छत्तीसगढ़ में जहरीली गैस के रिसाव से 9 की मौत:कुएं में गिरे 2 लोग, बचाने में गई 7 की जान; जांजगीर-कोरबा में हादसा

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जांजगीर-चांपा और कोरबा में दो अलग-अलग घटनाओं में शुक्रवार को कुएं में डूबने से 9 लोगों की मौत हो गई। दोनों ही हादसे कुएं में गिरे ग्रामीणों को बचाने की चक्कर में हुए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ही मामलों में मौत का कारण जहरीली गैस का रिसाव है।

जांजगीर-चांपा में हुए हादसे में पिता-दो पुत्रों सहित 5 की मौत हुई है। जबकि कोरबा में पिता-पुत्री और दो अन्य लोगों की जान गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है। SDRF की टीम को भी मौके पर पहुंच गई। उनकी मदद से सभी शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

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कोरबा में एक साथ चार लोगों की मौत का पता चलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
कोरबा में एक साथ चार लोगों की मौत का पता चलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
जांजगीर-चांपा में शवों को कुएं से निकाल लिया गया है। सुबह करीब 7.30 बजे एक व्यक्ति को बचाने के चक्कर में लोग कुएं के अंदर एक के बाद एक व्यक्ति उतरते गए।
जांजगीर-चांपा में शवों को कुएं से निकाल लिया गया है। सुबह करीब 7.30 बजे एक व्यक्ति को बचाने के चक्कर में लोग कुएं के अंदर एक के बाद एक व्यक्ति उतरते गए।

कोरबा : पिता गिरा तो बेटी बचाने गई, फिर एक-एक कर 4 फंसे

कोरबा में कटघोटा के ग्राम जुराली के डिपरा पारा निवासी जहरू पटेल दोपहर में कुएं में गिर पड़ा। इसका पता उसकी बेटी सपीना को चला तो वह पिता को बचाने के लिए कुएं में कूद गई। हालांकि वह भी अंदर ही फंस गई और दम तोड़ दिया। कुएं में दो शवों को देख स्थानीय मनबोध और शिवचरण भी नीचे उतरे, लेकिन उनकी भी मौत हो गई।

जांजगीर-चांपा : लकड़ी के उतरा था बुजुर्ग, बचाने में 5 की गई जान

इससे पहले जांजगीर-चांपा में भी कुएं में जहरीली गैस के रिसाव से 5 लोगों की मौत हो गई है। हादसा सुबह करीब 7.30 बजे एक व्यक्ति को बचाने के चक्कर में हुआ है। बिर्रा SDOP यदुमणि सिदार ने बताया कि किकिरदा गांव निवासी रामचंद्र जायसवाल (60 वर्ष) कुएं में लकड़ी अंदर गिरने पर उसे निकालने घुसा था।

इस दौरान गैस का रिसाव होने लगा और वह बहोश हो गया। इसके बाद पत्नी के शोर मचाने पर उसके दो बेटे और अन्य लोग भी कुएं में उतरे, लेकिन कोई जिंदा नहीं लौटा। मरने वाले एक युवक की पत्नी का आज बर्थडे है। मुख्यमंत्री साय ने हादसे में मृतकों के परिजन को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है।

हवा से गिरे छप्पर को निकालने कुएं में उतरे थे

दरअसल, गांव में एक पुराना कुआं है। जिसे काफी समय से इस्तेमाल में नहीं लाया जा रहा था। गांव के ही लोगों ने पुरानी लकड़ियों का छप्पर बनाकर कुएं को ढक दिया था। बारिश और तेज हवा से छप्पर कुएं में गिर गया था। छप्पर को निकालने रामचंद्र जायसवाल कुएं के अंदर गया था। काफी देर तक वापस नहीं आया तो एक-एक कर 4 लोग और कुएं में उतरे।

इसी लकड़ी को निकालने के लिए कुएं में सबसे पहले उतरा था रामचंद्र जायसवाल।
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