कोरबा ( ब्लैकआउट न्यूज़ ) The dilapidated condition of Korba main post office : शहर का मुख्य डाकघर करीब 40 साल पुराने जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। भवन की मौजूदा स्थिति को देखकर किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। चिंताजनक बात यह है कि इस जर्जर भवन में सिर्फ डाकघर का कार्यालय ही संचालित नहीं हो रहा, बल्कि डाक विभाग के कर्मचारी अपने परिवार के साथ यहां रह भी रहे हैं। लगातार हो रही बारिश ने भवन की हालत को और गंभीर बना दिया है।
बुनियाद को चूहों ने कर दिया खोखला The dilapidated condition of Korba main post office

स्थानीय लोगों के मुताबिक भवन की बुनियाद लंबे समय से कमजोर होती जा रही है। भवन के आसपास और नींव के हिस्सों में चूहों ने सुरंगनुमा रास्ते बना दिए हैं, जिससे बुनियाद के कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। कई स्थानों पर भवन की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह कभी भी धराशायी हो सकता है।
पीपल और बरगद की जड़ों ने बढ़ाई परेशानी The dilapidated condition of Korba main post office

जर्जर भवन के चारों तरफ पीपल, बरगद और अन्य जंगली घास उग आई है। बड़े पेड़ों की जड़ें भवन की दीवारों और नींव तक पहुंच चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की जड़ें धीरे-धीरे भवन के ढांचे को कमजोर कर रही हैं। समय रहते इन पेड़ों और जड़ों को हटाकर भवन की तकनीकी जांच कराना जरूरी है।
मूसलाधार बारिश से बढ़ा खतरा The dilapidated condition of Korba main post office

इन दिनों लगातार हो रही बारिश के बीच पुराने और कमजोर भवन पर खतरा और बढ़ गया है। बारिश का पानी भवन के आसपास जमा होने तथा नमी के कारण इसकी संरचना पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
कर्मचारियों के परिवार भी रहते हैं इसी भवन में
सबसे गंभीर पहलू यह है कि डाकघर में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार भी इसी परिसर में रहते हैं। ऐसे में भवन के अचानक गिरने की स्थिति में जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है। कर्मचारियों के साथ-साथ यहां आने वाले डाकघर के उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पड़ोसी मकानों पर भी मंडरा रहा खतरा
जर्जर भवन को लेकर आसपास रहने वाले लोग भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि भवन का कोई हिस्सा अचानक गिरता है तो आसपास के मकानों और लोगों को भी नुकसान पहुंच सकता है। यही वजह है कि पड़ोसी किसी अनहोनी की आशंका से भयाक्रांत हैं।
हादसे से पहले जागना जरूरी
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराए और उसकी वास्तविक स्थिति की जांच करे। यदि भवन रहने और कार्यालय संचालन के लिए असुरक्षित पाया जाता है तो कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के साथ ही डाकघर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन और डाक विभाग को समय रहते कदम उठाना चाहिए।
सवाल यही है कि जब भवन की हालत देखकर खतरा साफ नजर आ रहा है, तो क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?





