रायपुर/दिल्ली। कुछ ही देर पहले आपके फोन पर खतरे की घंटी बजी है। दरअसल यह तेज आवाज के साथ आने वाला एक इमरजेंसी अलर्ट है, जो कि दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा मिलकर किए जा रहे सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम की टेस्टिंग के तौर पर भेजा गया। इसे लोग किसी तरह का खतरा समझ सकते हैं, लेकिन यह कोई खतरा नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा की तैयारी है। दरअसल सरकार यह चेक करना चाहती है कि भविष्य में किसी आपदा के समय लोगों तक सही तरीके से जानकारी और अलर्ट भेजा जा सकता है या नहीं।
The Modi government has sounded the alarm

एक समय तक सरकार आपदाओं से जुड़ी जानकारी सचेत सिस्टम के जरिए SMS के द्वारा भेजती थी। हालांकि ऐसे खतरे जिसमें समय की कमी बड़ा पहलू होती है जैसे कि बिजली गिरना, सुनामी या गैस लीक आदि को देखते हुए सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी को लाया गया। इसका फायदा यह था कि SMS नेटवर्क की वजह से अटक सकता था या फिर देर से पहुंच सकता था लेकिन सेल ब्रॉडकास्ट एक साथ एक खास इलाके के सभी मोबाइल फोन पर तुरंत पहुंचता है।
The Modi government has sounded the alarm

इसे C-DOT ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। इस टेक्नोलॉजी की खासियत है कि इसके लिए मोबाइल में नेटवर्क का सिग्नल मजबूत होना भी जरूरी नहीं है, यह सीधे टॉवर से फोन तक पहुंच सकती है।




