छत्तीसगढ़ में डायरिया-मलेरिया को लेकर निर्देश जारी:डॉक्टर्स-स्वास्थ्यकर्मी मुख्यालय से नहीं जाएंगे बाहर, सीएम ने कहा-इमरजेंसी के लिए अस्पतालों में रखें तैयारी

- Advertisement -

छत्तीसगढ़ में डायरिया और मलेरिया के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। सभी पोस्टेड डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मुख्यालय में ही रहेंगे। इमरजेंसी सिचुएशन के लिए अस्पतालों में तैयारी रखने कहा गया है।

गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच करने कहा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश में यह भी कहा गया है कि स्कूलों में बच्चों की प्रार्थना सभा के बाद उन्हें डायरिया और मलेरिया के बारे में बताया जाएगा। बच्चों को इसकी जानकारी दी जाएगी कि कैसे इन बीमारियों से सावधानी रखकर बचा जा सकता है।

- Advertisement -

लापरवाही पर सख्त एक्शन लिया जाएगा

गांव में मलेरिया चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा है कि लापरवाही हुई तो सख्त एक्शन लिया जाएगा।

बिलासपुर कलेक्टर ने लिया गांवों का जायजा

बिलासपुर जिले के कलेक्टर अवनीश शरण ने कोटा विकासखंड के मलेरिया प्रभावित कुरदर, छुईहा, टेंगनमाड़ा गांव का दौरा किया। बाइक में पीछे बैठकर कलेक्टर लोगों के बीच पहुंचे। जहां कलेक्टर गए वहां बारिश के कारण कीचड़ और दलदल से सनी सड़कें थीं। इन सड़कों पर जल्द काम करवाने के निर्देश उन्होंने अफसरों को दिए। कलेक्टर ने कुरदर में मलेरिया चौपाल लगाकर लोगों से बात की। उन्होंने लोगों को समझाते हुए खुद की मलेरिया जांच करवाई।

कबीरधाम जिले में क्लोरीनेशन शुरू

मौसमी बीमारियों की वजह से कबीरधाम जिले में कुंआ, हैण्डपंप, सोलर सहित करीब 13538 जलस्त्रोंतों का क्लोरीनेशन किया जा रहा है। जहां लोग पीने का पानी लेते आते हैं, वहां आस-पास सफाई की जा रही है। जिले के कलेक्टर जनमेजय महोबे ने जिले सभी सार्वजनिक और प्राइवेट वॉटर बॉडी की सफाई करने स्वास्थ्य और पीएचई विभाग को निर्देश दिए हैं।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -