कोरबा :KORBA BREAKING (संतोष सारथी)कोरबा। बरसात के मौसम में जलप्रपात और नदी-नालों के बीच जाना कितना जोखिम भरा हो सकता है, इसका एक मामला देवपहरी जलप्रपात में सामने आया। सोमवार शाम फोटो खींचने के लिए जलप्रपात के मध्य तक पहुंचे तीन युवक अचानक पानी का बहाव बढ़ने से वहीं फंस गए। करीब 15 घंटे तक झरने के बीच फंसे रहने के बाद मंगलवार सुबह पानी का बहाव कम हुआ, जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
KORBA BREAKING

फंसे युवकों की पहचान गुरमा श्यांग निवासी धनेश्वर सारथी, घनश्याम महंत और सूरज सारथी के रूप में हुई है।
अचानक बढ़ा पानी, वापसी का रास्ता डूबा
जानकारी के अनुसार, तीनों युवक सोमवार शाम देवपहरी जलप्रपात पहुंचे थे। फोटो खींचने के दौरान वे जलप्रपात के मध्य तक चले गए। इसी बीच अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते जिस रास्ते से वे वापस लौट सकते थे, वह पानी में डूब गया। ऐसे में तीनों युवक झरने के बीच ही फंस गए।
वीडियो कॉल से रेस्क्यू टीम को दी जानकारी KORBA BREAKING

अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू अभियान चलाना मुश्किल था। युवकों ने झरने के बीच अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थान पर रात बिताई। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए रेस्क्यू टीम से संपर्क बनाए रखा और अपनी स्थिति की जानकारी दी। लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही थी, हालांकि तीनों सुरक्षित थे।
सुबह पानी कम हुआ, शुरू हुआ
रेस्क्यू KORBA BREAKING
मंगलवार सुबह नदी का बहाव कुछ कम होने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने सावधानीपूर्वक आगे बढ़ते हुए तीनों युवकों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
तीनों के सकुशल बाहर आने के बाद उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश में जलप्रपात के बीच जाना पड़ सकता है भारी
घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान जलप्रपात और नदी-नालों के आसपास सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और कुछ ही मिनटों में पानी का बहाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में जलप्रपात, नदी और नालों के बीच जाने या जोखिम उठाकर फोटो-वीडियो बनाने से बचें। पानी का बहाव सामान्य दिखाई देने के बावजूद ऊपरी क्षेत्र में बारिश होने पर अचानक जलस्तर बढ़ सकता है।





