कोरबा नगर निगम की EE रूचि साहू पहुंची आंतरिक शिकायत समिति (विशाखा समिति),ठेकेदार अंकुश मिश्रा पर लगाया प्रताड़ना जा आरोप

कोरबा नगर निगम की EE रुचि साहू ने ठेकेदार अंकुश मिश्रा के बीच चाल रहे शिकवा शिकायत ने अब नया मोड़ ले लिया हैं रूचि साहू ने रिश्वतखोरी के आरोपों को निराधार बताया। और नगर निगम की आतंरिक शिकायत समिति (विशाखा समिति)में शिकायत कर सोशल मीडिया पर बदनाम करने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया, निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की।

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कोरबा। नगर निगम में ठेकेदार और महिला इंजीनियर के बीच विवाद अब एक नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। कार्यपालन अभियंता (EE) रुचि साहू पर भुगतान की फाइल रोकने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाले ठेकेदार अंकुश मिश्रा के खिलाफ अब महिला अधिकारी ने मोर्चा खोल दिया है। रुचि साहू ने इन आरोपों को झूठा, निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए निगम की आंतरिक शिकायत समिति (विशाखा समिति) में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने ठेकेदार के कथित व्यवहार, सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ सामग्री प्रसारित किए जाने और अपनी व्यक्तिगत व व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

रिश्वत के आरोप से लेकर विशाखा समिति तक पहुंचा मामला
रुचि साहू ने अपनी शिकायत में कहा है कि ठेकेदार अंकुश मिश्रा द्वारा उन पर फाइल रोकने और पैसे की मांग करने के आरोप लगाए गए, जिससे उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। उनका दावा है कि जिस भुगतान संबंधी फाइल को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी प्रक्रिया रिकॉर्ड के अनुसार आगे बढ़ाई गई थी। ऐसे में फाइल रोकने या रिश्वत मांगने का सवाल ही नहीं उठता।

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शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच कक्ष में आने का आरोप
महिला अधिकारी ने शिकायत में 7 अक्टूबर की घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि वह कार्यालय में लंबित कार्यों का निपटारा कर रही थीं। इसी दौरान शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच ठेकेदार अंकुश मिश्रा उनके कक्ष में पहुंचे। रुचि साहू के मुताबिक, उन्होंने कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद आने पर आपत्ति जताई और उचित समय पर आने को कहा, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार बाहर नहीं गए और उन्हें घूरते रहे।

शिकायत के अनुसार, इस व्यवहार से उन्हें असहजता, तनाव और असुरक्षा महसूस हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में भी ठेकेदार कई बार कार्यालय समय के बाद बिना अनुमति उनके कक्ष में पहुंचे थे और आपत्ति जताने के बावजूद ऐसा व्यवहार दोहराया गया।

सोशल मीडिया पर मीम्स और निजी फोटो प्रसारित करने का आरोप
रुचि साहू ने अपनी शिकायत में ठेकेदार अंकुश मिश्रा, असलम खान और पोर्टल संचालक का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित आरोपों से संबंधित समाचार जैसी सामग्री और मीम्स तैयार किए गए। शिकायत के मुताबिक, उनकी व्यक्तिगत तस्वीरों का इस्तेमाल कर व्हाट्सऐप के माध्यम से यह सामग्री अन्य लोगों तक प्रसारित की गई।

महिला अधिकारी का कहना है कि इस कथित गतिविधि से उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है तथा उन्हें मानसिक तनाव और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और समिति की जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

ठेकेदार के व्यवहार को बताया अपमानजनक और धमकीपूर्ण
शिकायत में रुचि साहू ने ठेकेदार के व्यवहार को अपमानजनक और असम्मानजनक बताते हुए धमकीपूर्ण व्यवहार का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन घटनाओं के कारण वह कार्यस्थल पर स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल में काम करने में असहज महसूस कर रही हैं। उन्होंने अपने और अपने परिवार को मानसिक परेशानी होने की बात भी कही है।

₹34,176 की फाइल को लेकर दिया रिकॉर्ड का हवाला
रिश्वत मांगने और फाइल रोकने के आरोपों के जवाब में रुचि साहू ने ₹34,176 की पीजी राशि से संबंधित फाइल का विवरण दिया है। शिकायत के अनुसार, ठेकेदार अंकुश मिश्रा की मेसर्स के.पी. शर्मा, कोरबा से संबंधित यह फाइल 28 सितंबर 2026 को उनके समक्ष प्रस्तुत की गई थी। उसी दिन उन्होंने प्रतिवेदन के लिए फाइल सहायक अभियंता और उप अभियंता को भेज दी थी। शिकायत में कहा गया है कि उप अभियंता ने 30 सितंबर 2026 को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया था, जिसे सहायक अभियंता को प्रेषित किया गया।

रुचि साहू का कहना है कि उनके समक्ष ऐसी कोई फाइल लंबित नहीं थी, जिसके आधार पर फाइल रोकने और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया जा सके। इस दावे की पुष्टि संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और निष्पक्ष जांच से ही हो सकेगी।

निष्पक्ष जांच, कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
रुचि साहू ने आंतरिक शिकायत समिति से पूरे मामले को विधिवत दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित व्यक्तियों के व्यवहार, सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने यह भी मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, कार्यस्थल पर सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायत के कारण उन्हें किसी तरह की प्रताड़ना या प्रतिकूल व्यवहार का सामना न करना पड़े। शिकायत में उन्होंने व्हाट्सऐप संदेशों, सामग्री के स्क्रीनशॉट और गवाहों का विवरण आवश्यकतानुसार प्रस्तुत करने की बात कही है।

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