यूपी एटीएस ने माओवादी संगठन PLGA से जुड़े बृजेश कुशवाहा को देवरिया से गिरफ्तार करने के बाद रायपुर से उसकी पत्नी प्रभा कुशवाहा को भी अरेस्ट किया है। जुलाई 2019 में गिरफ्तार हुए मनीष श्रीवास्तव और अमिता श्रीवास्तव समेत सात आरोपियों के पास से मिले साक्ष्यों के आधार पर हुई। यूपी एटीएस ने सबूत नहीं होने के चलते बृजेश कुशवाहा और प्रभा को उस वक्त पूछताछ के बाद को छोड़ दिया था।
यूपी एटीएस के अफसरों ने बुधवार को प्रभा कुशवाहा रायपुर कोर्ट में पेश किया। यहां से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर उसे लखनऊ रवाना किया गया। अब इस दंपती से आगे की पूछताछ वहां पर की जाएगी।
एटीएस एडीजी मोहित अग्रवाल के मुतबिक पांच जुलाई 2019 को नक्सल गतिविधियों के संबंध में मनीष समेत 7 लोगों के भोपाल, कानपुर, देवरिया और कुशीनगर के ठिकानों पर छापेमारी कर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संगठन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गये थे।
सात में से मनीष श्रीवास्तव और अमिता श्रीवास्तव उर्फ वर्षा की गिरफ्तारी की गई थी। वहीं बृजेश कुशवाहा और उसकी पत्नी प्रभा को उस वक्त साक्ष्य की कमी में छोड़ दिया गया था। उनके पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षण और डाटा एक्सट्रेक्शन के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया था।

डिजिटल डेटा में सुबूत मिले
फॉरेंसिक लैब के डिजिटल डाटा का एनालिसिस करने पर दोनों के खिलाफ सबूत मिले। जिसमें साफ है कि बृजेश कुशवाहा और उसकी पत्नी प्रभा के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में प्रतिबंधित माओवादी संगठन, PLGA (Peoples Liberation Guerilla Army), प्रतिबन्धित सी पीआई (माओवादी) का भारत सरकार के विरूद्ध प्रतिरोध करने के लिए सशक्त पार्टी और संगठन निर्माण करने के सम्बन्ध में पत्र, साहित्य और अन्य सामग्री उपलब्ध थी। जिसमें माओवादी संगठन से जुड़े विभिन्न कामरेडो के पत्र भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का उल्लेख है ।
इंकलाबी छात्र सभा से जुड़कर बना नक्सली
देवरिया निवासी बृजेश कुशवाहा गोरखपुर से एम.ए. (संस्कृत) से करने के दौरान इंकलाबी छात्र सभा से जुड़ गया था। बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में नौकरी के दौरान वर्ष 2006 में इसकी मुलाकात रायपुर निवासी प्रभा से हुई थी। इसके बाद चार चाल बाद दोनों ने शादी कर ली।
अन्य साथियों की भी खोजबीन जारी
जिसके बाद दोनों मजदूर किसान एकता मंच और सावित्रीबाई फूले संघर्ष समिति से जुड़कर वामपंथी विचारधारा का समर्थन करने लगे। जिसकी आड़ में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भाग लेने लगे। एटीएस दोनों के अन्य साथियों के विषय में जानकारी के लिए ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ लाने की तैयारी कर रही है