कोरबा/(ब्लैकआउट न्यूज़)Malnourished District प्रदेश के साथ साथ कोरबा जिले मे कुपोषण से लड़ने के लिए अनेक योजनाए सरकार की फाइलों मेंबकैद है जिसके लिए करोड़ों रुपयों का फंडिंग की जाती रही है लेकि सरकारी योजनाए अधिकारियो की धन पीपाशा की शिकार हो गयी है चंद चहेते ठेकेदार इससे लाल पिले हो रहे है जबकि जमीनी तौर पर आंगन बाड़ी केंद्रों मे भ्रस्टाचार अपने चरम पर फर्जी बच्चों की संख्या के आधार पर खाद्य समग्रीयों की बंदरबाँट का खुलासा स्वयं कोरबा जिले के CHMO श्री केशरी ने कर दिया.
Malnourished District

दरअसल आज कोरबा में आज श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के अतिथ्य में पोषण माह के समापन का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें स्वास्थ्य विभाग तथा महिला बाल विकास के संयुक्त बैठक रखी गई थी कार्यक्रम के पश्चात कोरबा CHMO ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि कोरबा जिले में लगभग 60% गर्भवती महिलाएं कुपोषण का शिकार है वही उनसे जन्मे लगभग 55% बच्चे भी कुपोषित है.
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CHMO द्वारा दिया यह बयान अपने आप में महिला बाल विकास की कार्यशैली को उजागर कर रहा है, एक और जहां पूरे जिले में वजन त्यौहार के साथ पोषण माह मनाया जा रहा है और राज्य सरकार कुपोषण से लड़ने के लिए सभी जिलों में पर्याप्त व्यवस्था कर रही है, और करोड़ों रुपए कुपोषण से निपटने के लिए दिए जा रहे हैं तो आखिर यह पैसा जा कहां रहा है,
अब सवाल यह उठता है कि अगर स्वास्थ्य विभाग के पास कुपोषण की यह आंकड़े पूर्व से है तो क्या स्वास्थ्य विभाग का अमला जमीनी स्तर पर कार्य नहीं कर रहा है, कोरबा जिले में आए कुपोषण के आंकड़ों पर अब जिला कलेक्टर किस प्रकार एक्शन लेते हैं यह भी देखने की बात होगी.
Malnourished District CHMO की नहीं चलती विभाग मे

यहाँ बताना लाजमी होगा की कोरबा CHMO श्री केशरी स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख होने के बाद भी उनके अधीनस्थ डॉक्टर एवं कर्मचारियों में उनकी पकड़ एकदम ढीली है इस संदर्भ में समय-समय पर विभिन्न समाचार पत्रों एवं वेब पोर्टलों मे समाचार भी प्रकाशित होते रहे है इस बात की पुष्टि कब हुई जब CHMO द्वारा पैथोलॉजी लैब या झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही हेतु पत्र जारी किया जाता है तो संबंधित डॉक्टर बीएमओ इस पत्र को कचरे के डब्बे में डाल देते हैं कार्यवाही आज तक नगन्य में रही है इस बात से साहिबगंज राजा लगाया जा सकता है कि कोरबा CHMO श्री केसरी की नेतृत्व क्षमता कितनी कमजोर है.




