Anil Agarwal’s Master Plan: “भारत मौजूदा एसेट्स के दम पर ही तेल, सोना, चांदी, कॉपर, फर्टिलाइजर समेत कई संसाधनों के आयात को काफी हद तक खत्म कर सकता है।”
ये कहना है वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल का, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का समर्थन किया, जिसमें विदेशी मुद्रा बचाने की बात कही गई है।
Anil Agarwal’s Master Plan

अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) ने कहा है कि भारत विदेशी आयात पर अपनी निर्भरता तेजी से घटा सकता है और इसके लिए सबसे बड़ा रास्ता देश में ही उत्पादन बढ़ाना है।
अनिल अग्रवाल के मुताबिक, संकट और अनिश्चितता के इस दौर में भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेल और सोने का आयात है। ये दोनों मिलकर देश के कुल आयात का 30% से ज्यादा हिस्सा बनाते हैं। अगर जमीन के नीचे मिलने वाले दूसरे संसाधनों को भी जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा करीब 50% तक पहुंच जाता है।
Anil Agarwal’s Master Plan

उन्होंने कहा कि, भारत के पास मजबूत भू-संपदा और पहले से मौजूद बड़े एसेट्स हैं, जिनकी मदद से उत्पादन को बहुत तेजी से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए दो बड़े फैसलों की जरूरत है- सरकारी कंपनियों का निजीकरण और क्लियरेंस प्रक्रिया में सेल्फ-सर्टिफिकेशन।



