Principal’s John Exploitation Case हरियाणा के जींद में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा छेड़छाड़ करने के मामले में 142 छात्राओं ने बयान दर्ज करवाए हैं। एसडीएम के नेतृत्व में बनी जांच समिति के सामने अधिकांश छात्राओं ने प्रिंसिपल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जबकि बाकी ने कहा कि वे भयानक कृत्यों की गवाह थीं। आरोपी ऑफिस में बुलाकर अश्लील हरकतें करता था।
Principal’s John Exploitation Case
इस मामले में स्कूल की एक महिला गेस्ट टीचर भी शामिल बताई गई है। इस टीचर को गिरफ्तार करने के लिए हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने SIT को निर्देश दिए हैं। रेनू भाटिया ने मुताबिक यह महिला टीचर आरोपी प्रिंसिपल का सहयोग करती थी।
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वहीं शुक्रवार को हिसार मंडल के एडीजीपी श्रीकांत जाधव सरकारी स्कूल में पहुंचे और यहां छात्राओं को मोटिवेट किया। उन्हें बताया कि अगर किसी तरह की कोई समस्या है तो उनसे सीधे भी संपर्क कर सकती हैं।

SIT मामले की जांच में जुटी Principal’s John Exploitation Case

एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने कहा कि ये बड़ा संवदेनशील मामला है। स्कूल में शिकायत पेटियां रखवा दी गई है। जिले के बाकी स्कूलों में भी शिकायत पेटियां रखवाई जा रही हैं। एसआईटी मामले की जांच में जुटी है। अभी तक जो कार्रवाई हुई है, इसके अलावा भी अगर कोई नई बात आती है तो इस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
अब जानिए क्या है पूरा मामला…
जींद जिले के उचाना के राजकीय स्कूल की छात्राओं ने 31 अगस्त 2023 को महिला आयोग दिल्ली, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम 5 पेज का पत्र लिखा था। इसमें छात्राओं ने बताया गया कि उनके स्कूल का प्रिंसिपल करतार सिंह उन्हें अपने कक्ष में बुलाकर उनके साथ गंदी हरकतें करता है। उनके साथ छेड़छाड़ करता है। प्रिंसिपल ने अपने कार्यालय में काले शीशे का दरवाजा लगाया हुआ है।
इसमें अंदर से बाहर की तरफ सब दिखता है, लेकिन बाहर से अंदर कुछ नहीं दिखता। यहां छात्राओं को बुलाकर अश्लील बात करता था, यदि कोई आता दिख जाए तो बात को घूमा देता था। छात्राओं का आरोप है कि प्राचार्य को जो छात्रा पसंद आ जाती है, वह किसी न किसी बहाने उसे अपने कार्यालय में बुला लेता है और अपनी कुर्सी के पास खड़ा रखता है। उनसे गंदी बात करता है, गलत नीयत से स्पर्श करता है और पास करने का लालच देता है।
इसके बाद मामले की जांच हुई और आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। इस मामले की गहनता से जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एएसपी से लेकर डीएसपी, महिला थाना प्रभारी समेत कई जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है।




