श्रीनगर : शुक्रवार देर रात जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तानी रेंजर्स ने बिना उकसावे के गोलीबारी की। पाकिस्तानी सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर सीजफायर का उल्लंघन किया। हालांकि भारतीय सेना ने भी उकसावे का ‘मुंहतोड़’ जवाब दिया। कृष्णा घाटी में अग्रिम भारतीय चौकी पर सीमा पार से गोलीबारी की खबर मिलते ही सेना एक्शन में आ गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के उकसावे पर नियंत्रण रेखा की सुरक्षा में तैनात सेना के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ और थोड़े समय बाद ये रुक गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा हाल ही में किया गया संघर्ष विराम उल्लंघन घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को कवर फायर प्रदान करने का प्रयास हो सकता है।
इस हमले के बाद नियंत्रण रेखा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किसी भी संभावित घुसपैठ के प्रयास को विफल करने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। इलाके की तलाशी जारी है। पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा बिना उकसावे के की गई गोलीबारी कश्मीर में चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान की गई है।
इस यात्रा में 4,500 से अधिक तीर्थयात्रियों का पहला जत्था पवित्र तीर्थस्थल पर जाने के लिए घाटी में पहुंचा है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन ने कहा है कि वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। 52 दिवसीय तीर्थयात्रा 29 जून को दो मार्गों से शुरू होगी। यात्रा 48 किलोमीटर (किमी) लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किमी लंबे बालटाल मार्ग से शुरू हुई। अमरनाथ यात्रा के लिए ये दोनों पारंपरिक मार्ग हैं। यात्रा 19 अगस्त को समाप्त होगी।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आंतरिक राजनीतिक लाभ के लिए सीजफायर का उल्लंघन करती रही है। पाकिस्तान आतंकवादी समूहों को समर्थन और प्रशिक्षण देता है। सीजफायर का उल्लंघन करते हुए आतंकवादियों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराने का प्रयास करता रहा है।




