नई दिल्ली: ED raids Vedanta Group’s premises : वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) की ताबड़तोड़ रेड पड़ी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फेमा के नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि फेमा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारत में विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर निगरानी रखना होता है। कंपनी की तरफ से आधिकारिक जवाब का इंतजार है।
ईडी FEMA के तहत कब एक्शन लेता है ED raids Vedanta Group’s premises

ईडी FEMA के तहत तब एक्शन लेता है जब उसे किसी कंपनी या व्यक्ति के द्वारा विदेशी मुद्रा लेनदेन में उल्लंघन का संदेह होता है। इसमें अधिकतर ऐसे मामले शामिल होते हैं जैसे अवैध रूप से विदेश में धन हस्तांतरण करना, हवाला, विदेश में अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करना, या विदेशी निवेश से संबंधित नियमों का पालन न करना।
क्या था मामला ED raids Vedanta Group’s premises

जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जे ए एल) क्या अधिग्रहण को लेकर वेदांता ग्रुप के अध्यक्ष एवं अदानी ग्रुप में बोली लगाई थी जिसमें वेदांता ग्रुप की बोली मूल्य ₹16,726 करोड़ थी वहीं अडानी ग्रुप ने बोली ₹14,535 करोड़ लगाई थी जाहिर हैं अधिकतम बोली लगाने वाले अनिल अग्रवाल को JAL को सौपने समन्धित पत्र भी जारी कर दिया गया इसके पश्चात अचानक अडानी ग्रुप को 3000करोड़ की काम बोली होने के बावजूद JAL का अधिग्रहण अडानी को दें दिया गया इस आदेश को वेदांता ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी थी जो वर्तमान मे लंबित हैं.
ED raids Vedanta Group’s premises
जाहिर हैं अनिल अग्रवाल अडानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने को सरकार कैसे बर्दास्त करती अलबत्ता ED, CBI जैसी संस्थाओं को सक्रिय होना ही था हालांकि ED की कार्यवाही FEMA के तहत अनियमितता के सम्बन्ध मे कार्यवाही होना बताया जा रहा हैं लेकिन परदे के पीछे खेल कुछ और ही चल रहा हैं प्रधानमंत्री मंत्री के मित्र गौतम अडानी के खिलाफ जाना मतलब कार्यवाही का सामना करना ही पड़ेगा.



