Korba News : दूसरी बार बाढ़ की स्थिति बनी दादर नाला में, पास की बस्ती में घुसा पानी

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कोरबा : सावन में लगातार हो रही बारिश से चौतरफा स्थिति बाधित है। इस सत्र में भारी बारिश के कारण कोरबा नगर निगम क्षेत्र के दादरनाला में दूसरी बार बाढ़ ने उपस्थिति दर्ज कराई। आसपास के रिहायशी क्षेत्र के अलावा कई और क्षेत्रों में बारिश के पानी के जमाव ने परेशानियां खड़ी कर दी। लोगों की नाराजगी के बाद प्रशासन और नगर निगम की टीम ने इन क्षेत्रों का जायजा लिया। सुधार के लिए आवश्यक कार्य कराने पर जोर दिया गया।

वर्ष 2024 में भले ही मानसून संभावित तिथि से एक पखवाड़े बाद सक्रिय हुआ लेकिन उसकी क्रियाशीलता ने कोरबा नगर के साथ-साथ जिले में कुल मिलाकर परेशानियों को बढ़ा दिया। अब तक के दौर में छत्तीसगढ़ आपदा प्रबंधन विभाग ने कई अवसर पर एलो अलर्ट जारी किया जिसका असर समयसीमा से कई दिन बाद हुआ। पिछले एक सप्ताह से बारिश के क्रमिक रूप ने सभी क्षेत्रों को पानी-पानी कर दिया। पिछली मध्य रात्रि से एक रफ्तार में हो रही बारिश के कारण विभिन्न इलाकों पर इसका सीधा असर पड़। अलग-अलग क्षेत्रों से होकर आने वाला बारिश का पानी कोरबा के सबसे बड़े नाले में जा समाया और उसके चलते इस सीजन में दूसरी बार दादरनाला ओवरफ्लो हो गया। कम चौड़ाई और ऊंचाई वाले इस नाले से पानी को आगे निकलने का रास्ता नहीं मिला। ऐसे में पुल के उपर चार फीट तक का पानी का बहाव सुबह 8 बजे तक कायम रहा।

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पानी निकासी से जुड़ी हुई समस्या के बीच परेशान हो रहे लोगों को आज मुश्किल तब हुई जब दादरनाला के पानी ने परशुराम नगर के साथ-साथ उन क्षेत्रों को अपनी जद में ले लिया जा नजदीक में बसे हैं और यहां पर संरचना कुछ ऐसी है जिसके चलते हर बारिश में समस्याएं पैदा होती है। बारिश का पानी लोगों के घरों तक जा पहुंचा जिससे चुनौतियां पेश आईं। जिन मकानों में बेहतर बाउंड्रीवाल बनी हुई है, वे इस संकट से काफी हद तक बचे रहे। रात से सुबह 10 बजे तक इन इलाकों में लोगों को बेहद परेशान होना पड़ा। सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। उसने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जायजा लेने के लिए मौके पर भेजा। इसके साथ फौरी तौर पर सुनिश्चित किया गया कि पानी की निकासी के लिए व्यवस्था की जाए ताकि समस्या को और बढऩे से रोका जा सके।

अतिक्रमण का सिरदर्द
बताया जा रहा है कि मौजूदा सीजन में जिन क्षेत्रों में जल भराव की समस्या पैदा हुई वहां अतिक्रमण के साथ-साथ अपेक्षित साफ-सफाई की कमी को जिम्मेदार माना गया। समय पर न तो अतिक्रमण रोकने की दिशा में कदम उठाए गए और न ही साफ-सफाई के बारे में सोचा गया। इसकी कीमत अब चुनौतियों को बर्दाश्त करने के रूप में चुकानी पड़ रही है।

जोखिम मोल लेने को उतारू रहे लोग
दादरनाला पुल पर बाढ़ की स्थिति बनने के बावजूद दोपहिया सवार लोगों ने खतरा मोल लेने में कुछ ज्यादा ही रूचि दिखाई। जरूरत से कहीं ज्यादा वे बारिश के इस क्षण को इन्ज्वाय करने के मूड में थे। जबकि पुल के दोनों तरफ शुरुआती कुछ घंटों में स्थानीय लोगों ने इस तरह की हरकत करने वालों को रोका लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। इस दौरान एक-दो मौके ऐसे आए जब दोपहिया आफत में फंसते दिखाई दी। किसी तरह उन्हें निकाला जा सका। हद होने पर लोगों ने प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। अधिकारियों की टीम के यहां पहुंचने और निगरानी करने के बाद मनमानी पर ब्रेक लग सका। इससे पहले इस प्रकार के नजारे हरदीबाजार की पितनी और लीलागर नदी में देखे जा चुके हैं तब वहां पर घटनाएं भी हुई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी पुल के उपर से पानी जाने की स्थिति में आवाजाही करने से बचा जाए।

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