Home Remedies दांत दर्द कहीं भी किसी समय भी हो सकता है और दांत दर्द के कारण लोग काफी परेशान लोग जाते है अब परशान होने की जरुरत नहीं है दांत दर्द का इलाज आपकी रसोई में मौजूद है बस इसकी जानकारी आवश्यक है हम आपको विभिन्न वेब साईट से जानकर लोगों की विधि आप तक पंहुचा रहे है आप चाहें तो इस पर अमल कर दांत दर्द से छुटकारा प् सकते है.
Home Remedies दांत दर्द के कारण क्या है?
दांत दर्द होने के ये कारण हो सकते हैं:-
Home Remedies दांतों को हेल्दी रखने के लिए दांतो का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। यदि दांतों का अच्छे से साफ-सफाई नहीं किया गया तो कीड़े लगने का खरता रहता है। दांतो में कैविटी हो जाती है जो आगे चल कर दांत दर्द का कारण बनता है।
दांतों का गलत तरीके से साफ-सफाई करने से इसकी जड़ें कमजोर हो जाती हैं, जिसके कारण दांतों में दर्द हो सकता है। दांतों के टूटने से भी दांतों में दर्द महसूस हो सकते हैं।
अक्ल दाढ़, मुंह के पीछे की तीसरी दाढ़, आने पर भी दांतो में तेज दर्द महसूस हो सकती है। ज्यादा मिठे का सेवन करने से भी दांतो में दर्द महसूस हो सकती है। मिठे का अंश दांतों में रह जाता है जो दांतों को नुकसान पहुंचाता है।
दांतों के कमजोर होने का मुख्य कारण दांतों में कैल्शियम की कमी है, इसकी वजह से भी दांतों में दर्द महसूस हो सकती है।
Home Remedies दांत दर्द के घरेलू उपाय क्या है?
आप घरेलू उपाय अपनाकर अपने दांतों के दर्द को ठीक कर सकते हैं। दांत में दर्द के घरेलू उपाय निम्नलिखित है:-
सेंधा नमक –
सेंधा नमक कई मायनो में फायदेमंद होता है। यदि आपके दांत में दर्द है तो गुनगुने पानी में सेंधा नमक मिलाकर कुल्ला करने से आपको आराम मिलेगा। इससे मंह के अंदर मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और आपको आराम मिलता है।
प्याज –
pyaj
यदि आपके दांत में दर्द और सूजन है तो प्याज का इस्तमाल आपको फायदा पहुंचा सकता है। क्वचा प्याज का टुकड़ा अपने दांतो के बीच रखकर चबाने से दांत दर्द से राहत मिलता है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो दांतों के बैक्टीरिया को मार देते हैं, जिससे आपको आराम मिलता है।
लौंग का तेल –
लौंग का तेल औषधीय गुणों से भरपूर होता है और दांतों के दर्द में काफी प्रभावशाली होता है। लौंग का तेल दांत दर्द य मसूड़ों के सूजन को ठीक करने के लिए, रूई का टुकड़ा तेल में डुबोकर दांत और मसूड़ों पर लगाने से आराम मिलता है। इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।
हींग और नींबू –
hing aur nimbu
पाचन तंत्र के लिए बेहतर घरेलू उपचार हींग दांत दर्द में भी काफी फायदेमंद होता है। एक चम्मच निंबू का रस और व चुटकी हिंग की मात्रा लेकर हल्का पेस्ट तैयार करें और रूई की मदद से इसे दर्द वाली जगह पर लगालें, इससे आपको तुरंत राहत मिलेगी।
रायपुर 06 नवंबर 2024। Bus travel became free in CG छत्तीसगढ़ में एचआईवी पीड़ित, दृष्टिहीन, दोनों पैरों से दिव्यांग और 80 वर्ष या उस से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को यात्री बसों में मुफ़्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ऐसे सभी यात्रियों को बस में सफ़र करने पर निर्धारित किराया में सौ प्रतिशत की छूट दी जा रही है । इसके साथ ही समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से “नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति” का प्रमाण पत्र रखने वाले व्यक्ति को यात्री बस में सफर करने पर किराये में 50 प्रतिशत की रियायत देने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है जो बस्तर जैसे माओवाद प्रभावित इलाक़े में परिवहन सुविधाओं को व्यवस्थित करने में कारगर साबित हो रही है ।
Bus travel became free in CG
Bus travel became free in CG
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा आम जनता को बेहतर यातायात एवं परिवहन के साधन उपलब्ध कराने की दृष्टि से राज्य के विभिन्न मार्गों में साधारण श्रेणी से लेकर वातानुकूलित शयन श्रेणी के निजी यात्री वाहनें संचालित की जा रही है, जो आम जनता व यात्रियों को उनके निर्धारित गंतव्य तक प्रतिदिन पहुंचाने का काम करती है।
त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए यह संभव है कि आम जनता द्वारा अपने गंतव्य में जाने हेतु अधिक आवाजाही होगी, जिसके फलस्वरूप यात्रियों से वाहन संचालकों द्वारा अवैध वसूली कर अधिक किराया दर वसूल किया जा सकता है।
Bus travel became free in CG
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इस तथ्य की दृष्टि से भी राज्य के परिवहन अधिकारियों को अधिक किराया वसूली की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने एवं ऐसे यात्री वाहनों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। परिवहन अधिकारियों ने आमजनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को अपने गंतव्य के लिए निर्धारित किराये दर की जानकारी देने यात्री बसों में किराया सूची चस्पा करने के निर्देश दिये हैं।
विभागीय अमले द्वारा निर्देशों के अनुपालन के तहत यात्री वाहनों की जांच करते हुए निर्धारित किराये की राशि से अधिक किराया वसूल करते पाये गये वाहन एवं बिना किराया दर सूची चस्पा किये संचालित होते पाए 349 यात्री वाहनों में चालानी कार्यवाही कर कुल 4,47,800/- रू. शुल्क वसूल किया गया है।
Bus travel became free in CG
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परिवहन विभाग द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि राज्य शासन द्वारा जिन वर्गों को यात्री किराये में रियायत-छूट दी गई है, यदि यात्रा के दौरान बस कंडक्टर या ट्रैवेल्स द्वारा किराये में छूट नहीं दी जाती है, या किसी प्रकार का अभद्र दुर्व्यवहार या अवैध किराया वसूल किया जाता है तो इसकी शिकायत यदि कोई साक्ष्य या तथ्य भी हो तो संबंधित जिले के परिवहन अधिकारी से किया जाए।
विभाग द्वारा परिवहन अधिकारी एवं प्रवर्तन अमले को ऐसी शिकातयों को त्वरित गंभीरता से लेने व इस दिशा में निरंतर चेकिंग कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है।
“येआपकी रोटी भी छीन रहे हैं।ये आपकी बेटी भी छीन रहे हैं। ये आपकी माटी को भी हड़प कर रहे हैं।”
Jharkhand Assembly Elections (राजेन्द्र शर्मा की कलम से) ठीक इन्हीं शब्दों के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड के चुनाव प्रचार में धमाकेदार एंट्री ली है। जाहिर है कि प्रधानमंत्री मोदी इसमें किसी भ्रम या गलतफहमी की गुंजाइश नहीं छोड़ते हैं कि ‘ये’ कौन हैं, जिन्होंने यह भयानक खतरा पैदा कर दिया है। ‘ये’ और कोई नहींं, बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी के दावे के अनुसार, उनके एनडीए का प्रतिद्वंद्वी झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस-राजद गठबंधन का शासन “पूरे झारखंड में बसा रहे हैं।” बेशक, प्रधानमंत्री काफी विस्तार से इसका वर्णन करते हैं कि ‘ये’ का खतरा कितना बढ़ चुका है। वह बताते हैं कि स्कूलों में सरस्वती वंदना तक पर रोक लगने लगी है, जिसे पता चलता है कि खतरा कितना बढ़ गया है। तीज-त्यौहारों में पत्थरबाजी होने लगी है, माता दुर्गा को भी रोक दिया गया है, कर्फ्यू लगने लगा है, जिससे पता चलता है कि स्थिति कितनी खतरनाक हो चुकी है। बेटियों के साथ शादी के नाम पर छल-कपट होने लगा है, जिससे पता चलता है कि पानी सिर के ऊपर से गुजर गया है।
Jharkhand Assembly Elections
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बेशक, खतरे का यह सारा आख्यान प्रतिद्वंद्वी जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन को चुनाव के लिए निशाना बनाने के लिए ही है। इसीलिए, यह आख्यान शुरू होता है झारखंड के इस सत्ताधारी गठबंधन पर इसका आरोप लगाने के साथ कि उसने “तुष्टीकरण की राजनीति को चरम पर पहुंचा दिया है”, कि “ये तीनों दल सामाजिक ताना-बाना तोड़ने पर आमादा हैं”, कि “ये तीनों दल घुसपैठिया समर्थक हैं” आदि, आदि और आख्यान खत्म होता है इसके आह्वान के साथ कि “इस घुसपैठिया गठबंधन को अपने एक वोट से उखाड़ फेंकना है।” बीच में खासतौर पर आदिवासियों को लक्षित कर इसका दावा भी किया जाता है कि “अगर जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी की यही कुनीति जारी रही, तो आदिवासी समाज का दायरा सिकुड़ जाएगा।”
Jharkhand Assembly Elections
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बेशक, कोई अति-भोलेपन से यह पूछ सकता है कि यह तो महज घुसपैठ के विरोध का सवाल है, इसमें विभाजनकारी या विशेष रूप से आपत्तिजनक क्या है? हैरानी की बात नहीं है कि प्रधानमंत्री ही नहीं, उनके नेतृत्व में छोटे-बड़े भी भाजपा नेताओं के यही बोल बोलने पर किसी शिकायत को संज्ञान लिए जाने की सूरत में, चुनाव आयोग भी ऐसी ही मुद्रा अपनाए। इतना ही नहीं, वर्तमान चुनाव आयोग के लिए तो शायद इतनी सफाई भी काफी होगी कि प्रधानमंत्री ने रोटी-बेटी-माटी छीनने के लिए किसी का समुदाय का नाम थोड़े ही लिया है ; वह तो आम तौर पर घुसपैठियों के खतरे की बात कर रहे थे। लेकिन, संप्रदाय विशेष का नाम न लेकर ‘वे’ की आड़ में छुपकर तीर चलाने वाले भी और चुनाव आयोग समेत विभिन्न संस्थाओं में बैठे उनके मददगार भी बखूबी जानते हैं कि इस मामले को एक भावनात्मक मुद्दा बनाकर उछालने का मकसद, शुद्घ सांप्रदायिक है।
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PM narendr Modi
यह समझने के लिए किसी विशेष जानकारी की जरूरत नहीं है कि संघ-भाजपा जब भी घुसपैठ की बात करते हैं, घुसपैठ का शोर मचाते हैं, उनका निशाना सिर्फ और सिर्फ मुसलमानों पर होता है। नागरिकता कानून में मोदी सरकार द्वारा थोपे गए संशोधन के बाद तो सच शीशे की तरह साफ हो जाता है। यह कोई संयोग ही नहीं है कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में, जहां एक समय में पहले के पूर्वी पाकिस्तान से बड़ी संख्या में हिंदू शरणार्थी आए थे, गृह मंत्री अमित शाह से लेकर, पूरा संघ-भाजपा कुनबा बढ़-चढ़कर इसके दावे करता आया है कि किस तरह, नागरिकता कानून संशोधन के अंतर्गत बड़ी संख्या में हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाने वाली है। वास्तव में यह याद दिलाने की शायद ही जरूरत होगी कि नागरिकता कानून में विवादास्पद संशोधन कर, पड़ोसी मुस्लिम बहुल देशों, बांग्लादेश, पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान से आए गैर-मुसलमानों के लिए, भारतीय नागरिकता हासिल करना आसान बनाने का ही काम किया गया है।
बेशक, यह कानून न सिर्फ सरासर धार्मिक भेदभाव करने वाला है बल्कि भारत के धर्मनिरपेक्ष संविधान के खिलाफ जाकर, नागरिकता के साथ सांप्रदायिक शर्त भी जोड़ता है, इसके बावजूद इसे मोदी सरकार ने देश पर इसे ठीक इसीलिए थोपा है कि यह, मुसलमानों को निशाना बनाने के जरिए, उसके सांप्रदायिक एजेंडा की मदद करता है। इस समय भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा संघ परिवार, झारखंड में उसी सांप्रदायिक एजेंडा के सहारे चुनावी वैतरणी को पार करने की उम्मीद लगाए है।
यह भी महज संयोग ही नहीं है कि न सिर्फ घुसपैठ, बल्कि खासतौर पर बांग्लादेशी घुसपैठ का ऐसा ही हौवा खड़ा करने के जरिए, जिस असम में एनआरसी के नाम पर आम लोगों पर भारी तकलीफें थोपी गयीं और राज्य पर बहुत भारी आर्थिक बोझ भी डाला गया, वहां की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री, हिमंता बिस्वा सरमा झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खतरे का शोर मचाने में, भाजपा नेताओं में सबसे आगे हैं। हैरानी की बात नहीं होगी कि झारखंड में इसी मुद्दे को उछालने की संभावनाओं को देखते हुए ही, भाजपा ने बिस्वा सरमा को इस चुनाव के लिए इंचार्ज बनाया है। वैसे मध्य प्रदेश के पूर्व-मुख्यमंत्री तथा अब केंद्रीय कृषि मंत्री, शिवराज सिंह चौहान को भी उनके साथ-साथ, सह-इंचार्ज बनाया गया था, लेकिन बिस्वा सरमा ने इस मुद्दे को उछालने की अपनी विशेष योग्यता के सहारे, उन्हें आसानी से किनारे लगा दिया लगता है।
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हैरानी की बात नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी के उक्त भाषण से पहले से बिस्वा सरमा झारखंड में इसका ऐलान कर प्रधानमंत्री के भाषण के लिए माहौल तैयार कर रहे थे कि, “हम हारेगा न, तो ये पीताम्बर, नीलाम्बर, सिद्घ, कान्हू, बिरसा मुंडा की भूमि को अरफान, इरफान, अंसारी, आलम गीर लूट लेगा…लूट लेगा ये लोग, हमारी बेटियों को लूटा, हमारा जमीन को लूटा, हमारी सरकार को लूटा, हमारे अहंकार को लूटा, हमें आवाज उठाना होगा, एक होना है।” इस खुल्लमखुल्ला सांप्रदायिक चुनावी दुहाई के खिलाफ चुनाव आयोग के सामने जेएमएम द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने पर, चुनाव आयोग ने तो कोई प्रतिक्रिया तक नहीं की लगती है, पर खुद बिस्वा सरमा ने काफी नंगई से यह सफाई जरूर पेश की थी कि उन्होंने तो घुसपैठियों के खिलाफ आवाज उठाई है और इसके खिलाफ शिकायत कर, जेएमएम ने अपने घुसपैठिया समर्थक होने का ही सबूत दिया है!
इसी प्रसंग में इसको याद करना भी अप्रासंगिक नहीं होगा कि कई वर्ष लगाकर असम में कराई गई, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) प्रक्रिया का नतीजा क्या हुआ? रंजन गोगोई के सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश रहते हुए, अंतत: अदालत के आदेश से जब नागरिकता के सत्यापन की यह खासतौर पर गरीबों के लिए संकटपूर्ण प्रक्रिया थोपी गई, भाजपा की डबल इंजनिया सरकार तब इसे लेकर बहुत उत्साहित थी। लेकिन, जब उनके दावों के विपरीत, राज्य की कुल आबादी में करीब बीस लाख लोग संदिग्ध नागरिकता वाले निकले और उसमें भी कुछ अनुमानों के अनुसार करीब दो-तिहाई हिंदू निकले, उसके बाद तो भाजपा ने यह एनआरसी कराने वाले तंत्र के खिलाफ और एनआरसी के खिलाफ ही जंग छेड़ दी। नतीजा यह कि कई वर्ष बाद भी इस एनआरसी को अधिसूचित नहीं किया गया है और करीब बीस लाख नागरिकों की नागरिकता का सवाल अधर में ही अटका हुआ है। इसके बाद भी, बिस्वा सरमा झारखंड में एनआरसी कराने का वादा करने में नहीं हिचके हैं।
बहरहाल, झारखंड में आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी घुसपैठ बनाने की कोशिश में, घुसपैठ का मुद्दा उछालने का संघ-भाजपा ने पहले ही मन बना लिया था। गृहमंत्री अमित शाह चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले के अपने झारखंड के दौरों में ही, इसे शीर्ष स्तर से उठाने की शुरूआत कर चुके थे। जाहिर है कि जमीनी स्तर पर संघ परिवार का यह प्रचार और बहुत पहले से जारी था। इसे राज्य के लिए भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र को जारी करते हुए अपनी रैली में, अमित शाह ने एक बार फिर जोर-शोर से उठाया और भाजपा सत्ता में आएगी तो ‘घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकालने’ के वादे किए। यह भी गौरतलब है कि मोदी के भाषण के दो रोज पहले ही जारी किए गए, भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र में भी बाकायदा ‘रोटी, बेटी, मिट्टी के लिए खतरे’ की दुहाई दी गई है, जिसे प्रधानमंत्री ने ‘मंगलसूत्र छीन लेंगे’ आदि की पिछले आम चुनाव की अपनी कुख्यात सांप्रदायिक दुहाई की, अगली कड़ी बना दिया है।
यह इसके बावजूद है कि एक के बाद एक, अनेक वस्तुगत अध्ययनों ने यह दिखाया है कि झारखंड के बंगाल से लगते हुए सीमावर्ती जिलों में और ऐतिहासिक कारणों से भी, बंगलाभाषी मुसलमानों की उल्लेखनीय मौजूदगी के अलावा, बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठ के दावों का कोई आधार ही नहीं है। रोटी और मिट्टी के लिए खतरे के दावे तो और भी झूठे हैं, सिवा इसके कि आदिवासी इलाकों में आदिवासियों के अनुपात में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन इसके लिए किसी भी तरह की घुसपैठ नहीं, तथाकथित विकास के नाम पर आदिवासियों की जमीनों के अधिग्रहण के चलते विस्थापन ही सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। रही बेटियों के लिए खतरे की बात, तो इक्का-दुक्का अंतर्धार्मिक विवाहों को लेकर ही, यह वितंडा खड़ा किया जा रहा है। अध्ययनों के अनुसार ऐसे विवाहों की संख्या भी काफी थोड़ी ही होगी।
इस सब के सिलसिले में दो और सवाल हैं, जो सरकार में शीर्ष पर बैठी मोदी-शाह की जोड़ी से पूछे जाने चाहिए। पहला यह कि जब पिछले करीब पंद्रह वर्ष से जनगणना ही नहीं हुई है, बड़े पैमाने पर घुसपैठ, उसकी वजह से आदिवासियों का दायरा सिकुड़ने आदि के दावे, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री किस आधार पर कर रहे हैं। दूसरा यह कि अगर बड़े पैमाने पर बांग्लादेश से घुसपैठ हो भी रही है, तो क्या उसकी जिम्मेदारी गृहमंत्री अमित शाह पर ही नहीं आती है, जिनके जिम्मे देश की आंतरिक सुरक्षा है और सीमा सुरक्षा बल जैसे सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों की बागडोर, जिनके ही हाथों में है। करीब ग्यारह साल से देश में मोदीशाही चल रही है, फिर घुसपैठ को वे अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ या विपक्षी सरकारों के खिलाफ हथियार कैसे बन सकते हैं।
फिर भी वे घुसपैठ को झारखंड में सबसे बड़ा मुद्दा बनाने पर वजिद हैं, क्योंकि बंगलादेशी घुसपैठिया कहते ही, सांप्रदायिक पहलू प्रमुख हो जाता है। मुसलमानों के खतरे का जो नारा, पिछले आम चुनाव में पिट चुका था, उसे ही झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव और उप-चुनावों में दोबारा आजमाया जा रहा है। लगता है कि तीसरे कार्यकाल में मोदी के तरकश में एक यही तीर बचा है। तभी तो मोदी ने झारखंड में शुरूआत ही इसी तीर से की है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और साप्ताहिक पत्रिका ‘लोकलहर’ के संपादक हैं।)
पलारी/बलौदाबाजार। CG News: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में नगर पंचायत अध्यक्ष पलारी की पिटाई के मामले में हंगामे के बाद टीआई और दो आरक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, थाने के सामने सड़क में नगर अध्यक्ष ने तेज आवाज में अपनी कार में गाना बजाने और अपने साथियों के साथ नाचने के कारण पुलिस विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि, मामला हाथापाई तक आ पहुंचा।
CG BJP police dispute TI suspended
CG BJP police dispute TI suspended
बताया जा रहा है कि इसके बाद पुलिस कर्मियों ने अध्यक्ष यशवर्धन वर्मा की पिटाई कर दी। इस घटना को लेकर देर रात भाजपाइयों ने थाने का घेराव किया। थाना छावनी में तब्दील हो गया। रात दो बजे तक भाजपाइयों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद देर रात थाना प्रभारी सहित दो आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया।
छत्तीसगढ़(ब्लैकआउट न्यूज़)गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रास्ते कोरबा आ रही पाली थाना की स्कार्पियो गौरेला थाना क्षेत्र में पलट गई। हादसे में पाली थाना के सब इंस्पेक्टर की जहां मौत हो गयी है, वहीं दो अन्य जवानों को चोटे आई है। पुलिस टीम कानपुर से रेप के आरोपी की गिरफ्तार कर लौट रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कार्पियों के सामने कुत्ता आ गया, जिसे बचाने के दौरान ये भीषण हादसा हो गया।
SI died in Korba accident
SI died in Korba accident
बताया जा रहा है कि कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कानपुर गयी हुई थी। टीम में पाली थाना में पदस्थ सब इंस्पेक्टर विलायत अली और तीन आरक्षकों शामिल थे। कानपुर में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम स्कार्पियों से वापस कोरबा लौट रही थी। आज सुबह के वक्त वाहन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला पहुंची थी। तभी तेज रफ्तार स्कार्पियों के सामने कुत्ता आ गया, जिसे बचाने के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर पलट गयी।
SI died in Korba accident
SI died in Korba accident
इस भीषण दुर्घटना में वाहन के सामने की सीट पर बैठे सब इंस्पेक्टर विलायत अली की मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं वाहन के चालक और तीन पुलिस जवानों को चोटे आई है। उधर घटना की जानकारी मिलते ही गौरेला पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गयी। तत्काल घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं घटना की जानकारी के बाद पाली पुलिस की टीम भी मौके के लिए रवाना हो गयी है।
जीपीएम पुलिस ने इस घटना पर प्राथमिकी दर्ज कर एसआई के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। इस हादसे की जानकारी के बाद कोरबा पुलिस विभाग में शोक व्याप्त है।
कोरबा। Dr. Tara Sharma became the Principal प्रदेश सरकार ने निर्णय लेते हुए सरकारी कॉलेजों में कार्यरत 131प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्राचार्य बनाकर तबादला किया है। मिनीमाता गल्र्स कॉलेज की समाज शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. तारा शर्मा को पदोन्नत कर बरपाली कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया है। श्रीमती शर्मा मिनीमाता कन्यामहाविद्यालय में कोरबा में प्रभारी प्राचार्य के पद पर तीन वर्षो तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे चुकी है। उनके प्राचार्य कार्यकाल के दौरान कन्या महाविद्यालय में कई उत्कृष्ट कार्य हुए।
Dr. Tara Sharma became the Principal
Dr. Tara Sharma became the Principal
जिसमें समाज शास्त्र विभाग का उन्नयन हो या फिर अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का विकास हो, श्रीमती शर्मा के कार्यकाल में हुए। उनका प्रभारी प्राचार्य कार्यकाल के दौरान मिनीमाता कन्या महाविद्यालय का रखरखाव,शैक्षणिक गतिविधियां एवं उत्कृष्ट अनुशासन के नाम पर महाविद्यालय की एक अलग पहचान बनी थी। डॉ. तारा शर्मा बिलासपुर संभाग ही नहीं प्रदेश एवं मध्यप्रदेश में समाजशास्त्रीयों के बीच एक अच्छे शिक्षाविद के रूप में जाना पहचाना नाम है।
Dr. Tara Sharma became the Principal
Dr. Tara Sharma became the Principal
डॉ. तारा शर्मा ने दो पुस्तकें लिखी है। जिसमें से एक पुस्तक मध्यप्रदेश के हाईस्कूल के समाजशास्त्र कोर्स में शामिल है। वहीं डॉ. तारा शर्मा के दिशा निर्देशन में 8 से अधिक छात्रों को विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा पीएचडी की उपाधी प्रदान की गई है। अब उनके बरपाली कॉलेज में तबादले के साथ बरपाली महाविद्यालय में उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के संपादित किए जाने की उम्मीद है। महाविद्यालय को उनके दीर्घ अनुभव का लाभ प्राप्त होगा। डॉ. शर्मा ने आज बरपाली महाविद्यालय में पदभार ग्रहण कर लिया है।
इस अवसर पर बरपाली महाविद्यालय के प्रध्यापकों एवं कर्मचारियों ने कार्यभार ग्रहण करने महाविद्यालय पहुंंचने पर डॉ. तारा शर्मा का स्वागत करते हुए हर्ष जाहिर किया है। डॉ. तारा शर्मा ने पदभार ग्रहण करने के पश्चात कहा कि महाविद्यालय में पदस्थ प्रध्यापकों एवं कर्मचारियों के सहयोग से पूर्व से बेहतर वातावरण निर्मित कर शैक्षणिक गतिविधियों का उत्कृष्ट संचालन करने का प्रयास किया जाएगा।
दिल्ली/(blackout news)The saga of 2 years of CJI Chandrachud 8 नवंबर 2024 को सेवा निवृत्त होने जा रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ दो साल पहले बहुत उच्च मोरल ग्राउंड लेकर भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर आसीन हुए थे।उनसे बहुत उम्मीदें थीं, केंद्र सरकार के समक्ष रीढ़ को सीधी रखने की लोगों की उम्मीद थी जो उनके पुर्ववर्ती न्यायधीशों के फैसलों से एक वर्ग में उपजे न्यायालय की साख पर चिंता के कारण थीं तो दूसरे उनकी गोद ली हुई दो अपाहिज बेटियां।
The saga of 2 years of CJI Chandrachud
CJI DY CHANDRCHURN
उम्मीद थी कि जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ अपने दो साल के कार्यकाल में न्याय के सिद्धांत को व्यवहारिकता में बदल देंगे और कम से कम वह केंद्र की मोदी सरकार के साथ खड़े तो नहीं ही दिखाई देंगे मगर 2 साल के कार्यकाल के अंत में जाते जाते वह नरेंद्र मोदी की आवभगत और स्वागत में खड़े दिखाई दिए।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने और रिटायरमेंट करीब आते आते ही जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने जो बयानबाजी, मीडिया फ्रेंडली चरित्र और सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई, भाषणबाजी की , कोर्ट में वकीलों को धौंस दिया और अपने ही बेच के जजों से बहस की उससे लोगों में उनकी छवि खंडित हुई।
और इसी कारण वह आलोचना के घेरे में हैं, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ एडवोकेट दुष्यंत दवे कह रहे हैं कि जस्टिस चंद्रचूड़ को कोई याद नहीं रखना चाहेगा तो महमूद प्राचा कह रहे हैं कि जस्टिस चंद्रचूड़ घटिया इंसान हैं और इनका फेयरवेल नहीं होना चाहिए, तो कोई कह रहा है कि इनके फेयरवेल में 70% वकील जाना ही नहीं चाहते, वैकल्पिक मीडिया और सोशल मीडिया पर उनकी भारी आलोचना हो रही है।
The saga of 2 years of CJI Chandrachud
CJI DY CHANDRCHURN WITH PM NARENDR MODI
दरअसल भारी उम्मीदों का बोझ लिए जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के शपथ के पहले ही न्यायपालिका की छवि और न्याय के चेहरे को बचाए रखने की उम्मीद से देश उनको देख रहा था क्योंकि इनके किसी पुर्ववर्ती ने राज्यसभा की सदस्यता लेकर खुद के मैनेज होने को सिद्ध किया तो किसी की पैंट ही सरकार के सामने सार्वजनिक रूप से उतर गयी।
दो साल के अपने कार्यकाल में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने न्याय की देवी की आंखों से पट्टी खींच कर हटा दिया और यह संदेश दिया कि अब कानून और अदालतें उनके सामने पेश हुए लोगों को देख पहचान सकतीं हैं और उसी आधार पर फैसला देंगी।
The saga of 2 years of CJI Chandrachud
CJI DY CHANDRCHURN
भारत के मुख्य न्यायाधीश,डी वाई चंद्रचुड़ जी चला चली की बेला में कह रहे हैं कि “वह देखना चाहते हैं कि देश उनको कैसे याद करेगा” तो आपको बता दूं कि, महत्वपूर्ण मामलों में आधा अधुरा फैसला देकर लीपापोती के अतिरिक्त सरकार की चापलूसी के लिए आपको याद किया जाएगा।
जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ को मैं ऐसे चीफ़ जस्टिस के तौर पर याद करूंगा जिन्होंने अपनी अदालत में चोर को पकड़ा , चोरी पकड़ी, “चोर ने चोरी की यह फैसला भी दिया” और फिर चोरी का सामान चोर को देकर उसे बरी कर दिया।
The saga of 2 years of CJI Chandrachud
मैं कम से कम ऐसे चार फैसलों का ज़िक्र करके इस बात को सिद्ध करने का प्रयास करूंगा।
1- इलेक्टोरल बोंड – इलेक्टोरल बोंड में उनका फैसला साहसिक था , उन्होंने अपने फैसले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को बाध्य किया कि वह सारी जानकारी सार्वजनिक करे , स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सार्वजनिक भी की और दुनिया ने देखा कि कैसे चंदा लेकर ठेके दिए गए, चंदा लेकर ज़मनत दी गयी , चंदा लेकर आरोपी को गवाह बनाया गया।
यह स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार था , उच्चतम न्यायालय ने कहा यह असंवैधानिक है , अवैध है और इतना सबकुछ स्पष्ट होने के बावजूद जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कुछ नहीं किया, और जिसके पास भ्रष्टाचार का जितना धन था उसी के पास रहा और मामला रफा-दफा हो गया और न तो पैसा जब्त हो और न किसी को सजा हुई।
अर्थात अपनी अदालत में चोर को पकड़ा , चोरी पकड़ी, “चोर ने चोरी की” यह फैसला भी दिया और फिर चोरी का सामान चोर को देकर उसे बरी कर दिया।
2- महाराष्ट्र सरकार:- महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को गिराकर बनाई शिंदे सरकार को जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने “अवैध” कहा , मगर सरकार चलती रही , उच्चतम न्यायालय के महाराष्ट्र की सरकार को अवैध घोषित करने के बावजूद शिंदे सरकार के खिलाफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कोई फैसला नहीं दिया और शिंदे की अवैध सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया।
अर्थात अपनी अदालत में चोर को पकड़ा , चोरी पकड़ी, चोर ने चोरी की यह फैसला भी दिया और फिर चोरी का सामान चोर को देकर उसे बरी कर दिया।
3- चंडीगढ़ मेयर चुनाव:- जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने इस मामले में पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह की चोरी पकड़ी, अनिल मसीह को लोकतंत्र का हत्यारा कहा , फैसला भी पलटा मगर चोरी करने वाले को बख्श दिया।
The saga of 2 years of CJI Chandrachud
लोकतंत्र के हत्यारे अनिल मसीह एक माफ़ी मांग कर बच गये।
4- बाबरी मस्जिद:- यह फैसला चोर को चोरी किये माल को देने का स्पष्ट मामला था जिसमें जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और अन्य चार जजों वाली बेंच ने फैसला दिया कि , मुग़ल बादशाह बाबर ने कोई राम मंदिर नहीं तोड़ा , बाबरी मस्जिद किसी राम मंदिर को तोड़ कर नहीं गिराई गई, बाबरी मस्जिद के नीचे राम मंदिर का कोई ढांचा नहीं है , बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को शहीद करना एक अपराधिक घटना थी , बाबरी मस्जिद में चोरी से मुर्ति रखना अपराधिक घटना थी।
इतने अपराध मान लेने के बाद बेंच ने अपराधियों को सज़ा देने की बजाय , पीड़ित पक्ष को मस्जिद की ज़मीन देने की बजाय उस पक्ष को बाबरी मस्जिद की ज़मीन दे दी जिस पर उस अपराध का मुकदमा चल रहा था। वहां मंदिर बन गया और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ वहां दर्शन भी कर आए।
स्पष्ट है कि उन्होंने अपनी अदालत में चोर को पकड़ा , चोरी पकड़ी, चोर ने चोरी की यह फैसला भी दिया और फिर चोरी का सामान चोर को देकर उसे बरी कर दिया।
देश में न्याय का यह माडल देने के बाद जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ जी अब कह रहे हैं कि उन्होंने यह फैसला ईश्वरीय आदेश के बाद दिया था।
क्षमा करिए न्यायाधीश महोदय हमारा ईश्वर ऐसे फैसले का आदेश नहीं दे सकता, यह आपका रिटायरमेंट के बाद की संभावनाओं को जीवित रखने के लिए दिए बयान से अधिक कुछ नहीं है।
दरअसल ब्युरोक्रेसी में रिटायरमेंट के बाद मलाईदार पद ,शहासिल करने वाली इच्छा अब ज्युडिशियरी में भी पैदा हो गई है और इसीलिए
“मैं, अ.भा. भारत के सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश (या न्यायाधीश) (या भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) नियुक्त हुआ हूँ, ईश्वर की शपथ लेता हूँ/सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूँ कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा, विश्वास और निष्ठा रखूँगा, 1 [कि मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूँगा, कि मैं सम्यक रूप से और निष्ठापूर्वक तथा अपनी सर्वोत्तम योग्यता, ज्ञान और विवेक के साथ बिना किसी भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के अपने पद के कर्तव्यों का पालन करूँगा और मैं संविधान और विधियों की मर्यादा बनाए रखूँगा।”
की शपथ लेने वाले जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ “सर्वोत्तम योग्यता, ज्ञान और विवेक के साथ बिना किसी भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के अपने पद के कर्तव्यों का पालन करने संविधान और विधियों की मर्यादा की बजाय उस भगवान से निर्णय का आदेश ले रहे थे जो बाबरी मस्जिद में खुद एक पक्ष थे।
मज़ेदार बात यह है कि भगवान के आदेश से दिए फैसले में सह-लेखन और फिर फैसले पर हस्ताक्षर करने की हिम्मत भी ना कर सके।
इसके अतिरिक्त नरेंद्र मोदी और अमित शाह से जुड़े सभी मुकदमों में वह रीढ़ की हड्डी सीधी नहीं रख सके और जस्टिस लोया केस को तो उन्होंने बांबे हाईकोर्ट से मंगाकर अमित शाह को क्लीन चिट दे दी।
ऐसे ही अडाणी के हर मामले को रफा-दफा करना, उमर खालिद , शरजिल इमाम, खालिद सैफी , गुलफ़िशा की बिना ट्रायल और बिना सुनवाई के पिछले 5 सालों से निरंतर कैद में रखने पर चुप्पी के लिए भी उन्हें याद किया जाएगा। उन्हें याद किया जाएगा वर्शशिप ऐक्ट -1991 के बावजूद ज्ञानव्यापी मस्जिद के सर्वे की अनुमति देना और EVM मामले में लीपापोती करना।
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ धार्मिक जो हैं।
भीमा कोरेगांव मामले में आरोपियों को जेल में रहने देने, फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु और अंततः प्रोफेसर जीएन साईबाबा की मृत्यु के लिए भी उन्हें याद किया जाएगा। उन्हें याद किया जाएगा कि मास्टर आफ रोस्टर होने के कारण किस तरह नरेंद्र मोदी सरकार के एजेंडे वाले फैसले जस्टिस बेला त्रिवेदी को दिए गए।ध्यान दीजिए कि जस्टिस बेला त्रिवेदी नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते उनकी विधी सचिव थीं और उनके मातहत काम कर चुकी हैं।एक अच्छी बात यह रही कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश अरविंद बोबडे की तरह उनकी सार्वजनिक रूप से पैंट नहीं उतरी।इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।
अलविदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ जी।
Horoscope for today 09 October 2024 आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। अगर आपका कोई महत्वपूर्ण काम लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह भी पूरा हो सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ आप किसी पिकनिक आदि पर जाने की योजना बना सकते हैं। जमीन जायदाद को लेकर यदि आपको कुछ दिक्कतें चल रही थी, तो वह भी काफी हद तक दूर होंगी। बिजनेस में आपको अपने कामों को लेकर योजना बनानी होगी। आप किसी तरह का कोई रिस्क न ले, नहीं तो आपकी टेंशन बढ़ सकती है।
Horoscope for today 09 October 2024 वृषभ
वृषभ फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए मेहनत से काम करने के लिए रहेगा। आपको किसी वाद विवाद से दूर रहने की आवश्यकता है। कोई प्रिय वस्तु खोने व चोरी होने का भय सता सकता है। किसी सरकारी योजना का आपको पूरा लाभ मिलेगा। आपको अपनी आय और व्यय का पूरा लेखा-जोखा रखना होगा। सेहत को लेकर आप कोई लापरवाही न करें। प्रेम जीवन जी रहे लोगों की अपने सहयोगियों से मुलाकात होगी। आपके कुछ नए विरोधी उत्पन्न हो सकते हैं।
Horoscope for today 09 October 2024 मिथुन
मिथुन फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है। आप अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने की कोशिश में लगे रहेंगे। आपको यदि किसी बात को लेकर टेंशन चल रही थी, तो वह भी काफी हद तक दूर होगी। पार्टनरशिप में आप कोई काम न करें। आपको अपने पारिवारिक रिश्तों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। आपका कोई सहयोगी कामों में आपकी पूरी मदद करेगा। आप किसी प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करने के बारे में प्लानिंग कर सकते हैं।
Horoscope for today 09 October 2024 कर्क
कर्क राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। सरकारी योजनाओं का आपको पूरा लाभ मिलेगा। विदेश जाने की योजना बना रहे लोगों को थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है। मार्केटिंग से जुड़े लोगों को कोई खुशखबरी सुनने को मिलेगी। आपकी कोई डील फाइनल होते-होते रह सकती है। संतान से कोई गलती होने के कारण आप उनसे नाराज रहेंगे। आप अपनी जिम्मेदारियां किसी दूसरे पर न डालें। परिवार में किसी सदस्य की ओर से आपको कोई शुभ सूचना सुनने को मिलेगी।
Horoscope for today 09 October 2024सिंह
सिंह राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए सोच समझकर कोई निर्णय लेने के लिए रहेगा। आपको अपने कामों को धैर्य रखकर निपटाने की आवश्यकता है। आप मौज मस्ती के मूड में रहेंगे। ऑफिस में काम को लेकर कुछ दिक्कतें बढ़ेंगी। आपकी कोई प्रिय वस्तु खोने व चोरी होने का भय सता सकता है। व्यवसाय में आपकी किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है। आपको अपनी संतान से किए हुए वादे को पूरा करना होगा। आपको किसी काम को लेकर लापरवाही नहीं दिखानी है।
कन्या
कन्या राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे लोगों को थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है। व्यवसाय में आपको अपनी मेहनत के अनुसार ही परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक सदस्यों का सहयोग आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। परिजनों से आपको कुछ विचार विमर्श करने की आवश्यकता है।
तुला
तुला राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए समस्या लेकर आएगा, लेकिन आपको अपनी सूझबूझ से उन समस्याओं से बाहर निकलना होगा। बिजनेस में आप कोई बदलाव करने के बारे में प्लानिंग कर सकते हैं। आपकी किसी नए काम के प्रति रुचि जागृत हो सकती है। व्यवसाय में कुछ उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। आपकी कुछ प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी। आपको अपने बढते खर्चों को कम करने की कोशिश करनी होगी। आपकी स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं।
वृश्चिक
वृश्चिक राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। आपका कोई बड़ा प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है। सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों को अच्छी सफलता मिलेगी। आपको धन को लेकर पूरी प्लानिंग करके आगे बढ़ना होगा। आपके ऊपर काम को लेकर दबाव अधिक रहेगा। अध्यात्म के कार्यों से जुड़कर आप नाम कमाएंगे। बिजनेस में आपको योजना बनाकर चलने की आवश्यकता है। आपको किसी विपरीत परिस्थिति में धैर्य बनाकर रखना होगा। आपको स्वस्थ रहने के लिए योग्य मेडिटेशन का सहारा लेना होगा।
धनु
धनु राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए खुशनुमा रहने वाला है। आपके घर में किसी नए सदस्य का आगमन हो सकता है। आपको अपने संबंधों में मधुरता बनाए रखनी होगी और बड़े सदस्यों की बातों को पूरा महत्व दें। आपको संतान की समस्याओं पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। व्यवसाय में आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी। प्रेम जीवन जी रहे लोग साथी को अपने भविष्य को लेकर बातचीत कर सकते हैं।
मकर
मकर राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आप अपनी अच्छी सोच का कार्यक्षेत्र में लाभ उठाएंगे। आप दूसरों के मामले में बेवजह न पड़े। आपको किसी काम को लेकर यदि चिंता सता रही थी, तो वह भी काफी हद तक दूर होगी। व्यावसायिक गतिविधियों में आप बढ चढ़कर हिस्सा लेंगे। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। आपको अपनी बेवजह बोलने की आदत में बदलाव लाना होगा।
कुंभ
कुम्भ राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा। परिवार में सुख-समृद्धि बढे़गी। आपको किसी भी बाहरी व्यक्ति के मामले में बोलने से बचना होगा। व्यवसाय में आप अपनी जिम्मेदारियां सही से निभाएंगे। आपको अपनी डेली इनकम पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। धार्मिक गतिविधियों में आप पर चढ़कर हिस्सा लेंगे। मौसम का विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
मीन
मीन राशि फोटो ब्लैकआउट न्यूज़
आज का दिन नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है। आप अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाए रखें, जिससे आपके काफी काम आसानी से पूरे हो सकेंगे। यदि आपका कोई काम धन को लेकर रुका हुआ था, तो वह भी पूरा हो सकता है। आप किसी नए वाहन की खरीदारी कर सकते हैं। प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे लोगों को अच्छी सफलता मिलेगी। आपका कोई बड़ा लक्ष्य आसानी से पूरा होगा।
दुर्ग। CG Police Encounter छत्तीसगढ़ के भिलाई में आज एक बड़ा एनकाउंटर हुआ जिसमें निगरानी गुंडा और कुख्यात बदमाश अमित जोश को पुलिस ने ढेर कर दिया। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के जयंती स्टेडियम के पीछे की है, जहां पुलिस ने अमित को घेरने का प्रयास किया। घिरता देख अमित ने सिपाहियों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई और अमित को ढेर कर दिया।
CG Police Encounter
क्राइम डीएसपी हेम प्रकाश नायक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अमित जोश भिलाई के ग्लोब चौक में हुए गोलीकांड का मुख्य आरोपी था और वह पिछले कई महीनों से फरार था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अमित भिलाई में वापस आया है, जिसके बाद पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ उसकी घेराबंदी की।
CG Police Encounter
CG Police Encounter
जब पुलिस ने अमित को घेरने की कोशिश की, तो उसने जवाब में फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में दो सिपाही घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे अमित की मौके पर ही मौत हो गई। यह एनकाउंटर भिलाई में पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि अमित का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा और गंभीर था।
कोरबा/ ब्लैक आउट न्यूज ( संतोष सारथी) korba car accident कोरबा जिला से दर्दनाक हादसे की खबर निकलकर सामने आ रहे हैं जहां कोरबा जिले के कोरबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत झीनपूरी के समीप दर्दनाक सड़क हादसा घटित हुआ है जिसमें कार और बाइक की जबरदस्त भिड़ंत हो गई है।
korba car accident
वहीं प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार क्रमांक CG 10 BM 2165 और बाइक क्रमांक CG 12 AE 8208 आपस में भीड़ गए। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार कार काफी तेज़ गति में थी जिससे उसने अपना नियंत्रण खो दिया एवं बाइक में सवार महिला एवं पुरुष को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाईक सवार दाहिने पैर कट गया है जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।