बिलासपुर/touch the sky शिक्षा को सामाजिक उत्थान का सशक्त माध्यम बनाते हुए छत्तीसगढ़ मुस्लिम एजुकेशन वेलफेयर, बिलासपुर द्वारा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए “छू-लो-आसमान” नामक प्रेरणादायी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से बल्कि जागरूकता, आत्मविश्वास और सामाजिक एकता के लिहाज़ से भी शहर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित हुआ, जिसे सहारवासियों और शिक्षा जगत ने ऐतिहासिक पहल बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुन्नी हुसैनी मस्जिद के ख़तिब-ए-इमाम हाफ़िज़ सैयद जाहिर आगा साहब एवं नगीना मस्जिद, तारबहार के ख़तिब-ए-इमाम हाफ़िज़ आरिफ़ अंजुम साहब द्वारा क़ुरआन की तिलावत और दुआ-ए-ख़ैर से हुई। इस अवसर पर बिलासपुर के विभिन्न स्कूलों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राएँ एवं उनके परिजन उपस्थित रहे, जिससे सभागार प्रेरणा और उम्मीद से भर उठा।
कार्यक्रम का कुशल संचालन मेजर डॉ. आशीष शर्मा (प्रोफेसर, डी.पी. विप्र महाविद्यालय) एवं उमाशंकर पांडे जी ने किया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, साल और सम्मान-चिन्ह भेंट कर गरिमामय ढंग से किया गया।
शिक्षा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत touch the sky
मुख्य अतिथि प्रो-वाइस चांसलर, एमिटी यूनिवर्सिटी के माननीय प्रो. अरुण पटनायक जी ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है। जो विद्यार्थी ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन अपनाता है, उसका भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होता है। हर विद्यार्थी में नेतृत्व क्षमता होती है—बस उसे सही दिशा और अवसर की आवश्यकता होती है।”
विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) श्री रामगोपाल करियारे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “‘छू-लो-आसमान’ जैसे कार्यक्रम बच्चों को आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और चरित्र निर्माण का अवसर देते हैं। शिक्षित, अनुशासित और जागरूक युवा ही कल देश की उन्नति के मजबूत स्तंभ बनेंगे।”
सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास की उड़ान touch the sky

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मोटिवेटर एवं डिप्टी सीएमडी, एसईसीएल जाकिर हुसैन साहब ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा—
“बच्चों का भविष्य सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि उनके सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास में छिपा होता है। शिक्षा केवल डिग्री नहीं देती, यह सोचने की शक्ति, चुनौतियों से लड़ने का साहस और सही दिशा में आगे बढ़ने की रोशनी देती है। हर बच्चा आसमान छू सकता है—बस रोज़ थोड़ा-सा आगे बढ़ने का संकल्प लें।”उनके शब्दों ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर दिया।
विशिष्ट अतिथि जसबीर सिंह चावला, समाजसेवी, ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन की कुंजी बताया।
“हर हाथ में किताब, हर दिल में हिम्मत” touch the sky

कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष मोहम्मद सरफराज पाशा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “मुस्लिम एजुकेशन वेलफेयर बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को जगाने का सार्थक मंच है। हमारा लक्ष्य है—हर बच्चे के हाथ में किताब, दिल में हिम्मत और आँखों में बड़े सपने हों। असफलता से डरें नहीं, वही असफलता आपको ऊँचाइयों तक ले जाने की सीढ़ी बनती है।”
उन्होंने आश्वस्त किया कि संस्था बच्चों की शिक्षा के लिए सदैव अग्रसर रहेगी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्था के सचिव श्री एम.एन. रिज़वान जी ने कहा कि “यह कार्यक्रम केवल शिक्षा का संदेश नहीं, बल्कि बच्चों को नई दिशा देने का संकल्प है। बच्चों की शिक्षा किसी एक परिवार या समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक ज़िम्मेदारी है।” उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की घोषणा करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।
सहयोग और सराहना touch the sky
इस आयोजन को सफल बनाने में संस्था के उपाध्यक्ष मोहम्मद रफ़ीक (अरब साउंड) का सराहनीय योगदान रहा, जिसे संस्था ने सदैव स्मरणीय बताया। साथ ही मो. इमरान सर, कार्यक्रम संरक्षक श्री मोहम्मद निसार साहब, हाजी आमिर खान, हाजी शेख रफ़ीक, ग़ौस मो साहब, सैय्यद रज़्ज़ाक आली साहब, यासीन कुरैशी, सैय्यद महफूज़ अली, मो. मुकीम, अब्दुल अलीम, मो. नावेद सहित अनेक सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बताते चलें कि शिक्षा जगत में पहली बार बिलासपुर शहर में इस स्तर का शैक्षणिक-सामाजिक आयोजन हुआ, जिसकी संगठन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों की सहारवासियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
“छू-लो-आसमान” न सिर्फ एक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह भविष्य निर्माण की एक मजबूत नींव बनकर उभरा।



