छत्तीसगढ़ /कोरबा KORBA BREAKING : रजगामार के दशहरा मैदान में स्कूलीस्कूली छात्रा से अभद्रता और विवाद के मामले ने अब जिले में बड़ा तूल पकड़ लिया है। बालको थाना पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस-केस दर्ज किया है। एक ओर जहाँ नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल चौरसिया उनके भाई कौशल चौरसिया और एक अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धारा 74, 75(1), 296, 115(2), 3(5) के तहत गंभीर अपराध दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी ओर अन्य पक्ष की एक महिला की शिकायत पर मूल आवेदक पक्ष के खिलाफ भी मामला पंजीबद्ध हुआ है।
क्या है पूरा मामला?KORBA BREAKING
घटना दशहरे की रात रजगामार स्थित रावण मैदान की है। आरोप है कि स्कूली छात्रा पर फब्तियां कसी गईं और छेड़छाड़ की गई। विरोध करने पर छात्रा के चचेरे भाई से मारपीट की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे रात को ही रजगामार चौकी पहुँचे लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं की और अगले दिन आवेदन लाने को कहा। वहीं दूसरी तरफ 20 तारीख की रात को ही कौशल चौरसिया और एक महिला की शिकायत पर पीड़ित परिवार के खिलाफ तुरंत अपराध दर्ज कर लिया गया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर जब पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक SP से गुहार लगाई तब जाकर बालको थाने में बीजेपी नेता व अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई।
अपराध तो दर्ज हो गए, लेकिन जाँच के रडार में सुलगते सवाल?KORBA BREAKING
01 चौकी में दोहरी नीति क्यों? 20 तारीख की रात जब दोनों पक्ष चौकी पहुँचे थे, तो कौशल चौरसिया और एक महिला की शिकायत पर तत्काल केस दर्ज कर लिया गया लेकिन नाबालिग से छेड़छाड़ की शिकायत लेकर पहुँचे पीड़ित पिता को आवेदन अगले दिन लाने की बात कहकर लौटा क्यों दिया गया?
2. दो दिन बाद अचानक छेड़छाड़ का आरोप कैसे जुड़ा?
जिस महिला ने 20 तारीख को सिर्फ मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत दर्ज कराई थी, वही महिला 22 तारीख को एसपी कार्यालय पहुँचकर अपनी नाबालिग पुत्री से छेड़छाड़ की नई शिकायत कैसे दर्ज कराती है? क्या यह मुख्य मामले में समझौते का दबाव बनाने के लिए किया गया सुनियोजित काउंटर-केस है?
3. चौकी छोड़ सीधे एसपी दफ्तर क्यों? बीजेपी नेता अनिल चौरसिया ने 21 तारीख को खुद को झूठे मामले में फंसाए जाने की आशंका को लेकर रजगामार चौकी में शिकायत न करके सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख क्यों किया?
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि दशहरे के दिन दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी, जिसमें नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आने पर मिले आवेदनों के आधार पर प्रथम सूचना पत्र FIR दर्ज कर विवेचना की जा रही है, विवेचना के दौरान घटनास्थल पर दोनों पक्षों के लोगों की वास्तविक उपस्थिति घटनाक्रम और तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। साक्ष्य और सबूत पाए जाने के बाद आरोपियों के विरुद्ध गिरफ्तारी समेत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस का तीखा हमला, ‘क्या चलेगा बुलडोजर?

मामले को लेकर कोरबा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश राठौर ने प्रेस वार्ता में राज्य शासन और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया हैँ, उन्होंने कहा कि हाल ही में रजगामार क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम के साथ अनाचार और हत्या की घटना की स्याही सूखी भी नहीं थी कि अब भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पर नाबालिग से छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ है। राठौर ने सवाल उठाया कि कुछ दिन पूर्व भाजपा नेता से मारपीट करने वाले के घर पर प्रशासन ने फौरन बुलडोजर चला दिया था, तो क्या अब सत्ताधारी पार्टी के नेता पर लगे पॉक्सो के आरोपों के बाद उनके घर पर भी बुलडोजर चलेगा या कानून के हाथ कांप जाएंगे?
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मामले में लीपापोती की गई तो कांग्रेस पार्टी निष्पक्ष न्याय के लिए सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ेगी।






