इन राज्यों में भाजपा का नहीं खुल पाया खाता, कांग्रेस निकली बाजीगर; किया क्लीन स्वीप

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नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम सामने आ चुके है। भले ही भाजपा गठबंधन वाली एनडीए ने बहुमत पार कर लिया है लेकिन, कांग्रेस और बाकी विपक्षी दलों का प्रदर्शन भी काफी चौंकाने वाला रहा। भाजपा अपने बूते बहुमत का जादुई आंकड़ा पाने में नाकाम जरूर रही पर, नीतीश कुमार की जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी के समर्थन में आराम से सरकार बनाने जा रही है। उधर, कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन की बात करें तो यूपी, केरल और राजस्थान समेत देश के पूर्वोत्तर राज्यों में भी कांग्रेस जबरदस्त कमबैक किया है। मणिपुर, मेघालय और नगालैंड में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की झोली खाली रही। रिजल्ट इसलिए भी चौंकाने वाले हैं क्योंकि यहां राज्यों में भाजपा या उसके अलायंस साथियों की सरकार है।

कांग्रेस पार्टी भाजपा के गढ़ असम में तीन सीट अपने नाम करने में कामयाब रही। कांग्रेस ने मणिपुर में सभी दो सीटें जीतीं। नगालैंड और मेघालय में भी कांग्रेस ने एक-एक सीट अपने नाम की। हालांकि असम में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा उभरी। उसने नौ सीट अपने नाम की। इसके अलावा त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में भी एनडीए ने दो-दो सीटें अपने पास रखी हैं। लेकिन, शॉकिंग रिजल्ट मणिपुर, नगालैंड और मेघालय से आए हैं। यहां राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकार है लेकिन, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बाजी मार गई।

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पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा को झटका
भाजपा की सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) मेघालय में दोनों सीटें कांग्रेस और वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी से हार गई। जबकि, नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) नागालैंड की एकमात्र सीट कांग्रेस से हार गई। हालांकि, असम में भाजपा की नौ सीटों के अलावा उसके सहयोगी दलों यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और असम गण परिषद (एजीपी) ने एक-एक सीट जीती। सिक्किम में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) ने एक सीट हासिल की।

कांग्रेस अध्यक्ष अपनी सीट हारे
मेघालय में कांग्रेस प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री विंसेंट एच. पाला को इस साल वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी के रिकी एंड्रयू जे. सिंगकोन ने करारी शिकस्त दी। विंसेंट 2009 से शिलांग लोकसभा सीट जीत रहे थे। हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार सालेंग ए. संगमा ने मणिपुर में सत्तारूढ़ दल एनपीपी के उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अगाथा के. संगमा को हराकर तुरा सीट अपने नाम की। राजनीतिक पंडितों का मानना ​​है कि मणिपुर में एक साल से अधिक समय तक चली जातीय हिंसा, नागालैंड और मेघालय में अनसुलझे जातीय मुद्दों के कारण भाजपा को चुनावी झटके लगे हैं।

2019 में कैसे थे परिणाम
2019 में आठ पूर्वोत्तर राज्यों की 25 लोकसभा सीटों में से 14 पर भाजपा ने कब्जा किया था। जबकि कांग्रेस ने चार (असम में तीन और मेघालय में एक) सीट हासिल की थी। बाकी सात सीटें राज्य की लोकल पार्टियों के नाम रही। 2019 में असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ), नागालैंड में एनडीपीपी, मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ), मेघालय में एनपीपी, मणिपुर में नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) और सिक्किम में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) ने एक-एक सीट जीती थी।

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