बिलासपुर। बिलासपुर जिले में स्थित हजरत बाबा सैयद इंसान अलीशाह रहमतुल्लाह के 68वें उर्स मुबारक के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए चार दिनों तक लंगर की विशेष व्यवस्था की गई है।
यह व्यवस्था हाजी अमीन साहब के पुत्र मोहम्मद आरिफ सेठ की जानिब से जमजम गेस्ट हॉउस में की जा रही है। उर्स के दौरान चार दिनों तक लंगर में दोपहर का भोजन और खाना शामिल रहेगा। आयोजक आरिफ सेठ के अनुसार लंगर का भोजन विशुद्ध रूप से शाकाहारी तैयार कराया जाएगा।
शहंशाह छत्तीसगढ़ कि बारगाह
बताते चलें कि हजरात बाबा सय्यद इंसान अली शाह रहमतुल्लाह कि काफ़ी अहमियत हैं हर साल हजारों कि तादाद में जायरीन बाबा कि मुकद्दस बारगाह में हाजरी देने पहुंचते हैं अक़ीददत मंद लोगों कि मुरादें भी पूरी होती हैं ऐसे में इंतजामिया कमेटी भी 24 घंटे 4 दिन लंगर का एहतेमाम करती हैं इसके अलावे जमजम गेस्ट हॉउस में भी लंगर का एहतेमाम किया जाता हैं.
लंगर कि परंपरा कायम रहेगी
इस अवसर पर जमजम गेस्ट हाउस के संचालक मोहम्मद आरिफ सेठ ने बताया कि उनके पिता मरहूम हाजी मोहम्मद अमीन सेठ द्वारा विगत 15 – 16 वर्षों से जायरीनो के लिए आम लंगर का एहतेमाम किया जाता रहा है इस परंपरा कोकायम रखते हुए हमने या निर्णय लिया है कि यह परंपरा अनवरत जारी रहेगी और जायरीनो की सेवा में किसी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी इसी के तहत इस वर्ष भी चार दिन उर्स के मौके पर आम लंगर का एहतेमाम किया गया है जो उर्स के चार दिन लगातार जारी रहेगी.
लंगर का उद्देश्य उर्स में आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराना और सेवा की इस परंपरा को आगे बढ़ाना है। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की उम्मीद है।






