Income tax assessment case of Gandhi family कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा (गांधी परिवार) की इनकम टैक्स असेसमेंट से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज (28 नवंबर) को सुनवाई होनी है। गांधी परिवार ने 2018-19 के आयकर असेसमेंट को विभाग के सेंट्रल सर्किल में ट्रांसफर करने को चुनौती दी है।
इस मामले पर याचिकाएं आम आदमी पार्टी और गांधी परिवार से जुड़े पांच ट्रस्टों- संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, जवाहर भवन ट्रस्ट, राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और यंग इंडियन ने दायर की हैं।
पिछली सुनवाई में कहा था केस ट्रांसफर करना इनकम टैक्स के अधिकार क्षेत्र में है Income tax assessment case of Gandhi family

इससे पहले 7 नवंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले को ट्रांसफर करना इनकम टैक्स विभाग के अधिकार में है। हम सिर्फ कानूनी प्रावधानों को देखेंगे।
जस्टिस खन्ना और जस्टिस भट्टी की बेंच ने सुनवाई 28 नवंबर तक के लिए स्थगित करते हुए कहा था- अगर क्रॉस ट्रांजेक्शन हुए हैं तो सेंट्रल सर्किल जांच कर सकता है। हम इस केस से राजनीतिक नहीं बल्कि कानूनी तौर पर निपटेंगे।
मामला 2018-19 के असेसमेंट और आर्म्स डीलर संजय भंडारी से जुड़ा है। कई केस में वांटेड आरोपी संजय भंडारी, रॉबर्ट वाड्रा का करीबी बताया जाता है। हालांकि रॉबर्ट वाड्रा ने आरोपी संजय भंडारी से किसी भी तरह का कनेक्शन होने से इनकार करते रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट से पहले दिल्ली हाईकोर्ट इस केस में गांधी परिवार और आम आदमी पार्टी की याचिका खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट ने कहा था कि आयकर विभाग ने नियमों के मुताबिक से ही फैसला लिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में कहा था- संजय भंडारी से कोई लेना-देना नहीं Income tax assessment case of Gandhi family

दिल्ली हाईकोर्ट ने मई में इन याचिकाओं को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि फेसलेस वैल्युएशन प्लानिंग के तहत जांच का किसी व्यक्ति को कोई मौलिक कानूनी अधिकार नहीं मिला है। हालांकि गांधी परिवार ने इस मामले में संजय भंडारी से लिंक जुड़े होने से इंकार कर दिया था




