रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में उस समय तीखी नोकझोंक देखने को मिली जब मंत्री लखन लाल देवांगन ने एक मुद्दे पर जवाब देते हुए सदस्य भूपेंद्र नागर से कहा कि वे कलेक्टर के साथ बैठकर चर्चा कर लें। मंत्री के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, “जब आप कलेक्टर को आदेश नहीं दे सकते तो फिर किस चीज के मंत्री हैं?”
सदन में इस टिप्पणी के बाद माहौल गरमा गया और सत्ता–विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विपक्ष का आरोप था कि मंत्री अपने अधिकार क्षेत्र से पीछे हट रहे हैं, जबकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामला प्रशासनिक स्तर का है और जिला प्रशासन के समन्वय से ही समाधान संभव है।
अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन इस बयानबाजी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। विपक्ष इसे जवाबदेही का मुद्दा बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन की भूमिका तय है।




