
सिंह राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए सुख सुविधाओं को बढ़ाने वाला रहेगा। आपको अपने मन में चल रही उलझनों को दूर करना होगा। आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आप अपनी कला व कौशल से काम करके अधिकारियों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे। आपके कुछ नए विरोधी हो सकते हैं। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिलेगी। आप किसी कानूनी मामले को लेकर आप थोड़ा परेशान रहेंगे।

कन्या

Today's horoscope for November 30, 2024
कन्या राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए सुखद परिणाम लेकर आएगा। भविष्य को लेकर आपको यदि कोई टेंशन थी, तो वह भी दूर होगी। जो युवा रोजगार को लेकर परेशान चल रहे हैं, उन्हें कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। व्यवसाय में आपको अपनी निर्णय क्षमता पर भरोसा रखना होगा। परिवार में किसी सदस्य के विवाह की बात पक्की होने से माहौल खुशनुमा रहेगा। आपके घर किसी पूजा पाठ का आयोजन होने से परिजनों का आना-जाना लगा रहेगा। आपको प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट थोड़ा सोच समझकर करना होगा।

तुला

Today's horoscope for November 30, 2024
तुला राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए मेहनत से काम करने के लिए रहेगा। योग्यता अनुसार काम मिलने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आपके आसपास में यदि कोई वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो, तो आप उसमें पूरा ध्यान दें। भविष्य को लेकर आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे। नौकरी वाले लोगों के ऊपर काम का बोझ अधिक रहेगा। आपको काम को लेकर थकान अधिक रहेगी।

वृश्चिक

Today's horoscope for November 30, 2024
Vrishchik

आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको अपने कामों को लेकर बुद्धि व विवेक से काम लेना होगा। यदि कोई काम रुका हुआ था, तो उसे पूरा करने के लिए आपको मेहनत अधिक करनी होगी। आप अपने घर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देंगे। जीवनसाथी से भी किसी बात को लेकर खटपट होने की संभावना है। आप किसी निर्णय को जल्दबाजी में लेकर समस्या में आ सकते हैं। यदि आपने काम के साथ-साथ आराम के लिए समय नहीं निकला, तो आपकी सेहत गड़बड़ा सकती है।

धनु

Today's horoscope for November 30, 2024
धनु राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए उलझनों भरा रहेगा। आपको अपनी पुरानी गलतियों से कुछ सीख लेने की आवश्यकता है और आप किसी विरोधी की बातों में ना आएं। आप धार्मिक गतिविधियों में भी बढ़-चढकर हिस्सा लेंगे। व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपनी वाणी की मधुरता को बनाए रखना होगी। आपका कोई प्रोजेक्ट यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह भी शुरू हो सकता है।

मकर

Today's horoscope for November 30, 2024
मकर राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए कुछ खास रहने वाला है। प्रेम जीवन जी रहे लोगों की अपने साथी से मुलाकात हो सकती है। आपको किसी काम को लेकर यदि टेंशन थी, तो वह भी दूर होगी और आप किसी प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। जो आपके लिए अच्छी रहेगी। जो विद्यार्थी विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं उनके लिए समय शुभ है। आपको अपनी मेहनत का कार्यक्षेत्र में पूरा फल मिलेगा।

कुंभ

Today's horoscope for November 30, 2024
कुम्भ राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए मेहनत से काम करने के लिए रहेगा। आप किसी पर भरोसा बहुत ही सोच समझकर करें, नहीं तो वह आपके उस भरोसे को तोड़ सकता है। संतान के करियर को लेकर आप परेशान रहेंगे। राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे लोगों को थोड़ा ध्यान देना होगा, नहीं तो उन्हें कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपने यदि बिजनेस में बिना सोचे समझे इन्वेस्टमेंट किया, तो उससे आपको नुकसान होने की संभावना है।

मीन

Today's horoscope for November 30, 2024
मीन राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़

आज का दिन आपके लिए कुछ नए संपर्कों से लाभ लेकर आएगा। आपको अपनी योग्यता अनुसार काम मिलने से कला क्षेत्र में खुशियां मिलेगी। आपको अपनी संतान की तरक्की के लिए कुछ नई प्लानिंग करनी होगी। यदि आपके मन में किसी बात को लेकर कोई उलझन चल रही है, तो उसे दूर करने के लिए आप अपने भाइयों से बातचीत कर सकते हैं। आपका बिजनेस पहले से तरक्की करेगा। आपको किसी सहयोगी से काम को लेकर सलाह लेनी होगी।

Today's horoscope for November 30, 2024
(rashifal)राशिफल फोटो ब्लैकआउट न्यूज़