इजराइल-हमास जंग के 11वें दिन अमेरिका अपने 11 हजार सैनिक इजराइल में तैनात कर सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ये सैनिक सीधे युद्ध नहीं लड़ेंगे, बल्कि इजराइल की सेनाओं को टेक्निकल और मेडिकल सपोर्ट देंगे। इस बीच अमेरिकी आर्मी के चीफ माइकल एरिक कुरिला मंगलवार को इजराइल पहुंचे। माना जा रहा है कि वे अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की रूपरेखा फाइनल कर सकते हैं।
दूसरी तरफ ईरान ने इजराइल और उसका समर्थन करने वाले देशों को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खुमैनी ने मंगलवार को कहा कि अगर इजराइल ने गाजा में बमबारी बंद नहीं की, तो दुनिया मुस्लिम फोर्सेज को रोक नहीं पाएगी। इधर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इजराइल के PM नेतन्याहू से बात की। उन्होंने कहा- रूस जंग को बढ़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।
इजराइल में 7 अक्टूबर को हमाल के हमले के बाद से ही इजराइली सेनाएं गाजा पर लगातार बम बरसा रही हैं। ये हमले दक्षिणी गाजा के खान यूनिस और राफाह में किए गए हैं। जानकारी मिली है कि 24 घंटे में वहां 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। जंग में अब तक इजराइल के 1400 लोग, गाजा के 2808 लोग और वेस्ट बैंक के 57 लोग मारे गए हैं।


हमास की कैद में हैं 250 नागरिक
हमास मिलिट्री के प्रवक्ता अबु ओबेदा ने कहा है कि उनकी कैद में 200 से 250 नागरिक हैं। इनमें से विदेशी नागरिक हमारे मेहमान हैं। हालात सुधरने पर हम इन्हें रिहा कर देंगे। ओबेदा ने ये भी कहा कि वो गाजा में इजराइल के बड़े जमीनी ऑपरेशन से डरते नही हैं। इजराइली सेना 10 हजार सैनिकों के साथ गाजा में जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।