Who is Champai Soren? जानें कौन हैं झारखंड के होने वाले नए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, कब लेंगे सीएम पद की शपथ?

- Advertisement -

Who is Champai Soren?झारखंड में सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। सीएम पद से हेमंत सोरेन ने इस्तीफा दे दिया है। अब चंपई सोरेन मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। चंपई सोरेन को झारखंड टाइगर के नाम से भी जाना जाता है। वे अर्जुन मुंडा सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस प्रमुख राजेश ठाकुर ने पीटीआई को जानकारी दी है और कहा है कि झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन ने परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को झामुमो विधायक दल के नेता के रूप में चुना है।

Who is Champai Soren?

Who is Champai Soren?
Who is Champai Soren?

बता दें कि भ्रष्टाचार के आरोप में हेमंत सोरेन से ईडी ने लंबी पूछताछ की और उन्हें हिरासत में ले लिया है। उससे पहले हेमंत सोरेन ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

- Advertisement -

कहा जा रहा है कि ईडी हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर सकती है। सियासी हलचल के बीच कयास लगाए जा रहे थे कि हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन सीएम बनाई जा सकती हैं लेकिन अब सभी आशंकाओं पर विराम लग गया है और चंपई सोरेन को सीएम बनाना तय किया गया है। चंपई सोरेन कल मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

कौन हैं झारखंड के होने वाले सीएम चंपई सोरेन?

Who is Champai Soren?
Who is Champai Soren?

जिलिंगगोड़ा गांव निवासी आदिवासी सिमल सोरेन के चार बच्चों में से एक चंपई सोरेन हैं जो सिमल सोरेन के बड़े बेटे हैं। चंपई भी अपने पिता के साथ खेती किसानी में उनका हाथ बंटाते थे। शिक्षा की बात करें तो चंपई ने सरकारी स्कूल से 10वीं तक की पढ़ाई की है। चंपई का विवाह कम उम्र में ही मानको से कर दिया गया था, उनके चार बेटे और तीन बेटियां हैं। बिहार से अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर हुए आंदोलन में चंपई ने शिबू सोरेन के साथ हिस्सा लिया था और वे ‘झारखंड टाइगर’ के नाम से मशहूर हो गए।

इसके बाद चंपई सोरेन ने सरायकेला सीट से उपचुनाव में निर्दलीय विधायक बनकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और इसके बाद वह झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हो गए।

अगले 25 साल तक रहेगी सरकार-चंपई सोरेन Who is Champai Soren?

 

चंपई सोरेन ने कहा था कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है और अगले 25 साल तक बनी रहेगी। इसके साथ ही विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए चंपई ने कहा था कि जब से राज्य में महागठबंधन की सरकार बनी है तब से चार-चार उपचुनाव हुए हैं और हर बार एनडीए को मुंह की खानी पड़ी है। जनता ने पूरी तरह से उन्हें नकार दिया है।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -