बिहार, 20 जुलाई 2026। Expansion of Vedanta Nand Ghar : वेदांता के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने बिहार में बच्चों और महिलाओं के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और बिहार सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की घोषणा की है। इस पहल के तहत बिहार में नंद घर मॉडल का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
Expansion of Vedanta Nand Ghar
https://x.com/AnilAgarwal_Ved/status/2078081965497197054?s=20
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में श्री अग्रवाल ने बिहार से अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका रिश्ता केवल जन्मभूमि से नहीं, बल्कि उन मूल्यों और संस्कारों से भी है, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और जीवन दृष्टि को आकार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए योगदान देना उनके लिए जिम्मेदारी के साथ-साथ सौभाग्य का विषय है।
उन्होंने कहा कि जीवन के शुरुआती छह वर्षों में मिलने वाली शिक्षा और संस्कार बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। इसी सोच के साथ नंद घरों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।
Expansion of Vedanta Nand Ghar

महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि नंद घर केवल बच्चों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को कौशल विकास के अवसर प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का भी माध्यम बनेगा। उनका मानना है कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो उसके साथ पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ियाँ भी आगे बढ़ती हैं।
उन्होंने कहा कि नंद घर पहल बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है और इसके बाद राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना उनकी अगली प्रमुख प्राथमिकता होगी।
Expansion of Vedanta Nand Ghar

श्री अग्रवाल ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए बिहार सरकार, मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए सभी से नंद घर आंदोलन को बिहार के हर कोने तक पहुँचाने का आह्वान किया।
नंद घर पहल का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना तथा महिलाओं को कौशल विकास एवं आजीविका के अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। यह पहल राज्य में सामाजिक विकास और समावेशी प्रगति को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




